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यूबीफ्लाई के स्वदेशी ई-प्लेन को टीडीबी से 285 करोड़ रुपये

प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड ने स्वदेशी ई-प्लेन को टीआरएल-6 से टीआरएल-9 तक पहुंचाने के लिए यूबीफ्लाई टेक्नोलॉजीज को आरडीआई कोष से 285 करोड़ रुपये मंजूर किए।

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यूबीफ्लाई के स्वदेशी ई-प्लेन को टीडीबी से 285 करोड़ रुपये

चर्चा में क्यों

प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड ने 23 सितंबर 2026 को यूबीफ्लाई टेक्नोलॉजीज को उसके स्वदेशी ई-प्लेन उन्नत हवाई गतिशीलता विमान के लिए आरडीआई कोष से 285 करोड़ रुपये की सहायता देने की घोषणा की।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अधीन काम करने वाले प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड ने चेन्नई स्थित यूबीफ्लाई टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड को 285 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता स्वीकृत की है। यह राशि अनुसंधान, विकास और नवाचार कोष से दी जा रही है और कंपनी के स्वदेशी ई-प्लेन उन्नत हवाई गतिशीलता समाधान पर खर्च होगी। इसकी घोषणा 23 सितंबर 2026 को हुई।

सहायता का स्वरूप

पूरी परियोजना की लागत 570 करोड़ रुपये आंकी गई है, यानी बोर्ड लगभग आधा खर्च उठा रहा है। यह सहायता सीधा अनुदान नहीं है, बल्कि वैकल्पिक रूप से परिवर्तनीय डिबेंचर के माध्यम से दी जाएगी। यह ऐसा ऋण पत्र होता है जिसे तय अवधि के बाद कंपनी के इक्विटी शेयरों में बदला जा सकता है। जिस आरडीआई कोष से यह राशि आ रही है, वह 1 लाख करोड़ रुपये का है और उसका उद्देश्य निजी कंपनियों को जोखिम भरी लेकिन बड़े लाभ वाली तकनीकों की ओर ले जाना है।

टीआरएल-6 से टीआरएल-9 तक

इस धनराशि का घोषित उद्देश्य तकनीक को प्रौद्योगिकी तत्परता स्तर 6 से स्तर 9 तक पहुंचाना है। टीआरएल वह पैमाना है जिससे दुनिया भर में यह बताया जाता है कि कोई तकनीक प्रयोगशाला से कितनी आगे बढ़ चुकी है। स्तर 6 का अर्थ है उपयुक्त परिवेश में परखा गया प्रारूप, जबकि स्तर 9 का अर्थ है वास्तविक संचालन में सिद्ध हो चुकी प्रणाली। यही वह पड़ाव है जहां प्रयोगशाला का विचार बिकाऊ उत्पाद बनता है।

ई 200 एक्स की विशेषताएं

  • तीन सीटों वाला विमान, जिसमें एक पायलट और दो यात्री बैठ सकते हैं।
  • बिजली से चलने वाला और कार्बन उत्सर्जन रहित, लक्षित उड़ान सीमा 110 किलोमीटर तथा गति 160 किलोमीटर प्रति घंटा
  • स्वदेशी हिस्सों में वर्टिकल रोटर, फॉरवर्ड प्रोपेलर, उड़ान नियंत्रण एल्गोरिदम, पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंट्रोलर और शीतलन प्रणाली वाले बैटरी पैक शामिल हैं।
  • लैंडिंग गियर पारंपरिक और ऊर्ध्वाधर, दोनों तरह की लैंडिंग के लिए बना है, इसलिए कम जगह से भी उड़ान संभव है।
  • कंपनी ने विमान का पूरा ढांचा स्वयं तैयार किया है।

किसने क्या कहा

बोर्ड के सचिव राजेश कुमार पाठक ने कहा कि यह कोष उच्च प्रभाव वाली तकनीकों के विकास में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने और आशाजनक नवाचारों को उपयोग के करीब लाने की दिशा में बड़ा कदम है। इस परियोजना को डीप टेक्नोलॉजी श्रेणी में रखा गया है और इसका उप-क्षेत्र स्पेस टेक्नोलॉजी है।

महत्वपूर्ण तथ्य

सहायता देने वाला निकायप्रौद्योगिकी विकास बोर्ड, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग
स्वीकृत राशि285 करोड़ रुपये
लाभार्थी कंपनीयूबीफ्लाई टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड, चेन्नई
कोष1 लाख करोड़ रुपये का अनुसंधान, विकास और नवाचार कोष
कुल परियोजना लागत570 करोड़ रुपये
माध्यमवैकल्पिक रूप से परिवर्तनीय डिबेंचर
विमानई 200 एक्स, तीन सीट, एक पायलट और दो यात्री
सीमा और गति110 किलोमीटर लक्षित सीमा, 160 किलोमीटर प्रति घंटा
प्रौद्योगिकी स्तरटीआरएल-6 से टीआरएल-9
श्रेणीडीप टेक्नोलॉजी, उप-क्षेत्र स्पेस टेक्नोलॉजी

परीक्षा की दृष्टि से

सहायता देने वाला निकाय (प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड), राशि (285 करोड़ रुपये), कोष (1 लाख करोड़ रुपये का आरडीआई कोष), कंपनी और शहर (यूबीफ्लाई टेक्नोलॉजीज, चेन्नई), विमान (ई 200 एक्स, तीन सीट, 110 किलोमीटर, 160 किलोमीटर प्रति घंटा), कुल लागत (570 करोड़ रुपये) और टीआरएल-6 से टीआरएल-9 की छलांग याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड ने आरडीआई कोष से यूबीफ्लाई टेक्नोलॉजीज को कितनी सहायता स्वीकृत की है?

  1. A.150 करोड़ रुपये
  2. B.285 करोड़ रुपये
  3. C.570 करोड़ रुपये
  4. D.1,000 करोड़ रुपये
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 285 करोड़ रुपये

व्याख्या

सही उत्तर 285 करोड़ रुपये है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अधीन काम करने वाले प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड ने चेन्नई की यूबीफ्लाई टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड को उसके स्वदेशी ई-प्लेन उन्नत हवाई गतिशीलता समाधान के लिए अनुसंधान, विकास और नवाचार कोष से यह राशि स्वीकृत की है। विकल्प ग सबसे अधिक भ्रमित करने वाला है, क्योंकि वह पूरी परियोजना की स्वीकृत लागत है, बोर्ड का हिस्सा नहीं। इस तरह बोर्ड कुल खर्च का लगभग आधा हिस्सा उठा रहा है और शेष राशि दूसरे स्रोतों से आएगी। विकल्प क और विकल्प घ घोषणा में कहीं नहीं आते और केवल संभावित दिखने वाले आंकड़े हैं। यह सहायता सीधे अनुदान के रूप में नहीं, बल्कि वैकल्पिक रूप से परिवर्तनीय डिबेंचर के जरिए दी जा रही है और इसका उद्देश्य तकनीक को टीआरएल-6 से टीआरएल-9 तक पहुंचाना है।

Q2.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

यूबीफ्लाई टेक्नोलॉजीज द्वारा विकसित किया जा रहा ई 200 एक्स किस प्रकार का विमान है?

  1. A.पिस्टन इंजन वाला दो सीट का प्रशिक्षण विमान
  2. B.तीन सीटों वाला कार्बन उत्सर्जन रहित हवाई गतिशीलता विमान
  3. C.बिना पायलट वाला मालवाहक ड्रोन
  4. D.साठ यात्रियों वाला टर्बोप्रॉप यात्री विमान
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. तीन सीटों वाला कार्बन उत्सर्जन रहित हवाई गतिशीलता विमान

व्याख्या

सही उत्तर तीन सीटों वाला कार्बन उत्सर्जन रहित हवाई गतिशीलता विमान है। विज्ञप्ति के अनुसार ई 200 एक्स में एक पायलट और दो यात्री बैठते हैं, इसकी लक्षित उड़ान सीमा 110 किलोमीटर और गति 160 किलोमीटर प्रति घंटा है तथा इसका लैंडिंग गियर पारंपरिक और ऊर्ध्वाधर दोनों तरह की लैंडिंग के लिए बना है, जिससे यह कम जगह से भी संचालित हो सकता है। विकल्प क गलत है क्योंकि यह विमान बिजली से चलता है, इसमें तीन सीटें हैं और इसे प्रशिक्षण विमान नहीं बताया गया। विकल्प ग इसलिए गलत है कि इसमें पायलट विमान में ही बैठता है, इसलिए यह मानवरहित मंच नहीं है। विकल्प घ हर दृष्टि से गलत है, क्योंकि ई 200 एक्स एक छोटा विद्युत विमान है, कोई यात्री विमान नहीं। इसके स्वदेशी हिस्सों में वर्टिकल रोटर, फॉरवर्ड प्रोपेलर और शीतलन प्रणाली वाले बैटरी पैक शामिल हैं।

Q3.विज्ञान और प्रौद्योगिकीकठिन

प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड यह सहायता किस वित्तीय माध्यम से दे रहा है?

  1. A.ब्याज रहित सीधा अनुदान
  2. B.सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड
  3. C.वैकल्पिक रूप से परिवर्तनीय डिबेंचर
  4. D.व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण सब्सिडी
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. वैकल्पिक रूप से परिवर्तनीय डिबेंचर

व्याख्या

सही उत्तर वैकल्पिक रूप से परिवर्तनीय डिबेंचर है। प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड यूबीफ्लाई टेक्नोलॉजीज को यह सहायता इसी माध्यम से दे रहा है। यह एक प्रकार का ऋण पत्र होता है, जिसे रखने वाले के पास तय अवधि के बाद उसे कंपनी के इक्विटी शेयरों में बदलने का विकल्प होता है। विकल्प क गलत है, क्योंकि विज्ञप्ति में इस राशि को अनुदान नहीं बताया गया और परिवर्तनीय साधन का चुनाव ही इसे सामान्य सब्सिडी से अलग करता है। विकल्प ख गलत है, क्योंकि सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड सरकार पर्यावरण से जुड़े खर्च के लिए बाजार से जुटाती है और उसका इस स्वीकृति से कोई संबंध नहीं है। विकल्प घ भी गलत है, क्योंकि व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण मुख्य रूप से बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में दिया जाता है। जिस कोष से यह राशि आई है, वह 1 लाख करोड़ रुपये का है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड ने यूबीफ्लाई टेक्नोलॉजीज को कितनी राशि स्वीकृत की है?

अनुसंधान, विकास और नवाचार कोष से 285 करोड़ रुपये, जबकि परियोजना की कुल स्वीकृत लागत 570 करोड़ रुपये है। यह राशि स्वदेशी ई-प्लेन पर खर्च होगी।

ई 200 एक्स विमान की मुख्य विशेषताएं क्या हैं?

यह तीन सीटों वाला कार्बन उत्सर्जन रहित उन्नत हवाई गतिशीलता विमान है, जिसमें एक पायलट और दो यात्री बैठते हैं। इसकी लक्षित सीमा 110 किलोमीटर और गति 160 किलोमीटर प्रति घंटा है।

यह सहायता किस माध्यम से दी जा रही है?

वैकल्पिक रूप से परिवर्तनीय डिबेंचर के माध्यम से, जिसे बाद में कंपनी के इक्विटी शेयरों में बदला जा सकता है।

स्रोत

करेंट अफेयर्स 23 सितंबर 2026

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