संविधान की प्रस्तावना की विधिक प्रकृति क्या है?
- A.यह प्रवर्तनीय है
- B.यह प्रवर्तनीय नहीं है
- C.विशेष परिस्थितियों में इसे प्रवर्तित किया जा सकता है
- D.इनमें से कोई नहीं
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प्रस्तावना संविधान के उद्देश्य और सत्ता के स्रोत को बताती है, पर यह न कोई अधिकार देती है और न कोई ऐसा कर्तव्य थोपती है जिसे अदालत लागू करा सके, इसलिए कोई केवल प्रस्तावना के आधार पर न्यायालय नहीं जा सकता।
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