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GK क्विजसामान्य विज्ञान

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज: सेट 40

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज़ (सेट 40) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 19 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: रासायनिक बंधन और अभिक्रियाएं, प्रमुख गैसें और उनके उपयोग, अम्ल, क्षार और लवण और अन्य। इनमें से 19 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 21 Dec 2025, Shift 3आसान

जब कोई धातु किसी अधातु से अभिक्रिया करती है, तो सामान्यतः किस प्रकार का रासायनिक बंध बनता है?

  1. A.हाइड्रोजन बंध
  2. B.धात्विक बंध
  3. C.आयनिक बंध
  4. D.सहसंयोजक बंध
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. आयनिक बंध

व्याख्या

सही उत्तर है C, आयनिक बंध। धातु इलेक्ट्रॉन त्यागती है और अधातु उन्हें ग्रहण करती है, इसलिए इस स्थानांतरण से विपरीत आवेश वाले आयन बनते हैं जो एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं, और यही आकर्षण आयनिक बंध है। धातुओं के बाहरतम कोश में कम इलेक्ट्रॉन तथा कम आयनन ऊर्जा होती है, इसलिए वे इलेक्ट्रॉन छोड़कर धनायन बनाती हैं; अधातुओं की इलेक्ट्रॉन बंधुता अधिक होती है और वे इलेक्ट्रॉन लेकर ऋणायन बनाती हैं। मैग्नीशियम ऑक्साइड तथा कैल्शियम क्लोराइड भी साधारण नमक की तरह ही बनते हैं। इस प्रकार बने यौगिक कठोर होते हैं, उनका गलनांक उच्च होता है और वे पिघली या घुली अवस्था में विद्युत का चालन करते हैं। A गलत है क्योंकि हाइड्रोजन बंध अणुओं के बीच का दुर्बल आकर्षण है, जैसे जल में। B गलत है क्योंकि धात्विक बंध धातु के भीतर आयनों और मुक्त इलेक्ट्रॉनों के बीच का आकर्षण है। D गलत है क्योंकि सहसंयोजक बंध दो अधातुओं के इलेक्ट्रॉन साझा करने पर बनता है। परीक्षा टिप: इलेक्ट्रॉन का स्थानांतरण आयनिक बंध देता है, साझेदारी सहसंयोजक बंध।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 10 April 2022आसान

निम्नलिखित में से हाइड्रोजन गैस का रंग कौन-सा है?

  1. A.हल्का पीला
  2. B.नारंगी
  3. C.काला
  4. D.रंगहीन
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. रंगहीन

व्याख्या

सही उत्तर है D, रंगहीन। हाइड्रोजन एक रंगहीन, गंधहीन और स्वादहीन गैस है, इसलिए दिए गए किसी भी रंग से उसका मेल नहीं बैठता। यह सबसे हल्का तत्व है, जिसमें एक प्रोटॉन और एक इलेक्ट्रॉन होता है, और यह ब्रह्मांड में सबसे अधिक मात्रा में पाया जाने वाला तत्व है, जबकि पृथ्वी पर यह अधिकतर जल तथा कार्बनिक यौगिकों में संयुक्त रूप में मिलता है। हाइड्रोजन द्विपरमाणुक अणु H2 के रूप में रहती है, वायु में हल्की नीली ज्वाला के साथ जलती है और केवल जल बनाती है, इसी कारण इसे स्वच्छ ईंधन के रूप में देखा जाता है। इसका उपयोग हेबर विधि से अमोनिया बनाने तथा वनस्पति तेलों को वनस्पति घी में बदलने में होता है। A गलत है क्योंकि हाइड्रोजन का कोई सामान्य रूप पीला नहीं होता। B गलत है क्योंकि नारंगी रंग सोडियम वाष्प लैंप में दिखता है, हाइड्रोजन में नहीं। C गलत है क्योंकि यहाँ दी गई कोई गैस काली नहीं है; कार्बन का काजल रूप काला होता है, पर वह ठोस है। परीक्षा टिप: हाइड्रोजन, ऑक्सीजन और नाइट्रोजन तीनों रंगहीन तथा गंधहीन गैसें हैं।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 17 Aug 2022, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है? a) मेथेनोइक अम्ल नेटल (बिच्छू बूटी) की पत्तियों से स्रावित होता है। b) ऐसीटिक अम्ल सिरके में पाया जाता है। c) दाँतों का क्षय तब शुरू होता है जब मुँह का pH 5.5 से कम हो जाता है। d) मुँह में उपस्थित बैक्टीरिया बचे हुए भोजन कणों के अपघटन से क्षार बनाते हैं।

  1. A.a
  2. B.b
  3. C.c
  4. D.d
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. d

व्याख्या

सही उत्तर है D, कथन d। मुँह में मौजूद बैक्टीरिया बचे हुए भोजन कणों को तोड़कर क्षार नहीं बल्कि अम्ल बनाते हैं, इसलिए कथन d ही गलत है। यह अम्ल मुँह के भीतर pH घटा देता है और जैसे ही pH 5.5 से नीचे जाता है, इनैमल घुलने लगता है; इनैमल कैल्शियम फॉस्फेट से बना होता है और मानव शरीर का सबसे कठोर पदार्थ है। इसी तरह दाँतों का क्षय शुरू होता है और इसी कारण अम्ल को उदासीन करने के लिए क्षारीय टूथपेस्ट काम में लाया जाता है। A उत्तर नहीं है क्योंकि मेथेनोइक अम्ल, जिसे फॉर्मिक अम्ल भी कहते हैं, सचमुच बिच्छू बूटी के डंक और चींटी के डंक में होता है, इसलिए कथन a सही है। B उत्तर नहीं है क्योंकि सिरके में सचमुच ऐसीटिक अम्ल लगभग पाँच से आठ प्रतिशत तक होता है। C उत्तर नहीं है क्योंकि क्षय वास्तव में pH 5.5 से नीचे ही शुरू होता है। परीक्षा टिप: बिच्छू बूटी और चींटी से फॉर्मिक अम्ल, सिरके से ऐसीटिक अम्ल और दही से लैक्टिक अम्ल।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 22 Jan 2019, Shift 2मध्यम

तृतीय श्रेणी के उत्तोलक में आयास और भार किस प्रकार गति करते हैं?

  1. A.विपरीत दिशा में
  2. B.एक ही दिशा में
  3. C.लंबवत दिशा में
  4. D.भार के अनुसार
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. एक ही दिशा में

व्याख्या

सही उत्तर है B, एक ही दिशा में। तृतीय श्रेणी के उत्तोलक में आलंब एक सिरे पर होता है, आयास बीच में लगाया जाता है और भार दूसरे सिरे पर होता है। चूँकि आयास और भार दोनों आलंब के एक ही ओर पड़ते हैं, छड़ एक ही ओर घूमती है और दोनों एक ही दिशा में गति करते हैं। इसमें आयास भुजा भार भुजा से छोटी होती है, इसलिए यांत्रिक लाभ एक से कम रहता है और भार से अधिक बल लगाना पड़ता है; ऐसे उत्तोलक से गति और गति का बड़ा विस्तार मिलता है। मनुष्य की अग्रबाहु, चीनी उठाने वाला चिमटा, मछली पकड़ने की छड़ और स्टेपलर इसी प्रकार काम करते हैं। A गलत है क्योंकि आयास और भार विपरीत दिशा में प्रथम श्रेणी के उत्तोलक में चलते हैं, जिसमें आलंब दोनों के बीच होता है, जैसे सी-सॉ या कैंची। C गलत है क्योंकि उत्तोलक एक स्थिर बिंदु पर घूमता है और उसके दोनों सिरे कभी एक-दूसरे के समकोण पर नहीं चलते। D गलत है क्योंकि भार का मान लगने वाले बल को बदलता है, गति की दिशा को नहीं। परीक्षा टिप: प्रथम श्रेणी में आलंब बीच में, द्वितीय में भार बीच में और तृतीय में आयास बीच में।

Q5.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 21 April 2024आसान

निम्नलिखित यौगिकों में से किसमें मीठी और फलों जैसी गंध होती है?

  1. A.एथिल अल्कोहल
  2. B.एसिटिक अम्ल
  3. C.एथिल एसीटेट
  4. D.एसीटोफीनोन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. एथिल एसीटेट

व्याख्या

सही उत्तर है C, एथिल एसीटेट। एथिल एसीटेट एक एस्टर है, और एस्टर कार्बनिक यौगिकों का वही वर्ग है जो मीठी तथा फलों जैसी गंध के लिए जाना जाता है। यह एथेनॉल और एसिटिक अम्ल की अभिक्रिया से थोड़े सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल की उपस्थिति में बनता है, इस अभिक्रिया को एस्टरीकरण कहते हैं, और इसका सूत्र CH3COOC2H5 है। इसी सुखद गंध के कारण एस्टर इत्र, कृत्रिम स्वादों और नेल पॉलिश हटाने वाले विलायक में काम आते हैं; पके केले और अनन्नास की गंध भी इसी प्रकार के एस्टरों से आती है। A गलत है क्योंकि एथिल अल्कोहल यानी एथेनॉल की गंध फलों जैसी नहीं, बल्कि तीखी स्पिरिट जैसी होती है। B गलत है क्योंकि एसिटिक अम्ल से सिरके की चुभने वाली गंध आती है। D गलत है क्योंकि एसीटोफीनोन एक कीटोन है जिसकी गंध भारी और लगभग बादाम जैसी होती है, एस्टर की हल्की फलों वाली गंध जैसी नहीं। परीक्षा टिप: एस्टर का अर्थ फलों जैसी गंध और एस्टरीकरण का अर्थ अल्कोहल के साथ कार्बोक्सिलिक अम्ल।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: बिहार · 25th March 2022आसान

टेफ्लॉन का उपयोग बेयरिंग बनाने में किया जाता है, क्योंकि इसका

  1. A.घर्षण गुणांक कम होता है
  2. B.ऊष्मा अपवहन बेहतर होता है
  3. C.कम स्थान लगता है
  4. D.उपरोक्त सभी
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. घर्षण गुणांक कम होता है

व्याख्या

सही उत्तर है A, घर्षण गुणांक कम होता है। टेफ्लॉन पॉलिटेट्राफ्लोरोएथिलीन का व्यापारिक नाम है, और इसकी सतह ठोस पदार्थों में सबसे अधिक चिकनी सतहों में से एक है, जिसका घर्षण गुणांक लगभग 0.04 होता है। बेयरिंग का काम है कि शाफ्ट कम से कम रगड़ के साथ घूमे, इसलिए यही चिकनाई टेफ्लॉन को चुनने का कारण है; इसी गुण से ऐसे कई बेयरिंग तेल या ग्रीस के बिना भी चल जाते हैं। यह बहुलक 1938 में रॉय प्लंकेट को संयोग से मिला था, लगभग हर रसायन के प्रति निष्क्रिय रहता है और करीब 260 डिग्री सेल्सियस तक टिकता है, इसीलिए इसे नॉन-स्टिक बर्तनों पर चढ़ाया जाता है और पाइप के चूड़ों पर सीलिंग टेप के रूप में लपेटा जाता है। B गलत है क्योंकि टेफ्लॉन ऊष्मा का कुचालक है, इसलिए इसे ऊष्मा बाहर निकालने के लिए नहीं चुना जाता। C गलत है क्योंकि स्थान की बचत बेयरिंग के डिज़ाइन पर निर्भर करती है, पदार्थ पर नहीं। D गलत है क्योंकि केवल पहला कारण ही सही है। परीक्षा टिप: टेफ्लॉन यानी PTFE, सबसे कम घर्षण वाला नॉन-स्टिक बहुलक।

Q7.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · 26 June 2016मध्यम

निम्नलिखित में से कौन कोलॉइड नहीं है?

  1. A.दूध
  2. B.कीचड़
  3. C.मक्खन
  4. D.बोरिक अम्ल
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. बोरिक अम्ल

व्याख्या

सही उत्तर D, बोरिक अम्ल है। बोरिक अम्ल जल में घुलकर वास्तविक विलयन बनाता है, जिसमें बिखरे कण अलग अलग अणु होते हैं और वे इतने छोटे होते हैं कि फिल्टर पत्र तथा चर्मपत्र झिल्ली दोनों से निकल जाते हैं, तथा वह मिश्रण टिंडल प्रभाव नहीं दिखाता। इसलिए वास्तविक विलयन कोलॉइड नहीं होता।

विकल्प A गलत है क्योंकि दूध कोलॉइड है, जिसमें द्रव वसा की बूंदें जल में बिखरी रहती हैं, अर्थात वह पायस है। विकल्प B गलत है क्योंकि कीचड़ जल में मिट्टी के सूक्ष्म कणों का कोलॉइडी परिक्षेपण है, इसीलिए वह बैठने से पहले बहुत देर तक गंदला रहता है। विकल्प C गलत है क्योंकि मक्खन भी कोलॉइड है, जिसमें जल वसा में बिखरा रहता है। लागू करने का नियम यह है कि कोलॉइडी अवस्था से केवल वास्तविक विलयन बाहर रहता है।

Q8.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 23 Sep 2018, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा पुष्प एकलिंगी है?

  1. A.पपीता
  2. B.सूरजमुखी
  3. C.गुड़हल
  4. D.सरसों
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. पपीता

व्याख्या

सही उत्तर है A, पपीता। एकलिंगी पुष्प में केवल एक ही प्रकार के जननांग होते हैं, या तो पुंकेसर या स्त्रीकेसर, जबकि द्विलिंगी पुष्प में दोनों होते हैं। पपीता द्विप्रजायी पौधा है: नर और मादा पुष्प अलग-अलग पौधों पर लगते हैं, इसलिए फल बनने के लिए पराग को नर पेड़ से मादा पेड़ तक पहुंचना पड़ता है। यही कारण है कि पपीते के बाग में कुछ नर पेड़ जानबूझकर रखे जाते हैं। मक्का, खीरा, तरबूज और नारियल भी एकलिंगी पुष्पों के उदाहरण हैं, जिनमें दोनों प्रकार के पुष्प एक ही पौधे पर होते हैं और ऐसे पौधे को उभयलिंगाश्रयी कहते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि सूरजमुखी के पुष्पक्रम के चक्रिका पुष्पक द्विलिंगी होते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि गुड़हल का पुष्प सामान्य द्विलिंगी पुष्प है, जिसमें पुंकेसर और स्त्रीकेसर दोनों रहते हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि सरसों के पुष्प भी द्विलिंगी होते हैं। परीक्षा टिप: एकलिंगी में पपीता, मक्का, खीरा और तरबूज आते हैं; गुड़हल, सरसों, गुलाब तथा मटर द्विलिंगी हैं।

Q9.सामान्य विज्ञानमध्यम

यह कोशिका सिद्धांत कि सभी पौधे और जंतु कोशिकाओं से बने हैं, किसने दिया था?

  1. A.श्लाइडेन और श्वान
  2. B.हुक और ब्राउन
  3. C.डार्विन और मेंडल
  4. D.वॉटसन और क्रिक
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. श्लाइडेन और श्वान

व्याख्या

सही उत्तर A, श्लाइडेन और श्वान है। वनस्पति वैज्ञानिक मैथियास श्लाइडेन इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि सभी पौधे कोशिकाओं से बने हैं और प्राणि वैज्ञानिक थियोडोर श्वान ने यही बात जंतुओं के लिए कही; दोनों का संयुक्त कथन कोशिका सिद्धांत कहलाया। विकल्प B गलत है क्योंकि रॉबर्ट हुक ने केवल कोशिका खोजी और नाम दिया तथा रॉबर्ट ब्राउन ने केंद्रक खोजा, किसी ने सामान्य सिद्धांत नहीं दिया। विकल्प C गलत है क्योंकि चार्ल्स डार्विन प्राकृतिक चयन से और ग्रेगर मेंडल आनुवंशिकी से जुड़े हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि जेम्स वॉटसन और फ्रांसिस क्रिक ने 1953 में डीएनए की द्विकुंडलिनी संरचना बताई थी। एक बात सिद्धांत को पूर्ण करती है और प्रायः प्रश्न का दूसरा भाग होती है: रुडोल्फ विरचो ने कहा कि प्रत्येक कोशिका पूर्व विद्यमान कोशिका से ही उत्पन्न होती है।

Q10.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CTET · Dec 2018 Paper 2आसान

जूतों के तलवों पर खाँचे (ट्रेड) क्यों बनाए जाते हैं?

  1. A.जूतों को अधिक सुरक्षा देने के लिए
  2. B.घर्षण घटाने के लिए
  3. C.घर्षण बढ़ाने के लिए
  4. D.जूतों की आयु बढ़ाने के लिए
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. घर्षण बढ़ाने के लिए

व्याख्या

सही उत्तर है C, घर्षण बढ़ाने के लिए। तलवे पर बने खाँचे जमीन को पकड़ते हैं, जिससे चलते या दौड़ते समय पैर फिसलता नहीं है। घर्षण वह बल है जो संपर्क में आई दो सतहों के बीच लगता है और उनकी गति का विरोध करता है। सतह जितनी खुरदरी होती है, घर्षण उतना ही बढ़ता है; इसी कारण जूते का तलवा, टायर की सतह और साइकिल के हैंडल की पकड़ जान-बूझकर खुरदरी बनाई जाती है। गीले फर्श पर चिकने तलवे का घर्षण बहुत कम होता है, इसीलिए वहाँ लोग फिसल जाते हैं। यही रगड़ धीरे-धीरे खाँचों को घिसा देती है, इसलिए पुराना जूता या टायर पकड़ खो देता है और बदलना पड़ता है। A गलत है क्योंकि तलवा अपनी मोटाई और सामग्री से पैर की रक्षा करता है, अपने खाँचों से नहीं। B गलत है क्योंकि घर्षण कम होने पर चलना खतरनाक हो जाएगा; घर्षण घटाने के लिए तेल और बॉल बेयरिंग काम आते हैं। D गलत है क्योंकि खाँचे जूते की आयु नहीं बढ़ाते। परीक्षा टिप: खुरदरी सतह – अधिक घर्षण; खाँचे, ग्रूव और स्टड सभी पकड़ बनाने के लिए होते हैं।

Q11.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 8 Oct 2018, Shift 2आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा एक भौतिक परिवर्तन है?

  1. A.बर्फ का पिघलना
  2. B.दूध का दही जमना
  3. C.फलों का पकना
  4. D.अंगूरों का किण्वन होना
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. बर्फ का पिघलना

व्याख्या

सही उत्तर है A, बर्फ का पिघलना। बर्फ के पिघलने में जल की अवस्था ठोस से द्रव में बदलती है; कोई नया पदार्थ नहीं बनता, इसलिए यह भौतिक परिवर्तन है। भौतिक परिवर्तन में आकार, रूप या अवस्था बदल सकती है, परंतु रासायनिक संरचना वही रहती है और परिवर्तन आमतौर पर उत्क्रमणीय होता है - द्रव जल को जमाकर फिर बर्फ बनाया जा सकता है। रासायनिक परिवर्तन में नए गुणों वाले नए पदार्थ बनते हैं और उसे पलटना कठिन होता है। B गलत है क्योंकि दूध का दही जमना जीवाणुओं द्वारा होने वाला रासायनिक परिवर्तन है, जिसमें लैक्टोज लैक्टिक अम्ल में बदल जाता है। C गलत है क्योंकि फलों के पकने में रासायनिक अभिक्रियाएँ होती हैं जो स्टार्च को शर्करा में बदल देती हैं। D गलत है क्योंकि अंगूरों के किण्वन में शर्करा से ऐल्कोहॉल बनता है, जो एक नया पदार्थ है। परीक्षा टिप: यदि कोई नया पदार्थ न बने और परिवर्तन पलटा जा सके, तो वह भौतिक है।

Q12.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 9 Aug 2018, Shift 3आसान

स्वाद का पता लगाने वाले ग्राही क्या कहलाते हैं?

  1. A.संवेदी ग्राही
  2. B.रासायनिक ग्राही
  3. C.घ्राण ग्राही
  4. D.स्वाद ग्राही (गस्टेटरी)
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. स्वाद ग्राही (गस्टेटरी)

व्याख्या

सही उत्तर है D, स्वाद ग्राही या गस्टेटरी रिसेप्टर। स्वाद पकड़ने वाले ग्राही गस्टेटरी ग्राही कहलाते हैं और ये जीभ पर स्थित स्वाद कलिकाओं के भीतर रहते हैं। ये केवल लार में घुले पदार्थों पर प्रतिक्रिया करते हैं, इसीलिए सूखी जीभ से स्वाद कम पता चलता है, और ये पाँच मूल स्वाद बताते हैं - मीठा, खट्टा, नमकीन, कड़वा और उमामी। जीभ से संकेत कपाल तंत्रिकाओं के रास्ते मस्तिष्क तक जाता है, जहाँ स्वाद और गंध मिलकर भोजन का असली ज़ायका बनाते हैं। A गलत है क्योंकि संवेदी ग्राही शरीर के हर ग्राही का सामान्य नाम है, जिसमें प्रकाश, ध्वनि, स्पर्श और दाब के ग्राही भी आते हैं। B गलत है क्योंकि रासायनिक ग्राही या कीमोरिसेप्टर वह बड़ी श्रेणी है जिसमें स्वाद और गंध दोनों आते हैं, इसलिए यह विशेष रूप से स्वाद ग्राही का नाम नहीं है। C गलत है क्योंकि घ्राण ग्राही नाक की भीतरी परत में होते हैं और गंध का पता लगाते हैं। परीक्षा टिप: गस्टेटरी का अर्थ स्वाद, ओल्फैक्टरी का अर्थ गंध और ऑडिटरी का अर्थ श्रवण।

Q13.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 18 Sept 2016आसान

पायस (इमल्शन) किसे कहा जाता है?

  1. A.भिन्न भौतिक अवस्थाओं वाले पदार्थों का कोलॉइडी विलयन
  2. B.वास्तविक विलयन
  3. C.अल्कोहल बनाने के लिए आसवन मिश्रण
  4. D.दो द्रवों का कोलॉइडी विलयन
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. दो द्रवों का कोलॉइडी विलयन

व्याख्या

सही उत्तर है D, दो द्रवों का कोलॉइडी विलयन। पायस वह कोलॉइड है जिसमें एक द्रव महीन बूँदों के रूप में दूसरे ऐसे द्रव में फैला रहता है जो उससे मिलता नहीं। दूध इसका सामान्य उदाहरण है, जिसमें वसा की बूँदें जल में फैली रहती हैं, और मक्खन इसका उल्टा रूप है, जिसमें जल की बूँदें वसा में टिकी रहती हैं। साबुन और अपमार्जक पायसीकारक की तरह काम करते हैं, वे तेल की बूँदों को जल में लटका रखते हैं जिससे चिकनाई धुल जाती है। पायस में परिक्षिप्त प्रावस्था और परिक्षेपण माध्यम दोनों द्रव होते हैं, और प्रश्न इसी बात की परख करता है। A गलत है क्योंकि वह सामान्य रूप से कोलॉइडों का वर्णन करता है, विशेष रूप से पायस का नहीं। B गलत है क्योंकि वास्तविक विलयन समांगी होता है और उसके कण अणु के आकार के होते हैं, जबकि पायस एक कोलॉइड है। C गलत है क्योंकि आसवन द्रवों को उनके क्वथनांक के आधार पर अलग करता है और उसका कोलॉइड से कोई संबंध नहीं है। परीक्षा टिप: पायस द्रव में द्रव है, जबकि ऐरोसॉल गैस में द्रव या ठोस होता है।

Q14.सामान्य विज्ञानपूछा गया: हरियाणा · 26 Sept 2021मध्यम

बकरी का वैज्ञानिक नाम क्या है?

  1. A.कैप्रा एगेग्रस हिरकस (Capra Aegagrus Hircus)
  2. B.बॉस इंडिकस (Bos Indicus)
  3. C.सस स्क्रोफा (Sus Scrofa)
  4. D.ओविस एरीज़ (Ovis Aries)
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. कैप्रा एगेग्रस हिरकस (Capra Aegagrus Hircus)

व्याख्या

सही उत्तर है A, कैप्रा एगेग्रस हिरकस। पालतू बकरी को जंगली बकरी की उपजाति माना जाता है, इसलिए उसके नाम में तीन भाग आते हैं — वंश Capra, जाति aegagrus और उपजाति hircus। संक्षेप में इसे Capra hircus भी लिखा जाता है। द्विनाम पद्धति कार्ल लीनियस ने दी थी, जिसमें वंश का नाम बड़े अक्षर से शुरू होता है, जाति का नाम छोटे अक्षर से, और पूरा नाम इटैलिक में छापा या हाथ से लिखते समय रेखांकित किया जाता है। बकरी उन पहले पशुओं में है जिन्हें मनुष्य ने पालतू बनाया — पश्चिमी एशिया में लगभग दस हज़ार वर्ष पहले, और आज भारत में दुनिया की सबसे बड़ी बकरी आबादी में से एक है। विकल्प B गलत है, क्योंकि Bos indicus कूबड़ वाला भारतीय गोवंश यानी ज़ेबू है। विकल्प C गलत है, क्योंकि Sus scrofa जंगली सूअर है, जो पालतू सूअर का पूर्वज है। विकल्प D गलत है, क्योंकि Ovis aries पालतू भेड़ है, जिसे ऐसे प्रश्नों में बकरी के साथ सबसे अधिक भ्रमित किया जाता है। परीक्षा टिप: बकरी Capra hircus, भेड़ Ovis aries, गाय Bos indicus, भैंस Bubalus bubalis।

Q15.सामान्य विज्ञानपूछा गया: बिहार · 29th Jan 2017मध्यम

सड़क पर चलती कार के पहिये के बारे में कौन-सा विकल्प सही है?

  1. A.लोटनिक घर्षण > स्थैतिक घर्षण > गतिज घर्षण
  2. B.स्थैतिक घर्षण > गतिज घर्षण > लोटनिक घर्षण
  3. C.स्थैतिक घर्षण > लोटनिक घर्षण > गतिज घर्षण
  4. D.लोटनिक घर्षण > गतिज घर्षण > स्थैतिक घर्षण
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. स्थैतिक घर्षण > गतिज घर्षण > लोटनिक घर्षण

व्याख्या

सही उत्तर है B, स्थैतिक घर्षण > गतिज घर्षण > लोटनिक घर्षण। एक ही सतहों के जोड़े के लिए घर्षण का क्रम हमेशा स्थैतिक, फिर गतिज और फिर लोटनिक रहता है। स्थैतिक घर्षण सबसे अधिक होता है क्योंकि विराम की अवस्था में सतहों की खुरदरी उभार एक-दूसरे में फँसे रहते हैं और गति शुरू करने के लिए इस जकड़न को तोड़ना पड़ता है। सरकना शुरू होने पर संपर्क बार-बार टूटता और बनता रहता है, इसलिए गतिज घर्षण कम होता है। लोटनिक घर्षण तीनों में सबसे कम है, क्योंकि लुढ़कता पहिया सड़क पर सरकता नहीं, केवल संपर्क बिंदु पर उसे थोड़ा दबाता और विकृत करता है। इसी कारण भारी बोझ खिसकाने के लिए पहिये, रोलर और बॉल बेयरिंग काम में लिए जाते हैं। A और D गलत हैं क्योंकि ये लोटनिक घर्षण को सबसे ऊपर रखते हैं, जबकि वह तीनों में सबसे कम है। C गलत है क्योंकि यह लोटनिक घर्षण को गतिज घर्षण से बड़ा बताता है, जो सही क्रम के उलट है। परीक्षा टिप: स्थैतिक > गतिज > लोटनिक; इनमें सबसे कम वाले ने ही हमें पहिया दिया।

Q16.सामान्य विज्ञानपूछा गया: हरियाणा · 29 Feb 2020, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से कौन पौधों को प्रभावित करने वाला जीवाणु जनित रोग है?

  1. A.क्राउन गॉल
  2. B.मोज़ेक
  3. C.कंडुआ (स्मट)
  4. D.ब्लिस्टर
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. क्राउन गॉल

व्याख्या

सही उत्तर है A, क्राउन गॉल। क्राउन गॉल रोग एग्रोबैक्टीरियम ट्यूमिफेशिएंस नामक जीवाणु से होता है, जो तने के आधार यानी क्राउन के पास किसी घाव से भीतर पहुँचता है और वहाँ गाँठ जैसी खुरदरी सूजन बना देता है। यह जीवाणु अपने Ti प्लाज्मिड का एक टुकड़ा पौधे की कोशिकाओं में डालकर उन्हें लगातार विभाजित होने पर मजबूर करता है, और इसी प्राकृतिक गुण के कारण प्रयोगशालाओं में इसे पौधों में नए जीन पहुँचाने वाले वाहक के रूप में उपयोग किया जाता है। अंगूर, सेब, गुलाब, अखरोट और गुठलीदार फलों में यह रोग सबसे अधिक होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि मोज़ेक रोग, जैसे तंबाकू मोज़ेक, विषाणु से होते हैं और पत्तियों पर हल्के-गहरे धब्बे बनाते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि गेहूँ, बाजरा और गन्ने का कंडुआ कवक जनित रोग है, जो बालियों को काले चूर्ण जैसे बीजाणुओं से भर देता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि सरसों जैसी फसलों का सफेद ब्लिस्टर या सफेद रस्ट भी कवक जनित है और पत्तियों व तनों पर सफेद फफोले बनाता है। परीक्षा टिप: जीवाणु — क्राउन गॉल, सिट्रस कैंकर, धान का जीवाणु झुलसा; विषाणु — मोज़ेक; कवक — कंडुआ, रस्ट।

Q17.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 16 April 2023आसान

समान ताप और दाब पर मापे जाने पर सभी गैसों के समान आयतन में कणों की संख्या समान होती है। यह नियम किसने दिया?

  1. A.चार्ल्स
  2. B.बॉयल
  3. C.एवोगाद्रो
  4. D.लुसाक
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. एवोगाद्रो

व्याख्या

सही उत्तर है C, एवोगाद्रो। प्रश्न में दिया गया कथन एवोगाद्रो का नियम है, जिसे इतालवी वैज्ञानिक अमेडियो एवोगाद्रो ने 1811 में दिया था। इसके अनुसार समान ताप और दाब पर सभी गैसों के समान आयतन में अणुओं की संख्या समान होती है, इसलिए गैस का आयतन उसमें उपस्थित मोलों की संख्या के समानुपाती होता है। इसी कारण मानक ताप और दाब पर किसी भी गैस का एक मोल 22.4 लीटर आयतन घेरता है, और एक मोल में कणों की संख्या, लगभग 6.022 गुणा 10 की घात 23, को उनके नाम पर एवोगाद्रो संख्या कहा जाता है। A गलत है क्योंकि चार्ल्स का नियम स्थिर दाब पर गैस के आयतन को उसके ताप से जोड़ता है। B गलत है क्योंकि बॉयल का नियम कहता है कि स्थिर ताप पर आयतन दाब के व्युत्क्रमानुपाती होता है। D गलत है क्योंकि गे-लुसाक ने संयोजी आयतनों का नियम तथा दाब और ताप का नियम दिया था। परीक्षा टिप: एवोगाद्रो आयतन को अणुओं की संख्या से, बॉयल दाब से और चार्ल्स ताप से जोड़ता है।

Q18.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 18 Sept 2016कठिन

निम्नलिखित में से किसमें अणुओं की संख्या भिन्न है? (सभी सामान्य ताप और दाब पर रखे गए हैं)

  1. A.3 ग्राम हाइड्रोजन
  2. B.48 ग्राम ऑक्सीजन
  3. C.42 ग्राम नाइट्रोजन
  4. D.2 ग्राम कार्बन
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 2 ग्राम कार्बन

व्याख्या

सही उत्तर है D, 2 ग्राम कार्बन। तीन ग्राम हाइड्रोजन, 48 ग्राम ऑक्सीजन और 42 ग्राम नाइट्रोजन में से प्रत्येक 1.5 मोल बनता है, जबकि दो ग्राम कार्बन केवल लगभग 0.17 मोल है, इसलिए कार्बन में कणों की संख्या भिन्न है। मोलों की संख्या दिए गए द्रव्यमान को मोलर द्रव्यमान से भाग देकर निकाली जाती है, और समान मोल का अर्थ सदैव कणों की समान संख्या होता है। हाइड्रोजन गैस H2 है और इसका मोलर द्रव्यमान 2 है, इसलिए 3 बटा 2 यानी 1.5 मोल। ऑक्सीजन गैस O2 है और इसका मोलर द्रव्यमान 32 है, इसलिए 48 बटा 32 यानी 1.5 मोल। नाइट्रोजन गैस N2 है और इसका मोलर द्रव्यमान 28 है, इसलिए 42 बटा 28 यानी 1.5 मोल। कार्बन का परमाणु द्रव्यमान 12 है, इसलिए 2 बटा 12 लगभग 0.17 मोल ही होता है। A गलत है क्योंकि 3 ग्राम हाइड्रोजन 1.5 मोल है। B गलत है क्योंकि 48 ग्राम ऑक्सीजन भी 1.5 मोल है। C गलत है क्योंकि 42 ग्राम नाइट्रोजन भी 1.5 मोल ही है। परीक्षा टिप: पहले हर द्रव्यमान को मोल में बदलें।

Q19.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 17 Aug 2022, Shift 2आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा भाग पौधों में गैसों के विनिमय में सहायक होता है?

  1. A.कोशिका झिल्ली
  2. B.केंद्रक
  3. C.रंध्र
  4. D.रक्षक कोशिकाएँ
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. रंध्र

व्याख्या

सही उत्तर है C, रंध्र। रंध्र पत्ती की सतह पर बने सूक्ष्म छिद्र हैं, जिनसे पौधा कार्बन डाइऑक्साइड लेता है और ऑक्सीजन तथा जलवाष्प बाहर निकालता है, इसलिए गैसों का विनिमय इन्हीं से होता है। प्रत्येक रंध्र के दोनों ओर सेम के बीज जैसी दो रक्षक कोशिकाएँ होती हैं, जो फूलकर छिद्र खोलती हैं और सिकुड़कर उसे बंद कर देती हैं; इसी तरह पौधा जल की हानि पर नियंत्रण रखता है। अधिकांश रंध्र पत्ती की निचली सतह पर होते हैं, जिससे सीधी धूप में जल कम उड़ता है। वाष्पोत्सर्जन भी मुख्य रूप से इन्हीं छिद्रों से होता है। A गलत है क्योंकि कोशिका झिल्ली एक कोशिका में पदार्थों के आने-जाने को नियंत्रित करती है, पूरे पौधे का गैस विनिमय नहीं। B गलत है क्योंकि केंद्रक आनुवंशिक पदार्थ रखता है और कोशिका की क्रियाओं का निर्देशन करता है। D गलत है क्योंकि रक्षक कोशिकाएँ केवल छिद्र को खोलती और बंद करती हैं, विनिमय रंध्र के छिद्र से ही होता है। परीक्षा टिप: गैस विनिमय और वाष्पोत्सर्जन रंध्र से होता है, खोलना और बंद करना रक्षक कोशिकाएँ करती हैं।

Q20.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 10 April 2022मध्यम

1 मीटर लंबे दोलक (पेंडुलम) का आवर्तकाल लगभग कितना होता है?

  1. A.6 s
  2. B.4 s
  3. C.2 s
  4. D.1 s
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 2 s

व्याख्या

सही उत्तर है C, 2 s। लगभग एक मीटर लंबा सरल दोलक एक पूरा दोलन करीब दो सेकंड में पूरा करता है, और इतनी लंबाई वाले दोलक को सेकंड दोलक कहा जाता है। सरल दोलक का आवर्तकाल T = 2 पाई गुणा L बटा g का वर्गमूल होता है, जहाँ L धागे की लंबाई है और g गुरुत्वीय त्वरण, जो लगभग 9.8 मीटर प्रति सेकंड वर्ग होता है। L = 1 मीटर रखने पर T = 2 x 3.14 x एक बटा 9.8 का वर्गमूल आता है, जो लगभग 2.01 सेकंड है। आवर्तकाल केवल लंबाई और g पर निर्भर करता है, गोलक के द्रव्यमान या उसे कितना किनारे खींचा गया है इस पर नहीं, बशर्ते दोलन छोटा हो। A गलत है क्योंकि 6 सेकंड के आवर्तकाल के लिए धागा लगभग 9 मीटर लंबा चाहिए। B गलत है क्योंकि 4 सेकंड के आवर्तकाल के लिए धागा लगभग 4 मीटर लंबा चाहिए। D गलत है क्योंकि 1 सेकंड का आवर्तकाल केवल लगभग 25 सेंटीमीटर के धागे का होता है। परीक्षा टिप: लंबाई चार गुनी होने पर ही आवर्तकाल दोगुना होता है।

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