मौलिक कर्तव्यों को भारतीय संविधान के भाग III में नहीं रखा गया, क्योंकि भाग III ______ है।
- A.गैर-वादयोग्य
- B.वादयोग्य
- C.प्रवर्तनीय नहीं
- D.निरपेक्ष
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. वादयोग्य
व्याख्या
सही उत्तर है B, वादयोग्य। भाग III में मौलिक अधिकार हैं और ये अधिकार वादयोग्य हैं — नागरिक अनुच्छेद 32 के तहत सीधे सुप्रीम कोर्ट या अनुच्छेद 226 के तहत उच्च न्यायालय जाकर इन्हें लागू करा सकता है। मौलिक कर्तव्य नैतिक दायित्व हैं, जिन्हें कोई अदालत स्वयं लागू नहीं कराती, इसलिए उन्हें प्रवर्तनीय अधिकारों के साथ भाग III में रखना उचित नहीं समझा गया; उनके लिए नया भाग IVA बनाया गया और अनुच्छेद 51A जोड़ा गया। ये स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 से जोड़े गए — तब दस कर्तव्य थे, और ग्यारहवाँ कर्तव्य, माता-पिता द्वारा बच्चे को शिक्षा दिलाने का, 86वें संशोधन 2002 से जुड़ा। विकल्प A गलत है, क्योंकि गैर-वादयोग्य भाग IV यानी नीति निदेशक तत्व हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि भाग III के अधिकार प्रवर्तनीय हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि मौलिक अधिकार निरपेक्ष नहीं हैं; राज्य उन पर युक्तियुक्त निर्बंधन लगा सकता है। परीक्षा टिप: भाग III वादयोग्य, भाग IV नहीं, और भाग IVA में अनुच्छेद 51A के कर्तव्य।