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GK क्विजभारतीय राजव्यवस्था

भारतीय राजव्यवस्था क्विज: राज्यपाल और राज्य कार्यपालिका

  • 10 प्रश्न
  • 10 मिनट
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इस क्विज के बारे में

भारतीय राजव्यवस्था के अंतर्गत "राज्यपाल और राज्य कार्यपालिका" विषय पर यह क्विज़ 10 बहुविकल्पीय प्रश्न रखता है, जो GK24 के इसी विषय के नोट्स के साथ प्रकाशित सत्यापित प्रश्न हैं, जिनमें 2 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे गए हैं। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और शेष विकल्पों के गलत होने की पूरी व्याख्या दी गई है, ताकि आप केवल उत्तर याद न करें बल्कि उसके पीछे का तथ्य समझें। नोट्स पढ़ने के तुरंत बाद इसे हल करें, निर्धारित समय का पालन करें, और अंत में व्याख्याएं पढ़कर कमजोर बिंदु चिह्नित करें। परीक्षा से पहले दोहराव के लिए इसे दोबारा दें।

इस क्विज के प्रश्न

10 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: उत्तर प्रदेश · 16 October 2022, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से किस राज्य में विधान परिषद है?

  1. A.झारखंड
  2. B.कर्नाटक
  3. C.ओडिशा
  4. D.गुजरात
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कर्नाटक

व्याख्या

सही उत्तर B, कर्नाटक है। अनुच्छेद 168 कहता है कि राज्य विधानमंडल में राज्यपाल तथा एक या दो सदन होते हैं। जहाँ दो सदन हैं, वहाँ उच्च सदन विधान परिषद कहलाता है, और कर्नाटक उन थोड़े राज्यों में है जिन्होंने इसे बनाए रखा है। अनुच्छेद 169 संसद को यह शक्ति देता है कि किसी राज्य की विधानसभा विशेष बहुमत से संकल्प पारित करे तो वह परिषद का सृजन या उत्सादन कर सके, इसीलिए ऐसे राज्यों की सूची छोटी है और केवल विधि द्वारा बदलती है। विकल्प A, झारखंड में केवल विधानसभा है; विकल्प C, ओडिशा में भी केवल विधानसभा है, यद्यपि वहाँ परिषद के प्रस्ताव पर चर्चा होती रही है; और विकल्प D, गुजरात में भी एक ही सदन है। अनुच्छेद 171 के अनुसार परिषद के एक-छठे सदस्य राज्यपाल साहित्य, विज्ञान, कला, सहकारी आंदोलन और समाज सेवा के विशेषज्ञों में से मनोनीत करता है, और यही इस अध्याय का राज्य कार्यपालिका से संबंध है।

Q2.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: CDS · 04 Sep 2022मध्यम

निम्नलिखित में से किन राज्यों में द्विसदनीय विधानमंडल है? 1. आंध्र प्रदेश 2. तेलंगाना 3. बिहार 4. उत्तर प्रदेश। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 1, 2 और 3
  3. C.केवल 3 और 4
  4. D.1, 2, 3 और 4
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 1, 2, 3 और 4

व्याख्या

सही उत्तर D, चारों है। द्विसदनीय राज्य विधानमंडल में विधानसभा और विधान परिषद दोनों होते हैं, और आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, बिहार तथा उत्तर प्रदेश में दोनों सदन हैं। विकल्प A, B और C इसलिए गलत हैं कि इनमें से हर एक किसी ऐसे राज्य को छोड़ देता है जिसमें परिषद विद्यमान है। बिहार में परिषद स्वतंत्रता से पहले से है और उत्तर प्रदेश द्विसदनीय राज्यों में सबसे बड़ा है; आंध्र प्रदेश ने संसद के अधिनियम द्वारा अपनी परिषद पुनर्जीवित की, और तेलंगाना को 2014 में आंध्र प्रदेश से अलग होने पर परिषद मिली। इस व्यवस्था में राज्यपाल केंद्रीय है: अनुच्छेद 168 के अनुसार वह विधानमंडल का अंग है, अनुच्छेद 171 के अनुसार परिषद के एक-छठे सदस्य मनोनीत करता है, और अनुच्छेद 169 के अनुसार विधानसभा के विशेष बहुमत संकल्प तथा संसद की विधि के बिना कोई परिषद न बन सकती है, न समाप्त हो सकती है।

Q3.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

संविधान के किस अनुच्छेद के अंतर्गत राष्ट्रपति राज्य के राज्यपाल की नियुक्ति करता है?

  1. A.अनुच्छेद 153
  2. B.अनुच्छेद 154
  3. C.अनुच्छेद 155
  4. D.अनुच्छेद 156
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अनुच्छेद 155

व्याख्या

सही उत्तर C, अनुच्छेद 155 है। यह उपबंध करता है कि राज्य के राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति अपने हस्ताक्षर और मुद्रा सहित अधिपत्र द्वारा करेगा। यही एक पंक्ति दो तथ्य तय कर देती है जिन्हें परीक्षक पसंद करते हैं: यह पद नियुक्ति से भरा जाता है, किसी प्रकार के निर्वाचन से नहीं, और नियुक्ति करने वाला प्राधिकारी राष्ट्रपति है, जो संघ की मंत्रिपरिषद की सलाह पर कार्य करता है। विकल्प A, अनुच्छेद 153 केवल यह कहता है कि प्रत्येक राज्य के लिए एक राज्यपाल होगा, तथा 1956 के सातवें संशोधन द्वारा जोड़ा गया परंतुक एक व्यक्ति को दो या अधिक राज्यों का राज्यपाल बनने देता है। विकल्प B, अनुच्छेद 154 राज्य की कार्यपालिका शक्ति राज्यपाल में निहित करता है। विकल्प D, अनुच्छेद 156 कार्यकाल से संबंधित है: पाँच वर्ष, परंतु राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत, और त्यागपत्र राष्ट्रपति को संबोधित।

Q4.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

अनुच्छेद 157 के अनुसार राज्यपाल पद पर नियुक्ति के लिए न्यूनतम आयु क्या है?

  1. A.25 वर्ष
  2. B.30 वर्ष
  3. C.35 वर्ष
  4. D.40 वर्ष
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 35 वर्ष

व्याख्या

सही उत्तर C, 35 वर्ष है। अनुच्छेद 157 इस पद के लिए केवल दो योग्यताएँ रखता है: व्यक्ति भारत का नागरिक हो और उसने पैंतीस वर्ष की आयु पूरी कर ली हो। यही आयु अनुच्छेद 58 के अंतर्गत राष्ट्रपति के लिए भी निर्धारित है, इसलिए दोनों को साथ याद रखना सरल है। विकल्प A, 25 वर्ष राज्य विधानसभा तथा लोकसभा की सदस्यता के लिए न्यूनतम आयु है। विकल्प B, 30 वर्ष राज्यसभा तथा राज्य विधान परिषद की सदस्यता के लिए न्यूनतम आयु है। विकल्प D, 40 वर्ष इन पदों के लिए संविधान में कहीं भी आयु योग्यता नहीं है। अनुच्छेद 158 पद की शर्तें जोड़ता है: राज्यपाल संसद या किसी राज्य विधानमंडल का सदस्य नहीं हो सकता, कोई लाभ का पद धारण नहीं कर सकता, और उसकी उपलब्धियाँ राज्य की संचित निधि पर भारित होती हैं।

Q5.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

राज्य के राज्यपाल को पद की शपथ कौन दिलाता है?

  1. A.भारत का राष्ट्रपति
  2. B.भारत का मुख्य न्यायाधीश
  3. C.उस राज्य के उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश
  4. D.उस राज्य का मुख्यमंत्री
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. उस राज्य के उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश

व्याख्या

सही उत्तर C, उस राज्य के उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश है। अनुच्छेद 159 कहता है कि पद की शपथ उस उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश दिलाएगा जिसकी अधिकारिता राज्य पर है, और उसकी अनुपस्थिति में उस न्यायालय का उपलब्ध वरिष्ठतम न्यायाधीश। विकल्प A गलत है, क्योंकि राष्ट्रपति अनुच्छेद 155 के अंतर्गत राज्यपाल की नियुक्ति करता है, परंतु शपथ नहीं दिलाता। विकल्प B एक सामान्य भ्रम है: भारत का मुख्य न्यायाधीश अनुच्छेद 60 के अंतर्गत राष्ट्रपति को शपथ दिलाता है, राज्यपाल को नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि मुख्यमंत्री स्वयं अनुच्छेद 164 के अंतर्गत राज्यपाल से शपथ लेता है, अर्थात क्रम उल्टा है। यह जोड़ी याद रखें: राष्ट्रपति के लिए भारत का मुख्य न्यायाधीश, राज्यपाल के लिए उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश, और मुख्यमंत्री तथा मंत्रियों के लिए राज्यपाल।

Q6.भारतीय राजव्यवस्थाकठिन

मृत्युदंड के संबंध में अनुच्छेद 161 के अंतर्गत राज्यपाल को कौन-सी शक्ति प्राप्त नहीं है?

  1. A.क्षमा
  2. B.लघुकरण
  3. C.परिहार
  4. D.प्रविलंबन
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. क्षमा

व्याख्या

सही उत्तर A, क्षमा है। अनुच्छेद 161 राज्यपाल को उन विषयों से संबंधित मामलों में क्षमा, प्रविलंबन, विराम और परिहार देने तथा दंडादेश को निलंबित, परिहृत या लघुकृत करने की शक्ति देता है जिन पर राज्य की कार्यपालिका शक्ति विस्तृत है। स्थापित व्याख्या यह है कि मृत्युदंड को क्षमा करने की शक्ति अनुच्छेद 72 के अंतर्गत राष्ट्रपति के पास है, राज्यपाल के पास नहीं। विकल्प B, C और D मृत्युदंड की स्थिति में भी उसे प्राप्त हैं: विकल्प B का लघुकरण दंड के स्थान पर हल्का दंड रखता है, जैसे मृत्युदंड के बदले आजीवन कारावास; विकल्प C का परिहार दंड की मात्रा घटाता है, उसका स्वरूप नहीं बदलता; और विकल्प D का प्रविलंबन निष्पादन को कुछ समय के लिए रोक देता है। दो और सीमाएँ याद रखने योग्य हैं: सैन्य न्यायालय के दंडादेश पर राज्यपाल का कोई अधिकार नहीं है, और वह शक्ति भी राष्ट्रपति के पास है।

Q7.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

किस संविधान संशोधन ने राज्य मंत्रिपरिषद का आकार विधानसभा की सदस्य संख्या के 15 प्रतिशत से अधिक न होने की सीमा तय की?

  1. A.42वाँ संशोधन, 1976
  2. B.73वाँ संशोधन, 1992
  3. C.91वाँ संशोधन, 2003
  4. D.97वाँ संशोधन, 2011
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 91वाँ संशोधन, 2003

व्याख्या

सही उत्तर C, 91वाँ संशोधन, 2003 है। इसने अनुच्छेद 164(1क) जोड़ा, जिसके अनुसार मुख्यमंत्री सहित राज्य के मंत्रियों की कुल संख्या विधानसभा के कुल सदस्यों की संख्या के पंद्रह प्रतिशत से अधिक नहीं होगी, तथा न्यूनतम सीमा बारह मंत्रियों की है। इसी संशोधन ने अनुच्छेद 75(1क) द्वारा संघ की मंत्रिपरिषद पर भी ऐसी ही सीमा लगाई और दलबदल विरोधी कानून को कठोर किया। विकल्प A, 1976 का 42वाँ संशोधन मंत्रिपरिषद की सलाह को राष्ट्रपति पर बाध्यकारी बनाता है और उद्देशिका में शब्द जोड़ता है, परंतु ऐसी कोई सीमा नहीं रखता। विकल्प B, 1992 का 73वाँ संशोधन पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा देता है। विकल्प D, 2011 का 97वाँ संशोधन सहकारी समितियों से संबंधित है। पंद्रह प्रतिशत के नियम का उद्देश्य विधायकों को संतुष्ट रखने के लिए बनाए जाने वाले विशाल मंत्रिमंडलों को रोकना था।

Q8.भारतीय राजव्यवस्थाकठिन

अनुच्छेद 164(1) का परंतुक किन राज्यों में जनजातीय कल्याण मंत्री रखना अनिवार्य करता है?

  1. A.असम, मेघालय, मिजोरम और त्रिपुरा
  2. B.छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश और ओडिशा
  3. C.नागालैंड, मणिपुर, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश
  4. D.राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश और ओडिशा

व्याख्या

सही उत्तर B, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश और ओडिशा है। अनुच्छेद 164(1) का परंतुक इन राज्यों में जनजातीय कल्याण का प्रभार रखने वाला मंत्री अनिवार्य करता है, जो अनुसूचित जातियों और पिछड़े वर्गों के कल्याण अथवा किसी अन्य कार्य का प्रभार भी रख सकता है। मूल सूची में बिहार, मध्य प्रदेश और ओडिशा थे; वर्ष 2000 में झारखंड और छत्तीसगढ़ के गठन पर परंतुक संशोधित हुआ और बाद में बिहार इससे हटा दिया गया। विकल्प A उन राज्यों के नाम देता है जिनके जनजातीय क्षेत्र छठी अनुसूची के अंतर्गत प्रशासित होते हैं, जहाँ राज्यपाल की विशेष जिम्मेदारियाँ हैं, परंतु वह अलग प्रावधान है। विकल्प C भाग XXI के विशेष उपबंधों वाले राज्य हैं, जैसे नागालैंड के लिए अनुच्छेद 371क। विकल्प D के लिए संविधान में ऐसी कोई अपेक्षा नहीं है। परीक्षक इसे अनुच्छेद 164(1क) और अनुच्छेद 164(4) के साथ जोड़कर पूछते हैं।

Q9.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

राज्य का राज्यपाल संविधान के किस अनुच्छेद के अंतर्गत अध्यादेश जारी कर सकता है?

  1. A.अनुच्छेद 123
  2. B.अनुच्छेद 200
  3. C.अनुच्छेद 213
  4. D.अनुच्छेद 356
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अनुच्छेद 213

व्याख्या

सही उत्तर C, अनुच्छेद 213 है। यह राज्यपाल को अध्यादेश जारी करने देता है जब राज्य विधानमंडल, अथवा दो सदन होने पर कोई एक सदन, सत्र में न हो और उसका समाधान हो जाए कि ऐसी परिस्थितियाँ हैं जिनमें तुरंत कार्रवाई आवश्यक है। ऐसे अध्यादेश की शक्ति विधानमंडल के अधिनियम के समान होती है, परंतु सदन के पुनः समवेत होने पर उसे सदन के समक्ष रखना पड़ता है और वह उस तारीख से छह सप्ताह में समाप्त हो जाता है, जब तक पहले अनुमोदित न हो जाए। विकल्प A, अनुच्छेद 123 संघ स्तर पर राष्ट्रपति की यही शक्ति है, और दोनों संख्याओं की अदला-बदली इस प्रश्न की सबसे आम भूल है। विकल्प B, अनुच्छेद 200 विधेयकों पर अनुमति से संबंधित है। विकल्प D, अनुच्छेद 356 राष्ट्रपति शासन से संबंधित है, जो राज्यपाल के प्रतिवेदन के बाद आता है।

Q10.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

राज्य के महाधिवक्ता की नियुक्ति राज्यपाल किस अनुच्छेद के अंतर्गत करता है?

  1. A.अनुच्छेद 76
  2. B.अनुच्छेद 163
  3. C.अनुच्छेद 165
  4. D.अनुच्छेद 167
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अनुच्छेद 165

व्याख्या

सही उत्तर C, अनुच्छेद 165 है। राज्यपाल ऐसे व्यक्ति को महाधिवक्ता नियुक्त करता है जो उच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त होने की योग्यता रखता हो; महाधिवक्ता राज्य सरकार को विधिक विषयों पर सलाह देता है, राज्यपाल के प्रसादपर्यंत पद धारण करता है और ऐसा पारिश्रमिक पाता है जो राज्यपाल निर्धारित करे। अनुच्छेद 177 उसे राज्य विधानमंडल के किसी भी सदन की कार्यवाही में बोलने और भाग लेने का अधिकार देता है, यद्यपि वह मत नहीं दे सकता। विकल्प A, अनुच्छेद 76 भारत के महान्यायवादी के लिए संगत उपबंध है, जिसकी नियुक्ति राष्ट्रपति करता है और जो उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश होने की योग्यता रखता हो। विकल्प B, अनुच्छेद 163 मंत्रिपरिषद द्वारा राज्यपाल को सहायता और सलाह का उपबंध करता है। विकल्प D, अनुच्छेद 167 मुख्यमंत्री के कर्तव्यों की सूची देता है।

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