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GK क्विजसामान्य विज्ञान

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज: सेट 39

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज़ (सेट 39) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 19 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: रासायनिक बंधन और अभिक्रियाएं, बहुलक, प्लास्टिक और रेशे, अम्ल, क्षार और लवण और अन्य। इनमें से 18 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 16 Dec 2025, Shift 1आसान

जब सोडियम क्लोरीन से अभिक्रिया करता है, तो किस प्रकार का यौगिक बनता है?

  1. A.आयनिक यौगिक
  2. B.सहसंयोजक यौगिक
  3. C.उपसहसंयोजक यौगिक
  4. D.धात्विक यौगिक
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. आयनिक यौगिक

व्याख्या

सही उत्तर है A, आयनिक यौगिक। सोडियम एक धातु है जो सरलता से इलेक्ट्रॉन त्याग देती है और क्लोरीन एक अधातु है जो इलेक्ट्रॉन ग्रहण कर लेती है, इसलिए दोनों मिलकर सोडियम क्लोराइड नामक आयनिक यौगिक बनाते हैं। सोडियम परमाणु के बाहरतम कोश में एक इलेक्ट्रॉन होता है, जिसे खोकर वह धनावेशित सोडियम आयन बन जाता है; क्लोरीन परमाणु में एक इलेक्ट्रॉन की कमी होती है, जिसे पाकर वह ऋणावेशित क्लोराइड आयन बन जाता है। विपरीत आवेश प्रबलता से एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं और यही स्थिरवैद्युत आकर्षण साधारण नमक NaCl में आयनिक बंध है। B गलत है क्योंकि सहसंयोजक यौगिक दो अधातुओं के इलेक्ट्रॉन साझा करने से बनता है, जैसे जल या मेथेन में। C गलत है क्योंकि उपसहसंयोजक बंध के लिए एकाकी युग्म का दान आवश्यक है, जो यहाँ नहीं होता। D गलत है क्योंकि धात्विक बंध केवल धातु परमाणुओं के बीच बनता है और क्लोरीन धातु नहीं है। परीक्षा टिप: धातु और अधातु मिलकर आयनिक यौगिक बनाते हैं।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: बिहार · 25th March 2022आसान

टेफ्लॉन का उपयोग बेयरिंग बनाने में किया जाता है, क्योंकि इसका

  1. A.घर्षण गुणांक कम होता है
  2. B.ऊष्मा अपवहन बेहतर होता है
  3. C.कम स्थान लगता है
  4. D.उपरोक्त सभी
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. घर्षण गुणांक कम होता है

व्याख्या

सही उत्तर है A, घर्षण गुणांक कम होता है। टेफ्लॉन पॉलिटेट्राफ्लोरोएथिलीन का व्यापारिक नाम है, और इसकी सतह ठोस पदार्थों में सबसे अधिक चिकनी सतहों में से एक है, जिसका घर्षण गुणांक लगभग 0.04 होता है। बेयरिंग का काम है कि शाफ्ट कम से कम रगड़ के साथ घूमे, इसलिए यही चिकनाई टेफ्लॉन को चुनने का कारण है; इसी गुण से ऐसे कई बेयरिंग तेल या ग्रीस के बिना भी चल जाते हैं। यह बहुलक 1938 में रॉय प्लंकेट को संयोग से मिला था, लगभग हर रसायन के प्रति निष्क्रिय रहता है और करीब 260 डिग्री सेल्सियस तक टिकता है, इसीलिए इसे नॉन-स्टिक बर्तनों पर चढ़ाया जाता है और पाइप के चूड़ों पर सीलिंग टेप के रूप में लपेटा जाता है। B गलत है क्योंकि टेफ्लॉन ऊष्मा का कुचालक है, इसलिए इसे ऊष्मा बाहर निकालने के लिए नहीं चुना जाता। C गलत है क्योंकि स्थान की बचत बेयरिंग के डिज़ाइन पर निर्भर करती है, पदार्थ पर नहीं। D गलत है क्योंकि केवल पहला कारण ही सही है। परीक्षा टिप: टेफ्लॉन यानी PTFE, सबसे कम घर्षण वाला नॉन-स्टिक बहुलक।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 30 Sept 2022, Shift 3आसान

लिटमस विलयन के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  1. A.लिटमस विलयन एक बैंगनी रंजक है, जो मॉस से प्राप्त किया जाता है।
  2. B.लिटमस विलयन एक नारंगी रंजक है, जो लाइकेन से प्राप्त किया जाता है।
  3. C.लिटमस विलयन एक बैंगनी रंजक है, जो लाइकेन से प्राप्त किया जाता है।
  4. D.लिटमस विलयन एक नारंगी रंजक है, जो मॉस से प्राप्त किया जाता है।
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. लिटमस विलयन एक बैंगनी रंजक है, जो लाइकेन से प्राप्त किया जाता है।

व्याख्या

सही उत्तर है C, लिटमस विलयन एक बैंगनी रंजक है, जो लाइकेन से प्राप्त किया जाता है। लिटमस एक प्राकृतिक सूचक है जो लाइकेन से मिलता है, और लाइकेन शैवाल तथा कवक का सहजीवी मेल है। उदासीन विलयन में यह बैंगनी रंग दिखाता है। यह सूचक अम्ल में लाल और क्षार में नीला हो जाता है, इसलिए अम्ल में लाल और क्षार में नीला वाली जोड़ी रसायन विज्ञान के विद्यार्थी की सबसे पहली जाँच होती है। लिटमस लाल और नीली कागज पट्टियों के रूप में भी मिलता है, और हल्दी, लाल पत्तागोभी का रस तथा गुड़हल की पंखुड़ी जैसे अन्य प्राकृतिक सूचक भी इसी तरह काम करते हैं। A गलत है क्योंकि रंग तो सही है पर स्रोत लाइकेन है, मॉस नहीं। B दोनों कारणों से गलत है, क्योंकि रंजक बैंगनी है नारंगी नहीं, यद्यपि स्रोत लाइकेन सही है। D भी इन्हीं दो कारणों से गलत है, जिसमें मॉस से मिला नारंगी रंजक बताया गया है। परीक्षा टिप: लिटमस लाइकेन से मिला बैंगनी रंजक है - अम्ल में लाल, क्षार में नीला।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 23 Sep 2018, Shift 1आसान

कान में कंपन मध्य कर्ण की तीन हड्डियों, अर्थात _________ द्वारा प्रवर्धित होते हैं।

  1. A.हथौड़ी, निहाई और रकाब
  2. B.हथौड़ी, कॉक्लिया और रकाब
  3. C.हथौड़ी, निहाई और कर्णपाली
  4. D.श्रवण अस्थि, निहाई और रकाब
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. हथौड़ी, निहाई और रकाब

व्याख्या

सही उत्तर है A, हथौड़ी, निहाई और रकाब। मध्य कर्ण में तीन अत्यंत छोटी हड्डियां होती हैं, जो मानव शरीर की सबसे छोटी अस्थियां हैं और जिन्हें मैलियस, इन्कस तथा स्टेपीज कहते हैं, हिंदी में हथौड़ी, निहाई और रकाब। कर्णपाली द्वारा एकत्र की गई ध्वनि तरंगें कर्ण नलिका से होकर कर्णपटह को कंपित करती हैं। ये तीनों अस्थियां उस कंपन को एक श्रृंखला में आगे बढ़ाती हैं और लगभग बीस गुना प्रवर्धित करके कॉक्लिया की अंडाकार खिड़की तक पहुंचाती हैं, जहां भीतर भरा तरल उसे तंत्रिका संकेतों में बदल देता है। स्टेपीज शरीर की सबसे छोटी हड्डी है, लगभग 3 mm लंबी। विकल्प B गलत है, क्योंकि कॉक्लिया अंतःकर्ण का तरल भरा सर्पिल भाग है, मध्य कर्ण की हड्डी नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि कर्णपाली कान का बाहरी भाग है। विकल्प D गलत है, क्योंकि श्रवण अस्थि नाम की कोई अलग हड्डी नहीं होती। परीक्षा टिप: मैलियस, इन्कस और स्टेपीज ही हथौड़ी, निहाई तथा रकाब हैं, और स्टेपीज मानव शरीर की सबसे छोटी अस्थि है।

Q5.सामान्य विज्ञानमध्यम

साठ कार्बन परमाणुओं वाला फुटबॉल जैसी आकृति का कार्बन अपररूप क्या कहलाता है?

  1. A.ग्रेफाइट
  2. B.बकमिंस्टर फुलरीन
  3. C.कोक
  4. D.चारकोल
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. बकमिंस्टर फुलरीन

व्याख्या

सही उत्तर B, बकमिंस्टर फुलरीन है। यह साठ कार्बन परमाणुओं का वह अणु है जो पंचभुजों और षट्भुजों के बंद पिंजरे में सजा होता है, ठीक फुटबॉल के टुकड़ों की तरह, और इसका नाम उसी ज्यामिति के गुंबद बनाने वाले वास्तुकार के नाम पर पड़ा। विकल्प A गलत है क्योंकि ग्रेफाइट एक के ऊपर एक जमी सपाट षट्कोणीय परतों से बना है, जिससे वह मुलायम और फिसलनदार होता है, पिंजरेनुमा नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि कोक वह अशुद्ध कार्बन है जो कोयले को वायु की अनुपस्थिति में गर्म करने पर बचता है और धातु निष्कर्षण में काम आता है; वह निश्चित अणुसूत्र वाला क्रिस्टलीय अपररूप नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि चारकोल भी लकड़ी से प्राप्त कार्बन का अक्रिस्टलीय रूप है, जो गैसों और रंगकणों के अधिशोषण के लिए उपयोगी है, किसी नियमित संरचना के लिए नहीं।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 23 Sep 2018, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा पुष्प एकलिंगी है?

  1. A.पपीता
  2. B.सूरजमुखी
  3. C.गुड़हल
  4. D.सरसों
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. पपीता

व्याख्या

सही उत्तर है A, पपीता। एकलिंगी पुष्प में केवल एक ही प्रकार के जननांग होते हैं, या तो पुंकेसर या स्त्रीकेसर, जबकि द्विलिंगी पुष्प में दोनों होते हैं। पपीता द्विप्रजायी पौधा है: नर और मादा पुष्प अलग-अलग पौधों पर लगते हैं, इसलिए फल बनने के लिए पराग को नर पेड़ से मादा पेड़ तक पहुंचना पड़ता है। यही कारण है कि पपीते के बाग में कुछ नर पेड़ जानबूझकर रखे जाते हैं। मक्का, खीरा, तरबूज और नारियल भी एकलिंगी पुष्पों के उदाहरण हैं, जिनमें दोनों प्रकार के पुष्प एक ही पौधे पर होते हैं और ऐसे पौधे को उभयलिंगाश्रयी कहते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि सूरजमुखी के पुष्पक्रम के चक्रिका पुष्पक द्विलिंगी होते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि गुड़हल का पुष्प सामान्य द्विलिंगी पुष्प है, जिसमें पुंकेसर और स्त्रीकेसर दोनों रहते हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि सरसों के पुष्प भी द्विलिंगी होते हैं। परीक्षा टिप: एकलिंगी में पपीता, मक्का, खीरा और तरबूज आते हैं; गुड़हल, सरसों, गुलाब तथा मटर द्विलिंगी हैं।

Q7.सामान्य विज्ञानपूछा गया: दिल्ली · 7 Dec 2017, Shift 1आसान

कौन सा मानव निर्मित रेशा लकड़ी की लुगदी से प्राप्त किया जाता है?

  1. A.नायलॉन
  2. B.रेयॉन
  3. C.रेशम
  4. D.पॉलिएस्टर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. रेयॉन

व्याख्या

सही उत्तर B, रेयॉन है। रेयॉन लकड़ी की लुगदी के सेल्यूलोज को रसायन में घोलकर और उस विलयन को सूक्ष्म छिद्रों से निकालकर तंतु बनाकर तैयार किया जाता है। चूंकि यह छोटे अणुओं से जोड़कर नहीं, बल्कि प्राकृतिक बहुलक से बनाया जाता है, इसे पुनर्जनित या अर्ध संश्लेषित रेशा कहते हैं, और रेशम जैसी चमक के कारण उसे कृत्रिम रेशम कहा जाता है।

विकल्प A गलत है क्योंकि नायलॉन पूर्णतः संश्लेषित है, वह पहला रेशा था जो केवल कोयले, जल और वायु से बनाया गया, और उसमें कोई पादप पदार्थ नहीं होता। विकल्प C गलत है क्योंकि रेशम रेशम के कीट के कोश से मिलने वाला प्राकृतिक पशु रेशा है और मानव निर्मित नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि पॉलिएस्टर, जिसका सबसे प्रसिद्ध रूप टेरीलीन है, पेट्रोलियम उत्पादों से बना पूर्णतः संश्लेषित रेशा है। केवल रेयॉन लकड़ी की लुगदी से आरंभ होता है।

Q8.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CTET · Dec 2018 Paper 2आसान

जूतों के तलवों पर खाँचे (ट्रेड) क्यों बनाए जाते हैं?

  1. A.जूतों को अधिक सुरक्षा देने के लिए
  2. B.घर्षण घटाने के लिए
  3. C.घर्षण बढ़ाने के लिए
  4. D.जूतों की आयु बढ़ाने के लिए
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. घर्षण बढ़ाने के लिए

व्याख्या

सही उत्तर है C, घर्षण बढ़ाने के लिए। तलवे पर बने खाँचे जमीन को पकड़ते हैं, जिससे चलते या दौड़ते समय पैर फिसलता नहीं है। घर्षण वह बल है जो संपर्क में आई दो सतहों के बीच लगता है और उनकी गति का विरोध करता है। सतह जितनी खुरदरी होती है, घर्षण उतना ही बढ़ता है; इसी कारण जूते का तलवा, टायर की सतह और साइकिल के हैंडल की पकड़ जान-बूझकर खुरदरी बनाई जाती है। गीले फर्श पर चिकने तलवे का घर्षण बहुत कम होता है, इसीलिए वहाँ लोग फिसल जाते हैं। यही रगड़ धीरे-धीरे खाँचों को घिसा देती है, इसलिए पुराना जूता या टायर पकड़ खो देता है और बदलना पड़ता है। A गलत है क्योंकि तलवा अपनी मोटाई और सामग्री से पैर की रक्षा करता है, अपने खाँचों से नहीं। B गलत है क्योंकि घर्षण कम होने पर चलना खतरनाक हो जाएगा; घर्षण घटाने के लिए तेल और बॉल बेयरिंग काम आते हैं। D गलत है क्योंकि खाँचे जूते की आयु नहीं बढ़ाते। परीक्षा टिप: खुरदरी सतह – अधिक घर्षण; खाँचे, ग्रूव और स्टड सभी पकड़ बनाने के लिए होते हैं।

Q9.सामान्य विज्ञानआसान

किस कोशिकांग को कोशिका की आत्मघाती थैली कहा जाता है?

  1. A.राइबोसोम
  2. B.लाइसोसोम
  3. C.तारककाय
  4. D.रिक्तिका
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. लाइसोसोम

व्याख्या

सही उत्तर B, लाइसोसोम है। लाइसोसोम झिल्ली से घिरी ऐसी थैली है जिसमें शक्तिशाली पाचक एंजाइम भरे रहते हैं और जो जीर्ण कोशिकांगों तथा भीतर आए बाहरी कणों को पचा देती है; कोशिका के क्षतिग्रस्त या भूखा रहने पर ये थैलियां फट जाती हैं और वही एंजाइम कोशिका को ही पचा डालते हैं, इसीलिए इसे आत्मघाती थैली कहते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि राइबोसोम प्रोटीन संश्लेषण का स्थल है और प्रोटीन की फैक्टरी कहलाता है। विकल्प C गलत है क्योंकि जंतु कोशिका का तारककाय कोशिका विभाजन के समय तर्कु तंतु बनाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि रिक्तिका जल, रस और अपशिष्ट संचित करती है तथा पादप कोशिका की स्फीति बनाए रखती है, जो भंडारण का कार्य है। दो और उपनाम इसी के साथ पूछे जाते हैं: माइटोकॉन्ड्रिया ऊर्जा गृह और गॉल्जीकाय पैकेजिंग इकाई।

Q10.सामान्य विज्ञानपूछा गया: हरियाणा · 26 Sept 2021मध्यम

बकरी का वैज्ञानिक नाम क्या है?

  1. A.कैप्रा एगेग्रस हिरकस (Capra Aegagrus Hircus)
  2. B.बॉस इंडिकस (Bos Indicus)
  3. C.सस स्क्रोफा (Sus Scrofa)
  4. D.ओविस एरीज़ (Ovis Aries)
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. कैप्रा एगेग्रस हिरकस (Capra Aegagrus Hircus)

व्याख्या

सही उत्तर है A, कैप्रा एगेग्रस हिरकस। पालतू बकरी को जंगली बकरी की उपजाति माना जाता है, इसलिए उसके नाम में तीन भाग आते हैं — वंश Capra, जाति aegagrus और उपजाति hircus। संक्षेप में इसे Capra hircus भी लिखा जाता है। द्विनाम पद्धति कार्ल लीनियस ने दी थी, जिसमें वंश का नाम बड़े अक्षर से शुरू होता है, जाति का नाम छोटे अक्षर से, और पूरा नाम इटैलिक में छापा या हाथ से लिखते समय रेखांकित किया जाता है। बकरी उन पहले पशुओं में है जिन्हें मनुष्य ने पालतू बनाया — पश्चिमी एशिया में लगभग दस हज़ार वर्ष पहले, और आज भारत में दुनिया की सबसे बड़ी बकरी आबादी में से एक है। विकल्प B गलत है, क्योंकि Bos indicus कूबड़ वाला भारतीय गोवंश यानी ज़ेबू है। विकल्प C गलत है, क्योंकि Sus scrofa जंगली सूअर है, जो पालतू सूअर का पूर्वज है। विकल्प D गलत है, क्योंकि Ovis aries पालतू भेड़ है, जिसे ऐसे प्रश्नों में बकरी के साथ सबसे अधिक भ्रमित किया जाता है। परीक्षा टिप: बकरी Capra hircus, भेड़ Ovis aries, गाय Bos indicus, भैंस Bubalus bubalis।

Q11.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 8 Oct 2018, Shift 2आसान

बर्फ का गलनांक है:

  1. A.-273 C
  2. B.273 K
  3. C.273 C
  4. D.-273 K
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 273 K

व्याख्या

सही उत्तर है B, 273 K। बर्फ 0 डिग्री सेल्सियस पर पिघलती है और 0 डिग्री सेल्सियस केल्विन पैमाने पर 273 K के बराबर होता है। सेल्सियस को केल्विन में बदलने के लिए सेल्सियस मान में 273 जोड़ते हैं, इसलिए 0 + 273 से 273 K मिलता है; सूक्ष्म गणना में बर्फ का गलनांक 273.15 K लिखा जाता है। केल्विन पैमाना परम शून्य से शुरू होता है, जो सबसे कम संभव ताप है और -273 डिग्री सेल्सियस के बराबर है, इसलिए केल्विन का मान कभी ऋणात्मक नहीं होता। A गलत है क्योंकि -273 C परम शून्य है, बर्फ का गलनांक नहीं। C गलत है क्योंकि 273 C बहुत अधिक ताप है, उबलते पानी से भी कहीं ऊपर। D गलत है क्योंकि केल्विन में ताप ऋणात्मक हो ही नहीं सकता। परीक्षा टिप: जोड़ी याद रखें - बर्फ 0 C यानी 273 K पर पिघलती है और पानी 100 C यानी 373 K पर उबलता है।

Q12.सामान्य विज्ञानपूछा गया: हरियाणा · 29 Feb 2020, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से कौन पौधों को प्रभावित करने वाला जीवाणु जनित रोग है?

  1. A.क्राउन गॉल
  2. B.मोज़ेक
  3. C.कंडुआ (स्मट)
  4. D.ब्लिस्टर
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. क्राउन गॉल

व्याख्या

सही उत्तर है A, क्राउन गॉल। क्राउन गॉल रोग एग्रोबैक्टीरियम ट्यूमिफेशिएंस नामक जीवाणु से होता है, जो तने के आधार यानी क्राउन के पास किसी घाव से भीतर पहुँचता है और वहाँ गाँठ जैसी खुरदरी सूजन बना देता है। यह जीवाणु अपने Ti प्लाज्मिड का एक टुकड़ा पौधे की कोशिकाओं में डालकर उन्हें लगातार विभाजित होने पर मजबूर करता है, और इसी प्राकृतिक गुण के कारण प्रयोगशालाओं में इसे पौधों में नए जीन पहुँचाने वाले वाहक के रूप में उपयोग किया जाता है। अंगूर, सेब, गुलाब, अखरोट और गुठलीदार फलों में यह रोग सबसे अधिक होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि मोज़ेक रोग, जैसे तंबाकू मोज़ेक, विषाणु से होते हैं और पत्तियों पर हल्के-गहरे धब्बे बनाते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि गेहूँ, बाजरा और गन्ने का कंडुआ कवक जनित रोग है, जो बालियों को काले चूर्ण जैसे बीजाणुओं से भर देता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि सरसों जैसी फसलों का सफेद ब्लिस्टर या सफेद रस्ट भी कवक जनित है और पत्तियों व तनों पर सफेद फफोले बनाता है। परीक्षा टिप: जीवाणु — क्राउन गॉल, सिट्रस कैंकर, धान का जीवाणु झुलसा; विषाणु — मोज़ेक; कवक — कंडुआ, रस्ट।

Q13.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 03 Sept, 2023मध्यम

कोलॉइडी विलयन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य नहीं है?

  1. A.कण विलयन में सर्वत्र समान रूप से वितरित रहते हैं
  2. B.कोलॉइडी विलयन प्रकृति में समांगी होता है
  3. C.ये टिंडल प्रभाव दर्शाते हैं
  4. D.बिना हिलाए रखने पर ये नीचे नहीं बैठते
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कोलॉइडी विलयन प्रकृति में समांगी होता है

व्याख्या

सही उत्तर है B, कोलॉइडी विलयन प्रकृति में समांगी होता है। कोलॉइड आँखों को एकसमान दिखता है, परंतु वास्तव में यह विषमांगी मिश्रण है, इसलिए यही कथन सत्य नहीं है। कोलॉइड में कणों का आकार एक से एक हज़ार नैनोमीटर के बीच होता है, जो प्रकाश को प्रकीर्णित करने के लिए पर्याप्त बड़ा है पर दिखने या नीचे बैठने के लिए बहुत छोटा। कोलॉइड के दो भाग परिक्षिप्त प्रावस्था और परिक्षेपण माध्यम कहलाते हैं, जैसे दूध में वसा की बूँदें जल में फैली रहती हैं। जल में नमक जैसा वास्तविक विलयन समांगी होता है और निलंबन स्पष्ट रूप से विषमांगी, जबकि कोलॉइड इन दोनों के बीच आता है और विषमांगी ही गिना जाता है। A सत्य है क्योंकि कण माध्यम में समान रूप से फैले रहते हैं। C सत्य है क्योंकि कोलॉइडी कणों द्वारा प्रकाश की किरण का प्रकीर्णन ही टिंडल प्रभाव है। D सत्य है क्योंकि कण गुरुत्व से नीचे बैठने के लिए बहुत हल्के होते हैं। परीक्षा टिप: वास्तविक विलयन समांगी होता है और कोलॉइड तथा निलंबन विषमांगी।

Q14.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 21 April 2024मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा भाग नाभिकीय रिएक्टर का नहीं होता?

  1. A.टरबाइन
  2. B.ऊष्मा विनिमयक
  3. C.CO2 उत्सर्जन घटाने की व्यवस्था
  4. D.अभिक्रिया कक्ष
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. CO2 उत्सर्जन घटाने की व्यवस्था

व्याख्या

सही उत्तर है C, CO2 उत्सर्जन घटाने की व्यवस्था। नाभिकीय रिएक्टर भारी परमाणुओं का विखंडन करता है; इसमें कोई ईंधन जलता नहीं, इसलिए कार्बन डाइऑक्साइड निकलती ही नहीं और उसे घटाने की कोई व्यवस्था लगाने की जरूरत भी नहीं पड़ती। विखंडन से मिली ऊष्मा रिएक्टर के क्रोड में बनती है, शीतलक उसे बाहर लाता है, ऊष्मा विनिमयक या भाप जनित्र में वह पानी को दी जाती है और बनी भाप जनित्र से जुड़ी टरबाइन घुमाती है। कैडमियम या बोरॉन की नियंत्रक छड़ें अतिरिक्त न्यूट्रॉन सोख लेती हैं और भारी जल जैसा मंदक उन्हें धीमा करता है, जिससे विखंडन एक समान चलता रहे। विकल्प A सही भाग है, क्योंकि टरबाइन ही भाप की ऊर्जा को बिजली में बदलती है। विकल्प B सही भाग है, क्योंकि ऊष्मा विनिमयक रेडियोधर्मी शीतलक की ऊष्मा साफ पानी वाले चक्र तक पहुँचाता है। विकल्प D सही भाग है, क्योंकि अभिक्रिया कक्ष यानी ईंधन छड़ों वाला क्रोड ही वह जगह है जहाँ विखंडन होता है। परीक्षा टिप: नाभिकीय संयंत्र कार्बन डाइऑक्साइड नहीं छोड़ता, उसकी समस्या खर्चा हुआ रेडियोधर्मी ईंधन है।

Q15.सामान्य विज्ञानपूछा गया: बिहार · BPSC AE Paper 3 (General Studies) 2019 Oआसान

एलपीजी (द्रवित पेट्रोलियम गैस) किसका मिश्रण है?

  1. A.मेथेन और प्रोपेन
  2. B.ईथेन और प्रोपेन
  3. C.ब्यूटेन और प्रोपेन
  4. D.प्रोपेन और हेक्सेन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. ब्यूटेन और प्रोपेन

व्याख्या

सही उत्तर है C, ब्यूटेन और प्रोपेन। घरेलू सिलेंडर में मिलने वाली एलपीजी मुख्य रूप से ब्यूटेन और प्रोपेन का मिश्रण है, ये दोनों गैसें मध्यम दबाव पर ही द्रव बन जाती हैं। दोनों संतृप्त हाइड्रोकार्बन हैं और कच्चे तेल के परिशोधन या प्राकृतिक गैस के संसाधन से प्राप्त होती हैं। दबाव देने पर द्रव बन जाने के कारण ही एक सिलेंडर में उसकी आयतन की गैस से कई गुना अधिक ईंधन भरा जा सकता है। इन गैसों की अपनी कोई गंध नहीं होती, इसलिए इनमें एथिल मर्केप्टन नामक तीव्र गंध वाला यौगिक मिलाया जाता है जिससे रिसाव तुरंत पकड़ में आ जाए। एलपीजी साफ नीली लौ के साथ जलती है और लगभग कोई अवशेष नहीं छोड़ती, इसी कारण यह लकड़ी या कोयले से बहुत अच्छा घरेलू ईंधन है। A गलत है क्योंकि मेथेन सीएनजी और बायोगैस का मुख्य घटक है, एलपीजी का नहीं। B गलत है क्योंकि ईथेन अधिक से अधिक एक गौण घटक रहता है। D गलत है क्योंकि हेक्सेन कमरे के ताप पर द्रव है और विलायक के रूप में काम आता है। परीक्षा टिप: एलपीजी में ब्यूटेन और प्रोपेन, सीएनजी में मुख्यतः मेथेन।

Q16.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 22 Sep 2018, Shift 1आसान

दो हड्डियां एक-दूसरे से जिस अन्य प्रकार के संयोजी ऊतक द्वारा जुड़ी होती हैं, उसे ___________ कहते हैं।

  1. A.कंडरा
  2. B.उपास्थि
  3. C.आधात्री
  4. D.स्नायु
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. स्नायु

व्याख्या

सही उत्तर है D, स्नायु। स्नायु यानी लिगामेंट वह संयोजी ऊतक है जो संधि पर एक हड्डी को दूसरी हड्डी से जोड़ता है। यह बहुत लचीला और मजबूत होता है तथा हड्डियों को अपनी जगह बनाए रखता है, जिससे संधि हिल-डुल सके और हड्डियां खिसक न जाएं। स्नायु में आधात्री बहुत कम होती है और संधि मुड़ने पर यह खिंच जाता है, इसी खिंचाव को मोच कहते हैं। A गलत है क्योंकि कंडरा यानी टेंडन मांसपेशी को हड्डी से जोड़ता है, यह रेशेदार और मजबूत होता है पर कम खिंचता है, ताकि मांसपेशी का खिंचाव सीधे हड्डी तक पहुंचे। B गलत है क्योंकि उपास्थि चिकना और लचीला ऊतक है जो हड्डियों के सिरों पर गद्दी बनाता है तथा नाक और कान को आकार देता है। C गलत है क्योंकि आधात्री वह पदार्थ है जिसमें संयोजी ऊतक की कोशिकाएं धंसी रहती हैं, यह स्वयं कोई रचना नहीं। परीक्षा टिप: स्नायु हड्डी से हड्डी, कंडरा मांसपेशी से हड्डी।

Q17.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 17 Sep 2018, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से कौन गर्म रक्त वाला प्राणी है?

  1. A.कबूतर
  2. B.मगरमच्छ
  3. C.टोड
  4. D.मछली
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. कबूतर

व्याख्या

सही उत्तर है A, कबूतर। पक्षी और स्तनधारी गर्म रक्त वाले प्राणी होते हैं, अर्थात बाहर का तापमान कुछ भी हो, वे अपने शरीर का तापमान लगभग स्थिर बनाए रखते हैं, और कबूतर एक पक्षी है। ऐसे प्राणियों को समतापी कहा जाता है; वे आवश्यक ऊष्मा भोजन के ऑक्सीकरण से बनाते हैं, इसलिए अपने शरीर के आकार के अनुपात में अधिक खाते हैं। सरीसृप, उभयचर और मछलियाँ ठंडे रक्त वाले या असमतापी होते हैं, इसलिए उनका शारीरिक तापमान वातावरण के साथ घटता-बढ़ता है। इसी कारण उनमें से कई धूप में बैठकर शरीर गर्म करते हैं और सर्दी के मौसम में शिथिल पड़ जाते हैं। B गलत है क्योंकि मगरमच्छ सरीसृप है और इसलिए ठंडे रक्त वाला है। C गलत है क्योंकि टोड उभयचर है और वह भी ठंडे रक्त वाला है। D गलत है क्योंकि मछली का शारीरिक तापमान उसके चारों ओर के जल के तापमान के साथ बदलता रहता है। परीक्षा टिप: केवल पक्षी और स्तनधारी गर्म रक्त वाले हैं, अतः विकल्पों में आने वाले सरीसृप, उभयचर और मछली सभी ठंडे रक्त वाले होंगे।

Q18.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 10 April 2022आसान

निम्नलिखित में से हाइड्रोजन गैस का रंग कौन-सा है?

  1. A.हल्का पीला
  2. B.नारंगी
  3. C.काला
  4. D.रंगहीन
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. रंगहीन

व्याख्या

सही उत्तर है D, रंगहीन। हाइड्रोजन एक रंगहीन, गंधहीन और स्वादहीन गैस है, इसलिए दिए गए किसी भी रंग से उसका मेल नहीं बैठता। यह सबसे हल्का तत्व है, जिसमें एक प्रोटॉन और एक इलेक्ट्रॉन होता है, और यह ब्रह्मांड में सबसे अधिक मात्रा में पाया जाने वाला तत्व है, जबकि पृथ्वी पर यह अधिकतर जल तथा कार्बनिक यौगिकों में संयुक्त रूप में मिलता है। हाइड्रोजन द्विपरमाणुक अणु H2 के रूप में रहती है, वायु में हल्की नीली ज्वाला के साथ जलती है और केवल जल बनाती है, इसी कारण इसे स्वच्छ ईंधन के रूप में देखा जाता है। इसका उपयोग हेबर विधि से अमोनिया बनाने तथा वनस्पति तेलों को वनस्पति घी में बदलने में होता है। A गलत है क्योंकि हाइड्रोजन का कोई सामान्य रूप पीला नहीं होता। B गलत है क्योंकि नारंगी रंग सोडियम वाष्प लैंप में दिखता है, हाइड्रोजन में नहीं। C गलत है क्योंकि यहाँ दी गई कोई गैस काली नहीं है; कार्बन का काजल रूप काला होता है, पर वह ठोस है। परीक्षा टिप: हाइड्रोजन, ऑक्सीजन और नाइट्रोजन तीनों रंगहीन तथा गंधहीन गैसें हैं।

Q19.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 22 Jan 2019, Shift 2मध्यम

तृतीय श्रेणी के उत्तोलक में आयास और भार किस प्रकार गति करते हैं?

  1. A.विपरीत दिशा में
  2. B.एक ही दिशा में
  3. C.लंबवत दिशा में
  4. D.भार के अनुसार
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. एक ही दिशा में

व्याख्या

सही उत्तर है B, एक ही दिशा में। तृतीय श्रेणी के उत्तोलक में आलंब एक सिरे पर होता है, आयास बीच में लगाया जाता है और भार दूसरे सिरे पर होता है। चूँकि आयास और भार दोनों आलंब के एक ही ओर पड़ते हैं, छड़ एक ही ओर घूमती है और दोनों एक ही दिशा में गति करते हैं। इसमें आयास भुजा भार भुजा से छोटी होती है, इसलिए यांत्रिक लाभ एक से कम रहता है और भार से अधिक बल लगाना पड़ता है; ऐसे उत्तोलक से गति और गति का बड़ा विस्तार मिलता है। मनुष्य की अग्रबाहु, चीनी उठाने वाला चिमटा, मछली पकड़ने की छड़ और स्टेपलर इसी प्रकार काम करते हैं। A गलत है क्योंकि आयास और भार विपरीत दिशा में प्रथम श्रेणी के उत्तोलक में चलते हैं, जिसमें आलंब दोनों के बीच होता है, जैसे सी-सॉ या कैंची। C गलत है क्योंकि उत्तोलक एक स्थिर बिंदु पर घूमता है और उसके दोनों सिरे कभी एक-दूसरे के समकोण पर नहीं चलते। D गलत है क्योंकि भार का मान लगने वाले बल को बदलता है, गति की दिशा को नहीं। परीक्षा टिप: प्रथम श्रेणी में आलंब बीच में, द्वितीय में भार बीच में और तृतीय में आयास बीच में।

Q20.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 9 Aug 2018, Shift 3आसान

स्वाद का पता लगाने वाले ग्राही क्या कहलाते हैं?

  1. A.संवेदी ग्राही
  2. B.रासायनिक ग्राही
  3. C.घ्राण ग्राही
  4. D.स्वाद ग्राही (गस्टेटरी)
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. स्वाद ग्राही (गस्टेटरी)

व्याख्या

सही उत्तर है D, स्वाद ग्राही या गस्टेटरी रिसेप्टर। स्वाद पकड़ने वाले ग्राही गस्टेटरी ग्राही कहलाते हैं और ये जीभ पर स्थित स्वाद कलिकाओं के भीतर रहते हैं। ये केवल लार में घुले पदार्थों पर प्रतिक्रिया करते हैं, इसीलिए सूखी जीभ से स्वाद कम पता चलता है, और ये पाँच मूल स्वाद बताते हैं - मीठा, खट्टा, नमकीन, कड़वा और उमामी। जीभ से संकेत कपाल तंत्रिकाओं के रास्ते मस्तिष्क तक जाता है, जहाँ स्वाद और गंध मिलकर भोजन का असली ज़ायका बनाते हैं। A गलत है क्योंकि संवेदी ग्राही शरीर के हर ग्राही का सामान्य नाम है, जिसमें प्रकाश, ध्वनि, स्पर्श और दाब के ग्राही भी आते हैं। B गलत है क्योंकि रासायनिक ग्राही या कीमोरिसेप्टर वह बड़ी श्रेणी है जिसमें स्वाद और गंध दोनों आते हैं, इसलिए यह विशेष रूप से स्वाद ग्राही का नाम नहीं है। C गलत है क्योंकि घ्राण ग्राही नाक की भीतरी परत में होते हैं और गंध का पता लगाते हैं। परीक्षा टिप: गस्टेटरी का अर्थ स्वाद, ओल्फैक्टरी का अर्थ गंध और ऑडिटरी का अर्थ श्रवण।

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