भारत शासन अधिनियम, 1935 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. इसमें ब्रिटिश भारतीय प्रांतों और देशी रियासतों के संघ पर आधारित एक अखिल भारतीय संघ की स्थापना का प्रावधान था। 2. रक्षा और विदेशी मामले संघीय विधानमंडल के नियंत्रण में रखे गए थे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1 और न ही 2
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, केवल 1। 1935 के अधिनियम में प्रांतों और रियासतों के अखिल भारतीय संघ का प्रस्ताव था, पर रक्षा और विदेशी मामले विधानमंडल के बजाय गवर्नर-जनरल के पास रखे गए।
भारत शासन अधिनियम, 1935 ब्रिटिश संसद द्वारा भारत के लिए पारित सबसे लंबा अधिनियम था। इसने शक्तियों को संघीय, प्रांतीय और समवर्ती सूचियों में बाँटा, प्रांतों में द्वैध शासन समाप्त कर प्रांतीय स्वायत्तता दी और केंद्र में द्वैध शासन लागू किया। संघ तभी बनना था जब पर्याप्त रियासतें शामिल होने को राज़ी हों; वे नहीं हुईं, इसलिए संघ कभी अस्तित्व में नहीं आया। केंद्र में रक्षा, विदेशी मामले, धार्मिक मामले और जनजातीय क्षेत्रों का प्रशासन "आरक्षित" विषय थे, जिन्हें गवर्नर-जनरल अपने परामर्शदाताओं के साथ चलाता था और जिन पर संघीय विधानमंडल का नियंत्रण नहीं था।
इसी कारण कथन 2 गलत है। B गलत है क्योंकि कथन 2 असत्य और कथन 1 सत्य है। C गलत है क्योंकि केवल कथन 1 सही है। D गलत है क्योंकि कथन 1 सही है।
Exam tip: 1935 अधिनियम: संघ कभी नहीं बना; प्रांतीय स्वायत्तता 1937 से लागू; आरक्षित विषय गवर्नर-जनरल के पास।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंभारतीय इतिहास के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
1. अर्काट की निज़ामत हैदराबाद राज्य से निकली थी।
2. मैसूर राज्य विजयनगर साम्राज्य से निकला था।
3. रुहेलखंड राज्य अहमद शाह दुर्रानी द्वारा अधिकृत क्षेत्रों से बना था।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- A.1 और 2
- B.केवल 2
- C.2 और 3
- D.केवल 3
उत्तर देखें
अर्काट निज़ाम के दक्कन क्षेत्र से और मैसूर विजयनगर साम्राज्य से निकला, लेकिन रुहेलखंड दुर्रानी के नहीं, मुगलों के क्षेत्र से बना था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
1. उपनिषदों में कोई दृष्टांत-कथा नहीं है।
2. उपनिषदों की रचना पुराणों से पहले हुई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1 और न ही 2
उत्तर देखें
उपनिषद कथाओं और दृष्टांतों से भरे हैं और उत्तर वैदिक काल के हैं, जो पुराणों के बनने से काफ़ी पहले का समय है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →औपनिवेशिक भारत के संदर्भ में शाह नवाज़ खान, प्रेम कुमार सहगल और गुरबख्श सिंह ढिल्लों किस रूप में याद किए जाते हैं?
- A.स्वदेशी और बहिष्कार आंदोलन के नेता
- B.1946 की अंतरिम सरकार के सदस्य
- C.संविधान सभा की प्रारूप समिति के सदस्य
- D.भारतीय राष्ट्रीय सेना के अधिकारी
उत्तर देखें
आज़ाद हिंद फ़ौज (INA) के इन तीन अधिकारियों पर 1945 में दिल्ली के लाल किले में अंग्रेज़ों ने एक साथ मुकदमा चलाया था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कॉर्नवालिस द्वारा राजस्व संग्रह के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
1. राजस्व संग्रह के रैयतवाड़ी बंदोबस्त के अंतर्गत खराब फसल या प्राकृतिक आपदा की स्थिति में किसानों को राजस्व भुगतान से छूट दी जाती थी।
2. बंगाल के स्थायी बंदोबस्त के अंतर्गत यदि ज़मींदार निश्चित तिथि को या उससे पहले राज्य को अपना राजस्व नहीं चुका पाता था, तो उसे उसकी ज़मींदारी से हटा दिया जाता था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1 और न ही 2
उत्तर देखें
1793 के स्थायी बंदोबस्त में निश्चित तिथि पर भुगतान न करने वाला ज़मींदार अपनी ज़मींदारी खो देता था, जबकि रैयतवाड़ी व्यवस्था में खराब वर्षों में किसान को कोई राहत नहीं मिलती थी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
आज़ाद हिंद फ़ौज के गठन के बाद सुभाष चंद्र बोस ने
1. जापानी शिविरों में बंद भारतीय युद्धबंदियों में से बड़ी संख्या में सैनिक भर्ती किए
2. झाँसी की रानी के नाम पर एक महिला टुकड़ी बनाई
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें
आज़ाद हिंद फ़ौज के अधिकतर सैनिक जापान के पास बंद भारतीय युद्धबंदी थे, और बोस ने महिलाओं के लिए रानी झाँसी रेजिमेंट बनाई।
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