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GK क्विजसामान्य विज्ञान

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज: सेट 79

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज़ (सेट 79) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 15 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: कोशिका और ऊतक, गुरुत्व केंद्र, बल आघूर्ण और संतुलन, पादप जीवविज्ञान: प्रकाश संश्लेषण और प्रजनन और अन्य। इनमें से 15 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2019, Paper Iआसान

खुरदरी अंतर्द्रव्यी जालिका (RER) सूक्ष्मदर्शी में खुरदरी क्यों दिखती है? निम्नलिखित में से किस कोशिकांग के उसकी सतह से जुड़े होने के कारण?

  1. A.तारककेंद्रक (सेंट्रिओल)
  2. B.लवक (प्लास्टिड)
  3. C.लयनकाय (लाइसोसोम)
  4. D.राइबोसोम
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. राइबोसोम

व्याख्या

सही उत्तर है D, राइबोसोम। अंतर्द्रव्यी जालिका की बाहरी सतह पर चिपके राइबोसोम उसे इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी में दानेदार और खुरदरा रूप देते हैं।

अंतर्द्रव्यी जालिका कोशिकाद्रव्य में झिल्लीदार नलिकाओं और थैलियों का जाल है। राइबोसोम वाला भाग खुरदरी ER कहलाता है और यह प्रोटीन बनाने में लगा रहता है, विशेषकर वे प्रोटीन जो स्रावित होते हैं या झिल्लियों में लगते हैं। बिना राइबोसोम वाला भाग चिकनी ER है, जो लिपिड और स्टेरॉयड हार्मोन बनाती है और यकृत कोशिकाओं में विषहरण में मदद करती है। अधिक प्रोटीन स्रावित करने वाली कोशिकाओं, जैसे अग्न्याशय की कोशिकाओं, में RER अधिक होती है।

A गलत है: सेंट्रिओल केंद्रक के पास जोड़े में होते हैं और कोशिका विभाजन में मदद करते हैं; वे ER पर नहीं होते।

B गलत है: क्लोरोप्लास्ट जैसे लवक पादप कोशिकाओं के बड़े, अलग कोशिकांग हैं।

C गलत है: लाइसोसोम पाचक एंजाइमों की स्वतंत्र थैलियाँ हैं, ER पर लगे कण नहीं।

परीक्षा टिप: RER = राइबोसोम + प्रोटीन संश्लेषण; SER = राइबोसोम नहीं + लिपिड संश्लेषण और विषहरण।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA-II 2019, GATमध्यम

एक पतली चकती और एक पतली वलय, दोनों का द्रव्यमान M और त्रिज्या R है। दोनों अपने द्रव्यमान केंद्र से होकर जाने वाली और अपनी सतह के लंबवत अक्षों के परितः समान कोणीय वेग से घूम रही हैं। निम्नलिखित में से कौन-सा सत्य है?

  1. A.वलय की गतिज ऊर्जा अधिक है
  2. B.चकती की गतिज ऊर्जा अधिक है
  3. C.वलय और चकती की गतिज ऊर्जा समान है
  4. D.दोनों पिंडों की गतिज ऊर्जा शून्य है, क्योंकि वे रैखिक गति में नहीं हैं
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. वलय की गतिज ऊर्जा अधिक है

व्याख्या

सही उत्तर है A, वलय की गतिज ऊर्जा अधिक है। घूर्णन गतिज ऊर्जा ½Iω² होती है, और वलय का जड़त्व आघूर्ण अधिक है।

पतली वलय में पूरा द्रव्यमान केंद्र से R दूरी पर होता है, इसलिए उसके तल के लंबवत केंद्रीय अक्ष के परितः I = MR² है। एकसमान चकती में बहुत-सा द्रव्यमान अक्ष के पास रहता है, इसलिए I = ½MR² होता है। समान कोणीय वेग ω पर वलय की ऊर्जा ½MR²ω² और चकती की केवल ¼MR²ω² होती है। यानी वलय की घूर्णन गतिज ऊर्जा चकती की दोगुनी है। द्रव्यमान अक्ष से जितना दूर होगा, पिंड को घुमाना उतना कठिन होगा और वह उतनी अधिक ऊर्जा रखेगा।

B गलत है: चकती का जड़त्व आघूर्ण कम है, इसलिए समान ω पर उसकी ऊर्जा भी कम है।

C गलत है: समान द्रव्यमान और त्रिज्या का अर्थ समान जड़त्व आघूर्ण नहीं है; द्रव्यमान का वितरण मायने रखता है।

D गलत है: घूमते पिंड में घूर्णन गतिज ऊर्जा होती है, भले ही उसका द्रव्यमान केंद्र स्थिर हो।

परीक्षा टिप: वलय I = MR², चकती I = ½MR², ठोस गोला I = ⅖MR²; घूर्णन गतिज ऊर्जा = ½Iω²।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2019, Paper Iआसान

पौधों में तनों और जड़ों की लंबाई में वृद्धि किसके कारण होती है?

  1. A.पार्श्व विभज्योतक
  2. B.अंतर्वेशी विभज्योतक
  3. C.शीर्षस्थ विभज्योतक
  4. D.द्वितीयक वृद्धि
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. शीर्षस्थ विभज्योतक

व्याख्या

सही उत्तर है C, शीर्षस्थ विभज्योतक। शीर्षस्थ विभज्योतक तनों और जड़ों के बढ़ते सिरों पर होता है, और इसकी विभाजित होती कोशिकाएँ इन्हें लंबा करती हैं।

विभज्योतक ऐसी कोशिकाओं के समूह हैं जो पौधे के पूरे जीवन विभाजित होती रहती हैं। प्ररोह शीर्ष और मूल शीर्ष पर शीर्षस्थ विभज्योतक होता है, इसलिए पौधा सिरों से लंबाई में बढ़ता है; इसे प्राथमिक वृद्धि कहते हैं। जड़ का सिरा मिट्टी में आगे बढ़ते समय मूलगोप (रूट कैप) से सुरक्षित रहता है। पार्श्व विभज्योतक (संवहन एधा और कॉर्क एधा) मोटाई बढ़ाता है, और अंतर्वेशी विभज्योतक घास और बाँस में पर्वों और पत्तियों के आधार को लंबा करता है।

A गलत है: पार्श्व विभज्योतक तनों और जड़ों की मोटाई बढ़ाता है, लंबाई नहीं।

B गलत है: अंतर्वेशी विभज्योतक मुख्यतः घासों में पर्वों और पत्तियों के आधार पर काम करता है; यह जड़ों को लंबा नहीं करता।

D गलत है: एधा द्वारा होने वाली द्वितीयक वृद्धि मोटाई बढ़ाती है; लंबाई में वृद्धि प्राथमिक वृद्धि है।

परीक्षा टिप: शीर्षस्थ = लंबाई (सिरे); पार्श्व = मोटाई (एधा); अंतर्वेशी = पर्वों का आधार (घास, चराई के बाद फिर उगना)।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA-II 2025, GATमध्यम

एक पारसेक, खगोलीय इकाई (A.U.) में लगभग कितना होता है?

  1. A.2 × 10³ A.U.
  2. B.2 × 10⁴ A.U.
  3. C.2 × 10⁵ A.U.
  4. D.2 × 10⁶ A.U.
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 2 × 10⁵ A.U.

व्याख्या

सही उत्तर है C, 2 × 10⁵ A.U.। एक पारसेक लगभग 2,06,265 खगोलीय इकाइयों के बराबर होता है, जो लगभग 2 × 10⁵ A.U. है।

खगोलीय इकाई पृथ्वी और सूर्य के बीच की औसत दूरी है, लगभग 1·5 × 10¹¹ m। पारसेक वह दूरी है जिस पर एक खगोलीय इकाई एक आर्क-सेकंड का कोण बनाती है; इसका नाम "पैरालैक्स ऑफ वन आर्कसेकंड" से बना है। एक रेडियन में लगभग 2,06,265 आर्क-सेकंड होते हैं, इसलिए एक पारसेक में उतनी ही खगोलीय इकाइयां होती हैं। यह लगभग 3·26 प्रकाश वर्ष या 3·1 × 10¹⁶ m के बराबर है और तारों के बीच की दूरियां मापने में काम आता है।

A गलत है: 2,000 A.U. सही मान से लगभग सौ गुना छोटा है।

B गलत है: 20,000 A.U. भी पारसेक से दस गुना कम है।

D गलत है: 2 × 10⁶ A.U. पारसेक से दस गुना अधिक है।

परीक्षा टिप: 1 पारसेक ≈ 2·06 × 10⁵ A.U. ≈ 3·26 प्रकाश वर्ष; क्रम याद रखें: A.U. < प्रकाश वर्ष < पारसेक।

Q5.सामान्य विज्ञानमध्यम

किस संघ में शरीर का संगठन कोशिकीय स्तर का होता है और ऊतक नहीं बनते?

  1. A.सीलेंटरेटा
  2. B.पोरिफेरा
  3. C.टीनोफोरा
  4. D.प्लेटीहेल्मिंथीज
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. पोरिफेरा

व्याख्या

सही उत्तर B, पोरिफेरा है। स्पंजों में कोशिकाएं ढीले ढंग से व्यवस्थित होती हैं और बहुत कुछ स्वतंत्र रूप से कार्य करती हैं, जहां कॉलर कोशिकाएं नाल तंत्र से जल बहाती हैं और अन्य कोशिकाएं भोजन कणों का पाचन करती हैं, इसलिए शरीर कभी वास्तविक ऊतक के स्तर तक नहीं पहुंचता। कंकाल कंटिकाओं अथवा स्पंजिन तंतुओं का होता है।

विकल्प A, सीलेंटरेटा ऊतक स्तर तक पहुंच चुका है, जहां दंश कोशिकाएं तथा संकुचनशील कोशिकाएं मिलकर कार्य करती हैं। विकल्प C, टीनोफोरा में भी ऊतक स्तर है, जिसकी कंघी पट्टियों की आठ पंक्तियां क्रम से स्पंदन करती हैं। विकल्प D, प्लेटीहेल्मिंथीज और आगे बढ़कर अंग स्तर पर है, जिसमें निश्चित जनन तथा उत्सर्जी अंग होते हैं। सीढ़ी याद रखें: कोशिकीय, ऊतक, अंग और अंग-तंत्र, इसी क्रम में संघ आते हैं, और इन चारों में स्पंज ही ऐसा है जिसका शरीर सामान्यतः असममित होता है।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2020, Paper Iमध्यम

निम्नलिखित में से किस विधि का उपयोग जल की स्थायी कठोरता दूर करने के लिए किया जा सकता है?

  1. A.उबालना
  2. B.आयन-विनिमय
  3. C.चूना उपचार
  4. D.सल्फर डाइऑक्साइड गैस प्रवाहित करना
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. आयन-विनिमय

व्याख्या

सही उत्तर है B, आयन-विनिमय। आयन-विनिमय रेज़िन या ज़िओलाइट स्थायी कठोरता पैदा करने वाले कैल्शियम और मैग्नीशियम आयनों को सोडियम या हाइड्रोजन आयनों से बदल देता है।

स्थायी कठोरता कैल्शियम और मैग्नीशियम के क्लोराइडों और सल्फेटों से होती है, जो गर्म करने पर नहीं टूटते। ज़िओलाइट (परम्यूटिट) विधि में सोडियम एल्युमिनियम सिलिकेट Ca2+ और Mg2+ को ले लेता है और Na+ छोड़ता है, जिससे जल कठोर नहीं होता; उपयोग हो चुके ज़िओलाइट को नमक के घोल से धोकर फिर तैयार कर लिया जाता है। कृत्रिम रेज़िन भी इसी तरह काम करते हैं। धोने का सोडा और कैलगॉन भी स्थायी कठोरता दूर करते हैं।

A गलत है: उबालने से केवल अस्थायी कठोरता दूर होती है, क्योंकि घुलनशील बाइकार्बोनेट अघुलनशील कार्बोनेट बन जाते हैं।

C गलत है: चूना उपचार (क्लार्क विधि) भी केवल अस्थायी कठोरता दूर करता है।

D गलत है: सल्फर डाइऑक्साइड प्रवाहित करने से जल केवल अम्लीय होता है; कैल्शियम या मैग्नीशियम नहीं निकलते।

परीक्षा टिप: अस्थायी कठोरता = बाइकार्बोनेट, उबालने या क्लार्क विधि से; स्थायी = क्लोराइड और सल्फेट, धोने का सोडा, कैलगॉन या आयन-विनिमय से।

Q7.सामान्य विज्ञानमध्यम

जीवाणु की कोशिका भित्ति मुख्यतः किससे बनी होती है?

  1. A.सेल्यूलोज
  2. B.काइटिन
  3. C.पेप्टिडोग्लाइकन
  4. D.लिग्निन
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. पेप्टिडोग्लाइकन

व्याख्या

सही उत्तर C, पेप्टिडोग्लाइकन है, जिसे म्यूरिन भी कहते हैं; यह शर्करा श्रृंखलाओं का वह जाल है जिसे छोटे पेप्टाइड आपस में जोड़ते हैं। यही पेनिसिलिन का लक्ष्य है, जो इसके निर्माण को रोकता है, और भित्ति में इसकी मात्रा ही तय करती है कि जीवाणु ग्राम धनात्मक या ग्राम ऋणात्मक अभिरंजित होगा। विकल्प A गलत है क्योंकि सेल्यूलोज पादप कोशिकाओं तथा कुछ शैवालों की भित्ति का पदार्थ है। विकल्प B गलत है क्योंकि काइटिन कवक की भित्ति तथा कीटों और अन्य संधिपादों का बाह्य कंकाल बनाता है, और परीक्षा में यही जोड़ा सबसे अधिक बदला जाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि लिग्निन काष्ठीय पादप ऊतक की भित्ति को दृढ़ करता है और सूक्ष्मजीव भित्ति का पदार्थ नहीं है। विषाणु में भित्ति होती ही नहीं, क्योंकि वह कोशिका नहीं है।

Q8.सामान्य विज्ञानपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 16 Feb 2025मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सी मानव शरीर में सबसे छोटी मांसपेशी है?

  1. A.बाइसेप
  2. B.सार्टोरियस
  3. C.स्टेपीडियस
  4. D.ट्राइसेप
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. स्टेपीडियस

व्याख्या

सही उत्तर है C, स्टेपीडियस। लगभग 1 मिलीमीटर लंबी स्टेपीडियस मानव शरीर की सबसे छोटी कंकाल पेशी है। यह मध्य कर्ण में होती है और स्टेपीज से जुड़ी रहती है, जो स्वयं शरीर की सबसे छोटी हड्डी है। जब बहुत तेज़ आवाज़ कान तक पहुँचती है, तो स्टेपीडियस सिकुड़कर स्टेपीज के कंपन को कम कर देती है और नाज़ुक आंतरिक कर्ण की रक्षा करती है; इसे ध्वनिक प्रतिवर्त कहते हैं। इसे चेहरे की तंत्रिका (फेशियल नर्व) नियंत्रित करती है, इसलिए उस तंत्रिका को चोट लगने पर सामान्य आवाज़ें भी बहुत तेज़ और चुभने वाली लग सकती हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि बाइसेप्स ऊपरी बाँह के आगे की बड़ी पेशी है, जो कोहनी को मोड़ती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि जाँघ पर तिरछी फैली सार्टोरियस शरीर की सबसे लंबी पेशी है, सबसे छोटी नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि ऊपरी बाँह के पीछे की ट्राइसेप्स कोहनी को सीधा करती है और एक बड़ी पेशी है। परीक्षा टिप: सबसे छोटी पेशी स्टेपीडियस, सबसे छोटी हड्डी स्टेपीज, सबसे लंबी पेशी सार्टोरियस, सबसे बड़ी पेशी ग्लूटियस मैक्सिमस।

Q9.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA-I 2019, GATमध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा पौधों के संवहन ऊतक का घटक नहीं है?

  1. A.तंतु (फाइबर)
  2. B.वाहिनिकाएं (ट्रेकीड)
  3. C.परिरंभ (पेरीसाइकिल)
  4. D.चालनी नलिकाएं
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. परिरंभ (पेरीसाइकिल)

व्याख्या

सही उत्तर है C, परिरंभ (पेरीसाइकिल)। परिरंभ जड़ और तने में संवहन बेलन के चारों ओर कोशिकाओं की एक परत है; यह जाइलम या फ्लोएम का भाग नहीं है।

पौधों के संवहन ऊतक जाइलम और फ्लोएम हैं। पानी और खनिजों को ऊपर ले जाने वाला जाइलम वाहिनिकाओं, वाहिकाओं, जाइलम तंतुओं और जाइलम मृदूतक से बना होता है। भोजन ले जाने वाला फ्लोएम चालनी नलिकाओं, सहकोशिकाओं, फ्लोएम तंतुओं और फ्लोएम मृदूतक से बना होता है। परिरंभ अंतस्त्वचा के ठीक भीतर और संवहन ऊतक के बाहर होता है; जड़ में पार्श्व जड़ें और बाद में संवहन एधा इसी से बनते हैं।

A गलत है: तंतु (जाइलम तंतु और फ्लोएम या बास्ट तंतु) दोनों संवहन ऊतकों के घटक हैं।

B गलत है: वाहिनिकाएं जाइलम की लंबी मृत कोशिकाएं हैं जो पानी का संवहन करती हैं।

D गलत है: चालनी नलिकाएं फ्लोएम के मुख्य भोजन-संवहन तत्व हैं।

परीक्षा टिप: जाइलम के चार तत्व (वाहिनिका, वाहिका, तंतु, मृदूतक) और फ्लोएम के चार (चालनी नलिका, सहकोशिका, तंतु, मृदूतक); पार्श्व जड़ें परिरंभ से निकलती हैं।

Q10.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 6 Dec 2018, Shift 2आसान

मानव शरीर में निषेचन की प्रक्रिया कहाँ होती है?

  1. A.गर्भाशय
  2. B.फैलोपियन ट्यूब
  3. C.अंडाशय
  4. D.योनि
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. फैलोपियन ट्यूब

व्याख्या

सही उत्तर है B, फैलोपियन ट्यूब। मनुष्य में शुक्राणु और अंडाणु का मिलन फैलोपियन ट्यूब यानी अंडवाहिनी के भीतर होता है।

अंडाशय महीने में एक अंडाणु छोड़ता है और फैलोपियन ट्यूब का कीप जैसा मुँह उसे ग्रहण कर लेता है। शुक्राणु योनि से गर्भाशय ग्रीवा और गर्भाशय से गुजरकर इसी नली तक तैरते हैं, और निषेचन प्रायः नली के चौड़े ऊपरी भाग में होता है। निषेचित अंडाणु अब युग्मनज कहलाता है और नली की भित्ति उसे आगे बढ़ाती है, इस बीच वह विभाजित होता रहता है। कुछ दिनों में यह कोशिकाओं के गोले के रूप में गर्भाशय पहुँचता है, उसकी मोटी भित्ति में धँस जाता है और प्लेसेंटा की सहायता से वहीं विकसित होता है।

विकल्प A गलत है क्योंकि गर्भाशय में निषेचन के बाद भ्रूण रोपित होकर विकसित होता है। विकल्प C गलत है क्योंकि अंडाशय केवल अंडाणु बनाता और छोड़ता है। विकल्प D गलत है क्योंकि योनि वह मार्ग है जिससे शुक्राणु प्रवेश करते हैं।

परीक्षा टिप: अंडाणु अंडाशय में बनता है, निषेचन फैलोपियन ट्यूब में होता है, विकास गर्भाशय में होता है।

Q11.सामान्य विज्ञानमध्यम

सन 1948 में स्थापित केंद्रीय रेशम बोर्ड का मुख्यालय कहाँ है?

  1. A.मैसूरु
  2. B.बेंगलुरु
  3. C.रांची
  4. D.गुवाहाटी
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. बेंगलुरु

व्याख्या

सही उत्तर B, बेंगलुरु है। केंद्रीय रेशम बोर्ड केंद्रीय रेशम बोर्ड अधिनियम, 1948 के अंतर्गत गठित हुआ, वस्त्र मंत्रालय के अधीन कार्य करता है और इसका मुख्यालय बेंगलुरु में है, जहाँ से देश का रेशम अनुसंधान और बीज संगठन चलता है। विकल्प A गलत है, यद्यपि मैसूरु में केंद्रीय रेशम उत्पादन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान है; अन्य दो पश्चिम बंगाल के बरहमपुर और जम्मू-कश्मीर के पांपोर में हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि रांची, अधिक ठीक कहें तो उसके निकट नामकुम, लाख अनुसंधान संस्थान का स्थान है, रेशम बोर्ड का नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि गुवाहाटी मूँगा क्षेत्र में है किंतु बोर्ड का मुख्यालय नहीं। तीनों नगर अलग रखें—रेशम प्रशासन के लिए बेंगलुरु, रेशम अनुसंधान के लिए मैसूरु और लाख के लिए रांची। एक और तथ्य याद रखें कि बोर्ड केवल प्रशासनिक निकाय नहीं है, यह बीज उत्पादन, कीट रोग नियंत्रण और रेशम की गुणवत्ता जाँच का कार्य भी करता है।

Q12.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · 16 Sept 2018मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा पहला पुनर्योगज (रीकॉम्बिनेंट) टीका है?

  1. A.पोलियो
  2. B.एड्स
  3. C.हेपेटाइटिस बी
  4. D.चेचक
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. हेपेटाइटिस बी

व्याख्या

सही उत्तर है C, हेपेटाइटिस बी। हेपेटाइटिस बी का टीका पुनर्योगज डीएनए तकनीक से बनने वाला पहला टीका था। वैज्ञानिकों ने हेपेटाइटिस बी विषाणु के सतही प्रोटीन का जीन काटकर यीस्ट कोशिकाओं में डाल दिया; यीस्ट ने वह प्रोटीन बड़ी मात्रा में बनाया और शुद्ध किए गए इसी प्रोटीन को टीके के रूप में लगाया जाता है। चूँकि इसमें पूरा विषाणु नहीं, केवल एक प्रोटीन होता है, इसलिए टीके से रोग होने का खतरा नहीं रहता – यही पुनर्योगज टीकों की सबसे बड़ी खूबी है। यह टीका 1980 के दशक के मध्य में स्वीकृत हुआ और भारत में शिशुओं को लगने वाले पेंटावेलेंट टीके का हिस्सा है। A गलत है क्योंकि पोलियो का टीका या तो साल्क का मृत विषाणु टीका है या सेबिन का जीवित दुर्बलीकृत टीका। B गलत है क्योंकि एड्स का कोई टीका अब तक स्वीकृत नहीं हुआ है। D गलत है क्योंकि चेचक के टीके में जीवित वैक्सीनिया विषाणु प्रयुक्त होता था और 1980 में इस रोग के उन्मूलन की घोषणा हो चुकी है। परीक्षा टिप: हेपेटाइटिस बी – पहला पुनर्योगज टीका, यीस्ट में तैयार।

Q13.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA-I 2018, GATमध्यम

यदि T किसी दोलन करते लोलक का आवर्तकाल है, तो निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

  1. A.गति समय T के बाद केवल एक बार दोहराई जाती है
  2. B.T वह न्यूनतम समय है जिसके बाद गति स्वयं को दोहराती है
  3. C.गति nT के बाद स्वयं को दोहराती है, जहाँ n एक धनात्मक पूर्णांक है
  4. D.T केवल छोटे कोणीय विस्थापनों के लिए ही समान रहता है
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. गति समय T के बाद केवल एक बार दोहराई जाती है

व्याख्या

सही उत्तर है A, गति समय T के बाद केवल एक बार दोहराई जाती है। यही गलत कथन है, क्योंकि आवर्ती गति हर T अंतराल के बाद बार-बार दोहराई जाती है।

लोलक का आवर्तकाल T एक पूरे दोलन का समय है, यानी वह सबसे छोटा अंतराल जिसके बाद गोलक उसी स्थिति में उसी दिशा में चलता हुआ लौट आता है। गति आवर्ती है, इसलिए यह T, 2T, 3T आदि के बाद दोहराती रहती है, जब तक ऊर्जा का ह्रास न हो। सूत्र T = 2π√(L/g) भी छोटे दोलन मानकर बनता है; बड़े कोणों पर आवर्तकाल थोड़ा बढ़ जाता है, इसलिए T केवल छोटे कोणीय विस्थापन पर स्थिर रहता है।

B सही है: परिभाषा से आवर्तकाल वह न्यूनतम समय है जिसके बाद गति दोहराती है।

C सही है: यदि गति T के बाद दोहराती है, तो किसी भी पूर्ण गुणज nT के बाद भी दोहराएगी।

D सही है: आवर्तकाल केवल छोटे कोणीय विस्थापनों पर ही आयाम से स्वतंत्र रहता है।

परीक्षा टिप: आवर्तकाल = दोहराव का न्यूनतम समय; गति हर nT पर दोहराती है; समकालिकता केवल छोटे दोलनों में।

Q14.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · 3 March 2019मध्यम

कौन-सा औषधीय पौधा 'विंटर चेरी' के नाम से जाना जाता है?

  1. A.अश्वगंधा
  2. B.गुलाब
  3. C.लिली
  4. D.चाँदनी
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. अश्वगंधा

व्याख्या

सही उत्तर है A, अश्वगंधा। अश्वगंधा का वानस्पतिक नाम विथानिया सोम्नीफेरा है और अंग्रेजी में इसे 'विंटर चेरी' कहा जाता है, क्योंकि इसके पतले आवरण के भीतर छोटा लाल फल लगता है। इसे 'इंडियन जिनसेंग' भी कहते हैं। इसका उपयोगी भाग जड़ है, जिसे आयुर्वेद में कमजोरी, तनाव और नींद न आने की स्थिति में बलवर्धक के रूप में दिया जाता है; ताजी जड़ से घोड़े जैसी गंध आने के कारण ही इसका नाम अश्वगंधा पड़ा। यह सूखे इलाकों का कड़ा पौधा है, इसलिए राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात इसके मुख्य उत्पादक राज्य हैं; राजस्थान के नागौर की 'नागौरी' किस्म तथा मध्य प्रदेश के मंदसौर-नीमच क्षेत्र की खेती सबसे प्रसिद्ध है। B गलत है क्योंकि गुलाब सजावटी और इत्र वाली फसल है। C गलत है क्योंकि लिली कंद से उगने वाला बागवानी पुष्प है। D गलत है क्योंकि चाँदनी सफेद फूलों वाला सजावटी झाड़ीदार पौधा है। परीक्षा टिप: अश्वगंधा – विथानिया सोम्नीफेरा, विंटर चेरी, जड़ का उपयोग।

Q15.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA-II 2023, GATआसान

कहा जाता है कि पेड़ों के बीच से आती सूर्य की प्रकाश-किरणों की धाराओं से यह संकेत मिला कि प्रकाश सीधी रेखा में चलता है। प्रकाश-किरणों के मार्ग में मौजूद कण हमें दिखाई देते हैं, क्योंकि

  1. A.हवा में मौजूद धूल के कण प्रकाश को हमारी आँखों की ओर परावर्तित करते हैं
  2. B.हवा में मौजूद धूल के कण प्रकाश को हमारी आँखों की ओर प्रकीर्णित करते हैं
  3. C.हवा में मौजूद धूल के कण प्रकाश को हमारी आँखों की ओर अपवर्तित करते हैं
  4. D.हवा में मौजूद धूल के कण प्रकाश को हमारी आँखों की ओर ध्रुवित करते हैं
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. हवा में मौजूद धूल के कण प्रकाश को हमारी आँखों की ओर प्रकीर्णित करते हैं

व्याख्या

सही उत्तर है B, हवा में मौजूद धूल के कण प्रकाश को हमारी आँखों की ओर प्रकीर्णित करते हैं। किनारे से देखने पर किरण तभी दिखती है जब छोटे कण उसके कुछ प्रकाश को बगल की ओर भेजें।

सीधी रेखा में चलता प्रकाश तब तक हमारी आँख में नहीं आता जब तक कोई चीज़ उसे हमारी ओर न मोड़े। हवा में धूल, धुएँ और पानी की बारीक बूँदें प्रकाश को हर दिशा में बिखेर देती हैं, इसलिए हर किरण का कुछ भाग बगल में खड़े व्यक्ति तक पहुँच जाता है। इसे टिंडल प्रभाव कहते हैं; कोहरे में टॉर्च की किरण और धूल भरे कमरे या जंगल में धूप की धारियाँ इसी कारण दिखती हैं। बिल्कुल साफ़ हवा में किरण बगल से नहीं दिखेगी।

A गलत है: परावर्तन के लिए चिकनी सतह चाहिए और वह प्रकाश को एक तय दिशा में भेजता है; बारीक कण उसे हर ओर बिखेरते हैं।

C गलत है: अपवर्तन दो माध्यमों की सीमा पर प्रकाश का मुड़ना है, इससे किरण का मार्ग नहीं चमकता।

D गलत है: प्रकीर्णन से प्रकाश कुछ ध्रुवित हो सकता है, पर कणों के दिखने का कारण ध्रुवण नहीं है।

परीक्षा टिप: धूल भरे कमरे में धूप की धारियाँ और कोहरे में हेडलाइट की किरण, दोनों टिंडल प्रभाव के उदाहरण हैं।

Q16.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC MTS · 13 Oct 2021, Shift 3आसान

निम्नलिखित में से कौन-सी गैस बिजली के बल्बों में प्रयोग की जाती है?

  1. A.हैलोजन
  2. B.नाइट्रोजन
  3. C.कार्बन डाइऑक्साइड
  4. D.हाइड्रोजन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. नाइट्रोजन

व्याख्या

सही उत्तर है B, नाइट्रोजन। साधारण तापदीप्त बल्ब में नाइट्रोजन भरी जाती है, जिसमें आमतौर पर आर्गन मिली होती है, ताकि सफेद गर्म टंगस्टन तंतु जलकर नष्ट न हो जाए। यह तंतु लगभग 2500 डिग्री सेल्सियस पर काम करता है और हवा में टंगस्टन कुछ ही क्षणों में ऑक्सीकृत हो जाता। नाइट्रोजन और आर्गन टंगस्टन से कोई क्रिया नहीं करती, और भीतर की गैस का दबाव धातु के वाष्पीकरण को भी धीमा करता है, जिससे तंतु अधिक चलता है और काँच जल्दी काला नहीं पड़ता। A गलत है क्योंकि आयोडीन या ब्रोमीन जैसी हैलोजन गैसें केवल हैलोजन लैंप में डाली जाती हैं, साधारण बल्ब में नहीं। C गलत है क्योंकि कार्बन डाइऑक्साइड उस ताप पर ऑक्सीजन छोड़कर तंतु को खा जाती। D गलत है क्योंकि हाइड्रोजन अत्यधिक ज्वलनशील है और बल्ब को खतरनाक बना देती। परीक्षा टिप: तंतु टंगस्टन का, गलनांक लगभग 3400 डिग्री सेल्सियस, बल्ब में नाइट्रोजन और आर्गन।

Q17.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2019, Paper Iआसान

पादप कोशिकाओं में स्फीति (turgidity) और दृढ़ता किसके द्वारा प्रदान की जाती है?

  1. A.राइबोसोम
  2. B.माइटोकॉन्ड्रिया
  3. C.गॉल्जी उपकरण
  4. D.कोशिका-रस से भरी रिक्तिकाएँ
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. कोशिका-रस से भरी रिक्तिकाएँ

व्याख्या

सही उत्तर है D, कोशिका-रस से भरी रिक्तिकाएँ। कोशिका-रस से भरी बड़ी केंद्रीय रिक्तिका कोशिकाद्रव्य को कोशिका भित्ति की ओर दबाती है और कोशिका को कसा हुआ, यानी स्फीत, रखती है।

परिपक्व पादप कोशिका में केंद्रीय रिक्तिका कोशिका के आयतन का 50 से 90% भाग घेर सकती है। इसकी झिल्ली टोनोप्लास्ट कहलाती है, जो नियंत्रित करती है कि भीतर क्या जाए, और कोशिका-रस में जल, शर्करा, लवण, वर्णक और अपशिष्ट होते हैं। रिक्तिका भरी हो तो भीतर का जल-दाब भित्ति पर बाहर की ओर पड़ता है; यही स्फीति दाब पत्तियों को फैला और कोमल तनों को सीधा रखता है। पौधा पानी खोता है तो रिक्तिकाएँ सिकुड़ती हैं और पौधा मुरझा जाता है।

A गलत है: राइबोसोम प्रोटीन बनाने वाले छोटे कण हैं; ये आकार या दृढ़ता नहीं देते।

B गलत है: माइटोकॉन्ड्रिया श्वसन से ऊर्जा मुक्त करते हैं; स्फीति से इनका संबंध नहीं।

C गलत है: गॉल्जी उपकरण पदार्थों को पैक और स्रावित करता है, पर कोशिका को स्फीत नहीं रखता।

परीक्षा टिप: स्फीति = केंद्रीय रिक्तिका (स्फीति दाब); इसकी झिल्ली = टोनोप्लास्ट; जंतु कोशिकाओं में रिक्तिकाएँ छोटी या नहीं होतीं।

Q18.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · CDS-II 2024, GKआसान

निम्नलिखित में से कौन-सी विशेषता मरुद्भिदों (जीरोफाइट्स) की नहीं है?

  1. A.छोटी पत्तियाँ
  2. B.बड़ी संख्या में रंध्र
  3. C.मोमी उपत्वचा (क्यूटिकल)
  4. D.गड्ढों में धँसे रंध्र
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. बड़ी संख्या में रंध्र

व्याख्या

सही उत्तर है B, बड़ी संख्या में रंध्र। मरुद्भिद पानी की कमी वाले स्थानों में उगते हैं, इसलिए उनमें पानी बचाने के लिए रंध्र कम होते हैं।

मरुद्भिद रेगिस्तान और शुष्क क्षेत्रों के पौधे हैं, जैसे नागफनी, आक (कैलोट्रोपिस) और बबूल। पौधे का अधिकांश पानी रंध्रों से वाष्पोत्सर्जन द्वारा निकलता है, इसलिए इनके सभी अनुकूलन पानी बचाने के लिए होते हैं: पत्तियाँ छोटी या काँटों में बदली हुई, पानी जमा करने वाले मोटे गूदेदार तने, गहरी जड़ें, सतह पर मोटी मोमी परत और रोमों से ढके गड्ढों में धँसे रंध्र। कई पौधे रंध्र केवल रात में खोलते हैं। अधिक रंध्र वाष्पोत्सर्जन बढ़ाते, जो शुष्क क्षेत्र के पौधे के लिए उल्टा होगा।

A गलत है: छोटी या काँटेदार पत्तियाँ पानी खोने वाली सतह घटाती हैं, जो मरुद्भिद की पहचान है।

C गलत है: मोटी मोमी उपत्वचा पत्ती की सतह से पानी निकलने से रोकती है।

D गलत है: गड्ढों में धँसे रंध्र नम हवा रोककर वाष्पोत्सर्जन धीमा करते हैं।

परीक्षा टिप: मरुद्भिद पानी बचाते हैं (कम और धँसे रंध्र); जलोद्भिद पानी में उगते हैं; लवणमृदोद्भिद लवणीय मिट्टी में उगते हैं।

Q19.सामान्य विज्ञानआसान

रक्षा तथा शिकार पकड़ने के लिए प्रयुक्त दंश कोशिकाएं, अर्थात निडोब्लास्ट किस संघ का लक्षण हैं?

  1. A.सीलेंटरेटा
  2. B.इकाइनोडर्मेटा
  3. C.मोलस्का
  4. D.पोरिफेरा
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. सीलेंटरेटा

व्याख्या

सही उत्तर A, सीलेंटरेटा है, जिसे निडारिया भी कहते हैं, और संघ का नाम इन्हीं कोशिकाओं से बना है। प्रत्येक निडोब्लास्ट में निमेटोसिस्ट नाम का कैप्सूल होता है, जिसमें लिपटा धागा स्पर्श होने पर बाहर निकलकर विष छोड़ता है, और यह हाइड्रा, समुद्री एनीमोन, जेलीफिश तथा प्रवालों में मिलता है।

विकल्प B, इकाइनोडर्मेटा कांटों तथा चिमटी जैसी रचनाओं से रक्षा करता है, दंश कोशिकाओं से नहीं। विकल्प C, मोलस्का में कवच और रेतने वाली रेडुला होती है, तथा शंकु घोंघों में विषैला दंश, पर निडोब्लास्ट नहीं। विकल्प D, पोरिफेरा में कंटिकाएं होती हैं, जो शरीर को खुरदरा और खाने में अप्रिय बनाती हैं। निडोब्लास्ट की उपस्थिति, अरीय सममिति तथा द्विकोरकी शरीर सीलेंटरेट के तीन लक्षण हैं, और इस संघ में दो शरीर रूप भी मिलते हैं, स्थिर पॉलिप तथा मुक्त तैरता मेड्यूसा।

Q20.सामान्य विज्ञानमध्यम

निम्नलिखित में से कौन सा रोग विषाणु से होता है?

  1. A.क्षय रोग
  2. B.खसरा
  3. C.टाइफाइड
  4. D.हैजा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. खसरा

व्याख्या

सही उत्तर B, खसरा है, जो बूंदों से फैलने वाला विषाणु रोग है, इसीलिए इसकी रोकथाम टीकाकरण से होती है और प्रतिजैविकों से नहीं। विकल्प A गलत है क्योंकि क्षय रोग का कारण जीवाणु माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस है, जिसे रॉबर्ट कोख ने पहचाना, और इसका उपचार प्रतिजैविकों के लंबे कोर्स से होता है। विकल्प C गलत है क्योंकि टाइफाइड का कारण जीवाणु सालमोनेला टाइफी है और यह दूषित भोजन तथा जल से फैलता है। विकल्प D गलत है क्योंकि हैजे का कारण जीवाणु विब्रियो कॉलेरी है और वह भी दूषित जल से फैलता है। साथ याद रखने योग्य अन्य विषाणु रोग हैं इन्फ्लुएंजा, सामान्य जुकाम, कनफेड़, छोटी माता, चेचक, पोलियो, रेबीज, हेपेटाइटिस, डेंगू तथा उपार्जित प्रतिरक्षा अभाव सिंड्रोम। ऐसे प्रश्न में सरल परीक्षण यह है कि उपचार टीका है या प्रतिजैविक: टीका विषाणु की ओर संकेत करता है और प्रतिजैविकों का कोर्स जीवाणु की ओर।

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