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GK क्विजसामान्य विज्ञान

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज: सेट 20

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
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इस क्विज के बारे में

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज़ (सेट 20) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 11 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: प्रकाश: परावर्तन और अपवर्तन, सूक्ष्मजीव: जीवाणु, विषाणु और कवक, ध्वनि और तरंगें और अन्य। इनमें से 16 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 6 Sep 2020आसान

सूर्य के प्रकाश का स्पेक्ट्रम प्राप्त करने के लिए सबसे पहले काँच के प्रिज्म का प्रयोग करने वाले वैज्ञानिक का नाम बताइए।

  1. A.सी. वी. रामन
  2. B.लॉर्ड रैले
  3. C.आइजक न्यूटन
  4. D.एस. चंद्रशेखर
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. आइजक न्यूटन

व्याख्या

सही उत्तर C, आइजक न्यूटन है। न्यूटन ने अंधेरे कमरे में सूर्य के प्रकाश की पतली किरण को काँच के प्रिज्म से गुजारकर दीवार पर सात रंगों की पट्टी प्राप्त की, जिसे उन्होंने स्पेक्ट्रम नाम दिया। इसके बाद दूसरे प्रिज्म से उन्होंने दिखाया कि वही रंग फिर से मिलकर श्वेत प्रकाश बना देते हैं, जिससे सिद्ध हुआ कि प्रिज्म प्रकाश को रंग देता नहीं, केवल उसमें पहले से मौजूद रंगों को अलग करता है। प्रिज्म के आधार की ओर से रंगों का क्रम बैनीआहपीनाला के रूप में याद रखा जाता है।

विकल्प A सी. वी. रामन ने अपने नाम से जाना जाने वाला प्रकीर्णन प्रभाव खोजा और 1930 में नोबेल पुरस्कार पाया। विकल्प B लॉर्ड रैले ने आकाश के नीले रंग वाला प्रकीर्णन समझाया। विकल्प D एस. चंद्रशेखर ने तारों की संरचना और विकास पर काम किया।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB NTPC · 13 June 2022, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से कौन से शैवाल प्रोटीन से भरपूर हैं और अंतरिक्ष यात्रियों द्वारा पूरक आहार के रूप में उपयोग किए जाते हैं? a) स्पाइरुलिना b) स्पाइरोगायरा c) क्लोरेला d) फ्यूनेरिया

  1. A.b और c
  2. B.a और b
  3. C.a और c
  4. D.b और d
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. a और c

व्याख्या

सही उत्तर है C, a और c, यानी स्पाइरुलिना और क्लोरेला। ये दोनों छोटे शैवाल टंकियों में उगाए जाते हैं, प्रोटीन से भरपूर पूरक आहार के रूप में बिकते हैं और अंतरिक्ष यात्रियों के भोजन के लिए इन पर अध्ययन हुआ है। स्पाइरुलिना नीला-हरा शैवाल है, वास्तव में एक सायनोबैक्टीरियम, जिसके सूखे चूर्ण में लगभग साठ प्रतिशत प्रोटीन के साथ लोहा और बीटा कैरोटीन भी होता है। क्लोरेला एककोशिकीय हरा शैवाल है, जो कम जगह में बहुत तेजी से बढ़ता है और बढ़ते समय ऑक्सीजन छोड़ता है, इसीलिए अंतरिक्ष एजेंसियों ने बंद जीवन-रक्षक प्रणालियों में इसका परीक्षण किया है। सूक्ष्मजीवों से मिले ऐसे भोजन को एकल कोशिका प्रोटीन कहते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि तालाबों में मिलने वाला चिकना तंतुमय शैवाल स्पाइरोगायरा पूरक आहार के रूप में नहीं खाया जाता। विकल्प B गलत है, क्योंकि इसमें भी स्पाइरोगायरा है। विकल्प D गलत है, क्योंकि इसमें दोनों सही नाम छूट गए हैं और फ्यूनेरिया जुड़ा है, जो मॉस है, शैवाल नहीं। परीक्षा टिप: स्पाइरुलिना और क्लोरेला से एकल कोशिका प्रोटीन मिलता है।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 10 April 2022मध्यम

किसी ध्वनि तरंग की आवृत्ति 1 किलोहर्ट्ज और तरंगदैर्घ्य 50 सेंटीमीटर है। इसे 1 किलोमीटर चलने में कितना समय लगेगा?

  1. A.5 सेकंड
  2. B.4 सेकंड
  3. C.3 सेकंड
  4. D.2 सेकंड
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 2 सेकंड

व्याख्या

सही उत्तर D, 2 सेकंड है। पहले मात्रक बदलें: 1 किलोहर्ट्ज अर्थात 1000 हर्ट्ज और 50 सेंटीमीटर अर्थात 0.5 मीटर। चाल आवृत्ति गुणा तरंगदैर्घ्य है, अर्थात 1000 गुणा 0.5, जो 500 मीटर प्रति सेकंड देता है। समय बराबर दूरी भाग चाल, इसलिए 1000 मीटर भाग 500 मीटर प्रति सेकंड अर्थात 2 सेकंड।

विकल्प A, 5 सेकंड, तब आता जब चाल 200 मीटर प्रति सेकंड ली जाती। विकल्प B, 4 सेकंड, 250 मीटर प्रति सेकंड की चाल से मेल खाता है, जो तरंगदैर्घ्य को भूल से आधा कर देने पर मिलती है। विकल्प C, 3 सेकंड, वह समय है जो ध्वनि साधारण हवा में लगभग 340 मीटर प्रति सेकंड की चाल से एक किलोमीटर चलने में लेती है, और यह उन विद्यार्थियों के लिए जाल है जो दिए गए आँकड़ों से निकली चाल के बजाय याद की हुई चाल लगा देते हैं।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 20 April 2022, Shift 2आसान

बैसिल कैलमेट-गुएरिन (बीसीजी) ______ का टीका है।

  1. A.टाइफाइड
  2. B.क्षय रोग (टीबी)
  3. C.गलसुआ
  4. D.प्लेग
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. क्षय रोग (टीबी)

व्याख्या

सही उत्तर है B, क्षय रोग (टीबी)। बीसीजी टीके का नाम फ्रांसीसी वैज्ञानिकों अल्बर्ट कैलमेट और कैमिली गुएरिन के नाम पर है, जिन्होंने माइकोबैक्टीरियम बोविस के दुर्बल किए गए प्रभेद से इसे तैयार किया था। भारत में इसे सार्वभौम टीकाकरण कार्यक्रम के तहत जन्म के तुरंत बाद एक खुराक में दिया जाता है और यह शिशुओं को मुख्यतः रोग के गंभीर रूपों, जैसे क्षय मेनिन्जाइटिस और मिलियरी टीबी, से बचाता है। क्षय रोग माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस जीवाणु से होता है, जिसकी पहचान 1882 में रॉबर्ट कॉख ने की थी, और यह रोगी के खाँसने से निकली बूँदों द्वारा फैलता है। विकल्प A गलत है क्योंकि साल्मोनेला टाइफी से होने वाले टाइफाइड के लिए अलग संयुग्मी टीका है। विकल्प C गलत है क्योंकि गलसुआ विषाणुजनित रोग है, जिसके लिए खसरा और रूबेला के साथ एमएमआर टीका लगाया जाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि यर्सीनिया पेस्टिस से होने वाले प्लेग के लिए दूसरा टीका होता है। परीक्षा टिप: जन्म पर बीसीजी टीबी के लिए और विश्व क्षय रोग दिवस 24 मार्च को।

Q5.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 4 June 2019, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से कौन एक एल्डिहाइड है?

  1. A.प्रोपेनल
  2. B.प्रोपेनॉल
  3. C.प्रोपाइन
  4. D.प्रोपेनोन
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. प्रोपेनल

व्याख्या

सही उत्तर है A, प्रोपेनल। नाम के अंत में आने वाला 'अल' एल्डिहाइड का संकेत है, इसलिए प्रोपेनल तीन कार्बन वाला एल्डिहाइड है, जिसका सूत्र CH3CH2CHO है।

एल्डिहाइड में कार्बन श्रृंखला के सिरे पर -CHO समूह होता है, जिसमें कार्बोनिल कार्बन के साथ एक हाइड्रोजन जुड़ा रहता है। कार्बनिक रसायन की नामकरण पद्धति में प्रत्यय से परिवार का पता चलता है: एल्डिहाइड के लिए 'अल', ऐल्कोहॉल के लिए 'ऑल', कीटोन के लिए 'ओन', कार्बोक्सिलिक अम्ल के लिए 'ओइक अम्ल', ऐल्केन के लिए 'एन', ऐल्कीन के लिए 'ईन' और ऐल्काइन के लिए 'आइन'। मेथेनल और एथेनल इस श्रेणी के पहले दो एल्डिहाइड हैं।

B गलत है: प्रोपेनॉल के अंत में 'ऑल' है, इसलिए यह -OH समूह वाला ऐल्कोहॉल है। C गलत है: प्रोपाइन के अंत में 'आइन' है और यह त्रिबंध वाला ऐल्काइन है। D गलत है: प्रोपेनोन के अंत में 'ओन' है और यह कीटोन है, जिसे एसीटोन कहते हैं।

परीक्षा टिप: अल से एल्डिहाइड, ऑल से ऐल्कोहॉल, ओन से कीटोन, ओइक अम्ल से कार्बोक्सिलिक अम्ल।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC General Studies 2017 Official Papeमध्यम

अफ़ीम का वानस्पतिक नाम क्या है?

  1. A.एम्ब्लिका ऑफिसिनेलिस
  2. B.पैपेवर सोम्निफेरम
  3. C.राउवोल्फिया सर्पेन्टिना
  4. D.सिनकोना प्रजाति
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पैपेवर सोम्निफेरम

व्याख्या

सही उत्तर है B, पैपेवर सोम्निफेरम। अफ़ीम, अफ़ीम के पोस्ते के सूखे दूध (लेटेक्स) से बनती है, जिसका वानस्पतिक नाम पैपेवर सोम्निफेरम है; सोम्निफेरम का अर्थ ही नींद लाने वाला है। कच्चे डोडे पर हल्के चीरे लगाकर दूधिया लेटेक्स इकट्ठा किया जाता है और इससे मॉर्फिन तथा कोडीन जैसी दवाएँ बनती हैं, जो दर्द और खाँसी में काम आती हैं। भारत में इसकी खेती केवल लाइसेंस पर होती है, जो मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित नारकोटिक्स कमिश्नर से मिलता है, और लाइसेंस वाले ज़िले मध्य प्रदेश, राजस्थान तथा उत्तर प्रदेश में हैं; इसी कारण राज्य परीक्षाओं में यह प्रश्न आता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि एम्ब्लिका ऑफिसिनेलिस आँवला है, जो विटामिन सी से भरपूर होता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि राउवोल्फिया सर्पेन्टिना सर्पगंधा है, जिससे रक्तचाप की दवा रेसरपिन मिलती है। विकल्प D गलत है, क्योंकि सिनकोना से मलेरिया की पुरानी दवा कुनैन मिलती है। परीक्षा टिप: अफ़ीम पैपेवर सोम्निफेरम, आँवला एम्ब्लिका, कुनैन सिनकोना से।

Q7.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC MTS · 14 August 2019, Shift 2आसान

रेशम किस प्रकार के जीव से प्राप्त होता है?

  1. A.शलभ (मॉथ)
  2. B.बकरी
  3. C.भेड़
  4. D.तितली
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. शलभ (मॉथ)

व्याख्या

सही उत्तर है A, शलभ (मॉथ)। रेशम शलभ के लार्वा द्वारा बनाए गए कोकून से प्राप्त होता है।

सामान्य रेशम कीट का वैज्ञानिक नाम बॉम्बिक्स मोराई है और इसके पालन को रेशम कीट पालन या सेरीकल्चर कहते हैं। मादा सैकड़ों अंडे देती है, लार्वा यानी रेशम कीट शहतूत की पत्तियाँ खाता है और प्यूपा बनने से पहले अपनी लार ग्रंथियों से प्रोटीन का धागा निकालकर स्वयं को कोकून में लपेट लेता है। इन कोकूनों को भाप या गर्म पानी से उपचारित करके एक लंबा रेशा लपेटा जाता है। भारत में रेशम उत्पादन में कर्नाटक पहले स्थान पर है और भारत चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है।

विकल्प B गलत है क्योंकि बकरी से मोहेयर, पश्मीना और कश्मीरी ऊन मिलता है। विकल्प C गलत है, भेड़ से ऊन मिलता है। विकल्प D गलत है क्योंकि तितलियाँ व्यापारिक रेशम कोकून नहीं बनातीं; दोनों लेपिडोप्टेरा गण के हैं, पर रेशम के लिए केवल शलभ पाले जाते हैं।

परीक्षा टिप: रेशम - बॉम्बिक्स मोराई शलभ और शहतूत; ऊन - भेड़ और बकरी।

Q8.सामान्य विज्ञानपूछा गया: उत्तर प्रदेश · 20 Sep 2020मध्यम

निम्नलिखित में से कौन सी प्रक्रिया ठोस अशुद्धियों के शोधन के लिए उपयोगी नहीं है?

  1. A.आसवन
  2. B.ऊर्ध्वपातन
  3. C.क्रिस्टलीकरण
  4. D.उपरोक्त सभी
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. आसवन

व्याख्या

सही उत्तर है A, आसवन। आसवन किसी द्रव को उबालकर और वाष्प को संघनित करके उसे विलयन या दूसरे द्रव से अलग करता है, इसलिए यह तभी काम आता है जब घटकों के क्वथनांक अलग हों, जैसे खारे पानी से शुद्ध पानी लेना या एसीटोन को पानी से अलग करना। ठोस अशुद्धियों वाले ठोस को शुद्ध करने की यह विधि नहीं है। विकल्प B उपयोगी है, क्योंकि ऊर्ध्वपातन उस ठोस को शुद्ध करता है जो गर्म करने पर सीधे वाष्प बन जाता है, जैसे कपूर, नेफ्थलीन, आयोडीन या अमोनियम क्लोराइड, और अवाष्पशील अशुद्धि पीछे रह जाती है। विकल्प C उपयोगी है, क्योंकि क्रिस्टलीकरण में ठोस को गर्म विलायक में घोलकर ठंडा करने पर शुद्ध क्रिस्टल बनते हैं; फिटकरी, कॉपर सल्फेट और चीनी इसी तरह शुद्ध होते हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि तीन में से दो विधियाँ ठोस को शुद्ध करती हैं। परीक्षा टिप: ठोस के लिए ऊर्ध्वपातन और क्रिस्टलीकरण, द्रव के लिए आसवन।

Q9.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB NTPC · 12 June 2022, Shift 1आसान

जंतुओं में जनन अंग नर और मादा युग्मक बनाते हैं, जिनके संलयन से ____________ बनता है।

  1. A.अंडाणु
  2. B.भ्रूण (फीटस)
  3. C.भ्रूण (एम्ब्रियो)
  4. D.युग्मनज
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. युग्मनज

व्याख्या

सही उत्तर है D, युग्मनज। नर युग्मक और मादा युग्मक के मिलने को निषेचन कहते हैं और इससे बनी एक कोशिका ही युग्मनज कहलाती है। जंतुओं में नर युग्मक शुक्राणु है और मादा युग्मक अंडाणु है। हर युग्मक में गुणसूत्रों की आधी संख्या होती है, इसलिए युग्मनज में पूरी संख्या लौट आती है: मनुष्य में 23 गुणसूत्र शुक्राणु से और 23 अंडाणु से मिलकर 46 हो जाते हैं। इसके बाद युग्मनज बार-बार विभाजित होता है, फैलोपियन नलिका से होकर गर्भाशय की दीवार में जुड़ जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि अंडाणु स्वयं मादा युग्मक है, यानी मिलने वाली दो कोशिकाओं में से एक, परिणाम नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि युग्मनज के विभाजन के बाद बनी कोशिकाओं के पिंड को एम्ब्रियो कहते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि फीटस उससे भी बाद की अवस्था है, जब अंग बन चुके होते हैं। परीक्षा टिप: क्रम याद रखें - युग्मक, युग्मनज, एम्ब्रियो, फीटस।

Q10.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CHSL · 09 March, 2023, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से किस पादप वर्ग के पौधों को शैवाल (एल्गी) कहा जाता है?

  1. A.आवृतबीजी
  2. B.टेरिडोफाइटा
  3. C.ब्रायोफाइटा
  4. D.थैलोफाइटा
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. थैलोफाइटा

व्याख्या

सही उत्तर है D, थैलोफाइटा। शैवाल थैलोफाइटा वर्ग में आते हैं, जो पादप जगत का सबसे सरल समूह है। इनका शरीर थैलस कहलाता है, अर्थात वह जड़, तना और पत्ती में विभाजित नहीं होता, और इनमें संवहन ऊतक भी नहीं होते। अधिकांश शैवाल जल में रहते हैं, प्रकाश संश्लेषण से अपना भोजन बनाते हैं और बीजाणुओं द्वारा प्रजनन करते हैं; स्पाइरोगायरा, यूलोथ्रिक्स, कारा और वॉल्वॉक्स इसके सामान्य उदाहरण हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि आवृतबीजी पुष्पीय पौधे हैं, जिनके बीज फल के भीतर बंद रहते हैं और जो सबसे विकसित समूह हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि टेरिडोफाइटा, जैसे फर्न, पहले ऐसे पौधे हैं जिनमें संवहन ऊतक होते हैं, यद्यपि इनमें बीज नहीं बनते। विकल्प C गलत है, क्योंकि ब्रायोफाइटा, जैसे मॉस और मार्केंशिया, पादप जगत के उभयचर कहलाते हैं और थैलोफाइटा से एक पायदान ऊपर हैं। परीक्षा टिप: क्रम है - थैलोफाइटा, ब्रायोफाइटा, टेरिडोफाइटा, अनावृतबीजी और आवृतबीजी।

Q11.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · 3 March 2019मध्यम

जैम बनाने के लिए कौन सा फल उपयुक्त है?

  1. A.केला
  2. B.अनानास
  3. C.अमरूद
  4. D.मीठा संतरा
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अमरूद

व्याख्या

सही उत्तर है C, अमरूद। जैम बनाने के लिए अमरूद सबसे उपयुक्त फल है, क्योंकि इसमें पेक्टिन और अम्ल दोनों भरपूर होते हैं, और जैम को कड़ा जेल बनकर जमने के लिए यही दो चीजें चाहिए। जैम फल के गूदे को चीनी के साथ तब तक उबालकर बनाया जाता है जब तक घुलनशील ठोस लगभग 68 प्रतिशत न हो जाएं; पेक्टिन कम होने पर मिश्रण चाशनी जैसा बहता रहता है और जमता नहीं। पके अमरूद में लगभग एक प्रतिशत पेक्टिन होता है, इसलिए अमरूद का जैम बाहर से कोई जमाने वाला पदार्थ मिलाए बिना जम जाता है और उबालने पर भी उसकी सुगंध बनी रहती है। विकल्प A, केला, में पेक्टिन बहुत कम है और पकाने पर उसका गूदा काला तथा लसदार हो जाता है, इसलिए उससे चिप्स, पाउडर और प्यूरी बनाई जाती है। विकल्प B, अनानास, में पेक्टिन कम और पानी अधिक होता है, इसलिए वह स्क्वैश, रस और चाशनी में डिब्बाबंद टुकड़ों के लिए चुना जाता है। विकल्प D, मीठा संतरा, में अम्ल कम होता है और उसकी फांकें टूट जाती हैं, इसलिए संतरे से स्क्वैश या मार्मलेड बनता है। परीक्षा टिप: जैम के लिए पेक्टिन और अम्ल चाहिए — अमरूद, सेब और आंवला पेक्टिन से भरपूर फल हैं।

Q12.सामान्य विज्ञानपूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC Civil Service 2017 Official Paperमध्यम

निम्नलिखित में से किसका मस्तिष्क उसके शरीर के आकार के अनुपात में सबसे बड़ा होता है?

  1. A.चींटी
  2. B.हाथी
  3. C.डॉल्फिन
  4. D.मनुष्य
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. चींटी

व्याख्या

सही उत्तर है A, चींटी। इन चारों में शरीर के अनुपात में सबसे बड़ा मस्तिष्क चींटी का होता है। चींटी का मस्तिष्क आकार में बहुत छोटा है, उसमें लगभग ढाई लाख तंत्रिका कोशिकाएँ होती हैं, फिर भी वह उसके शरीर के भार का लगभग छठा हिस्सा होता है, जो किसी भी कशेरुकी प्राणी में नहीं मिलता। यह शरीर के आकार का सामान्य नियम है: जीव जितना छोटा होता जाता है, मस्तिष्क शरीर की तुलना में उतनी धीमी गति से घटता है, इसलिए छोटे जीवों में अनुपात के हिसाब से मस्तिष्क बड़ा होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि हाथी का मस्तिष्क भार में सबसे बड़ा, लगभग पाँच किलोग्राम, होता है, पर कई टन के शरीर के सामने यह बहुत कम है। विकल्प C गलत है, क्योंकि डॉल्फिन का मस्तिष्क उसके भार का लगभग एक प्रतिशत होता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि मानव मस्तिष्क लगभग 1.4 किलोग्राम यानी शरीर भार का करीब दो प्रतिशत है। परीक्षा टिप: भार में सबसे बड़ा हाथी का, अनुपात में सबसे बड़ा चींटी का।

Q13.सामान्य विज्ञानआसान

समतल दर्पण द्वारा बना प्रतिबिंब सदैव कैसा होता है?

  1. A.वास्तविक, उलटा और बराबर आकार का
  2. B.आभासी, सीधा और बराबर आकार का
  3. C.आभासी, सीधा और छोटा
  4. D.वास्तविक, सीधा और बड़ा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. आभासी, सीधा और बराबर आकार का

व्याख्या

सही उत्तर B, आभासी, सीधा और बराबर आकार का है। समतल दर्पण से परावर्तित किरणें अपसरित होती हैं और केवल दर्पण के पीछे किसी बिंदु से आती प्रतीत होती हैं, इसलिए प्रतिबिंब परदे पर नहीं लिया जा सकता और आभासी होता है। यह वस्तु की ही तरह सीधा रहता है, ठीक वस्तु के बराबर होता है और दर्पण के पीछे उतनी ही दूरी पर बनता है जितनी दूर वस्तु सामने है। यह पार्श्व उलटा भी होता है, इसीलिए बायाँ हाथ दायाँ दिखता है और एंबुलेंस शब्द वाहन के आगे उलटा लिखा जाता है ताकि आगे चलता चालक उसे दर्पण में सीधा पढ़ सके।

विकल्प A और D वास्तविक प्रतिबिंब का वर्णन करते हैं, जो समतल दर्पण कभी नहीं बनाता। विकल्प C उत्तल दर्पण के प्रतिबिंब का वर्णन है, जो वस्तु से छोटा होता है।

Q14.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 13 Aug 2021, Shift 3मध्यम

गर्भनाल (अम्बिलिकल कॉर्ड) में कितनी धमनियां होती हैं?

  1. A.तीन
  2. B.एक
  3. C.दो
  4. D.चार
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. दो

व्याख्या

सही उत्तर है C, दो। सामान्य गर्भनाल में दो धमनियां और एक शिरा, यानी कुल तीन रक्त वाहिकाएं होती हैं।

गर्भनाल विकसित हो रहे भ्रूण को गर्भनाल-पिंड यानी प्लेसेंटा से जोड़ती है। दोनों गर्भनाल धमनियां भ्रूण से अशुद्ध रक्त, कार्बन डाइऑक्साइड और अपशिष्ट प्लेसेंटा तक ले जाती हैं, और एकमात्र गर्भनाल शिरा प्लेसेंटा से ऑक्सीजन युक्त रक्त तथा पोषक तत्व भ्रूण तक लाती है। यह शरीर के सामान्य नियम के उलट है, जहां धमनियां शुद्ध रक्त ले जाती हैं। इन वाहिकाओं की रक्षा जेली जैसे ऊतक, जिसे व्हार्टन जेली कहते हैं, करती है, और पूर्ण विकसित गर्भनाल लगभग 50 से 55 सेंटीमीटर लंबी होती है।

A गलत है: तीन कुल रक्त वाहिकाओं की संख्या है, धमनियों की नहीं। B गलत है: एक गर्भनाल शिरा की संख्या है। D गलत है: सामान्य गर्भनाल में चार वाहिकाएं नहीं होतीं।

परीक्षा टिप: गर्भनाल - दो धमनियां और एक शिरा; शुद्ध रक्त भ्रूण तक शिरा ही पहुंचाती है।

Q15.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 17 Nov 2019आसान

ध्वनि की प्रबलता किस पर निर्भर करती है?

  1. A.माध्यम में ध्वनि तरंगों के वेग पर
  2. B.ध्वनि तरंगों के आयाम पर
  3. C.ध्वनि तरंगों की आवृत्ति पर
  4. D.ध्वनि तरंगों की आवृत्ति और वेग दोनों पर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. ध्वनि तरंगों के आयाम पर

व्याख्या

सही उत्तर B, ध्वनि तरंगों के आयाम पर है। आयाम माध्यम के कण का उसकी विराम स्थिति से अधिकतम विस्थापन है, और तरंग द्वारा वहन की गई ऊर्जा आयाम के वर्ग के अनुपात में बढ़ती है। इसलिए अधिक आयाम कान तक अधिक ऊर्जा पहुँचाता है और वह अधिक प्रबल ध्वनि के रूप में सुनाई देता है। प्रबलता का मात्रक डेसिबल है।

विकल्प A, तरंग का वेग, माध्यम और उसके ताप से तय होता है; एक ही कमरे में तेज और धीमी ध्वनि ठीक समान चाल से चलती हैं। विकल्प C, आवृत्ति, तारत्व तय करती है, अर्थात ध्वनि तीखी है या भारी, यह नहीं कि वह कितनी तेज है; रिंगटोन की आवाज बढ़ाने से उसकी आवृत्ति नहीं बदलती। विकल्प D दो ऐसी राशियों को जोड़ता है जो प्रबलता के अलावा अन्य गुण तय करती हैं, इसलिए वह भी इन्हीं कारणों से गलत है।

Q16.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC MTS · 20 Oct 2021, Shift 1कठिन

'कैलावेराइट' नामक खनिज एक टेल्यूराइड खनिज है, जिसमें पाया जाता है:

  1. A.चांदी
  2. B.जस्ता
  3. C.तांबा
  4. D.सोना
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. सोना

व्याख्या

सही उत्तर है D, सोना। कैलावेराइट सोने का टेल्यूराइड है, जिसका सूत्र AuTe2 है।

यह उन गिने-चुने खनिजों में है जिनमें सोना मुक्त धातु के रूप में नहीं, बल्कि रासायनिक रूप से संयुक्त अवस्था में मिलता है। सोना एक उत्कृष्ट धातु है, इसलिए वह सामान्यतः अभिक्रिया नहीं करता। इस खनिज का नाम कैलिफोर्निया के कैलावेरास काउंटी पर पड़ा, जहाँ 1861 में यह मिला था। ऑस्ट्रेलिया के कालगुर्ली और कोलोराडो के क्रिपल क्रीक में यह सोने का महत्वपूर्ण अयस्क है। इसका रंग पीतल जैसा पीला से चाँदी जैसा सफेद होता है और यह भंगुर होता है।

विकल्प A गलत है क्योंकि चांदी का टेल्यूराइड हेसाइट है और चांदी का मुख्य अयस्क अर्जेंटाइट है। विकल्प B गलत है, जस्ता मुख्यतः जिंक ब्लेंड नामक सल्फाइड से मिलता है। विकल्प C गलत है क्योंकि तांबा मुख्यतः कॉपर पाइराइट, मैलाकाइट और क्यूप्राइट से प्राप्त होता है।

परीक्षा टिप: अयस्क और धातु - कैलावेराइट सोना, अर्जेंटाइट चांदी, जिंक ब्लेंड जस्ता, बॉक्साइट एल्युमिनियम, हेमेटाइट लोहा, सिनेबार पारा।

Q17.सामान्य विज्ञानआसान

वाहनों में पश्च-दृश्य दर्पण के रूप में किस प्रकार के दर्पण का प्रयोग होता है?

  1. A.समतल दर्पण
  2. B.अवतल दर्पण
  3. C.उत्तल दर्पण
  4. D.बेलनाकार दर्पण
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. उत्तल दर्पण

व्याख्या

सही उत्तर C, उत्तल दर्पण है। उत्तल दर्पण बाहर की ओर मुड़ा होता है और उस पर पड़ने वाले प्रकाश को फैला देता है, इसलिए वस्तु की दूरी चाहे जो हो, वह सदा आभासी, सीधा और छोटा प्रतिबिंब बनाता है। प्रतिबिंब छोटा होने के कारण छोटा सा दर्पण भी बहुत विस्तृत दृष्टि क्षेत्र दिखा देता है और चालक पीछे की लंबी सड़क देख पाता है। इसी कारण पहाड़ी मार्गों के अंधे मोड़ों और दुकानों में भी उत्तल दर्पण लगाए जाते हैं।

विकल्प A समतल दर्पण वास्तविक आकार का प्रतिबिंब तो देता पर दृष्टि क्षेत्र संकरा रहता। विकल्प B अवतल दर्पण प्रकाश को अभिसरित करता है और दूर की वस्तु का बड़ा उलटा वास्तविक प्रतिबिंब बना सकता है, जो वाहन में खतरनाक होता; वह दाढ़ी बनाने, दंत चिकित्सा और हेडलाइट में काम आता है। विकल्प D इस प्रकार का दर्पण होता ही नहीं।

Q18.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 03 Sept, 2023आसान

बिजली की चमक गर्जन सुनाई देने से पहले दिखाई देती है। यह किस बात की पुष्टि करता है?

  1. A.ध्वनि प्रकाश से कहीं तेज चलती है
  2. B.प्रकाश ध्वनि से कहीं तेज चलता है
  3. C.प्रकाश और ध्वनि दोनों समान चाल से चलते हैं
  4. D.तूफान के समय बिजली की चमक की तीव्रता बहुत अधिक होती है
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सही उत्तर: B. प्रकाश ध्वनि से कहीं तेज चलता है

व्याख्या

सही उत्तर B, प्रकाश ध्वनि से कहीं तेज चलता है है। चमक और गर्जन दोनों एक ही विद्युत विसर्जन से एक ही क्षण उत्पन्न होते हैं। प्रकाश एक सेकंड में लगभग तीन लाख किलोमीटर चलता है, इसलिए वह देखने वाले तक लगभग तुरंत पहुँच जाता है, जबकि वायु में ध्वनि एक सेकंड में केवल लगभग 340 मीटर चलती है और प्रत्येक किलोमीटर के लिए लगभग तीन सेकंड लेती है। देखने और सुनने के बीच का अंतराल इसीलिए दूरी का सीधा माप है।

विकल्प A क्रम को उलट देता है और उससे गर्जन पहले पहुँचना चाहिए, जो कभी नहीं होता। विकल्प C गलत है क्योंकि समान चाल होने पर चमक और गर्जन एक साथ पहुँचते और कोई अंतराल ही न होता। विकल्प D चमक की तीव्रता को चाल से मिला देता है; चमक वास्तव में बहुत तेज होती है, पर तीव्रता का पहले पहुँचने से कोई संबंध नहीं, और मंद चमक भी ध्वनि से पहले ही दिखेगी।

Q19.सामान्य विज्ञानमध्यम

50 सेमी फोकस दूरी वाले उत्तल लेंस की क्षमता कितनी होगी?

  1. A.+0.5 डायोप्टर
  2. B.+2 डायोप्टर
  3. C.-2 डायोप्टर
  4. D.+50 डायोप्टर
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सही उत्तर: B. +2 डायोप्टर

व्याख्या

सही उत्तर B, धन 2 डायोप्टर है। लेंस की क्षमता मीटर में व्यक्त फोकस दूरी का व्युत्क्रम होती है, अर्थात P बराबर 1 बटा f। पचास सेंटीमीटर का अर्थ है 0.5 मीटर, और 0.5 का व्युत्क्रम 2 होता है, इसलिए क्षमता दो डायोप्टर है। लेंस उत्तल है, अर्थात अभिसारी, इसलिए क्षमता का चिह्न धनात्मक रहता है। क्षमता बताती है कि लेंस प्रकाश को कितनी प्रबलता से मोड़ता है, इसलिए कम फोकस दूरी का अर्थ है अधिक शक्तिशाली लेंस।

विकल्प A में व्युत्क्रम लेने के बजाय मीटर में फोकस दूरी ही उत्तर मान ली गई है। विकल्प C संख्या तो सही देता है पर चिह्न गलत, जो अवतल लेंस का होता। विकल्प D में सूत्र में फोकस दूरी सेंटीमीटर में रख दी गई है, जो इस गणना की सबसे आम भूल है।

Q20.सामान्य विज्ञानआसान

ध्वनि तरंगें किस प्रकार की होती हैं?

  1. A.अनुप्रस्थ विद्युत चुंबकीय तरंगें
  2. B.अनुदैर्ध्य यांत्रिक तरंगें
  3. C.केवल ठोसों में चलने वाली अनुप्रस्थ यांत्रिक तरंगें
  4. D.ऐसी तरंगें जिन्हें चलने के लिए माध्यम की आवश्यकता नहीं
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सही उत्तर: B. अनुदैर्ध्य यांत्रिक तरंगें

व्याख्या

सही उत्तर B, अनुदैर्ध्य यांत्रिक तरंगें है। ध्वनि तरंग में माध्यम के कण उसी रेखा पर आगे-पीछे कंपन करते हैं जिस दिशा में तरंग चल रही है, जिससे वे क्षेत्र बनते हैं जहाँ कण पास आ जाते हैं, अर्थात संपीडन, और वे क्षेत्र जहाँ वे दूर हट जाते हैं, अर्थात विरलन। कणों का कंपन अनिवार्य होने के कारण ध्वनि यांत्रिक तरंग है और उसे भौतिक माध्यम चाहिए।

विकल्प A दोनों दृष्टि से गलत है: ध्वनि विद्युत चुंबकीय नहीं है और उसके कण गति की दिशा के लंबवत कंपन नहीं करते। विकल्प C एक विशेष स्थिति बताता है; ठोस के भीतर ध्वनि अनुप्रस्थ तरंग के रूप में भी चल सकती है, पर वायु, जल और ठोसों में साधारण ध्वनि अनुदैर्ध्य होती है और यह विकल्प ध्वनि को गलत ढंग से केवल ठोसों तक सीमित कर देता है। विकल्प D प्रकाश, रेडियो तरंगों और एक्स किरणों जैसी विद्युत चुंबकीय तरंगों का वर्णन है, जो ध्वनि के विपरीत निर्वात से भी गुजर जाती हैं।

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