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GK24
GK क्विजसामान्य विज्ञान

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज: सेट 77

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज़ (सेट 77) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 18 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: गति, बल और गति के नियम, अंतरिक्ष विज्ञान: तारे, आकाशगंगाएं और उपग्रह, विद्युत और चुंबकत्व और अन्य। इनमें से 18 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA-I 2024, GATआसान

निम्नलिखित में से कौन-सा/से बल प्रकृति में मूल (मौलिक) है/हैं?

1. गुरुत्वाकर्षण बल

2. विद्युतचुंबकीय बल

3. प्रबल और दुर्बल नाभिकीय बल

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 1 और 2
  3. C.केवल 2 और 3
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 1, 2 और 3

व्याख्या

सही उत्तर है D, 1, 2 और 3। भौतिकी चार मूल बल मानती है: गुरुत्वाकर्षण, विद्युतचुंबकीय, प्रबल नाभिकीय और दुर्बल नाभिकीय, और प्रश्न में चारों दिए गए हैं।

हम जो भी दूसरे बल देखते हैं, वे इन्हीं के रूप हैं। घर्षण, तनाव, अभिलंब प्रतिक्रिया और स्प्रिंग बल सब परमाणुओं के बीच विद्युतचुंबकीय बलों से पैदा होते हैं। गुरुत्वाकर्षण सबसे दुर्बल है, पर किसी भी दूरी तक काम करता है और ग्रहों व आकाशगंगाओं को बांधे रखता है। प्रबल नाभिकीय बल सबसे शक्तिशाली है और बहुत कम दूरी में नाभिक के प्रोटॉन और न्यूट्रॉन को बांधता है। दुर्बल नाभिकीय बल बीटा क्षय का कारण है। विद्युतचुंबकीय और दुर्बल बल को विद्युत-दुर्बल बल के रूप में एकीकृत किया जा चुका है।

A गलत है: गुरुत्वाकर्षण मूल बल है, पर बाकी भी हैं।

B गलत है: इसमें दोनों नाभिकीय बल छूट गए हैं।

C गलत है: इसमें गुरुत्वाकर्षण छूट गया है, जिसका वर्णन सबसे पहले न्यूटन ने किया।

परीक्षा टिप: शक्ति का क्रम: प्रबल नाभिकीय > विद्युतचुंबकीय > दुर्बल नाभिकीय > गुरुत्वाकर्षण।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA-II 2025, GATमध्यम

एक पारसेक, खगोलीय इकाई (A.U.) में लगभग कितना होता है?

  1. A.2 × 10³ A.U.
  2. B.2 × 10⁴ A.U.
  3. C.2 × 10⁵ A.U.
  4. D.2 × 10⁶ A.U.
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 2 × 10⁵ A.U.

व्याख्या

सही उत्तर है C, 2 × 10⁵ A.U.। एक पारसेक लगभग 2,06,265 खगोलीय इकाइयों के बराबर होता है, जो लगभग 2 × 10⁵ A.U. है।

खगोलीय इकाई पृथ्वी और सूर्य के बीच की औसत दूरी है, लगभग 1·5 × 10¹¹ m। पारसेक वह दूरी है जिस पर एक खगोलीय इकाई एक आर्क-सेकंड का कोण बनाती है; इसका नाम "पैरालैक्स ऑफ वन आर्कसेकंड" से बना है। एक रेडियन में लगभग 2,06,265 आर्क-सेकंड होते हैं, इसलिए एक पारसेक में उतनी ही खगोलीय इकाइयां होती हैं। यह लगभग 3·26 प्रकाश वर्ष या 3·1 × 10¹⁶ m के बराबर है और तारों के बीच की दूरियां मापने में काम आता है।

A गलत है: 2,000 A.U. सही मान से लगभग सौ गुना छोटा है।

B गलत है: 20,000 A.U. भी पारसेक से दस गुना कम है।

D गलत है: 2 × 10⁶ A.U. पारसेक से दस गुना अधिक है।

परीक्षा टिप: 1 पारसेक ≈ 2·06 × 10⁵ A.U. ≈ 3·26 प्रकाश वर्ष; क्रम याद रखें: A.U. < प्रकाश वर्ष < पारसेक।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA-I 2024, GATआसान

दिष्ट धारा पर चलने वाली एक विद्युत मशीन से 15 A की धारा प्रवाहित होती है और मशीन 10 मिनट तक चलती है। इस दौरान मशीन से होकर गुजरने वाला आवेश कितना है?

  1. A.1·50 C
  2. B.150 C
  3. C.900 C
  4. D.9000 C
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 9000 C

व्याख्या

सही उत्तर है D, 9000 C। आवेश, धारा और समय का गुणनफल होता है, यानी 15 A × 600 s = 9000 C।

विद्युत धारा आवेश के प्रवाह की दर है, I = Q/t, इसलिए Q = I × t। आवेश का SI मात्रक कूलॉम है, जो एक सेकंड तक बहने वाली एक एम्पियर धारा द्वारा ले जाया गया आवेश है। इस प्रश्न में असली ध्यान समय पर देना है: गुणा करने से पहले 10 मिनट को 600 सेकंड में बदलना जरूरी है। धारा स्थिर दिष्ट धारा है, इसलिए पूरे समय एक ही मान रहता है और गणना सीधी है।

A गलत है: 1·50 C दिए गए आंकड़ों से नहीं बनता और बहुत छोटा है।

B गलत है: 150 C, 15 A को 10 से गुणा करने और मिनट को सेकंड में न बदलने से आता है।

C गलत है: 900 C यानी 15 × 60 केवल एक मिनट का आवेश है, दस मिनट का नहीं।

परीक्षा टिप: Q = I × t, समय सेकंड में; 1 कूलॉम = 1 एम्पियर × 1 सेकंड।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC MTS · 04 Oct 2017, Shift 2आसान

सीमेंट, रोड़ी, मोटी बालू और पानी के मिश्रण को _______ कहा जाता है।

  1. A.मोर्टार
  2. B.कंक्रीट
  3. C.स्लरी
  4. D.मॉडरेटर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कंक्रीट

व्याख्या

सही उत्तर है B, कंक्रीट। कंक्रीट वह निर्माण सामग्री है जो सीमेंट के साथ रोड़ी जैसे मोटे गिट्टी पदार्थ, बालू जैसे महीन पदार्थ और पानी मिलाकर बनाई जाती है।

सीमेंट और पानी के बीच जलयोजन नामक अभिक्रिया होती है, जिससे मिश्रण जमकर कठोर हो जाता है और गिट्टी को बाँध लेता है। साधारण काम के लिए एक भाग सीमेंट, दो भाग बालू और चार भाग रोड़ी का अनुपात आम है, जिसे 1:2:4 लिखा जाता है। कंक्रीट संपीडन में मजबूत पर तनाव में कमजोर होती है, इसलिए इसमें लोहे की छड़ें डालकर प्रबलित सीमेंट कंक्रीट बनाई जाती है, जिससे आज की इमारतें, पुल और बाँध बनते हैं।

विकल्प A, मोर्टार, में केवल सीमेंट या चूना, बालू और पानी होता है, रोड़ी नहीं, और इससे ईंटें जोड़ी जाती हैं। विकल्प C, स्लरी, किसी ठोस का पतला बहने वाला मिश्रण है। विकल्प D, मॉडरेटर, नाभिकीय रिएक्टर में न्यूट्रॉन की गति धीमी करने वाला पदार्थ है।

परीक्षा सुझाव: मोर्टार में रोड़ी नहीं, कंक्रीट में रोड़ी, और लोहे की छड़ मिलाने पर आरसीसी।

Q5.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2018, Paper Iआसान

स्तनधारियों की कोशिकाओं में प्रोटीन के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  1. A.स्तनधारी कोशिकाओं में प्रोटीन का संश्लेषण कोशिका झिल्ली में होता है।
  2. B.स्तनधारी कोशिकाओं में प्रोटीन कोशिका झिल्ली में संश्लेषित नहीं होते, बल्कि सीधे भोजन से अवशोषित होते हैं।
  3. C.स्तनधारी कोशिकाओं में प्रोटीन का संश्लेषण खुरदरी अंतर्द्रव्यी जालिका (RER) में होता है।
  4. D.स्तनधारी कोशिकाओं में प्रोटीन का संश्लेषण गॉल्जी उपकरण में होता है।
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. स्तनधारी कोशिकाओं में प्रोटीन का संश्लेषण खुरदरी अंतर्द्रव्यी जालिका (RER) में होता है।

व्याख्या

सही उत्तर है C, स्तनधारी कोशिकाओं में प्रोटीन का संश्लेषण खुरदरी अंतर्द्रव्यी जालिका (RER) में होता है। RER पर राइबोसोम जुड़े होते हैं, और यही वे स्थान हैं जहाँ अमीनो अम्ल जुड़कर प्रोटीन बनाते हैं।

राइबोसोम mRNA के संदेश को पढ़कर अमीनो अम्लों को सही क्रम में जोड़ते हैं। RER से जुड़े राइबोसोम झिल्ली के लिए या कोशिका से बाहर भेजे जाने वाले प्रोटीन, जैसे एंजाइम और हार्मोन, बनाते हैं; नई शृंखलाएँ RER में जाकर मुड़ती हैं और फिर पुटिकाओं में आगे बढ़ती हैं। कोशिकाद्रव्य के मुक्त राइबोसोम कोशिका के भीतर काम आने वाले प्रोटीन बनाते हैं।

A गलत है: कोशिका झिल्ली केवल आने-जाने वाले पदार्थों को नियंत्रित करती है; उसमें प्रोटीन बनाने की व्यवस्था नहीं है।

B गलत है: भोजन के प्रोटीन पचकर अमीनो अम्ल बनते हैं, जो अवशोषित होकर कोशिकाओं में शरीर के अपने प्रोटीन बनाते हैं।

D गलत है: गॉल्जी उपकरण RER में बने प्रोटीन को बदलता, पैक करता और भेजता है; उन्हें बनाता नहीं।

परीक्षा टिप: राइबोसोम (RER पर) = प्रोटीन संश्लेषण; गॉल्जी = पैकेजिंग और स्रावण; SER = लिपिड संश्लेषण।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2021, Paper Iआसान

भोजन पकाने के लिए किस/किन विद्युत-चुंबकीय विकिरण/विकिरणों का उपयोग किया जाता है?

  1. A.केवल अवरक्त विकिरण
  2. B.केवल सूक्ष्मतरंग (माइक्रोवेव) विकिरण
  3. C.अवरक्त और सूक्ष्मतरंग विकिरण
  4. D.सभी विद्युत-चुंबकीय विकिरण
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. अवरक्त और सूक्ष्मतरंग विकिरण

व्याख्या

सही उत्तर है C, अवरक्त और सूक्ष्मतरंग विकिरण। ये दोनों विकिरण ऐसी ऊर्जा ले जाते हैं जिसे भोजन ऊष्मा के रूप में सोख लेता है, और दोनों रसोई में रोज़ काम आते हैं।

अवरक्त (इन्फ्रारेड) विकिरण गर्म वस्तुओं से निकलने वाला ऊष्मा-विकिरण है। ग्रिल, टोस्टर, ओवन की गर्म छड़ या दहकते कोयले भोजन को मुख्य रूप से अवरक्त किरणों से पकाते हैं। माइक्रोवेव ओवन लगभग 2.45 GHz की सूक्ष्मतरंगों का उपयोग करता है। भोजन में मौजूद पानी के अणु ध्रुवीय होते हैं, इसलिए वे बदलते क्षेत्र के साथ बार-बार घूमते हैं और इस घर्षण से भोजन भीतर से गर्म होता है।

A गलत है: इसमें माइक्रोवेव ओवन छूट जाता है।

B गलत है: ग्रिल और टोस्टर अवरक्त विकिरण से पकाते हैं।

D गलत है: एक्स-किरणें, गामा किरणें और पराबैंगनी किरणें हानिकारक हैं, और रेडियो तरंगों में बहुत कम ऊर्जा होती है; इनसे खाना नहीं पकाया जाता।

परीक्षा टिप: माइक्रोवेव ओवन = लगभग 2.45 GHz, पानी के अणुओं को गर्म करता है; ग्रिल और टोस्टर = अवरक्त।

Q7.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2020, Paper Iआसान

मनुष्यों में श्वसन के दौरान गैसों का वास्तविक आदान-प्रदान कहाँ होता है?

  1. A.श्वसनी (ब्रॉन्काई)
  2. B.नासिका मार्ग
  3. C.कूपिकाएँ (एल्वियोलाई)
  4. D.श्वासनली (ट्रेकिया)
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. कूपिकाएँ (एल्वियोलाई)

व्याख्या

सही उत्तर है C, कूपिकाएँ (एल्वियोलाई)। कूपिकाएँ सबसे छोटी वायु नलिकाओं के सिरे पर स्थित नन्ही वायु थैलियाँ हैं, जिनकी दीवारों से ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड आर-पार जाती हैं।

मनुष्य के प्रत्येक फेफड़े में करोड़ों कूपिकाएँ होती हैं, जो मिलकर लगभग 70 वर्ग मीटर की सतह बनाती हैं, लगभग एक बैडमिंटन कोर्ट जितनी। कूपिका की दीवार केवल एक कोशिका मोटी होती है और केशिकाओं के घने जाल से घिरी रहती है। ऑक्सीजन थैली की हवा से रक्त में विसरित होती है और कार्बन डाइऑक्साइड उल्टी दिशा में जाकर बाहर निकलती है।

A गलत है: श्वसनी श्वासनली की दो शाखाएँ हैं, जो केवल हवा को फेफड़ों तक ले जाती हैं।

B गलत है: नासिका मार्ग हवा को छानता, गर्म और नम करता है, पर रक्त से गैसों का आदान-प्रदान नहीं करता।

D गलत है: श्वासनली उपास्थि के छल्लों से खुली रहने वाली नली है, जो केवल हवा नीचे पहुँचाती है।

परीक्षा टिप: नाक → श्वासनली → श्वसनी → श्वसनिकाएँ → कूपिकाएँ, जहाँ गैस विनिमय होता है।

Q8.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 10 Sept, 2024, Shift 2कठिन

उष्णकटिबंधीय प्रवाल भित्तियों में, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में पाई जाने वाली कौन-सी प्रजाति काले होंठ वाली मोती सीप के नाम से जानी जाती है?

  1. A.एप्लीसिया डैक्टाइलोमेला
  2. B.डेंटेलियम नियोहेक्सागोनम
  3. C.चेटोप्लूरा एपिकुलाटा
  4. D.पिंक्टाडा मार्गेरिटिफेरा
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. पिंक्टाडा मार्गेरिटिफेरा

व्याख्या

सही उत्तर है D, पिंक्टाडा मार्गेरिटिफेरा। पिंक्टाडा मार्गेरिटिफेरा काले होंठ वाली मोती सीप है, जो हिंद-प्रशांत क्षेत्र के गर्म और कम गहरे पानी का द्विकपाटी मोलस्क है और मज़बूत तंतुओं से प्रवाल भित्तियों पर चिपकी रहती है। इसके कवच का गहरा किनारा ही इसे यह नाम देता है, और भीतर की गहरे रंग की नैकर से वे धूसर से काले मोती बनते हैं जिन्हें ताहिती मोती कहा जाता है। भारतीय जल में यह अंडमान और निकोबार द्वीपों के आसपास तथा मन्नार की खाड़ी में मिलती है, जबकि इससे जुड़ी पिंक्टाडा फुकाटा मन्नार की खाड़ी की पुरानी मोती मछलीपालन की सीप है। विकल्प A गलत है, क्योंकि एप्लीसिया डैक्टाइलोमेला एक समुद्री खरगोश यानी समुद्री घोंघा है। विकल्प B गलत है, क्योंकि डेंटेलियम नियोहेक्सागोनम दाँत जैसे कवच वाला बिल बनाने वाला स्कैफोपोड है। विकल्प C गलत है, क्योंकि यह नाम काइटन का है, जो आठ पट्टियों वाला चपटा मोलस्क है और चट्टानी तटों से चिपका रहता है। परीक्षा टिप: पिंक्टाडा मोती सीप का वंश है और मार्गेरिटिफेरा काले होंठ वाली प्रजाति।

Q9.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · CDS-I 2023, GKमध्यम

धूप वाले दिन एक पौधे से पत्ती तोड़कर 2 मिनट तक उबलते पानी में रखी गई। इसके बाद उसे उबलते ऐल्कोहॉल में डुबोया गया और आयोडीन विलयन से उपचारित किया गया। परीक्षण के बाद पत्ती का अंतिम रंग क्या होगा?

  1. A.रंगहीन
  2. B.हरा
  3. C.नीला
  4. D.सफ़ेद
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. नीला

व्याख्या

सही उत्तर है C, नीला। धूप वाले दिन की पत्ती में प्रकाश संश्लेषण से बना स्टार्च भरा होता है, और आयोडीन स्टार्च को नीला-काला कर देता है।

यह पत्ती में स्टार्च की जाँच का सामान्य स्कूली परीक्षण है। पत्ती को पानी में उबालने से उसकी कोशिकाएँ मर जाती हैं और वह नरम हो जाती है, ताकि विलयन अंदर जा सकें। फिर जल-ऊष्मक पर ऐल्कोहॉल में उबालने से क्लोरोफिल घुल जाता है और पत्ती फीकी या लगभग रंगहीन रह जाती है। इसके बाद आयोडीन विलयन डालने पर पत्ती में जमा स्टार्च उससे क्रिया करता है और पत्ती नीली-काली हो जाती है। परीक्षण से पहले दो दिन अँधेरे में रखी पत्ती नीली नहीं होती, जिससे सिद्ध होता है कि प्रकाश संश्लेषण के लिए प्रकाश आवश्यक है।

A गलत है: पत्ती आयोडीन डालने से पहले ही रंगहीन होती है; उसके बाद स्टार्च उसे नीला कर देता है।

B गलत है: हरा क्लोरोफिल उबलते ऐल्कोहॉल से पहले ही निकल चुका है।

D गलत है: स्टार्च-रहित पत्ती आयोडीन का भूरा रंग दिखाती, सफ़ेद नहीं, और इस पत्ती में स्टार्च है।

परीक्षा टिप: आयोडीन परीक्षण में स्टार्च नीला-काला होता है; परीक्षण से पहले ऐल्कोहॉल क्लोरोफिल हटाता है।

Q10.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 23 Jan 2019, Shift 2कठिन

किसी घिरनी तंत्र की दक्षता 60% है। रस्सी को 12 m खींचने पर भार 3 m ऊपर उठता है। तंत्र का यांत्रिक लाभ ज्ञात करें।

  1. A.4.8
  2. B.3.6
  3. C.1.2
  4. D.2.4
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 2.4

व्याख्या

सही उत्तर है D, 2.4। घिरनी तंत्र का वेग अनुपात आयास द्वारा तय दूरी भाग भार द्वारा तय दूरी होता है, अर्थात 12 भाग 3, जो 4 है। दक्षता यांत्रिक लाभ भाग वेग अनुपात होती है, इसलिए यांत्रिक लाभ 0.6 गुणा 4 है, जो 2.4 देता है। यह ध्यान रखें कि वेग अनुपात केवल मशीन की बनावट पर निर्भर करता है, जबकि यांत्रिक लाभ घर्षण तथा घिरनियों और रस्सी के भार से घटता भी है; इसी कारण कोई वास्तविक मशीन सौ प्रतिशत दक्षता नहीं पाती और यांत्रिक लाभ सदा वेग अनुपात से कम रहता है। A गलत है क्योंकि 4.8 में वेग अनुपात को 0.6 के स्थान पर 1.2 से गुणा कर दिया गया है। B गलत है क्योंकि 3.6 में 4 के बजाय 6 का 60 प्रतिशत लिया गया है। C गलत है क्योंकि 1.2 में वेग अनुपात 2 मान लिया गया है। परीक्षा टिप: दक्षता बराबर यांत्रिक लाभ भाग वेग अनुपात।

Q11.सामान्य विज्ञानमध्यम

जंतु जगत का कौन संघ पूर्णतः समुद्री है, जिसका कोई सदस्य मीठे जल या थल पर नहीं रहता?

  1. A.एनेलिडा
  2. B.मोलस्का
  3. C.इकाइनोडर्मेटा
  4. D.प्लेटीहेल्मिंथीज
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. इकाइनोडर्मेटा

व्याख्या

सही उत्तर C, इकाइनोडर्मेटा है। तारा मछली, समुद्री अर्चिन, समुद्री खीरा, भंगुर तारा तथा समुद्री लिली केवल समुद्र में मिलते हैं, और उनका जल संवहन तंत्र, जो समुद्री जल भरकर कार्य करता है, एक कारण है कि वे मीठे जल या थल पर नहीं बस सके। टीनोफोरा संघ, अर्थात कंघी जेली भी पूर्णतः समुद्री है।

विकल्प A, एनेलिडा में थल का केंचुआ तथा मीठे जल की जोंक भी है, नेरीस जैसे समुद्री कृमियों के अतिरिक्त। विकल्प B, मोलस्का में थल का घोंघा, मीठे जल का पाइला तथा समुद्री स्क्विड और ऑक्टोपस हैं। विकल्प D, प्लेटीहेल्मिंथीज में मीठे जल का प्लेनेरिया तथा थलीय जंतुओं के भीतर रहने वाले परजीवी, जैसे फीताकृमि आते हैं। केवल इकाइनोडर्म और कंघी जेली समुद्र तक सीमित हैं। इस संघ का एक और लक्षण यह है कि उसके सदस्य वयस्क अवस्था में अरीय पर लार्वा अवस्था में द्विपार्श्व सममित होते हैं।

Q12.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 14 Feb 2019, Shift 3आसान

__________ आसपास के वातावरण से ध्वनि एकत्र करता है।

  1. A.श्रवण तंत्रिका
  2. B.कर्णपटल
  3. C.कर्णावर्त
  4. D.कर्णपल्लव
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. कर्णपल्लव

व्याख्या

सही उत्तर है D, कर्णपल्लव। कर्णपल्लव कान का बाहरी दिखाई देने वाला भाग है, और उसकी कीप जैसी बनावट आसपास के वातावरण से ध्वनि एकत्र करती है।

कर्णपल्लव द्वारा एकत्र ध्वनि कर्ण नलिका से होकर कर्णपटल तक पहुँचती है, जो कंपन करने लगता है। ये कंपन मध्य कान की तीन छोटी हड्डियों — मैलियस, इन्कस और स्टेपीज — से होकर कर्णावर्त तक जाते हैं, जो भीतरी कान का कुंडलीनुमा और द्रव से भरा भाग है। वहाँ कंपन तंत्रिका संकेतों में बदल जाते हैं, और श्रवण तंत्रिका उन्हें मस्तिष्क तक पहुँचाती है, जहाँ उन्हें ध्वनि के रूप में पहचाना जाता है।

A गलत है: श्रवण तंत्रिका संकेतों को मस्तिष्क तक ले जाती है, ध्वनि एकत्र नहीं करती। B गलत है: ध्वनि पहुँचने पर कर्णपटल कंपन करता है, वह स्वयं ध्वनि नहीं बटोरता। C गलत है: कर्णावर्त कान के भीतर गहराई में होता है और कंपन को तंत्रिका आवेगों में बदलता है।

परीक्षा टिप: ध्वनि का मार्ग है — कर्णपल्लव, कर्ण नलिका, कर्णपटल, फिर मैलियस, इन्कस और स्टेपीज, फिर कर्णावर्त, श्रवण तंत्रिका और मस्तिष्क।

Q13.सामान्य विज्ञानआसान

पहला प्रतिजैविक पेनिसिलिन 1928 में किसने खोजा?

  1. A.लुई पाश्चर
  2. B.रॉबर्ट कोख
  3. C.अलेक्जेंडर फ्लेमिंग
  4. D.एडवर्ड जेनर
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. अलेक्जेंडर फ्लेमिंग

व्याख्या

सही उत्तर C, अलेक्जेंडर फ्लेमिंग है। उन्होंने देखा कि संवर्धन प्लेट पर संयोगवश उगे पेनिसिलियम वंश के कवक ने अपने चारों ओर स्टैफिलोकोकस की वृद्धि रोक दी है, और आगे हावर्ड फ्लोरी तथा अर्नस्ट चेन ने उस प्रेक्षण को उपयोगी औषधि में बदला; तीनों को नोबेल पुरस्कार मिला। विकल्प A गलत है क्योंकि लुई पाश्चर ने रोग का जीवाणु सिद्धांत स्थापित किया, स्वतः जनन का खंडन किया तथा पाश्चुरीकरण और रेबीज का टीका दिया। विकल्प B गलत है क्योंकि रॉबर्ट कोख ने एंथ्रेक्स और क्षय रोग के जीवाणु पहचाने तथा रोग का कारण सिद्ध करने के नियम बनाए। विकल्प D गलत है क्योंकि एडवर्ड जेनर ने 1796 में गोशीतला से चेचक का टीकाकरण आरंभ किया, जो प्रतिजैविकों से बहुत पहले की बात है। इसके बाद प्रसिद्ध प्रतिजैविक स्ट्रेप्टोमाइसिन स्ट्रेप्टोमाइसीज ग्रिसियस से मिला, और फ्लेमिंग के साथ पेनिसिलियम तथा स्ट्रेप्टोमाइसिन के साथ स्ट्रेप्टोमाइसीज का जोड़ा याद रखने से प्रतिजैविकों के अधिकांश प्रश्न हल हो जाते हैं।

Q14.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 12 April 2022, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से कौन फूल का भाग नहीं है?

  1. A.पर्णवृंत
  2. B.स्त्रीकेसर
  3. C.पुंकेसर
  4. D.बाह्यदल
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. पर्णवृंत

व्याख्या

सही उत्तर है A, पर्णवृंत। पर्णवृंत यानी पेटिओल वह डंठल है जो पत्ती के फलक को तने से जोड़ता है; यह पत्ती का भाग है, फूल का नहीं, और जिस पत्ती में यह न हो उसे अवृंत कहा जाता है। एक प्रारूपिक फूल पुष्पासन पर टिके चार चक्रों से बनता है। सबसे बाहर बाह्यदलपुंज होता है, जो बाह्यदलों से बना है और कली की रक्षा करता है। उसके भीतर दलपुंज होता है, जिसकी पंखुड़ियाँ परागणकों को आकर्षित करती हैं। इसके बाद पुमंग यानी नर चक्र आता है, जिसकी इकाई पुंकेसर है और हर पुंकेसर में तंतु पर परागकोश लगा रहता है। केंद्र में जायांग यानी मादा चक्र होता है, जिसकी इकाई स्त्रीकेसर है और वह वर्तिकाग्र, वर्तिका तथा अंडाशय से बनी होती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि स्त्रीकेसर फूल का मादा भाग है। विकल्प C गलत है, क्योंकि पुंकेसर उसका नर भाग है। विकल्प D गलत है, क्योंकि बाह्यदल मिलकर फूल का सबसे बाहरी चक्र बाह्यदलपुंज बनाते हैं। परीक्षा टिप: फूल के चार चक्र हैं बाह्यदलपुंज, दलपुंज, पुमंग और जायांग; पर्णवृंत पत्ती का भाग है।

Q15.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA-II 2024, GATआसान

निम्नलिखित में से कौन-सा ऊतक दो हड्डियों को जोड़ने में सहायता करता है?

  1. A.कंडराएं (टेंडन)
  2. B.स्नायुबंधन (लिगामेंट)
  3. C.एरियोलर ऊतक
  4. D.उपास्थि (कार्टिलेज)
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. स्नायुबंधन (लिगामेंट)

व्याख्या

सही उत्तर है B, स्नायुबंधन (लिगामेंट)। स्नायुबंधन सघन संयोजी ऊतक की पट्टियां हैं जो किसी जोड़ पर एक हड्डी को दूसरी हड्डी से जोड़ती हैं।

स्नायुबंधन में मजबूत और थोड़े लचीले तंतु होते हैं, इसलिए वे जोड़ की हड्डियों को आपस में बांधे रखते हैं और साथ ही गति भी होने देते हैं। घुटने और टखने के लिगामेंट इसके आम उदाहरण हैं; मोच वह चोट है जिसमें लिगामेंट खिंच या फट जाता है। लिगामेंट और टेंडन दोनों सघन नियमित संयोजी ऊतक हैं, इसलिए परीक्षा में इन्हें साथ पूछा जाता है।

A गलत है: कंडराएं पेशियों को हड्डियों से जोड़ती हैं, हड्डी को हड्डी से नहीं; ये मजबूत और लगभग अलचीली होती हैं।

C गलत है: एरियोलर ऊतक ढीला संयोजी ऊतक है जो त्वचा के नीचे और अंगों के चारों ओर खाली स्थान भरता है।

D गलत है: उपास्थि जोड़ों पर हड्डियों के सिरों को ढकती है और नाक, कान व श्वासनली में मिलती है; यह सतह चिकनी करती है, हड्डियों को बांधती नहीं।

परीक्षा टिप: लिगामेंट = हड्डी से हड्डी, टेंडन = पेशी से हड्डी।

Q16.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · 29 Aug 2019 (ME, CBT 2 Paper 1)मध्यम

कूलॉम घर्षण किनके बीच का घर्षण होता है?

  1. A.दो शुष्क सतहों
  2. B.दो स्नेहित सतहों
  3. C.सापेक्ष गति वाले पिंडों
  4. D.ठोस और द्रव
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. दो शुष्क सतहों

व्याख्या

सही उत्तर है A, दो शुष्क सतहों। कूलॉम घर्षण, जिसे शुष्क घर्षण भी कहा जाता है, वह प्रतिरोध है जो दो ठोस सतहों के बीच तब लगता है जब उनके बीच कोई स्नेहक न हो। चार्ल्स-ऑगस्टिन द कूलॉम ने इसके नियम दिए थे: घर्षण बल अभिलंब प्रतिक्रिया के समानुपाती होता है, वह स्पर्श के आभासी क्षेत्रफल पर निर्भर नहीं करता, और सरकने की चाल से लगभग स्वतंत्र रहता है। शुष्क घर्षण में दोनों प्रकार आते हैं, वह स्थैतिक घर्षण जिसे गति शुरू करने से पहले पार करना पड़ता है, और वह गतिज घर्षण जो सरकना शुरू होने के बाद लगता है; इनमें सीमांत स्थैतिक मान बड़ा होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि स्नेहित सतहों के बीच लगने वाले घर्षण को तरल या फिल्म घर्षण कहते हैं और वह श्यानता के नियमों से चलता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि सापेक्ष गति से केवल गतिज घर्षण का बोध होता है, जो कूलॉम घर्षण का एक अंश है। विकल्प D गलत है, क्योंकि ठोस और द्रव के बीच का प्रतिरोध श्यान कर्षण कहलाता है। परीक्षा टिप: कूलॉम घर्षण का अर्थ है शुष्क घर्षण, जो अभिलंब प्रतिक्रिया के समानुपाती और स्पर्श क्षेत्रफल से स्वतंत्र होता है।

Q17.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2023, Paper Iमध्यम

सभी घुलनशील खनिज लवणों से मुक्त शुद्ध, विखनिजीकृत (demineralized) जल निम्नलिखित में से किस विधि से प्राप्त किया जाता है?

  1. A.जल को सूक्ष्म-निस्यंदन (माइक्रोफिल्ट्रेशन) झिल्ली से गुजारकर
  2. B.कैलगॉन विधि
  3. C.जल को धनायन-विनिमय और ऋणायन-विनिमय रेज़िन के स्तंभ से गुजारकर
  4. D.उबालकर
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. जल को धनायन-विनिमय और ऋणायन-विनिमय रेज़िन के स्तंभ से गुजारकर

व्याख्या

सही उत्तर है C, जल को धनायन-विनिमय और ऋणायन-विनिमय रेज़िन के स्तंभ से गुजारकर। दोनों रेज़िन मिलकर हर घुला हुआ आयन निकाल देते हैं और विखनिजीकृत जल बचता है।

धनायन-विनिमय रेज़िन (RH) में Ca2+, Mg2+ और Na+ जैसे धातु आयन H+ आयनों से बदल जाते हैं। फिर जल ऋणायन-विनिमय रेज़िन (R'OH) से गुजरता है, जहाँ क्लोराइड, सल्फेट और बाइकार्बोनेट आयन OH− आयनों से बदल जाते हैं। निकले हुए H+ और OH− मिलकर जल बना लेते हैं, इसलिए कोई लवण नहीं बचता। यह विआयनित जल प्रयोगशालाओं, बैटरियों और बॉयलरों में काम आता है।

A गलत है: माइक्रोफिल्ट्रेशन झिल्ली निलंबित कणों और सूक्ष्मजीवों को रोकती है, घुले लवणों को नहीं।

B गलत है: कैलगॉन (सोडियम हेक्सामेटाफॉस्फेट) केवल कैल्शियम और मैग्नीशियम आयनों को बाँधता है; लवण जल में घुले रहते हैं।

D गलत है: उबालने से केवल बाइकार्बोनेट वाली अस्थायी कठोरता दूर होती है; क्लोराइड और सल्फेट बने रहते हैं।

परीक्षा टिप: धनायन रेज़िन H+ देता है, ऋणायन रेज़िन OH− देता है; दोनों साथ = विखनिजीकृत (विआयनित) जल।

Q18.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2019, Paper Iआसान

परागकण किसमें बनते हैं?

  1. A.दलपुंज (कोरोला)
  2. B.वर्तिका (स्टाइल)
  3. C.वर्तिकाग्र (स्टिग्मा)
  4. D.परागकोश (एंथर)
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. परागकोश (एंथर)

व्याख्या

सही उत्तर है D, परागकोश (एंथर)। परागकोश पुंकेसर, यानी फूल के नर अंग, का ऊपरी भाग है और परागकण इसी के भीतर बनते हैं।

पुंकेसर के दो भाग होते हैं: पतला डंठल जिसे तंतु (फिलामेंट) कहते हैं और उसके सिरे पर परागकोश। परागकोश के भीतर पराग-थैलियाँ होती हैं, जिनमें कोशिकाएँ अर्धसूत्री विभाजन से परागकण बनाती हैं; हर परागकण में नर युग्मक होते हैं। पकने पर परागकोश फटता है और हवा, पानी या कीट पराग को किसी फूल के वर्तिकाग्र तक ले जाते हैं; इसे परागण कहते हैं।

A गलत है: दलपुंज पंखुड़ियों का चक्र है, जो कीटों को आकर्षित करता है पर पराग नहीं बनाता।

B गलत है: वर्तिका स्त्रीकेसर का डंठल है, जिससे होकर पराग नलिका अंडाशय तक बढ़ती है।

C गलत है: वर्तिकाग्र स्त्रीकेसर का चिपचिपा सिरा है, जो पराग ग्रहण करता है, बनाता नहीं।

परीक्षा टिप: पुंकेसर = तंतु + परागकोश (नर); स्त्रीकेसर = वर्तिकाग्र + वर्तिका + अंडाशय (मादा)।

Q19.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA-II 2026, GATमध्यम

साइकिल दौड़ का एक ट्रैक 10 m त्रिज्या वाली एक समतल वृत्ताकार सड़क है। एक जैसी साइकिलों वाले तीन साइकिल चालक P, Q और R इस ट्रैक पर क्रमशः 2 m/s, 3 m/s और 5 m/s की चाल से साइकिल चला रहे हैं। यदि टायरों और सड़क के बीच घर्षण गुणांक 0.1 है, तो कौन-सा साइकिल चालक फिसलेगा? (g = 10 m/s² लें)

  1. A.केवल P
  2. B.केवल Q
  3. C.केवल R
  4. D.सभी फिसलेंगे
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. केवल R

व्याख्या

सही उत्तर है C, केवल R। समतल मोड़ पर अभिकेंद्र बल केवल घर्षण से मिलता है, इसलिए जब ज़रूरी बल अधिकतम घर्षण से ज़्यादा हो जाए तो चालक फिसल जाता है।

न फिसलने की शर्त है mv²/r ≤ μmg, यानी v² ≤ μgr। यहाँ μgr = 0.1 × 10 × 10 = 10 है, इसलिए सुरक्षित अधिकतम चाल √10, लगभग 3.16 m/s है। द्रव्यमान दोनों ओर कट जाता है, इसलिए साइकिलें एक जैसी हों या न हों, इससे फ़र्क नहीं पड़ता। इससे तेज़ चलने वाले को घर्षण से ज़्यादा भीतर की ओर बल चाहिए, और वह बाहर की ओर फिसलता है।

A गलत है: 2 m/s पर P के लिए v² = 4 है, जो सीमा 10 से काफ़ी कम है।

B गलत है: 3 m/s पर Q के लिए v² = 9 है, यह भी 10 से कम है, इसलिए Q सुरक्षित है।

D गलत है: केवल R (v² = 25) सीमा पार करता है; P और Q उससे नीचे हैं।

परीक्षा टिप: समतल मोड़ पर अधिकतम सुरक्षित चाल v = √(μgr) होती है और यह द्रव्यमान पर निर्भर नहीं करती।

Q20.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA-I 2026, GATकठिन

एक आदर्श गैस के लिए एक प्रक्रम P = kT द्वारा व्यक्त होता है, जहां k एक स्थिरांक है। यदि इस प्रक्रम के लिए मोलर ऊष्मा धारिता C है, तो निम्नलिखित में से कौन-सा सही है (जहां प्रतीकों के सामान्य अर्थ हैं)?

  1. A.C = Cp
  2. B.C = Cv
  3. C.C = (Cp + Cv)/2
  4. D.C कभी स्थिर नहीं होता
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. C = Cv

व्याख्या

सही उत्तर है B, C = Cv। आदर्श गैस की निश्चित मात्रा में यदि दाब ताप के समानुपाती है, तो आयतन स्थिर रहना चाहिए, यानी प्रक्रम समआयतनिक है।

n मोल आदर्श गैस के लिए PV = nRT, इसलिए P/T = nR/V। यदि P/T एक स्थिरांक k के बराबर है, तो V = nR/k भी स्थिर है। स्थिर आयतन वाले प्रक्रम में गैस कोई कार्य नहीं करती और दी गई पूरी ऊष्मा उसकी आंतरिक ऊर्जा बढ़ाती है; प्रति मोल प्रति केल्विन आवश्यक ऊष्मा परिभाषा के अनुसार स्थिर आयतन पर मोलर ऊष्मा धारिता Cv है। यह गे-लुसाक के दाब नियम का उदाहरण है।

A गलत है: Cp समदाबी प्रक्रम पर लागू होता है, जिसमें दाब स्थिर रहता है, आयतन नहीं।

C गलत है: Cp और Cv का औसत यहां किसी मानक प्रक्रम को नहीं दर्शाता।

D गलत है: इस प्रक्रम में आदर्श गैस की ऊष्मा धारिता स्थिर है और Cv के बराबर है।

परीक्षा टिप: P ∝ T यानी समआयतनिक (C = Cv); V ∝ T यानी समदाबी (C = Cp); समतापी में ऊष्मा धारिता अनंत और रुद्धोष्म में शून्य।

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