विजयनगर आए यात्री अब्दुर रज्ज़ाक ने विजयनगर में अनेक फूल व्यापारियों की उपस्थिति का उल्लेख किया और एक ऐसे फूल का वर्णन किया जो वहाँ के लोगों के लिए भोजन जितना ही आवश्यक लगता था। अब्दुर रज्ज़ाक किस फूल की बात कर रहे थे?
- A.चमेली
- B.कमल
- C.गुड़हल
- D.गुलाब
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D, गुलाब। अब्दुर रज्ज़ाक ने लिखा कि विजयनगर में हर जगह गुलाब बिकते थे और लोग उनके बिना नहीं रह सकते थे।
अब्दुर रज्ज़ाक समरकंदी फारस के तैमूरी शासक शाहरुख द्वारा भेजे गए राजदूत थे। वे 1440 के दशक में संगम वंश के देवराय द्वितीय के शासनकाल में विजयनगर आए। अपने वृत्तांत में उन्होंने नगर के विशाल आकार, उसकी किलेबंदी की सात पंक्तियों, भीड़ भरे बाज़ारों, राजमहल और कीमती रत्नों के व्यापार का वर्णन किया। उन्होंने कई फूल विक्रेताओं का ज़िक्र किया और लिखा कि गुलाब लोगों के लिए भोजन जितने ही ज़रूरी लगते थे। नगर में आने वाले अन्य विदेशी यात्रियों में इटली के निकोलो कोंटी तथा पुर्तगाल के डोमिंगो पेस और फर्नाओ नूनिज़ शामिल थे।
A गलत है: चमेली दक्षिण भारत में आम है, पर रज्ज़ाक की टिप्पणी गुलाब के बारे में थी।
B गलत है: कमल कला में पवित्र फूल है, पर उन्होंने इसे दैनिक आवश्यकता नहीं बताया।
C गलत है: गुड़हल का उल्लेख उनके वृत्तांत में इस रूप में नहीं है।
Exam tip: अब्दुर रज्ज़ाक (फारस, 1440 का दशक, देवराय द्वितीय); निकोलो कोंटी (इटली, 1420); डोमिंगो पेस और नूनिज़ (पुर्तगाल, 16वीं सदी)।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंमुहम्मद गोरी किस वंश का था?
- A.यामिनी वंश
- B.गोरी वंश
- C.उमय्यद वंश
- D.खिलजी वंश
उत्तर देखें
मुइजुद्दीन मुहम्मद बिन साम, जिसे मुहम्मद गोरी कहा जाता है, मध्य अफगानिस्तान के गोर से आया था, और गोरी वंश ने उत्तर भारत की ओर बढ़ने से पहले गजनी के वंश को हटाया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मुहम्मद गोरी की भारतीय विजयों का प्रभार किसे सौंपा गया, जिसने बाद में दास वंश की स्थापना की?
- A.बख्तियार खिलजी
- B.इल्तुतमिश
- C.कुतुबुद्दीन ऐबक
- D.यल्दूज
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तराइन और चंदावर के बाद गोरी गजनी लौट गया और भारतीय प्रदेशों का प्रभार अपने विश्वस्त दास अधिकारी कुतुबुद्दीन ऐबक को सौंप दिया; 1206 में गोरी की मृत्यु पर ऐबक ने लाहौर में स्वयं को शासक घोषित किया और उस वंश की स्थापना की जो दिल्ली सल्तनत बना।
पूरी व्याख्या पढ़ें →1001 ईस्वी में वैहिंद में महमूद गजनवी ने पंजाब के किस हिंदूशाही शासक को हराया?
- A.जयपाल
- B.त्रिलोचनपाल
- C.भीमपाल
- D.दाहिर
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हिंदूशाही शासक जयपाल ने 1001 ईस्वी में पेशावर के निकट वैहिंद में महमूद गजनवी का सामना किया, पराजित हुआ और बंदी बनाया गया, और कहा जाता है कि इस अपमान के कारण उसने अपना जीवन समाप्त कर लिया, जिसके बाद उसके पुत्र आनंदपाल ने संघर्ष जारी रखा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →1194 का चंदावर का युद्ध मुहम्मद गोरी और किस शासक के बीच लड़ा गया?
- A.गुजरात के भीम द्वितीय
- B.कन्नौज के जयचंद
- C.बंगाल के लक्ष्मणसेन
- D.पंजाब के आनंदपाल
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तराइन के द्वितीय युद्ध के बाद मुहम्मद गोरी पूर्व की ओर बढ़ा और 1194 ईस्वी में यमुना के किनारे चंदावर में कन्नौज तथा बनारस के गहड़वाल शासक जयचंद को हराया; इस विजय से तुर्कों को ऊपरी गंगा घाटी मिल गई।
पूरी व्याख्या पढ़ें →तराइन का द्वितीय युद्ध किस वर्ष लड़ा गया?
- A.1178 ईस्वी
- B.1186 ईस्वी
- C.1192 ईस्वी
- D.1194 ईस्वी
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अपनी पराजय के एक वर्ष बाद मुहम्मद गोरी तराइन लौटा, छल से पीछे हटकर राजपूत घुड़सवार सेना को खींचा, अश्वारोही धनुर्धरों से उसे घेरकर नष्ट कर दिया; पृथ्वीराज चौहान बंदी बना लिए गए और दिल्ली का मार्ग खुल गया।
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