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GK क्विजभारतीय राजव्यवस्था

भारतीय राजव्यवस्था मिश्रित क्विज: सेट 27

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इस क्विज के बारे में

भारतीय राजव्यवस्था मिश्रित क्विज़ (सेट 27) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 15 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: मौलिक अधिकार, केंद्र शासित प्रदेश और दिल्ली की विशेष स्थिति, आपातकालीन प्रावधान और अन्य। ये सभी प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 10 Jan 2023, Shift 3आसान

भारतीय संविधान में ‘अस्पृश्यता का उन्मूलन’ का प्रावधान _______ में दिया गया है।

  1. A.अनुच्छेद 14
  2. B.अनुच्छेद 17
  3. C.अनुच्छेद 19
  4. D.अनुच्छेद 32
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अनुच्छेद 17

व्याख्या

सही उत्तर है B, अनुच्छेद 17। अनुच्छेद 17 अस्पृश्यता को समाप्त करता है और किसी भी रूप में इसके व्यवहार पर रोक लगाता है। यह संविधान के भाग III में मूल अधिकारों के अंतर्गत, समता के अधिकार के साथ रखा गया है। यह उन गिने-चुने अधिकारों में है जो राज्य के साथ-साथ आम नागरिकों के विरुद्ध भी लागू होता है। संसद ने इसे बल देने के लिए अस्पृश्यता (अपराध) अधिनियम, 1955 बनाया, जिसका नाम 1976 में नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम कर दिया गया, और बाद में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 भी बना। संविधान में अस्पृश्यता की परिभाषा कहीं नहीं दी गई है; न्यायालयों ने इसे जाति से जुड़ी सामाजिक प्रथा माना है, किसी सामान्य अपमान को नहीं। A गलत है क्योंकि अनुच्छेद 14 कानून के समक्ष समता देता है। C गलत है क्योंकि अनुच्छेद 19 भाषण और आवागमन जैसी छह स्वतंत्रताएँ देता है। D गलत है क्योंकि अनुच्छेद 32 रिट के लिए सर्वोच्च न्यायालय जाने का अधिकार देता है। परीक्षा टिप: समता के अधिकार अनुच्छेद 14 से 18 तक — 15 भेदभाव, 16 लोक नियोजन, 17 अस्पृश्यता, 18 उपाधियाँ।

Q2.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: हरियाणा · 28 Feb 2020, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से कौन भारत का केंद्रशासित प्रदेश नहीं है?

  1. A.लद्दाख और पुडुचेरी
  2. B.दमन और दीव तथा दादरा और नगर हवेली
  3. C.लक्षद्वीप
  4. D.मिज़ोरम
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. मिज़ोरम

व्याख्या

सही उत्तर है D, मिज़ोरम। मिज़ोरम पूर्ण राज्य है, केंद्रशासित प्रदेश नहीं। इसे 1972 में असम से अलग कर केंद्रशासित प्रदेश बनाया गया था और 1986 के मिज़ो समझौते के बाद 53वें संविधान संशोधन से यह 20 फरवरी 1987 को राज्य बना, उसी दिन जब अरुणाचल प्रदेश भी राज्य बना। यह अंतर महत्वपूर्ण है: केंद्रशासित प्रदेश का प्रशासन अनुच्छेद 239 के अंतर्गत राष्ट्रपति प्रशासक या उपराज्यपाल के माध्यम से करते हैं, जबकि राज्य का अपना राज्यपाल और अपनी सरकार संविधान के भाग VI के अनुसार होती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि लद्दाख 31 अक्टूबर 2019 से और पुडुचेरी 1962 से केंद्रशासित प्रदेश है, तथा दोनों पहली अनुसूची में केंद्रशासित प्रदेश के रूप में दर्ज हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव को 26 जनवरी 2020 को मिलाकर एक केंद्रशासित प्रदेश बना दिया गया। विकल्प C गलत है, क्योंकि लक्षद्वीप अरब सागर में प्रवाल द्वीपों का केंद्रशासित प्रदेश है, जिसकी राजधानी कवरत्ती है। परीक्षा टिप: मिज़ोरम और अरुणाचल प्रदेश 20 फरवरी 1987 को राज्य बने, गोवा 30 मई 1987 को।

Q3.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 30 अप्रैल 2026, शिफ्ट 2आसान

संविधान में कितने प्रकार के आपातकाल का प्रावधान है?

  1. A.2
  2. B.3
  3. C.4
  4. D.5
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 3

व्याख्या

सही उत्तर 3 है। संविधान का भाग XVIII तीन तरह के आपातकाल का प्रावधान करता है। अनुच्छेद 352 के तहत राष्ट्रीय आपातकाल युद्ध, बाहरी आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह के आधार पर घोषित हो सकता है। अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति शासन, जिसे राज्य आपातकाल या संवैधानिक आपातकाल भी कहते हैं, तब लागू होता है जब किसी राज्य में संवैधानिक तंत्र विफल हो जाए। अनुच्छेद 360 के तहत वित्तीय आपातकाल तब लागू होता है जब भारत की वित्तीय स्थिरता या साख खतरे में हो।

संविधान में "आपातकाल" शब्द केवल पहले वाले के लिए प्रयोग हुआ है: अनुच्छेद 352 "आपात की उद्घोषणा" की बात करता है, जबकि अनुच्छेद 356 संवैधानिक तंत्र की विफलता की। इसीलिए कुछ प्रश्न पूछते हैं कि "आपातकाल" कितनी बार घोषित हुआ, और उनका अर्थ केवल राष्ट्रीय आपातकाल होता है। विकल्प 2, 4 और 5 का पाठ में कोई आधार नहीं है। तीनों को उनके अनुच्छेदों, 352, 356 और 360, के साथ याद करें, क्योंकि अगला प्रश्न लगभग हमेशा इन्हीं संख्याओं में से किसी पर होता है।

Q4.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 17 Jan 2023, Shift 4मध्यम

राज्य के राज्यपाल को क्षमादान की शक्ति भारत के संविधान के किस अनुच्छेद के अंतर्गत प्राप्त है?

  1. A.अनुच्छेद 163
  2. B.अनुच्छेद 161
  3. C.अनुच्छेद 55
  4. D.अनुच्छेद 145
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अनुच्छेद 161

व्याख्या

सही उत्तर है B, अनुच्छेद 161। अनुच्छेद 161 राज्यपाल को यह शक्ति देता है कि वे उस अपराध के लिए दंडित किसी व्यक्ति को क्षमा, प्रविलंबन, विराम और परिहार दे सकें तथा दंड को निलंबित, कम या परिवर्तित कर सकें, जिस विषय पर राज्य की कार्यपालिका शक्ति फैली हुई है। उनकी यह शक्ति अनुच्छेद 72 के अंतर्गत राष्ट्रपति की शक्ति से दो बातों में कम है — राज्यपाल मृत्युदंड को क्षमा नहीं कर सकते और सेना न्यायालय द्वारा दिए गए दंड में उनका कोई अधिकार नहीं होता, जबकि राष्ट्रपति दोनों कर सकते हैं। राष्ट्रपति की तरह राज्यपाल भी इस शक्ति का प्रयोग राज्य मंत्रिपरिषद की सलाह पर करते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 163 राज्यपाल को सहायता और सलाह देने वाली मंत्रिपरिषद से संबंधित है। विकल्प C गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 55 राष्ट्रपति के निर्वाचन की रीति बताता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 145 उच्चतम न्यायालय को प्रक्रिया के नियम बनाने की शक्ति देता है। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 72 राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति, अनुच्छेद 161 राज्यपाल की; मृत्युदंड और सेना न्यायालय के दंड में केवल राष्ट्रपति क्षमा दे सकते हैं।

Q5.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: उत्तर प्रदेश · 16 October 2022, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से किस राज्य में विधान परिषद है?

  1. A.झारखंड
  2. B.कर्नाटक
  3. C.ओडिशा
  4. D.गुजरात
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कर्नाटक

व्याख्या

सही उत्तर B, कर्नाटक है। अनुच्छेद 168 कहता है कि राज्य विधानमंडल में राज्यपाल तथा एक या दो सदन होते हैं। जहाँ दो सदन हैं, वहाँ उच्च सदन विधान परिषद कहलाता है, और कर्नाटक उन थोड़े राज्यों में है जिन्होंने इसे बनाए रखा है। अनुच्छेद 169 संसद को यह शक्ति देता है कि किसी राज्य की विधानसभा विशेष बहुमत से संकल्प पारित करे तो वह परिषद का सृजन या उत्सादन कर सके, इसीलिए ऐसे राज्यों की सूची छोटी है और केवल विधि द्वारा बदलती है। विकल्प A, झारखंड में केवल विधानसभा है; विकल्प C, ओडिशा में भी केवल विधानसभा है, यद्यपि वहाँ परिषद के प्रस्ताव पर चर्चा होती रही है; और विकल्प D, गुजरात में भी एक ही सदन है। अनुच्छेद 171 के अनुसार परिषद के एक-छठे सदस्य राज्यपाल साहित्य, विज्ञान, कला, सहकारी आंदोलन और समाज सेवा के विशेषज्ञों में से मनोनीत करता है, और यही इस अध्याय का राज्य कार्यपालिका से संबंध है।

Q6.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 17 March, 2023, Shift 4मध्यम

भारतीय संविधान के 89वें संशोधन अधिनियम, 2003 द्वारा निम्नलिखित में से किस आयोग की स्थापना की गई?

  1. A.भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग
  2. B.राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग
  3. C.राष्ट्रीय महिला आयोग
  4. D.राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग

व्याख्या

सही उत्तर है D, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग। 89वें संशोधन अधिनियम, 2003 ने अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के पुराने संयुक्त आयोग को दो अलग आयोगों में बाँट दिया। अनुच्छेद 338 के अंतर्गत राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग रहा और नया अनुच्छेद 338A जोड़कर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग बनाया गया, जिसने 19 फरवरी 2004 से काम शुरू किया। दोनों आयोगों में राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त एक अध्यक्ष, एक उपाध्यक्ष और तीन अन्य सदस्य होते हैं और दोनों अपनी रिपोर्ट संसद के सामने रखते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 से बना वैधानिक निकाय है, संवैधानिक नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग 102वें संशोधन, 2018 से अनुच्छेद 338B जुड़ने पर संवैधानिक बना। विकल्प C गलत है, क्योंकि राष्ट्रीय महिला आयोग 1990 के अधिनियम पर आधारित वैधानिक निकाय है। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 338 अनुसूचित जाति, 338A अनुसूचित जनजाति, 338B पिछड़ा वर्ग।

Q7.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 12 Feb 2019, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से कौन भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य कर्तव्यों में शामिल नहीं है?

  1. A.चुनावों का नियंत्रण और संचालन
  2. B.चुनावों का पर्यवेक्षण
  3. C.चुनावों का निर्देशन
  4. D.स्थानीय चुनाव कराना
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. स्थानीय चुनाव कराना

व्याख्या

सही उत्तर है D, स्थानीय चुनाव कराना। अनुच्छेद 324 संसद, राज्य विधानमंडलों तथा राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के पदों के चुनावों के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण का कार्य भारत निर्वाचन आयोग को देता है। पंचायतों और नगरपालिकाओं के चुनाव इस सूची में नहीं आते। 1992 के 73वें और 74वें संविधान संशोधनों ने अनुच्छेद 243K और 243ZA जोड़े, जो यह काम राज्य निर्वाचन आयोग को देते हैं। इसका प्रमुख राज्य निर्वाचन आयुक्त होता है, जिसकी नियुक्ति राज्यपाल करते हैं। इस प्रकार स्थानीय निकायों के चुनाव राज्य कराते हैं और इनमें निर्वाचन आयोग की कोई भूमिका नहीं होती। A, B और C यहाँ उत्तर के रूप में गलत हैं, क्योंकि चुनावों का नियंत्रण, पर्यवेक्षण और निर्देशन ठीक वही शब्द हैं जो अनुच्छेद 324 आयोग के कर्तव्यों के लिए प्रयोग करता है, अतः ये तीनों उसके मुख्य कर्तव्य ही हैं। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 324 — निर्वाचन आयोग; अनुच्छेद 243K — राज्य निर्वाचन आयोग, पंचायत और नगरपालिका चुनाव।

Q8.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 15 Oct 2020, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से किसने उस नौ न्यायाधीशों वाली संविधान पीठ की अध्यक्षता की थी, जिसने निजता के अधिकार को मौलिक अधिकार घोषित किया?

  1. A.जे.एस. खेहर
  2. B.दीपक मिश्रा
  3. C.एच.जे. कनिया
  4. D.टी.एस. ठाकुर
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. जे.एस. खेहर

व्याख्या

सही उत्तर है A, जे.एस. खेहर। न्यायमूर्ति जगदीश सिंह खेहर उस समय भारत के मुख्य न्यायाधीश थे, जब 24 अगस्त 2017 को नौ न्यायाधीशों की पीठ ने न्यायमूर्ति के.एस. पुट्टस्वामी बनाम भारत संघ में फैसला सुनाया, और उन्होंने ही पीठ की अध्यक्षता की। पीठ ने एकमत से माना कि निजता मौलिक अधिकार है, जो मुख्यतः अनुच्छेद 21 के जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार तथा भाग III की स्वतंत्रताओं से सुरक्षित है। इसने एम.पी. शर्मा (1954) और खड़क सिंह (1962) के पुराने फैसले पलट दिए, जिनमें कहा गया था कि संविधान ऐसा कोई अधिकार नहीं देता। यह मामला आधार योजना की चुनौती से निकला था। खेहर भारत के पहले सिख मुख्य न्यायाधीश भी थे। विकल्प B गलत है, क्योंकि दीपक मिश्रा एक सप्ताह बाद मुख्य न्यायाधीश बने और धारा 377 तथा व्यभिचार के फैसलों की पीठों में थे। विकल्प C गलत है, क्योंकि एच.जे. कनिया 1950 में भारत के पहले मुख्य न्यायाधीश थे। विकल्प D गलत है, क्योंकि टी.एस. ठाकुर जनवरी 2017 में सेवानिवृत्त हो गए थे। परीक्षा टिप: पुट्टस्वामी 2017, नौ न्यायाधीश, अनुच्छेद 21, सीजेआई खेहर।

Q9.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 15 Feb 2019, Shift 2आसान

निम्नलिखित में से कौन राज्य सूची का विषय है?

  1. A.बैंकिंग
  2. B.रक्षा
  3. C.पुलिस
  4. D.वन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. पुलिस

व्याख्या

सही उत्तर है C, पुलिस। संविधान की सातवीं अनुसूची विषयों को तीन सूचियों में बाँटती है, और लोक व्यवस्था तथा पुलिस राज्य सूची की पहली दो प्रविष्टियाँ हैं। इसलिए प्रत्येक राज्य इन पर अपने कानून बनाता है और अपना पुलिस बल चलाता है। इसी कारण पुलिस व्यवस्था को राज्य का विषय कहा जाता है, और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल किसी राज्य में मुख्यतः उसके अनुरोध पर या किसी केंद्रशासित प्रदेश में भेजे जाते हैं। A गलत है क्योंकि बैंकिंग संघ सूची में है, इसीलिए भारतीय रिजर्व बैंक और बैंकों का नियमन केंद्र के पास है। B गलत है क्योंकि रक्षा संघ सूची की पहली प्रविष्टि है। D गलत है क्योंकि वन पहले राज्य सूची का विषय था, पर 1976 के 42वें संविधान संशोधन से इसे शिक्षा, नाप-तौल तथा वन्य जीव-जंतुओं और पक्षियों के संरक्षण के साथ समवर्ती सूची में डाल दिया गया। परीक्षा टिप: पुलिस और लोक व्यवस्था राज्य सूची में; वन और शिक्षा 1976 से समवर्ती सूची में।

Q10.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: RRB NTPC · 16 Jun 2022, Shift 2 (CBT 2, Level 2)मध्यम

भारत के संविधान के __________ के तहत वित्तीय आपातकाल घोषित किया जा सकता है।

  1. A.अनुच्छेद 356
  2. B.अनुच्छेद 359
  3. C.अनुच्छेद 360
  4. D.अनुच्छेद 352
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अनुच्छेद 360

व्याख्या

सही उत्तर है C, अनुच्छेद 360। अनुच्छेद 360 राष्ट्रपति को वित्तीय आपातकाल घोषित करने की शक्ति देता है, जब भारत या उसके किसी भाग की वित्तीय स्थिरता या साख खतरे में हो। ऐसी उद्घोषणा को दो महीने के भीतर संसद के दोनों सदनों की मंजूरी चाहिए, उसके बाद यह रद्द होने तक अनिश्चित काल चलती है; इसकी कोई अधिकतम अवधि नहीं है। इस दौरान केंद्र राज्यों को वित्तीय औचित्य के नियम मानने का निर्देश दे सकता है और सरकारी कर्मचारियों, यहाँ तक कि सर्वोच्च न्यायालय व उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के वेतन घटाए जा सकते हैं। भारत में वित्तीय आपातकाल आज तक कभी घोषित नहीं हुआ, हालाँकि 1991 के संकट में इस पर चर्चा हुई थी। D गलत है क्योंकि अनुच्छेद 352 युद्ध, बाहरी आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह पर राष्ट्रीय आपातकाल है, जो 1962, 1971 और 1975 में लगा। A गलत है क्योंकि अनुच्छेद 356 राष्ट्रपति शासन है, जो राज्य का संवैधानिक तंत्र विफल होने पर लगता है। B गलत है क्योंकि अनुच्छेद 359 केवल राष्ट्रीय आपातकाल में मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन को निलंबित करता है। परीक्षा टिप: 352 राष्ट्रीय, 356 राज्य, 360 वित्तीय; केवल 360 कभी प्रयोग नहीं हुआ।

Q11.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 9 March 2020, Shift 1आसान

'परमादेश' (मैंडेमस) रिट का अर्थ क्या है?

  1. A.आप शरीर को प्राप्त कर सकते हैं
  2. B.प्रमाणित किया जाए
  3. C.किस अधिकार से
  4. D.हम आदेश देते हैं
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. हम आदेश देते हैं

व्याख्या

सही उत्तर है D, हम आदेश देते हैं। मैंडेमस लैटिन शब्द है, जिसका अर्थ है 'हम आदेश देते हैं'। यह रिट न्यायालय द्वारा किसी लोक अधिकारी, लोक निकाय, निगम या अधीनस्थ न्यायालय को दिया गया वह आदेश है, जिसमें उससे वह सार्वजनिक कर्तव्य निभाने को कहा जाता है जिसे उसने पूरा करने से मना कर दिया। यह किसी निजी व्यक्ति के विरुद्ध, राष्ट्रपति या राज्यपाल के विरुद्ध, तथा न्यायिक रूप में कार्य कर रहे उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के विरुद्ध जारी नहीं की जा सकती। उच्चतम न्यायालय अनुच्छेद 32 के अंतर्गत और उच्च न्यायालय अनुच्छेद 226 के अंतर्गत रिट जारी करते हैं, जिनमें 226 की शक्ति अधिक व्यापक है। A गलत है क्योंकि 'आप शरीर को प्राप्त कर सकते हैं' बंदी प्रत्यक्षीकरण का अर्थ है, जिससे बंदी व्यक्ति को न्यायालय के सामने पेश कराकर हिरासत की वैधता जाँची जाती है। B गलत है क्योंकि 'प्रमाणित किया जाए' उत्प्रेषण (सर्शियोररी) का अर्थ है, जिससे उच्च न्यायालय लंबित मामला अपने पास ले लेता है या निचले निकाय का आदेश रद्द करता है। C गलत है क्योंकि 'किस अधिकार से' अधिकार-पृच्छा (क्वो वारंटो) का अर्थ है, जिसमें किसी लोक पद पर दावे की जाँच होती है। परीक्षा टिप: बंदी प्रत्यक्षीकरण – शरीर पेश करो; परमादेश – हम आदेश देते हैं; प्रतिषेध – रोको; उत्प्रेषण – प्रमाणित किया जाए; अधिकार-पृच्छा – किस अधिकार से।

Q12.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 12 Oct 2020, Shift 2कठिन

भारत के संविधान का निम्नलिखित में से कौन-सा अनुच्छेद राज्यों में विधानमंडलों के गठन का प्रावधान करता है?

  1. A.167
  2. B.165
  3. C.163
  4. D.168
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 168

व्याख्या

सही उत्तर है D, अनुच्छेद 168। अनुच्छेद 168 राज्यों में विधानमंडलों के गठन की व्यवस्था करता है। इसके अनुसार प्रत्येक राज्य का एक विधानमंडल होगा, जिसमें राज्यपाल तथा एक या दो सदन होंगे। जहाँ दो सदन हैं, वहाँ विधान सभा और विधान परिषद होती है; शेष राज्यों में केवल विधान सभा होती है। राज्यपाल किसी सदन का सदस्य नहीं होता, फिर भी उसे विधानमंडल का अंग माना जाता है, क्योंकि कोई विधेयक उसकी स्वीकृति के बाद ही कानून बनता है। अनुच्छेद 169 संसद को यह शक्ति देता है कि संबंधित राज्य की विधान सभा विशेष बहुमत से प्रस्ताव पास करे तो विधान परिषद बनाई या समाप्त की जा सके, इसीलिए परिषद वाले राज्यों की संख्या बदलती रहती है। A गलत है क्योंकि अनुच्छेद 167 मुख्यमंत्री के कर्तव्यों से जुड़ा है। B गलत है क्योंकि अनुच्छेद 165 राज्य के महाधिवक्ता का प्रावधान करता है। C गलत है क्योंकि अनुच्छेद 163 राज्यपाल को सलाह देने वाली मंत्रिपरिषद से संबंधित है। परीक्षा टिप: 163 सहायता और सलाह, 165 महाधिवक्ता, 167 मुख्यमंत्री के कर्तव्य, 168 राज्य विधानमंडल का गठन।

Q13.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 6 March 2023आसान

भारत में निम्नलिखित में से कौन संघ और राज्य सरकारों की सभी प्राप्तियों तथा व्यय की लेखा-परीक्षा के लिए उत्तरदायी है?

  1. A.भारत का महान्यायवादी
  2. B.महाधिवक्ता
  3. C.संघ लोक सेवा आयोग
  4. D.नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक

व्याख्या

सही उत्तर है D, नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक। संविधान का अनुच्छेद 148 भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (कैग) के पद की व्यवस्था करता है, जो संघ तथा राज्यों की सभी प्राप्तियों और व्यय के साथ-साथ उन निकायों के लेखों की भी परीक्षा करता है जो मुख्यतः सार्वजनिक धन से चलते हैं। कैग की नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं; वह छह वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक, जो पहले हो, पद पर रहता है और उसे केवल उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश की तरह ही हटाया जा सकता है। उसकी रिपोर्ट राष्ट्रपति या राज्यपाल को जाती है, जो उसे संसद या राज्य विधानमंडल के सामने रखते हैं, जहाँ लोक लेखा समिति उसकी जाँच करती है; इसी कारण कैग को सार्वजनिक धन का संरक्षक कहा जाता है। A गलत है क्योंकि अनुच्छेद 76 के अंतर्गत महान्यायवादी देश का सर्वोच्च विधि अधिकारी है और सरकार को कानूनी सलाह देता है। B गलत है क्योंकि अनुच्छेद 165 के अंतर्गत महाधिवक्ता यही काम राज्य के लिए करता है। C गलत है क्योंकि संघ लोक सेवा आयोग परीक्षाएँ कराता और भर्ती पर सलाह देता है। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 148 – कैग, 76 – महान्यायवादी, 165 – महाधिवक्ता, 315 – लोक सेवा आयोग।

Q14.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: CTET · Paper II SST, 14 Dec 2024, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से कौन स्थानीय सरकारों के निर्वाचित सदस्य हैं? (A) वार्ड सदस्य (B) पंचायत अध्यक्ष (C) सचिव (D) वार्ड पार्षद

  1. A.केवल (A) और (B)
  2. B.केवल (A) और (D)
  3. C.केवल (A), (B) और (C)
  4. D.केवल (A), (B) और (D)
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. केवल (A), (B) और (D)

व्याख्या

सही उत्तर है D, केवल (A), (B) और (D)। वार्ड सदस्य, पंचायत अध्यक्ष और वार्ड पार्षद तीनों को मतदाता चुनते हैं, जबकि सचिव नियुक्त किया गया अधिकारी होता है। गाँव में ग्राम पंचायत वार्ड सदस्यों, जिन्हें पंच कहते हैं, और अध्यक्ष, जिसे सरपंच कहते हैं, से बनती है, और ये सभी लोगों द्वारा चुने जाते हैं। कस्बे या शहर में हर वार्ड नगर परिषद या नगर निगम के लिए एक वार्ड पार्षद चुनता है। ग्राम पंचायत का सचिव, जो ग्राम सभा का भी सचिव होता है, चुना नहीं जाता बल्कि सरकार उसे नियुक्त करती है; वह बैठकें बुलाता है और रिकॉर्ड रखता है। विकल्प A गलत है क्योंकि इसमें वार्ड पार्षद छूट गया है, जो निर्वाचित होता है। विकल्प B गलत है क्योंकि इसमें पंचायत अध्यक्ष छूट गया है। विकल्प C गलत है क्योंकि इसमें सचिव शामिल है, जो निर्वाचित नहीं होता। परीक्षा टिप: पंच, सरपंच और वार्ड पार्षद निर्वाचित होते हैं; पंचायत सचिव और नगर आयुक्त नियुक्त होते हैं।

Q15.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: मध्य प्रदेश · 21 May 2023मध्यम

संविधान के किस अनुच्छेद में संघ और राज्यों के लिए लोक सेवा आयोगों का प्रावधान है?

  1. A.अनुच्छेद 340
  2. B.अनुच्छेद 315
  3. C.अनुच्छेद 328
  4. D.अनुच्छेद 238
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अनुच्छेद 315

व्याख्या

सही उत्तर है B, अनुच्छेद 315। अनुच्छेद 315 संघ के लिए एक लोक सेवा आयोग और प्रत्येक राज्य के लिए एक लोक सेवा आयोग का प्रावधान करता है, तथा दो या अधिक राज्यों को संसद से संयुक्त लोक सेवा आयोग की माँग करने की छूट देता है। यही अनुच्छेद संविधान के भाग XIV की शुरुआत करता है, जो अनुच्छेद 315 से 323 तक फैला है और संघ तथा राज्यों की सेवाओं से जुड़ा है। अनुच्छेद 316 नियुक्ति और कार्यकाल बताता है — संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष या सदस्य छह वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक और राज्य आयोग में 62 वर्ष तक; अनुच्छेद 317 के अनुसार हटाना केवल राष्ट्रपति द्वारा, उच्चतम न्यायालय की रिपोर्ट पर संभव है; अनुच्छेद 320 कार्य गिनाता है, मुख्यतः परीक्षाएँ कराना और भर्ती व अनुशासन पर सलाह देना। A गलत है क्योंकि अनुच्छेद 340 राष्ट्रपति को पिछड़े वर्गों की दशा जाँचने के लिए आयोग नियुक्त करने की शक्ति देता है। C गलत है क्योंकि अनुच्छेद 328 राज्य विधानमंडल को अपने ही चुनावों पर कानून बनाने की शक्ति देता है। D गलत है क्योंकि अनुच्छेद 238 पुराने भाग ख राज्यों पर लागू था और 1956 के सातवें संशोधन से हटा दिया गया। परीक्षा टिप: 315 – लोक सेवा आयोग, 317 – पदच्युति, 320 – कार्य, 324 – निर्वाचन आयोग।

Q16.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 17 March 2020, Shift 3मध्यम

भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त का कार्यकाल क्या होता है?

  1. A.4 वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक, जो भी पहले हो।
  2. B.3 वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक, जो भी पहले हो।
  3. C.5 वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक, जो भी पहले हो।
  4. D.6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक, जो भी पहले हो।
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक, जो भी पहले हो।

व्याख्या

सही उत्तर है D, 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक, जो भी पहले हो। मुख्य निर्वाचन आयुक्त पद ग्रहण करने की तारीख से छह वर्ष तक या पैंसठ वर्ष की आयु होने तक, जो भी पहले आए, पद पर रहते हैं; अन्य निर्वाचन आयुक्तों की भी यही शर्तें हैं। संविधान स्वयं कार्यकाल तय नहीं करता — अनुच्छेद 324 सेवा-शर्तें संसद के कानून पर छोड़ता है और वही कानून ये सीमाएँ तय करता है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त को उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के बराबर वेतन मिलता है और उन्हें उसी प्रक्रिया से हटाया जा सकता है जिससे उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश हटाया जाता है, जबकि अन्य निर्वाचन आयुक्तों को केवल उनकी सिफारिश पर हटाया जा सकता है; यही आयोग की स्वतंत्रता की रक्षा करता है। विकल्प A, B और C गलत हैं, क्योंकि चार, तीन या पाँच वर्ष इस पद का निर्धारित कार्यकाल नहीं है। परीक्षा टिप: छह वर्ष या पैंसठ वर्ष की सीमा नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक तथा संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष पर भी लागू होती है।

Q17.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 9 August 2017, Shift 3आसान

दल-बदल विरोधी कानून भारतीय संविधान की किस अनुसूची में दिया गया है?

  1. A.दूसरी अनुसूची
  2. B.दसवीं अनुसूची
  3. C.तीसरी अनुसूची
  4. D.चौथी अनुसूची
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. दसवीं अनुसूची

व्याख्या

सही उत्तर है B, दसवीं अनुसूची। दल-बदल विरोधी कानून संविधान की दसवीं अनुसूची में रखा गया है, जो बताती है कि दल बदलने पर संसद या राज्य विधानमंडल का सदस्य अपनी सीट कब खो देता है। इसे 1985 के 52वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा जोड़ा गया, क्योंकि उससे पहले के वर्षों में दल-बदल के कारण कई सरकारें गिर गई थीं। सदस्य अयोग्य ठहराया जाता है यदि वह स्वेच्छा से उस दल की सदस्यता छोड़ दे जिसके टिकट पर वह जीता था, या दल के व्हिप के विरुद्ध मतदान करे। ऐसे मामले का फैसला सदन का अध्यक्ष या सभापति करता है और न्यायालय उस फैसले की समीक्षा कर सकते हैं। 2003 के 91वें संशोधन ने एक-तिहाई विभाजन की पुरानी छूट हटा दी, इसलिए अब केवल दो-तिहाई सदस्यों के समर्थन वाला विलय ही संरक्षित है। A गलत है क्योंकि दूसरी अनुसूची राष्ट्रपति, राज्यपालों, अध्यक्षों और न्यायाधीशों के वेतन-भत्ते तय करती है। C गलत है क्योंकि तीसरी अनुसूची में शपथ और प्रतिज्ञान के प्रारूप हैं। D गलत है क्योंकि चौथी अनुसूची राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को राज्यसभा की सीटें बाँटती है। परीक्षा टिप: दसवीं अनुसूची – दल-बदल – 52वाँ संशोधन, 1985।

Q18.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 14 Feb 2019, Shift 3मध्यम

निम्नलिखित में से किस केंद्रशासित प्रदेश को भारत में आंशिक राज्य का दर्जा दिया गया है?

  1. A.चंडीगढ़
  2. B.दादरा और नगर हवेली
  3. C.दमन और दीव
  4. D.पुदुचेरी
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. पुदुचेरी

व्याख्या

सही उत्तर है D, पुदुचेरी। पुदुचेरी एक ऐसा केंद्रशासित प्रदेश है जिसका अपना विधानमंडल है, इसी कारण इसे आंशिक राज्य का दर्जा प्राप्त कहा जाता है। 1962 में जोड़े गए अनुच्छेद 239A ने संसद को ऐसे प्रदेश के लिए विधानमंडल और मंत्रिपरिषद बनाने की शक्ति दी, और संघ राज्यक्षेत्र शासन अधिनियम, 1963 ने पुदुचेरी को विधानसभा तथा मुख्यमंत्री दिए, जबकि उपराज्यपाल कहलाने वाला प्रशासक आज भी राष्ट्रपति का प्रतिनिधित्व करता है। दिल्ली में इसी प्रकार की व्यवस्था अनुच्छेद 239AA के अंतर्गत है, और जम्मू-कश्मीर 2019 में विधानमंडल वाला केंद्रशासित प्रदेश बना। A गलत है क्योंकि चंडीगढ़ का शासन सीधे चलता है, जहाँ पंजाब के राज्यपाल प्रशासक का कार्य देखते हैं। B और C गलत हैं क्योंकि दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव, जिन्हें 2020 में मिलाकर एक केंद्रशासित प्रदेश बनाया गया, में कोई विधानमंडल नहीं है और उनका शासन प्रशासक चलाता है। परीक्षा टिप: विधानमंडल वाले केंद्रशासित प्रदेश — दिल्ली, पुदुचेरी और जम्मू-कश्मीर।

Q19.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 18 April 2022, Shift 3कठिन

1976 का 40वाँ संविधान संशोधन अधिनियम भारत के संविधान के किस अनुच्छेद पर लागू हुआ था?

  1. A.297
  2. B.248
  3. C.245
  4. D.226
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 297

व्याख्या

सही उत्तर है A, 297। संविधान (चालीसवाँ संशोधन) अधिनियम, 1976 ने अनुच्छेद 297 को नए रूप में लिखा, जिससे भारत के राज्यक्षेत्रीय सागर-खंड, महाद्वीपीय मग्नतट तथा अनन्य आर्थिक क्षेत्र में स्थित सभी भूमि, खनिज और मूल्यवान वस्तुएँ संघ में निहित हो गईं और संघ के प्रयोजनों के लिए रखी जाने लगीं। इसी संशोधन ने संसद को यह शक्ति दी कि वह समय-समय पर इन समुद्री क्षेत्रों की सीमाएँ तय करे, और इसने राज्यों के भूमि-सीमा (सीलिंग) से जुड़े बहुत से कानूनों को नौवीं अनुसूची में डाल दिया, ताकि उन्हें अदालत में चुनौती न दी जा सके। B गलत है क्योंकि अनुच्छेद 248 अवशिष्ट विधायी शक्तियों से संबंधित है, जो संसद के पास रहती हैं। C गलत है क्योंकि अनुच्छेद 245 संसद तथा राज्य विधानमंडलों द्वारा बनाए गए कानूनों के विस्तार की बात करता है। D गलत है क्योंकि अनुच्छेद 226 प्रत्येक उच्च न्यायालय को रिट जारी करने की शक्ति देता है। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 297 – राज्यक्षेत्रीय सागर-खंड तथा अनन्य आर्थिक क्षेत्र की मूल्यवान वस्तुएँ संघ में निहित; 40वें संशोधन, 1976 से विस्तार।

Q20.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC MTS · 15 जून 2023, शिफ्ट 2आसान

भारतीय संविधान का कौन-सा अनुच्छेद आपातकाल की उद्घोषणा का प्रावधान करता है?

  1. A.अनुच्छेद 364
  2. B.अनुच्छेद 352
  3. C.अनुच्छेद 350
  4. D.अनुच्छेद 362
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अनुच्छेद 352

व्याख्या

सही उत्तर अनुच्छेद 352 है। यह राष्ट्रपति को, अगर उन्हें विश्वास हो कि ऐसा गंभीर आपात है जिससे युद्ध, बाहरी आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह के कारण भारत या उसके किसी भाग की सुरक्षा खतरे में है, आपात की उद्घोषणा करने देता है। 44वें संशोधन (1978) के बाद राष्ट्रपति ऐसा तभी कर सकते हैं जब केंद्रीय मंत्रिमंडल का निर्णय लिखित रूप में भेजा जाए, और दोनों सदनों को एक महीने के भीतर विशेष बहुमत से उद्घोषणा को मंज़ूरी देनी होती है।

बाकी विकल्प बिल्कुल अलग विषयों वाले असली अनुच्छेद हैं। अनुच्छेद 350 हर व्यक्ति को संघ या राज्य में प्रयोग होने वाली किसी भी भाषा में शिकायत निवारण के लिए अभ्यावेदन देने का अधिकार देता है। अनुच्छेद 362 पूर्व रियासतों के शासकों के अधिकारों और विशेषाधिकारों से जुड़ा था और 1971 में 26वें संशोधन से हटा दिया गया, जिसने प्रिवी पर्स समाप्त किए। अनुच्छेद 364 बड़े बंदरगाहों और हवाई अड्डों के लिए विशेष प्रावधान रखता है। आपातकाल की तिकड़ी याद रखें: 352 राष्ट्रीय आपातकाल, 356 राष्ट्रपति शासन, 360 वित्तीय आपातकाल।

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