मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24
GK क्विजसामान्य विज्ञान

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज: सेट 50

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
क्विज शुरू करें
Read in English

इस क्विज के बारे में

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज़ (सेट 50) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 19 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: विद्युत और चुंबकत्व, पादप जगत: शैवाल से आवृतबीजी तक, रासायनिक बंधन और अभिक्रियाएं और अन्य। इनमें से 18 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 12 April 2022, Shift 2आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा नियम निर्वात या मुक्त आकाश में दो स्थिर बिंदु आवेशों के बीच लगने वाले बल का व्यंजक देता है?

  1. A.लेंज का नियम
  2. B.कूलॉम का नियम
  3. C.गॉस का नियम
  4. D.ओम का नियम
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कूलॉम का नियम

व्याख्या

सही उत्तर है B, कूलॉम का नियम। कूलॉम का नियम दो स्थिर बिंदु आवेशों के बीच लगने वाला बल देता है। इसके अनुसार बल दोनों आवेशों के गुणनफल के अनुक्रमानुपाती और उनके बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है, तथा उन्हें जोड़ने वाली रेखा के अनुदिश लगता है। चार्ल्स ऑगस्टिन द कूलॉम ने 1785 में मरोड़ तुला से इसे स्थापित किया था। मुक्त आकाश में अनुपातिकता स्थिरांक लगभग 9 गुणा 10 की घात 9 न्यूटन मीटर वर्ग प्रति कूलॉम वर्ग होता है, और समान आवेशों के बीच बल प्रतिकर्षण का तथा विपरीत आवेशों के बीच आकर्षण का होता है। A गलत है क्योंकि लेंज का नियम प्रेरित धारा की दिशा बताता है, जो फ्लक्स के परिवर्तन का विरोध करती है। C गलत है क्योंकि गॉस का नियम बंद पृष्ठ से गुजरने वाले विद्युत फ्लक्स को उसके भीतर के आवेश से जोड़ता है। D गलत है क्योंकि ओम का नियम चालक में वोल्टता, धारा और प्रतिरोध को जोड़ता है। परीक्षा टिप: स्वरूप याद रखें - कूलॉम का नियम व्युत्क्रम वर्ग नियम है, जैसे न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण नियम।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC MTS · 7 Oct 2021, Shift 1आसान

लिटमस विलयन एक बैंगनी रंजक है, जो लाइकेन से प्राप्त होता है; यह पौधा ________ संघ (डिवीजन) का सदस्य है।

  1. A.जिम्नोस्पर्म
  2. B.टेरिडोफाइटा
  3. C.थैलोफाइटा
  4. D.ब्रायोफाइटा
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. थैलोफाइटा

व्याख्या

सही उत्तर है C, थैलोफाइटा। लिटमस एक बैंगनी रंजक है जो लाइकेन से निकाला जाता है, और विद्यालयी विज्ञान में प्रयुक्त वर्गीकरण में लाइकेन को थैलोफाइटा में रखा जाता है। थैलोफाइटा उन साधारण पौधों का समूह है जिनका शरीर अविभेदित थैलस होता है, यानी उनमें असली जड़, तना और पत्ती नहीं होती। शैवाल और कवक भी इसी समूह में आते हैं, और लाइकेन असल में एक शैवाल और एक कवक के सहजीवन से बनता है। लिटमस एक प्राकृतिक सूचक है: उदासीन विलयन में यह बैंगनी रहता है, अम्ल में लाल और क्षार में नीला हो जाता है; इसका उपयोग विलयन और लिटमस पत्र दोनों रूपों में होता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि जिम्नोस्पर्म विकसित पौधे हैं जिनके बीज नग्न होते हैं, जैसे चीड़ और साइकस। विकल्प B गलत है, क्योंकि टेरिडोफाइटा यानी फर्न संवहन ऊतक वाले पहले पौधे हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि मॉस और मार्केंशिया जैसे ब्रायोफाइट को पादप जगत का जलस्थलचर कहा जाता है। परीक्षा टिप: लिटमस अम्ल में लाल, क्षार में नीला और उदासीन में बैंगनी।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: बिहार · BPSC Assistant 2014 Official Paperमध्यम

KMnO4 में Mn की ऑक्सीकरण संख्या क्या है?

  1. A.+2
  2. B.-2
  3. C.+7
  4. D.-7
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. +7

व्याख्या

सही उत्तर है C, +7। पोटैशियम परमैंगनेट एक उदासीन यौगिक है, इसलिए उसके सभी परमाणुओं की ऑक्सीकरण संख्याओं का जोड़ शून्य होना चाहिए। पोटैशियम एक क्षार धातु है और उसकी ऑक्सीकरण संख्या सदा +1 रहती है, तथा चारों ऑक्सीजन परमाणुओं में प्रत्येक की -2 होती है, जिससे ऑक्सीजन का कुल योग -8 हो जाता है। संतुलन को 1 धन x घटा 8 बराबर शून्य लिखने पर x का मान +7 निकलता है, अर्थात मैंगनीज +7 अवस्था में है। यह मैंगनीज की उच्चतम संभव ऑक्सीकरण अवस्था है, क्योंकि उसके 3d और 4s कक्षों में कुल सात इलेक्ट्रॉन उपलब्ध रहते हैं, और इसी कारण KMnO4 इतना प्रबल ऑक्सीकारक है कि उसका उपयोग जल के कीटाणुशोधन तथा प्रयोगशाला के अनुमापन में होता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि +2 अवस्था मैंगनीज की MnCl2 या MnSO4 में होती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि मैंगनीज धातु है और इस लवण में ऋणात्मक अवस्था नहीं लेती। विकल्प D गलत है, क्योंकि यहाँ किसी संक्रमण धातु के लिए -7 अवस्था संभव ही नहीं है। परीक्षा टिप: KMnO4 में मैंगनीज +7 और K2Cr2O7 में क्रोमियम +6 होता है।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · 8 Nov 2020मध्यम

पराबैंगनी प्रकाश के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

  1. A.यह एक विद्युत चुंबकीय तरंग है।
  2. B.यह निर्वात से होकर चल सकती है।
  3. C.यह एक अनुदैर्ध्य तरंग है।
  4. D.इसकी तरंगदैर्ध्य दृश्य प्रकाश से छोटी होती है।
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. यह एक अनुदैर्ध्य तरंग है।

व्याख्या

सही उत्तर है C। पराबैंगनी प्रकाश अनुप्रस्थ तरंग है, अनुदैर्ध्य नहीं, इसलिए यही कथन गलत है। विद्युत चुंबकीय तरंग में विद्युत और चुंबकीय क्षेत्र एक-दूसरे के तथा तरंग की चाल की दिशा के समकोण पर कंपन करते हैं, और यही अनुप्रस्थ तरंग की परिभाषा है। अनुदैर्ध्य तरंगों को दबने और फैलने के लिए कोई माध्यम चाहिए, जिसका सबसे जाना-पहचाना उदाहरण ध्वनि है। विकल्प A सही है, क्योंकि पराबैंगनी प्रकाश विद्युत चुंबकीय स्पेक्ट्रम में दृश्य प्रकाश और एक्स-किरणों के बीच आता है। विकल्प B सही है, क्योंकि विद्युत चुंबकीय तरंगों को माध्यम की जरूरत नहीं होती और वे खाली अंतरिक्ष पार कर लेती हैं, इसीलिए सूर्य की पराबैंगनी किरणें पृथ्वी तक पहुँचती हैं। विकल्प D सही है, क्योंकि पराबैंगनी तरंगदैर्ध्य लगभग 400 नैनोमीटर से घटकर 10 नैनोमीटर तक जाती है, जो बैंगनी प्रकाश से छोटी है; इसी अधिक ऊर्जा से त्वचा जलती है और इसे ओजोन परत सोख लेती है। परीक्षा टिप: सभी विद्युत चुंबकीय तरंगें अनुप्रस्थ होती हैं; ध्वनि जैसी यांत्रिक तरंगें ही अनुदैर्ध्य हो सकती हैं।

Q5.सामान्य विज्ञानआसान

मानव मस्तिष्क का कौन भाग संतुलन और पेशीय गति के समन्वय को नियंत्रित करता है?

  1. A.प्रमस्तिष्क
  2. B.अनुमस्तिष्क
  3. C.मेडुला ऑब्लोंगेटा
  4. D.थैलेमस
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अनुमस्तिष्क

व्याख्या

सही उत्तर B, अनुमस्तिष्क है, जो प्रमस्तिष्क के नीचे और पीछे स्थित है तथा मांसपेशियों के काम में ऐसा समन्वय करता है कि गति सधी रहे और शरीर संतुलित रहे; इसी कारण जिसका अनुमस्तिष्क मदिरा से प्रभावित हो वह लड़खड़ाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि मस्तिष्क का सबसे बड़ा भाग प्रमस्तिष्क सोच, स्मृति, बुद्धि और गति की इच्छा का केंद्र है, पर आदेश के बाद होने वाले सूक्ष्म समन्वय का नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि मेडुला ऑब्लोंगेटा उन अनैच्छिक क्रियाओं को संभालता है जो शरीर को जीवित रखती हैं, अर्थात हृदय गति, श्वसन, रक्तचाप, वमन, छींक और खांसी। विकल्प D गलत है क्योंकि थैलेमस संवेदी आवेगों को छांटकर प्रमस्तिष्क तक पहुंचाने वाला प्रसारण केंद्र है। तीनों को अलग रखें: सोच के लिए प्रमस्तिष्क, संतुलन के लिए अनुमस्तिष्क और अनैच्छिक के लिए मेडुला।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 16 April 2023आसान

समान ताप और दाब पर मापे जाने पर सभी गैसों के समान आयतन में कणों की संख्या समान होती है। यह नियम किसने दिया?

  1. A.चार्ल्स
  2. B.बॉयल
  3. C.एवोगाद्रो
  4. D.लुसाक
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. एवोगाद्रो

व्याख्या

सही उत्तर है C, एवोगाद्रो। प्रश्न में दिया गया कथन एवोगाद्रो का नियम है, जिसे इतालवी वैज्ञानिक अमेडियो एवोगाद्रो ने 1811 में दिया था। इसके अनुसार समान ताप और दाब पर सभी गैसों के समान आयतन में अणुओं की संख्या समान होती है, इसलिए गैस का आयतन उसमें उपस्थित मोलों की संख्या के समानुपाती होता है। इसी कारण मानक ताप और दाब पर किसी भी गैस का एक मोल 22.4 लीटर आयतन घेरता है, और एक मोल में कणों की संख्या, लगभग 6.022 गुणा 10 की घात 23, को उनके नाम पर एवोगाद्रो संख्या कहा जाता है। A गलत है क्योंकि चार्ल्स का नियम स्थिर दाब पर गैस के आयतन को उसके ताप से जोड़ता है। B गलत है क्योंकि बॉयल का नियम कहता है कि स्थिर ताप पर आयतन दाब के व्युत्क्रमानुपाती होता है। D गलत है क्योंकि गे-लुसाक ने संयोजी आयतनों का नियम तथा दाब और ताप का नियम दिया था। परीक्षा टिप: एवोगाद्रो आयतन को अणुओं की संख्या से, बॉयल दाब से और चार्ल्स ताप से जोड़ता है।

Q7.सामान्य विज्ञानआसान

बेरी-बेरी किसकी कमी से होता है?

  1. A.थायमिन
  2. B.राइबोफ्लेविन
  3. C.नियासिन
  4. D.एस्कॉर्बिक अम्ल
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. थायमिन

व्याख्या

सही उत्तर A, थायमिन है। थायमिन विटामिन B1 है, और उसकी कमी से बेरी-बेरी होता है, जिसमें तंत्रिकाएं तथा हृदय प्रभावित होते हैं, जिससे दुर्बलता, पैरों में संवेदना की हानि और आर्द्र रूप में सूजन तथा हृदय विफलता होती है; यह रोग वहां आम था जहां पॉलिश किया चावल मुख्य भोजन था, क्योंकि पॉलिश करने से थायमिन से भरी बाहरी परत निकल जाती है। विकल्प B गलत है क्योंकि राइबोफ्लेविन अर्थात विटामिन B2 की कमी से मुख के कोनों पर दरारें और जिह्वा में सूजन होती है। विकल्प C गलत है क्योंकि नियासिन अर्थात विटामिन B3 की कमी से पेलेग्रा होता है। विकल्प D गलत है क्योंकि एस्कॉर्बिक अम्ल विटामिन C है, जिसकी कमी से स्कर्वी होता है, मसूड़ों तथा संयोजी ऊतक का रोग। साबुत अनाज, दालें, मेवे और यीस्ट थायमिन के सामान्य आहारीय स्रोत हैं।

Q8.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 17 Aug 2022, Shift 2आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा भाग पौधों में गैसों के विनिमय में सहायक होता है?

  1. A.कोशिका झिल्ली
  2. B.केंद्रक
  3. C.रंध्र
  4. D.रक्षक कोशिकाएँ
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. रंध्र

व्याख्या

सही उत्तर है C, रंध्र। रंध्र पत्ती की सतह पर बने सूक्ष्म छिद्र हैं, जिनसे पौधा कार्बन डाइऑक्साइड लेता है और ऑक्सीजन तथा जलवाष्प बाहर निकालता है, इसलिए गैसों का विनिमय इन्हीं से होता है। प्रत्येक रंध्र के दोनों ओर सेम के बीज जैसी दो रक्षक कोशिकाएँ होती हैं, जो फूलकर छिद्र खोलती हैं और सिकुड़कर उसे बंद कर देती हैं; इसी तरह पौधा जल की हानि पर नियंत्रण रखता है। अधिकांश रंध्र पत्ती की निचली सतह पर होते हैं, जिससे सीधी धूप में जल कम उड़ता है। वाष्पोत्सर्जन भी मुख्य रूप से इन्हीं छिद्रों से होता है। A गलत है क्योंकि कोशिका झिल्ली एक कोशिका में पदार्थों के आने-जाने को नियंत्रित करती है, पूरे पौधे का गैस विनिमय नहीं। B गलत है क्योंकि केंद्रक आनुवंशिक पदार्थ रखता है और कोशिका की क्रियाओं का निर्देशन करता है। D गलत है क्योंकि रक्षक कोशिकाएँ केवल छिद्र को खोलती और बंद करती हैं, विनिमय रंध्र के छिद्र से ही होता है। परीक्षा टिप: गैस विनिमय और वाष्पोत्सर्जन रंध्र से होता है, खोलना और बंद करना रक्षक कोशिकाएँ करती हैं।

Q9.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 01 Dec 2022, Shift 2मध्यम

जीवाणु कशाभिका के तीन भाग कौन-से हैं?

  1. A.शीर्ष, पुच्छ और निचला भाग
  2. B.तंतु, पुच्छ और हुक
  3. C.आधारी काय, पुच्छ और तंतु
  4. D.तंतु, हुक और आधारी काय
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. तंतु, हुक और आधारी काय

व्याख्या

सही उत्तर है D, तंतु, हुक और आधारी काय। जीवाणु की कशाभिका ठीक इन्हीं तीन भागों से बनी होती है।

तंतु कोशिका के बाहर निकला हुआ लंबा धागा है, जो फ्लैजेलिन नामक प्रोटीन से बनकर खोखली कुंडली का रूप लेता है और प्रोपेलर की तरह काम करता है। हुक एक छोटा मुड़ा हुआ भाग है, जो तंतु को कोशिका की सतह से जोड़ता है और यूनिवर्सल जोड़ की तरह काम करता है। आधारी काय कोशिका भित्ति और झिल्ली में धँसा रहता है तथा उसमें वे छल्ले और मोटर होते हैं जो तंतु को घुमाते हैं। यह मोटर झिल्ली के आर-पार प्रोटॉन के प्रवाह से चलती है। इसी मोटर के कारण जीवाणु कशाभिका घूमती है, जबकि यूकैरियोटिक कोशिका की कशाभिका कोड़े की तरह लहराती है।

A गलत है: शीर्ष, पुच्छ और निचला भाग कशाभिका के किसी अंग के नाम नहीं हैं। B गलत है: कशाभिका में पुच्छ होता ही नहीं और इसमें आधारी काय छूट गया है। C गलत है: इसमें फिर पुच्छ गढ़ा गया है और हुक छोड़ दिया गया है।

परीक्षा टिप: तंतु, हुक और आधारी काय याद रखें, तथा आधारी काय ही घूमने वाली मोटर है।

Q10.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 21 April 2024मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा भाग नाभिकीय रिएक्टर का नहीं होता?

  1. A.टरबाइन
  2. B.ऊष्मा विनिमयक
  3. C.CO2 उत्सर्जन घटाने की व्यवस्था
  4. D.अभिक्रिया कक्ष
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. CO2 उत्सर्जन घटाने की व्यवस्था

व्याख्या

सही उत्तर है C, CO2 उत्सर्जन घटाने की व्यवस्था। नाभिकीय रिएक्टर भारी परमाणुओं का विखंडन करता है; इसमें कोई ईंधन जलता नहीं, इसलिए कार्बन डाइऑक्साइड निकलती ही नहीं और उसे घटाने की कोई व्यवस्था लगाने की जरूरत भी नहीं पड़ती। विखंडन से मिली ऊष्मा रिएक्टर के क्रोड में बनती है, शीतलक उसे बाहर लाता है, ऊष्मा विनिमयक या भाप जनित्र में वह पानी को दी जाती है और बनी भाप जनित्र से जुड़ी टरबाइन घुमाती है। कैडमियम या बोरॉन की नियंत्रक छड़ें अतिरिक्त न्यूट्रॉन सोख लेती हैं और भारी जल जैसा मंदक उन्हें धीमा करता है, जिससे विखंडन एक समान चलता रहे। विकल्प A सही भाग है, क्योंकि टरबाइन ही भाप की ऊर्जा को बिजली में बदलती है। विकल्प B सही भाग है, क्योंकि ऊष्मा विनिमयक रेडियोधर्मी शीतलक की ऊष्मा साफ पानी वाले चक्र तक पहुँचाता है। विकल्प D सही भाग है, क्योंकि अभिक्रिया कक्ष यानी ईंधन छड़ों वाला क्रोड ही वह जगह है जहाँ विखंडन होता है। परीक्षा टिप: नाभिकीय संयंत्र कार्बन डाइऑक्साइड नहीं छोड़ता, उसकी समस्या खर्चा हुआ रेडियोधर्मी ईंधन है।

Q11.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 17 Aug 2021, Shift 3आसान

निम्नलिखित में से किसने पहली बार यह निष्कर्ष निकाला कि निर्वात में सभी वस्तुएँ समान त्वरण g से गिरती हैं और एक ही समय में जमीन पर पहुँचती हैं?

  1. A.अल्बर्ट आइंस्टीन
  2. B.गैलीलियो गैलिली
  3. C.थॉमस अल्वा एडिसन
  4. D.आइजैक न्यूटन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. गैलीलियो गैलिली

व्याख्या

सही उत्तर है B, गैलीलियो गैलिली। गैलीलियो ने पहली बार यह तर्क दिया कि वायु प्रतिरोध हटा देने पर हर वस्तु अपने द्रव्यमान से निरपेक्ष, समान त्वरण से गिरती है। उसने नत तलों पर गेंदें लुढ़काकर और समय मापकर यह निष्कर्ष निकाला, और लोकप्रिय विवरणों में यह विचार पीसा की झुकी मीनार के उसके प्रयोग से जुड़ा है। इससे अरस्तू की पुरानी मान्यता गलत सिद्ध हुई कि भारी वस्तुएँ तेज गिरती हैं। उसने जिस त्वरण की बात की वही g है, जो पृथ्वी के निकट लगभग 9.8 मीटर प्रति सेकंड वर्ग है। A गलत है क्योंकि आइंस्टीन ने बहुत बाद में व्यापक सापेक्षता के तुल्यता सिद्धांत में इसी पर आगे काम किया। C गलत है क्योंकि एडिसन विद्युत बल्ब और फोनोग्राफ के आविष्कारक थे, गिरती वस्तुओं पर उनका कोई कार्य नहीं है। D गलत है क्योंकि न्यूटन, जिनका जन्म गैलीलियो की मृत्यु के वर्ष हुआ, ने बाद में गुरुत्वाकर्षण नियम से इसका कारण समझाया। परीक्षा टिप: क्रम याद रखें - गैलीलियो ने बताया कि सब वस्तुएँ एक साथ गिरती हैं, न्यूटन ने कारण बताया।

Q12.सामान्य विज्ञानपूछा गया: बिहार · 14 Oct 2022मध्यम

थर्मोप्लास्ट (तापसुघट्य प्लास्टिक)

  1. A.में बहुलकीकरण सभी दिशाओं में बढ़ने के कारण प्राथमिक बंधों का त्रिआयामी जाल होता है
  2. B.लंबी शृंखला वाले अणु होते हैं जो द्वितीयक बंधों से जुड़े रहते हैं
  3. C.में तापमान बढ़ने पर प्लास्टिक रूप से विकृत होने की क्षमता घटती जाती है
  4. D.में द्वितीयक बंध होते हैं और ताप ऊर्जा बढ़ने पर भी ये द्वितीयक बंध कभी नहीं टूटते
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. लंबी शृंखला वाले अणु होते हैं जो द्वितीयक बंधों से जुड़े रहते हैं

व्याख्या

सही उत्तर है B, लंबी शृंखला वाले अणु होते हैं जो द्वितीयक बंधों से जुड़े रहते हैं। थर्मोप्लास्टिक में बहुलक लंबी रेखीय या हल्की शाखित शृंखलाओं के रूप में रहता है, और एक शृंखला दूसरी से केवल वान्डरवाल्स जैसे कमजोर द्वितीयक बलों द्वारा जुड़ी होती है। ताप से इन कमजोर बंधों को ढीला करने भर की ऊर्जा मिल जाती है, इसलिए पदार्थ मुलायम हो जाता है, नया आकार ले लेता है और ठंडा होने पर फिर कठोर हो जाता है; यह चक्र बार-बार दोहराया जा सकता है, इसीलिए थर्मोप्लास्टिक कचरे का पुनर्चक्रण संभव है। पॉलिथीन, पॉलीप्रोपिलीन, पीवीसी, पॉलीस्टाइरीन और नायलॉन इसी वर्ग में आते हैं। A गलत है क्योंकि प्राथमिक बंधों का त्रिआयामी जाल बेकेलाइट जैसे थर्मोसेटिंग प्लास्टिक का लक्षण है, जो एक बार जमने पर फिर नहीं ढाला जा सकता। C गलत है क्योंकि तापमान बढ़ने पर विकृत होने की क्षमता घटती नहीं, बढ़ती है। D गलत है क्योंकि ताप ऊर्जा बढ़ने पर द्वितीयक बंध टूटते हैं, और इसी कारण प्लास्टिक मुलायम होता है। परीक्षा टिप: थर्मोप्लास्टिक में कमजोर द्वितीयक बंध और पुनः ढलाई, थर्मोसेटिंग में तिर्यकबंधित प्राथमिक बंध।

Q13.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 11 Oct 2018, Shift 2आसान

विद्युत बल्ब भरने के लिए निम्नलिखित में से किस गैस का उपयोग किया जाता है?

  1. A.H2 और N2
  2. B.Ar और H2
  3. C.N2 और O2
  4. D.Ar और N2
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. Ar और N2

व्याख्या

सही उत्तर है D, Ar और N2। साधारण तंतु बल्ब में आर्गन और नाइट्रोजन का मिश्रण भरा जाता है, क्योंकि ये दोनों गैसें रासायनिक रूप से निष्क्रिय हैं और श्वेत-तप्त टंगस्टन तंतु को जलने नहीं देतीं। तंतु लगभग 2,500 डिग्री सेल्सियस पर कार्य करता है और खुली हवा में वह कुछ ही क्षणों में ऑक्सीकृत हो जाएगा। निष्क्रिय गैस का भराव काँच के भीतर दबाव भी बढ़ाता है, जिससे टंगस्टन परमाणुओं का वाष्पन धीमा पड़ता है, तंतु अधिक चलता है और काँच कम काला पड़ता है। उत्कृष्ट गैसों में आर्गन इसलिए चुनी जाती है क्योंकि वह सबसे सस्ती है और वायु का लगभग एक प्रतिशत भाग बनाती है। A गलत है क्योंकि हाइड्रोजन अत्यधिक ज्वलनशील है और तप्त बल्ब के भीतर खतरा बनेगी। B भी इसी कारण गलत है, उसमें मिली हाइड्रोजन मिश्रण को असुरक्षित कर देती है। C गलत है क्योंकि उसमें उपस्थित ऑक्सीजन तंतु को तुरंत ऑक्सीकृत कर तोड़ देगी। परीक्षा टिप: टंगस्टन तंतु, गलनांक लगभग 3,400 डिग्री सेल्सियस, भराव आर्गन-नाइट्रोजन।

Q14.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · 20 Dec 2020आसान

निम्नलिखित में से किस गैस में विद्युत प्रवाहित करने पर लाल प्रकाश उत्पन्न होता है?

  1. A.हीलियम
  2. B.आर्गन
  3. C.नाइट्रोजन
  4. D.नियॉन
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. नियॉन

व्याख्या

सही उत्तर है D, नियॉन। जब कम दबाव पर नियॉन भरी बंद नली में विद्युत प्रवाहित की जाती है, तो गैस के परमाणु उत्तेजित होकर चमकीला नारंगी-लाल प्रकाश देते हैं, इसीलिए विज्ञापन के साइनबोर्ड आज भी नियॉन साइन कहे जाते हैं। नियॉन एक अक्रिय गैस है, जिसकी खोज 1898 में रैम्से और ट्रैवर्स ने की थी; यह सामान्य यौगिक नहीं बनाती और वोल्टेज परीक्षकों, उच्च वोल्टता सूचकों तथा तड़ित निरोधकों में भी काम आती है। विसर्जन नली में हर गैस अपने ही रंग में चमकती है और यह रंग उसके परमाणु ऊर्जा स्तरों की पहचान होता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि हीलियम हल्का गुलाबी-श्वेत प्रकाश देती है और वह गुब्बारों तथा वायुपोतों में भरने के लिए जानी जाती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि आर्गन हल्के बैंगनी-नीले रंग में चमकती है और विद्युत बल्बों को भरने तथा वेल्डिंग में सुरक्षा कवच बनाने में काम आती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि नाइट्रोजन नीलापन लिए चमकती है और इसका उपयोग अक्रिय पैकिंग गैस तथा द्रव शीतलक के रूप में होता है। परीक्षा टिप: विसर्जन नली में लाल प्रकाश नियॉन का, और साधारण बल्बों में भरी जाने वाली गैस आर्गन।

Q15.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 21 Jan 2019, Shift 3मध्यम

प्लास और कैंची को मिलाकर ______ प्रथम श्रेणी का उत्तोलक माना जाता है।

  1. A.त्रिगुण
  2. B.एकल
  3. C.द्विक
  4. D.सरल
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. द्विक

व्याख्या

सही उत्तर है C, द्विक। प्लास और कैंची दोनों में दो भुजाएँ होती हैं जो एक कील पर जुड़ी रहती हैं, और प्रत्येक भुजा स्वयं एक पूर्ण प्रथम श्रेणी का उत्तोलक है, इसलिए इन औजारों को द्विक उत्तोलक कहा जाता है। प्रथम श्रेणी के उत्तोलक में आलंब भार और आयास के बीच रहता है; यहाँ कील आलंब है, हत्थे पर रखा हाथ आयास देता है और जबड़ा या फलक भार सँभालता है। चूँकि दोनों उत्तोलक आमने-सामने से दबाव डालते हैं, एक हाथ का दबाव वस्तु के दोनों तलों पर साथ-साथ लगता है। A गलत है क्योंकि औजार में दो भुजाएँ होती हैं, तीन नहीं। B गलत है क्योंकि एकल उत्तोलक उस औजार को कहते हैं जिसमें एक ही भुजा हो, जैसे सब्बल या झूला। D गलत है क्योंकि सरल शब्द छह सरल मशीनों के पूरे कुल का नाम है और यह नहीं बताता कि औजार में कितने उत्तोलक हैं। परीक्षा टिप: कैंची, प्लास और संडसी द्विक प्रथम श्रेणी के उत्तोलक हैं, जबकि सरौता द्विक द्वितीय श्रेणी का उत्तोलक है।

Q16.सामान्य विज्ञानपूछा गया: हरियाणा · 26 Sept 2021मध्यम

बकरी का वैज्ञानिक नाम क्या है?

  1. A.कैप्रा एगेग्रस हिरकस (Capra Aegagrus Hircus)
  2. B.बॉस इंडिकस (Bos Indicus)
  3. C.सस स्क्रोफा (Sus Scrofa)
  4. D.ओविस एरीज़ (Ovis Aries)
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. कैप्रा एगेग्रस हिरकस (Capra Aegagrus Hircus)

व्याख्या

सही उत्तर है A, कैप्रा एगेग्रस हिरकस। पालतू बकरी को जंगली बकरी की उपजाति माना जाता है, इसलिए उसके नाम में तीन भाग आते हैं — वंश Capra, जाति aegagrus और उपजाति hircus। संक्षेप में इसे Capra hircus भी लिखा जाता है। द्विनाम पद्धति कार्ल लीनियस ने दी थी, जिसमें वंश का नाम बड़े अक्षर से शुरू होता है, जाति का नाम छोटे अक्षर से, और पूरा नाम इटैलिक में छापा या हाथ से लिखते समय रेखांकित किया जाता है। बकरी उन पहले पशुओं में है जिन्हें मनुष्य ने पालतू बनाया — पश्चिमी एशिया में लगभग दस हज़ार वर्ष पहले, और आज भारत में दुनिया की सबसे बड़ी बकरी आबादी में से एक है। विकल्प B गलत है, क्योंकि Bos indicus कूबड़ वाला भारतीय गोवंश यानी ज़ेबू है। विकल्प C गलत है, क्योंकि Sus scrofa जंगली सूअर है, जो पालतू सूअर का पूर्वज है। विकल्प D गलत है, क्योंकि Ovis aries पालतू भेड़ है, जिसे ऐसे प्रश्नों में बकरी के साथ सबसे अधिक भ्रमित किया जाता है। परीक्षा टिप: बकरी Capra hircus, भेड़ Ovis aries, गाय Bos indicus, भैंस Bubalus bubalis।

Q17.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · 25 May 2019, Shift 3आसान

मानव शरीर में संतुलन बनाए रखने में कौन-सा अंग सहायता करता है?

  1. A.हृदय
  2. B.यकृत
  3. C.कान
  4. D.जीभ
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. कान

व्याख्या

सही उत्तर है C, कान। शरीर का संतुलन अंतःकर्ण यानी भीतरी कान से नियंत्रित होता है, जिसमें सुनने के अंग के साथ-साथ वेस्टिब्यूलर तंत्र भी रहता है। यह तंत्र एक-दूसरे से समकोण पर रखी तीन अर्धवृत्ताकार नलिकाओं तथा दो छोटी थैलियों, यूट्रिकल और सैक्यूल, से बना होता है। नलिकाएँ द्रव से भरी रहती हैं; सिर घूमने पर यह द्रव पीछे रह जाता है और भीतर लगे सूक्ष्म रोम कोशिकाओं को मोड़ देता है, जो मस्तिष्क को गति की दिशा और गति की तेजी का संकेत भेजती हैं। यूट्रिकल और सैक्यूल गुरुत्व के खिंचाव तथा सीधी रेखा में होने वाली गति की सूचना देते हैं। इसी कारण भीतरी कान के संक्रमण में या तेजी से गोल-गोल घूमने पर व्यक्ति को चक्कर आने लगते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि हृदय केवल शरीर में रक्त पंप करता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि यकृत पित्त बनाता है, विषों को नष्ट करता है और ग्लाइकोजन संचित रखता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि जीभ में स्वाद कलिकाएँ होती हैं और वह बोलने तथा निगलने में सहायक है। परीक्षा टिप: भीतरी कान का कॉक्लिया सुनने के लिए और तीन अर्धवृत्ताकार नलिकाएँ संतुलन के लिए होती हैं।

Q18.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · 1 Sept 2019, Shift 1 (Electrical)मध्यम

विद्युत लेपन शुरू करने से पहले कौन-सी क्रिया अनिवार्य रूप से की जानी चाहिए?

  1. A.बफिंग
  2. B.सोल्डरिंग
  3. C.सफाई
  4. D.पॉलिशिंग
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. सफाई

व्याख्या

सही उत्तर है C, सफाई। विद्युत लेपन में जिस वस्तु पर परत चढ़ानी होती है उसे कैथोड बनाया जाता है, लेपन की धातु एनोड का काम करती है, और दोनों को उसी धातु के लवण वाले विद्युत-अपघट्य में डुबोया जाता है। धारा बहने पर धातु के आयन कैथोड की ओर जाकर उस पर जम जाते हैं। यह परत तभी मजबूती से चिपकती है जब सतह रासायनिक रूप से साफ हो, इसलिए पहले चिकनाई, तेल, जंग और ऑक्साइड को डीग्रीसिंग तथा अम्ल में पिकलिंग द्वारा हटाया जाता है; यदि कोई पतली परत रह जाए तो लेपन उखड़ जाता है, फूल जाता है या जगह-जगह से अधूरा रह जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि बफिंग से पहले से साफ सतह पर केवल चमक आती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि सोल्डरिंग भराव मिश्रधातु से दो धातुओं को जोड़ने की क्रिया है, लेपन की तैयारी से उसका कोई संबंध नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि पॉलिशिंग सतह को यांत्रिक रूप से चिकना करती है, पर चिपकने में बाधा डालने वाली तेल और ऑक्साइड की परत नहीं हटाती। परीक्षा टिप: क्रम याद रखें, पहले सफाई फिर लेपन, और वस्तु सदैव कैथोड होती है।

Q19.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 12 April 2022, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से कौन फूल का भाग नहीं है?

  1. A.पर्णवृंत
  2. B.स्त्रीकेसर
  3. C.पुंकेसर
  4. D.बाह्यदल
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. पर्णवृंत

व्याख्या

सही उत्तर है A, पर्णवृंत। पर्णवृंत यानी पेटिओल वह डंठल है जो पत्ती के फलक को तने से जोड़ता है; यह पत्ती का भाग है, फूल का नहीं, और जिस पत्ती में यह न हो उसे अवृंत कहा जाता है। एक प्रारूपिक फूल पुष्पासन पर टिके चार चक्रों से बनता है। सबसे बाहर बाह्यदलपुंज होता है, जो बाह्यदलों से बना है और कली की रक्षा करता है। उसके भीतर दलपुंज होता है, जिसकी पंखुड़ियाँ परागणकों को आकर्षित करती हैं। इसके बाद पुमंग यानी नर चक्र आता है, जिसकी इकाई पुंकेसर है और हर पुंकेसर में तंतु पर परागकोश लगा रहता है। केंद्र में जायांग यानी मादा चक्र होता है, जिसकी इकाई स्त्रीकेसर है और वह वर्तिकाग्र, वर्तिका तथा अंडाशय से बनी होती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि स्त्रीकेसर फूल का मादा भाग है। विकल्प C गलत है, क्योंकि पुंकेसर उसका नर भाग है। विकल्प D गलत है, क्योंकि बाह्यदल मिलकर फूल का सबसे बाहरी चक्र बाह्यदलपुंज बनाते हैं। परीक्षा टिप: फूल के चार चक्र हैं बाह्यदलपुंज, दलपुंज, पुमंग और जायांग; पर्णवृंत पत्ती का भाग है।

Q20.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · 29 Aug 2019 (ME, CBT 2 Paper 1)मध्यम

कूलॉम घर्षण किनके बीच का घर्षण होता है?

  1. A.दो शुष्क सतहों
  2. B.दो स्नेहित सतहों
  3. C.सापेक्ष गति वाले पिंडों
  4. D.ठोस और द्रव
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. दो शुष्क सतहों

व्याख्या

सही उत्तर है A, दो शुष्क सतहों। कूलॉम घर्षण, जिसे शुष्क घर्षण भी कहा जाता है, वह प्रतिरोध है जो दो ठोस सतहों के बीच तब लगता है जब उनके बीच कोई स्नेहक न हो। चार्ल्स-ऑगस्टिन द कूलॉम ने इसके नियम दिए थे: घर्षण बल अभिलंब प्रतिक्रिया के समानुपाती होता है, वह स्पर्श के आभासी क्षेत्रफल पर निर्भर नहीं करता, और सरकने की चाल से लगभग स्वतंत्र रहता है। शुष्क घर्षण में दोनों प्रकार आते हैं, वह स्थैतिक घर्षण जिसे गति शुरू करने से पहले पार करना पड़ता है, और वह गतिज घर्षण जो सरकना शुरू होने के बाद लगता है; इनमें सीमांत स्थैतिक मान बड़ा होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि स्नेहित सतहों के बीच लगने वाले घर्षण को तरल या फिल्म घर्षण कहते हैं और वह श्यानता के नियमों से चलता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि सापेक्ष गति से केवल गतिज घर्षण का बोध होता है, जो कूलॉम घर्षण का एक अंश है। विकल्प D गलत है, क्योंकि ठोस और द्रव के बीच का प्रतिरोध श्यान कर्षण कहलाता है। परीक्षा टिप: कूलॉम घर्षण का अर्थ है शुष्क घर्षण, जो अभिलंब प्रतिक्रिया के समानुपाती और स्पर्श क्षेत्रफल से स्वतंत्र होता है।

सभी क्विज देखें