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GK क्विजसामान्य विज्ञान

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज: सेट 81

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज़ (सेट 81) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 11 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: जंतु जगत: अकशेरुकी और कशेरुकी, प्रकाश का व्यतिकरण, विवर्तन और ध्रुवण, सूक्ष्मजीव: जीवाणु, विषाणु और कवक और अन्य। इनमें से 10 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.सामान्य विज्ञानमध्यम

किस सरीसृप का हृदय चार कक्षों वाला होता है?

  1. A.कछुआ
  2. B.मगर
  3. C.नाग
  4. D.गिरगिट
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मगर

व्याख्या

सही उत्तर B, मगर है। सरीसृपों में सामान्यतः त्रिकक्षीय हृदय होता है, जिसमें दो आलिंद और आंशिक रूप से बंटा एक निलय होता है, जिससे ऑक्सीजनित तथा विऑक्सीजनित रक्त कुछ मात्रा में मिल जाते हैं। मगर तथा एलिगेटर में निलय पूर्णतः बंटा होता है, जिससे पक्षियों और स्तनधारियों जैसा चतुष्कक्षीय हृदय बनता है, और यह उस जंतु के अनुकूल है जो जल में डूबे रहकर श्वास रोकता है।

विकल्प A, कछुआ, विकल्प C, नाग तथा विकल्प D, गिरगिट, सभी में सरीसृपों का सामान्य त्रिकक्षीय हृदय होता है। मगर का अपवाद इस अध्याय के सर्वाधिक पूछे जाने वाले तथ्यों में है, और कथन आधारित प्रश्नों में उसे अन्य अपवादों के साथ रखा जाता है, अर्थात प्लैटिपस स्तनधारी होकर भी अंडे देता है और व्हेल समुद्र में रहकर भी स्तनधारी है।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA-II 2023, GATआसान

कहा जाता है कि पेड़ों के बीच से आती सूर्य की प्रकाश-किरणों की धाराओं से यह संकेत मिला कि प्रकाश सीधी रेखा में चलता है। प्रकाश-किरणों के मार्ग में मौजूद कण हमें दिखाई देते हैं, क्योंकि

  1. A.हवा में मौजूद धूल के कण प्रकाश को हमारी आँखों की ओर परावर्तित करते हैं
  2. B.हवा में मौजूद धूल के कण प्रकाश को हमारी आँखों की ओर प्रकीर्णित करते हैं
  3. C.हवा में मौजूद धूल के कण प्रकाश को हमारी आँखों की ओर अपवर्तित करते हैं
  4. D.हवा में मौजूद धूल के कण प्रकाश को हमारी आँखों की ओर ध्रुवित करते हैं
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. हवा में मौजूद धूल के कण प्रकाश को हमारी आँखों की ओर प्रकीर्णित करते हैं

व्याख्या

सही उत्तर है B, हवा में मौजूद धूल के कण प्रकाश को हमारी आँखों की ओर प्रकीर्णित करते हैं। किनारे से देखने पर किरण तभी दिखती है जब छोटे कण उसके कुछ प्रकाश को बगल की ओर भेजें।

सीधी रेखा में चलता प्रकाश तब तक हमारी आँख में नहीं आता जब तक कोई चीज़ उसे हमारी ओर न मोड़े। हवा में धूल, धुएँ और पानी की बारीक बूँदें प्रकाश को हर दिशा में बिखेर देती हैं, इसलिए हर किरण का कुछ भाग बगल में खड़े व्यक्ति तक पहुँच जाता है। इसे टिंडल प्रभाव कहते हैं; कोहरे में टॉर्च की किरण और धूल भरे कमरे या जंगल में धूप की धारियाँ इसी कारण दिखती हैं। बिल्कुल साफ़ हवा में किरण बगल से नहीं दिखेगी।

A गलत है: परावर्तन के लिए चिकनी सतह चाहिए और वह प्रकाश को एक तय दिशा में भेजता है; बारीक कण उसे हर ओर बिखेरते हैं।

C गलत है: अपवर्तन दो माध्यमों की सीमा पर प्रकाश का मुड़ना है, इससे किरण का मार्ग नहीं चमकता।

D गलत है: प्रकीर्णन से प्रकाश कुछ ध्रुवित हो सकता है, पर कणों के दिखने का कारण ध्रुवण नहीं है।

परीक्षा टिप: धूल भरे कमरे में धूप की धारियाँ और कोहरे में हेडलाइट की किरण, दोनों टिंडल प्रभाव के उदाहरण हैं।

Q3.सामान्य विज्ञानआसान

रोटी बनाने में गूँथा आटा फूलने का कारण क्या है?

  1. A.लैक्टिक अम्ल बनाने वाले जीवाणु
  2. B.कार्बन डाइऑक्साइड बनाने वाला यीस्ट
  3. C.आटे में गुणन करने वाला विषाणु
  4. D.स्टार्च खाने वाले प्रोटोजोआ
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कार्बन डाइऑक्साइड बनाने वाला यीस्ट

व्याख्या

सही उत्तर B, कार्बन डाइऑक्साइड बनाने वाला यीस्ट है। यीस्ट सैकरोमाइसीज सेरेविसी आटे की शर्करा का किण्वन कर एथेनॉल और कार्बन डाइऑक्साइड बनाता है, और ग्लूटेन में फँसी यह गैस आटे को फुला देती है तथा रोटी छिद्रयुक्त बनाती है; एल्कोहॉल पकाने के समय उड़ जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि लैक्टिक अम्ल जीवाणु दूध को दही बनाते हैं और इडली तथा डोसा के घोल को खट्टा करते हैं, परंतु गैस में उनकी भूमिका यीस्ट से कम रहती है। विकल्प C गलत है क्योंकि विषाणु जीवित पोषी कोशिका के बाहर गुणन ही नहीं कर सकता और आटे में उसकी कोई भूमिका नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि बेकिंग में प्रोटोजोआ का उपयोग नहीं होता। यीस्ट का यही किण्वन आगे बढ़कर मादक पेय और औद्योगिक एथेनॉल देता है।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA-II 2019, GATमध्यम

एक पतली चकती और एक पतली वलय, दोनों का द्रव्यमान M और त्रिज्या R है। दोनों अपने द्रव्यमान केंद्र से होकर जाने वाली और अपनी सतह के लंबवत अक्षों के परितः समान कोणीय वेग से घूम रही हैं। निम्नलिखित में से कौन-सा सत्य है?

  1. A.वलय की गतिज ऊर्जा अधिक है
  2. B.चकती की गतिज ऊर्जा अधिक है
  3. C.वलय और चकती की गतिज ऊर्जा समान है
  4. D.दोनों पिंडों की गतिज ऊर्जा शून्य है, क्योंकि वे रैखिक गति में नहीं हैं
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. वलय की गतिज ऊर्जा अधिक है

व्याख्या

सही उत्तर है A, वलय की गतिज ऊर्जा अधिक है। घूर्णन गतिज ऊर्जा ½Iω² होती है, और वलय का जड़त्व आघूर्ण अधिक है।

पतली वलय में पूरा द्रव्यमान केंद्र से R दूरी पर होता है, इसलिए उसके तल के लंबवत केंद्रीय अक्ष के परितः I = MR² है। एकसमान चकती में बहुत-सा द्रव्यमान अक्ष के पास रहता है, इसलिए I = ½MR² होता है। समान कोणीय वेग ω पर वलय की ऊर्जा ½MR²ω² और चकती की केवल ¼MR²ω² होती है। यानी वलय की घूर्णन गतिज ऊर्जा चकती की दोगुनी है। द्रव्यमान अक्ष से जितना दूर होगा, पिंड को घुमाना उतना कठिन होगा और वह उतनी अधिक ऊर्जा रखेगा।

B गलत है: चकती का जड़त्व आघूर्ण कम है, इसलिए समान ω पर उसकी ऊर्जा भी कम है।

C गलत है: समान द्रव्यमान और त्रिज्या का अर्थ समान जड़त्व आघूर्ण नहीं है; द्रव्यमान का वितरण मायने रखता है।

D गलत है: घूमते पिंड में घूर्णन गतिज ऊर्जा होती है, भले ही उसका द्रव्यमान केंद्र स्थिर हो।

परीक्षा टिप: वलय I = MR², चकती I = ½MR², ठोस गोला I = ⅖MR²; घूर्णन गतिज ऊर्जा = ½Iω²।

Q5.सामान्य विज्ञानआसान

भारत में मधुर क्रांति किसके उत्पादन से संबंधित है?

  1. A.गन्ना
  2. B.शहद
  3. C.दूध
  4. D.फल
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. शहद

व्याख्या

सही उत्तर B, शहद है। मधुर क्रांति उस अभियान का नाम है जिसके द्वारा भारत में शहद उत्पादन और मधुमक्खी पालन बढ़ाने का प्रयास किया जाता है, और इसके लिए राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन एवं शहद मिशन चलाया गया। विकल्प A गलत है क्योंकि सामान्य सूची में गन्ने या चीनी की अपनी कोई रंग-क्रांति नहीं है। विकल्प C गलत है क्योंकि दूध श्वेत क्रांति से जुड़ा है, जो ऑपरेशन फ्लड और वर्गीज कुरियन से संबंधित है। विकल्प D गलत है क्योंकि फल उत्पादन को स्वर्ण क्रांति कहा जाता है, जिसमें बागवानी आती है; इसी प्रकार पीली क्रांति तिलहन, नीली क्रांति मछली, हरित क्रांति खाद्यान्न और गुलाबी क्रांति झींगा या प्याज से जुड़ी है। ये रंग-क्रांतियाँ लगभग हर वर्ष पूछी जाती हैं, इसलिए इन्हें एक सारणी के रूप में याद करें।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA-II 2025, GATमध्यम

एक पारसेक, खगोलीय इकाई (A.U.) में लगभग कितना होता है?

  1. A.2 × 10³ A.U.
  2. B.2 × 10⁴ A.U.
  3. C.2 × 10⁵ A.U.
  4. D.2 × 10⁶ A.U.
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 2 × 10⁵ A.U.

व्याख्या

सही उत्तर है C, 2 × 10⁵ A.U.। एक पारसेक लगभग 2,06,265 खगोलीय इकाइयों के बराबर होता है, जो लगभग 2 × 10⁵ A.U. है।

खगोलीय इकाई पृथ्वी और सूर्य के बीच की औसत दूरी है, लगभग 1·5 × 10¹¹ m। पारसेक वह दूरी है जिस पर एक खगोलीय इकाई एक आर्क-सेकंड का कोण बनाती है; इसका नाम "पैरालैक्स ऑफ वन आर्कसेकंड" से बना है। एक रेडियन में लगभग 2,06,265 आर्क-सेकंड होते हैं, इसलिए एक पारसेक में उतनी ही खगोलीय इकाइयां होती हैं। यह लगभग 3·26 प्रकाश वर्ष या 3·1 × 10¹⁶ m के बराबर है और तारों के बीच की दूरियां मापने में काम आता है।

A गलत है: 2,000 A.U. सही मान से लगभग सौ गुना छोटा है।

B गलत है: 20,000 A.U. भी पारसेक से दस गुना कम है।

D गलत है: 2 × 10⁶ A.U. पारसेक से दस गुना अधिक है।

परीक्षा टिप: 1 पारसेक ≈ 2·06 × 10⁵ A.U. ≈ 3·26 प्रकाश वर्ष; क्रम याद रखें: A.U. < प्रकाश वर्ष < पारसेक।

Q7.सामान्य विज्ञानआसान

निम्नलिखित में से कौन अंडे देने वाला स्तनधारी है?

  1. A.कंगारू
  2. B.प्लैटिपस
  3. C.चमगादड़
  4. D.व्हेल
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. प्लैटिपस

व्याख्या

सही उत्तर B, प्लैटिपस, अर्थात ऑस्ट्रेलिया का ऑर्निथोरिंकस है। वह मोनोट्रीम समूह का है, जो एकमात्र अंडे देने वाले स्तनधारी हैं, और दूसरा सदस्य कंटीली चींटीखोर एकिडना है। शिशु अंडों से निकलते हैं और फिर माता की दुग्ध ग्रंथियों का दूध पीते हैं, इसी कारण यह जंतु फिर भी स्तनधारी है।

विकल्प A, कंगारू अर्थात मैक्रोपस शिशुधानी वाला जंतु है: उसका शिशु बहुत छोटा जन्म लेता है और थैली में वृद्धि पूरी करता है, पर वह जन्म लेता है, अंडे से नहीं निकलता। विकल्प C, टेरोपस आदि चमगादड़ सजीवप्रजक हैं और वही एकमात्र स्तनधारी हैं जो वास्तव में उड़ सकते हैं। विकल्प D, व्हेल भी सजीवप्रजक है और जल के भीतर अपने बच्चे को दूध पिलाती है; वह स्तनधारी है, मछली नहीं। केवल मोनोट्रीम ही शिशु जनने के नियम को तोड़ते हैं।

Q8.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2020, Paper Iमध्यम

निम्नलिखित में से किस विधि का उपयोग जल की स्थायी कठोरता दूर करने के लिए किया जा सकता है?

  1. A.उबालना
  2. B.आयन-विनिमय
  3. C.चूना उपचार
  4. D.सल्फर डाइऑक्साइड गैस प्रवाहित करना
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. आयन-विनिमय

व्याख्या

सही उत्तर है B, आयन-विनिमय। आयन-विनिमय रेज़िन या ज़िओलाइट स्थायी कठोरता पैदा करने वाले कैल्शियम और मैग्नीशियम आयनों को सोडियम या हाइड्रोजन आयनों से बदल देता है।

स्थायी कठोरता कैल्शियम और मैग्नीशियम के क्लोराइडों और सल्फेटों से होती है, जो गर्म करने पर नहीं टूटते। ज़िओलाइट (परम्यूटिट) विधि में सोडियम एल्युमिनियम सिलिकेट Ca2+ और Mg2+ को ले लेता है और Na+ छोड़ता है, जिससे जल कठोर नहीं होता; उपयोग हो चुके ज़िओलाइट को नमक के घोल से धोकर फिर तैयार कर लिया जाता है। कृत्रिम रेज़िन भी इसी तरह काम करते हैं। धोने का सोडा और कैलगॉन भी स्थायी कठोरता दूर करते हैं।

A गलत है: उबालने से केवल अस्थायी कठोरता दूर होती है, क्योंकि घुलनशील बाइकार्बोनेट अघुलनशील कार्बोनेट बन जाते हैं।

C गलत है: चूना उपचार (क्लार्क विधि) भी केवल अस्थायी कठोरता दूर करता है।

D गलत है: सल्फर डाइऑक्साइड प्रवाहित करने से जल केवल अम्लीय होता है; कैल्शियम या मैग्नीशियम नहीं निकलते।

परीक्षा टिप: अस्थायी कठोरता = बाइकार्बोनेट, उबालने या क्लार्क विधि से; स्थायी = क्लोराइड और सल्फेट, धोने का सोडा, कैलगॉन या आयन-विनिमय से।

Q9.सामान्य विज्ञानमध्यम

मनुष्य में क्षय रोग का कारण क्या है?

  1. A.एक विषाणु
  2. B.जीवाणु माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस
  3. C.एस्परजिलस वंश का कवक
  4. D.प्रोटोजोआ एंटअमीबा हिस्टोलिटिका
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. जीवाणु माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस

व्याख्या

सही उत्तर B, जीवाणु माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस है, जिसे रॉबर्ट कोख ने 1882 में पहचाना, इसीलिए इसे कोख का दंडाणु भी कहा जाता है। यह वायु की बूंदों से फैलता है, मुख्यतः फेफड़ों पर आक्रमण करता है और इसका उपचार कई प्रतिजैविकों के लंबे तथा अखंडित कोर्स से होता है। विकल्प A गलत है क्योंकि क्षय रोग जीवाणु जनित है; उसे विषाणु रोग मानने की भूल से परीक्षार्थी प्रतिजैविकों को अनुपयुक्त मान लेते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि एस्परजिलस दुर्बल प्रतिरक्षा वाले व्यक्तियों में फेफड़े के अन्य रोग करता है तथा उद्योग में सिट्रिक अम्ल के लिए प्रयुक्त होता है, परंतु क्षय रोग नहीं करता। विकल्प D गलत है क्योंकि एंटअमीबा हिस्टोलिटिका अमीबीय अतिसार करता है, जो दूषित भोजन और जल से फैलने वाला आंत्र रोग है। कुष्ठ रोग इसी वंश की जाति माइकोबैक्टीरियम लेप्री से होता है।

Q10.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA-I 2026, GATकठिन

एक आदर्श गैस के लिए एक प्रक्रम P = kT द्वारा व्यक्त होता है, जहां k एक स्थिरांक है। यदि इस प्रक्रम के लिए मोलर ऊष्मा धारिता C है, तो निम्नलिखित में से कौन-सा सही है (जहां प्रतीकों के सामान्य अर्थ हैं)?

  1. A.C = Cp
  2. B.C = Cv
  3. C.C = (Cp + Cv)/2
  4. D.C कभी स्थिर नहीं होता
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. C = Cv

व्याख्या

सही उत्तर है B, C = Cv। आदर्श गैस की निश्चित मात्रा में यदि दाब ताप के समानुपाती है, तो आयतन स्थिर रहना चाहिए, यानी प्रक्रम समआयतनिक है।

n मोल आदर्श गैस के लिए PV = nRT, इसलिए P/T = nR/V। यदि P/T एक स्थिरांक k के बराबर है, तो V = nR/k भी स्थिर है। स्थिर आयतन वाले प्रक्रम में गैस कोई कार्य नहीं करती और दी गई पूरी ऊष्मा उसकी आंतरिक ऊर्जा बढ़ाती है; प्रति मोल प्रति केल्विन आवश्यक ऊष्मा परिभाषा के अनुसार स्थिर आयतन पर मोलर ऊष्मा धारिता Cv है। यह गे-लुसाक के दाब नियम का उदाहरण है।

A गलत है: Cp समदाबी प्रक्रम पर लागू होता है, जिसमें दाब स्थिर रहता है, आयतन नहीं।

C गलत है: Cp और Cv का औसत यहां किसी मानक प्रक्रम को नहीं दर्शाता।

D गलत है: इस प्रक्रम में आदर्श गैस की ऊष्मा धारिता स्थिर है और Cv के बराबर है।

परीक्षा टिप: P ∝ T यानी समआयतनिक (C = Cv); V ∝ T यानी समदाबी (C = Cp); समतापी में ऊष्मा धारिता अनंत और रुद्धोष्म में शून्य।

Q11.सामान्य विज्ञानकठिन

कॉर्डेटा के किस उपसंघ में नोटोकॉर्ड जीवन भर पूरे शरीर की लंबाई में बना रहता है?

  1. A.यूरोकॉर्डेटा
  2. B.सेफैलोकॉर्डेटा
  3. C.वर्टिब्रेटा
  4. D.हेमीकॉर्डेटा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सेफैलोकॉर्डेटा

व्याख्या

सही उत्तर B, सेफैलोकॉर्डेटा है। ब्रैंकिओस्टोमा जैसे जंतुओं में, जिन्हें एंफीऑक्सस अथवा लैंसलेट भी कहा जाता है, नोटोकॉर्ड सिर से पूंछ तक फैला रहता है और जीवन भर बना रहता है, इसी कारण इस समूह को कॉर्डेट की मूल योजना का सबसे स्पष्ट जीवित चित्र माना जाता है।

विकल्प A, यूरोकॉर्डेटा में एसिडिया, साल्पा तथा डोलिओलम आते हैं, जिनमें नोटोकॉर्ड केवल मुक्त तैरते लार्वा की पूंछ में होता है और स्थिर होने पर लुप्त हो जाता है, जिसे प्रतिगामी कायांतरण कहते हैं। विकल्प C, वर्टिब्रेटा में परिवर्धन के समय नोटोकॉर्ड का स्थान उपास्थि या अस्थि की कशेरुक दंड ले लेती है। विकल्प D, हेमीकॉर्डेटा अब अकॉर्डेट का अलग संघ माना जाता है, जिसमें कॉलर क्षेत्र में केवल छोटी रचना होती है, वास्तविक नोटोकॉर्ड नहीं, और उसका उदाहरण बैलेनोग्लॉसस है।

Q12.सामान्य विज्ञानपूछा गया: हरियाणा · 29 Feb 2020, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से कौन पौधों को प्रभावित करने वाला जीवाणु जनित रोग है?

  1. A.क्राउन गॉल
  2. B.मोज़ेक
  3. C.कंडुआ (स्मट)
  4. D.ब्लिस्टर
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. क्राउन गॉल

व्याख्या

सही उत्तर है A, क्राउन गॉल। क्राउन गॉल रोग एग्रोबैक्टीरियम ट्यूमिफेशिएंस नामक जीवाणु से होता है, जो तने के आधार यानी क्राउन के पास किसी घाव से भीतर पहुँचता है और वहाँ गाँठ जैसी खुरदरी सूजन बना देता है। यह जीवाणु अपने Ti प्लाज्मिड का एक टुकड़ा पौधे की कोशिकाओं में डालकर उन्हें लगातार विभाजित होने पर मजबूर करता है, और इसी प्राकृतिक गुण के कारण प्रयोगशालाओं में इसे पौधों में नए जीन पहुँचाने वाले वाहक के रूप में उपयोग किया जाता है। अंगूर, सेब, गुलाब, अखरोट और गुठलीदार फलों में यह रोग सबसे अधिक होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि मोज़ेक रोग, जैसे तंबाकू मोज़ेक, विषाणु से होते हैं और पत्तियों पर हल्के-गहरे धब्बे बनाते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि गेहूँ, बाजरा और गन्ने का कंडुआ कवक जनित रोग है, जो बालियों को काले चूर्ण जैसे बीजाणुओं से भर देता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि सरसों जैसी फसलों का सफेद ब्लिस्टर या सफेद रस्ट भी कवक जनित है और पत्तियों व तनों पर सफेद फफोले बनाता है। परीक्षा टिप: जीवाणु — क्राउन गॉल, सिट्रस कैंकर, धान का जीवाणु झुलसा; विषाणु — मोज़ेक; कवक — कंडुआ, रस्ट।

Q13.सामान्य विज्ञानकठिन

विषाणुओं को सजीव और निर्जीव की सीमा पर मुख्यतः किस कारण कहा जाता है?

  1. A.वे जीवाणुओं से छोटे होते हैं
  2. B.वे केवल जीवित पोषी कोशिका के भीतर गुणन कर सकते हैं और बाहर निष्क्रिय रहते हैं
  3. C.उनमें डीएनए और आरएनए दोनों होते हैं
  4. D.उन्हें प्रतिजैविकों से मारा जा सकता है
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. वे केवल जीवित पोषी कोशिका के भीतर गुणन कर सकते हैं और बाहर निष्क्रिय रहते हैं

व्याख्या

सही उत्तर B है। विषाणु में आनुवंशिकता है और वह सजीव की तरह उत्परिवर्तित भी होता है, फिर भी उसके पास अपनी कोशिका, अपना उपापचय और प्रजनन का अपना साधन नहीं है; पोषी के बाहर वह निष्क्रिय कण है, जिसे क्रिस्टलित भी किया जा सकता है, जैसा डब्ल्यू. एम. स्टेनली ने 1935 में तंबाकू मोजैक विषाणु के साथ दिखाया, और पोषी कोशिका के भीतर वह उसी कोशिका से अपनी प्रतियां बनवाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि केवल छोटा आकार सजीवता के विषय में कुछ नहीं कहता; अनेक जीवाणु अत्यंत छोटे हैं और पूर्णतः सजीव हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि विषाणु में डीएनए अथवा आरएनए में से एक ही होता है, दोनों कभी नहीं, और यह परीक्षकों का प्रिय बिंदु है। विकल्प D गलत है क्योंकि प्रतिजैविक जीवाणु संरचनाओं पर कार्य करते हैं और विषाणुओं पर व्यर्थ हैं।

Q14.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 10 Oct 2018, Shift 2आसान

सभी तत्वों के सापेक्ष परमाणु द्रव्यमान ________ के परमाणु के सापेक्ष ज्ञात किए गए हैं।

  1. A.N-14
  2. B.O-16
  3. C.C-12
  4. D.C-16
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. C-12

व्याख्या

सही उत्तर है C, C-12। सापेक्ष परमाणु द्रव्यमान कार्बन-12 परमाणु के सापेक्ष मापा जाता है, जिसके द्रव्यमान का बारहवाँ भाग मानक इकाई माना गया है। यही इकाई परमाणु द्रव्यमान इकाई है, जिसे u लिखा जाता है, और इसे कार्बन-12 के एक परमाणु के द्रव्यमान के ठीक बारहवें भाग के रूप में परिभाषित किया गया है। इसलिए जब हम कहते हैं कि ऑक्सीजन का सापेक्ष परमाणु द्रव्यमान 16 u है, तो इसका अर्थ है कि एक ऑक्सीजन परमाणु कार्बन-12 परमाणु के बारहवें भाग से सोलह गुना भारी है। अंतर्राष्ट्रीय शुद्ध एवं अनुप्रयुक्त रसायन संघ ने 1961 में कार्बन-12 को मानक बनाया, क्योंकि इससे सबसे सुसंगत मान मिलते थे। A गलत है क्योंकि नाइट्रोजन-14 कभी मानक नहीं रहा। B गलत है क्योंकि ऑक्सीजन-16 पुराना मानक था, जिसे कार्बन-12 ने बदल दिया। D गलत है क्योंकि C-16 यहाँ प्रयुक्त कोई ज्ञात समस्थानिक ही नहीं है। परीक्षा टिप: 1 u का अर्थ है कार्बन-12 परमाणु के द्रव्यमान का बारहवाँ भाग।

Q15.सामान्य विज्ञानमध्यम

रक्त का थक्का बनने से रोकने वाला पदार्थ हिरुडिन किस जंतु से प्राप्त होता है?

  1. A.जोंक
  2. B.केंचुआ
  3. C.फीताकृमि
  4. D.गोल कृमि
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. जोंक

व्याख्या

सही उत्तर A, जोंक, अर्थात हिरुडिनेरिया है, जो दूसरे जंतुओं का रक्त पीने वाला एनेलिड है। उसकी लार ग्रंथियां हिरुडिन स्रावित करती हैं, जो प्रतिस्कंदक है और जोंक के भोजन करते समय परपोषी का रक्त बहता रखता है, और इसी गुण ने जोंक को पुरानी चिकित्सा पद्धति का अंग तथा रक्त पतला करने वाली आधुनिक खोज का विषय बनाया।

विकल्प B, केंचुआ अर्थात फेरेटिमा मिट्टी के सड़े कार्बनिक पदार्थ खाता है और ऐसा कोई पदार्थ नहीं स्रावित करता; उसकी सेवा मिट्टी की उपजाऊ शक्ति है, इसी कारण डार्विन ने केंचुओं को किसान का मित्र कहा। विकल्प C, फीताकृमि अर्थात टीनिया चपटा कृमि है, जो परपोषी की आंत में पचे भोजन को देह भित्ति से सोखता है। विकल्प D, गोल कृमि अर्थात एस्केरिस भी आंत का परजीवी है। केवल जोंक रक्त पीने वाला और प्रतिस्कंदक वाला जंतु है।

Q16.सामान्य विज्ञानपूछा गया: बिहार · BPSC AE Paper 5 (Civil Engineering) 2012मध्यम

निम्नलिखित में से सही कथन चुनें: 1. हुक का नियम समानुपातिकता सीमा तक मान्य है। 2. हुक का नियम प्रत्यास्थता सीमा तक मान्य है। 3. समानुपातिकता सीमा सदैव प्रत्यास्थता सीमा से कम होती है। 4. समानुपातिकता सीमा प्रत्यास्थता सीमा के बराबर या उससे कम होती है। सही उत्तर है

  1. A.1 और 4
  2. B.2 और 4
  3. C.1 और 3
  4. D.2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 1 और 4

व्याख्या

सही उत्तर है A, 1 और 4। हुक का नियम केवल समानुपातिकता सीमा तक लागू होता है, और यह सीमा प्रत्यास्थता सीमा के बराबर या उससे कम होती है, इसलिए कथन 1 और 4 ही सही जोड़ी बनाते हैं। हुक के नियम के अनुसार प्रतिबल विकृति के समानुपाती होता है, और यही प्रतिबल-विकृति ग्राफ का सीधा भाग है; जहाँ वक्र सीधी रेखा छोड़ देता है, वही बिंदु समानुपातिकता सीमा है। उससे कुछ आगे तक भी पदार्थ बल हटाने पर अपने मूल रूप में लौट आता है, और जहाँ तक ऐसा होता है वह अंतिम बिंदु प्रत्यास्थता सीमा कहलाता है। अधिकांश धातुओं में ये दोनों बिंदु बहुत पास होते हैं और आदर्श पदार्थ में एक ही हो जाते हैं। B गलत है क्योंकि कथन 2 नियम को ग्राफ के सीधे भाग से आगे तक खींच देता है, जहाँ समानुपात नहीं रहता। C और D गलत हैं क्योंकि कथन 3 सदैव कम कहता है, जबकि दोनों सीमाएँ बराबर भी हो सकती हैं। परीक्षा टिप: क्रम याद रखें - समानुपातिकता सीमा, प्रत्यास्थता सीमा, पराभव बिंदु, परम प्रतिबल।

Q17.सामान्य विज्ञानकठिन

दूध के पाश्चुरीकरण में दूध को लगभग कितने ताप पर कितनी देर रखा जाता है?

  1. A.40 डिग्री सेल्सियस पर पाँच मिनट
  2. B.70 डिग्री सेल्सियस पर 15 से 30 सेकंड
  3. C.100 डिग्री सेल्सियस पर दस मिनट
  4. D.121 डिग्री सेल्सियस पर बीस मिनट
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 70 डिग्री सेल्सियस पर 15 से 30 सेकंड

व्याख्या

सही उत्तर B, 70 डिग्री सेल्सियस पर 15 से 30 सेकंड है, जिसके बाद दूध तुरंत ठंडा कर भंडारित किया जाता है। यह कम समय का तेज तापन रोगकारक तथा अधिकांश खराबी करने वाले सूक्ष्मजीवों को मार देता है, जबकि दूध का स्वाद और अधिकांश पोषक मान बना रहता है, जो उबालने से नहीं होता। विकल्प A गलत है क्योंकि चालीस डिग्री वह ताप है जिसके आस-पास सूक्ष्मजीव सबसे अच्छी वृद्धि करते हैं, इसलिए उससे कुछ परिरक्षित नहीं होगा। विकल्प C गलत है क्योंकि सौ डिग्री पर दस मिनट सामान्य उबालना है, जिससे स्वाद बदलता है और कुछ विटामिन नष्ट होते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि दाब में एक सौ इक्कीस डिग्री पर बीस मिनट ऑटोक्लेविंग है, जो उपकरण और संवर्धन माध्यम निर्जर्मीकरण के लिए है, दूध के लिए नहीं। यह विधि लुई पाश्चर के नाम पर है।

Q18.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2020, Paper Iआसान

वास्तविक आंतरिक देहगुहा (सीलोम) वाले जंतु को आप निम्नलिखित में से किस संघ में रखेंगे?

  1. A.पोरीफेरा
  2. B.प्लैटीहेल्मिंथीज़
  3. C.नाइडेरिया
  4. D.ऐनेलिडा
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. ऐनेलिडा

व्याख्या

सही उत्तर है D, ऐनेलिडा। केंचुआ, जोंक और नेरीस जैसे ऐनेलिड सामान्य क्रम में पहले वास्तविक सीलोम वाले जंतु हैं: इनकी देहगुहा चारों ओर से मध्यजनस्तर (मीसोडर्म) से ढकी होती है।

जंतुओं को उनकी देहगुहा के आधार पर बाँटा जाता है। अगुहीय जंतुओं में कोई गुहा नहीं होती; कूटगुहीय जंतुओं, जैसे गोलकृमि (एस्केल्मिंथीज़), में गुहा केवल आंशिक रूप से मीसोडर्म से ढकी होती है; वास्तविक गुहा वाले जंतुओं में गुहा पूरी तरह मीसोडर्म से ढकी होती है, जिससे अंगों को बढ़ने और हिलने की जगह मिलती है। ऐनेलिडा, आर्थ्रोपोडा, मोलस्का, इकाइनोडर्मेटा, हेमीकॉर्डेटा और कॉर्डेटा सभी सीलोमेट हैं। केंचुए में सीलोम का द्रव मिट्टी खोदने में द्रवस्थैतिक कंकाल का काम भी करता है।

A गलत है: पोरीफेरा (स्पंज) कोशिकीय स्तर के जंतु हैं; इनमें न वास्तविक ऊतक हैं न सीलोम।

B गलत है: फीताकृमि और यकृत पर्णाभ जैसे चपटे कृमि (प्लैटीहेल्मिंथीज़) अगुहीय होते हैं।

C गलत है: हाइड्रा और जेलीफ़िश जैसे नाइडेरिया द्विस्तरीय हैं, इनमें केवल आहार गुहा है, सीलोम नहीं।

परीक्षा टिप: अगुहीय = चपटे कृमि; कूटगुहीय = गोलकृमि; वास्तविक सीलोम ऐनेलिडा से शुरू।

Q19.सामान्य विज्ञानकठिन

सिट्रिक अम्ल का औद्योगिक उत्पादन किस सूक्ष्मजीव की सहायता से होता है?

  1. A.एस्परजिलस नाइजर
  2. B.लैक्टोबैसिलस बल्गैरिकस
  3. C.क्लॉस्ट्रिडियम टिटेनी
  4. D.एनाबीना
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. एस्परजिलस नाइजर

व्याख्या

सही उत्तर A, एस्परजिलस नाइजर है, जो शर्करा माध्यम पर उगाया जाने वाला कवक है और विश्व का अधिकांश सिट्रिक अम्ल इसी से बनता है, जिसका उपयोग शीतल पेय, खाद्य पदार्थ और औषधियों में होता है। विकल्प B गलत है क्योंकि लैक्टोबैसिलस जातियां लैक्टिक अम्ल बनाती हैं और दही तथा अन्य किण्वित दुग्ध उत्पादों में प्रयुक्त होती हैं, सिट्रिक अम्ल में नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि क्लॉस्ट्रिडियम टिटेनी टिटनेस का जीवाणु है, जो अवायुजीवी है और घाव से प्रवेश करता है; वह रोगकारक है, औद्योगिक जीव नहीं, यद्यपि इसी वंश की एक जाति से ब्यूटिरिक अम्ल मिलता है। विकल्प D गलत है क्योंकि एनाबीना नाइट्रोजन स्थिरीकरण करने वाला नील हरित जीवाणु है, जो जल फर्न एजोला के साथ धान के खेतों में जैव उर्वरक के रूप में प्रयुक्त होता है। याद रखने योग्य अन्य औद्योगिक जोड़े हैं एथेनॉल के लिए सैकरोमाइसीज और स्टेटिन के लिए मोनास्कस परप्यूरियस।

Q20.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · CDS-I 2026, GKमध्यम

प्रतिजैविक पेनिसिलिन मानव कोशिकाओं को हानि पहुँचाए बिना आक्रमणकारी बैक्टीरिया को मार सकता है, क्योंकि यह बैक्टीरिया के किस भाग को निशाना बनाता है?

  1. A.कोशिका भित्ति
  2. B.प्लाज़्मा झिल्ली
  3. C.राइबोसोम
  4. D.गुणसूत्र
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. कोशिका भित्ति

व्याख्या

सही उत्तर है A, कोशिका भित्ति। बैक्टीरिया में कोशिका भित्ति होती है और मानव कोशिकाओं में नहीं, इसलिए कोशिका भित्ति पर हमला करने वाली दवा केवल बैक्टीरिया को नुकसान पहुँचाती है।

बैक्टीरिया की कोशिका भित्ति पेप्टिडोग्लाइकन से बनी होती है, जो शर्कराओं और छोटे पेप्टाइडों का जाल है; यह कोशिका को आकार देता है और उसे फटने से बचाता है। पेनिसिलिन उन एंजाइमों को रोकता है जो इस जाल के आपसी जोड़ बनाते हैं। तब बढ़ता हुआ बैक्टीरिया कमज़ोर भित्ति बनाता है, पानी सोखता है और फट जाता है। मानव कोशिकाओं में केवल प्लाज़्मा झिल्ली होती है, पेप्टिडोग्लाइकन नहीं, इसलिए वे सुरक्षित रहती हैं। अलेक्ज़ेंडर फ्लेमिंग ने 1928 में पेनिसिलियम नोटेटम कवक से पेनिसिलिन खोजा था।

B गलत है: मानव कोशिकाओं में भी प्लाज़्मा झिल्ली होती है, इसलिए उस पर हमला हमारी कोशिकाओं को भी नुकसान पहुँचाता।

C गलत है: टेट्रासाइक्लिन जैसी कुछ प्रतिजैविक दवाएँ बैक्टीरिया के राइबोसोम पर काम करती हैं, पर पेनिसिलिन नहीं।

D गलत है: पेनिसिलिन बैक्टीरिया के गुणसूत्र या DNA पर काम नहीं करता।

परीक्षा टिप: 1928 में फ्लेमिंग द्वारा खोजा गया पेनिसिलिन बैक्टीरिया की कोशिका भित्ति बनने से रोकता है।

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