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GK क्विजभारतीय राजव्यवस्था

भारतीय राजव्यवस्था मिश्रित क्विज: सेट 17

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इस क्विज के बारे में

भारतीय राजव्यवस्था मिश्रित क्विज़ (सेट 17) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 12 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: मौलिक कर्तव्य, अधीनस्थ न्यायालय, न्यायाधिकरण और लोक अदालत, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति और अन्य। ये सभी प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 17 Jul 2023, Shift 3मध्यम

मौलिक कर्तव्यों को भारतीय संविधान के भाग III में नहीं रखा गया, क्योंकि भाग III ______ है।

  1. A.गैर-वादयोग्य
  2. B.वादयोग्य
  3. C.प्रवर्तनीय नहीं
  4. D.निरपेक्ष
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. वादयोग्य

व्याख्या

सही उत्तर है B, वादयोग्य। भाग III में मौलिक अधिकार हैं और ये अधिकार वादयोग्य हैं — नागरिक अनुच्छेद 32 के तहत सीधे सुप्रीम कोर्ट या अनुच्छेद 226 के तहत उच्च न्यायालय जाकर इन्हें लागू करा सकता है। मौलिक कर्तव्य नैतिक दायित्व हैं, जिन्हें कोई अदालत स्वयं लागू नहीं कराती, इसलिए उन्हें प्रवर्तनीय अधिकारों के साथ भाग III में रखना उचित नहीं समझा गया; उनके लिए नया भाग IVA बनाया गया और अनुच्छेद 51A जोड़ा गया। ये स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 से जोड़े गए — तब दस कर्तव्य थे, और ग्यारहवाँ कर्तव्य, माता-पिता द्वारा बच्चे को शिक्षा दिलाने का, 86वें संशोधन 2002 से जुड़ा। विकल्प A गलत है, क्योंकि गैर-वादयोग्य भाग IV यानी नीति निदेशक तत्व हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि भाग III के अधिकार प्रवर्तनीय हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि मौलिक अधिकार निरपेक्ष नहीं हैं; राज्य उन पर युक्तियुक्त निर्बंधन लगा सकता है। परीक्षा टिप: भाग III वादयोग्य, भाग IV नहीं, और भाग IVA में अनुच्छेद 51A के कर्तव्य।

Q2.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: RRB ग्रुप D · 6 Sept 2022, Shift 2आसान

अधीनस्थ न्यायालय की भूमिका क्या है?

  1. A.दीवानी और फौजदारी प्रकृति के मामलों पर विचार करना
  2. B.मूल अधिकारों की पुनर्स्थापना के लिए रिट जारी करना
  3. C.निचले न्यायालयों के निर्णयों पर अपील सुनना
  4. D.किसी भी न्यायालय से मामले अपने पास मँगाना
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. दीवानी और फौजदारी प्रकृति के मामलों पर विचार करना

व्याख्या

सही उत्तर है A, दीवानी और फौजदारी प्रकृति के मामलों पर विचार करना। अधीनस्थ न्यायालय जिला स्तर और उससे नीचे के न्यायालय हैं, जो दीवानी तथा फौजदारी मामलों की प्रारंभिक सुनवाई करते हैं।

भारतीय न्यायपालिका एकल पिरामिड के रूप में गठित है। शीर्ष पर उच्चतम न्यायालय, उसके बाद प्रत्येक राज्य में उच्च न्यायालय और उसके नीचे अधीनस्थ न्यायालय होते हैं, जो उसी उच्च न्यायालय के नियंत्रण में कार्य करते हैं। दीवानी पक्ष में जिला न्यायाधीश सर्वोच्च होता है और उसके नीचे सिविल जज के न्यायालय आते हैं; फौजदारी पक्ष में सत्र न्यायाधीश सर्वोच्च होता है और नीचे न्यायिक मजिस्ट्रेट होते हैं। अनुच्छेद 233 से 237 इन्हीं न्यायालयों से संबंधित हैं, तथा जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति राज्यपाल उच्च न्यायालय के परामर्श से करता है।

विकल्प B गलत है क्योंकि रिट उच्चतम न्यायालय अनुच्छेद 32 और उच्च न्यायालय अनुच्छेद 226 के अंतर्गत जारी करते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि अपील सुनना मुख्यतः उच्च न्यायालय का कार्य है। विकल्प D गलत है क्योंकि मामलों का स्थानांतरण उच्च न्यायालयों की शक्ति है।

परीक्षा टिप: जिला और सत्र न्यायालय अधीनस्थ न्यायालय हैं; रिट केवल उच्चतम और उच्च न्यायालय जारी करते हैं।

Q3.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 21 मार्च 2023, शिफ्ट 1मध्यम

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 143 निम्नलिखित में से किससे संबंधित है?

  1. A.सर्वोच्च न्यायालय का क्षेत्राधिकार बढ़ाने की राष्ट्रपति की शक्ति
  2. B.सर्वोच्च न्यायालय से परामर्श करने की राष्ट्रपति की शक्ति
  3. C.राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग नियुक्त करने की राष्ट्रपति की शक्ति
  4. D.कुछ मामलों को उच्च न्यायालयों से सर्वोच्च न्यायालय में स्थानांतरित करने की राष्ट्रपति की शक्ति
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सर्वोच्च न्यायालय से परामर्श करने की राष्ट्रपति की शक्ति

व्याख्या

सही उत्तर सर्वोच्च न्यायालय से परामर्श करने की राष्ट्रपति की शक्ति है। अनुच्छेद 143 सर्वोच्च न्यायालय को उसका सलाहकारी क्षेत्राधिकार देता है: जब सार्वजनिक महत्व का कोई कानूनी या तथ्यात्मक प्रश्न उठा हो या उठने की संभावना हो, तो राष्ट्रपति उसे राय के लिए न्यायालय को भेज सकते हैं। न्यायालय सामान्य संदर्भ का उत्तर देने से मना कर सकता है, और उसकी राय राष्ट्रपति पर बाध्यकारी नहीं होती, हालांकि उसका बहुत महत्व होता है। उदाहरण के लिए 1993 में राम जन्मभूमि प्रश्न पर अनुच्छेद 143 का संदर्भ भेजा गया था, जिसका उत्तर देने से न्यायालय ने मना कर दिया।

बाकी विकल्प दूसरे प्रावधान बताते हैं। सर्वोच्च न्यायालय का क्षेत्राधिकार राष्ट्रपति नहीं, संसद अनुच्छेद 138 और 139 के तहत बढ़ा सकती है। राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग 2014 के 99वें संशोधन से बना और 2015 में सर्वोच्च न्यायालय ने उसे रद्द कर दिया। और उच्च न्यायालयों से मामले अपने पास मंगाने की शक्ति अनुच्छेद 139A के तहत सर्वोच्च न्यायालय की है, राष्ट्रपति की नहीं। अनुच्छेद 143 को "सलाहकारी" शब्द से जोड़कर याद रखें।

Q4.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 15 Oct 2020, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से किसने उस नौ न्यायाधीशों वाली संविधान पीठ की अध्यक्षता की थी, जिसने निजता के अधिकार को मौलिक अधिकार घोषित किया?

  1. A.जे.एस. खेहर
  2. B.दीपक मिश्रा
  3. C.एच.जे. कनिया
  4. D.टी.एस. ठाकुर
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. जे.एस. खेहर

व्याख्या

सही उत्तर है A, जे.एस. खेहर। न्यायमूर्ति जगदीश सिंह खेहर उस समय भारत के मुख्य न्यायाधीश थे, जब 24 अगस्त 2017 को नौ न्यायाधीशों की पीठ ने न्यायमूर्ति के.एस. पुट्टस्वामी बनाम भारत संघ में फैसला सुनाया, और उन्होंने ही पीठ की अध्यक्षता की। पीठ ने एकमत से माना कि निजता मौलिक अधिकार है, जो मुख्यतः अनुच्छेद 21 के जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार तथा भाग III की स्वतंत्रताओं से सुरक्षित है। इसने एम.पी. शर्मा (1954) और खड़क सिंह (1962) के पुराने फैसले पलट दिए, जिनमें कहा गया था कि संविधान ऐसा कोई अधिकार नहीं देता। यह मामला आधार योजना की चुनौती से निकला था। खेहर भारत के पहले सिख मुख्य न्यायाधीश भी थे। विकल्प B गलत है, क्योंकि दीपक मिश्रा एक सप्ताह बाद मुख्य न्यायाधीश बने और धारा 377 तथा व्यभिचार के फैसलों की पीठों में थे। विकल्प C गलत है, क्योंकि एच.जे. कनिया 1950 में भारत के पहले मुख्य न्यायाधीश थे। विकल्प D गलत है, क्योंकि टी.एस. ठाकुर जनवरी 2017 में सेवानिवृत्त हो गए थे। परीक्षा टिप: पुट्टस्वामी 2017, नौ न्यायाधीश, अनुच्छेद 21, सीजेआई खेहर।

Q5.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 3 March 2019, Shift 3आसान

भारतीय संविधान में मौलिक कर्तव्य _______ के संविधान से लिए गए हैं।

  1. A.फ्रांस
  2. B.कनाडा
  3. C.सोवियत संघ
  4. D.ब्रिटेन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. सोवियत संघ

व्याख्या

सही उत्तर है C, सोवियत संघ। मौलिक कर्तव्य तत्कालीन सोवियत संघ के संविधान से लिए गए, जो उस समय का एकमात्र बड़ा संविधान था जिसमें नागरिकों के कर्तव्य गिनाए गए थे। ये स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर 1976 के 42वें संशोधन द्वारा जोड़े गए और भाग IVक में अनुच्छेद 51क के रूप में रखे गए हैं। पहले दस कर्तव्य गिनाए गए थे; 2002 के 86वें संशोधन ने ग्यारहवाँ कर्तव्य जोड़ा, जिसके अनुसार माता-पिता या संरक्षक छह से चौदह वर्ष के बच्चे को शिक्षा का अवसर देंगे। ये केवल नागरिकों पर लागू होते हैं और न्यायालय द्वारा लागू नहीं कराए जा सकते। विकल्प A गलत है, क्योंकि फ्रांस से स्वतंत्रता, समता और बंधुता के आदर्श लिए गए। विकल्प B गलत है, क्योंकि कनाडा से मजबूत केंद्र वाला संघ, अवशिष्ट शक्तियाँ केंद्र के पास रखना और राज्यपालों की नियुक्ति केंद्र द्वारा करना लिया गया। विकल्प D गलत है, क्योंकि ब्रिटेन से संसदीय शासन और एकल नागरिकता ली गई। परीक्षा टिप: मौलिक कर्तव्य सोवियत संविधान से, 1976 के 42वें संशोधन द्वारा, भाग IVक में अनुच्छेद 51क के रूप में।

Q6.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 25 Jan 2023, Shift 3मध्यम

निम्नलिखित में से किस राज्य में द्विसदनीय विधानमंडल है?

  1. A.पंजाब
  2. B.कर्नाटक
  3. C.तमिलनाडु
  4. D.हरियाणा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कर्नाटक

व्याख्या

सही उत्तर है B, कर्नाटक। कर्नाटक में दो सदन हैं, विधानसभा और विधान परिषद, इसलिए वहाँ का विधानमंडल द्विसदनीय है। अनुच्छेद 168 किसी राज्य में विधान परिषद रखने की अनुमति देता है और अनुच्छेद 169 के अनुसार संसद किसी परिषद का गठन या उसे समाप्त कर सकती है, बशर्ते उस राज्य की विधानसभा विशेष बहुमत से संकल्प पारित करे। आज जिन राज्यों में विधान परिषद है वे हैं आंध्र प्रदेश, बिहार, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश; शेष सभी राज्यों में केवल विधानसभा है। परिषद के सदस्यों की संख्या विधानसभा की संख्या के एक तिहाई से अधिक और चालीस से कम नहीं हो सकती; यह स्थायी सदन है, जिसके एक तिहाई सदस्य हर दो वर्ष में सेवानिवृत्त होते हैं। विकल्प A, C और D गलत हैं, क्योंकि पंजाब, तमिलनाडु और हरियाणा एकसदनीय हैं और वहाँ केवल विधानसभा है; पंजाब तथा पश्चिम बंगाल ने 1969 में अपनी परिषदें समाप्त कर दी थीं। परीक्षा टिप: परिषद वाले छह राज्य याद रखें और यह भी कि अनुच्छेद 169 संसद को परिषद बनाने या हटाने का अधिकार देता है।

Q7.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CPO · 3 अक्टूबर 2023, शिफ्ट 3मध्यम

जब भारत के राष्ट्रपति किसी विधेयक (धन विधेयक और संविधान संशोधन विधेयक को छोड़कर) को अनिश्चित काल तक लंबित रखते हैं, तो इसे ________ कहते हैं।

  1. A.राष्ट्रपति का जेबी वीटो
  2. B.राष्ट्रपति का निलंबनकारी वीटो
  3. C.राष्ट्रपति का आत्यंतिक वीटो
  4. D.राष्ट्रपति का संशोधनकारी वीटो
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. राष्ट्रपति का जेबी वीटो

व्याख्या

सही उत्तर राष्ट्रपति का जेबी वीटो है। संविधान कोई समय-सीमा तय नहीं करता जिसके भीतर राष्ट्रपति को किसी सामान्य विधेयक पर अनुमति देनी या रोकनी हो। ऐसे विधेयक को बस लंबित रखकर राष्ट्रपति उसे औपचारिक रूप से अस्वीकार किए बिना समाप्त होने दे सकते हैं। राष्ट्रपति ज्ञानी ज़ैल सिंह ने 1986 में भारतीय डाकघर (संशोधन) विधेयक पर इस जेबी वीटो का प्रयोग किया, जिसके बारे में आलोचकों को डर था कि इससे डाक की जांच संभव हो जाएगी।

निलंबनकारी वीटो अलग है: राष्ट्रपति विधेयक को पुनर्विचार के लिए संसद को लौटा देते हैं, और अगर संसद उसे संशोधन के साथ या बिना फिर पारित कर दे, तो राष्ट्रपति को अनुमति देनी होती है। आत्यंतिक वीटो का अर्थ है औपचारिक रूप से अनुमति रोक लेना, जिससे विधेयक समाप्त हो जाता है। "संशोधनकारी वीटो" भारतीय व्यवस्था का हिस्सा ही नहीं है। प्रश्न में धन विधेयक और संविधान संशोधन विधेयक को ठीक कारण से अलग रखा गया है: धन विधेयक राष्ट्रपति की पूर्व सिफारिश से आता है, और 24वें संशोधन (1971) के बाद से संविधान संशोधन विधेयक पर राष्ट्रपति को अनुमति देनी ही होती है।

Q8.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 17 Feb 2025, Shift 1मध्यम

74वें संविधान संशोधन अधिनियम के अनुसार, नगरपालिकाओं के नियमित और निष्पक्ष चुनाव की जिम्मेदारी निम्नलिखित में से किस संस्था की है?

  1. A.जिला निर्वाचन आयोग
  2. B.राज्य निर्वाचन आयोग
  3. C.संभागीय निर्वाचन आयोग
  4. D.भारत निर्वाचन आयोग
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. राज्य निर्वाचन आयोग

व्याख्या

सही उत्तर है B, राज्य निर्वाचन आयोग। 1992 के 74वें संशोधन अधिनियम ने नगरपालिकाओं को संवैधानिक दर्जा दिया और इनके चुनाव की जिम्मेदारी राज्य निर्वाचन आयोग को दी। इस संशोधन ने भाग IXA (अनुच्छेद 243P से 243ZG) और 18 विषयों वाली बारहवीं अनुसूची जोड़ी। अनुच्छेद 243ZA नगरपालिका चुनावों की मतदाता सूची और चुनाव संचालन उसी राज्य निर्वाचन आयोग को सौंपता है जिसे अनुच्छेद 243K पंचायत चुनावों के लिए बनाता है। राज्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति राज्यपाल करता है। यह अधिनियम 1 जून 1993 से लागू हुआ। A गलत है क्योंकि जिला निर्वाचन आयोग नाम की कोई संवैधानिक संस्था नहीं है। C गलत है क्योंकि संभागीय निर्वाचन आयोग भी संविधान में नहीं है। D गलत है क्योंकि भारत निर्वाचन आयोग अनुच्छेद 324 के तहत संसद, विधानसभाओं, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनाव कराता है, स्थानीय निकायों के नहीं। परीक्षा टिप: 73वां संशोधन पंचायत (भाग IX), 74वां संशोधन नगरपालिका (भाग IXA), और दोनों के चुनाव राज्य निर्वाचन आयोग कराता है।

Q9.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 6 दिसंबर 2022, शिफ्ट 4आसान

द्रौपदी मुर्मू भारत की _______ राष्ट्रपति चुनी गईं।

  1. A.18वीं
  2. B.17वीं
  3. C.15वीं
  4. D.16वीं
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 15वीं

व्याख्या

सही उत्तर 15वीं है। द्रौपदी मुर्मू जुलाई 2022 में यशवंत सिन्हा को हराकर राष्ट्रपति चुनी गईं और 25 जुलाई 2022 को 14वें राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद के बाद शपथ ली। वे अनुसूचित जनजाति से आने वाली पहली राष्ट्रपति, प्रतिभा पाटिल के बाद यह पद संभालने वाली दूसरी महिला, और भारत की स्वतंत्रता के बाद जन्मी पहली राष्ट्रपति हैं। राष्ट्रपति बनने से पहले वे झारखंड की राज्यपाल रह चुकी थीं।

16वीं, 17वीं और 18वीं केवल गलत गिनती हैं; ये उन उम्मीदवारों को भ्रमित करती हैं जो राष्ट्रपति की संख्या को लोकसभा की संख्या से मिला देते हैं, क्योंकि 2024 में चुनी गई लोकसभा 18वीं है। गिनते समय याद रखें कि वी.वी. गिरि, एम. हिदायतुल्लाह और बी.डी. जत्ती जैसे कार्यवाहक राष्ट्रपतियों को संख्या नहीं दी जाती, इसीलिए निर्वाचित राष्ट्रपति के रूप में यह पद पंद्रह लोगों ने ही संभाला है। उनका कार्यकाल जुलाई 2022 से पांच वर्ष का है।

Q10.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 09 Feb 2023, Shift 3आसान

भारतीय संविधान के किस संशोधन अधिनियम के लिए 'लघु संविधान' (Mini Constitution) शब्द का प्रयोग होता है?

  1. A.38वां
  2. B.42वां
  3. C.40वां
  4. D.44वां
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 42वां

व्याख्या

सही उत्तर है B, 42वां। 1976 के 42वें संशोधन अधिनियम ने संविधान के इतने हिस्से बदले कि इसे 'लघु संविधान' कहा जाता है। यह आपातकाल के दौरान इंदिरा गांधी सरकार के समय स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर पारित हुआ। इसने प्रस्तावना में समाजवादी, पंथनिरपेक्ष और अखंडता शब्द जोड़े, भाग IVA (अनुच्छेद 51A) में मौलिक कर्तव्य जोड़े, और शिक्षा व वन सहित पांच विषय राज्य सूची से समवर्ती सूची में डाले। A गलत है क्योंकि 1975 के 38वें संशोधन ने आपातकाल की घोषणा में राष्ट्रपति की संतुष्टि को अदालत की समीक्षा से बाहर किया। C गलत है क्योंकि 1976 का 40वां संशोधन नौवीं अनुसूची में कानून डालने और भारत के समुद्री क्षेत्रों से जुड़ा था। D गलत है क्योंकि 1978 के 44वें संशोधन ने 42वें संशोधन के कई बदलाव पलटे और संपत्ति के अधिकार को मौलिक अधिकारों से हटाया। परीक्षा टिप: 42वां (1976) लघु संविधान है, और 44वां (1978) उसके बाद आया सुधार।

Q11.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: RRB NTPC · 15 जून 2022, शिफ्ट 2आसान

भारत के संविधान के अनुसार राज्यसभा (राज्यों की परिषद) का पदेन सभापति कौन होता है?

  1. A.राज्यपाल
  2. B.उपराष्ट्रपति
  3. C.राष्ट्रपति
  4. D.प्रधानमंत्री
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. उपराष्ट्रपति

व्याख्या

सही उत्तर उपराष्ट्रपति है। अनुच्छेद 64 उपराष्ट्रपति को राज्यों की परिषद, यानी राज्यसभा, का पदेन सभापति बनाता है। "पदेन" का अर्थ है पद के कारण: सभापति का अलग से चुनाव नहीं होता। उपराष्ट्रपति राज्यसभा के सदस्य नहीं होते, इसलिए पहली बार में मत नहीं दे सकते, लेकिन बराबरी की स्थिति में उनके पास निर्णायक मत होता है। सभापति की अनुपस्थिति में अध्यक्षता के लिए राज्यसभा अपने सदस्यों में से एक उपसभापति चुनती है।

राज्यपाल किसी राज्य के प्रमुख होते हैं और संसद में उनकी कोई भूमिका नहीं है। राष्ट्रपति अनुच्छेद 79 के तहत संसद का हिस्सा हैं और उसे संबोधित करते हैं, लेकिन किसी सदन की अध्यक्षता नहीं करते। प्रधानमंत्री सरकार का नेतृत्व करते हैं और जिस सदन के सदस्य हों, उसके नेता होते हैं, पर कभी पीठासीन अधिकारी नहीं। ध्यान दें कि जब उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति के रूप में कार्य करते हैं, तब उस अवधि में वे राज्यसभा के सभापति के कर्तव्य नहीं निभाते।

Q12.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC PCS Pre GS-I, 24 Oct 2021मध्यम

कौन-से संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा मतदान की आयु को 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष किया गया था?

  1. A.66वाँ संशोधन
  2. B.62वाँ संशोधन
  3. C.61वाँ संशोधन
  4. D.63वाँ संशोधन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 61वाँ संशोधन

व्याख्या

सही उत्तर है C, 61वाँ संशोधन। संविधान (61वाँ संशोधन) अधिनियम, 1988 ने अनुच्छेद 326 में बदलाव किया, जो लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव वयस्क मताधिकार के आधार पर कराने का प्रावधान करता है, और मतदान की न्यूनतम आयु 21 से घटाकर 18 वर्ष कर दी। यह प्रधानमंत्री राजीव गांधी के समय पारित हुआ और मार्च 1989 से लागू हुआ, इसलिए 1989 का लोकसभा चुनाव पहला चुनाव था जिसमें 18 वर्ष के युवाओं ने वोट डाला। इसका उद्देश्य देश की बड़ी युवा आबादी को सरकार चुनने में आवाज़ देना था। विकल्प A गलत है, क्योंकि 66वें संशोधन (1990) ने भूमि सुधार से जुड़े और क़ानूनों को नौवीं अनुसूची में जोड़ा। विकल्प B गलत है, क्योंकि 62वें संशोधन (1989) ने विधायिकाओं में अनुसूचित जातियों और जनजातियों के आरक्षण को दस वर्ष और बढ़ाया। विकल्प D गलत है, क्योंकि 63वें संशोधन (1989) ने 59वें संशोधन द्वारा पंजाब के लिए जोड़े गए विशेष आपात प्रावधान हटाए। परीक्षा टिप: 61वाँ संशोधन, 1988, अनुच्छेद 326, मतदान आयु 21 से 18।

Q13.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 10 जून 2022, शिफ्ट 2मध्यम

भारतीय संविधान का कौन-सा अनुच्छेद उपराष्ट्रपति के निर्वाचन से संबंधित है?

  1. A.अनुच्छेद 66
  2. B.अनुच्छेद 68
  3. C.अनुच्छेद 64
  4. D.अनुच्छेद 62
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. अनुच्छेद 66

व्याख्या

सही उत्तर अनुच्छेद 66 है। यह प्रावधान करता है कि उपराष्ट्रपति का चुनाव संसद के दोनों सदनों के सदस्यों, निर्वाचित और मनोनीत दोनों, वाले निर्वाचक मंडल द्वारा एकल संक्रमणीय मत से आनुपातिक प्रतिनिधित्व की पद्धति और गुप्त मतदान से होगा। यह योग्यताएं भी तय करता है: नागरिक, कम से कम 35 वर्ष की आयु, राज्यसभा का सदस्य चुने जाने योग्य, और कोई लाभ का पद न रखता हो। 1961 के 11वें संशोधन से पहले उपराष्ट्रपति का चुनाव दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में होता था।

बाकी विकल्प संबंधित विषयों वाले पड़ोसी अनुच्छेद हैं। अनुच्छेद 64 उपराष्ट्रपति को राज्यसभा का पदेन सभापति बनाता है। अनुच्छेद 68 उपराष्ट्रपति के पद की रिक्ति भरने के लिए चुनाव के समय से जुड़ा है। अनुच्छेद 62 राष्ट्रपति के पद की रिक्ति भरने के लिए चुनाव के समय से जुड़ा है। इसलिए यह जोड़ी याद रखें: अनुच्छेद 54 राष्ट्रपति का चुनाव, अनुच्छेद 66 उपराष्ट्रपति का चुनाव।

Q14.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 12 Feb 2019, Shift 1मध्यम

भारतीय संविधान में नागरिकता से संबंधित भाग किस देश के संविधान से प्रेरित है?

  1. A.फ्रांस
  2. B.यूएसए
  3. C.ऑस्ट्रेलिया
  4. D.यूके
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. यूके

व्याख्या

सही उत्तर है D, यूके। पूरे देश के लिए एक ही नागरिकता का विचार भारत ने ब्रिटेन के संविधान से लिया है। संविधान का भाग II, अनुच्छेद 5 से 11, नागरिकता से संबंधित है। यहाँ प्रत्येक व्यक्ति केवल भारत का नागरिक है, किसी राज्य की अलग नागरिकता नहीं होती, ठीक जैसे ब्रिटेन में एक ही सामान्य नागरिकता है। अनुच्छेद 11 संसद को इस विषय पर कानून बनाने का अधिकार देता है और संसद ने नागरिकता अधिनियम, 1955 बनाया। ब्रिटेन से ली गई अन्य विशेषताएँ हैं संसदीय शासन, विधि का शासन, अध्यक्ष का पद, मंत्रिमंडल प्रणाली और रिट प्रक्रिया। विकल्प A गलत है, क्योंकि फ्रांस से प्रस्तावना के स्वतंत्रता, समता और बंधुता के आदर्श लिए गए। विकल्प B गलत है, क्योंकि अमेरिका से मौलिक अधिकार, न्यायिक पुनरावलोकन, स्वतंत्र न्यायपालिका और महाभियोग की प्रक्रिया ली गई। विकल्प C गलत है, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया से समवर्ती सूची और व्यापार की स्वतंत्रता ली गई। परीक्षा टिप: एकल नागरिकता, विधि का शासन और अध्यक्ष का पद ब्रिटेन से; दोहरी नागरिकता अमेरिकी विशेषता है जो भारत ने नहीं ली।

Q15.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 13 नवंबर 2025, शिफ्ट 1मध्यम

भारत के उपराष्ट्रपति को पद से कैसे हटाया जा सकता है?

  1. A.राष्ट्रपति द्वारा महाभियोग से
  2. B.राज्यों की परिषद द्वारा पारित और लोकसभा द्वारा सहमत प्रस्ताव से
  3. C.संसद के दोनों सदनों द्वारा एक-तिहाई बहुमत से पारित प्रस्ताव से
  4. D.प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति द्वारा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. राज्यों की परिषद द्वारा पारित और लोकसभा द्वारा सहमत प्रस्ताव से

व्याख्या

सही उत्तर राज्यों की परिषद द्वारा पारित और लोकसभा द्वारा सहमत प्रस्ताव से है। अनुच्छेद 67(ख) के तहत उपराष्ट्रपति को राज्यसभा के ऐसे प्रस्ताव से हटाया जा सकता है जो उसके उस समय के सभी सदस्यों के बहुमत, यानी "प्रभावी बहुमत", से पारित हो और जिस पर लोकसभा साधारण बहुमत से सहमत हो। यह प्रस्ताव केवल राज्यसभा में, और कम से कम 14 दिन की सूचना के बाद ही लाया जा सकता है। राष्ट्रपति के विपरीत, इसमें हटाने का कोई आधार तय नहीं है और औपचारिक महाभियोग की ज़रूरत नहीं होती।

पहला विकल्प गलत है क्योंकि महाभियोग राष्ट्रपति पर चलता है और उसे संसद चलाती है, राष्ट्रपति नहीं। दोनों सदनों के एक-तिहाई बहुमत का कोई नियम नहीं है। और राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की सलाह पर उपराष्ट्रपति को नहीं हटा सकते: उपराष्ट्रपति निर्वाचित होते हैं और किसी के प्रसादपर्यंत पद पर नहीं रहते। याद रखने की मुख्य बात यह है कि हटाने की प्रक्रिया राज्यसभा से ही शुरू होनी चाहिए, जिसकी अध्यक्षता उपराष्ट्रपति करते हैं।

Q16.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: हरियाणा · HSSC CET Group C, 26 Jul 2025, Shift 1आसान

भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के तहत हरियाणा को एक अलग राज्य के रूप में बनाया जा सका?

  1. A.अनुच्छेद 239
  2. B.अनुच्छेद 371
  3. C.अनुच्छेद 1
  4. D.अनुच्छेद 3
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. अनुच्छेद 3

व्याख्या

सही उत्तर है D, अनुच्छेद 3। अनुच्छेद 3 संसद को साधारण कानून बनाकर किसी राज्य से क्षेत्र अलग करके नया राज्य बनाने, राज्यों को मिलाने और किसी राज्य का क्षेत्र, सीमा या नाम बदलने का अधिकार देता है। हरियाणा इसी तरह बना: शाह आयोग की रिपोर्ट के आधार पर संसद ने पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 पारित किया और 1 नवंबर 1966 को हरियाणा अस्तित्व में आया, जबकि चंडीगढ़ को केंद्रशासित प्रदेश और दोनों राज्यों की साझा राजधानी बनाया गया। अनुच्छेद 3 के तहत विधेयक केवल राष्ट्रपति की सिफ़ारिश पर पेश हो सकता है, और राष्ट्रपति उसे पहले संबंधित राज्य के विधानमंडल के पास राय के लिए भेजते हैं, हालाँकि संसद उस राय को मानने के लिए बाध्य नहीं है। विकल्प A गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 239 केंद्रशासित प्रदेशों के प्रशासन से जुड़ा है। विकल्प B गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 371 महाराष्ट्र और गुजरात के लिए विशेष प्रावधान, जैसे क्षेत्रीय विकास बोर्ड, देता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 1 केवल यह घोषित करता है कि भारत, अर्थात् इंडिया, राज्यों का संघ होगा। परीक्षा टिप: नए राज्य अनुच्छेद 3 के तहत साधारण बहुमत से बनते हैं; हरियाणा दिवस 1 नवंबर को है।

Q17.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 16 अगस्त 2021, शिफ्ट 2आसान

निम्नलिखित में से भारत के पहले उपराष्ट्रपति कौन थे?

  1. A.ज़ाकिर हुसैन
  2. B.गोपाल स्वरूप पाठक
  3. C.वराहगिरि वेंकट गिरि
  4. D.सर्वपल्ली राधाकृष्णन
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. सर्वपल्ली राधाकृष्णन

व्याख्या

सही उत्तर सर्वपल्ली राधाकृष्णन है। दार्शनिक और शिक्षक डॉ. एस. राधाकृष्णन 1952 से 1962 तक भारत के पहले उपराष्ट्रपति रहे और दो पूरे कार्यकाल निभाए। इसके बाद वे भारत के दूसरे राष्ट्रपति (1962–67) बने। उनका जन्मदिन, 5 सितंबर, शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है, और उन्हें 1954 में भारत रत्न मिला।

बाकी तीनों भी उपराष्ट्रपति रहे, इसीलिए विकल्पों में हैं। डॉ. ज़ाकिर हुसैन दूसरे उपराष्ट्रपति (1962–67) और फिर तीसरे राष्ट्रपति बने। वी.वी. गिरि तीसरे उपराष्ट्रपति (1967–69) और बाद में चौथे राष्ट्रपति बने। गोपाल स्वरूप पाठक चौथे उपराष्ट्रपति (1969–74) थे। ध्यान देने लायक बात: पहले तीनों उपराष्ट्रपति आगे चलकर राष्ट्रपति बने। उपराष्ट्रपति के रूप में दो पूरे कार्यकाल केवल दो लोगों ने निभाए हैं: एस. राधाकृष्णन और एम. हामिद अंसारी। वर्तमान उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने सितंबर 2025 में पद संभाला; दोनों राधाकृष्णन को आपस में न मिलाएं।

Q18.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: NDA · NDA (II) 2024, 1 Sep 2024आसान

भारत के संविधान की किस अनुसूची में दल-बदल के आधार पर अयोग्यता के प्रावधान दिए गए हैं?

  1. A.नौवीं अनुसूची
  2. B.दसवीं अनुसूची
  3. C.ग्यारहवीं अनुसूची
  4. D.छठी अनुसूची
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. दसवीं अनुसूची

व्याख्या

सही उत्तर है B, दसवीं अनुसूची। दसवीं अनुसूची, जिसे दल-बदल विरोधी कानून कहा जाता है, राजीव गांधी सरकार के समय 1985 के 52वें संविधान संशोधन अधिनियम से जोड़ी गई। यह संसद या राज्य विधानमंडल के उस सदस्य को अयोग्य ठहराती है जो स्वेच्छा से अपने दल की सदस्यता छोड़ दे या बिना अनुमति दल के व्हिप के निर्देश के विरुद्ध मतदान करे या मतदान से दूर रहे; निर्दलीय सदस्य किसी दल में शामिल होने पर अयोग्य हो जाता है। इसका निर्णय पीठासीन अधिकारी, यानी अध्यक्ष या सभापति, करता है, जो 1992 के किहोतो होलोहन मामले के बाद न्यायिक समीक्षा के अधीन है। 2003 के 91वें संशोधन ने एक-तिहाई विभाजन की छूट हटा दी और अब केवल विधायक दल के दो-तिहाई सदस्यों का विलय ही मान्य है। A, नौवीं अनुसूची, 1951 के पहले संशोधन से जुड़ी, मुख्यतः भूमि सुधार कानूनों को न्यायालय की चुनौती से बचाती है। C, ग्यारहवीं अनुसूची, 73वें संशोधन के तहत पंचायतों के 29 विषय गिनाती है। D, छठी अनुसूची, असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिज़ोरम के जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन से जुड़ी है। परीक्षा टिप: दसवीं अनुसूची = दल-बदल = 52वाँ संशोधन 1985, 91वें संशोधन 2003 से और कड़ी।

Q19.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 13 Feb 2019, Shift 3आसान

राज्यसभा का पदेन सभापति कौन होता है?

  1. A.राज्यसभा में विपक्ष का नेता
  2. B.लोकसभा अध्यक्ष
  3. C.भारत का उपराष्ट्रपति
  4. D.प्रधानमंत्री
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. भारत का उपराष्ट्रपति

व्याख्या

सही उत्तर है C, भारत का उपराष्ट्रपति। संविधान का अनुच्छेद 64 उपराष्ट्रपति को राज्यसभा का पदेन सभापति बनाता है और अनुच्छेद 89 भी यही कहता है। वे सदन की अध्यक्षता करते हैं, पर उसके सदस्य नहीं होते, और मत बराबर होने पर ही अपना निर्णायक मत देते हैं। उन्हें सभापति का वेतन मिलता है, उपराष्ट्रपति के रूप में अलग वेतन नहीं। जब वे राष्ट्रपति के कर्तव्य निभाते हैं, तब सभापति का कार्य नहीं करते और उपसभापति अध्यक्षता करते हैं, जिन्हें राज्यसभा के सदस्य अपने बीच से चुनते हैं। उन्हें हटाने का संकल्प केवल राज्यसभा में चौदह दिन की सूचना देकर लाया जा सकता है और उस पर लोकसभा की सहमति आवश्यक है। विकल्प A गलत है, क्योंकि विपक्ष का नेता सबसे बड़े विपक्षी दल का नेतृत्व करता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि अध्यक्ष लोकसभा की अध्यक्षता करते हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि प्रधानमंत्री मंत्रिपरिषद के प्रमुख होते हैं। परीक्षा टिप: लोकसभा के लिए अध्यक्ष और राज्यसभा के लिए सभापति के रूप में उपराष्ट्रपति।

Q20.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 2 Feb 2025आसान

केन्द्रीय सतर्कता आयोग की स्थापना निम्नलिखित में से किस समिति की सिफ़ारिशों के आधार पर हुई थी?

  1. A.संथानम समिति
  2. B.केलकर समिति
  3. C.स्वर्ण सिंह समिति
  4. D.बक्शी टेकचंद समिति
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. संथानम समिति

व्याख्या

सही उत्तर है A, संथानम समिति। के. संथानम की अध्यक्षता वाली भ्रष्टाचार निवारण समिति (1962-64) ने सरकार में ईमानदारी पर नज़र रखने के लिए एक केंद्रीय संस्था की सिफारिश की, और फरवरी 1964 में केंद्र सरकार के एक कार्यकारी संकल्प से केन्द्रीय सतर्कता आयोग बना। लगभग चार दशक तक इसका अपना कोई कानून नहीं था; केन्द्रीय सतर्कता आयोग अधिनियम, 2003 ने इसे वैधानिक, बहु-सदस्यीय निकाय बनाया, जिसमें एक केन्द्रीय सतर्कता आयुक्त और अधिकतम दो सतर्कता आयुक्त होते हैं। यह संवैधानिक निकाय नहीं है, और परीक्षा में यही आम जाल होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि विजय केलकर की अध्यक्षता वाली समितियाँ कर सुधार और सार्वजनिक वित्त से जुड़ी थीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1976 की स्वर्ण सिंह समिति ने संविधान में मौलिक कर्तव्य जोड़ने की सिफारिश की थी। विकल्प D गलत है, क्योंकि बक्शी टेकचंद समिति ने आज़ादी के कुछ समय बाद 1947 के भ्रष्टाचार निरोधक कानून के कामकाज की समीक्षा की थी; उससे सतर्कता आयोग नहीं बना। परीक्षा टिप: संथानम समिति से 1964 में सतर्कता आयोग बना; वैधानिक दर्जा 2003 में मिला।

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