निम्नलिखित में से किस वर्ष भारत ब्रिटिश ताज के सीधे शासन के अधीन आया था?
- A.1878
- B.1858
- C.1868
- D.1888
सही उत्तर
B. 1858
व्याख्या
सही उत्तर है B, 1858। 1857 के विद्रोह के बाद पारित भारत शासन अधिनियम, 1858 ने ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन समाप्त कर भारत को सीधे ब्रिटिश ताज के अधीन कर दिया। इस कानून ने कंपनी के संचालक मंडल और नियंत्रण बोर्ड को खत्म कर दिया तथा भारत सचिव का पद बनाया, जो ब्रिटिश मंत्रिमंडल का सदस्य होता था और जिसकी सहायता के लिए पंद्रह सदस्यों की भारत परिषद बनी। अब गवर्नर जनरल को वायसराय भी कहा जाने लगा और दोनों पद एक साथ संभालने वाले पहले व्यक्ति लॉर्ड कैनिंग थे। 1 नवंबर 1858 को इलाहाबाद में पढ़ी गई महारानी विक्टोरिया की घोषणा में वादा किया गया कि देशी रियासतों से हुई संधियों का सम्मान होगा और भारतीयों को जाति या धर्म देखे बिना पदों पर नियुक्त किया जाएगा। A गलत है क्योंकि 1878 में वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट आया था। C गलत है क्योंकि 1868 में सत्ता का ऐसा कोई हस्तांतरण नहीं हुआ। D गलत है क्योंकि 1888 से ऐसी कोई घटना नहीं जुड़ी। परीक्षा टिप: 1858–कंपनी शासन समाप्त, ताज का शासन शुरू, कैनिंग पहले वायसराय।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंविजयनगर की प्राचीन राजधानी हम्पी _______ में स्थित है।
- A.तमिलनाडु
- B.केरल
- C.तेलंगाना
- D.कर्नाटक
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. कर्नाटक
व्याख्या
सही उत्तर है D, कर्नाटक। हम्पी कर्नाटक के विजयनगर जिले में तुंगभद्रा नदी के दक्षिणी तट पर बसा है और यह 1336 में हरिहर तथा बुक्का द्वारा स्थापित विजयनगर साम्राज्य की राजधानी था। सोलहवीं सदी में कृष्णदेव राय के समय यह दुनिया के सबसे बड़े नगरों में गिना जाता था। फारस के राजदूत अब्दुर रज्जाक और पुर्तगाली यात्री डोमिंगो पायस, दोनों ने यहाँ के भरे-पूरे बाजारों और मजबूत किलेबंदी का वर्णन किया है। 1565 के तालीकोटा युद्ध के बाद नगर को लूट लिया गया और वह फिर कभी नहीं उभर सका। विरुपाक्ष मंदिर तथा पत्थर के रथ और संगीतमय स्तंभों वाले विट्ठल मंदिर सहित इसके खंडहरों को 1986 में यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में रखा गया। A गलत है क्योंकि तमिलनाडु में चोलकालीन मंदिर हैं। B गलत है क्योंकि केरल विजयनगर के मुख्य क्षेत्र से बाहर था। C गलत है क्योंकि तेलंगाना की मध्यकालीन राजधानी काकतीयों का वारंगल थी। परीक्षा टिप: हम्पी–तुंगभद्रा, कर्नाटक, यूनेस्को धरोहर 1986।
चोल साम्राज्य की स्थापना किसने की थी?
- A.दंतिदुर्ग
- B.सिंहविष्णु
- C.उपेंद्रराय
- D.विजयालय
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. विजयालय
व्याख्या
सही उत्तर है D, विजयालय। विजयालय ने लगभग 850 ईस्वी में मुत्तरैयर सरदारों से तंजावुर छीनकर उस वंश की नींव रखी, जिसे इतिहास में साम्राज्यवादी चोल कहा जाता है। ये सरदार पल्लवों के अधीन सामंत थे। विजयालय ने जीते हुए नगर में निशुंभसूदिनी देवी का मंदिर बनवाया और तंजावुर तब तक चोलों की राजधानी बना रहा, जब तक राजेंद्र प्रथम ने अपनी राजधानी गंगईकोंडचोलपुरम नहीं बसाई। इस वंश का सबसे गौरवशाली दौर राजराज प्रथम और राजेंद्र प्रथम के समय आया। राजराज प्रथम ने तंजावुर का बृहदेश्वर मंदिर बनवाया, जबकि राजेंद्र प्रथम ने श्रीलंका तथा समुद्र पार श्रीविजय तक चोल सेना पहुँचाई। A गलत है क्योंकि दंतिदुर्ग ने दक्कन के राष्ट्रकूट वंश की स्थापना की थी। B गलत है क्योंकि सिंहविष्णु कांचीपुरम के आरंभिक पल्लव शासक थे। C गलत है क्योंकि उपेंद्रराय का चोल वंशावली में कोई स्थान नहीं है। परीक्षा टिप: विजयालय–तंजावुर, राजराज प्रथम–बृहदेश्वर मंदिर, राजेंद्र प्रथम–गंगईकोंडचोलपुरम।
भारत का राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' पहली बार किसी राजनीतिक अवसर पर कब गाया गया था?
- A.1896 का कांग्रेस अधिवेशन
- B.1903 का कांग्रेस अधिवेशन
- C.1911 का कांग्रेस अधिवेशन
- D.1900 का कांग्रेस अधिवेशन
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 1896 का कांग्रेस अधिवेशन
व्याख्या
सही उत्तर है A, 1896 का कांग्रेस अधिवेशन। वंदे मातरम् पहली बार किसी राजनीतिक अवसर पर 1896 के भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में गाया गया था और इसकी धुन रवींद्रनाथ टैगोर ने बनाई तथा उन्होंने ही इसे वहाँ गाया। यह गीत इससे पहले बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने संस्कृतनिष्ठ बांग्ला में लिखा था और अपने उपन्यास 'आनंदमठ' में रखा था, जो 1882 में प्रकाशित हुआ। 1905 में बंगाल विभाजन के बाद यह स्वदेशी आंदोलन का नारा बन गया और आगे चलकर संविधान सभा ने इसे राष्ट्रगीत का दर्जा दिया, जिसे राष्ट्रगान के बराबर सम्मान देने की बात कही गई। B गलत है क्योंकि 1903 का अधिवेशन उस पहली प्रस्तुति के सात साल बाद हुआ। C गलत है क्योंकि 1911 का कलकत्ता अधिवेशन 'जन गण मन' के पहली बार गाए जाने के लिए याद किया जाता है। D गलत है क्योंकि 1900 के अधिवेशन से ऐसा कोई प्रसंग नहीं जुड़ा। परीक्षा टिप: वंदे मातरम्–रचना 1882, पहली प्रस्तुति 1896; जन गण मन–1911।
बारदोली का किसान आंदोलन कब शुरू हुआ था?
- A.1928
- B.1934
- C.1919
- D.1943
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 1928
व्याख्या
सही उत्तर है A, 1928। बारदोली सत्याग्रह फरवरी 1928 में गुजरात के सूरत जिले की बारदोली तहसील में शुरू हुआ था। कारण यह था कि बंबई सरकार ने ऐसे साल में लगान लगभग बाईस प्रतिशत बढ़ा दिया, जब फसल पहले ही खराब हो चुकी थी। वल्लभभाई पटेल ने किसानों का नेतृत्व किया और किसानों ने एक रुपया भी न देने का फैसला किया। जाति और समुदाय के भेद भुलाकर वे एकजुट रहे तथा जमीन, मवेशी और गाड़ियाँ जब्त होने पर भी अहिंसा नहीं छोड़ी। अंत में सरकार को ब्रूमफील्ड और मैक्सवेल जाँच बैठानी पड़ी, जिसने बढ़ोतरी को अनुचित माना और उसे घटाकर लगभग छह प्रतिशत कर दिया। इसी आंदोलन में बारदोली की महिलाओं ने वल्लभभाई को 'सरदार' की उपाधि दी थी। B गलत है क्योंकि 1934 में कांग्रेस समाजवादी पार्टी बनी थी। C गलत है क्योंकि 1919 रौलट सत्याग्रह और जलियाँवाला बाग का वर्ष है। D गलत है क्योंकि 1943 में बंगाल का अकाल पड़ा था। परीक्षा टिप: बारदोली 1928–सरदार पटेल, कर बंदी सत्याग्रह।
1793 में बंगाल में स्थायी बंदोबस्त लागू किए जाने के समय बंगाल का गवर्नर जनरल कौन था?
- A.चार्ल्स कॉर्नवालिस
- B.लॉर्ड विलियम बेंटिक
- C.लॉर्ड माउंटबेटन
- D.लॉर्ड रिपन
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. चार्ल्स कॉर्नवालिस
व्याख्या
सही उत्तर है A, चार्ल्स कॉर्नवालिस। कॉर्नवालिस 1786 से 1793 तक गवर्नर जनरल रहे और उन्होंने 1793 में बंगाल, बिहार तथा ओडिशा में स्थायी बंदोबस्त लागू किया, जिसकी अधिकांश तैयारी जॉन शोर ने की थी। इस व्यवस्था ने जमींदारों को भूमि का स्वामी मान लिया और कंपनी को दिया जाने वाला लगान हमेशा के लिए तय कर दिया। इसका असर यह हुआ कि बाद में पैदावार बढ़ने पर जो लाभ हुआ, वह सरकार के बजाय जमींदार के पास गया। सूर्यास्त कानून के अनुसार तय दिन सूर्यास्त तक रकम जमा न करने वाले जमींदार की जागीर नीलाम हो जाती थी, जिससे कई पुराने घराने उजड़ गए और नए जमींदारों का वर्ग बना, जबकि किसान को जोत की कोई सुरक्षा नहीं मिली। B गलत है क्योंकि बेंटिक 1828 में आए और सती प्रथा की समाप्ति के लिए जाने जाते हैं। C गलत है क्योंकि माउंटबेटन 1947 के अंतिम वायसराय थे। D गलत है क्योंकि रिपन 1880 के दशक में स्थानीय स्वशासन के लिए प्रसिद्ध हैं। परीक्षा टिप: स्थायी बंदोबस्त 1793–कॉर्नवालिस, रैयतवाड़ी–मुनरो, महालवाड़ी–होल्ट मैकेंजी।