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GK क्विजभारतीय राजव्यवस्था

भारतीय राजव्यवस्था मिश्रित क्विज: सेट 4

  • 20 प्रश्न
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इस क्विज के बारे में

भारतीय राजव्यवस्था मिश्रित क्विज़ (सेट 4) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 20 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: संविधान का निर्माण, आपातकालीन प्रावधान, प्रस्तावना और अन्य। ये सभी प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 18 फरवरी 2019, शिफ्ट 3आसान

भारत की संविधान सभा के अध्यक्ष के रूप में सच्चिदानंद सिन्हा का स्थान किसने लिया?

  1. A.पं. जवाहरलाल नेहरू
  2. B.डॉ. राजेंद्र प्रसाद
  3. C.सरदार वल्लभभाई पटेल
  4. D.मोहनदास करमचंद गांधी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. डॉ. राजेंद्र प्रसाद

व्याख्या

सही उत्तर डॉ. राजेंद्र प्रसाद है। डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा ने 9 दिसंबर 1946 को संविधान सभा की पहली बैठक की अध्यक्षता केवल अस्थायी अध्यक्ष के रूप में की थी। 11 दिसंबर 1946 को सभा ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद को अपना स्थायी अध्यक्ष चुना और वे सभा का काम पूरा होने तक इस पद पर रहे। 24 जनवरी 1950 को अपनी अंतिम बैठक में सभा ने उन्हें भारत का पहला राष्ट्रपति भी चुना।

बाकी नेताओं की भूमिकाएं अलग थीं। जवाहरलाल नेहरू ने उद्देश्य प्रस्ताव पेश किया और संघ शक्ति, संघ संविधान तथा राज्य समितियों की अध्यक्षता की। सरदार वल्लभभाई पटेल प्रांतीय संविधान समिति और मौलिक अधिकारों तथा अल्पसंख्यकों संबंधी सलाहकार समिति के अध्यक्ष थे। महात्मा गांधी संविधान सभा के सदस्य ही नहीं थे। परीक्षाओं में "अस्थायी" और "स्थायी" शब्दों को जोड़कर प्रश्न बनाए जाते हैं, इसलिए क्रम याद रखें: पहले सिन्हा, फिर दो दिन बाद प्रसाद।

Q2.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: RRB NTPC · 16 Jun 2022, Shift 2 (CBT 2, Level 2)मध्यम

भारत के संविधान के __________ के तहत वित्तीय आपातकाल घोषित किया जा सकता है।

  1. A.अनुच्छेद 356
  2. B.अनुच्छेद 359
  3. C.अनुच्छेद 360
  4. D.अनुच्छेद 352
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अनुच्छेद 360

व्याख्या

सही उत्तर है C, अनुच्छेद 360। अनुच्छेद 360 राष्ट्रपति को वित्तीय आपातकाल घोषित करने की शक्ति देता है, जब भारत या उसके किसी भाग की वित्तीय स्थिरता या साख खतरे में हो। ऐसी उद्घोषणा को दो महीने के भीतर संसद के दोनों सदनों की मंजूरी चाहिए, उसके बाद यह रद्द होने तक अनिश्चित काल चलती है; इसकी कोई अधिकतम अवधि नहीं है। इस दौरान केंद्र राज्यों को वित्तीय औचित्य के नियम मानने का निर्देश दे सकता है और सरकारी कर्मचारियों, यहाँ तक कि सर्वोच्च न्यायालय व उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के वेतन घटाए जा सकते हैं। भारत में वित्तीय आपातकाल आज तक कभी घोषित नहीं हुआ, हालाँकि 1991 के संकट में इस पर चर्चा हुई थी। D गलत है क्योंकि अनुच्छेद 352 युद्ध, बाहरी आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह पर राष्ट्रीय आपातकाल है, जो 1962, 1971 और 1975 में लगा। A गलत है क्योंकि अनुच्छेद 356 राष्ट्रपति शासन है, जो राज्य का संवैधानिक तंत्र विफल होने पर लगता है। B गलत है क्योंकि अनुच्छेद 359 केवल राष्ट्रीय आपातकाल में मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन को निलंबित करता है। परीक्षा टिप: 352 राष्ट्रीय, 356 राज्य, 360 वित्तीय; केवल 360 कभी प्रयोग नहीं हुआ।

Q3.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 27 जुलाई 2023, शिफ्ट 1मध्यम

भारत के संविधान की प्रस्तावना में निम्नलिखित में से किसका उल्लेख है?

  1. A.विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता
  2. B.मानवीय गरिमा सुनिश्चित करने वाली बंधुता
  3. C.प्रतिष्ठा और रोज़गार की समता
  4. D.सामाजिक, आर्थिक और प्रशासनिक न्याय
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता

व्याख्या

सही उत्तर विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता है। प्रस्तावना स्वतंत्रता के लिए ठीक यही शब्द इस्तेमाल करती है।

बाकी हर विकल्प मूल पाठ का एक शब्द बदल देता है, और यह प्रश्न इसी तरह लोगों को फंसाता है। प्रस्तावना "व्यक्ति की गरिमा" और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता की बात करती है, "मानवीय गरिमा" की नहीं। वह "प्रतिष्ठा और अवसर की समता" का वादा करती है, प्रतिष्ठा और रोज़गार की नहीं। और प्रस्तावना में न्याय "सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक" है; "प्रशासनिक" शब्द उसमें है ही नहीं। जब कोई विकल्प लगभग सही लगे, तो उसे पाठ से शब्द-दर-शब्द मिलाएं: न्याय (सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक), स्वतंत्रता (विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म, उपासना), समता (प्रतिष्ठा, अवसर) और बंधुता (व्यक्ति की गरिमा, राष्ट्र की एकता और अखंडता)।

Q4.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CPO · 4 Oct 2023, Shift 3मध्यम

भारत के संविधान के अनुच्छेद 361 के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन अपने पद की शक्तियों और कर्तव्यों के प्रयोग और पालन के लिए किसी न्यायालय के प्रति उत्तरदायी नहीं होगा?

  1. A.मुख्यमंत्री
  2. B.सचिव
  3. C.प्रधानमंत्री
  4. D.राज्यपाल
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. राज्यपाल

व्याख्या

सही उत्तर है D, राज्यपाल। अनुच्छेद 361 यह व्यक्तिगत उन्मुक्ति केवल दो पदों को देता है: भारत के राष्ट्रपति और राज्यों के राज्यपाल। पद पर रहते हुए उनके विरुद्ध कोई आपराधिक कार्यवाही शुरू या जारी नहीं की जा सकती, और कोई न्यायालय उनकी गिरफ्तारी या कारावास का आदेश नहीं दे सकता। उनके निजी कार्यों पर दीवानी मुकदमा दो महीने की लिखित सूचना देने के बाद ही दायर किया जा सकता है। कारण यह है कि दोनों औपचारिक प्रमुख हैं जो मंत्रियों की सलाह पर काम करते हैं, इसलिए निर्णयों का उत्तर मंत्री देते हैं। A गलत है क्योंकि मुख्यमंत्री राज्य सरकार का प्रमुख है और आम नागरिक की तरह उस पर मुकदमा चल सकता है; अनुच्छेद 361 उसे कोई संरक्षण नहीं देता। B गलत है क्योंकि सचिव एक लोक सेवक है, जिसके सरकारी आदेशों को न्यायालय में चुनौती दी जा सकती है। C गलत है क्योंकि केंद्र की वास्तविक कार्यपालिका के प्रमुख प्रधानमंत्री को भी ऐसी कोई उन्मुक्ति नहीं है। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 361 केवल राष्ट्रपति और राज्यपालों की रक्षा करता है; प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री इसमें शामिल नहीं हैं।

Q5.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 6 फरवरी 2023, शिफ्ट 1आसान

भारत के संविधान का कौन-सा अनुच्छेद ‘अस्पृश्यता’ की अवधारणा का अंत करता है और किसी भी रूप में इसके आचरण पर रोक लगाता है?

  1. A.16
  2. B.15
  3. C.17
  4. D.14
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 17

व्याख्या

सही उत्तर अनुच्छेद 17 है। अनुच्छेद 17 अस्पृश्यता का अंत करता है, किसी भी रूप में इसके आचरण पर रोक लगाता है, और अस्पृश्यता से उपजी किसी भी निर्योग्यता को लागू करना कानून के अनुसार दंडनीय अपराध बनाता है। इसे प्रभावी बनाने के लिए संसद ने अस्पृश्यता (अपराध) अधिनियम, 1955 पारित किया, जिसका नाम 1976 में बदलकर नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम किया गया, और बाद में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 बनाया। न संविधान में और न इन कानूनों में "अस्पृश्यता" शब्द की परिभाषा दी गई है; न्यायालयों ने इसे इसके ऐतिहासिक अर्थ में लिया है। इस अधिकार का कोई अपवाद नहीं है और यह राज्य के साथ-साथ निजी व्यक्तियों के विरुद्ध भी लागू होता है।

बाकी विकल्प समता के अधिकार वाले समूह में इसके पड़ोसी हैं, इसीलिए ये साथ आते हैं। अनुच्छेद 14 विधि के समक्ष समता और विधियों का समान संरक्षण देता है। अनुच्छेद 15 केवल धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग या जन्मस्थान के आधार पर भेदभाव पर रोक लगाता है। अनुच्छेद 16 सरकारी नौकरी में अवसर की समता देता है। पूरा समूह क्रम से याद करें: 14 समता, 15 भेदभाव नहीं, 16 सरकारी नौकरी, 17 अस्पृश्यता, 18 उपाधियां।

Q6.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 12 Feb 2025, Shift 2मध्यम

भारत में किसी राज्य की विधान परिषद के एक-छठे सदस्यों को निम्नलिखित में से कौन मनोनीत करता है?

  1. A.राज्य निर्वाचन आयुक्त
  2. B.राष्ट्रपति
  3. C.राज्यपाल
  4. D.मुख्यमंत्री
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. राज्यपाल

व्याख्या

सही उत्तर है C, राज्यपाल। अनुच्छेद 171 के तहत राज्य विधान परिषद के कुल सदस्यों में से एक-छठे सदस्य राज्यपाल मनोनीत करता है। ये वे लोग होते हैं जिन्हें साहित्य, विज्ञान, कला, सहकारिता आंदोलन या समाज सेवा का विशेष ज्ञान या व्यावहारिक अनुभव हो। बाकी सदस्य चुने जाते हैं: एक-तिहाई स्थानीय निकायों द्वारा, एक-तिहाई विधानसभा सदस्यों द्वारा, एक-बारहवां स्नातकों द्वारा और एक-बारहवां शिक्षकों द्वारा। परिषद की कुल सदस्य संख्या विधानसभा की एक-तिहाई से ज्यादा और 40 से कम नहीं हो सकती। A गलत है क्योंकि राज्य निर्वाचन आयुक्त पंचायत और नगरपालिका के चुनाव करवाता है, परिषद में मनोनयन नहीं करता। B गलत है क्योंकि राष्ट्रपति राज्यसभा में 12 सदस्य मनोनीत करता है, राज्य की परिषद में नहीं। D गलत है क्योंकि मुख्यमंत्री राज्य सरकार का मुखिया है, पर संविधान मनोनयन की शक्ति राज्यपाल को देता है। परीक्षा टिप: विधान परिषद का सूत्र याद रखें, 1/3 स्थानीय निकाय, 1/3 विधायक, 1/12 स्नातक, 1/12 शिक्षक और 1/6 राज्यपाल द्वारा मनोनीत।

Q7.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 6 जून 2019, शिफ्ट 2आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा अनुच्छेद सभी नागरिकों के लिए समान न्याय और निःशुल्क विधिक सहायता को बढ़ावा देता है?

  1. A.39A
  2. B.43A
  3. C.48A
  4. D.32A
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 39A

व्याख्या

सही उत्तर 39A है। अनुच्छेद 39A राज्य से यह सुनिश्चित करने को कहता है कि विधिक व्यवस्था समान अवसर के आधार पर न्याय को बढ़ावा दे, और खास तौर पर निःशुल्क विधिक सहायता दे, ताकि कोई नागरिक आर्थिक या दूसरी अक्षमता के कारण न्याय से वंचित न रहे। इसे 1976 में 42वें संशोधन से जोड़ा गया। संसद ने इसे विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 से लागू किया, जिसने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और राज्यों तथा ज़िलों में विधिक सेवा निकाय बनाए।

बाकी विकल्प अक्षर वाले वे दूसरे अनुच्छेद हैं जिन्हें 42वें संशोधन ने प्रसिद्ध बनाया, और एक जो अब है ही नहीं। अनुच्छेद 43A, जो 1976 में ही जुड़ा, उद्योगों के प्रबंधन में श्रमिकों की भागीदारी से जुड़ा है। अनुच्छेद 48A, वह भी 1976 का, पर्यावरण, वनों और वन्यजीवों की रक्षा से जुड़ा है। अनुच्छेद 32A 1976 में जोड़ा गया था, लेकिन 1977 में 43वें संशोधन ने इसे हटा दिया, इसलिए अब यह अस्तित्व में नहीं है। याद रखने की उपयोगी पंक्ति: 39A विधिक सहायता, 43A श्रमिक, 48A पर्यावरण, तीनों 1976 से।

Q8.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC PCS Pre GS-I, 24 Oct 2021मध्यम

कौन-से संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा मतदान की आयु को 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष किया गया था?

  1. A.66वाँ संशोधन
  2. B.62वाँ संशोधन
  3. C.61वाँ संशोधन
  4. D.63वाँ संशोधन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 61वाँ संशोधन

व्याख्या

सही उत्तर है C, 61वाँ संशोधन। संविधान (61वाँ संशोधन) अधिनियम, 1988 ने अनुच्छेद 326 में बदलाव किया, जो लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव वयस्क मताधिकार के आधार पर कराने का प्रावधान करता है, और मतदान की न्यूनतम आयु 21 से घटाकर 18 वर्ष कर दी। यह प्रधानमंत्री राजीव गांधी के समय पारित हुआ और मार्च 1989 से लागू हुआ, इसलिए 1989 का लोकसभा चुनाव पहला चुनाव था जिसमें 18 वर्ष के युवाओं ने वोट डाला। इसका उद्देश्य देश की बड़ी युवा आबादी को सरकार चुनने में आवाज़ देना था। विकल्प A गलत है, क्योंकि 66वें संशोधन (1990) ने भूमि सुधार से जुड़े और क़ानूनों को नौवीं अनुसूची में जोड़ा। विकल्प B गलत है, क्योंकि 62वें संशोधन (1989) ने विधायिकाओं में अनुसूचित जातियों और जनजातियों के आरक्षण को दस वर्ष और बढ़ाया। विकल्प D गलत है, क्योंकि 63वें संशोधन (1989) ने 59वें संशोधन द्वारा पंजाब के लिए जोड़े गए विशेष आपात प्रावधान हटाए। परीक्षा टिप: 61वाँ संशोधन, 1988, अनुच्छेद 326, मतदान आयु 21 से 18।

Q9.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CPO · 4 Oct 2023, Shift 1आसान

राज्यसभा का पदेन सभापति कौन होता है?

  1. A.उपराष्ट्रपति
  2. B.प्रधानमंत्री
  3. C.राष्ट्रपति
  4. D.भारत के महान्यायवादी
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. उपराष्ट्रपति

व्याख्या

सही उत्तर है A, उपराष्ट्रपति। अनुच्छेद 64 के अनुसार भारत का उपराष्ट्रपति राज्यसभा का पदेन सभापति होता है। वह ऐसे सदन की अध्यक्षता करता है जिसका वह सदस्य नहीं है, इसलिए उसे सामान्य मत नहीं मिलता, केवल बराबरी की स्थिति में निर्णायक मत देता है। उसे वेतन राज्यसभा के सभापति के रूप में मिलता है, उपराष्ट्रपति के रूप में नहीं, और जब वह राष्ट्रपति के रूप में कार्य करता है तब सदन की अध्यक्षता नहीं करता। इसके उलट उपसभापति को अनुच्छेद 89 के तहत राज्यसभा अपने सदस्यों में से चुनती है। B गलत है क्योंकि प्रधानमंत्री आमतौर पर लोकसभा का सदस्य होता है और सरकार का नेतृत्व करता है, राज्यसभा की कार्यवाही का नहीं। C गलत है क्योंकि राष्ट्रपति अनुच्छेद 79 के तहत संसद का अंग है, पर किसी भी सदन का सदस्य नहीं है और किसी सदन की अध्यक्षता नहीं करता। D गलत है क्योंकि महान्यायवादी अनुच्छेद 88 के तहत किसी भी सदन में बोल सकता है, पर न मत दे सकता है, न अध्यक्षता कर सकता है। परीक्षा टिप: लोकसभा में सदस्यों द्वारा चुना गया अध्यक्ष (स्पीकर); राज्यसभा में उपराष्ट्रपति पदेन सभापति।

Q10.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 11 Jul 2024, Shift 3मध्यम

भारत के संविधान का कौन-सा अनुच्छेद नागरिकता के विषय पर कानून बनाने की पूर्ण शक्ति संसद को देता है?

  1. A.अनुच्छेद 11
  2. B.अनुच्छेद 5
  3. C.अनुच्छेद 8
  4. D.अनुच्छेद 6
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. अनुच्छेद 11

व्याख्या

सही उत्तर है A, अनुच्छेद 11। संविधान का भाग II, अनुच्छेद 5 से 11, नागरिकता से संबंधित है। अनुच्छेद 5 से 10 ने सिर्फ यह तय किया कि 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू होते समय कौन नागरिक था; अनुच्छेद 11 यह पूरा विषय संसद को सौंप देता है और नागरिकता के अर्जन व समाप्ति पर कोई भी कानून बनाने की पूरी शक्ति देता है। इसी शक्ति से संसद ने नागरिकता अधिनियम 1955 बनाया, जिसमें नागरिकता पाने के पाँच तरीके हैं: जन्म, वंश, पंजीकरण, देशीयकरण और क्षेत्र का विलय। भारत में एकल नागरिकता है और नागरिकता संघ सूची (प्रविष्टि 17) का विषय है। विकल्प B गलत है क्योंकि अनुच्छेद 5 संविधान लागू होने के समय अधिवास के आधार पर नागरिकता बताता है। विकल्प C गलत है क्योंकि अनुच्छेद 8 भारत से बाहर रहने वाले भारतीय मूल के लोगों के बारे में है। विकल्प D गलत है क्योंकि अनुच्छेद 6 पाकिस्तान से आए प्रवासियों के बारे में है। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 5 से 10 = 1950 में कौन नागरिक था, अनुच्छेद 11 = संसद की शक्ति, नागरिकता अधिनियम = 1955।

Q11.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 21 May 2023मध्यम

भारतीय संविधान का 91वाँ संशोधन प्रदान करता है:

  1. A.मंत्रिपरिषद् की संख्या को सीमित करना
  2. B.2026 तक लोक सभा और विधान सभा की सीटों में कोई वृद्धि नहीं
  3. C.एससी और एसटी के राष्ट्रीय आयोग का विभाजन
  4. D.उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. मंत्रिपरिषद् की संख्या को सीमित करना

व्याख्या

सही उत्तर है A, मंत्रिपरिषद् की संख्या को सीमित करना। 91वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 ने प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्या को लोक सभा या राज्य विधान सभा की कुल सदस्य संख्या के 15 प्रतिशत तक सीमित कर दिया। इसके लिए संघ के लिए अनुच्छेद 75 में और राज्यों के लिए अनुच्छेद 164 में खंड (1क) जोड़ा गया, और किसी राज्य में कम-से-कम 12 मंत्री होना ज़रूरी किया गया। इसने दलबदल के कारण अयोग्य हुए सदस्य को कोई भी मंत्री पद लेने से रोका और दसवीं अनुसूची से एक-तिहाई सदस्यों के दल-विभाजन को मिलने वाली छूट हटा दी। विकल्प B गलत है, क्योंकि 2026 के बाद की पहली जनगणना तक सीटें न बढ़ाने का प्रावधान 2001 के 84वें संशोधन से आया। विकल्प C गलत है, क्योंकि राष्ट्रीय अनुसूचित जाति और जनजाति आयोग को 2003 के 89वें संशोधन ने दो भागों में बाँटा। विकल्प D गलत है, क्योंकि विकल्प A इस संशोधन का सही वर्णन करता है। परीक्षा टिप: मंत्रियों की अधिकतम सीमा 15 प्रतिशत और राज्य में न्यूनतम 12, दोनों 2003 के 91वें संशोधन से।

Q12.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 16 Aug 2021, Shift 1मध्यम

भारत के संविधान का निम्नलिखित में से कौन-सा अनुच्छेद जीएसटी परिषद के गठन का प्रावधान करता है?

  1. A.अनुच्छेद 246A
  2. B.अनुच्छेद 279A
  3. C.अनुच्छेद 269A
  4. D.अनुच्छेद 323A
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अनुच्छेद 279A

व्याख्या

सही उत्तर है B, अनुच्छेद 279A। यह राष्ट्रपति को वस्तु एवं सेवा कर परिषद यानी जीएसटी परिषद गठित करने की शक्ति देता है, जो केंद्र और राज्यों का साझा मंच है। यह अनुच्छेद संविधान (101वाँ संशोधन) अधिनियम, 2016 से जोड़ा गया, उसी संशोधन से जीएसटी आया, और परिषद सितंबर 2016 में बनी। केंद्रीय वित्त मंत्री इसके अध्यक्ष होते हैं, केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री और सभी राज्यों के वित्त या कराधान मंत्री इसके सदस्य होते हैं, और फैसले तीन-चौथाई भारित बहुमत से होते हैं जिसमें केंद्र के पास एक-तिहाई और सभी राज्यों के पास मिलकर दो-तिहाई वोट होते हैं। A, अनुच्छेद 246A, संसद और राज्य विधानमंडलों को जीएसटी पर कानून बनाने की शक्ति देता है। C, अनुच्छेद 269A, अंतरराज्यीय व्यापार पर जीएसटी यानी IGST की उगाही और वसूली से जुड़ा है। D, अनुच्छेद 323A, प्रशासनिक अधिकरणों का प्रावधान करता है, कर से इसका कोई संबंध नहीं। परीक्षा टिप: 246A कर लगाने की शक्ति, 269A अंतरराज्यीय जीएसटी, 279A जीएसटी परिषद; तीनों 101वें संशोधन से आए।

Q13.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC MTS · 17 Oct 2024, Shift 1मध्यम

भारतीय संविधान का कौन-सा अनुच्छेद संसद की सदस्यता के लिए योग्यताएं निर्धारित करता है?

  1. A.अनुच्छेद 105
  2. B.अनुच्छेद 85
  3. C.अनुच्छेद 84
  4. D.अनुच्छेद 80
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अनुच्छेद 84

व्याख्या

सही उत्तर है C, अनुच्छेद 84। यही अनुच्छेद बताता है कि संसद का सदस्य बनने के लिए क्या योग्यताएं चाहिए। अनुच्छेद 84 के अनुसार व्यक्ति भारत का नागरिक हो, निर्वाचन आयोग द्वारा अधिकृत व्यक्ति के सामने शपथ ले, और राज्यसभा के लिए कम से कम 30 वर्ष तथा लोकसभा के लिए कम से कम 25 वर्ष का हो। संसद कानून बनाकर और योग्यताएं जोड़ सकती है, जो उसने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के जरिए जोड़ीं। एक जोड़ी याद रखें: योग्यताएं अनुच्छेद 84 में हैं और अयोग्यताएं अनुच्छेद 102 में। A गलत है क्योंकि अनुच्छेद 105 सदनों और उनके सदस्यों की शक्तियों और विशेषाधिकारों से जुड़ा है। B गलत है क्योंकि अनुच्छेद 85 संसद के सत्र, सत्रावसान और विघटन के बारे में है। D गलत है क्योंकि अनुच्छेद 80 राज्यसभा की संरचना बताता है। परीक्षा टिप: 84 योग्यता, 102 अयोग्यता; लोकसभा के लिए 25 वर्ष, राज्यसभा के लिए 30 वर्ष।

Q14.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CPO · 3 Oct 2023, Shift 2आसान

जब न्यायालय को पता चलता है कि किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी गैरकानूनी है, तब कौन-सी रिट जारी की जाती है?

  1. A.प्रतिषेध (प्रोहिबिशन)
  2. B.परमादेश (मैंडेमस)
  3. C.अधिकार पृच्छा (को वारंटो)
  4. D.बंदी प्रत्यक्षीकरण (हेबियस कॉर्पस)
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. बंदी प्रत्यक्षीकरण (हेबियस कॉर्पस)

व्याख्या

सही उत्तर है D, बंदी प्रत्यक्षीकरण (हेबियस कॉर्पस)। यह रिट किसी को हिरासत में रखने वाले व्यक्ति या अधिकारी को आदेश देती है कि बंदी को न्यायालय के सामने पेश करे, और हिरासत गैरकानूनी पाई जाए तो उसे छोड़ दिया जाता है। लैटिन शब्दों का अर्थ है 'शरीर को प्रस्तुत करो'। सर्वोच्च न्यायालय अनुच्छेद 32 और उच्च न्यायालय अनुच्छेद 226 के तहत रिट जारी करते हैं; कुल पाँच रिटें हैं। बंदी प्रत्यक्षीकरण व्यक्तिगत स्वतंत्रता का सबसे मज़बूत रक्षक है और ज़्यादातर रिटों के उलट यह राज्य के साथ-साथ निजी व्यक्ति के विरुद्ध भी जारी हो सकती है। A गलत है क्योंकि प्रतिषेध ऊँचा न्यायालय निचले न्यायालय या अधिकरण को अपने क्षेत्राधिकार से बाहर जाने से रोकने के लिए भेजता है। B गलत है क्योंकि परमादेश, यानी 'हम आदेश देते हैं', किसी लोक अधिकारी को उसका कानूनी कर्तव्य पूरा करने को कहता है। C गलत है क्योंकि अधिकार पृच्छा, यानी 'किस अधिकार से', किसी व्यक्ति से सार्वजनिक पद पर बने रहने का अधिकार पूछती है। परीक्षा टिप: गैरकानूनी हिरासत = बंदी प्रत्यक्षीकरण; सर्वोच्च न्यायालय के लिए अनुच्छेद 32, उच्च न्यायालय के लिए अनुच्छेद 226।

Q15.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 19 Jun 2022आसान

केन्द्र और राज्यों के बीच विवादों को तय करने की भारत के सर्वोच्च न्यायालय की शक्ति किस अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आती है?

  1. A.अपीलीय क्षेत्राधिकार
  2. B.सलाहकारी क्षेत्राधिकार
  3. C.संवैधानिक क्षेत्राधिकार
  4. D.मूल क्षेत्राधिकार
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. मूल क्षेत्राधिकार

व्याख्या

सही उत्तर है D, मूल क्षेत्राधिकार। अनुच्छेद 131 के तहत केंद्र और एक या अधिक राज्यों के बीच, केंद्र और कुछ राज्यों के एक तरफ़ तथा दूसरे राज्यों के दूसरी तरफ़ होने पर, और दो या अधिक राज्यों के बीच के विवाद केवल सर्वोच्च न्यायालय सुन सकता है। ऐसा मामला किसी निचली अदालत से होकर नहीं आता, बल्कि सीधे सर्वोच्च न्यायालय में शुरू होता है, इसलिए इसे मूल क्षेत्राधिकार कहते हैं; यह अनन्य भी है, क्योंकि कोई उच्च न्यायालय इसे नहीं सुन सकता। विवाद में ऐसा कानूनी या तथ्यात्मक प्रश्न होना चाहिए जिस पर किसी कानूनी अधिकार का अस्तित्व निर्भर हो, और कोई निजी नागरिक इस अनुच्छेद के तहत मुकदमा नहीं कर सकता। विकल्प A गलत है, क्योंकि अपीलीय क्षेत्राधिकार उच्च न्यायालयों और निचली अदालतों के फ़ैसलों के ख़िलाफ़ अपीलों से जुड़ा है। विकल्प B गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 143 का सलाहकारी क्षेत्राधिकार राष्ट्रपति को न्यायालय की राय लेने देता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि ऐसे विवादों के लिए संविधान कोई अलग संवैधानिक क्षेत्राधिकार नहीं बताता; संवैधानिक प्रश्नों पर अपीलें अनुच्छेद 132 के अपीलीय क्षेत्राधिकार में आती हैं। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 131 मूल, अनुच्छेद 32 रिट, अनुच्छेद 143 सलाहकारी।

Q16.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 18 Aug 2019आसान

"ऐसे उदात्त विचारों की कदर करना और अनुसरण करना जिन से स्वतंत्रता का हमारा राष्ट्रीय संघर्ष प्रेरित हुआ", भारत के संविधान के निम्नलिखित में से किस अंश का उपबंध है?

  1. A.राज्य की नीति के निदेशक तत्व
  2. B.मूल कर्तव्य
  3. C.मूल अधिकार
  4. D.उद्देशिका
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. मूल कर्तव्य

व्याख्या

सही उत्तर है B, मूल कर्तव्य। ये शब्द अनुच्छेद 51क के खंड (ख) के हैं, जिसमें हर नागरिक के कर्तव्य गिनाए गए हैं। मूल कर्तव्य 42वें संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर भाग 4क के रूप में जोड़े गए और यह विचार पूर्व सोवियत संघ के संविधान से लिया गया। शुरू में दस कर्तव्य थे; 86वें संशोधन अधिनियम, 2002 ने ग्यारहवाँ कर्तव्य जोड़ा, जिसमें माता-पिता को 6 से 14 वर्ष के बच्चों को शिक्षा का अवसर देना है। खंड (क) संविधान, राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान के आदर की बात करता है और खंड (ख) इस प्रश्न वाली पंक्ति है। विकल्प A गलत है, क्योंकि भाग 4 के निदेशक तत्व राज्य के लिए निर्देश हैं, नागरिकों के कर्तव्य नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि भाग 3 के मूल अधिकार नागरिक अदालत में लागू करा सकता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि उद्देशिका न्याय, स्वतंत्रता, समता और बंधुता के आदर्श बताती है, कर्तव्य नहीं गिनाती। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 51क, भाग 4क, 42वाँ संशोधन 1976, आज कुल ग्यारह कर्तव्य।

Q17.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 17 Feb 2025, Shift 1मध्यम

74वें संविधान संशोधन अधिनियम के अनुसार, नगरपालिकाओं के नियमित और निष्पक्ष चुनाव की जिम्मेदारी निम्नलिखित में से किस संस्था की है?

  1. A.जिला निर्वाचन आयोग
  2. B.राज्य निर्वाचन आयोग
  3. C.संभागीय निर्वाचन आयोग
  4. D.भारत निर्वाचन आयोग
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. राज्य निर्वाचन आयोग

व्याख्या

सही उत्तर है B, राज्य निर्वाचन आयोग। 1992 के 74वें संशोधन अधिनियम ने नगरपालिकाओं को संवैधानिक दर्जा दिया और इनके चुनाव की जिम्मेदारी राज्य निर्वाचन आयोग को दी। इस संशोधन ने भाग IXA (अनुच्छेद 243P से 243ZG) और 18 विषयों वाली बारहवीं अनुसूची जोड़ी। अनुच्छेद 243ZA नगरपालिका चुनावों की मतदाता सूची और चुनाव संचालन उसी राज्य निर्वाचन आयोग को सौंपता है जिसे अनुच्छेद 243K पंचायत चुनावों के लिए बनाता है। राज्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति राज्यपाल करता है। यह अधिनियम 1 जून 1993 से लागू हुआ। A गलत है क्योंकि जिला निर्वाचन आयोग नाम की कोई संवैधानिक संस्था नहीं है। C गलत है क्योंकि संभागीय निर्वाचन आयोग भी संविधान में नहीं है। D गलत है क्योंकि भारत निर्वाचन आयोग अनुच्छेद 324 के तहत संसद, विधानसभाओं, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनाव कराता है, स्थानीय निकायों के नहीं। परीक्षा टिप: 73वां संशोधन पंचायत (भाग IX), 74वां संशोधन नगरपालिका (भाग IXA), और दोनों के चुनाव राज्य निर्वाचन आयोग कराता है।

Q18.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 09 Feb 2023, Shift 3आसान

भारतीय संविधान के किस संशोधन अधिनियम के लिए 'लघु संविधान' (Mini Constitution) शब्द का प्रयोग होता है?

  1. A.38वां
  2. B.42वां
  3. C.40वां
  4. D.44वां
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 42वां

व्याख्या

सही उत्तर है B, 42वां। 1976 के 42वें संशोधन अधिनियम ने संविधान के इतने हिस्से बदले कि इसे 'लघु संविधान' कहा जाता है। यह आपातकाल के दौरान इंदिरा गांधी सरकार के समय स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर पारित हुआ। इसने प्रस्तावना में समाजवादी, पंथनिरपेक्ष और अखंडता शब्द जोड़े, भाग IVA (अनुच्छेद 51A) में मौलिक कर्तव्य जोड़े, और शिक्षा व वन सहित पांच विषय राज्य सूची से समवर्ती सूची में डाले। A गलत है क्योंकि 1975 के 38वें संशोधन ने आपातकाल की घोषणा में राष्ट्रपति की संतुष्टि को अदालत की समीक्षा से बाहर किया। C गलत है क्योंकि 1976 का 40वां संशोधन नौवीं अनुसूची में कानून डालने और भारत के समुद्री क्षेत्रों से जुड़ा था। D गलत है क्योंकि 1978 के 44वें संशोधन ने 42वें संशोधन के कई बदलाव पलटे और संपत्ति के अधिकार को मौलिक अधिकारों से हटाया। परीक्षा टिप: 42वां (1976) लघु संविधान है, और 44वां (1978) उसके बाद आया सुधार।

Q19.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: CTET · Paper II SST, 21 Jan 2024मध्यम

अभिकथन (A) और कारण (R) को ध्यान से पढ़िए: अभिकथन (A): 1960 में द्विभाषी बंबई राज्य को मराठी और गुजराती बोलने वालों के लिए अलग-अलग राज्यों में बाँटा गया। कारण (R): 1966 में पंजाब राज्य को भी दो राज्यों में बाँटा गया, पंजाबी बोलने वालों के लिए पंजाब और हरियाणवी या हिंदी बोलने वालों के लिए हरियाणा। सही विकल्प चुनिए:

  1. A.(A) गलत है, पर (R) सही है
  2. B.(A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की व्याख्या करता है
  3. C.(A) और (R) दोनों सही हैं, पर (R), (A) की व्याख्या नहीं करता
  4. D.(A) सही है, पर (R) गलत है
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. (A) और (R) दोनों सही हैं, पर (R), (A) की व्याख्या नहीं करता

व्याख्या

सही उत्तर है C, (A) और (R) दोनों सही हैं, पर (R), (A) की व्याख्या नहीं करता। दोनों घटनाएँ भाषा के आधार पर राज्यों के पुनर्गठन के सच्चे कदम हैं, पर 1966 में पंजाब का बँटवारा छह साल पहले बंबई के साथ हुई घटना का कारण नहीं हो सकता। 1956 के राज्य पुनर्गठन अधिनियम ने भाषा के आधार पर राज्यों की सीमाएँ फिर से खींचीं, फिर भी द्विभाषी बंबई राज्य बना रहा। 1 मई 1960 को इसे मराठी भाषियों के लिए महाराष्ट्र और गुजराती भाषियों के लिए गुजरात में बाँट दिया गया। 1966 में इसी सोच से पंजाब का बँटवारा हुआ: पंजाबी भाषियों के लिए पंजाब और हरियाणवी या हिंदी भाषियों के लिए हरियाणा बना। विकल्प A गलत है क्योंकि बंबई वाला अभिकथन सही है। विकल्प B गलत है क्योंकि 1966 की घटना 1960 की घटना की व्याख्या नहीं कर सकती। विकल्प D गलत है क्योंकि पंजाब वाला कारण भी सही कथन है। परीक्षा टिप: आंध्र राज्य 1953; राज्य पुनर्गठन अधिनियम 1956; महाराष्ट्र और गुजरात 1960; हरियाणा 1966।

Q20.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: RRB ALP · CBT-1, 17 Feb 2026, Shift 2मध्यम

विभिन्न संवैधानिक पदों के लिए शपथ और प्रतिज्ञान के प्रारूप भारतीय संविधान की किस अनुसूची में दिए गए हैं?

  1. A.ग्यारहवीं अनुसूची
  2. B.तीसरी अनुसूची
  3. C.नौवीं अनुसूची
  4. D.पहली अनुसूची
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. तीसरी अनुसूची

व्याख्या

सही उत्तर है B, तीसरी अनुसूची। संविधान की तीसरी अनुसूची में महत्वपूर्ण संवैधानिक पदों के लिए शपथ या प्रतिज्ञान के प्रारूप दिए गए हैं। इसमें केंद्रीय मंत्री, संसद के चुनाव के उम्मीदवार, संसद सदस्य, सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश और नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक आते हैं; राज्य स्तर पर मंत्री, विधानमंडल के उम्मीदवार, विधायक और उच्च न्यायालय के न्यायाधीश भी शामिल हैं। राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति की शपथ इस अनुसूची में नहीं है; वह अनुच्छेद 60 और 69 में दी गई है। A गलत है क्योंकि ग्यारहवीं अनुसूची, जो 1992 के 73वें संशोधन से जुड़ी, पंचायतों को दिए गए विषय बताती है। C गलत है क्योंकि नौवीं अनुसूची, जो 1951 के पहले संशोधन से जुड़ी, कुछ भूमि सुधार और अन्य कानूनों को अदालती चुनौती से बचाती है। D गलत है क्योंकि पहली अनुसूची में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के नाम और उनके क्षेत्र दिए गए हैं। परीक्षा टिप: पहली = राज्य और केंद्रशासित प्रदेश, तीसरी = शपथ, सातवीं = संघ, राज्य और समवर्ती सूची, दसवीं = दल-बदल विरोधी, ग्यारहवीं = पंचायत, बारहवीं = नगरपालिका।

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