ग्रामीण क्षेत्रों में वह बेरोज़गारी, जिसमें लोगों को वर्ष के कुछ महीनों में काम नहीं मिलता, ______ कहलाती है।
- A.शिक्षित बेरोज़गारी
- B.अदृश्य बेरोज़गारी
- C.घर्षणात्मक बेरोज़गारी
- D.मौसमी बेरोज़गारी
सही उत्तर
D. मौसमी बेरोज़गारी
व्याख्या
सही उत्तर है D, मौसमी बेरोज़गारी। मौसमी बेरोज़गारी वह स्थिति है जिसमें लोगों को वर्ष के कुछ ही महीनों में काम मिलता है और बाकी समय वे खाली रहते हैं। भारत के गाँवों में यह आम है, क्योंकि खेती में बुआई, रोपाई और कटाई के समय बहुत हाथ चाहिए, पर बीच के महीनों में बहुत कम; इसलिए मज़दूर या बेकार बैठे रहते हैं या कुछ महीनों के लिए शहर चले जाते हैं। चीनी मिल, ईंट भट्ठे और पर्यटन के काम में भी यही ढर्रा दिखता है। ग्रामीण रोज़गार गारंटी जैसी योजनाएँ, जो ग्रामीण परिवार को सौ दिन के मज़दूरी-काम का वादा करती हैं, मुख्य रूप से इन्हीं सुस्त महीनों के लिए बनाई गई थीं। विकल्प A गलत है, क्योंकि शिक्षित बेरोज़गारी का अर्थ है पढ़े-लिखे युवाओं को उनकी योग्यता के अनुरूप काम न मिलना, जो अधिकतर शहरी समस्या है। विकल्प B गलत है, क्योंकि अदृश्य बेरोज़गारी में काम के लिए ज़रूरत से अधिक लोग लगे रहते हैं, जैसे पारिवारिक खेत पर। विकल्प C गलत है, क्योंकि घर्षणात्मक बेरोज़गारी नौकरी बदलने के बीच का थोड़ा समय है। परीक्षा टिप: मौसमी का अर्थ खाली महीने, अदृश्य का अर्थ ज़रूरत से ज़्यादा हाथ।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंट्रांसजेंडर समुदाय तथा भीख माँगने के कार्य में लगे व्यक्तियों के कल्याण के लिए 2022 में शुरू की गई योजना का नाम क्या है?
- A.स्माइल (SMILE)
- B.शाइन (SHINE)
- C.श्री (SHRI)
- D.राइज (RISE)
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. स्माइल (SMILE)
व्याख्या
सही उत्तर है A, स्माइल। स्माइल का पूरा नाम है 'सपोर्ट फॉर मार्जिनलाइज्ड इंडिविजुअल्स फॉर लाइवलीहुड एंड एंटरप्राइज', यह वह केंद्रीय योजना है जिसमें ट्रांसजेंडर व्यक्तियों तथा भीख माँगने में लगे लोगों का कल्याण शामिल है। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने इसे 2022 में शुरू किया और दोनों वर्गों को एक छत्र योजना के नीचे लाकर प्रत्येक के लिए अलग उप-योजना रखी। इसमें छात्रवृत्ति, कौशल प्रशिक्षण और स्वास्थ्य सुरक्षा, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए गरिमा गृह नामक आश्रय गृह, तथा भीख माँगते पाए गए लोगों के लिए सर्वेक्षण, पुनर्वास, शिक्षा और आजीविका सहायता दी जाती है; यह काम राज्य सरकारों, शहरी निकायों और स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से होता है। B गलत है क्योंकि इस योजना की अधिसूचना शाइन नाम से नहीं हुई। C गलत है क्योंकि इन दो वर्गों के लिए मंत्रालय की श्री नाम की कोई योजना नहीं है। D गलत है क्योंकि राइज भी यह योजना नहीं है; तीनों गलत विकल्प सही विकल्प जैसे दिखने के लिए बनाए गए हैं। परीक्षा टिप: स्माइल - 2022, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, आश्रय गृह का नाम गरिमा गृह।
जिस दर पर भारतीय रिज़र्व बैंक अन्य बैंकों से धन उधार लेता है, उसे क्या कहा जाता है?
- A.तरलता दर
- B.विनिमय दर
- C.रिवर्स रेपो दर
- D.रेपो दर
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. रिवर्स रेपो दर
व्याख्या
सही उत्तर है C, रिवर्स रेपो दर। रिवर्स रेपो दर वह दर है जिस पर भारतीय रिज़र्व बैंक वाणिज्यिक बैंकों से उधार लेता है, यानी बैंक अपना अतिरिक्त धन थोड़े समय के लिए रिज़र्व बैंक के पास रखते हैं और उस पर उन्हें यही ब्याज मिलता है। जब रिज़र्व बैंक बैंकिंग व्यवस्था से अतिरिक्त नकदी खींचना चाहता है तो वह इस दर को बढ़ा देता है, क्योंकि तब बैंकों को बाजार में उधार देने की तुलना में केंद्रीय बैंक के पास धन रखना लाभदायक लगता है। रेपो और रिवर्स रेपो दोनों तरलता समायोजन सुविधा का हिस्सा हैं और रिवर्स रेपो दर सदैव रेपो दर से नीची रखी जाती है। A गलत है क्योंकि तरलता दर नाम की कोई नीतिगत दर नहीं होती। B गलत है क्योंकि विनिमय दर एक मुद्रा का दूसरी मुद्रा में मूल्य बताती है। D गलत है क्योंकि रेपो दर उलटी दिशा में काम करती है: उस दर पर बैंक सरकारी प्रतिभूतियों के बदले रिज़र्व बैंक से उधार लेते हैं। परीक्षा टिप: रेपो में बैंक उधार लेते हैं, रिवर्स रेपो में रिज़र्व बैंक उधार लेता है।
उत्पादन की किस अवस्था में सीमांत उत्पाद वक्र ऋणात्मक हो जाता है?
- A.अवस्था 2
- B.अवस्था 3
- C.अवस्था 1
- D.अवस्था 4
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अवस्था 3
व्याख्या
सही उत्तर है B, अवस्था 3। परिवर्ती अनुपात का नियम अल्पकालीन उत्पादन को तीन अवस्थाओं में बाँटता है। पहली अवस्था यानी बढ़ते प्रतिफल में कुल उत्पाद और सीमांत उत्पाद दोनों बढ़ते हैं, क्योंकि स्थिर साधन का पूरा उपयोग अभी नहीं हुआ है। दूसरी अवस्था यानी घटते प्रतिफल में सीमांत उत्पाद घटता है पर धनात्मक रहता है, इसलिए कुल उत्पाद बढ़ता रहता है और इसी अवस्था के अंत में अधिकतम होता है, जहाँ सीमांत उत्पाद शून्य हो जाता है। तीसरी अवस्था यानी ऋणात्मक प्रतिफल में परिवर्तनशील साधन की अतिरिक्त इकाइयाँ स्थिर साधन पर भीड़ बन जाती हैं, सीमांत उत्पाद ऋणात्मक हो जाता है और कुल उत्पाद घटने लगता है। समझदार उत्पादक इसीलिए दूसरी अवस्था में काम करता है और तीसरी अवस्था में कभी नहीं जाता। A गलत है क्योंकि दूसरी अवस्था में सीमांत उत्पाद घटता है पर धनात्मक रहता है। C गलत है क्योंकि पहली अवस्था में सीमांत उत्पाद बढ़ता है। D गलत है क्योंकि इस नियम में तीन ही अवस्थाएँ होती हैं, चौथी नहीं। परीक्षा टिप: कुल उत्पाद ठीक वहीं अधिकतम होता है जहाँ सीमांत उत्पाद शून्य हो।
अर्थशास्त्र में निम्नलिखित में से कौन-सा वक्र उल्टे U आकार का होता है?
- A.सीमांत उत्पाद वक्र
- B.अल्पकालीन सीमांत लागत वक्र
- C.औसत परिवर्तनशील लागत वक्र
- D.दीर्घकालीन औसत लागत वक्र
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. सीमांत उत्पाद वक्र
व्याख्या
सही उत्तर है A, सीमांत उत्पाद वक्र। परिवर्तनशील साधन का सीमांत उत्पाद पहले बढ़ता है, एक ऊँचाई पर पहुँचता है और फिर घटने लगता है, इसलिए इसका वक्र उल्टे U के आकार का बनता है। इसके पीछे परिवर्ती अनुपात का नियम है। पहली अवस्था में श्रम की हर अतिरिक्त इकाई को स्थिर साधन भरपूर मिलता है, इसलिए हर इकाई पिछली इकाई से ज्यादा उत्पादन जोड़ती है; शिखर पर स्थिर साधन का सर्वोत्तम उपयोग होता है; उसके बाद हर अतिरिक्त श्रमिक के हिस्से में स्थिर साधन कम पड़ने लगता है, इसलिए उत्पादन में जुड़ने वाली मात्रा घटती जाती है और ऋणात्मक भी हो सकती है। B गलत है क्योंकि अल्पकालीन सीमांत लागत वक्र U आकार का होता है, पहले घटता और फिर बढ़ता है। C गलत है क्योंकि औसत परिवर्तनशील लागत वक्र भी इसी कारण U आकार का होता है। D गलत है क्योंकि दीर्घकालीन औसत लागत वक्र अल्पकालीन वक्रों का चपटा U आकार वाला आवरण वक्र है। परीक्षा टिप: उत्पाद वक्र उल्टा U, लागत वक्र सीधा U।
निम्नलिखित में से किसे प्रत्यक्ष विदेशी निवेश माना जाएगा?
- A.भारत के शेयर बाजारों में किसी विदेशी कंपनी द्वारा शेयर खरीदना
- B.किसी विदेशी देश के पेंशन कोष द्वारा भारतीय शेयर बाजारों में निवेश
- C.किसी विदेशी मर्चेंट बैंकर द्वारा भारतीय शेयर बाजारों से शेयर खरीदना
- D.किसी विदेशी संस्था द्वारा भारत में शिक्षण संस्थान की स्थापना
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. किसी विदेशी संस्था द्वारा भारत में शिक्षण संस्थान की स्थापना
व्याख्या
सही उत्तर है D। भारत में संस्थान स्थापित करने का अर्थ है वास्तविक संपत्ति में पूँजी लगाना और उसे चलाना, और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश ठीक यही है। एफडीआई वह टिकाऊ निवेश है, जो किसी भारतीय उद्यम के प्रबंधन में नियंत्रण या महत्वपूर्ण भागीदारी देता है, और यह सामान्यतः नई इकाई, कारखाना, सहायक कंपनी या किसी मौजूदा कंपनी में बड़ी हिस्सेदारी के रूप में आता है। इससे तकनीक, रोजगार और प्रबंधन की पद्धतियाँ भी आती हैं, तथा इसे रातोंरात निकाला नहीं जा सकता। बाकी तीनों विकल्प विदेशी पोर्टफोलियो निवेश के उदाहरण हैं, जिसमें बाहरी निवेशक केवल लाभ के लिए सूचीबद्ध शेयर या बॉन्ड खरीदता है, प्रबंधन में कोई भाग नहीं लेता और किसी भी कारोबारी दिन बेच सकता है। इसलिए विकल्प A, B और C एक ही कारण से गलत हैं: शेयर बाजार से शेयर खरीदना, चाहे कंपनी करे, पेंशन कोष करे या मर्चेंट बैंकर, पोर्टफोलियो निवेश ही है। परीक्षा टिप: एफडीआई का अर्थ नियंत्रण और जमीन पर कारखाना, एफपीआई का अर्थ जल्दी निकल जाने वाला गरम धन।