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GK24
सामान्य विज्ञानमध्यमपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC General Studies 2017 Official Pape

अफ़ीम का वानस्पतिक नाम क्या है?

  1. A.एम्ब्लिका ऑफिसिनेलिस
  2. B.पैपेवर सोम्निफेरम
  3. C.राउवोल्फिया सर्पेन्टिना
  4. D.सिनकोना प्रजाति

सही उत्तर

B. पैपेवर सोम्निफेरम

व्याख्या

सही उत्तर है B, पैपेवर सोम्निफेरम। अफ़ीम, अफ़ीम के पोस्ते के सूखे दूध (लेटेक्स) से बनती है, जिसका वानस्पतिक नाम पैपेवर सोम्निफेरम है; सोम्निफेरम का अर्थ ही नींद लाने वाला है। कच्चे डोडे पर हल्के चीरे लगाकर दूधिया लेटेक्स इकट्ठा किया जाता है और इससे मॉर्फिन तथा कोडीन जैसी दवाएँ बनती हैं, जो दर्द और खाँसी में काम आती हैं। भारत में इसकी खेती केवल लाइसेंस पर होती है, जो मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित नारकोटिक्स कमिश्नर से मिलता है, और लाइसेंस वाले ज़िले मध्य प्रदेश, राजस्थान तथा उत्तर प्रदेश में हैं; इसी कारण राज्य परीक्षाओं में यह प्रश्न आता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि एम्ब्लिका ऑफिसिनेलिस आँवला है, जो विटामिन सी से भरपूर होता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि राउवोल्फिया सर्पेन्टिना सर्पगंधा है, जिससे रक्तचाप की दवा रेसरपिन मिलती है। विकल्प D गलत है, क्योंकि सिनकोना से मलेरिया की पुरानी दवा कुनैन मिलती है। परीक्षा टिप: अफ़ीम पैपेवर सोम्निफेरम, आँवला एम्ब्लिका, कुनैन सिनकोना से।

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Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 4 June 2019, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से कौन एक एल्डिहाइड है?

  1. A.प्रोपेनल
  2. B.प्रोपेनॉल
  3. C.प्रोपाइन
  4. D.प्रोपेनोन
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. प्रोपेनल

व्याख्या

सही उत्तर है A, प्रोपेनल। नाम के अंत में आने वाला 'अल' एल्डिहाइड का संकेत है, इसलिए प्रोपेनल तीन कार्बन वाला एल्डिहाइड है, जिसका सूत्र CH3CH2CHO है।

एल्डिहाइड में कार्बन श्रृंखला के सिरे पर -CHO समूह होता है, जिसमें कार्बोनिल कार्बन के साथ एक हाइड्रोजन जुड़ा रहता है। कार्बनिक रसायन की नामकरण पद्धति में प्रत्यय से परिवार का पता चलता है: एल्डिहाइड के लिए 'अल', ऐल्कोहॉल के लिए 'ऑल', कीटोन के लिए 'ओन', कार्बोक्सिलिक अम्ल के लिए 'ओइक अम्ल', ऐल्केन के लिए 'एन', ऐल्कीन के लिए 'ईन' और ऐल्काइन के लिए 'आइन'। मेथेनल और एथेनल इस श्रेणी के पहले दो एल्डिहाइड हैं।

B गलत है: प्रोपेनॉल के अंत में 'ऑल' है, इसलिए यह -OH समूह वाला ऐल्कोहॉल है। C गलत है: प्रोपाइन के अंत में 'आइन' है और यह त्रिबंध वाला ऐल्काइन है। D गलत है: प्रोपेनोन के अंत में 'ओन' है और यह कीटोन है, जिसे एसीटोन कहते हैं।

परीक्षा टिप: अल से एल्डिहाइड, ऑल से ऐल्कोहॉल, ओन से कीटोन, ओइक अम्ल से कार्बोक्सिलिक अम्ल।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 01 Dec 2022, Shift 4आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही मेल नहीं खाता है?

  1. A.टमाटर में उपस्थित अम्ल - फॉर्मिक अम्ल
  2. B.संतरे में उपस्थित अम्ल - सिट्रिक अम्ल
  3. C.अंगूर में उपस्थित अम्ल - टार्टरिक अम्ल
  4. D.बासी मक्खन में उपस्थित अम्ल - ब्यूटिरिक अम्ल
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. टमाटर में उपस्थित अम्ल - फॉर्मिक अम्ल

व्याख्या

सही उत्तर है A, टमाटर में उपस्थित अम्ल - फॉर्मिक अम्ल। यह युग्म गलत है, क्योंकि टमाटर में ऑक्सैलिक अम्ल होता है, साथ में कुछ सिट्रिक और मैलिक अम्ल भी।

फॉर्मिक अम्ल या मेथेनोइक अम्ल चींटी और मधुमक्खी के डंक का अम्ल है, और इसका नाम चींटी के लैटिन शब्द से बना है। ऑक्सैलिक अम्ल टमाटर, पालक और अन्य पत्तेदार सब्जियों में मिलता है। ऐसे प्रश्नों के लिए प्राकृतिक अम्लों को जोड़ों में याद रखना सबसे आसान है: नींबू और संतरे में सिट्रिक अम्ल, दही में लैक्टिक अम्ल, सिरके में एसिटिक अम्ल, सेब में मैलिक अम्ल और इमली में टार्टरिक अम्ल।

B सही मेल है, इसलिए उत्तर नहीं है: संतरे में सिट्रिक अम्ल ही होता है। C भी सही है, क्योंकि अंगूर और इमली में टार्टरिक अम्ल होता है। D भी सही है, क्योंकि बासी मक्खन की गंध ब्यूटिरिक अम्ल के कारण आती है।

परीक्षा टिप: टमाटर - ऑक्सैलिक अम्ल; चींटी का डंक - फॉर्मिक अम्ल; दोनों में भ्रम न करें।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 12 April 2022, Shift 3मध्यम

यूरिया, जो सामान्य रूप से प्रयोग किया जाने वाला नाइट्रोजन आधारित उर्वरक है, अमोनिया और ______ के बीच अभिक्रिया से बनाया जाता है।

  1. A.कार्बन डाइऑक्साइड
  2. B.हाइड्रोजन
  3. C.ऑक्सीजन
  4. D.सल्फर
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. कार्बन डाइऑक्साइड

व्याख्या

सही उत्तर है A, कार्बन डाइऑक्साइड। औद्योगिक रूप से यूरिया अमोनिया और कार्बन डाइऑक्साइड की उच्च दबाव पर अभिक्रिया से बनाया जाता है।

यह अभिक्रिया दो चरणों में होती है: पहले अमोनिया और कार्बन डाइऑक्साइड मिलकर अमोनियम कार्बामेट बनाते हैं, जो फिर एक जल अणु खोकर यूरिया देता है। इसका सूत्र CO(NH2)2 है और इसमें लगभग 46 प्रतिशत नाइट्रोजन होती है, जो सामान्य ठोस उर्वरकों में सबसे अधिक है; इसी कारण भारत में यह सबसे अधिक प्रयोग होने वाला नाइट्रोजन उर्वरक है। अमोनिया स्वयं हैबर-बॉश प्रक्रिया से बनती है। रसायन विज्ञान के इतिहास में यूरिया पहला कार्बनिक यौगिक है जिसे 1828 में फ्रेडरिक वोलर ने प्रयोगशाला में बनाया था।

B गलत है: अमोनिया स्वयं नाइट्रोजन और हाइड्रोजन से बनती है, हाइड्रोजन मिलाने से यूरिया नहीं बनता। C गलत है: अमोनिया और ऑक्सीजन से नाइट्रिक ऑक्साइड बनता है। D गलत है: अमोनिया और सल्फ्यूरिक अम्ल से अमोनियम सल्फेट बनता है, जो दूसरा उर्वरक है।

परीक्षा टिप: यूरिया - अमोनिया और कार्बन डाइऑक्साइड, सूत्र CO(NH2)2, लगभग 46 प्रतिशत नाइट्रोजन।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 13 Aug 2021, Shift 3मध्यम

गर्भनाल (अम्बिलिकल कॉर्ड) में कितनी धमनियां होती हैं?

  1. A.तीन
  2. B.एक
  3. C.दो
  4. D.चार
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. दो

व्याख्या

सही उत्तर है C, दो। सामान्य गर्भनाल में दो धमनियां और एक शिरा, यानी कुल तीन रक्त वाहिकाएं होती हैं।

गर्भनाल विकसित हो रहे भ्रूण को गर्भनाल-पिंड यानी प्लेसेंटा से जोड़ती है। दोनों गर्भनाल धमनियां भ्रूण से अशुद्ध रक्त, कार्बन डाइऑक्साइड और अपशिष्ट प्लेसेंटा तक ले जाती हैं, और एकमात्र गर्भनाल शिरा प्लेसेंटा से ऑक्सीजन युक्त रक्त तथा पोषक तत्व भ्रूण तक लाती है। यह शरीर के सामान्य नियम के उलट है, जहां धमनियां शुद्ध रक्त ले जाती हैं। इन वाहिकाओं की रक्षा जेली जैसे ऊतक, जिसे व्हार्टन जेली कहते हैं, करती है, और पूर्ण विकसित गर्भनाल लगभग 50 से 55 सेंटीमीटर लंबी होती है।

A गलत है: तीन कुल रक्त वाहिकाओं की संख्या है, धमनियों की नहीं। B गलत है: एक गर्भनाल शिरा की संख्या है। D गलत है: सामान्य गर्भनाल में चार वाहिकाएं नहीं होतीं।

परीक्षा टिप: गर्भनाल - दो धमनियां और एक शिरा; शुद्ध रक्त भ्रूण तक शिरा ही पहुंचाती है।

Q5.सामान्य विज्ञानमध्यम

वायु में स्पष्ट प्रतिध्वनि सुनने के लिए परावर्तक सतह की न्यूनतम दूरी लगभग कितनी होनी चाहिए?

  1. A.1.7 मीटर
  2. B.17 मीटर
  3. C.34 मीटर
  4. D.170 मीटर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 17 मीटर

व्याख्या

सही उत्तर B, लगभग 17 मीटर है। मनुष्य के मस्तिष्क में ध्वनि की संवेदना लगभग एक सेकंड के दसवें भाग तक बनी रहती है, इसलिए परावर्तित ध्वनि को अलग प्रतिध्वनि के रूप में सुनने के लिए मूल ध्वनि के कम से कम इतनी देर बाद पहुँचना चाहिए। उस दसवें भाग में वायु में ध्वनि लगभग 34 मीटर चलती है, पर उसे सतह तक जाकर लौटना भी है, इसलिए सतह स्वयं कम से कम उसकी आधी दूरी, लगभग 17 मीटर पर होनी चाहिए।

विकल्प A, 1.7 मीटर, दस गुना कम है और उससे परावर्तन लगभग एक सौवें सेकंड में लौट आएगा, जो अलग सुनाई देने के लिए बहुत जल्दी है। विकल्प C, 34 मीटर, ध्वनि द्वारा तय कुल पथ है, दीवार तक की दूरी नहीं, और इस प्रश्न में यही सबसे आम भूल है। विकल्प D, 170 मीटर, दस गुना अधिक है; सतह इतनी दूर होने से बहुत पहले ही प्रतिध्वनि सुनाई देने लगती है।