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GK24
भारतीय इतिहासआसानपूछा गया: NDA · NDA-II 2024, GAT

निम्नलिखित में से कौन भारत का अंतिम गवर्नर-जनरल था, जिसके बाद यह पद स्थायी रूप से समाप्त कर दिया गया?

  1. A.लॉर्ड माउंटबेटन
  2. B.चक्रवर्ती राजगोपालाचारी
  3. C.लॉर्ड वेवेल
  4. D.लॉर्ड लिनलिथगो

सही उत्तर

B. चक्रवर्ती राजगोपालाचारी

व्याख्या

सही उत्तर है B, चक्रवर्ती राजगोपालाचारी। वे जून 1948 से 26 जनवरी 1950 तक इस पद पर रहे, जब भारत गणराज्य बना और इस पद की जगह राष्ट्रपति का पद आया।

15 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता के बाद लॉर्ड माउंटबेटन भारत अधिराज्य के पहले गवर्नर-जनरल बने रहे। जून 1948 में उनके जाने पर सी. राजगोपालाचारी, जिन्हें राजाजी कहा जाता है, उनके उत्तराधिकारी बने और यह पद संभालने वाले पहले और एकमात्र भारतीय रहे। 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू होने पर गवर्नर-जनरल का पद समाप्त हुआ और डॉ. राजेंद्र प्रसाद पहले राष्ट्रपति बने। राजाजी को बाद में 1954 में पहला भारत रत्न भी मिला।

A गलत है, क्योंकि माउंटबेटन अंतिम वायसराय और स्वतंत्र भारत के पहले गवर्नर-जनरल थे, अंतिम नहीं।

C गलत है, क्योंकि लॉर्ड वेवेल 1943 से 1947 तक, माउंटबेटन से पहले, वायसराय थे।

D गलत है, क्योंकि लॉर्ड लिनलिथगो 1936 से 1943 तक वायसराय थे।

Exam tip: अंतिम वायसराय और पहले गवर्नर-जनरल माउंटबेटन; पहले और अंतिम भारतीय गवर्नर-जनरल राजाजी।

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Q1.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2021, GS Paper Iमध्यम

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. संत फ़्रांसिस ज़ेवियर जेसुइट संघ के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। 2. संत फ़्रांसिस ज़ेवियर की मृत्यु गोवा में हुई और वहाँ उन्हें समर्पित एक चर्च है। 3. गोवा में प्रति वर्ष संत फ़्रांसिस ज़ेवियर का पर्व मनाया जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

  1. A.केवल 1 और 2
  2. B.केवल 2 और 3
  3. C.केवल 1 और 3
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. केवल 1 और 3

फ़्रांसिस ज़ेवियर जेसुइट संघ के सह-संस्थापक थे और गोवा में हर वर्ष उनका पर्व मनाया जाता है, पर उनकी मृत्यु गोवा में नहीं हुई।

Q2.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2021, GS Paper Iकठिन

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. इल्तुतमिश के शासनकाल में चंगेज़ ख़ान भगोड़े ख़्वारिज़्म राजकुमार का पीछा करते हुए सिंधु तक पहुँचा था। 2. मुहम्मद बिन तुग़लक़ के शासनकाल में तैमूर ने मुल्तान पर अधिकार किया और सिंधु पार की। 3. विजयनगर साम्राज्य के देवराय द्वितीय के शासनकाल में वास्को द गामा केरल के तट पर पहुँचा। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. A.केवल 1
  2. B.1 और 2
  3. C.केवल 3
  4. D.2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. केवल 1

चंगेज़ ख़ान इल्तुतमिश के समय सिंधु तक आया, पर तैमूर और वास्को द गामा बताए गए शासकों के बहुत बाद आए।

Q3.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2021, GS Paper Iकठिन

निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए : (ऐतिहासिक स्थल) (किसके लिए प्रसिद्ध) 1. बुर्ज़होम : शैलकृत देवस्थान 2. चंद्रकेतुगढ़ : मृण्मूर्ति (टेराकोटा) कला 3. गणेश्वर : ताम्र कलाकृतियाँ उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?

  1. A.केवल 1
  2. B.1 और 2
  3. C.केवल 3
  4. D.2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 2 और 3

चंद्रकेतुगढ़ टेराकोटा के लिए और गणेश्वर ताँबे की वस्तुओं के लिए प्रसिद्ध है, पर बुर्ज़होम में कोई शैलकृत देवस्थान नहीं है।

Q4.भारतीय इतिहासपूछा गया: NDA · NDA-II 2021, GATकठिन

तत्त्वबोधिनी पत्रिका के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  1. A.इसने बांग्ला भाषा में भारत के अतीत के व्यवस्थित अध्ययन को बढ़ावा दिया।
  2. B.इसने संस्कृत स्रोतों के माध्यम से भारत के अतीत के व्यवस्थित अध्ययन को बढ़ावा दिया।
  3. C.इसने फ़ारसी स्रोतों के माध्यम से भारत के अतीत के व्यवस्थित अध्ययन को बढ़ावा दिया।
  4. D.इसने पश्चिमी स्रोतों के माध्यम से भारत के अतीत के व्यवस्थित अध्ययन को बढ़ावा दिया।
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. इसने बांग्ला भाषा में भारत के अतीत के व्यवस्थित अध्ययन को बढ़ावा दिया।

तत्त्वबोधिनी पत्रिका ने बांग्ला भाषा में भारत के अतीत के व्यवस्थित अध्ययन को बढ़ावा दिया। यह पत्रिका 1843 में रवींद्रनाथ टैगोर के पिता देवेंद्रनाथ टैगोर ने तत्त्वबोधिनी सभा के मुखपत्र के रूप में शुरू की थी, जिसकी स्थापना उन्होंने 1839 में की थी।

Q5.भारतीय इतिहासपूछा गया: NDA · NDA-II 2023, GATमध्यम

भक्ति आंदोलन के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

  1. A.भक्ति आंदोलन ने विविधता को बढ़ावा देने वाली परंपराओं से परहेज़ किया
  2. B.उत्तर भारत में भक्ति आंदोलन राम और कृष्ण की उपासना के इर्द-गिर्द केंद्रित था
  3. C.भक्ति आंदोलन सगुण और निर्गुण, दोनों प्रकार की ईश्वर भक्ति पर आधारित था
  4. D.जहां तुलसीदास सगुण भक्ति परंपरा के प्रतिनिधि थे, वहीं संत कबीर ने निर्गुण भक्ति का मार्ग अपनाया
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. भक्ति आंदोलन ने विविधता को बढ़ावा देने वाली परंपराओं से परहेज़ किया

भक्ति आंदोलन ने विविधता से परहेज़ नहीं किया, बल्कि अनेक क्षेत्रीय भाषाओं, संप्रदायों और सामाजिक समूहों को अपनाया, इसलिए यही कथन गलत है।