अग्नि-पी बैलिस्टिक मिसाइल की मारक क्षमता कितनी है?
- A.1,000 - 2,000 किमी
- B.2,000 - 3,000 किमी
- C.3,000 - 4,000 किमी
- D.4,000 - 5,000 किमी
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, 1,000 - 2,000 किमी। अग्नि-पी, या अग्नि प्राइम, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित अग्नि श्रृंखला की नई पीढ़ी की परमाणु-सक्षम बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसकी मारक क्षमता 1,000 से 2,000 किमी है। यह दो चरणों वाली, ठोस ईंधन से चलने वाली कैनिस्टर आधारित मिसाइल है, यानी इसे सड़क या रेल वाहन पर बंद कैनिस्टर में रखकर वहीं से छोड़ा जा सकता है, जिससे इसकी तैनाती तेज़ होती है। इसका पहला उड़ान परीक्षण जून 2021 में ओडिशा तट के पास डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से हुआ। यह पुरानी अग्नि मिसाइलों से हल्की है और इसमें बेहतर कंपोजिट सामग्री और मार्गदर्शन प्रणाली है। विकल्प B गलत है क्योंकि 2,000 से 3,000 किमी की मारक क्षमता अग्नि-II की श्रेणी है। विकल्प C गलत है क्योंकि 3,000 से 4,000 किमी अग्नि-III और अग्नि-IV की मारक क्षमता है। विकल्प D गलत है क्योंकि 4,000 से 5,000 किमी और उससे अधिक की दूरी अग्नि-IV और अंतरमहाद्वीपीय श्रेणी की अग्नि-V की है। परीक्षा टिप: अग्नि-पी, 1,000-2,000 किमी, कैनिस्टर आधारित, दो चरण, ठोस ईंधन, पहला परीक्षण जून 2021।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंएथेरियम, टेथर, सोलाना और कार्डानो सभी किसके रूप हैं?
- A.क्रिप्टो करेंसी
- B.आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) स्टार्टअप
- C.ह्यूमनॉइड रोबोट
- D.चिकित्सा ऐप
उत्तर देखें
एथेरियम, टेथर, सोलाना और कार्डानो सभी क्रिप्टोकरेंसी हैं, यानी ब्लॉकचेन पर दर्ज डिजिटल परिसंपत्तियां, जिन्हें कोई केंद्रीय बैंक जारी नहीं करता।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित भारतीय मूल के अंतरिक्ष यात्रियों को उनकी अंतरिक्ष उड़ान के आधार पर पहले से शुरू करते हुए कालानुक्रम में व्यवस्थित कीजिए: 1. सुनीता विलियम्स 2. राकेश शर्मा 3. सिरीषा बांदला 4. कल्पना चावला नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
- A.4-3-2-1
- B.2-4-1-3
- C.2-1-4-3
- D.1-4-3-2
उत्तर देखें
राकेश शर्मा ने 1984 में, कल्पना चावला ने 1997 में, सुनीता विलियम्स ने 2006 में और सिरीषा बांदला ने 2021 में अंतरिक्ष उड़ान भरी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →चंद्रयान-2 के लैंडर को निम्नलिखित में से कौन-सा नाम दिया गया है?
- A.विज्ञान
- B.अनुसंधान
- C.प्रज्ञान
- D.विक्रम
उत्तर देखें
चंद्रयान-2 के लैंडर का नाम भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक विक्रम साराभाई के नाम पर विक्रम रखा गया। ISRO ने चंद्रयान-2 को 22 जुलाई 2019 को श्रीहरिकोटा से GSLV Mk III रॉकेट द्वारा प्रक्षेपित किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
I. ब्रह्मोस क्रूज़ मिसाइल प्रणाली भारत के DRDO और रूस के NPO माशिनोस्त्रोयेनिया (NPOM) ने संयुक्त रूप से विकसित की है।
II. 'आत्मनिर्भर भारत' पहल के अंतर्गत इंडो-रशिया राइफ़ल्स प्राइवेट लिमिटेड (IRRPL) संयुक्त उद्यम का उत्पादन स्थल कोरवा, मध्य प्रदेश में है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए।
- A.केवल I
- B.केवल II
- C.I और II दोनों
- D.न तो I और न ही II
उत्तर देखें
ब्रह्मोस वास्तव में DRDO और NPOM की संयुक्त मिसाइल है, पर IRRPL का कोरवा कारखाना उत्तर प्रदेश में है, मध्य प्रदेश में नहीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →NASA द्वारा प्रक्षेपित कैसिनी मिशन, जो सितंबर 2017 में समाप्त हुआ, ने निम्नलिखित में से किस ग्रह का अन्वेषण किया?
- A.सूर्य
- B.नेपच्यून
- C.शनि
- D.बृहस्पति
उत्तर देखें
कैसिनी-ह्यूजेंस मिशन NASA, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी और इतालवी अंतरिक्ष एजेंसी की संयुक्त परियोजना था। अक्टूबर 1997 में प्रक्षेपित यह यान 2004 में शनि पर पहुँचा और तेरह वर्ष तक ग्रह, उसके वलयों और उपग्रहों का अध्ययन करता रहा।
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