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नैनोमेडिसिन विश्व कांग्रेस 2026 नई दिल्ली में शुरू हुई

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने नई दिल्ली में नैनोमेडिसिन विश्व कांग्रेस 2026 का उद्घाटन किया और बताया कि DBT 210 परियोजनाओं पर 174 करोड़ रुपये दे रहा है।

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नैनोमेडिसिन विश्व कांग्रेस 2026 नई दिल्ली में शुरू हुई

चर्चा में क्यों

27 सितंबर 2026 को केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में नैनोमेडिसिन विश्व कांग्रेस 2026 का उद्घाटन किया और बताया कि जैव प्रौद्योगिकी विभाग नैनोमेडिसिन की 210 शोध परियोजनाओं को 174 करोड़ रुपये दे रहा है।

नैनोमेडिसिन विश्व कांग्रेस 2026 का उद्घाटन 27 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि नैनोमेडिसिन आगे चलकर सटीक चिकित्सा और व्यक्ति-केंद्रित स्वास्थ्य सेवा की अगली पीढ़ी तैयार करेगी और भारत में हो रहे स्वदेशी अनुसंधान की अहमियत वैश्विक है।

आयोजक कौन है

यह कांग्रेस दिल्ली विश्वविद्यालय के चिकित्सा विज्ञान संकाय के इंस्टिट्यूट ऑफ नैनो मेडिकल साइंसेज की मेजबानी में हो रही है और इसे इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ नैनो मेडिकल साइंसेज तथा इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर नैनो मेडिसिन के अंतर्गत आयोजित किया गया है। इसमें 2,000 से अधिक प्रतिभागी शामिल हैं, जिनमें वरिष्ठ वैज्ञानिक और युवा शोधकर्ता दोनों हैं।

कांग्रेस का नेतृत्व

अध्यक्षनोबेल पुरस्कार विजेता प्रो. रोजर डी. कोर्नबर्ग, स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय, अमेरिका
मानद अध्यक्षप्रो. टी. एम. एस. चांग, मैकगिल विश्वविद्यालय, कनाडा
मेजबान संस्थान प्रमुखप्रो. योगेश सिंह, कुलपति, दिल्ली विश्वविद्यालय

उद्घाटन सत्र में नीति आयोग के सदस्य प्रो. गोबर्धन दास के साथ प्रो. जी. पी. तलवार, प्रो. रमेश चंद्र और प्रो. इंद्रजीत रॉय भी उपस्थित रहे। प्रो. कोर्नबर्ग ने इस क्षेत्र को नया और तेजी से बदलता बताया और कहा कि इसकी खूबी यह है कि दवा की ठीक मात्रा ठीक जगह पर ठीक समय पर पहुँचती है, जिससे असर बढ़ता है और शरीर पर विषाक्त प्रभाव घटता है।

सरकार की मदद

  • जैव प्रौद्योगिकी विभाग नैनोमेडिसिन में 210 शोध एवं विकास परियोजनाओं को 174 करोड़ रुपये की सहायता दे रहा है।
  • ये परियोजनाएँ लक्षित औषधि वितरण, कैंसर नैनोमेडिसिन, संक्रामक रोग नैनोमेडिसिन, न्यूक्लिक अम्ल एवं टीका वितरण, नैनो निदान एवं इमेजिंग, पुनर्योजी चिकित्सा, घाव भरने तथा नैनो विषविज्ञान से जुड़ी हैं।
  • भारत में मुँह से ली जाने वाली इंसुलिन नैनोकण, स्तन कैंसर के लिए नैनोबोट और सटीक नैनोइंजेक्शन पर काम आगे बढ़ रहा है।
  • BIRAC के जरिये नई कंपनियाँ बायोटेक्नोलॉजी इग्निशन ग्रांट, PACE, लघु उद्यम नवाचार शोध पहल तथा जैव प्रौद्योगिकी उद्योग भागीदारी कार्यक्रम का लाभ ले सकती हैं।

नैनो औषधियों के लिए नियम जैव प्रौद्योगिकी विभाग, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद और केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन ने मिलकर बनाए हैं, जो इन उत्पादों की सुरक्षा, गुणवत्ता और प्रभाव को परखने का ढाँचा देते हैं। मंत्री ने बताया कि नैनोमेडिसिन एक मीटर के अरबवें हिस्से के स्तर पर काम करती है और इससे एक ही रोग के मरीजों का इलाज उनके जीन, जीवनशैली, खानपान तथा परिवेश के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। उन्होंने आगाह किया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और नैनो तकनीक डॉक्टर की नैदानिक समझ की जगह लेने की बजाय उसका साथ दें, तथा चिकित्सा शिक्षा को नए सिरे से गढ़ने की बात कही, जिसमें रोगी को देखने और परखने का पुराना कौशल बचा रहे।

महत्वपूर्ण तथ्य

आयोजननैनोमेडिसिन विश्व कांग्रेस 2026
स्थानविज्ञान भवन, नई दिल्ली
उद्घाटनडॉ. जितेंद्र सिंह, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री
मेजबानइंस्टिट्यूट ऑफ नैनो मेडिकल साइंसेज, दिल्ली विश्वविद्यालय
अध्यक्षनोबेल विजेता प्रो. रोजर डी. कोर्नबर्ग, स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय
मानद अध्यक्षप्रो. टी. एम. एस. चांग, मैकगिल विश्वविद्यालय, कनाडा
प्रतिभागी2,000 से अधिक
DBT सहायता210 परियोजनाओं पर 174 करोड़ रुपये
नैनो औषधि दिशानिर्देशDBT, ICMR और CDSCO ने संयुक्त रूप से बनाए

परीक्षा की दृष्टि से

स्थान (विज्ञान भवन, नई दिल्ली), मेजबान (इंस्टिट्यूट ऑफ नैनो मेडिकल साइंसेज, दिल्ली विश्वविद्यालय), अध्यक्ष (नोबेल विजेता रोजर डी. कोर्नबर्ग), मानद अध्यक्ष (टी. एम. एस. चांग), 2,000 से अधिक प्रतिभागी, DBT की 210 परियोजनाओं पर 174 करोड़ रुपये और नैनो औषधि दिशानिर्देश बनाने वाली तीन संस्थाएँ DBT, ICMR तथा CDSCO याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

नैनोमेडिसिन विश्व कांग्रेस 2026 का उद्घाटन कहाँ हुआ?

  1. A.भारत मंडपम, नई दिल्ली
  2. B.विज्ञान भवन, नई दिल्ली
  3. C.विज्ञान भवन, मुंबई
  4. D.भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. विज्ञान भवन, नई दिल्ली

व्याख्या

सही उत्तर विज्ञान भवन, नई दिल्ली है, जहाँ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री ने इस कांग्रेस का उद्घाटन किया। इसकी मेजबानी दिल्ली विश्वविद्यालय के चिकित्सा विज्ञान संकाय का इंस्टिट्यूट ऑफ नैनो मेडिकल साइंसेज कर रहा है, इसलिए आयोजन राजधानी में हुआ। विकल्प A दिल्ली का ही दूसरा स्थल बताता है, जिसका इस कांग्रेस से कोई संबंध नहीं था। विकल्प C गलत है, क्योंकि विज्ञान भवन राजधानी में है, मुंबई में नहीं, इसलिए भवन का नाम ठीक होते हुए भी शहर गलत होने से पूरा विकल्प गलत हो जाता है। विकल्प D भी गलत है, क्योंकि इस कांग्रेस का कोई सत्र बेंगलुरु में नहीं हुआ। इस आयोजन में 2,000 से अधिक वैज्ञानिक और युवा शोधकर्ता जुटे और यह इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ नैनो मेडिकल साइंसेज तथा इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर नैनो मेडिसिन के अंतर्गत हो रहा है।

Q2.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

जैव प्रौद्योगिकी विभाग नैनोमेडिसिन की कितनी परियोजनाओं को कितनी राशि दे रहा है?

  1. A.120 परियोजनाएँ, 210 करोड़ रुपये
  2. B.210 परियोजनाएँ, 174 करोड़ रुपये
  3. C.174 परियोजनाएँ, 210 करोड़ रुपये
  4. D.310 परियोजनाएँ, 240 करोड़ रुपये
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 210 परियोजनाएँ, 174 करोड़ रुपये

व्याख्या

सही उत्तर 210 परियोजनाएँ, 174 करोड़ रुपये है। मंत्री ने सरकार की मदद का ब्योरा देते हुए यही आंकड़े बताए और कहा कि यह काम लक्षित औषधि वितरण, कैंसर नैनोमेडिसिन, संक्रामक रोग नैनोमेडिसिन, न्यूक्लिक अम्ल एवं टीका वितरण, नैनो निदान एवं इमेजिंग, पुनर्योजी चिकित्सा, घाव भरने तथा नैनो विषविज्ञान और नियामक विज्ञान तक फैला है। विकल्प A और C दोनों आंकड़ों को आपस में उलट देते हैं या नया आंकड़ा गढ़ते हैं, इसलिए वे परियोजनाओं की संख्या को राशि और राशि को संख्या बना देते हैं। विकल्प D में दोनों आंकड़े बढ़ा दिए गए हैं और वह कही गई किसी बात से मेल नहीं खाता। परीक्षार्थियों को यह भी जोड़कर याद रखना चाहिए कि BIRAC की योजनाएँ इस शोध को उद्यम में बदलने में मदद करती हैं।

Q3.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

नैनोमेडिसिन विश्व कांग्रेस 2026 के अध्यक्ष कौन हैं?

  1. A.प्रो. टी. एम. एस. चांग
  2. B.प्रो. योगेश सिंह
  3. C.प्रो. रोजर डी. कोर्नबर्ग
  4. D.प्रो. गोबर्धन दास
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. प्रो. रोजर डी. कोर्नबर्ग

व्याख्या

सही उत्तर प्रो. रोजर डी. कोर्नबर्ग हैं, जो अमेरिका के स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से जुड़े नोबेल पुरस्कार विजेता हैं। उन्होंने इस क्षेत्र को नया और तेजी से विकसित होता बताया तथा कहा कि इसकी सबसे बड़ी संभावना यह है कि दवा की उचित मात्रा उचित स्थान पर उचित समय पर पहुँचे, जिससे इलाज का असर बढ़े और विषाक्तता घटे। विकल्प A गलत है, क्योंकि कनाडा के मैकगिल विश्वविद्यालय के प्रो. टी. एम. एस. चांग मानद अध्यक्ष के अलग पद पर हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि प्रो. योगेश सिंह मेजबान दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति के नाते उपस्थित थे, अध्यक्ष के नाते नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि प्रो. गोबर्धन दास नीति आयोग के सदस्य के रूप में उद्घाटन सत्र में शामिल हुए थे।

Q4.विज्ञान और प्रौद्योगिकीकठिन

भारत में नैनो औषधियों के दिशानिर्देश किन तीन संस्थाओं ने मिलकर बनाए हैं?

  1. A.DBT, ICMR और CDSCO
  2. B.DST, CSIR और FSSAI
  3. C.DBT, BIRAC और नीति आयोग
  4. D.ICMR, एम्स और CDSCO
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. DBT, ICMR और CDSCO

व्याख्या

सही उत्तर DBT, ICMR और CDSCO है, यानी जैव प्रौद्योगिकी विभाग, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद तथा केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन। मंत्री ने बताया कि इन तीनों ने मिलकर ऐसा साझा ढाँचा बनाया है, जिससे नैनो औषधि उत्पादों की सुरक्षा, गुणवत्ता और प्रभाव को परखा जा सके, और इससे शोध के साथ-साथ भारत को नियामक आधार भी मिला है। विकल्प B में जो संस्थाएँ गिनाई गई हैं, उनका इस संदर्भ में नाम ही नहीं आया। विकल्प C गलत है, क्योंकि BIRAC का जिक्र नई जैव प्रौद्योगिकी कंपनियों को अनुदान और भागीदारी कार्यक्रम तक पहुँचाने के रास्ते के रूप में हुआ, जबकि नीति आयोग का नाम केवल इसलिए आया कि उसके एक सदस्य सत्र में उपस्थित थे। विकल्प D गलत है, क्योंकि दिशानिर्देश बनाने वालों में कोई अस्पताल शामिल नहीं था।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नैनोमेडिसिन विश्व कांग्रेस 2026 का उद्घाटन किसने किया?

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने, 27 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में।

जैव प्रौद्योगिकी विभाग नैनोमेडिसिन की कितनी परियोजनाओं को सहायता दे रहा है?

वह नैनोमेडिसिन में 210 शोध एवं विकास परियोजनाओं को 174 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दे रहा है।

इस कांग्रेस के अध्यक्ष कौन हैं?

स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के नोबेल पुरस्कार विजेता प्रो. रोजर डी. कोर्नबर्ग। कनाडा के मैकगिल विश्वविद्यालय के प्रो. टी. एम. एस. चांग मानद अध्यक्ष हैं।

स्रोत

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