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पीएम स्मृति चिह्न ई-नीलामी 2026 में राजस्थान की विरासत

पीएम स्मृति चिह्न ई-नीलामी 2026 के आठवें संस्करण में राजस्थान की लोक देवता, चित्रकला, वस्त्र और धरोहर से जुड़ी 37 कलाकृतियाँ शामिल की गई हैं।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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पीएम स्मृति चिह्न ई-नीलामी 2026 में राजस्थान की विरासत

चर्चा में क्यों

संस्कृति मंत्रालय ने पीएम स्मृति चिह्न ई-नीलामी 2026 के आठवें संस्करण में राजस्थान की 37 कलाकृतियों वाले संग्रह को सामने रखा है, जो 2 अक्टूबर 2026 तक खुला है और राज्य के लोक देवताओं, चित्रकला, वस्त्र, धरोहर स्थलों तथा खेल स्मृतियों को दर्शाता है।

संस्कृति मंत्रालय की पीएम स्मृति चिह्न ई-नीलामी 2026 के आठवें संस्करण में राजस्थान की कला, आस्था, राजसी परंपरा और खेल उपलब्धियों को दर्शाने वाली 37 कलाकृतियाँ रखी गई हैं। यह नीलामी 2 अक्टूबर 2026 तक चलेगी और पूरी सूची pmmementos.gov.in पोर्टल पर देखी जा सकती है।

काष्ठकला और राजसी विषय

संग्रह की खास कृतियों में लकड़ी पर तराशा और पारंपरिक नक्काशी से सजा अंबाबारी हाथी शामिल है, जिस पर अंबारी रखी है। एक दूसरे लकड़ी के सेट में राजसी अंबारी के साथ चलने वाले सेवकों के साथ हाथियों की शोभायात्रा दिखाई गई है, जो रियासती दौर के समारोहों की याद दिलाती है।

लोक देवता और भक्ति चित्रकला

  • घोड़े पर सवार वीर तेजाजी महाराज का चाँदी का स्मृति चिह्न तथा भाला और नाग के प्रतीक के साथ उसी लोक देवता की चाँदी चढ़ी मूर्ति।
  • नाथद्वारा की श्रीनाथजी की पिछवाई चित्रकला, लक्ष्मी और नारायण को दर्शाने वाला फड़ चित्र तथा कृष्ण रासलीला पर पट्टचित्र शैली की कृति।
  • करौली की कैला माता, सुंधा माता, बायतु के खेमा बाबा, श्री कल्याण राय जी महाराज और पुष्कर के ब्रह्मा मंदिर के चित्रण।
  • बांसवाड़ा स्थित मानगढ़ धाम का एक चित्र।

साझी आस्था और वस्त्र परंपरा

अजमेर शरीफ दरगाह संग्रह में दो बार आई है, एक हस्तचित्रित कृति के रूप में और एक फ्रेम में जड़े चित्र के रूप में। सूची के अनुसार यह चित्र दरगाह की स्थापत्य पहचान और हर पंथ के लोगों का स्वागत करने की उसकी परंपरा को उतारता है। वस्त्र परंपरा पत्थर तथा पंख की कलगी लगी सजी पगड़ी, बहुरंगी नक्काशी वाली पीली पगड़ी और गोटा किनारी वाले अंगवस्त्रों के जरिये सामने आती है।

समकालीन और खेल से जुड़ी वस्तुएँ

संस्करणपीएम स्मृति चिह्न ई-नीलामी का आठवां
इस संग्रह का केंद्रराजस्थान
कलाकृतियों की संख्या37
अंतिम तिथि2 अक्टूबर 2026
पोर्टलpmmementos.gov.in

पुरानी शिल्प कृतियों के साथ हाल के वर्षों की यादगार वस्तुएँ भी हैं, जिनमें अयोध्या के राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा से जुड़े फ्रेम किए अखबारों के अंक तथा खेल उपलब्धियों से जुड़ी वस्तुएँ शामिल हैं। कुल मिलाकर ये स्मृति चिह्न लोक पूजा और भक्ति कथाओं से चलकर चित्रकला, बुनाई, स्थापत्य और राजसी समारोहों से होते हुए आज तक पहुँचते हैं, और इसी आधार पर संस्कृति मंत्रालय इस संग्रह को राज्य की सांस्कृतिक पहचान का चित्र कहता है। नीलामी की तिथियाँ, भाग लेने की शर्तें तथा पूरी सूची सरकारी पोर्टल पर उपलब्ध है।

महत्वपूर्ण तथ्य

आयोजनपीएम स्मृति चिह्न ई-नीलामी 2026, आठवां संस्करण
मंत्रालयसंस्कृति मंत्रालय
केंद्र में राज्यराजस्थान
कलाकृतियों की संख्या37
अंतिम तिथि2 अक्टूबर 2026
पोर्टलpmmementos.gov.in
प्रमुख लोक देवतावीर तेजाजी महाराज, घोड़े पर भाला और नाग प्रतीक सहित
चित्रकला शैलियाँनाथद्वारा की पिछवाई, फड़, पट्टचित्र शैली
धरोहर स्थलअजमेर शरीफ दरगाह, पुष्कर का ब्रह्मा मंदिर, बांसवाड़ा का मानगढ़ धाम

परीक्षा की दृष्टि से

संस्करण (आठवां), वर्ष (2026), अंतिम तिथि (2 अक्टूबर 2026), पोर्टल (pmmementos.gov.in), मंत्रालय (संस्कृति), केंद्र में राज्य (राजस्थान) और कलाकृतियों की संख्या (37) याद रखें। कला रूपों को उनके स्थानों से जोड़ें: पिछवाई से नाथद्वारा, ब्रह्मा मंदिर से पुष्कर, कैला माता से करौली और मानगढ़ धाम से बांसवाड़ा।

अभ्यास प्रश्न

Q1.राष्ट्रीयआसान

पीएम स्मृति चिह्न ई-नीलामी 2026 में सामने रखा गया संग्रह किस राज्य की कला और विरासत दर्शाता है?

  1. A.गुजरात
  2. B.राजस्थान
  3. C.मध्य प्रदेश
  4. D.ओडिशा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. राजस्थान

व्याख्या

सही उत्तर राजस्थान है। संस्कृति मंत्रालय ने इस वर्ष की नीलामी में ऐसे स्मृति चिह्नों की ओर ध्यान दिलाया है, जो राज्य के लोक देवताओं, भक्ति चित्रकला, वस्त्र शिल्प, स्थापत्य धरोहर और खेल उपलब्धियों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जैसे अंबारी सहित अंबाबारी हाथी और वीर तेजाजी महाराज की चाँदी की कृतियाँ। विकल्प गुजरात गलत है, क्योंकि इस संग्रह की कोई कृति उससे नहीं जुड़ी है। मध्य प्रदेश भी गलत है, क्योंकि सूची में गिनाए गए मंदिर और दरगाह, जैसे पुष्कर का ब्रह्मा मंदिर तथा अजमेर शरीफ दरगाह, राजस्थान में ही स्थित हैं। ओडिशा भ्रमित कर सकता है, क्योंकि एक कृति पट्टचित्र शैली में है जो उस राज्य से जुड़ी मानी जाती है, पर विषय कृष्ण रासलीला है और कृति राजस्थान के संग्रह का हिस्सा है, इसलिए शैली से उत्तर नहीं बदलता।

Q2.राष्ट्रीयमध्यम

पीएम स्मृति चिह्न ई-नीलामी 2026 के राजस्थान संग्रह में कितनी कलाकृतियाँ हैं?

  1. A.27 कलाकृतियाँ
  2. B.31 कलाकृतियाँ
  3. C.37 कलाकृतियाँ
  4. D.47 कलाकृतियाँ
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 37 कलाकृतियाँ

व्याख्या

सही उत्तर 37 कलाकृतियाँ है। संस्कृति मंत्रालय ने राजस्थान के संग्रह का यही आकार बताया है और ये कृतियाँ काष्ठकला, लोक देवताओं के चाँदी के स्मृति चिह्न, भक्ति चित्रकला, वस्त्र परंपरा, धरोहर स्थलों के फ्रेम किए चित्र तथा हाल के वर्षों और खेल से जुड़ी यादगार वस्तुओं में फैली हुई हैं। बाकी तीनों संख्याएँ सूची से मेल नहीं खातीं। परीक्षार्थियों को इस संख्या के साथ शेष ब्योरा भी जोड़कर रखना चाहिए: यह पीएम स्मृति चिह्न ई-नीलामी का आठवां संस्करण है, यह अक्टूबर की दूसरी तारीख तक खुला रहेगा, और भाग लेने की शर्तों सहित पूरी सूची सरकारी पोर्टल pmmementos.gov.in पर रखी गई है, जिसका नाम मंत्रालय ने अपनी घोषणा में दिया है। ध्यान रहे कि इस संग्रह में अजमेर शरीफ दरगाह दो रूपों में आई है और वस्त्र परंपरा पगड़ी तथा गोटा किनारी वाले अंगवस्त्रों के जरिये दर्शाई गई है, इसलिए संख्या के साथ यह भी याद रखें कि संग्रह किन-किन विषयों को समेटता है।

Q3.राष्ट्रीयमध्यम

नीलामी संग्रह में शामिल श्रीनाथजी की पिछवाई चित्रकला किस नगर से आती है?

  1. A.नाथद्वारा
  2. B.पुष्कर
  3. C.करौली
  4. D.बांसवाड़ा
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. नाथद्वारा

व्याख्या

सही उत्तर नाथद्वारा है, जो पिछवाई चित्रकला से जुड़ा नगर है। इस शैली में श्रीनाथजी के मंदिर के लिए कपड़े पर चित्र बनाए जाते हैं। सूची में इन कृतियों के साथ लक्ष्मी और नारायण का फड़ चित्र तथा कृष्ण रासलीला का पट्टचित्र शैली वाला चित्र भी रखा गया है, और ये तीनों भक्ति कथा को कला के जरिये कहने के तरीके हैं। विकल्प पुष्कर गलत है, क्योंकि उसका संबंध ब्रह्मा मंदिर से है, जो राज्य की स्थापत्य धरोहर के रूप में संग्रह में आया है। करौली गलत है, क्योंकि वह कैला माता के साथ आता है, जो संग्रह में दर्शाए गए पूजनीय देवताओं में से एक हैं। बांसवाड़ा गलत है, क्योंकि उसका नाम मानगढ़ धाम के चित्र के लिए आया है। हर कला रूप या स्थल को उसके नगर से जोड़कर याद रखना ऐसे प्रश्नों का सबसे सुरक्षित तरीका है।

Q4.राष्ट्रीयकठिन

पीएम स्मृति चिह्न ई-नीलामी का कौन सा संस्करण 2026 में चल रहा है और वह कब तक खुला है?

  1. A.छठा संस्करण, 30 सितंबर तक
  2. B.सातवां संस्करण, 5 अक्टूबर तक
  3. C.आठवां संस्करण, 2 अक्टूबर तक
  4. D.नौवां संस्करण, 10 अक्टूबर तक
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. आठवां संस्करण, 2 अक्टूबर तक

व्याख्या

सही उत्तर आठवां संस्करण, 2 अक्टूबर तक है। संस्कृति मंत्रालय ने बताया कि इस वर्ष की नीलामी इस श्रृंखला की आठवीं है और बोली अक्टूबर की दूसरी तारीख तक चलेगी, जबकि तिथियाँ, भाग लेने का तरीका तथा पूरी सूची pmmementos.gov.in पोर्टल पर रखी गई है। बाकी विकल्पों में संस्करण की संख्या या अंतिम तिथि बदल दी गई है और केवल इसी कारण वे गलत हो जाते हैं। तथ्यों को याद रखने का सुरक्षित तरीका यह है कि संस्करण को इस सूची के लिए चुने गए राज्य राजस्थान से और उस संग्रह के आकार से जोड़ लिया जाए, जिसमें लोक देवता, चित्रकला, वस्त्र, धरोहर स्थल और खेल से जुड़ी वस्तुएँ शामिल हैं। इस योजना पर प्रश्न आमतौर पर संस्करण, मंत्रालय या पोर्टल के बारे में पूछे जाते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएम स्मृति चिह्न ई-नीलामी का कौन सा संस्करण 2026 में हो रहा है?

आठवां संस्करण। यह 2 अक्टूबर 2026 तक चलेगा और पूरी सूची pmmementos.gov.in पोर्टल पर देखी जा सकती है।

संस्कृति मंत्रालय के बताए संग्रह में राजस्थान की कितनी कलाकृतियाँ हैं?

37 कलाकृतियाँ, जो राज्य के लोक देवताओं, पारंपरिक चित्रकला, वस्त्र परंपरा, स्थापत्य धरोहर और खेल उपलब्धियों से जुड़ी हैं।

संग्रह में शामिल श्रीनाथजी की पिछवाई चित्रकला किस नगर से जुड़ी है?

राजस्थान के नाथद्वारा से। संग्रह में लक्ष्मी-नारायण का फड़ चित्र और कृष्ण रासलीला की पट्टचित्र शैली कृति भी है।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLSSC MTS