ध्वनि की प्रबलता किस पर निर्भर करती है?
- A.माध्यम में ध्वनि तरंगों के वेग पर
- B.ध्वनि तरंगों के आयाम पर
- C.ध्वनि तरंगों की आवृत्ति पर
- D.ध्वनि तरंगों की आवृत्ति और वेग दोनों पर
सही उत्तर
B. ध्वनि तरंगों के आयाम पर
व्याख्या
सही उत्तर B, ध्वनि तरंगों के आयाम पर है। आयाम माध्यम के कण का उसकी विराम स्थिति से अधिकतम विस्थापन है, और तरंग द्वारा वहन की गई ऊर्जा आयाम के वर्ग के अनुपात में बढ़ती है। इसलिए अधिक आयाम कान तक अधिक ऊर्जा पहुँचाता है और वह अधिक प्रबल ध्वनि के रूप में सुनाई देता है। प्रबलता का मात्रक डेसिबल है।
विकल्प A, तरंग का वेग, माध्यम और उसके ताप से तय होता है; एक ही कमरे में तेज और धीमी ध्वनि ठीक समान चाल से चलती हैं। विकल्प C, आवृत्ति, तारत्व तय करती है, अर्थात ध्वनि तीखी है या भारी, यह नहीं कि वह कितनी तेज है; रिंगटोन की आवाज बढ़ाने से उसकी आवृत्ति नहीं बदलती। विकल्प D दो ऐसी राशियों को जोड़ता है जो प्रबलता के अलावा अन्य गुण तय करती हैं, इसलिए वह भी इन्हीं कारणों से गलत है।
पूरा लेख पढ़ें: ध्वनि और तरंगें: गुण, चाल और परीक्षा प्रश्न
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंकिसी ध्वनि तरंग की आवृत्ति 50 हर्ट्ज और तरंगदैर्घ्य 4 मीटर है। यह तरंग 3 सेकंड में कितनी दूरी तय करेगी?
- A.100 मीटर
- B.600 मीटर
- C.200 मीटर
- D.300 मीटर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 600 मीटर
व्याख्या
सही उत्तर B, 600 मीटर है। तरंग की चाल उसकी आवृत्ति और तरंगदैर्घ्य का गुणनफल होती है, इसलिए यहाँ चाल 50 हर्ट्ज गुणा 4 मीटर अर्थात 200 मीटर प्रति सेकंड है। दूरी बराबर चाल गुणा समय, इसलिए 3 सेकंड में तरंग 200 गुणा 3 अर्थात 600 मीटर चलेगी। ऐसे प्रश्नों में सदा पहले चाल निकालें और उसके बाद ही समय लगाएँ।
विकल्प A, 100 मीटर, तब आता है जब कहीं गुणा के स्थान पर भाग कर दिया जाए। विकल्प C, 200 मीटर, एक सेकंड में तय दूरी है, अर्थात चाल; यह पूछा गया उत्तर नहीं है। विकल्प D, 300 मीटर, किसी सही चरण से नहीं निकलता और केवल इसलिए दिया गया है कि यह वायु में ध्वनि की मोटी चाल जैसा लगता है, जो यहाँ अप्रासंगिक है क्योंकि चाल स्वयं आँकड़ों से निकल आती है।
उत्सर्जित ध्वनि की आवृत्ति की जो व्याख्या मस्तिष्क करता है, उसे क्या कहते हैं?
- A.तरंगदैर्घ्य
- B.तरंग वेग
- C.तारत्व
- D.दोलन
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. तारत्व
व्याख्या
सही उत्तर C, तारत्व है। तारत्व ध्वनि का वह अभिलक्षण है जिससे मस्तिष्क उसे तीखा या भारी मानता है, और यह तरंग की आवृत्ति से तय होता है। अधिक आवृत्ति अधिक तारत्व के रूप में सुनाई देती है, इसीलिए सीटी या स्त्री का स्वर ढोल या पुरुष के स्वर से अधिक तीखा लगता है। भौतिक राशि आवृत्ति है; मस्तिष्क में उत्पन्न संवेदना तारत्व है।
विकल्प A, तरंगदैर्घ्य, दो क्रमागत संपीडनों के बीच की दूरी है और यह आकाश में तरंग का माप है, कोई संवेदना नहीं। विकल्प B, तरंग वेग, माध्यम और उसके ताप पर निर्भर करता है और एक ही हवा में तीखी तथा भारी दोनों ध्वनियों के लिए समान रहता है। विकल्प D, दोलन, का अर्थ है एक पूरा आगे-पीछे कंपन; प्रति सेकंड दोलन गिनने से आवृत्ति मिलती है, पर यह शब्द स्वयं किसी ऐसे गुण का नाम नहीं जिसकी व्याख्या मस्तिष्क करता हो।
किसी ध्वनि तरंग की आवृत्ति 1 किलोहर्ट्ज और तरंगदैर्घ्य 50 सेंटीमीटर है। इसे 1 किलोमीटर चलने में कितना समय लगेगा?
- A.5 सेकंड
- B.4 सेकंड
- C.3 सेकंड
- D.2 सेकंड
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 2 सेकंड
व्याख्या
सही उत्तर D, 2 सेकंड है। पहले मात्रक बदलें: 1 किलोहर्ट्ज अर्थात 1000 हर्ट्ज और 50 सेंटीमीटर अर्थात 0.5 मीटर। चाल आवृत्ति गुणा तरंगदैर्घ्य है, अर्थात 1000 गुणा 0.5, जो 500 मीटर प्रति सेकंड देता है। समय बराबर दूरी भाग चाल, इसलिए 1000 मीटर भाग 500 मीटर प्रति सेकंड अर्थात 2 सेकंड।
विकल्प A, 5 सेकंड, तब आता जब चाल 200 मीटर प्रति सेकंड ली जाती। विकल्प B, 4 सेकंड, 250 मीटर प्रति सेकंड की चाल से मेल खाता है, जो तरंगदैर्घ्य को भूल से आधा कर देने पर मिलती है। विकल्प C, 3 सेकंड, वह समय है जो ध्वनि साधारण हवा में लगभग 340 मीटर प्रति सेकंड की चाल से एक किलोमीटर चलने में लेती है, और यह उन विद्यार्थियों के लिए जाल है जो दिए गए आँकड़ों से निकली चाल के बजाय याद की हुई चाल लगा देते हैं।
बिजली की चमक गर्जन सुनाई देने से पहले दिखाई देती है। यह किस बात की पुष्टि करता है?
- A.ध्वनि प्रकाश से कहीं तेज चलती है
- B.प्रकाश ध्वनि से कहीं तेज चलता है
- C.प्रकाश और ध्वनि दोनों समान चाल से चलते हैं
- D.तूफान के समय बिजली की चमक की तीव्रता बहुत अधिक होती है
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. प्रकाश ध्वनि से कहीं तेज चलता है
व्याख्या
सही उत्तर B, प्रकाश ध्वनि से कहीं तेज चलता है है। चमक और गर्जन दोनों एक ही विद्युत विसर्जन से एक ही क्षण उत्पन्न होते हैं। प्रकाश एक सेकंड में लगभग तीन लाख किलोमीटर चलता है, इसलिए वह देखने वाले तक लगभग तुरंत पहुँच जाता है, जबकि वायु में ध्वनि एक सेकंड में केवल लगभग 340 मीटर चलती है और प्रत्येक किलोमीटर के लिए लगभग तीन सेकंड लेती है। देखने और सुनने के बीच का अंतराल इसीलिए दूरी का सीधा माप है।
विकल्प A क्रम को उलट देता है और उससे गर्जन पहले पहुँचना चाहिए, जो कभी नहीं होता। विकल्प C गलत है क्योंकि समान चाल होने पर चमक और गर्जन एक साथ पहुँचते और कोई अंतराल ही न होता। विकल्प D चमक की तीव्रता को चाल से मिला देता है; चमक वास्तव में बहुत तेज होती है, पर तीव्रता का पहले पहुँचने से कोई संबंध नहीं, और मंद चमक भी ध्वनि से पहले ही दिखेगी।
ध्वनि तरंगें किस प्रकार की होती हैं?
- A.अनुप्रस्थ विद्युत चुंबकीय तरंगें
- B.अनुदैर्ध्य यांत्रिक तरंगें
- C.केवल ठोसों में चलने वाली अनुप्रस्थ यांत्रिक तरंगें
- D.ऐसी तरंगें जिन्हें चलने के लिए माध्यम की आवश्यकता नहीं
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अनुदैर्ध्य यांत्रिक तरंगें
व्याख्या
सही उत्तर B, अनुदैर्ध्य यांत्रिक तरंगें है। ध्वनि तरंग में माध्यम के कण उसी रेखा पर आगे-पीछे कंपन करते हैं जिस दिशा में तरंग चल रही है, जिससे वे क्षेत्र बनते हैं जहाँ कण पास आ जाते हैं, अर्थात संपीडन, और वे क्षेत्र जहाँ वे दूर हट जाते हैं, अर्थात विरलन। कणों का कंपन अनिवार्य होने के कारण ध्वनि यांत्रिक तरंग है और उसे भौतिक माध्यम चाहिए।
विकल्प A दोनों दृष्टि से गलत है: ध्वनि विद्युत चुंबकीय नहीं है और उसके कण गति की दिशा के लंबवत कंपन नहीं करते। विकल्प C एक विशेष स्थिति बताता है; ठोस के भीतर ध्वनि अनुप्रस्थ तरंग के रूप में भी चल सकती है, पर वायु, जल और ठोसों में साधारण ध्वनि अनुदैर्ध्य होती है और यह विकल्प ध्वनि को गलत ढंग से केवल ठोसों तक सीमित कर देता है। विकल्प D प्रकाश, रेडियो तरंगों और एक्स किरणों जैसी विद्युत चुंबकीय तरंगों का वर्णन है, जो ध्वनि के विपरीत निर्वात से भी गुजर जाती हैं।