मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24
GK क्विजसामान्य विज्ञान

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज: सेट 41

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
क्विज शुरू करें
Read in English

इस क्विज के बारे में

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज़ (सेट 41) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 13 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: रासायनिक बंधन और अभिक्रियाएं, गैस नियम और गैसों का अणुगति सिद्धांत, कार्बन और उसके यौगिक और अन्य। इनमें से 16 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 14 Dec 2025, Shift 3आसान

सहसंयोजक बंध किसके द्वारा बनते हैं?

  1. A.इलेक्ट्रॉनों के साझा होने से
  2. B.प्रोटॉनों के ह्रास से
  3. C.इलेक्ट्रॉनों के स्थानांतरण से
  4. D.न्यूट्रॉनों के ग्रहण से
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. इलेक्ट्रॉनों के साझा होने से

व्याख्या

सही उत्तर है A, इलेक्ट्रॉनों के साझा होने से। सहसंयोजक बंध तब बनता है जब दो परमाणु इलेक्ट्रॉनों के एक या अधिक युग्म साझा करते हैं, जिससे प्रत्येक का बाहरतम कोश पूरा हो जाता है। ऐसे बंध अधातु परमाणुओं के बीच बनते हैं, जिनकी इलेक्ट्रॉन बंधुता लगभग समान होती है, इसलिए कोई भी दूसरे से इलेक्ट्रॉन खींच नहीं पाता। हाइड्रोजन अणु में दोनों परमाणु एक युग्म साझा करते हैं और एकल बंध बनता है; ऑक्सीजन दो युग्म साझा करके द्विबंध तथा नाइट्रोजन तीन युग्म साझा करके त्रिबंध बनाती है। सहसंयोजक यौगिकों के गलनांक और क्वथनांक सामान्यतः कम होते हैं और वे विद्युत का चालन नहीं करते, क्योंकि उनमें मुक्त आयनों के स्थान पर अणु होते हैं। B गलत है क्योंकि प्रोटॉन नाभिक में रहते हैं और सामान्य रासायनिक बंधन में कभी नहीं खोते। C गलत है क्योंकि इलेक्ट्रॉनों के स्थानांतरण से आयनिक बंध बनता है। D गलत है क्योंकि न्यूट्रॉन बंधन में भाग ही नहीं लेते। परीक्षा टिप: साझेदारी से सहसंयोजक बंध, स्थानांतरण से आयनिक बंध।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 16 April 2023आसान

समान ताप और दाब पर मापे जाने पर सभी गैसों के समान आयतन में कणों की संख्या समान होती है। यह नियम किसने दिया?

  1. A.चार्ल्स
  2. B.बॉयल
  3. C.एवोगाद्रो
  4. D.लुसाक
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. एवोगाद्रो

व्याख्या

सही उत्तर है C, एवोगाद्रो। प्रश्न में दिया गया कथन एवोगाद्रो का नियम है, जिसे इतालवी वैज्ञानिक अमेडियो एवोगाद्रो ने 1811 में दिया था। इसके अनुसार समान ताप और दाब पर सभी गैसों के समान आयतन में अणुओं की संख्या समान होती है, इसलिए गैस का आयतन उसमें उपस्थित मोलों की संख्या के समानुपाती होता है। इसी कारण मानक ताप और दाब पर किसी भी गैस का एक मोल 22.4 लीटर आयतन घेरता है, और एक मोल में कणों की संख्या, लगभग 6.022 गुणा 10 की घात 23, को उनके नाम पर एवोगाद्रो संख्या कहा जाता है। A गलत है क्योंकि चार्ल्स का नियम स्थिर दाब पर गैस के आयतन को उसके ताप से जोड़ता है। B गलत है क्योंकि बॉयल का नियम कहता है कि स्थिर ताप पर आयतन दाब के व्युत्क्रमानुपाती होता है। D गलत है क्योंकि गे-लुसाक ने संयोजी आयतनों का नियम तथा दाब और ताप का नियम दिया था। परीक्षा टिप: एवोगाद्रो आयतन को अणुओं की संख्या से, बॉयल दाब से और चार्ल्स ताप से जोड़ता है।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 16 April 2023आसान

कार्बन के अपररूपों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

  1. A.ग्रेफाइट विद्युत का अच्छा चालक है।
  2. B.हीरा ज्ञात सबसे कठोर पदार्थ है।
  3. C.फुलरीन कार्बन के अपररूपों में से एक है।
  4. D.हीरे के बाद ग्रेफाइट ज्ञात दूसरा सबसे कठोर पदार्थ है।
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. हीरे के बाद ग्रेफाइट ज्ञात दूसरा सबसे कठोर पदार्थ है।

व्याख्या

सही उत्तर है D, हीरे के बाद ग्रेफाइट ज्ञात दूसरा सबसे कठोर पदार्थ है। ग्रेफाइट कठोर नहीं, बल्कि मृदु और चिकना होता है, इसलिए यही कथन सही नहीं है। अपररूपों में यह अंतर कार्बन परमाणुओं के जुड़ने के ढंग से आता है। हीरे में प्रत्येक कार्बन चार अन्य कार्बन से जुड़कर दृढ़ त्रिविमीय जाल बनाता है, जिससे वह सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ बन जाता है। ग्रेफाइट में प्रत्येक कार्बन केवल तीन अन्य से जुड़कर चपटी परतें बनाता है, और ये परतें एक-दूसरे पर सरक जाती हैं, इसलिए ग्रेफाइट इतना मृदु होता है कि उसे स्नेहक तथा पेंसिल की लीड के रूप में काम में लिया जाता है। A सही है क्योंकि ग्रेफाइट के प्रत्येक कार्बन परमाणु का चौथा इलेक्ट्रॉन मुक्त रहता है, जिससे ग्रेफाइट विद्युत का चालन करता है। B सही है क्योंकि हीरा वास्तव में ज्ञात सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ है। C सही है क्योंकि साठ परमाणुओं वाले बकीबॉल जैसा फुलरीन कार्बन का तीसरा अपररूप है। परीक्षा टिप: तत्व एक ही पर संरचना भिन्न, इसलिए हीरा कठोर और ग्रेफाइट मृदु तथा चालक है।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 18 Sept 2016कठिन

निम्नलिखित में से किसमें अणुओं की संख्या भिन्न है? (सभी सामान्य ताप और दाब पर रखे गए हैं)

  1. A.3 ग्राम हाइड्रोजन
  2. B.48 ग्राम ऑक्सीजन
  3. C.42 ग्राम नाइट्रोजन
  4. D.2 ग्राम कार्बन
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 2 ग्राम कार्बन

व्याख्या

सही उत्तर है D, 2 ग्राम कार्बन। तीन ग्राम हाइड्रोजन, 48 ग्राम ऑक्सीजन और 42 ग्राम नाइट्रोजन में से प्रत्येक 1.5 मोल बनता है, जबकि दो ग्राम कार्बन केवल लगभग 0.17 मोल है, इसलिए कार्बन में कणों की संख्या भिन्न है। मोलों की संख्या दिए गए द्रव्यमान को मोलर द्रव्यमान से भाग देकर निकाली जाती है, और समान मोल का अर्थ सदैव कणों की समान संख्या होता है। हाइड्रोजन गैस H2 है और इसका मोलर द्रव्यमान 2 है, इसलिए 3 बटा 2 यानी 1.5 मोल। ऑक्सीजन गैस O2 है और इसका मोलर द्रव्यमान 32 है, इसलिए 48 बटा 32 यानी 1.5 मोल। नाइट्रोजन गैस N2 है और इसका मोलर द्रव्यमान 28 है, इसलिए 42 बटा 28 यानी 1.5 मोल। कार्बन का परमाणु द्रव्यमान 12 है, इसलिए 2 बटा 12 लगभग 0.17 मोल ही होता है। A गलत है क्योंकि 3 ग्राम हाइड्रोजन 1.5 मोल है। B गलत है क्योंकि 48 ग्राम ऑक्सीजन भी 1.5 मोल है। C गलत है क्योंकि 42 ग्राम नाइट्रोजन भी 1.5 मोल ही है। परीक्षा टिप: पहले हर द्रव्यमान को मोल में बदलें।

Q5.सामान्य विज्ञानआसान

खाने के सोडे का रासायनिक नाम क्या है?

  1. A.सोडियम कार्बोनेट
  2. B.सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट
  3. C.सोडियम हाइड्रॉक्साइड
  4. D.सोडियम क्लोराइड
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट

व्याख्या

सही उत्तर B, सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट है, जिसका सूत्र NaHCO3 है। यह हल्का और अनक्षारक क्षार है। बेकिंग में गर्म होने पर यह कार्बन डाइऑक्साइड छोड़कर आटे को फुलाता है, औषधि में आमाशय का अतिरिक्त अम्ल उदासीन करता है, और सोडा अम्ल अग्निशामक में सल्फ्यूरिक अम्ल से क्रिया करके वह कार्बन डाइऑक्साइड बनाता है जो आग दबा देती है।

विकल्प A गलत है क्योंकि सोडियम कार्बोनेट धोने का सोडा है, जो बहुत प्रबल क्षार है और सफाई तथा कठोर जल को मृदु करने में काम आता है। विकल्प C गलत है क्योंकि सोडियम हाइड्रॉक्साइड कास्टिक सोडा है, जो संक्षारक क्षार है और साबुन बनाने तथा क्लोर अल्कली उद्योग में प्रयुक्त होता है। विकल्प D गलत है क्योंकि सोडियम क्लोराइड साधारण नमक है और प्रबल अम्ल तथा प्रबल क्षार का लवण होने से उदासीन है।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 17 Aug 2022, Shift 2आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा भाग पौधों में गैसों के विनिमय में सहायक होता है?

  1. A.कोशिका झिल्ली
  2. B.केंद्रक
  3. C.रंध्र
  4. D.रक्षक कोशिकाएँ
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. रंध्र

व्याख्या

सही उत्तर है C, रंध्र। रंध्र पत्ती की सतह पर बने सूक्ष्म छिद्र हैं, जिनसे पौधा कार्बन डाइऑक्साइड लेता है और ऑक्सीजन तथा जलवाष्प बाहर निकालता है, इसलिए गैसों का विनिमय इन्हीं से होता है। प्रत्येक रंध्र के दोनों ओर सेम के बीज जैसी दो रक्षक कोशिकाएँ होती हैं, जो फूलकर छिद्र खोलती हैं और सिकुड़कर उसे बंद कर देती हैं; इसी तरह पौधा जल की हानि पर नियंत्रण रखता है। अधिकांश रंध्र पत्ती की निचली सतह पर होते हैं, जिससे सीधी धूप में जल कम उड़ता है। वाष्पोत्सर्जन भी मुख्य रूप से इन्हीं छिद्रों से होता है। A गलत है क्योंकि कोशिका झिल्ली एक कोशिका में पदार्थों के आने-जाने को नियंत्रित करती है, पूरे पौधे का गैस विनिमय नहीं। B गलत है क्योंकि केंद्रक आनुवंशिक पदार्थ रखता है और कोशिका की क्रियाओं का निर्देशन करता है। D गलत है क्योंकि रक्षक कोशिकाएँ केवल छिद्र को खोलती और बंद करती हैं, विनिमय रंध्र के छिद्र से ही होता है। परीक्षा टिप: गैस विनिमय और वाष्पोत्सर्जन रंध्र से होता है, खोलना और बंद करना रक्षक कोशिकाएँ करती हैं।

Q7.सामान्य विज्ञानमध्यम

कौन सा ऊतक पेशी को अस्थि से जोड़ता है?

  1. A.स्नायु
  2. B.उपास्थि
  3. C.कंडरा
  4. D.रिक्तिकामय ऊतक
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. कंडरा

व्याख्या

सही उत्तर C, कंडरा है। कंडरा सघन श्वेत तंतुमय संयोजी ऊतक की बनी होती है, जिसकी तन्य सामर्थ्य बहुत अधिक और प्रत्यास्थता नगण्य है, इसलिए पेशी के संकुचित होते ही पूरा खिंचाव अस्थि तक पहुंच जाता है और खिंचाव में व्यर्थ नहीं होता। विकल्प A गलत है क्योंकि स्नायु एक अस्थि को संधि पर दूसरी अस्थि से जोड़ता है; उसमें प्रत्यास्थ तंतु होते हैं और वह कुछ खिंचता है, और परीक्षक इसी जोड़ी को आपस में बदलते हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि उपास्थि कोमल और लचीला सहारा देने वाला ऊतक है, जो अस्थियों के सिरों, नाक, कान और श्वास नली में मिलता है। विकल्प D गलत है क्योंकि रिक्तिकामय ऊतक अंगों के बीच और त्वचा के नीचे स्थान भरता है तथा मरम्मत में सहायता करता है। शब्दों से ही जोड़ी याद रखें: कंडरा पेशी से अस्थि, स्नायु अस्थि से अस्थि।

Q8.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 10 April 2022मध्यम

1 मीटर लंबे दोलक (पेंडुलम) का आवर्तकाल लगभग कितना होता है?

  1. A.6 s
  2. B.4 s
  3. C.2 s
  4. D.1 s
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 2 s

व्याख्या

सही उत्तर है C, 2 s। लगभग एक मीटर लंबा सरल दोलक एक पूरा दोलन करीब दो सेकंड में पूरा करता है, और इतनी लंबाई वाले दोलक को सेकंड दोलक कहा जाता है। सरल दोलक का आवर्तकाल T = 2 पाई गुणा L बटा g का वर्गमूल होता है, जहाँ L धागे की लंबाई है और g गुरुत्वीय त्वरण, जो लगभग 9.8 मीटर प्रति सेकंड वर्ग होता है। L = 1 मीटर रखने पर T = 2 x 3.14 x एक बटा 9.8 का वर्गमूल आता है, जो लगभग 2.01 सेकंड है। आवर्तकाल केवल लंबाई और g पर निर्भर करता है, गोलक के द्रव्यमान या उसे कितना किनारे खींचा गया है इस पर नहीं, बशर्ते दोलन छोटा हो। A गलत है क्योंकि 6 सेकंड के आवर्तकाल के लिए धागा लगभग 9 मीटर लंबा चाहिए। B गलत है क्योंकि 4 सेकंड के आवर्तकाल के लिए धागा लगभग 4 मीटर लंबा चाहिए। D गलत है क्योंकि 1 सेकंड का आवर्तकाल केवल लगभग 25 सेंटीमीटर के धागे का होता है। परीक्षा टिप: लंबाई चार गुनी होने पर ही आवर्तकाल दोगुना होता है।

Q9.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 02 Dec, 2025, Shift 3मध्यम

निम्नलिखित में से कौन टिंडल प्रभाव नहीं दिखाएगा?

  1. A.इमल्शन
  2. B.दूध
  3. C.कॉपर सल्फेट विलयन
  4. D.स्टार्च
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. कॉपर सल्फेट विलयन

व्याख्या

सही उत्तर है C, कॉपर सल्फेट विलयन। टिंडल प्रभाव का अर्थ है किसी माध्यम में लटके कणों द्वारा प्रकाश किरण पुंज का प्रकीर्णन, और इसके लिए कणों का इतना बड़ा होना जरूरी है कि वे प्रकाश बिखेर सकें। कॉपर सल्फेट विलयन एक वास्तविक विलयन है: इसके कण एक नैनोमीटर से भी छोटे होते हैं, जो प्रकाश बिखेरने के लिए बहुत ही छोटे हैं, इसलिए प्रकाश सीधा निकल जाता है और उसका मार्ग दिखाई नहीं देता। कोलॉइड के कण एक से एक हजार नैनोमीटर के बीच होते हैं, इसलिए वे किरण पुंज को बिखेरकर उसका मार्ग दृश्य बना देते हैं; यही कारण है कि घने जंगल में या अँधेरे कमरे के छोटे छेद से आती धूप की किरण दिखाई देने लगती है। A गलत है क्योंकि इमल्शन दो द्रवों का कोलॉइड है और यह प्रभाव दिखाता है। B गलत है क्योंकि दूध जल में वसा का इमल्शन है, अध्याय का सबसे जाना-पहचाना कोलॉइड। D गलत है क्योंकि स्टार्च विलयन भी कोलॉइड ही है। परीक्षा टिप: कोलॉइड और निलंबन प्रकाश बिखेरते हैं, वास्तविक विलयन नहीं।

Q10.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 10 April 2022आसान

निम्नलिखित में से हाइड्रोजन गैस का रंग कौन-सा है?

  1. A.हल्का पीला
  2. B.नारंगी
  3. C.काला
  4. D.रंगहीन
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. रंगहीन

व्याख्या

सही उत्तर है D, रंगहीन। हाइड्रोजन एक रंगहीन, गंधहीन और स्वादहीन गैस है, इसलिए दिए गए किसी भी रंग से उसका मेल नहीं बैठता। यह सबसे हल्का तत्व है, जिसमें एक प्रोटॉन और एक इलेक्ट्रॉन होता है, और यह ब्रह्मांड में सबसे अधिक मात्रा में पाया जाने वाला तत्व है, जबकि पृथ्वी पर यह अधिकतर जल तथा कार्बनिक यौगिकों में संयुक्त रूप में मिलता है। हाइड्रोजन द्विपरमाणुक अणु H2 के रूप में रहती है, वायु में हल्की नीली ज्वाला के साथ जलती है और केवल जल बनाती है, इसी कारण इसे स्वच्छ ईंधन के रूप में देखा जाता है। इसका उपयोग हेबर विधि से अमोनिया बनाने तथा वनस्पति तेलों को वनस्पति घी में बदलने में होता है। A गलत है क्योंकि हाइड्रोजन का कोई सामान्य रूप पीला नहीं होता। B गलत है क्योंकि नारंगी रंग सोडियम वाष्प लैंप में दिखता है, हाइड्रोजन में नहीं। C गलत है क्योंकि यहाँ दी गई कोई गैस काली नहीं है; कार्बन का काजल रूप काला होता है, पर वह ठोस है। परीक्षा टिप: हाइड्रोजन, ऑक्सीजन और नाइट्रोजन तीनों रंगहीन तथा गंधहीन गैसें हैं।

Q11.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 10 Oct 2018, Shift 2आसान

सभी तत्वों के सापेक्ष परमाणु द्रव्यमान ________ के परमाणु के सापेक्ष ज्ञात किए गए हैं।

  1. A.N-14
  2. B.O-16
  3. C.C-12
  4. D.C-16
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. C-12

व्याख्या

सही उत्तर है C, C-12। सापेक्ष परमाणु द्रव्यमान कार्बन-12 परमाणु के सापेक्ष मापा जाता है, जिसके द्रव्यमान का बारहवाँ भाग मानक इकाई माना गया है। यही इकाई परमाणु द्रव्यमान इकाई है, जिसे u लिखा जाता है, और इसे कार्बन-12 के एक परमाणु के द्रव्यमान के ठीक बारहवें भाग के रूप में परिभाषित किया गया है। इसलिए जब हम कहते हैं कि ऑक्सीजन का सापेक्ष परमाणु द्रव्यमान 16 u है, तो इसका अर्थ है कि एक ऑक्सीजन परमाणु कार्बन-12 परमाणु के बारहवें भाग से सोलह गुना भारी है। अंतर्राष्ट्रीय शुद्ध एवं अनुप्रयुक्त रसायन संघ ने 1961 में कार्बन-12 को मानक बनाया, क्योंकि इससे सबसे सुसंगत मान मिलते थे। A गलत है क्योंकि नाइट्रोजन-14 कभी मानक नहीं रहा। B गलत है क्योंकि ऑक्सीजन-16 पुराना मानक था, जिसे कार्बन-12 ने बदल दिया। D गलत है क्योंकि C-16 यहाँ प्रयुक्त कोई ज्ञात समस्थानिक ही नहीं है। परीक्षा टिप: 1 u का अर्थ है कार्बन-12 परमाणु के द्रव्यमान का बारहवाँ भाग।

Q12.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 22 Jan 2019, Shift 2मध्यम

तृतीय श्रेणी के उत्तोलक में आयास और भार किस प्रकार गति करते हैं?

  1. A.विपरीत दिशा में
  2. B.एक ही दिशा में
  3. C.लंबवत दिशा में
  4. D.भार के अनुसार
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. एक ही दिशा में

व्याख्या

सही उत्तर है B, एक ही दिशा में। तृतीय श्रेणी के उत्तोलक में आलंब एक सिरे पर होता है, आयास बीच में लगाया जाता है और भार दूसरे सिरे पर होता है। चूँकि आयास और भार दोनों आलंब के एक ही ओर पड़ते हैं, छड़ एक ही ओर घूमती है और दोनों एक ही दिशा में गति करते हैं। इसमें आयास भुजा भार भुजा से छोटी होती है, इसलिए यांत्रिक लाभ एक से कम रहता है और भार से अधिक बल लगाना पड़ता है; ऐसे उत्तोलक से गति और गति का बड़ा विस्तार मिलता है। मनुष्य की अग्रबाहु, चीनी उठाने वाला चिमटा, मछली पकड़ने की छड़ और स्टेपलर इसी प्रकार काम करते हैं। A गलत है क्योंकि आयास और भार विपरीत दिशा में प्रथम श्रेणी के उत्तोलक में चलते हैं, जिसमें आलंब दोनों के बीच होता है, जैसे सी-सॉ या कैंची। C गलत है क्योंकि उत्तोलक एक स्थिर बिंदु पर घूमता है और उसके दोनों सिरे कभी एक-दूसरे के समकोण पर नहीं चलते। D गलत है क्योंकि भार का मान लगने वाले बल को बदलता है, गति की दिशा को नहीं। परीक्षा टिप: प्रथम श्रेणी में आलंब बीच में, द्वितीय में भार बीच में और तृतीय में आयास बीच में।

Q13.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CTET · 29th Jan 2023आसान

एक सरल लोलक 64 सेकंड में 40 दोलन पूरे करता है। लोलक का आवर्तकाल क्या है?

  1. A.0.6 सेकंड
  2. B.6 सेकंड
  3. C.1.6 सेकंड
  4. D.16 सेकंड
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 1.6 सेकंड

व्याख्या

सही उत्तर है C, 1.6 सेकंड। आवर्तकाल वह समय है जो एक पूरा दोलन करने में लगता है, इसलिए यह कुल समय में दोलनों की संख्या का भाग देकर निकलता है, अर्थात 64 में 40 का भाग देने पर 1.6 सेकंड। आवृत्ति इसकी उलटी राशि है, यानी एक सेकंड में होने वाले दोलनों की संख्या, जो यहाँ 40 बटा 64 अर्थात 0.625 हर्ट्ज़ है। आवर्तकाल और आवृत्ति सदा एक-दूसरे के व्युत्क्रम होते हैं। सरल लोलक का आवर्तकाल केवल धागे की लंबाई और गुरुत्वीय त्वरण पर निर्भर करता है, सूत्र T बराबर 2 पाई गुणा L बटा g का वर्गमूल। यह गोलक के द्रव्यमान पर निर्भर नहीं करता और छोटे दोलनों के लिए दोलन के विस्तार पर भी नहीं। लगभग एक मीटर लंबे लोलक का आवर्तकाल करीब दो सेकंड होता है। A गलत है क्योंकि 0.6 सेकंड होने पर 64 सेकंड में सौ से अधिक दोलन हो जाते। B और D गलत हैं क्योंकि एक मिनट से कुछ अधिक समय में 40 दोलनों के लिए 6 और 16 सेकंड बहुत अधिक हैं। परीक्षा टिप: आवर्तकाल बराबर कुल समय बटा दोलनों की संख्या।

Q14.सामान्य विज्ञानपूछा गया: बिहार · 25th March 2022आसान

टेफ्लॉन का उपयोग बेयरिंग बनाने में किया जाता है, क्योंकि इसका

  1. A.घर्षण गुणांक कम होता है
  2. B.ऊष्मा अपवहन बेहतर होता है
  3. C.कम स्थान लगता है
  4. D.उपरोक्त सभी
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. घर्षण गुणांक कम होता है

व्याख्या

सही उत्तर है A, घर्षण गुणांक कम होता है। टेफ्लॉन पॉलिटेट्राफ्लोरोएथिलीन का व्यापारिक नाम है, और इसकी सतह ठोस पदार्थों में सबसे अधिक चिकनी सतहों में से एक है, जिसका घर्षण गुणांक लगभग 0.04 होता है। बेयरिंग का काम है कि शाफ्ट कम से कम रगड़ के साथ घूमे, इसलिए यही चिकनाई टेफ्लॉन को चुनने का कारण है; इसी गुण से ऐसे कई बेयरिंग तेल या ग्रीस के बिना भी चल जाते हैं। यह बहुलक 1938 में रॉय प्लंकेट को संयोग से मिला था, लगभग हर रसायन के प्रति निष्क्रिय रहता है और करीब 260 डिग्री सेल्सियस तक टिकता है, इसीलिए इसे नॉन-स्टिक बर्तनों पर चढ़ाया जाता है और पाइप के चूड़ों पर सीलिंग टेप के रूप में लपेटा जाता है। B गलत है क्योंकि टेफ्लॉन ऊष्मा का कुचालक है, इसलिए इसे ऊष्मा बाहर निकालने के लिए नहीं चुना जाता। C गलत है क्योंकि स्थान की बचत बेयरिंग के डिज़ाइन पर निर्भर करती है, पदार्थ पर नहीं। D गलत है क्योंकि केवल पहला कारण ही सही है। परीक्षा टिप: टेफ्लॉन यानी PTFE, सबसे कम घर्षण वाला नॉन-स्टिक बहुलक।

Q15.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 04 Feb 2026, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा आयनिक यौगिकों का विशिष्ट गुण है?

  1. A.आयनों के बीच प्रबल स्थिरवैद्युत बल
  2. B.निम्न गलनांक
  3. C.जल में अघुलनशील
  4. D.पिघली अवस्था में खराब विद्युत चालकता
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. आयनों के बीच प्रबल स्थिरवैद्युत बल

व्याख्या

सही उत्तर है A, आयनों के बीच प्रबल स्थिरवैद्युत बल। आयनिक यौगिक धनावेशित तथा ऋणावेशित आयनों का जालक होता है, जो प्रबल स्थिरवैद्युत आकर्षण से बँधा रहता है, और यही बल उसके शेष सभी गुणों की व्याख्या करता है। आकर्षण प्रबल होने के कारण जालक तोड़ने के लिए बहुत ऊष्मा चाहिए, इसीलिए सोडियम क्लोराइड लगभग 801 डिग्री सेल्सियस पर ही पिघलता है। यही दृढ़ जालक इन ठोसों को कठोर और भंगुर बनाता है। B गलत है क्योंकि आयनिक यौगिकों के गलनांक और क्वथनांक उच्च होते हैं, निम्न नहीं। C गलत है क्योंकि ये जल में सरलता से घुल जाते हैं, जो ध्रुवीय विलायक होकर आयनों को घेरकर अलग कर देता है, हालाँकि ये केरोसिन या पेट्रोल में नहीं घुलते। D गलत है क्योंकि पिघली अवस्था में आयन स्वतंत्र होकर गति कर सकते हैं और यौगिक अच्छा चालन करता है; केवल ठोस अवस्था में चालन नहीं होता, क्योंकि तब आयन अपने स्थान पर स्थिर रहते हैं। परीक्षा टिप: एक प्रबल बल ही उच्च गलनांक, जल में घुलनशीलता और पिघली अवस्था में चालन की व्याख्या करता है।

Q16.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 23 Sep 2018, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा पुष्प एकलिंगी है?

  1. A.पपीता
  2. B.सूरजमुखी
  3. C.गुड़हल
  4. D.सरसों
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. पपीता

व्याख्या

सही उत्तर है A, पपीता। एकलिंगी पुष्प में केवल एक ही प्रकार के जननांग होते हैं, या तो पुंकेसर या स्त्रीकेसर, जबकि द्विलिंगी पुष्प में दोनों होते हैं। पपीता द्विप्रजायी पौधा है: नर और मादा पुष्प अलग-अलग पौधों पर लगते हैं, इसलिए फल बनने के लिए पराग को नर पेड़ से मादा पेड़ तक पहुंचना पड़ता है। यही कारण है कि पपीते के बाग में कुछ नर पेड़ जानबूझकर रखे जाते हैं। मक्का, खीरा, तरबूज और नारियल भी एकलिंगी पुष्पों के उदाहरण हैं, जिनमें दोनों प्रकार के पुष्प एक ही पौधे पर होते हैं और ऐसे पौधे को उभयलिंगाश्रयी कहते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि सूरजमुखी के पुष्पक्रम के चक्रिका पुष्पक द्विलिंगी होते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि गुड़हल का पुष्प सामान्य द्विलिंगी पुष्प है, जिसमें पुंकेसर और स्त्रीकेसर दोनों रहते हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि सरसों के पुष्प भी द्विलिंगी होते हैं। परीक्षा टिप: एकलिंगी में पपीता, मक्का, खीरा और तरबूज आते हैं; गुड़हल, सरसों, गुलाब तथा मटर द्विलिंगी हैं।

Q17.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 26 Aug 2022, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा गुण कार्बन द्वारा प्रदर्शित नहीं किया जाता है?

  1. A.सहसंयोजकता
  2. B.धात्विक गुण
  3. C.शृंखलन
  4. D.बहुरूपता
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. धात्विक गुण

व्याख्या

सही उत्तर है B, धात्विक गुण। कार्बन एक अधातु है, इसलिए यह धात्विक गुण नहीं दर्शाता; यह न इलेक्ट्रॉन खोकर धनायन बनाता है और न ही धातुओं जैसी चमक तथा आघातवर्ध्यता दिखाता है। कार्बन के बाहरतम कोश में चार इलेक्ट्रॉन होते हैं और यह स्थानांतरण के बजाय साझेदारी से अपना अष्टक पूरा करता है, जिससे सहसंयोजक बंधन इसका स्वाभाविक व्यवहार बन जाता है। इसलिए A ऐसा गुण है जो यह दर्शाता है, क्योंकि कार्बन चतुःसंयोजक है और मेथेन की तरह चार सहसंयोजक बंध बनाता है। C भी दर्शाया जाता है: शृंखलन किसी तत्व की अपने ही परमाणुओं को लंबी शृंखलाओं और वलयों में जोड़ने की क्षमता है, और कार्बन यह किसी भी अन्य तत्व से बेहतर करता है, इसीलिए लाखों कार्बनिक यौगिक बने हैं। D भी दर्शाया जाता है, क्योंकि कार्बन हीरा, ग्रेफाइट तथा फुलरीन जैसे कई बहुरूपों में पाया जाता है, जिनकी संरचना और गुण भिन्न होते हैं। परीक्षा टिप: कार्बन चतुःसंयोजक और शृंखलन में अग्रणी है, परंतु कभी धात्विक नहीं।

Q18.सामान्य विज्ञानमध्यम

प्लास्टर ऑफ पेरिस निम्नलिखित में से किसे गर्म करके प्राप्त किया जाता है?

  1. A.चूना पत्थर
  2. B.जिप्सम
  3. C.बॉक्साइट
  4. D.क्वार्ट्ज
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. जिप्सम

व्याख्या

सही उत्तर B, जिप्सम है। जिप्सम कैल्शियम सल्फेट डाइहाइड्रेट है, और उसे सावधानी से लगभग 373 केल्विन तक गर्म करने पर उसका तीन चौथाई जल निकल जाता है और कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट बचता है, जो प्लास्टर ऑफ पेरिस है। फिर जल मिलाने पर वह जमकर जिप्सम का कठोर पिंड बन जाता है, इसीलिए वह अस्पतालों में पट्टी बांधने और सजावटी ढलाई में काम आता है।

विकल्प A गलत है क्योंकि चूना पत्थर अर्थात कैल्शियम कार्बोनेट को गर्म करने पर बिना बुझा चूना और कार्बन डाइऑक्साइड बनते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि बॉक्साइट एल्युमिनियम का अयस्क है और उससे एलुमिना बनता है। विकल्प D गलत है क्योंकि क्वार्ट्ज सिलिकॉन डाइऑक्साइड है और कांच तथा घड़ियों में काम आता है। यह भी ध्यान रखें कि अधिक गर्म करने पर वह मृत प्लास्टर बन जाता है जो जमता नहीं।

Q19.सामान्य विज्ञानआसान

पौधे में जल और घुले खनिजों का जड़ से ऊपर की ओर संवहन कौन करता है?

  1. A.फ्लोएम
  2. B.जाइलम
  3. C.स्थूलकोण ऊतक
  4. D.एधा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. जाइलम

व्याख्या

सही उत्तर B, जाइलम है। जाइलम वाहिनिका, वाहिका, जाइलम मृदूतक और जाइलम तंतु से बना जटिल स्थायी ऊतक है; वाहिकाएं और वाहिनिकाएं मृत, खोखली तथा सिरे से सिरे तक जुड़ी होती हैं, इसलिए वे जल और खनिजों को जड़ से पत्तियों तक एक ही दिशा में ले जाने वाली नलियों का काम करती हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि फ्लोएम पत्तियों में बने भोजन को दोनों दिशाओं में, ऊपर और नीचे, पहुंचाता है। विकल्प C गलत है क्योंकि स्थूलकोण ऊतक सरल स्थायी ऊतक है जो युवा और आरोही तनों को लचीलापन तथा यांत्रिक सहारा देता है, संवहन नहीं करता। विकल्प D गलत है क्योंकि एधा पार्श्व विभज्योतक है, जिसका कार्य विभाजन करके भीतर नया जाइलम और बाहर नया फ्लोएम जोड़ना तथा तने की मोटाई बढ़ाना है। याद रखें कि जाइलम में केवल मृदूतक जीवित है और फ्लोएम में केवल तंतु मृत हैं।

Q20.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 27 Nov, 2025, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से कौन विलयन की सांद्रता व्यक्त करने के लिए प्रयोग नहीं किया जाता है?

  1. A.विलयन का आयतन बटा आयतन प्रतिशत
  2. B.विलयन का द्रव्यमान बटा आयतन प्रतिशत
  3. C.विलयन का आयतन बटा द्रव्यमान प्रतिशत
  4. D.विलयन का द्रव्यमान बटा द्रव्यमान प्रतिशत
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. विलयन का आयतन बटा द्रव्यमान प्रतिशत

व्याख्या

सही उत्तर है C, विलयन का आयतन बटा द्रव्यमान प्रतिशत। सांद्रता यह बताती है कि दी गई मात्रा के विलयन में कितना विलेय घुला है, और इसके तीन मानक प्रतिशत रूप हैं - द्रव्यमान बटा द्रव्यमान, द्रव्यमान बटा आयतन तथा आयतन बटा आयतन; आयतन बटा द्रव्यमान इनमें शामिल नहीं है। द्रव्यमान बटा द्रव्यमान प्रतिशत का अर्थ है 100 ग्राम विलयन में घुले विलेय का द्रव्यमान, द्रव्यमान बटा आयतन प्रतिशत का अर्थ है 100 मिलीलीटर विलयन में घुले विलेय का द्रव्यमान, और आयतन बटा आयतन प्रतिशत का अर्थ है 100 मिलीलीटर विलयन में विलेय का आयतन, जिसका प्रयोग तब होता है जब विलेय और विलायक दोनों द्रव हों, जैसे जल में मिला ऐल्कोहॉल। A गलत है क्योंकि आयतन बटा आयतन प्रतिशत मानक रूप है। B गलत है क्योंकि द्रव्यमान बटा आयतन प्रतिशत भी मानक है और दवाओं में आम है। D गलत है क्योंकि द्रव्यमान बटा द्रव्यमान प्रतिशत इन तीनों में सबसे अधिक प्रयोग होता है। परीक्षा टिप: तीनों जोड़ी याद रखें - द्रव्यमान/द्रव्यमान, द्रव्यमान/आयतन और आयतन/आयतन।

सभी क्विज देखें