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GK क्विजभारतीय अर्थव्यवस्था

भारतीय अर्थव्यवस्था मिश्रित क्विज: सेट 25

  • 20 प्रश्न
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इस क्विज के बारे में

भारतीय अर्थव्यवस्था मिश्रित क्विज़ (सेट 25) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 19 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: जीडीपी और राष्ट्रीय आय, जी20, ब्रिक्स, ओईसीडी और आर्थिक समूह, भारत में नियोजन और नीति आयोग और अन्य। इनमें से 18 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: RRB NTPC · 10 May 2022, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से कौन एक साधारण अर्थव्यवस्था में आय के चक्रीय प्रवाह में शामिल नहीं है?

  1. A.साधन भुगतान
  2. B.वस्तुएँ और सेवाएँ
  3. C.मूल्यह्रास
  4. D.व्यय
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. मूल्यह्रास

व्याख्या

सही उत्तर है C, मूल्यह्रास। साधारण अर्थव्यवस्था के आय के चक्रीय प्रवाह में केवल दो क्षेत्र होते हैं, परिवार और फर्म, और इसमें दो धाराएँ विपरीत दिशाओं में चलती हैं। परिवार फर्मों को भूमि, श्रम, पूँजी और उद्यम देते हैं और बदले में साधन भुगतान पाते हैं, अर्थात लगान, मजदूरी, ब्याज और लाभ; वही आय वे फर्मों द्वारा बनाई वस्तुओं और सेवाओं पर खर्च करते हैं और धन फर्मों के पास वापस लौट आता है। इसलिए साधन सेवाएँ, साधन भुगतान, वस्तुएँ और सेवाएँ तथा उपभोग व्यय, ये सभी इस प्रवाह के अंग हैं। मूल्यह्रास मशीनों और भवनों के घिसने का व्यय है, जो तब सामने आता है जब मॉडल में बचत और पूँजी जोड़ी जाती है, और इसी कारण सकल तथा शुद्ध आय के माप में उतना अंतर होता है। विकल्प A गलत है क्योंकि साधन भुगतान इस प्रवाह की आय धारा है। विकल्प B गलत है क्योंकि वस्तुएँ और सेवाएँ फर्मों से परिवारों तक जाने वाला वास्तविक प्रवाह हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि परिवारों का व्यय ही इस चक्र को पूरा करता है। परीक्षा टिप: दो क्षेत्रों वाले प्रवाह में वास्तविक प्रवाह एक ओर और मौद्रिक प्रवाह दूसरी ओर चलता है, मूल्यह्रास उसका भाग नहीं।

Q2.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · 2020मध्यम

निम्नलिखित में से किस एक समूह के चारों देश G20 के सदस्य हैं?

  1. A.अर्जेंटीना, मैक्सिको, दक्षिण अफ्रीका और तुर्की
  2. B.ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, मलेशिया और न्यूज़ीलैंड
  3. C.ब्राज़ील, ईरान, सऊदी अरब और वियतनाम
  4. D.इंडोनेशिया, जापान, सिंगापुर और दक्षिण कोरिया
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. अर्जेंटीना, मैक्सिको, दक्षिण अफ्रीका और तुर्की

व्याख्या

सही उत्तर है A, अर्जेंटीना, मैक्सिको, दक्षिण अफ्रीका और तुर्की। ये चारों देश G20 में शामिल हैं, इसलिए यही एक समूह है जिसमें कोई भी नाम इस मंच से बाहर का नहीं है। G20 की शुरुआत 1999 में वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की बैठक के रूप में हुई थी, और वैश्विक वित्तीय संकट के बाद 2008 में इसे शासनाध्यक्षों के शिखर सम्मेलन का दर्जा दिया गया। इसमें उन्नीस देश और यूरोपीय संघ शामिल हैं, तथा नई दिल्ली शिखर सम्मेलन में अफ्रीकी संघ को भी सदस्य बनाया गया। इसके एशियाई सदस्यों में भारत, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, इंडोनेशिया, सऊदी अरब और तुर्की आते हैं। B गलत है क्योंकि मलेशिया और न्यूज़ीलैंड सदस्य नहीं हैं, जबकि ऑस्ट्रेलिया और कनाडा सदस्य हैं। C गलत है क्योंकि ईरान और वियतनाम इस समूह से बाहर हैं, पर ब्राज़ील और सऊदी अरब इसमें हैं। D गलत है क्योंकि सिंगापुर सदस्य नहीं है, हालाँकि उसे अक्सर अतिथि के रूप में बुलाया जाता है। परीक्षा टिप: दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों में केवल इंडोनेशिया G20 का सदस्य है।

Q3.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 10 March, 2023, Shift 2आसान

भारत के योजना आयोग का स्थान नीति आयोग ने किस वर्ष लिया?

  1. A.2016
  2. B.2015
  3. C.2018
  4. D.2017
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 2015

व्याख्या

सही उत्तर है B, 2015। नीति आयोग, यानी राष्ट्रीय भारत परिवर्तन संस्थान, 1 जनवरी 2015 को मंत्रिमंडल के प्रस्ताव से बनाया गया और उसने 1950 से चल रहे योजना आयोग का स्थान लिया। दोनों में से कोई भी संस्था संविधान या संसद के अधिनियम से नहीं बनी, इसलिए दोनों संविधानेतर और गैर-सांविधिक हैं। इस बदलाव से केंद्रीकृत पंचवर्षीय योजना और राज्यों को योजना निधि बाँटने की पुरानी व्यवस्था समाप्त हो गई; नीति आयोग अब एक विचार मंच के रूप में काम करता है, जो केंद्र और राज्यों को परामर्श देता है, दीर्घकालिक रणनीति बनाता है और स्वास्थ्य, शिक्षा, जल जैसे सूचकांकों पर राज्यों की रैंकिंग करता है। प्रधानमंत्री इसके अध्यक्ष होते हैं, और शासी परिषद में सभी मुख्यमंत्री तथा उपराज्यपाल शामिल रहते हैं। A गलत है क्योंकि 2016 बदलाव के एक वर्ष बाद का है। C गलत है क्योंकि 2018 तक नई संस्था राज्यों के सूचकांक प्रकाशित करने लगी थी। D गलत है क्योंकि 2017 में केवल बारहवीं पंचवर्षीय योजना समाप्त हुई थी। परीक्षा टिप: योजना आयोग 1950 से 2014 तक, नीति आयोग 1 जनवरी 2015 से।

Q4.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Official UPSC Civil Services Exam 2019 Pआसान

किसी भी देश के संदर्भ में निम्नलिखित में से किसे उसकी सामाजिक पूँजी का भाग माना जाएगा?

  1. A.जनसंख्या में साक्षरों का अनुपात
  2. B.उसके भवनों, अन्य अवसंरचना और मशीनों का भंडार
  3. C.कार्यकारी आयु वर्ग की जनसंख्या का आकार
  4. D.समाज में परस्पर विश्वास और सद्भाव का स्तर
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. समाज में परस्पर विश्वास और सद्भाव का स्तर

व्याख्या

सही उत्तर है D, समाज में परस्पर विश्वास और सद्भाव का स्तर। सामाजिक पूँजी का अर्थ है वे संबंध, साझा मानदंड और विश्वास जिनके सहारे समाज के लोग मिलकर काम कर पाते हैं, इसलिए इसे वस्तुओं या लोगों की संख्या से नहीं, बल्कि रिश्तों से मापा जाता है। इस विचार को रॉबर्ट पुटनम ने प्रसिद्ध किया, जिनका तर्क था कि जिस समुदाय में विश्वास और नागरिक संगठन अधिक हैं, वहाँ शासन बेहतर और विकास तेज़ होता है, क्योंकि समझौते महँगी निगरानी के बिना ही निभा लिए जाते हैं। भारत में स्वयं सहायता समूह, सहकारी समितियाँ और गाँव की समितियाँ इसका रोज़मर्रा का रूप हैं। A गलत है क्योंकि साक्षरता मानव पूँजी का अंग है, यानी लोगों में बसा कौशल और ज्ञान। B गलत है क्योंकि भवन, अवसंरचना और मशीनें भौतिक या उत्पादित पूँजी हैं। C गलत है क्योंकि कार्यकारी आयु वर्ग का आकार जनसांख्यिकीय लाभांश है, जो जनसंख्या की संरचना का विषय है। परीक्षा टिप: भौतिक पूँजी वह है जो आप बनाते हैं, मानव पूँजी वह जो आप सीखते हैं, और सामाजिक पूँजी वह जिस पर आप भरोसा करते हैं।

Q5.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: RRB ग्रुप D · 24 Oct 2018, Shift 2आसान

जिस दर पर भारतीय रिज़र्व बैंक अन्य बैंकों से धन उधार लेता है, उसे क्या कहा जाता है?

  1. A.तरलता दर
  2. B.विनिमय दर
  3. C.रिवर्स रेपो दर
  4. D.रेपो दर
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. रिवर्स रेपो दर

व्याख्या

सही उत्तर है C, रिवर्स रेपो दर। रिवर्स रेपो दर वह दर है जिस पर भारतीय रिज़र्व बैंक वाणिज्यिक बैंकों से उधार लेता है, यानी बैंक अपना अतिरिक्त धन थोड़े समय के लिए रिज़र्व बैंक के पास रखते हैं और उस पर उन्हें यही ब्याज मिलता है। जब रिज़र्व बैंक बैंकिंग व्यवस्था से अतिरिक्त नकदी खींचना चाहता है तो वह इस दर को बढ़ा देता है, क्योंकि तब बैंकों को बाजार में उधार देने की तुलना में केंद्रीय बैंक के पास धन रखना लाभदायक लगता है। रेपो और रिवर्स रेपो दोनों तरलता समायोजन सुविधा का हिस्सा हैं और रिवर्स रेपो दर सदैव रेपो दर से नीची रखी जाती है। A गलत है क्योंकि तरलता दर नाम की कोई नीतिगत दर नहीं होती। B गलत है क्योंकि विनिमय दर एक मुद्रा का दूसरी मुद्रा में मूल्य बताती है। D गलत है क्योंकि रेपो दर उलटी दिशा में काम करती है: उस दर पर बैंक सरकारी प्रतिभूतियों के बदले रिज़र्व बैंक से उधार लेते हैं। परीक्षा टिप: रेपो में बैंक उधार लेते हैं, रिवर्स रेपो में रिज़र्व बैंक उधार लेता है।

Q6.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · 2020कठिन

व्यापार से संबंधित निवेश उपाय (TRIMS) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं? 1. विदेशी निवेशकों द्वारा आयात पर मात्रात्मक प्रतिबंध वर्जित हैं। 2. ये वस्तुओं और सेवाओं, दोनों के व्यापार से जुड़े निवेश उपायों पर लागू होते हैं। 3. इनका विदेशी निवेश के नियमन से कोई संबंध नहीं है। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग करके सही उत्तर चुनिए:

  1. A.केवल 1 और 2
  2. B.केवल 2
  3. C.केवल 1 और 3
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. केवल 1 और 3

व्याख्या

सही उत्तर है C, केवल 1 और 3। कथन 1 और 3 सही हैं तथा कथन 2 सही नहीं है, इसलिए यही युग्म ठीक बैठता है। व्यापार से संबंधित निवेश उपायों पर करार विश्व व्यापार संगठन के उन समझौतों में से एक है जो 1995 में उरुग्वे दौर से निकले। यह किसी सदस्य देश को विदेशी निवेशक पर ऐसी शर्तें लगाने से रोकता है जो वस्तुओं के व्यापार को विकृत करती हैं, और इसमें नामित दो प्रमुख निषेध हैं स्थानीय सामग्री की अनिवार्यता तथा व्यापार संतुलन की अनिवार्यता; इसी कारण निवेशक के आयात पर मात्रात्मक सीमा लगाना वर्जित है। यह करार निवेश उपायों को केवल उतना ही छूता है जितना वे वस्तुओं के व्यापार को प्रभावित करते हैं, इसलिए कथन 2 गलत है; सेवाओं का मामला अलग से गैट्स के अंतर्गत आता है। कथन 3 सही है क्योंकि करार यह तय नहीं करता कि कोई देश किसे निवेशक के रूप में आने दे या किन शर्तों पर, अतः वह विदेशी निवेश का नियमन नहीं करता। A और D गलत हैं क्योंकि दोनों में कथन 2 शामिल है। B गलत है क्योंकि वह केवल कथन 2 पर टिका है। परीक्षा टिप: ट्रिम्स वस्तुओं का, गैट्स सेवाओं का और ट्रिप्स बौद्धिक संपदा का विषय है।

Q7.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC CAPF · 7 Aug 2022आसान

GST (वस्तु एवं सेवा कर) एक

  1. A.गंतव्य-आधारित उपभोग कर है
  2. B.उद्गम-आधारित उत्पादन कर है
  3. C.लेन-देन पर लगने वाला गंतव्य-आधारित विक्रय कर है
  4. D.विक्रय लेन-देन पर लगने वाला उद्गम-आधारित कर है
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. गंतव्य-आधारित उपभोग कर है

व्याख्या

सही उत्तर है A, गंतव्य-आधारित उपभोग कर। वस्तु एवं सेवा कर उस राज्य को मिलता है जहाँ वस्तु या सेवा का अंतिम उपभोग होता है, उस राज्य को नहीं जहाँ उसका उत्पादन हुआ। यह संविधान (101वाँ संशोधन) अधिनियम, 2016 के जरिए 1 जुलाई 2017 से लागू हुआ और इसने उत्पाद शुल्क, सेवा कर, वैट तथा चुंगी जैसे कई केंद्रीय और राज्य करों की जगह ली। यह बहु-स्तरीय मूल्य वर्धित कर है: विक्रेता पूरे मूल्य पर कर देता है, पर खरीद पर पहले चुकाए कर का इनपुट टैक्स क्रेडिट ले लेता है, इसलिए वास्तव में हर चरण पर जुड़े मूल्य पर ही कर लगता है। दरें अनुच्छेद 279A के अंतर्गत बने जीएसटी परिषद में तय होती हैं, जिसका अध्यक्ष केंद्रीय वित्त मंत्री होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि जीएसटी उत्पादन के स्थान पर नहीं लगता; पुरानी व्यवस्था में कर उद्गम पर लगता था। विकल्प C गलत है, क्योंकि यह हर लेन-देन पर लगने वाला साधारण विक्रय कर नहीं है, इसमें इनपुट क्रेडिट की श्रृंखला चलती है। विकल्प D दोनों आधारों पर गलत है। परीक्षा टिप: जीएसटी — गंतव्य-आधारित, बहु-स्तरीय, मूल्य वर्धित कर; 101वाँ संशोधन, 1 जुलाई 2017।

Q8.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 16 March, 2023, Shift 4मध्यम

अर्थव्यवस्था में सरकारी प्रतिभूतियों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है? I. यह केंद्र सरकार या राज्य सरकारों द्वारा जारी किया गया व्यापार योग्य लिखत है। II. इन्हें जोखिम रहित गिल्ट-एज्ड लिखत कहा जाता है।

  1. A.न तो I और न ही II
  2. B.केवल I
  3. C.केवल II
  4. D.I और II दोनों
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. I और II दोनों

व्याख्या

सही उत्तर है D, I और II दोनों। कथन I सही है, क्योंकि सरकारी प्रतिभूति यानी जी-सेक केंद्र सरकार या राज्य सरकार द्वारा जारी किया गया ऋण लिखत है और इसे परिपक्वता से पहले द्वितीयक बाजार में खरीदा-बेचा जा सकता है। कथन II भी सही है, क्योंकि इसका भुगतान सरकार खुद करने का वचन देती है, इसलिए इनमें चूक का खतरा लगभग नहीं होता और इन्हें जोखिम रहित गिल्ट-एज्ड लिखत कहा जाता है। केंद्र सरकार की अल्पावधि उधारी खजाना बिलों के रूप में होती है, जो 91, 182 और 364 दिन के होते हैं तथा बट्टे पर बेचे जाकर अंकित मूल्य पर चुकाए जाते हैं। लंबी अवधि के लिए दिनांकित प्रतिभूतियाँ जारी होती हैं, जिन पर हर छह महीने में तय ब्याज मिलता है, जबकि राज्यों की उधारी को राज्य विकास ऋण कहते हैं। भारतीय रिज़र्व बैंक सरकार की ओर से यह उधारी और नीलामी संभालता है। A गलत है क्योंकि यह दोनों सही कथनों को नकारता है। B गलत है क्योंकि इसमें गिल्ट-एज्ड पहलू छूट जाता है। C गलत है क्योंकि यह व्यापार योग्य होने से इनकार करता है। परीक्षा टिप: जी-सेक–व्यापार योग्य और गिल्ट-एज्ड।

Q9.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: CDS · 14 Feb 2016मध्यम

निम्नलिखित में से कौन 'सार्वजनिक वस्तु' नहीं है?

  1. A.बिजली
  2. B.राष्ट्रीय रक्षा
  3. C.प्रकाश स्तंभ
  4. D.सार्वजनिक उद्यान
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. बिजली

व्याख्या

सही उत्तर है A, बिजली, क्योंकि बिजली को मीटर से नापा जा सकता है, उसका बिल बनता है और आपूर्ति काटी जा सकती है, इसलिए वह निजी वस्तु है। अर्थशास्त्र में कोई वस्तु सार्वजनिक वस्तु तब कहलाती है, जब उसमें दो गुण हों: वह अप्रतिद्वंद्वी हो, अर्थात एक व्यक्ति के उपभोग से दूसरों के लिए बची मात्रा घटे नहीं, और अपवर्जनरहित हो, अर्थात किसी को उसके लाभ से रोका न जा सके। बिजली दोनों कसौटियों पर खरी नहीं उतरती, क्योंकि जो यूनिट आपने जला दी वह समाप्त हो गई और बिल न चुकाने वाले का कनेक्शन कट सकता है। इसी कारण बाजार बिजली दे देता है, पर सार्वजनिक वस्तुएँ सरकार को देनी पड़ती हैं, जिनके उपयोगकर्ताओं से अलग-अलग शुल्क नहीं लिया जा सकता और वे मुफ्तखोर बन जाते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि राष्ट्रीय रक्षा एक साथ पूरे देश की रक्षा करती है और किसी नागरिक को उससे बाहर नहीं रखा जा सकता। विकल्प C गलत है, क्योंकि प्रकाश स्तंभ की रोशनी हर गुजरते जहाज के काम आती है और घटती नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि सार्वजनिक उद्यान सबके लिए खुला है। परीक्षा टिप: सार्वजनिक वस्तु का अर्थ है अप्रतिद्वंद्वी और अपवर्जनरहित।

Q10.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 04 Jul, 2024, Shift 3आसान

भारत सरकार ने 'आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना' किस वर्ष शुरू की थी?

  1. A.2010
  2. B.2015
  3. C.2020
  4. D.2022
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 2020

व्याख्या

सही उत्तर है C, 2020। आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना की घोषणा अक्टूबर 2020 में आत्मनिर्भर भारत पैकेज के हिस्से के रूप में हुई थी, ताकि कोविड-19 के लॉकडाउन में गई नौकरियाँ वापस लौट सकें। इस योजना में केंद्र सरकार ने ईपीएफओ में पंजीकृत प्रतिष्ठानों द्वारा रखे गए नए कर्मचारियों का भविष्य निधि अंशदान खुद दिया। जिन इकाइयों में एक हजार तक कर्मचारी थे, वहाँ सरकार ने कर्मचारी का बारह प्रतिशत और नियोक्ता का बारह प्रतिशत, दोनों दिए, जबकि इससे बड़ी इकाइयों में केवल कर्मचारी का हिस्सा दिया गया, और यह लाभ जुड़ने की तारीख से दो साल तक मिला। इसका फायदा उन कर्मचारियों को मिला जिनका मासिक वेतन पंद्रह हजार रुपये से कम था और जो नए रखे गए थे या उसी वर्ष नौकरी गँवा चुके थे। A गलत है क्योंकि 2010 पुरानी योजनाओं का दौर है। B गलत है क्योंकि 2015 में अटल पेंशन योजना आई थी। D गलत है क्योंकि 2022 तक इसमें नया पंजीकरण बंद हो चुका था। परीक्षा टिप: एबीआरवाई–2020, ईपीएफओ से जुड़ी वेतन सहायता।

Q11.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC MTS · 12 July 2022, Shift 1आसान

ग्रामीण क्षेत्रों में वह बेरोज़गारी, जिसमें लोगों को वर्ष के कुछ महीनों में काम नहीं मिलता, ______ कहलाती है।

  1. A.शिक्षित बेरोज़गारी
  2. B.अदृश्य बेरोज़गारी
  3. C.घर्षणात्मक बेरोज़गारी
  4. D.मौसमी बेरोज़गारी
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. मौसमी बेरोज़गारी

व्याख्या

सही उत्तर है D, मौसमी बेरोज़गारी। मौसमी बेरोज़गारी वह स्थिति है जिसमें लोगों को वर्ष के कुछ ही महीनों में काम मिलता है और बाकी समय वे खाली रहते हैं। भारत के गाँवों में यह आम है, क्योंकि खेती में बुआई, रोपाई और कटाई के समय बहुत हाथ चाहिए, पर बीच के महीनों में बहुत कम; इसलिए मज़दूर या बेकार बैठे रहते हैं या कुछ महीनों के लिए शहर चले जाते हैं। चीनी मिल, ईंट भट्ठे और पर्यटन के काम में भी यही ढर्रा दिखता है। ग्रामीण रोज़गार गारंटी जैसी योजनाएँ, जो ग्रामीण परिवार को सौ दिन के मज़दूरी-काम का वादा करती हैं, मुख्य रूप से इन्हीं सुस्त महीनों के लिए बनाई गई थीं। विकल्प A गलत है, क्योंकि शिक्षित बेरोज़गारी का अर्थ है पढ़े-लिखे युवाओं को उनकी योग्यता के अनुरूप काम न मिलना, जो अधिकतर शहरी समस्या है। विकल्प B गलत है, क्योंकि अदृश्य बेरोज़गारी में काम के लिए ज़रूरत से अधिक लोग लगे रहते हैं, जैसे पारिवारिक खेत पर। विकल्प C गलत है, क्योंकि घर्षणात्मक बेरोज़गारी नौकरी बदलने के बीच का थोड़ा समय है। परीक्षा टिप: मौसमी का अर्थ खाली महीने, अदृश्य का अर्थ ज़रूरत से ज़्यादा हाथ।

Q12.भारतीय अर्थव्यवस्थाआसान

निम्नलिखित में से कौन सा क्षेत्र औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में सम्मिलित नहीं है?

  1. A.खनन
  2. B.विनिर्माण
  3. C.बिजली
  4. D.कृषि
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. कृषि

व्याख्या

सही उत्तर D, कृषि है। आईआईपी औद्योगिक क्षेत्र तक सीमित है और उसके ठीक तीन घटक हैं, अर्थात खनन, विनिर्माण और बिजली, जो विकल्प A, B और C हैं। कृषि तथा संपूर्ण सेवा क्षेत्र, जो मिलकर भारत के उत्पादन का बड़ा भाग बनाते हैं, इस सूचकांक से बाहर हैं, और इसी कारण आईआईपी में वृद्धि को अपने आप अर्थव्यवस्था की वृद्धि कभी नहीं कहा जा सकता। यह बात कथन के रूप में पूछी जाती है, जहाँ अभ्यर्थी से पूछा जाता है कि आईआईपी समग्र आर्थिक गतिविधि दर्शाता है या नहीं; उत्तर यह है कि वह केवल औद्योगिक गतिविधि दर्शाता है। कृषि उत्पादन फसल अनुमानों तथा कृषि उत्पादन के अग्रिम अनुमानों से मापा जाता है और सेवाएँ अलग संकेतकों से, और ये सब केवल राष्ट्रीय लेखों में एक साथ आते हैं।

Q13.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

इलेक्ट्रॉनिक राष्ट्रीय कृषि बाजार अर्थात ई-नाम किस वर्ष आरंभ किया गया था?

  1. A.2014
  2. B.2015
  3. C.2016
  4. D.2018
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 2016

व्याख्या

सही उत्तर C, 2016 है। ई-नाम 14 अप्रैल 2016 को, डॉ. बी. आर. आंबेडकर की जयंती पर आरंभ हुआ, जो राज्यों की नियंत्रित मंडियों को एक राष्ट्रीय बाजार में जोड़ने वाला ऑनलाइन व्यापार मंच है। इसमें खरीदार गुणवत्ता जांच रिपोर्ट देखकर किसी लॉट के लिए बोली लगा सकता है, जिससे किसान केवल स्थानीय मंडी में उपस्थित व्यापारियों तक सीमित नहीं रहता।

विकल्प A गलत है क्योंकि 2014 में वर्ष के अंत में नीति आयोग बना और कोई कृषि बाजार मंच नहीं आया। विकल्प B गलत है क्योंकि 2015 में मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना आरंभ हुई, जिसे प्रायः ई-नाम से मिला दिया जाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि 2018 में एमएसपी के डेढ़ गुना की घोषणा और आदर्श संविदा खेती कानून आया, ई-नाम नहीं।

इसके साथ यह तथ्य भी पूछा जाता है कि ई-नाम कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की योजना है और उसे लघु किसान कृषि व्यापार संघ अर्थात एसएफएसी लागू करता है।

Q14.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 16 Nov 2021, Shift 2मध्यम

भारतीय जीवन बीमा निगम अधिनियम संसद द्वारा किस वर्ष पारित किया गया था?

  1. A.1956
  2. B.1948
  3. C.1971
  4. D.1965
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 1956

व्याख्या

सही उत्तर है A, 1956। संसद ने भारतीय जीवन बीमा निगम अधिनियम 1956 में पारित किया, और भारतीय जीवन बीमा निगम ने उसी वर्ष 1 सितंबर से काम शुरू किया। इससे पहले 245 निजी बीमा कंपनियों और भविष्य निधि समितियों का जीवन बीमा कारोबार अधिग्रहीत कर निगम में मिला दिया गया था। इसका उद्देश्य बीमा को गाँवों तक पहुँचाना और बीमाधारकों की बचत पर सरकारी गारंटी की सुरक्षा देना था। एलआईसी का मुख्यालय मुंबई में है और इसका ध्येय वाक्य ‘योगक्षेमं वहाम्यहम्’ है। साधारण बीमा का राष्ट्रीयकरण इससे बहुत बाद, 1972 में हुआ, और नियामक संस्था आईआरडीएआई 1999 में बनी। B गलत है क्योंकि 1948 में जीवन बीमा पूरी तरह निजी हाथों में था। C गलत है क्योंकि 1971 तक एलआईसी पंद्रह वर्ष काम कर चुका था। D गलत है क्योंकि 1965 भी अधिनियम के बाद का वर्ष है, उसके पारित होने का वर्ष नहीं। परीक्षा टिप: एलआईसी अधिनियम 1956, निगम 1 सितंबर 1956 से; साधारण बीमा राष्ट्रीयकरण 1972, आईआरडीएआई 1999।

Q15.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC CAPF · 20 Dec 2020आसान

एमएसएमई का अर्थ क्या है?

  1. A.मध्यम, लघु और हाशिए के उद्यम
  2. B.सूक्ष्म, लघु और हाशिए के उद्यम
  3. C.मध्यम, सामरिक और सूक्ष्म उद्यम
  4. D.सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम

व्याख्या

सही उत्तर है D, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम। यह पद सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास अधिनियम से आया है, जो 2 अक्तूबर 2006 से प्रवर्तन में आया और जिसने इस क्षेत्र को पहली वैधानिक परिभाषा दी तथा लघु एवं सहायक औद्योगिक उपक्रम की पुरानी शब्दावली का स्थान लिया।

विकल्प A गलत है क्योंकि पहली श्रेणी सूक्ष्म है, मध्यम नहीं; बढ़ते क्रम में तीन श्रेणियाँ सूक्ष्म, लघु और मध्यम हैं। विकल्प B इसी कारण उलटे रूप में गलत है: तीसरा शब्द मध्यम है, हाशिए का नहीं, और भारत के किसी कानून में हाशिए का उद्यम जैसा पद नहीं है। विकल्प C गलत है क्योंकि अधिनियम में सामरिक नाम की कोई उद्यम श्रेणी ही नहीं है। यह इस क्षेत्र का सरलतम प्रश्न है, इसलिए विकल्प अंत तक पढ़ें, क्योंकि चारों आरंभ में सही से लगते हैं।

Q16.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 03 Aug, 2023, Shift 1मध्यम

भारत में स्वयं सहायता समूहों के सभी सदस्यों के डिजिटलीकरण के लिए 'ई-शक्ति' परियोजना किस संस्था ने शुरू की थी?

  1. A.सिडबी (SIDBI)
  2. B.सेबी (SEBI)
  3. C.आईएफसीआई (IFCI)
  4. D.नाबार्ड (NABARD)
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. नाबार्ड (NABARD)

व्याख्या

सही उत्तर है D, नाबार्ड। ई-शक्ति परियोजना नाबार्ड ने 2015 में शुरू की थी, ताकि स्वयं सहायता समूहों के खाते और रिकॉर्ड डिजिटल मंच पर आ जाएँ। इससे पहले समूह अपनी बचत, कर्ज, उपस्थिति और किस्तों का हिसाब हाथ से लिखे रजिस्टरों में रखते थे, जिन्हें बैंक जल्दी जाँच नहीं पाता था। इस वजह से समूह की ग्रेडिंग और कर्ज मंजूर होने में लंबा समय लगता था। ई-शक्ति में यही रिकॉर्ड ऑनलाइन रहते हैं और कर्ज देने वाली शाखा उन्हें सीधे देख सकती है, जिससे अच्छा भुगतान करने वाले समूह को जल्दी वित्त मिल जाता है। इसकी शुरुआत झारखंड के रामगढ़ और महाराष्ट्र के धुले में प्रायोगिक रूप से हुई थी। A गलत है क्योंकि सिडबी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों का शीर्ष बैंक है। B गलत है क्योंकि सेबी प्रतिभूति बाजार का नियामक है। C गलत है क्योंकि आईएफसीआई उद्योगों के लिए बना भारत का पहला विकास वित्त संस्थान है। परीक्षा टिप: नाबार्ड–एसएचजी बैंक लिंकेज 1992, जेएलजी पायलट 2004-05, ई-शक्ति 2015।

Q17.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: उत्तर प्रदेश · 24 Aug 2021, Shift 2आसान

भारत में 1991 के आर्थिक सुधारों के समय प्रधानमंत्री कौन थे?

  1. A.पी वी नरसिम्हा राव
  2. B.अटल बिहारी वाजपेयी
  3. C.डॉ मनमोहन सिंह
  4. D.इनमें से कोई नहीं
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. पी वी नरसिम्हा राव

व्याख्या

सही उत्तर A, पी वी नरसिम्हा राव है। वे जून 1991 में भुगतान संतुलन संकट के बीच प्रधानमंत्री बने, और उनकी सरकार ने रुपये का अवमूल्यन किया, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से ऋण लिया तथा उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण की नई आर्थिक नीति की घोषणा की, जिसमें औद्योगिक नीति वक्तव्य 24 जुलाई 1991 को जारी हुआ। विकल्प C वह जाल है जिसमें अधिकांश उम्मीदवार फंसते हैं: मनमोहन सिंह वे वित्त मंत्री थे जिन्होंने 1991 का सुधार बजट प्रस्तुत किया और सुधारों से उनका नाम ठीक ही जुड़ा है, पर वे प्रधानमंत्री 2004 में बने। विकल्प B गलत है क्योंकि अटल बिहारी वाजपेयी ने बाद में, 1996 में और 1998 से सरकारें चलाईं, जब दूसरी पीढ़ी के सुधार तथा बहुत सा विनिवेश हुआ। विकल्प D गलत है क्योंकि विकल्प A सही व्यक्ति का नाम देता है।

Q18.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 18 Jul 2023, Shift 3मध्यम

ट्रांसजेंडर समुदाय तथा भीख माँगने के कार्य में लगे व्यक्तियों के कल्याण के लिए 2022 में शुरू की गई योजना का नाम क्या है?

  1. A.स्माइल (SMILE)
  2. B.शाइन (SHINE)
  3. C.श्री (SHRI)
  4. D.राइज (RISE)
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. स्माइल (SMILE)

व्याख्या

सही उत्तर है A, स्माइल। स्माइल का पूरा नाम है 'सपोर्ट फॉर मार्जिनलाइज्ड इंडिविजुअल्स फॉर लाइवलीहुड एंड एंटरप्राइज', यह वह केंद्रीय योजना है जिसमें ट्रांसजेंडर व्यक्तियों तथा भीख माँगने में लगे लोगों का कल्याण शामिल है। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने इसे 2022 में शुरू किया और दोनों वर्गों को एक छत्र योजना के नीचे लाकर प्रत्येक के लिए अलग उप-योजना रखी। इसमें छात्रवृत्ति, कौशल प्रशिक्षण और स्वास्थ्य सुरक्षा, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए गरिमा गृह नामक आश्रय गृह, तथा भीख माँगते पाए गए लोगों के लिए सर्वेक्षण, पुनर्वास, शिक्षा और आजीविका सहायता दी जाती है; यह काम राज्य सरकारों, शहरी निकायों और स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से होता है। B गलत है क्योंकि इस योजना की अधिसूचना शाइन नाम से नहीं हुई। C गलत है क्योंकि इन दो वर्गों के लिए मंत्रालय की श्री नाम की कोई योजना नहीं है। D गलत है क्योंकि राइज भी यह योजना नहीं है; तीनों गलत विकल्प सही विकल्प जैसे दिखने के लिए बनाए गए हैं। परीक्षा टिप: स्माइल - 2022, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, आश्रय गृह का नाम गरिमा गृह।

Q19.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC CAPF · 18 Aug 2019मध्यम

माँग की शून्य कीमत लोच का अर्थ है

  1. A.कीमत में परिवर्तन चाहे जितना हो, माँग में बिल्कुल कोई परिवर्तन नहीं होता
  2. B.कीमत में थोड़े परिवर्तन पर माँग में थोड़ा परिवर्तन होता है
  3. C.कीमत में थोड़े परिवर्तन पर माँग में बड़ा परिवर्तन होता है
  4. D.कीमत में बड़े परिवर्तन पर माँग में थोड़ा परिवर्तन होता है
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. कीमत में परिवर्तन चाहे जितना हो, माँग में बिल्कुल कोई परिवर्तन नहीं होता

व्याख्या

सही उत्तर है A, कीमत में परिवर्तन चाहे जितना हो, माँग में बिल्कुल कोई परिवर्तन नहीं होता। माँग की कीमत लोच माँगी गई मात्रा में प्रतिशत परिवर्तन को कीमत में प्रतिशत परिवर्तन से भाग देकर निकाली जाती है। यदि लोच शून्य है तो अंश शून्य है, अर्थात कीमत कितनी भी बदले, खरीदार उतनी ही मात्रा लेते हैं। इस स्थिति को पूर्णतः बेलोच माँग कहते हैं और इसका माँग वक्र खड़ी सीधी रेखा होता है। पाठ्यपुस्तकें इसका उदाहरण जीवनरक्षक दवा या नमक से देती हैं, जिन्हें परिवार निश्चित मात्रा में खरीदता है क्योंकि उनका कोई विकल्प नहीं होता और उन पर खर्च कम होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि थोड़े परिवर्तन पर थोड़ी प्रतिक्रिया का अर्थ लोच शून्य और एक के बीच है, यानी बेलोच पर शून्य नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि थोड़े परिवर्तन पर बड़ी प्रतिक्रिया लोचदार माँग है, जिसकी लोच एक से अधिक होती है। विकल्प D गलत है, क्योंकि यह भी साधारण बेलोच माँग बताता है, जिसमें कुछ परिवर्तन तो होता ही है। परीक्षा टिप: लोच शून्य पर खड़ा वक्र, अनंत लोच पर क्षैतिज वक्र और लोच एक पर इकाई लोच।

Q20.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: RRB NTPC · 12 June 2022, Shift 2आसान

किसी अर्थव्यवस्था में जब मुद्रास्फीति और बेरोजगारी दोनों ऊँचे स्तर पर हों, तो उस स्थिति को ______ कहा जाता है।

  1. A.गतिरोधस्फीति (स्टैगफ्लेशन)
  2. B.मुद्रास्फीति प्रीमियम
  3. C.स्फीतिकारी अंतराल
  4. D.पुनःस्फीति (रिफ्लेशन)
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. गतिरोधस्फीति (स्टैगफ्लेशन)

व्याख्या

सही उत्तर है A, गतिरोधस्फीति, जिसे अंग्रेजी में स्टैगफ्लेशन कहते हैं। यह वह विषम स्थिति है जिसमें कीमतें बढ़ती रहती हैं, उत्पादन ठहर जाता है और बेरोजगारी ऊँची बनी रहती है, इसलिए मुद्रास्फीति और बेरोजगारी के बीच का सामान्य विपरीत संबंध टूट जाता है। यह शब्द गतिरोध और स्फीति से मिलकर बना है और 1970 के दशक में प्रचलित हुआ, जब तेल संकट ने औद्योगिक देशों में लागत बढ़ा दी और उसी समय वृद्धि गिर गई। इसका सामान्य कारण आपूर्ति पक्ष का झटका होता है: महँगा तेल, खाद्य या आयात कीमतें बढ़ा देते हैं जबकि उत्पादन और रोजगार घटते हैं। इसका उपचार कठिन है, क्योंकि कीमतें रोकने के लिए मुद्रा कसने पर मंदी गहराती है और रोजगार बढ़ाने के लिए खर्च करने पर कीमतें और चढ़ती हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि मुद्रास्फीति प्रीमियम वह अतिरिक्त ब्याज है जो ऋणदाता अपेक्षित महँगाई की भरपाई के लिए लेता है। विकल्प C गलत है क्योंकि स्फीतिकारी अंतराल पूर्ण रोजगार के उत्पादन से माँग के अधिक होने को कहते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि पुनःस्फीति मंदी के बाद माँग और कीमतें बढ़ाने की सोची-समझी नीति है। परीक्षा टिप: गतिरोधस्फीति यानी ऊँची महँगाई के साथ ऊँची बेरोजगारी, कारण आपूर्ति का झटका।

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