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GK24
विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

नैनोमेडिसिन विश्व कांग्रेस 2026 के अध्यक्ष कौन हैं?

  1. A.प्रो. टी. एम. एस. चांग
  2. B.प्रो. योगेश सिंह
  3. C.प्रो. रोजर डी. कोर्नबर्ग
  4. D.प्रो. गोबर्धन दास

सही उत्तर

C. प्रो. रोजर डी. कोर्नबर्ग

व्याख्या

सही उत्तर प्रो. रोजर डी. कोर्नबर्ग हैं, जो अमेरिका के स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से जुड़े नोबेल पुरस्कार विजेता हैं। उन्होंने इस क्षेत्र को नया और तेजी से विकसित होता बताया तथा कहा कि इसकी सबसे बड़ी संभावना यह है कि दवा की उचित मात्रा उचित स्थान पर उचित समय पर पहुँचे, जिससे इलाज का असर बढ़े और विषाक्तता घटे। विकल्प A गलत है, क्योंकि कनाडा के मैकगिल विश्वविद्यालय के प्रो. टी. एम. एस. चांग मानद अध्यक्ष के अलग पद पर हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि प्रो. योगेश सिंह मेजबान दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति के नाते उपस्थित थे, अध्यक्ष के नाते नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि प्रो. गोबर्धन दास नीति आयोग के सदस्य के रूप में उद्घाटन सत्र में शामिल हुए थे।

पूरा लेख पढ़ें: नैनोमेडिसिन विश्व कांग्रेस 2026 नई दिल्ली में शुरू हुई

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Q1.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

नैनोमेडिसिन विश्व कांग्रेस 2026 का उद्घाटन कहाँ हुआ?

  1. A.भारत मंडपम, नई दिल्ली
  2. B.विज्ञान भवन, नई दिल्ली
  3. C.विज्ञान भवन, मुंबई
  4. D.भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. विज्ञान भवन, नई दिल्ली

व्याख्या

सही उत्तर विज्ञान भवन, नई दिल्ली है, जहाँ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री ने इस कांग्रेस का उद्घाटन किया। इसकी मेजबानी दिल्ली विश्वविद्यालय के चिकित्सा विज्ञान संकाय का इंस्टिट्यूट ऑफ नैनो मेडिकल साइंसेज कर रहा है, इसलिए आयोजन राजधानी में हुआ। विकल्प A दिल्ली का ही दूसरा स्थल बताता है, जिसका इस कांग्रेस से कोई संबंध नहीं था। विकल्प C गलत है, क्योंकि विज्ञान भवन राजधानी में है, मुंबई में नहीं, इसलिए भवन का नाम ठीक होते हुए भी शहर गलत होने से पूरा विकल्प गलत हो जाता है। विकल्प D भी गलत है, क्योंकि इस कांग्रेस का कोई सत्र बेंगलुरु में नहीं हुआ। इस आयोजन में 2,000 से अधिक वैज्ञानिक और युवा शोधकर्ता जुटे और यह इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ नैनो मेडिकल साइंसेज तथा इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर नैनो मेडिसिन के अंतर्गत हो रहा है।

Q2.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

जैव प्रौद्योगिकी विभाग नैनोमेडिसिन की कितनी परियोजनाओं को कितनी राशि दे रहा है?

  1. A.120 परियोजनाएँ, 210 करोड़ रुपये
  2. B.210 परियोजनाएँ, 174 करोड़ रुपये
  3. C.174 परियोजनाएँ, 210 करोड़ रुपये
  4. D.310 परियोजनाएँ, 240 करोड़ रुपये
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 210 परियोजनाएँ, 174 करोड़ रुपये

व्याख्या

सही उत्तर 210 परियोजनाएँ, 174 करोड़ रुपये है। मंत्री ने सरकार की मदद का ब्योरा देते हुए यही आंकड़े बताए और कहा कि यह काम लक्षित औषधि वितरण, कैंसर नैनोमेडिसिन, संक्रामक रोग नैनोमेडिसिन, न्यूक्लिक अम्ल एवं टीका वितरण, नैनो निदान एवं इमेजिंग, पुनर्योजी चिकित्सा, घाव भरने तथा नैनो विषविज्ञान और नियामक विज्ञान तक फैला है। विकल्प A और C दोनों आंकड़ों को आपस में उलट देते हैं या नया आंकड़ा गढ़ते हैं, इसलिए वे परियोजनाओं की संख्या को राशि और राशि को संख्या बना देते हैं। विकल्प D में दोनों आंकड़े बढ़ा दिए गए हैं और वह कही गई किसी बात से मेल नहीं खाता। परीक्षार्थियों को यह भी जोड़कर याद रखना चाहिए कि BIRAC की योजनाएँ इस शोध को उद्यम में बदलने में मदद करती हैं।

Q3.विज्ञान और प्रौद्योगिकीकठिन

भारत में नैनो औषधियों के दिशानिर्देश किन तीन संस्थाओं ने मिलकर बनाए हैं?

  1. A.DBT, ICMR और CDSCO
  2. B.DST, CSIR और FSSAI
  3. C.DBT, BIRAC और नीति आयोग
  4. D.ICMR, एम्स और CDSCO
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. DBT, ICMR और CDSCO

व्याख्या

सही उत्तर DBT, ICMR और CDSCO है, यानी जैव प्रौद्योगिकी विभाग, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद तथा केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन। मंत्री ने बताया कि इन तीनों ने मिलकर ऐसा साझा ढाँचा बनाया है, जिससे नैनो औषधि उत्पादों की सुरक्षा, गुणवत्ता और प्रभाव को परखा जा सके, और इससे शोध के साथ-साथ भारत को नियामक आधार भी मिला है। विकल्प B में जो संस्थाएँ गिनाई गई हैं, उनका इस संदर्भ में नाम ही नहीं आया। विकल्प C गलत है, क्योंकि BIRAC का जिक्र नई जैव प्रौद्योगिकी कंपनियों को अनुदान और भागीदारी कार्यक्रम तक पहुँचाने के रास्ते के रूप में हुआ, जबकि नीति आयोग का नाम केवल इसलिए आया कि उसके एक सदस्य सत्र में उपस्थित थे। विकल्प D गलत है, क्योंकि दिशानिर्देश बनाने वालों में कोई अस्पताल शामिल नहीं था।

Q4.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

सीएसआईआर की महानिदेशक और डीएसआईआर की सचिव कौन हैं?

  1. A.डॉ. गीता वाणी रायसम
  2. B.डॉ. एन. कलाइसेल्वी
  3. C.डॉ. मेहर वान
  4. D.डॉ. जितेंद्र सिंह
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. डॉ. एन. कलाइसेल्वी

व्याख्या

सही उत्तर डॉ. एन. कलाइसेल्वी हैं, जो वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद की महानिदेशक होने के साथ वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग की सचिव भी हैं और पत्रिकाओं के विमोचन में उपस्थित रहीं। विकल्प A गलत है, क्योंकि डॉ. गीता वाणी रायसम सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर की निदेशक हैं, जो इन पत्रिकाओं का प्रकाशन करता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि डॉ. मेहर वान उन दो अधिकारियों में से एक हैं जिन्होंने श्री मुकेश अंबादास पुंड के साथ प्रकाशन का समन्वय किया। विकल्प D गलत है, क्योंकि डॉ. जितेंद्र सिंह विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के राज्य मंत्री हैं, जिन्होंने पत्रिकाओं का विमोचन किया, परिषद का नेतृत्व नहीं करते। पद और व्यक्ति का मेल याद रखना जरूरी है। इसके अलावा यह भी याद रखें कि विमोचन का अवसर परिषद का 85वां स्थापना दिवस था और पत्रिकाएं पांच भारतीय भाषाओं में प्रकाशित हुई हैं।

Q5.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर की नई पत्रिका विज्ञान वेलुगु किस भाषा में प्रकाशित होती है?

  1. A.तमिल
  2. B.तेलुगु
  3. C.मराठी
  4. D.असमिया
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. तेलुगु

व्याख्या

सही उत्तर तेलुगु है। विमोचित पांच पत्रिकाओं में विज्ञान वेलुगु तेलुगु भाषा की पत्रिका है। विकल्प A गलत है, क्योंकि तमिल पत्रिका का नाम अरिवियाल अरिक्कैयालर है। विकल्प C गलत है, क्योंकि मराठी पत्रिका विद्न्यान क्षितिज है। विकल्प D गलत है, क्योंकि असमिया पत्रिका बिग्यान लहर है, जबकि बंगाली पत्रिका का नाम बिग्यान ब्रिटान्टो है। ये सभी पत्रिकाएं सीएसआईआर-राष्ट्रीय विज्ञान संचार एवं नीति अनुसंधान संस्थान प्रकाशित करता है और इनमें अनुवादित सामग्री के साथ अपने क्षेत्र के मौलिक लेख भी रहते हैं। हर पत्रिका को उसकी भाषा के साथ मिलाकर याद रखना सबसे उपयोगी है, क्योंकि परीक्षा में यही जोड़ी पूछी जाती है। यह भी ध्यान रखें कि इन पांच नई पत्रिकाओं के जुड़ने से संस्थान का लोकप्रिय विज्ञान प्रकाशन तीन भाषाओं से बढ़कर आठ भाषाओं तक पहुंच गया है, और यही विस्तार इस समाचार का सबसे बड़ा तथ्य है, जिस पर सीधा प्रश्न बन सकता है।