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GK24
भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यमपूछा गया: CDS · CDS-II 2025, GK

भारत में राज्यों को विशेष श्रेणी का दर्जा देने के लिए निम्नलिखित में से कौन-से मानदंड निर्धारित हैं? 1. पहाड़ी और दुर्गम भूभाग 2. आर्थिक और अवसंरचनात्मक पिछड़ापन 3. सामरिक तटीय क्षेत्र 4. जनजातीय जनसंख्या का बड़ा हिस्सा नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए:

  1. A.केवल 1 और 2
  2. B.केवल 3 और 4
  3. C.केवल 1, 2 और 4
  4. D.1, 2, 3 और 4

सही उत्तर

C. केवल 1, 2 और 4

व्याख्या

सही उत्तर है C, केवल 1, 2 और 4। पहाड़ी भूभाग, आर्थिक पिछड़ापन और बड़ी जनजातीय आबादी मानदंड हैं; सामरिक आधार अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थिति है, तटीय क्षेत्र नहीं।

विशेष श्रेणी का दर्जा 1969 में पाँचवें वित्त आयोग की सिफारिश पर शुरू हुआ और कौन-से राज्य इसके पात्र हों, यह राष्ट्रीय विकास परिषद तय करती थी। सबसे पहले जम्मू-कश्मीर, असम और नागालैंड को यह दर्जा मिला। मानदंड थे: पहाड़ी और दुर्गम भूभाग; कम जनसंख्या घनत्व या जनजातीय आबादी का बड़ा हिस्सा; पड़ोसी देशों से लगी सीमा पर सामरिक स्थिति; आर्थिक और अवसंरचनात्मक पिछड़ापन; और राज्य के वित्त का अव्यवहार्य होना। ऐसे राज्यों को केंद्रीय सहायता आसान शर्तों पर मिलती थी। चौदहवें वित्त आयोग ने कर हस्तांतरण में यह भेद हटा दिया, पर परीक्षा में यही मानदंड पूछे जाते हैं।

A गलत है: इसमें जनजातीय आबादी वाला मानदंड छूट गया है।

B गलत है: सामरिक तटीय क्षेत्र कभी मानदंड नहीं रहा।

D गलत है: इसमें तटीय क्षेत्र शामिल है, जो सूची में नहीं है।

परीक्षा टिप: पाँच मानदंड = पहाड़, कम घनत्व या जनजातीय आबादी, अंतरराष्ट्रीय सीमा, पिछड़ापन और कमज़ोर वित्त; सीमा, तट नहीं।

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Q1.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2023, Paper Iआसान

यदि RBI नकद आरक्षित अनुपात (CRR) को घटा देता है, तो अर्थव्यवस्था में मुद्रा की आपूर्ति :

  1. A.अपरिवर्तित रहेगी।
  2. B.घटेगी।
  3. C.बढ़ेगी।
  4. D.पर अस्पष्ट प्रभाव पड़ेगा।
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. बढ़ेगी।

व्याख्या

सही उत्तर है C, बढ़ेगी। CRR कम होने पर बैंकों को RBI के पास कम धन रखना पड़ता है, उनके पास उधार देने को अधिक धन बचता है और उधार से अधिक मुद्रा बनती है।

नकद आरक्षित अनुपात बैंक की शुद्ध माँग और सावधि देयताओं, यानी मोटे तौर पर उसकी जमाओं, का वह हिस्सा है जिसे उसे रिज़र्व बैंक के पास नकद शेष के रूप में रखना होता है। इस राशि पर बैंक को कोई ब्याज नहीं मिलता और इसे उधार नहीं दिया जा सकता। RBI के CRR घटाने पर इस बंद धन का एक हिस्सा तुरंत मुक्त हो जाता है। बैंक इसे उधार देते हैं, ऋण फिर नई जमा बनकर लौटते हैं और मुद्रा गुणक, जो लगभग आरक्षित अनुपात का व्युत्क्रम है, बढ़ जाता है। परिणाम है अधिक मुद्रा आपूर्ति, इसलिए CRR में कटौती विस्तारवादी कदम है।

विकल्प A गलत है, क्योंकि CRR बदलने से बैंकों के उधार योग्य धन में सीधे बदलाव होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि मुद्रा आपूर्ति CRR बढ़ाने पर घटती है, घटाने पर नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि प्रभाव की दिशा स्पष्ट है और यह मौद्रिक नीति का मानक उपकरण है।

परीक्षा टिप: CRR घटा → ऋण और मुद्रा आपूर्ति बढ़ी; CRR बढ़ा → मुद्रा आपूर्ति घटी।

Q2.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2025, Paper Iकठिन

निम्नलिखित में से कौन-सा एक कथन सही नहीं है?

  1. A.वित्तीय स्थिरता और विकास परिषद (FSDC) की स्थापना 2010 में हुई थी।
  2. B.राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति (NLP) 2022 में शुरू की गई थी।
  3. C.ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि (RIDF) की स्थापना NABARD में 1995-96 के दौरान हुई थी।
  4. D.G20 का गठन 2001 में वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों के एक मंच के रूप में हुआ था।
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. G20 का गठन 2001 में वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों के एक मंच के रूप में हुआ था।

व्याख्या

सही उत्तर है D। G20 का गठन वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों के मंच के रूप में 1999 में हुआ था, 2001 में नहीं।

बीस देशों का समूह 1999 में एशियाई वित्तीय संकट के बाद बनाया गया, ताकि बड़ी विकसित और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के वित्त मंत्री और केंद्रीय बैंक गवर्नर नियमित रूप से मिल सकें। 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट के दौरान इसे राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों के स्तर तक उठाया गया और पहला शिखर सम्मेलन वॉशिंगटन में हुआ। भारत ने 2023 में G20 की अध्यक्षता की, जब नई दिल्ली शिखर सम्मेलन में अफ्रीकी संघ को स्थायी सदस्य बनाया गया।

विकल्प A सही कथन है: केंद्रीय वित्त मंत्री की अध्यक्षता वाली FSDC दिसंबर 2010 में वित्तीय स्थिरता पर नज़र रखने और नियामकों में तालमेल के लिए बनी। विकल्प B सही है: राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति सितंबर 2022 में लॉजिस्टिक्स लागत घटाने के लिए शुरू हुई। विकल्प C सही है: ग्रामीण अवसंरचना के लिए राज्यों को ऋण देने हेतु RIDF 1995-96 में NABARD में बनी।

परीक्षा टिप: G20 वित्त मंच 1999, शिखर सम्मेलन 2008 से; FSDC 2010; RIDF 1995-96।

Q3.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2023, Paper Iमध्यम

मान लीजिए कि एक भारतीय नागरिक विदेश में निवेश करती है और उस निवेश पर धनात्मक प्रतिफल कमाती है। निम्नलिखित में से कौन-सा सही है?

  1. A.उसकी आय भारत के GDP का हिस्सा है, पर भारत की राष्ट्रीय आय का हिस्सा नहीं।
  2. B.उसकी आय भारत की राष्ट्रीय आय का हिस्सा है, पर भारत के GDP का हिस्सा नहीं।
  3. C.उसकी आय भारत के GDP और राष्ट्रीय आय, दोनों का हिस्सा है।
  4. D.उसकी आय न तो भारत के GDP का हिस्सा है, न ही राष्ट्रीय आय का।
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. उसकी आय भारत की राष्ट्रीय आय का हिस्सा है, पर भारत के GDP का हिस्सा नहीं।

व्याख्या

सही उत्तर है B। उसका प्रतिफल भारत के बाहर कमाया गया है, इसलिए वह भारत के GDP में नहीं आता, पर उसे एक भारतीय निवासी ने कमाया है, इसलिए वह भारत की राष्ट्रीय आय में गिना जाता है।

सकल घरेलू उत्पाद (GDP) किसी देश की सीमा के भीतर हुए पूरे उत्पादन को मापता है, उत्पादन चाहे कोई भी करे। राष्ट्रीय आय, यानी GNP या GNI, यह मापती है कि देश के सामान्य निवासी कहीं भी कितना कमाते हैं। दोनों को जोड़ने वाली कड़ी विदेश से शुद्ध साधन आय है: GNP = GDP + विदेश से प्राप्त साधन आय − विदेशियों को दी गई साधन आय। विदेशी निवेश पर किसी भारतीय को मिला ब्याज, लाभांश और लाभ विदेश से प्राप्त साधन आय है, इसलिए यह राष्ट्रीय आय में जुड़ता है पर GDP से बाहर रहता है।

विकल्प A गलत है, क्योंकि यह दोनों अवधारणाओं को उलट देता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि GDP केवल भारत की सीमा के भीतर के उत्पादन को गिनता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि भारतीय निवासियों की विदेश में कमाई ही वह हिस्सा है जो राष्ट्रीय आय GDP के ऊपर जोड़ती है।

परीक्षा टिप: GDP = सीमा के भीतर; GNP = निवासियों द्वारा; GNP = GDP + विदेश से शुद्ध साधन आय।

Q4.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2025, Paper Iमध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सी योजना भारतीय कृषि क्षेत्र में आधुनिक अवसंरचना विकसित करने और खेत से खुदरा तक आपूर्ति श्रृंखला को बेहतर बनाने पर केंद्रित है?

  1. A.प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (PMKSY)
  2. B.राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY)
  3. C.प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना (PMKMY)
  4. D.परंपरागत कृषि विकास योजना (PKVY)
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (PMKSY)

व्याख्या

सही उत्तर है A, प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (PMKSY)। यह खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की व्यापक योजना है, जो खेत से खुदरा दुकान तक आधुनिक अवसंरचना और कुशल आपूर्ति श्रृंखला बनाने के लिए है।

यह योजना 2017 में पुरानी संपदा योजना का नाम बदलकर और दायरा बढ़ाकर मंज़ूर की गई। इसके तहत मेगा फूड पार्क, एकीकृत कोल्ड चेन और मूल्य संवर्धन, कृषि-प्रसंस्करण क्लस्टर, खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाएँ तथा आगे-पीछे की कड़ियाँ बनाई जाती हैं। उद्देश्य है कटाई के बाद होने वाला नुकसान घटाना, प्रसंस्कृत खाद्य का हिस्सा बढ़ाना और किसानों को बेहतर दाम दिलाना।

विकल्प B गलत है, क्योंकि 2007 में शुरू हुई राष्ट्रीय कृषि विकास योजना राज्यों को कृषि और संबद्ध क्षेत्र की अपनी योजनाएँ बनाने के लिए लचीली राशि देती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि 2019 की किसान मानधन योजना छोटे और सीमांत किसानों के लिए 60 वर्ष के बाद 3,000 रुपये मासिक की अंशदायी पेंशन योजना है। विकल्प D गलत है, क्योंकि परंपरागत कृषि विकास योजना क्लस्टर के ज़रिये जैविक खेती को बढ़ावा देती है।

परीक्षा टिप: किसान संपदा = खाद्य प्रसंस्करण और कोल्ड चेन; मानधन = किसान पेंशन; PKVY = जैविक खेती।

Q5.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2016, GS Paper Iमध्यम

समाचारों में कभी-कभी दिखने वाले शब्द 'आयात आवरण' (इंपोर्ट कवर) का सबसे अच्छा वर्णन निम्नलिखित में से कौन-सा करता है?

  1. A.यह किसी देश के आयात के मूल्य और सकल घरेलू उत्पाद का अनुपात है
  2. B.यह किसी देश के एक वर्ष के आयात का कुल मूल्य है
  3. C.यह दो देशों के बीच निर्यात के मूल्य और आयात के मूल्य का अनुपात है
  4. D.यह उन महीनों की संख्या है जितने महीनों के आयात का भुगतान किसी देश के अंतरराष्ट्रीय भंडार से किया जा सकता है
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. यह उन महीनों की संख्या है जितने महीनों के आयात का भुगतान किसी देश के अंतरराष्ट्रीय भंडार से किया जा सकता है

व्याख्या

सही उत्तर है D, यह उन महीनों की संख्या है जितने महीनों के आयात का भुगतान किसी देश के अंतरराष्ट्रीय भंडार से किया जा सकता है। आयात आवरण उन महीनों की संख्या है जितने महीनों के आयात का भुगतान कोई देश अपने विदेशी मुद्रा भंडार से कर सकता है।

इसे देश के कुल अंतरराष्ट्रीय भंडार को उसके औसत मासिक आयात बिल से भाग देकर निकाला जाता है। यह आँकड़ा बताता है कि अगर निर्यात आय और पूँजी प्रवाह अचानक रुक जाएँ, तो देश कितने समय तक तेल जैसी ज़रूरी चीज़ें खरीदता रह सकता है, इसलिए यह बाहरी सुरक्षा का अहम पैमाना है। 1991 के भुगतान संतुलन संकट में भारत का भंडार घटकर लगभग तीन सप्ताह के आयात जितना रह गया था।

A गलत है: आयात और GDP का अनुपात आयात के प्रति खुलेपन को मापता है, आयात आवरण को नहीं।

B गलत है: एक वर्ष का कुल आयात बिल केवल आयात का मूल्य है।

C गलत है: दो देशों के बीच निर्यात और आयात का अनुपात द्विपक्षीय व्यापार बताता है, भंडार की पर्याप्तता नहीं।

परीक्षा टिप: आयात आवरण = विदेशी मुद्रा भंडार ÷ मासिक आयात; 1991 संकट = लगभग तीन सप्ताह का आवरण।