सहसंयोजक बंध किसके द्वारा बनते हैं?
- A.इलेक्ट्रॉनों के साझा होने से
- B.प्रोटॉनों के ह्रास से
- C.इलेक्ट्रॉनों के स्थानांतरण से
- D.न्यूट्रॉनों के ग्रहण से
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. इलेक्ट्रॉनों के साझा होने से
व्याख्या
सही उत्तर है A, इलेक्ट्रॉनों के साझा होने से। सहसंयोजक बंध तब बनता है जब दो परमाणु इलेक्ट्रॉनों के एक या अधिक युग्म साझा करते हैं, जिससे प्रत्येक का बाहरतम कोश पूरा हो जाता है। ऐसे बंध अधातु परमाणुओं के बीच बनते हैं, जिनकी इलेक्ट्रॉन बंधुता लगभग समान होती है, इसलिए कोई भी दूसरे से इलेक्ट्रॉन खींच नहीं पाता। हाइड्रोजन अणु में दोनों परमाणु एक युग्म साझा करते हैं और एकल बंध बनता है; ऑक्सीजन दो युग्म साझा करके द्विबंध तथा नाइट्रोजन तीन युग्म साझा करके त्रिबंध बनाती है। सहसंयोजक यौगिकों के गलनांक और क्वथनांक सामान्यतः कम होते हैं और वे विद्युत का चालन नहीं करते, क्योंकि उनमें मुक्त आयनों के स्थान पर अणु होते हैं। B गलत है क्योंकि प्रोटॉन नाभिक में रहते हैं और सामान्य रासायनिक बंधन में कभी नहीं खोते। C गलत है क्योंकि इलेक्ट्रॉनों के स्थानांतरण से आयनिक बंध बनता है। D गलत है क्योंकि न्यूट्रॉन बंधन में भाग ही नहीं लेते। परीक्षा टिप: साझेदारी से सहसंयोजक बंध, स्थानांतरण से आयनिक बंध।