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GK24
सामान्य विज्ञानआसान

किसी मीनार की चोटी पर थामे गए पत्थर की ऊर्जा पूर्णतः किस रूप में होती है?

  1. A.गतिज ऊर्जा
  2. B.स्थितिज ऊर्जा
  3. C.आधी गतिज और आधी स्थितिज
  4. D.ऊष्मा ऊर्जा

सही उत्तर

B. स्थितिज ऊर्जा

व्याख्या

सही उत्तर B, स्थितिज ऊर्जा है। ऊँचाई पर विरामावस्था में रखे पत्थर में कोई गति नहीं है, इसलिए गतिज ऊर्जा शून्य है, पर उसमें गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा होती है, जो उसके द्रव्यमान, गुरुत्वीय त्वरण और मीनार की ऊँचाई के गुणनफल के बराबर होती है।

विकल्प A, गतिज ऊर्जा वही रूप है जिसमें गिरते समय यह स्थितिज ऊर्जा बदलती जाती है, और वह भूमि से टकराने के क्षण अधिकतम होती है। विकल्प C, दोनों का बराबर बँटवारा केवल उस बिंदु पर होता है जहाँ पत्थर आधी ऊँचाई गिर चुका हो, वायु प्रतिरोध को छोड़कर। विकल्प D, ऊष्मा ऊर्जा टकराव के बाद प्रकट होती है, जब यांत्रिक ऊर्जा बिखर जाती है। पूरे पतन में दोनों यांत्रिक रूपों का योग स्थिर रहता है, और यही ऊर्जा संरक्षण नियम का सरलतम उदाहरण है।

पूरा लेख पढ़ें: कार्य, ऊर्जा और शक्ति: सूत्र, मात्रक और रूपांतरण

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Q1.सामान्य विज्ञानआसान

कार्य का एसआई मात्रक क्या है?

  1. A.न्यूटन
  2. B.जूल
  3. C.वाट
  4. D.पास्कल
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. जूल

व्याख्या

सही उत्तर B, जूल है। कार्य बल और विस्थापन का गुणनफल है, इसलिए उसका मात्रक न्यूटन मीटर होता है, जिसे जूल नाम दिया गया है; एक जूल कार्य तब होता है जब एक न्यूटन का बल किसी वस्तु को अपनी दिशा में एक मीटर खिसका दे। ऊर्जा भी इसी मात्रक में मापी जाती है, क्योंकि किया गया कार्य वास्तव में स्थानांतरित ऊर्जा ही है।

विकल्प A, न्यूटन केवल बल का एसआई मात्रक है। विकल्प C, वाट शक्ति का मात्रक है, अर्थात कार्य करने की दर का, और वह एक जूल प्रति सेकंड के बराबर होता है। विकल्प D, पास्कल दाब का मात्रक है और एक न्यूटन प्रति वर्ग मीटर के बराबर है। जो विद्यार्थी जूल और वाट में भ्रम करते हैं वे प्रश्नपत्र के अगले ही प्रश्न में अंक गँवा देते हैं, इसलिए जोड़ी इस तरह याद रखें: कार्य जूल में और शक्ति वाट में।

Q2.सामान्य विज्ञानमध्यम

बल और विस्थापन के बीच कोण कितना होने पर किया गया कार्य शून्य होता है?

  1. A.0 अंश
  2. B.45 अंश
  3. C.90 अंश
  4. D.180 अंश
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 90 अंश

व्याख्या

सही उत्तर C, 90 अंश है। कार्य बल गुणा विस्थापन गुणा दोनों के बीच के कोण की कोज्या होता है, और नब्बे अंश की कोज्या शून्य है, इसलिए गति के लंबवत लगने वाला बल कोई कार्य नहीं करता। यही कारण है कि वृत्तीय गति में अभिकेंद्र बल कार्य नहीं करता और सिर पर बोझ लेकर समतल पर चलने वाला व्यक्ति गुरुत्व के विरुद्ध कार्य नहीं करता।

विकल्प A, शून्य अंश पर कार्य अधिकतम धनात्मक होता है, क्योंकि शून्य की कोज्या एक है और बल तथा विस्थापन एक ही दिशा में हैं। विकल्प B, पैंतालीस अंश पर आंशिक धनात्मक कार्य होता है, क्योंकि कोज्या लगभग 0.707 है। विकल्प D, 180 अंश पर कार्य अधिकतम ऋणात्मक होता है, जैसे गति का विरोध करता घर्षण। कोज्या के ये चार मान, एक, 0.707, शून्य और ऋण एक, याद कर लें तो इस वर्ग के सभी प्रश्न सध जाते हैं।

Q3.सामान्य विज्ञानआसान

द्रव्यमान m की वस्तु जो v चाल से चल रही है, उसकी गतिज ऊर्जा का सूत्र क्या है?

  1. A.द्रव्यमान गुणा गुरुत्वीय त्वरण गुणा ऊँचाई
  2. B.द्रव्यमान और चाल के वर्ग के गुणनफल की आधी
  3. C.द्रव्यमान गुणा चाल
  4. D.द्रव्यमान गुणा चाल का वर्ग
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. द्रव्यमान और चाल के वर्ग के गुणनफल की आधी

व्याख्या

सही उत्तर B, द्रव्यमान और चाल के वर्ग के गुणनफल की आधी है। गतिज ऊर्जा वह ऊर्जा है जो वस्तु को उसकी गति के कारण प्राप्त होती है, और वह चाल के वर्ग के साथ बढ़ती है, इसलिए दोगुनी चाल से चलती वस्तु के पास चार गुनी गतिज ऊर्जा होती है।

विकल्प A पृथ्वी की सतह के पास गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा का व्यंजक है, अर्थात द्रव्यमान गुणा गुरुत्वीय त्वरण गुणा ऊँचाई, जो गति पर नहीं स्थिति पर निर्भर करता है। विकल्प C, द्रव्यमान गुणा चाल वस्तु का रैखिक संवेग है, जो सदिश राशि है और किलोग्राम मीटर प्रति सेकंड में मापी जाती है, ऊर्जा नहीं। विकल्प D में आधे का गुणक छूट गया है और यही इस प्रश्न की सामान्य असावधानी है। यह भी याद रखें कि गतिज ऊर्जा को संवेग के वर्ग बटा दो गुना द्रव्यमान के रूप में भी लिखा जा सकता है।

Q4.सामान्य विज्ञानआसान

शक्ति का एसआई मात्रक क्या है?

  1. A.जूल
  2. B.वाट
  3. C.न्यूटन सेकंड
  4. D.किलोवाट घंटा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. वाट

व्याख्या

सही उत्तर B, वाट है। शक्ति कार्य करने की दर है, अर्थात कार्य को लगे समय से भाग देने पर मिलने वाली राशि, इसलिए उसका मात्रक जूल प्रति सेकंड है, जिसे जेम्स वाट के नाम पर वाट कहा जाता है। एक किलोवाट की मशीन प्रत्येक सेकंड में एक हजार जूल कार्य करती है।

विकल्प A, जूल कार्य या ऊर्जा मापता है, यह नहीं कि वह कितनी तेजी से दी जा रही है। विकल्प C, न्यूटन सेकंड आवेग तथा संवेग का मात्रक है। विकल्प D, किलोवाट घंटा नाम में वाट होने के बावजूद ऊर्जा का मात्रक है, क्योंकि वह शक्ति और समय का गुणनफल है; यही बिजली का व्यापारिक मात्रक है और 36 लाख जूल के बराबर होता है। कई प्रश्नपत्रों में वाट और किलोवाट घंटा जानबूझकर साथ रखे जाते हैं, इसलिए दर और मात्रा का अंतर स्पष्ट रखें।

Q5.सामान्य विज्ञानमध्यम

एक अश्वशक्ति लगभग कितने वाट के बराबर होती है?

  1. A.100 वाट
  2. B.500 वाट
  3. C.746 वाट
  4. D.1000 वाट
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 746 वाट

व्याख्या

सही उत्तर C, 746 वाट है। अश्वशक्ति शक्ति का पुराना मात्रक है, जो आज भी मोटरों और वाहनों की क्षमता बताने में चलता है, और एक अश्वशक्ति को लगभग 746 वाट अर्थात लगभग पौन किलोवाट माना जाता है।

विकल्प A, 100 वाट पुराने तंतु बल्ब की क्षमता के आसपास है और अश्वशक्ति से उसका कोई संबंध नहीं। विकल्प B, 500 वाट केवल आधा किलोवाट है और गोल अंक होने के कारण भ्रम के लिए रखा गया है। विकल्प D, 1000 वाट एक किलोवाट है; सामान्य भूल यह है कि अश्वशक्ति और किलोवाट को बराबर मान लिया जाए, जबकि एक किलोवाट लगभग 1.34 अश्वशक्ति के बराबर होता है। 746 का अंक ठीक ठीक याद रखें, क्योंकि प्रश्न उल्टा भी पूछा जाता है कि इतनी अश्वशक्ति की मोटर कितने वाट खर्च करेगी।