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GK24
GK क्विजसामान्य विज्ञान

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज: सेट 80

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज़ (सेट 80) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 14 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: कोशिका और ऊतक, प्रकाश का व्यतिकरण, विवर्तन और ध्रुवण, पादप जीवविज्ञान: प्रकाश संश्लेषण और प्रजनन और अन्य। इनमें से 13 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · CDS-I 2026, GKमध्यम

एक शोधकर्ता विभिन्न प्रकार की कोशिकाओं का अध्ययन कर रहा/रही है। किस प्रकार की कोशिका में उसे सबसे अधिक संख्या में लाइसोसोम मिलेंगे?

  1. A.अग्न्याशय की कोशिका
  2. B.अंडाशय की कोशिका
  3. C.किसी धावक की जांघ की पेशी कोशिका
  4. D.श्वेत रक्त कोशिका
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. श्वेत रक्त कोशिका

व्याख्या

सही उत्तर है D, श्वेत रक्त कोशिका। कई श्वेत रक्त कोशिकाएँ रोगाणुओं को निगलकर नष्ट करती हैं, और इस पाचन के लिए बड़ी संख्या में लाइसोसोम चाहिए।

लाइसोसोम झिल्ली से घिरी छोटी थैलियाँ हैं जिनमें जल-अपघटनी (हाइड्रोलाइटिक) एंजाइम भरे होते हैं। ये प्रोटीन, वसा, कार्बोहाइड्रेट और न्यूक्लिक अम्ल को तोड़ देते हैं। न्यूट्रोफिल और मैक्रोफेज जैसी भक्षक श्वेत रक्त कोशिकाएँ बैक्टीरिया और मृत कोशिकाओं को निगलती हैं, फिर लाइसोसोम उनसे जुड़कर उन्हें पचा देते हैं। लाइसोसोम फटने पर कोशिका स्वयं नष्ट हो सकती है, इसलिए इन्हें कोशिका की 'आत्मघाती थैली' कहते हैं।

A गलत है: अग्न्याशय की कोशिका स्रावी कोशिका है, जिसमें खुरदरी अंतर्द्रव्यी जालिका, गॉल्जी काय और एंजाइम कणिकाएँ अधिक होती हैं।

B गलत है: स्टेरॉयड हार्मोन बनाने वाली अंडाशय कोशिकाओं में चिकनी अंतर्द्रव्यी जालिका अधिक होती है।

C गलत है: धावक की पेशी कोशिका को ऊर्जा चाहिए, इसलिए उसमें माइटोकॉन्ड्रिया अधिक होते हैं।

परीक्षा टिप: लाइसोसोम = आत्मघाती थैली, भक्षक WBC में सबसे अधिक; माइटोकॉन्ड्रिया = ऊर्जा घर, पेशी कोशिका में सबसे अधिक।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA-II 2023, GATआसान

कहा जाता है कि पेड़ों के बीच से आती सूर्य की प्रकाश-किरणों की धाराओं से यह संकेत मिला कि प्रकाश सीधी रेखा में चलता है। प्रकाश-किरणों के मार्ग में मौजूद कण हमें दिखाई देते हैं, क्योंकि

  1. A.हवा में मौजूद धूल के कण प्रकाश को हमारी आँखों की ओर परावर्तित करते हैं
  2. B.हवा में मौजूद धूल के कण प्रकाश को हमारी आँखों की ओर प्रकीर्णित करते हैं
  3. C.हवा में मौजूद धूल के कण प्रकाश को हमारी आँखों की ओर अपवर्तित करते हैं
  4. D.हवा में मौजूद धूल के कण प्रकाश को हमारी आँखों की ओर ध्रुवित करते हैं
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. हवा में मौजूद धूल के कण प्रकाश को हमारी आँखों की ओर प्रकीर्णित करते हैं

व्याख्या

सही उत्तर है B, हवा में मौजूद धूल के कण प्रकाश को हमारी आँखों की ओर प्रकीर्णित करते हैं। किनारे से देखने पर किरण तभी दिखती है जब छोटे कण उसके कुछ प्रकाश को बगल की ओर भेजें।

सीधी रेखा में चलता प्रकाश तब तक हमारी आँख में नहीं आता जब तक कोई चीज़ उसे हमारी ओर न मोड़े। हवा में धूल, धुएँ और पानी की बारीक बूँदें प्रकाश को हर दिशा में बिखेर देती हैं, इसलिए हर किरण का कुछ भाग बगल में खड़े व्यक्ति तक पहुँच जाता है। इसे टिंडल प्रभाव कहते हैं; कोहरे में टॉर्च की किरण और धूल भरे कमरे या जंगल में धूप की धारियाँ इसी कारण दिखती हैं। बिल्कुल साफ़ हवा में किरण बगल से नहीं दिखेगी।

A गलत है: परावर्तन के लिए चिकनी सतह चाहिए और वह प्रकाश को एक तय दिशा में भेजता है; बारीक कण उसे हर ओर बिखेरते हैं।

C गलत है: अपवर्तन दो माध्यमों की सीमा पर प्रकाश का मुड़ना है, इससे किरण का मार्ग नहीं चमकता।

D गलत है: प्रकीर्णन से प्रकाश कुछ ध्रुवित हो सकता है, पर कणों के दिखने का कारण ध्रुवण नहीं है।

परीक्षा टिप: धूल भरे कमरे में धूप की धारियाँ और कोहरे में हेडलाइट की किरण, दोनों टिंडल प्रभाव के उदाहरण हैं।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · CDS-I 2026, GKकठिन

निम्नलिखित में से कौन-सा कैरोटिनॉयड वर्णक का कार्य नहीं है?

  1. A.शरद ऋतु की पत्तियों के पीले-नारंगी रंगों के लिए उत्तरदायी
  2. B.क्लोरोफिल को प्रकाश-ऑक्सीकरण से बचाना
  3. C.हमारी आँखों में प्रकाश-सुरक्षात्मक भूमिका
  4. D.वर्णक तंत्र में अभिक्रिया केंद्र
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. वर्णक तंत्र में अभिक्रिया केंद्र

व्याख्या

सही उत्तर है D, वर्णक तंत्र में अभिक्रिया केंद्र। प्रकाश-तंत्र का अभिक्रिया केंद्र एक विशेष क्लोरोफिल a अणु होता है, कैरोटिनॉयड नहीं।

प्रकाश-संश्लेषण में वर्णक प्रकाश-तंत्रों (फोटोसिस्टम) में संगठित रहते हैं। क्लोरोफिल b, कैरोटिनॉयड और ज़ैंथोफिल सहायक वर्णक हैं: ये अन्य तरंगदैर्ध्य का प्रकाश सोखकर ऊर्जा आगे बढ़ाते हैं। यह ऊर्जा अंत में अभिक्रिया केंद्र क्लोरोफिल a तक पहुँचती है, जिसे प्रकाश-तंत्र II में P680 और प्रकाश-तंत्र I में P700 कहते हैं; यही इलेक्ट्रॉन छोड़कर प्रकाश अभिक्रिया शुरू करता है। बीटा-कैरोटीन हमारे भोजन में विटामिन A का स्रोत भी है।

A गलत है: शरद ऋतु में हरा क्लोरोफिल टूटने पर पत्तियों के पीले-नारंगी रंग कैरोटिनॉयड से ही दिखते हैं।

B गलत है: कैरोटिनॉयड अतिरिक्त ऊर्जा सोखकर क्लोरोफिल को प्रकाश-ऑक्सीकरण से बचाते हैं, यह इनका वास्तविक कार्य है।

C गलत है: ल्यूटिन और ज़ियाज़ैंथिन जैसे कैरोटिनॉयड रेटिना में जमा होकर आँख को हानिकारक नीले प्रकाश से बचाते हैं।

परीक्षा टिप: अभिक्रिया केंद्र = क्लोरोफिल a (P680, P700); कैरोटिनॉयड और क्लोरोफिल b सहायक वर्णक हैं।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA-II 2019, GATमध्यम

एक पतली चकती और एक पतली वलय, दोनों का द्रव्यमान M और त्रिज्या R है। दोनों अपने द्रव्यमान केंद्र से होकर जाने वाली और अपनी सतह के लंबवत अक्षों के परितः समान कोणीय वेग से घूम रही हैं। निम्नलिखित में से कौन-सा सत्य है?

  1. A.वलय की गतिज ऊर्जा अधिक है
  2. B.चकती की गतिज ऊर्जा अधिक है
  3. C.वलय और चकती की गतिज ऊर्जा समान है
  4. D.दोनों पिंडों की गतिज ऊर्जा शून्य है, क्योंकि वे रैखिक गति में नहीं हैं
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. वलय की गतिज ऊर्जा अधिक है

व्याख्या

सही उत्तर है A, वलय की गतिज ऊर्जा अधिक है। घूर्णन गतिज ऊर्जा ½Iω² होती है, और वलय का जड़त्व आघूर्ण अधिक है।

पतली वलय में पूरा द्रव्यमान केंद्र से R दूरी पर होता है, इसलिए उसके तल के लंबवत केंद्रीय अक्ष के परितः I = MR² है। एकसमान चकती में बहुत-सा द्रव्यमान अक्ष के पास रहता है, इसलिए I = ½MR² होता है। समान कोणीय वेग ω पर वलय की ऊर्जा ½MR²ω² और चकती की केवल ¼MR²ω² होती है। यानी वलय की घूर्णन गतिज ऊर्जा चकती की दोगुनी है। द्रव्यमान अक्ष से जितना दूर होगा, पिंड को घुमाना उतना कठिन होगा और वह उतनी अधिक ऊर्जा रखेगा।

B गलत है: चकती का जड़त्व आघूर्ण कम है, इसलिए समान ω पर उसकी ऊर्जा भी कम है।

C गलत है: समान द्रव्यमान और त्रिज्या का अर्थ समान जड़त्व आघूर्ण नहीं है; द्रव्यमान का वितरण मायने रखता है।

D गलत है: घूमते पिंड में घूर्णन गतिज ऊर्जा होती है, भले ही उसका द्रव्यमान केंद्र स्थिर हो।

परीक्षा टिप: वलय I = MR², चकती I = ½MR², ठोस गोला I = ⅖MR²; घूर्णन गतिज ऊर्जा = ½Iω²।

Q5.सामान्य विज्ञानमध्यम

किस जंतु को सामान्यतः शैतान मछली कहा जाता है, जबकि वह मछली ही नहीं है?

  1. A.तारा मछली
  2. B.ऑक्टोपस
  3. C.समुद्री घोड़ा
  4. D.उड़न मछली
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. ऑक्टोपस

व्याख्या

सही उत्तर B, ऑक्टोपस है। वह संघ मोलस्का तथा वर्ग सेफैलोपोडा का है, इसलिए वह किसी मछली का नहीं, बल्कि स्क्विड और कटलफिश का संबंधी है, और शैतान मछली नाम उसकी आकृति तथा चूषकों वाली आठ भुजाओं से पड़ा।

विकल्प A, तारा मछली इकाइनोडर्म है, वह भी मछली नहीं, पर उसे शैतान मछली के स्थान पर समुद्री तारा कहा जाता है। विकल्प C, समुद्री घोड़ा अर्थात हिप्पोकैंपस वर्ग ऑस्टिक्थीज की वास्तविक अस्थिल मछली है, जो इसलिए उल्लेखनीय है कि उसका नर अंडों को थैली में रखता है। विकल्प D, उड़न मछली अर्थात एक्सोसीटस भी सच्ची अस्थिल मछली है, जो बड़े अंस पखों पर जल के ऊपर सरकती है। ऐसे प्रश्न यह जांचते हैं कि परीक्षार्थी प्रचलित नामों को वास्तविक वर्गीकरण से अलग रख पाता है या नहीं।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA-II 2025, GATमध्यम

एक पारसेक, खगोलीय इकाई (A.U.) में लगभग कितना होता है?

  1. A.2 × 10³ A.U.
  2. B.2 × 10⁴ A.U.
  3. C.2 × 10⁵ A.U.
  4. D.2 × 10⁶ A.U.
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 2 × 10⁵ A.U.

व्याख्या

सही उत्तर है C, 2 × 10⁵ A.U.। एक पारसेक लगभग 2,06,265 खगोलीय इकाइयों के बराबर होता है, जो लगभग 2 × 10⁵ A.U. है।

खगोलीय इकाई पृथ्वी और सूर्य के बीच की औसत दूरी है, लगभग 1·5 × 10¹¹ m। पारसेक वह दूरी है जिस पर एक खगोलीय इकाई एक आर्क-सेकंड का कोण बनाती है; इसका नाम "पैरालैक्स ऑफ वन आर्कसेकंड" से बना है। एक रेडियन में लगभग 2,06,265 आर्क-सेकंड होते हैं, इसलिए एक पारसेक में उतनी ही खगोलीय इकाइयां होती हैं। यह लगभग 3·26 प्रकाश वर्ष या 3·1 × 10¹⁶ m के बराबर है और तारों के बीच की दूरियां मापने में काम आता है।

A गलत है: 2,000 A.U. सही मान से लगभग सौ गुना छोटा है।

B गलत है: 20,000 A.U. भी पारसेक से दस गुना कम है।

D गलत है: 2 × 10⁶ A.U. पारसेक से दस गुना अधिक है।

परीक्षा टिप: 1 पारसेक ≈ 2·06 × 10⁵ A.U. ≈ 3·26 प्रकाश वर्ष; क्रम याद रखें: A.U. < प्रकाश वर्ष < पारसेक।

Q7.सामान्य विज्ञानआसान

दलहनी पौधों की जड़ ग्रंथिकाओं में नाइट्रोजन स्थिरीकरण कौन करता है?

  1. A.राइजोबियम
  2. B.नाइट्रोबैक्टर
  3. C.स्यूडोमोनास
  4. D.सैकरोमाइसीज
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. राइजोबियम

व्याख्या

सही उत्तर A, राइजोबियम है। यह चना, मटर, मूंगफली तथा अन्य दलहनों की जड़ों की ग्रंथिकाओं में सहजीवी रूप में रहता है और वायुमंडलीय नाइट्रोजन को उन यौगिकों में बदलता है जिन्हें पौधा अवशोषित कर सकता है, और बदले में पौधे से भोजन लेता है। विकल्प B गलत है क्योंकि नाइट्रोबैक्टर नाइट्रोजन स्थिरीकरण नहीं करता, वह नाइट्रीकरण का दूसरा चरण करता है और नाइट्राइट का ऑक्सीकरण कर नाइट्रेट बनाता है, जबकि नाइट्रोसोमोनास पहले अमोनिया से नाइट्राइट बनाता है। विकल्प C गलत है क्योंकि स्यूडोमोनास विनाइट्रीकरण करता है और मिट्टी की नाइट्रोजन वायुमंडल में लौटाता है, जो स्थिरीकरण का उलटा है। विकल्प D गलत है क्योंकि सैकरोमाइसीज बेकिंग और मदिरा निर्माण में प्रयुक्त यीस्ट है। एजोटोबैक्टर मिट्टी में स्वतंत्र रहकर तथा नॉस्टॉक और एनाबीना जल में स्थिरीकरण करते हैं।

Q8.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2023, Paper Iमध्यम

सभी घुलनशील खनिज लवणों से मुक्त शुद्ध, विखनिजीकृत (demineralized) जल निम्नलिखित में से किस विधि से प्राप्त किया जाता है?

  1. A.जल को सूक्ष्म-निस्यंदन (माइक्रोफिल्ट्रेशन) झिल्ली से गुजारकर
  2. B.कैलगॉन विधि
  3. C.जल को धनायन-विनिमय और ऋणायन-विनिमय रेज़िन के स्तंभ से गुजारकर
  4. D.उबालकर
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. जल को धनायन-विनिमय और ऋणायन-विनिमय रेज़िन के स्तंभ से गुजारकर

व्याख्या

सही उत्तर है C, जल को धनायन-विनिमय और ऋणायन-विनिमय रेज़िन के स्तंभ से गुजारकर। दोनों रेज़िन मिलकर हर घुला हुआ आयन निकाल देते हैं और विखनिजीकृत जल बचता है।

धनायन-विनिमय रेज़िन (RH) में Ca2+, Mg2+ और Na+ जैसे धातु आयन H+ आयनों से बदल जाते हैं। फिर जल ऋणायन-विनिमय रेज़िन (R'OH) से गुजरता है, जहाँ क्लोराइड, सल्फेट और बाइकार्बोनेट आयन OH− आयनों से बदल जाते हैं। निकले हुए H+ और OH− मिलकर जल बना लेते हैं, इसलिए कोई लवण नहीं बचता। यह विआयनित जल प्रयोगशालाओं, बैटरियों और बॉयलरों में काम आता है।

A गलत है: माइक्रोफिल्ट्रेशन झिल्ली निलंबित कणों और सूक्ष्मजीवों को रोकती है, घुले लवणों को नहीं।

B गलत है: कैलगॉन (सोडियम हेक्सामेटाफॉस्फेट) केवल कैल्शियम और मैग्नीशियम आयनों को बाँधता है; लवण जल में घुले रहते हैं।

D गलत है: उबालने से केवल बाइकार्बोनेट वाली अस्थायी कठोरता दूर होती है; क्लोराइड और सल्फेट बने रहते हैं।

परीक्षा टिप: धनायन रेज़िन H+ देता है, ऋणायन रेज़िन OH− देता है; दोनों साथ = विखनिजीकृत (विआयनित) जल।

Q9.सामान्य विज्ञानकठिन

रेशम तंतु पर चढ़ी वह गोंद जो डीगमिंग से हटाई जाती है, कौन सी है?

  1. A.फाइब्रोइन
  2. B.सेरिसिन
  3. C.काइटिन
  4. D.किरेटिन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सेरिसिन

व्याख्या

सही उत्तर B, सेरिसिन है। रेशम कीट की रेशम ग्रंथि फाइब्रोइन नामक प्रोटीन स्रावित करती है और उस पर दूसरा प्रोटीन सेरिसिन चढ़ाती है, जो गोंद की तरह काम करता है और कोकून को कठोर बनाता है; कोकून उबालने से सेरिसिन नरम होता है जिससे तंतु खोला जा सके, और बाद में उसे हटाने को डीगमिंग कहते हैं, जिससे रेशम में चमक और कोमलता आती है। विकल्प A गलत है क्योंकि फाइब्रोइन स्वयं तंतु है और उसे हटाया नहीं जाता। विकल्प C गलत है क्योंकि काइटिन कीट के बाह्यकंकाल और कवक की कोशिका भित्ति का पदार्थ है, रेशम का नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि किरेटिन बाल, ऊन, नाखून, सींग और परों का प्रोटीन है; ऊन किरेटिन है और रेशम फाइब्रोइन, यह अंतर परीक्षक एक ही प्रश्न में जाँचना पसंद करते हैं।

Q10.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2021, Paper Iआसान

भोजन पकाने के लिए किस/किन विद्युत-चुंबकीय विकिरण/विकिरणों का उपयोग किया जाता है?

  1. A.केवल अवरक्त विकिरण
  2. B.केवल सूक्ष्मतरंग (माइक्रोवेव) विकिरण
  3. C.अवरक्त और सूक्ष्मतरंग विकिरण
  4. D.सभी विद्युत-चुंबकीय विकिरण
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. अवरक्त और सूक्ष्मतरंग विकिरण

व्याख्या

सही उत्तर है C, अवरक्त और सूक्ष्मतरंग विकिरण। ये दोनों विकिरण ऐसी ऊर्जा ले जाते हैं जिसे भोजन ऊष्मा के रूप में सोख लेता है, और दोनों रसोई में रोज़ काम आते हैं।

अवरक्त (इन्फ्रारेड) विकिरण गर्म वस्तुओं से निकलने वाला ऊष्मा-विकिरण है। ग्रिल, टोस्टर, ओवन की गर्म छड़ या दहकते कोयले भोजन को मुख्य रूप से अवरक्त किरणों से पकाते हैं। माइक्रोवेव ओवन लगभग 2.45 GHz की सूक्ष्मतरंगों का उपयोग करता है। भोजन में मौजूद पानी के अणु ध्रुवीय होते हैं, इसलिए वे बदलते क्षेत्र के साथ बार-बार घूमते हैं और इस घर्षण से भोजन भीतर से गर्म होता है।

A गलत है: इसमें माइक्रोवेव ओवन छूट जाता है।

B गलत है: ग्रिल और टोस्टर अवरक्त विकिरण से पकाते हैं।

D गलत है: एक्स-किरणें, गामा किरणें और पराबैंगनी किरणें हानिकारक हैं, और रेडियो तरंगों में बहुत कम ऊर्जा होती है; इनसे खाना नहीं पकाया जाता।

परीक्षा टिप: माइक्रोवेव ओवन = लगभग 2.45 GHz, पानी के अणुओं को गर्म करता है; ग्रिल और टोस्टर = अवरक्त।

Q11.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2018, Paper Iमध्यम

यदि किसी सरल लोलक के दोलन का आयाम बहुत छोटा हो, तो उसका दोलन-काल 1. लोलक की लंबाई L पर निर्भर करता है 2. गुरुत्वीय त्वरण g पर निर्भर करता है 3. लोलक के गोलक के द्रव्यमान m पर निर्भर करता है 4. लोलक के आयाम A पर निर्भर नहीं करता नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

  1. A.1, 2 और 3
  2. B.1, 2 और 4
  3. C.2, 3 और 4
  4. D.केवल 1 और 4
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 1, 2 और 4

व्याख्या

सही उत्तर है B, 1, 2 और 4। छोटे दोलनों के लिए दोलन-काल T = 2π√(L/g) होता है, जिसमें लंबाई और गुरुत्व हैं, पर न द्रव्यमान है न आयाम।

कथन 1 सही है: T लंबाई के वर्गमूल के साथ बढ़ता है, इसलिए चार गुना लंबा लोलक एक दोलन में दोगुना समय लेता है। कथन 2 सही है: g बढ़ने पर T घटता है, इसलिए पहाड़ पर या चंद्रमा पर, जहाँ g कम है, लोलक घड़ी धीमी चलती है। कथन 3 गलत है: सूत्र में गोलक का द्रव्यमान कट जाता है, इसलिए बराबर धागों पर भारी और हल्का गोलक साथ-साथ झूलते हैं। कथन 4 सही है: छोटे आयाम पर दोलन चौड़ा हो या संकरा, समय वही रहता है; गैलीलियो ने यही देखा था और लोलक घड़ियाँ इसी पर चलती हैं।

A गलत है: इसमें गलत कथन 3 है और कथन 4 छूट गया है।

C गलत है: इसमें गलत कथन 3 है और कथन 1 छूट गया है।

D गलत है: इसमें कथन 2 छूट गया है, जबकि g सूत्र में है।

परीक्षा टिप: T = 2π√(L/g); द्रव्यमान और (छोटे) आयाम से स्वतंत्र; सेकंड लोलक ≈ 1 मीटर लंबा, T = 2 सेकंड।

Q12.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · 18 Sep 2021, Agriculture Supervisorआसान

कैप्रा हिरकस किसका वैज्ञानिक नाम है?

  1. A.बकरी
  2. B.गाय
  3. C.भेड़
  4. D.भैंस
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. बकरी

व्याख्या

सही उत्तर है A, बकरी। कैप्रा हिरकस पालतू बकरी का वैज्ञानिक नाम है, जिसमें कैप्रा वंश और हिरकस प्रजाति है, और यह उसी दो-नाम पद्धति में लिखा गया है जो कार्ल लीनियस ने जीव विज्ञान को दी थी। बकरी बोविडी कुल का रोमंथक पशु है और इसे गरीब की गाय कहा जाता है क्योंकि यह कम चारे में दूध तथा मांस देती है और शुष्क क्षेत्रों में भी पल जाती है; बकरियों की संख्या में राजस्थान राज्यों में सबसे आगे है और सिरोही, मारवाड़ी, जखराना तथा बरबरी इसकी प्रसिद्ध नस्लों में हैं। B गलत है क्योंकि गाय का नाम बॉस इंडिकस है, जो कूबड़ वाली भारतीय गाय है, या बॉस टॉरस। C गलत है क्योंकि भेड़ का वैज्ञानिक नाम ओविस एरीज है। D गलत है क्योंकि भारतीय भैंस बुबेलस बुबेलिस है, जो देश का सबसे अधिक दूध देती है। परीक्षा टिप: चारों नाम साथ याद रखें, बकरी कैप्रा हिरकस, भेड़ ओविस एरीज, गाय बॉस इंडिकस और भैंस बुबेलस बुबेलिस।

Q13.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA-II 2024, GATआसान

निम्नलिखित में से कौन-सा कोशिकाओं में ऊर्जा का स्रोत है?

  1. A.ADP
  2. B.ATP
  3. C.AMP
  4. D.NAD
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. ATP

व्याख्या

सही उत्तर है B, ATP। एडेनोसिन ट्राइफॉस्फेट कोशिका की ऊर्जा मुद्रा है: इसके अंतिम फॉस्फेट बंध के टूटने से कोशिका के कार्यों के लिए ऊर्जा निकलती है।

ATP मुख्य रूप से कोशिकीय श्वसन के दौरान माइटोकॉन्ड्रिया में और हरे पौधों में प्रकाश संश्लेषण के दौरान क्लोरोप्लास्ट में बनता है। जब कोशिका को पेशी संकुचन, सक्रिय परिवहन, प्रोटीन निर्माण या तंत्रिका आवेग के लिए ऊर्जा चाहिए, तो ATP टूटकर ADP और फॉस्फेट बनाता है और प्रति मोल लगभग 30 kJ ऊर्जा देता है। फिर भोजन से मिली ऊर्जा द्वारा ADP फिर से ATP बन जाता है, इसलिए वही अणु बार-बार काम आते हैं।

A गलत है: ADP, यानी एडेनोसिन डाइफॉस्फेट, ATP द्वारा फॉस्फेट छोड़ने के बाद बचा कम ऊर्जा वाला रूप है।

C गलत है: AMP में केवल एक फॉस्फेट होता है और उपयोगी ऊर्जा बहुत कम होती है।

D गलत है: NAD एक सहएंजाइम है जो श्वसन में इलेक्ट्रॉन और हाइड्रोजन ले जाता है; यह ATP बनाने में मदद करता है, पर स्वयं ऊर्जा मुद्रा नहीं है।

परीक्षा टिप: ATP ऊर्जा मुद्रा है; कोशिका का बिजलीघर माइटोकॉन्ड्रिया इसका अधिकांश भाग बनाता है।

Q14.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 21 Jan 2019, Shift 1मध्यम

यदि हम तृतीय श्रेणी के उत्तोलक में आयास भुजा की लंबाई की तुलना भार भुजा की लंबाई से करें, तो निम्नलिखित में से कौन सही है?

  1. A.आयास भुजा की लंबाई भार भुजा से अधिक, बराबर या कम हो सकती है
  2. B.आयास भुजा की लंबाई सदैव भार भुजा के बराबर होती है
  3. C.आयास भुजा की लंबाई सदैव भार भुजा से कम होती है
  4. D.आयास भुजा की लंबाई सदैव भार भुजा से अधिक होती है
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. आयास भुजा की लंबाई सदैव भार भुजा से कम होती है

व्याख्या

सही उत्तर है C, आयास भुजा की लंबाई सदैव भार भुजा से कम होती है। तृतीय श्रेणी के उत्तोलक में आयास आलंब और भार के बीच लगाया जाता है, इसलिए आयास सदा आलंब के अधिक निकट रहता है और उसकी भुजा दोनों में छोटी होती है। चूँकि यांत्रिक लाभ आयास भुजा भाग भार भुजा होता है, तृतीय श्रेणी के उत्तोलक का यांत्रिक लाभ एक से कम रहता है - उसमें भार से अधिक बल लगाना पड़ता है, परंतु दूसरे सिरे पर अधिक चाल और लंबा विस्तार मिल जाता है। चिमटी, शर्बत की संडसी, स्टेपलर, बंसी तथा भार उठाती मानव अग्रबाहु इसके मानक उदाहरण हैं। A गलत है क्योंकि यह छूट प्रथम श्रेणी के उत्तोलक को मिलती है, जिसमें आलंब आयास और भार के बीच कहीं भी रह सकता है। B गलत है क्योंकि दोनों भुजाएँ केवल तुला जैसे विशेष प्रथम श्रेणी उत्तोलक में बराबर होती हैं। D गलत है क्योंकि लंबी आयास भुजा द्वितीय श्रेणी के उत्तोलक की पहचान है, जैसे सरौता। परीक्षा टिप: प्रथम श्रेणी में आलंब बीच में, द्वितीय में भार बीच में, तृतीय में आयास बीच में।

Q15.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA-II 2018, GATआसान

एक बढ़ते हुए नए पौधे के शीर्षस्थ विभज्योतक को क्षति पहुंचने से किस पर प्रभाव पड़ेगा?

  1. A.पौधे की लंबाई
  2. B.फूल का रंग
  3. C.पत्तियों का रंग
  4. D.फलों का स्वाद
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. पौधे की लंबाई

व्याख्या

सही उत्तर है A, पौधे की लंबाई। तने और जड़ के सिरे पर स्थित शीर्षस्थ विभज्योतक नई कोशिकाएं बनाकर पौधे की लंबाई बढ़ाता है, इसलिए इसकी क्षति से लंबाई में वृद्धि रुक जाती है।

विभज्योतक सक्रिय रूप से विभाजित होने वाली कोशिकाओं के समूह हैं। प्ररोह और जड़ के सिरों पर स्थित शीर्षस्थ विभज्योतक प्राथमिक वृद्धि, यानी लंबाई या ऊंचाई में वृद्धि, करते हैं। संवहन एधा और कॉर्क एधा जैसे पार्श्व विभज्योतक मोटाई बढ़ाते हैं। घासों में पत्तियों और पर्वों के आधार पर स्थित अंतर्वेशी विभज्योतक चरने से कटे भागों को फिर से उगाते हैं। प्ररोह का सिरा काटने पर पार्श्व कलियां बढ़ने लगती हैं, जिसका उपयोग माली पौधों को घना बनाने में करते हैं।

B गलत है: फूलों का रंग एंथोसायनिन जैसे वर्णकों पर निर्भर करता है, जो जीन नियंत्रित करते हैं।

C गलत है: पत्तियों का रंग परिपक्व कोशिकाओं के क्लोरोफिल और अन्य वर्णकों से आता है।

D गलत है: फलों का स्वाद उनमें संचित शर्करा, अम्ल और अन्य यौगिकों पर निर्भर करता है।

परीक्षा टिप: शीर्षस्थ विभज्योतक से लंबाई, पार्श्व से मोटाई, अंतर्वेशी से घासों का पुनः उगना।

Q16.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · 25 May 2019, Shift 3आसान

मानव शरीर में संतुलन बनाए रखने में कौन-सा अंग सहायता करता है?

  1. A.हृदय
  2. B.यकृत
  3. C.कान
  4. D.जीभ
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. कान

व्याख्या

सही उत्तर है C, कान। शरीर का संतुलन अंतःकर्ण यानी भीतरी कान से नियंत्रित होता है, जिसमें सुनने के अंग के साथ-साथ वेस्टिब्यूलर तंत्र भी रहता है। यह तंत्र एक-दूसरे से समकोण पर रखी तीन अर्धवृत्ताकार नलिकाओं तथा दो छोटी थैलियों, यूट्रिकल और सैक्यूल, से बना होता है। नलिकाएँ द्रव से भरी रहती हैं; सिर घूमने पर यह द्रव पीछे रह जाता है और भीतर लगे सूक्ष्म रोम कोशिकाओं को मोड़ देता है, जो मस्तिष्क को गति की दिशा और गति की तेजी का संकेत भेजती हैं। यूट्रिकल और सैक्यूल गुरुत्व के खिंचाव तथा सीधी रेखा में होने वाली गति की सूचना देते हैं। इसी कारण भीतरी कान के संक्रमण में या तेजी से गोल-गोल घूमने पर व्यक्ति को चक्कर आने लगते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि हृदय केवल शरीर में रक्त पंप करता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि यकृत पित्त बनाता है, विषों को नष्ट करता है और ग्लाइकोजन संचित रखता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि जीभ में स्वाद कलिकाएँ होती हैं और वह बोलने तथा निगलने में सहायक है। परीक्षा टिप: भीतरी कान का कॉक्लिया सुनने के लिए और तीन अर्धवृत्ताकार नलिकाएँ संतुलन के लिए होती हैं।

Q17.सामान्य विज्ञानमध्यम

कीटों में उत्सर्जन किन रचनाओं द्वारा होता है?

  1. A.वृक्कक
  2. B.मैलपीगी नलिकाएं
  3. C.ज्वाला कोशिकाएं
  4. D.हरित ग्रंथियां
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मैलपीगी नलिकाएं

व्याख्या

सही उत्तर B, मैलपीगी नलिकाएं है। ये पतली बंद नलिकाएं कीट के देह द्रव में तैरती हैं और आहार नाल में खुलती हैं, जहां वे नाइट्रोजनी अपशिष्ट लेकर उसे लगभग शुष्क यूरिक अम्ल के रूप में बाहर कर देती हैं, जिससे जल बहुत कम नष्ट होता है। इसी कारण कीट शुष्क आवासों में भी जीवित रहते हैं।

विकल्प A, वृक्कक केंचुए जैसे एनेलिड के उत्सर्जी अंग हैं। विकल्प C, ज्वाला कोशिकाएं चपटे कृमियों की हैं। विकल्प D, हरित ग्रंथियां, जिन्हें एंटेनरी ग्रंथियां भी कहते हैं, झींगे जैसे क्रस्टेशियनों के उत्सर्जी अंग हैं, अर्थात वे कीटों के ही संघ की पर भिन्न वर्ग की हैं, इसी कारण वही सबसे आकर्षक गलत उत्तर है। इस प्रकार आर्थ्रोपोडा एक से अधिक उत्सर्जी योजनाओं वाला संघ है, इसलिए प्रश्न में वर्ग देखकर ही उत्तर चुनना चाहिए, केवल संघ देखकर नहीं।

Q18.सामान्य विज्ञानमध्यम

कवक की कोशिका भित्ति किससे बनी होती है?

  1. A.पेप्टिडोग्लाइकन
  2. B.काइटिन
  3. C.केवल सेल्यूलोज
  4. D.केवल प्रोटीन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. काइटिन

व्याख्या

सही उत्तर B, काइटिन है। कवक यूकैरियोट हैं, उनमें वास्तविक केंद्रक होता है, और उनकी भित्ति काइटिन से बनी होती है, वही दृढ़ बहुशर्करा जो कीटों तथा क्रस्टेशियनों का बाह्य कंकाल बनाती है। विकल्प A गलत है क्योंकि पेप्टिडोग्लाइकन जीवाणु भित्ति का पदार्थ है, और कवक के लिए काइटिन तथा जीवाणु के लिए पेप्टिडोग्लाइकन याद रखना प्रश्नों के पूरे समूह का उत्तर दे देता है। विकल्प C गलत है क्योंकि सेल्यूलोज पादप कोशिका भित्ति की विशेषता है, यद्यपि जल कवकों में वह पाया जाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि केवल प्रोटीन से कोई कोशिका भित्ति नहीं बनती; भित्ति में प्रोटीन रहते हैं, परंतु दृढ़ता बहुशर्करा से आती है। कवक परपोषी होते हैं, मृतजीवी, परजीवी अथवा सहजीवी, अपना भोजन कभी नहीं बनाते। इनमें यीस्ट अपवाद है, जो एक कोशिकीय कवक है, और कुकुरमुत्ता, मोल्ड तथा मिल्ड्यू वे रूप हैं जिनसे विद्यार्थी का परिचय सबसे अधिक होता है।

Q19.सामान्य विज्ञानआसान

भारत में लाख का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य कौन है?

  1. A.ओडिशा
  2. B.झारखंड
  3. C.असम
  4. D.कर्नाटक
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. झारखंड

व्याख्या

सही उत्तर B, झारखंड है, जो भारत का अग्रणी लाख उत्पादक राज्य है; इसी कारण देश का लाख अनुसंधान संस्थान रांची के निकट नामकुम में स्थित है। विकल्प A गलत है, यद्यपि ओडिशा और छत्तीसगढ़ भी इसी वन पट्टी के लाख उत्पादक राज्य हैं और उत्तर के सबसे निकट का जाल बनते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि असम मूँगा और एरी रेशम से जुड़ा है, लाख से नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि कर्नाटक शहतूती रेशम और चंदन में अग्रणी है, लाख में नहीं। परीक्षा के लिए तीनों अग्रणी एक साथ याद रखें—लाख में झारखंड, शहतूती रेशम में कर्नाटक और मूँगा रेशम में असम; और यह भी कि विश्व में सबसे बड़ा लाख उत्पादक भारत ही है। राज्य के वनों में कीट की दोनों प्रजातियाँ मिलती हैं—पलास और बेर पर रंगीनी तथा कुसुम पर कुसुमी—जिससे दो वर्षों में चार फसलें ली जा सकती हैं।

Q20.सामान्य विज्ञानमध्यम

शार्क जैसी उपास्थिल मछलियों को लगातार तैरते रहना पड़ता है, क्योंकि उनमें नहीं होता

  1. A.क्लोम
  2. B.वायु कोष
  3. C.कशेरुक दंड
  4. D.द्विकक्षीय हृदय
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. वायु कोष

व्याख्या

सही उत्तर B, वायु कोष है। वर्ग ऑस्टिक्थीज की अस्थिल मछलियां गैस भरे वायु कोष को भरकर या खाली करके बिना प्रयास किसी भी गहराई पर टिकी रहती हैं। वर्ग कॉन्ड्रिक्थीज की शार्क में ऐसा कोई कोष नहीं होता, और उसका शरीर समुद्री जल से घना होने के कारण रुकने पर डूबने लगता है, इसलिए वह चलती रहती है तथा कड़े अंस पखों से मिलने वाले उत्थापन और बड़े तैलीय यकृत की उत्प्लावकता का सहारा लेती है।

विकल्प A गलत है, क्योंकि शार्क में क्लोम होते हैं, जो पांच से सात जोड़ी क्लोम छिद्रों के रूप में बिना ढक्कन के खुलते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि शार्क में उपास्थि की कशेरुक दंड होती है और वह वास्तविक कशेरुकी है। विकल्प D गलत है, क्योंकि उपास्थिल तथा अस्थिल, सभी मछलियों में एक आलिंद और एक निलय वाला द्विकक्षीय हृदय होता है, जो सामान्य है, कोई कमी नहीं।

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