चोल अभिलेखों में 'तिरुनमत्तुक्कणि' किसे कहा गया है?
- A.ब्राह्मणों को दी गई भूमि
- B.गैर-ब्राह्मण किसान भू-स्वामियों की भूमि
- C.जैन संस्थाओं को दान की गई भूमि
- D.मंदिरों को दी गई भूमि
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चोल अभिलेखों में भूमि-दान के हर प्रकार के लिए अलग शब्द मिलता है और 'तिरुनमत्तुक्कणि' वह भूमि है जिसकी उपज मंदिर के लिए रखी जाती थी।
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