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GK24
सामान्य विज्ञानमध्यमपूछा गया: RRB JE · 29 Aug 2019 (ME, CBT 2 Paper 1)

कूलॉम घर्षण किनके बीच का घर्षण होता है?

  1. A.दो शुष्क सतहों
  2. B.दो स्नेहित सतहों
  3. C.सापेक्ष गति वाले पिंडों
  4. D.ठोस और द्रव

सही उत्तर

A. दो शुष्क सतहों

व्याख्या

सही उत्तर है A, दो शुष्क सतहों। कूलॉम घर्षण, जिसे शुष्क घर्षण भी कहा जाता है, वह प्रतिरोध है जो दो ठोस सतहों के बीच तब लगता है जब उनके बीच कोई स्नेहक न हो। चार्ल्स-ऑगस्टिन द कूलॉम ने इसके नियम दिए थे: घर्षण बल अभिलंब प्रतिक्रिया के समानुपाती होता है, वह स्पर्श के आभासी क्षेत्रफल पर निर्भर नहीं करता, और सरकने की चाल से लगभग स्वतंत्र रहता है। शुष्क घर्षण में दोनों प्रकार आते हैं, वह स्थैतिक घर्षण जिसे गति शुरू करने से पहले पार करना पड़ता है, और वह गतिज घर्षण जो सरकना शुरू होने के बाद लगता है; इनमें सीमांत स्थैतिक मान बड़ा होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि स्नेहित सतहों के बीच लगने वाले घर्षण को तरल या फिल्म घर्षण कहते हैं और वह श्यानता के नियमों से चलता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि सापेक्ष गति से केवल गतिज घर्षण का बोध होता है, जो कूलॉम घर्षण का एक अंश है। विकल्प D गलत है, क्योंकि ठोस और द्रव के बीच का प्रतिरोध श्यान कर्षण कहलाता है। परीक्षा टिप: कूलॉम घर्षण का अर्थ है शुष्क घर्षण, जो अभिलंब प्रतिक्रिया के समानुपाती और स्पर्श क्षेत्रफल से स्वतंत्र होता है।

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Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 3 March 2023आसान

वर्ष 1787 में किस नियम का अध्ययन किया गया, जिसमें कहा गया कि गैस का आयतन उसके परम ताप के बढ़ने पर बढ़ता है और परम ताप घटने पर उसका आयतन घट जाता है?

  1. A.बॉयल का नियम
  2. B.डाल्टन का नियम
  3. C.आवोगाद्रो का नियम
  4. D.चार्ल्स का नियम
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. चार्ल्स का नियम

व्याख्या

सही उत्तर है D, चार्ल्स का नियम। चार्ल्स का नियम कहता है कि स्थिर दाब पर किसी निश्चित द्रव्यमान की गैस का आयतन उसके परम ताप के अनुक्रमानुपाती होता है, अर्थात V बटा T स्थिर रहता है। जैक्स चार्ल्स ने 1787 में इसका अध्ययन किया और जोसेफ गे-लुसाक ने 1802 में इसका संख्यात्मक रूप प्रकाशित किया। अनुपात रूप में यह V1 बटा T1 बराबर V2 बटा T2 देता है, जिसमें ताप सदा केल्विन में लिया जाता है। आयतन-ताप ग्राफ को पीछे शून्य आयतन तक बढ़ाने पर परम शून्य मिलता है, अर्थात ऋण 273.15 डिग्री सेल्सियस, और इसी से केल्विन मापक्रम तय हुआ। A गलत है क्योंकि बॉयल का नियम स्थिर ताप पर दाब और आयतन को जोड़ता है, जिसमें PV स्थिर रहता है। B गलत है क्योंकि डाल्टन का आंशिक दाब नियम मिश्रण की गैसों के दाब जोड़ता है। C गलत है क्योंकि आवोगाद्रो का नियम गैसों के समान आयतन को अणुओं की समान संख्या से जोड़ता है। परीक्षा टिप: तीनों अलग रखें - बॉयल में P और V, चार्ल्स में V और T, गे-लुसाक में P और T।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 12 April 2022, Shift 2आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा नियम निर्वात या मुक्त आकाश में दो स्थिर बिंदु आवेशों के बीच लगने वाले बल का व्यंजक देता है?

  1. A.लेंज का नियम
  2. B.कूलॉम का नियम
  3. C.गॉस का नियम
  4. D.ओम का नियम
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कूलॉम का नियम

व्याख्या

सही उत्तर है B, कूलॉम का नियम। कूलॉम का नियम दो स्थिर बिंदु आवेशों के बीच लगने वाला बल देता है। इसके अनुसार बल दोनों आवेशों के गुणनफल के अनुक्रमानुपाती और उनके बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है, तथा उन्हें जोड़ने वाली रेखा के अनुदिश लगता है। चार्ल्स ऑगस्टिन द कूलॉम ने 1785 में मरोड़ तुला से इसे स्थापित किया था। मुक्त आकाश में अनुपातिकता स्थिरांक लगभग 9 गुणा 10 की घात 9 न्यूटन मीटर वर्ग प्रति कूलॉम वर्ग होता है, और समान आवेशों के बीच बल प्रतिकर्षण का तथा विपरीत आवेशों के बीच आकर्षण का होता है। A गलत है क्योंकि लेंज का नियम प्रेरित धारा की दिशा बताता है, जो फ्लक्स के परिवर्तन का विरोध करती है। C गलत है क्योंकि गॉस का नियम बंद पृष्ठ से गुजरने वाले विद्युत फ्लक्स को उसके भीतर के आवेश से जोड़ता है। D गलत है क्योंकि ओम का नियम चालक में वोल्टता, धारा और प्रतिरोध को जोड़ता है। परीक्षा टिप: स्वरूप याद रखें - कूलॉम का नियम व्युत्क्रम वर्ग नियम है, जैसे न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण नियम।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 24 Aug 2021, Shift 2आसान

एस आई उपसर्गों के अनुसार 10-15 को क्या कहा जाता है?

  1. A.फेम्टो
  2. B.जेप्टो
  3. C.एटो
  4. D.योक्टो
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. फेम्टो

व्याख्या

सही उत्तर है A, फेम्टो। एस आई पद्धति में उपसर्ग फेम्टो, जिसे f लिखा जाता है, 10 की घात ऋण 15 के लिए प्रयुक्त होता है। यह नाम डेनिश और नॉर्वेजियन शब्द फेम्टेन से आया है, जिसका अर्थ पंद्रह है। यही उपसर्ग परमाणु नाभिक के आकार के लिए काम आता है, जो कुछ फेम्टोमीटर चौड़ा होता है, और एक फेम्टोमीटर को भौतिकशास्त्री एनरिको फर्मी के नाम पर फर्मी भी कहा जाता है। कुछ फेम्टोसेकंड तक चलने वाली लेजर स्पंदों से रासायनिक बंधों के टूटने को देखा जाता है। B गलत है क्योंकि जेप्टो अर्थात z का मान 10 की घात ऋण 21 है। C गलत है क्योंकि एटो अर्थात a का मान 10 की घात ऋण 18 है, जो फेम्टो और जेप्टो के बीच का पायदान है। D गलत है क्योंकि योक्टो अर्थात y इससे छोटा 10 की घात ऋण 24 है। परीक्षा टिप: घटती सीढ़ी याद रखें - मिली, माइक्रो, नैनो, पिको, फेम्टो, एटो, जेप्टो, योक्टो, हर पायदान दस की तीन घात नीचे।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 17 Aug 2021, Shift 3आसान

निम्नलिखित में से किसने पहली बार यह निष्कर्ष निकाला कि निर्वात में सभी वस्तुएँ समान त्वरण g से गिरती हैं और एक ही समय में जमीन पर पहुँचती हैं?

  1. A.अल्बर्ट आइंस्टीन
  2. B.गैलीलियो गैलिली
  3. C.थॉमस अल्वा एडिसन
  4. D.आइजैक न्यूटन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. गैलीलियो गैलिली

व्याख्या

सही उत्तर है B, गैलीलियो गैलिली। गैलीलियो ने पहली बार यह तर्क दिया कि वायु प्रतिरोध हटा देने पर हर वस्तु अपने द्रव्यमान से निरपेक्ष, समान त्वरण से गिरती है। उसने नत तलों पर गेंदें लुढ़काकर और समय मापकर यह निष्कर्ष निकाला, और लोकप्रिय विवरणों में यह विचार पीसा की झुकी मीनार के उसके प्रयोग से जुड़ा है। इससे अरस्तू की पुरानी मान्यता गलत सिद्ध हुई कि भारी वस्तुएँ तेज गिरती हैं। उसने जिस त्वरण की बात की वही g है, जो पृथ्वी के निकट लगभग 9.8 मीटर प्रति सेकंड वर्ग है। A गलत है क्योंकि आइंस्टीन ने बहुत बाद में व्यापक सापेक्षता के तुल्यता सिद्धांत में इसी पर आगे काम किया। C गलत है क्योंकि एडिसन विद्युत बल्ब और फोनोग्राफ के आविष्कारक थे, गिरती वस्तुओं पर उनका कोई कार्य नहीं है। D गलत है क्योंकि न्यूटन, जिनका जन्म गैलीलियो की मृत्यु के वर्ष हुआ, ने बाद में गुरुत्वाकर्षण नियम से इसका कारण समझाया। परीक्षा टिप: क्रम याद रखें - गैलीलियो ने बताया कि सब वस्तुएँ एक साथ गिरती हैं, न्यूटन ने कारण बताया।

Q5.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 12 April 2022, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से कौन फूल का भाग नहीं है?

  1. A.पर्णवृंत
  2. B.स्त्रीकेसर
  3. C.पुंकेसर
  4. D.बाह्यदल
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. पर्णवृंत

व्याख्या

सही उत्तर है A, पर्णवृंत। पर्णवृंत यानी पेटिओल वह डंठल है जो पत्ती के फलक को तने से जोड़ता है; यह पत्ती का भाग है, फूल का नहीं, और जिस पत्ती में यह न हो उसे अवृंत कहा जाता है। एक प्रारूपिक फूल पुष्पासन पर टिके चार चक्रों से बनता है। सबसे बाहर बाह्यदलपुंज होता है, जो बाह्यदलों से बना है और कली की रक्षा करता है। उसके भीतर दलपुंज होता है, जिसकी पंखुड़ियाँ परागणकों को आकर्षित करती हैं। इसके बाद पुमंग यानी नर चक्र आता है, जिसकी इकाई पुंकेसर है और हर पुंकेसर में तंतु पर परागकोश लगा रहता है। केंद्र में जायांग यानी मादा चक्र होता है, जिसकी इकाई स्त्रीकेसर है और वह वर्तिकाग्र, वर्तिका तथा अंडाशय से बनी होती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि स्त्रीकेसर फूल का मादा भाग है। विकल्प C गलत है, क्योंकि पुंकेसर उसका नर भाग है। विकल्प D गलत है, क्योंकि बाह्यदल मिलकर फूल का सबसे बाहरी चक्र बाह्यदलपुंज बनाते हैं। परीक्षा टिप: फूल के चार चक्र हैं बाह्यदलपुंज, दलपुंज, पुमंग और जायांग; पर्णवृंत पत्ती का भाग है।