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चेन्नई में विंडर्जी इंडिया 2026, पवन क्षमता 58.52 गीगावाट

आठवां विंडर्जी इंडिया 7 से 9 अक्टूबर 2026 तक चेन्नई व्यापार केंद्र में होगा, जब देश की कुल स्थापित पवन ऊर्जा क्षमता 58.52 गीगावाट पर पहुंच चुकी है।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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चेन्नई में विंडर्जी इंडिया 2026, पवन क्षमता 58.52 गीगावाट — GK24 title card

चर्चा में क्यों

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने 5 अक्टूबर 2026 को बताया कि केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी चेन्नई व्यापार केंद्र में 7 से 9 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले आठवें विंडर्जी इंडिया का उद्घाटन करेंगे, जब देश की कुल पवन क्षमता 58.52 गीगावाट पहुंच चुकी है।

देश के सबसे बड़े पवन ऊर्जा आयोजन विंडर्जी इंडिया का आठवां संस्करण 7 से 9 अक्टूबर 2026 तक चेन्नई व्यापार केंद्र में होगा। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा, शिक्षा तथा उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रल्हाद जोशी इसका उद्घाटन 8 अक्टूबर 2026 को करेंगे। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने यह जानकारी 5 अक्टूबर 2026 को दी।

पवन क्षेत्र की स्थिति

मंत्रालय ने आयोजन के साथ क्षेत्र के आंकड़े भी रखे। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने रिकॉर्ड 6.05 गीगावाट पवन क्षमता जोड़ी। अगस्त 2026 तक कुल स्थापित पवन क्षमता 58.52 गीगावाट पहुंच गई, और 28 गीगावाट पर काम चल रहा है। क्षेत्र का लक्ष्य 2030 तक 100 गीगावाट पवन क्षमता है।

कौन शामिल होंगे

उद्घाटन सत्र में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा तथा विद्युत राज्य मंत्री श्रीपाद येसो नाइक और तमिलनाडु के ऊर्जा संसाधन एवं विधि मंत्री सी. टी. आर. निर्मल कुमार भी रहेंगे, साथ ही केंद्र व राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी और पवन उद्योग संगठन। उद्घाटन पर वैश्विक समझौता ज्ञापनों की घोषणा होगी, क्षेत्र की प्रमुख रिपोर्टें जारी होंगी और पवन ऊर्जा में अग्रणी राज्यों को सम्मानित किया जाएगा।

आयोजन का आकार

विंडर्जी इंडिया 2026 तीन दिन के व्यापार मेले और दो दिन के सम्मेलन के रूप में रखा गया है, जिसमें तकनीकी सत्र, गोलमेज चर्चाएं, सजीव प्रदर्शन, व्यापार-से-व्यापार और व्यापार-से-सरकार बैठकें तथा शिक्षा जगत से संपर्क शामिल हैं। 20 से अधिक देशों के लगभग 400 प्रदर्शक और करीब 500 प्रतिनिधि अपेक्षित हैं, तथा डेनमार्क, जर्मनी और स्पेन के देश मंडप लगेंगे।

चर्चा के विषय

प्रदर्शित तकनीक में अगली पीढ़ी के टर्बाइन प्लेटफॉर्म, भारी गियरबॉक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित परिचालन एवं रखरखाव और अपतटीय पवन ऊर्जा शामिल हैं। सम्मेलन सत्रों में नीतिगत ढांचे, विनिर्माण प्रतिस्पर्धा, रीपावरिंग रणनीति और अपतटीय संभावनाओं पर बात होगी। रीपावरिंग का अर्थ है किसी पुराने पवन स्थल पर छोटी एवं पुरानी टर्बाइनों को आधुनिक मशीनों से बदलना, जिससे नई जमीन के बिना उत्पादन बढ़ता है। आयोजन भारतीय पवन टर्बाइन निर्माता संघ और पीडीए वेंचर्स कर रहे हैं, जिसे नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय तथा विद्युत मंत्रालय का सहयोग है।

महत्वपूर्ण तथ्य

आयोजनविंडर्जी इंडिया 2026, आठवां संस्करण
तिथि और स्थान7 से 9 अक्टूबर 2026, चेन्नई व्यापार केंद्र
उद्घाटनकेंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी, 8 अक्टूबर 2026
आयोजकभारतीय पवन टर्बाइन निर्माता संघ और पीडीए वेंचर्स, एमएनआरई तथा विद्युत मंत्रालय के सहयोग से
2025-26 में जोड़ी क्षमतारिकॉर्ड 6.05 गीगावाट
कुल पवन क्षमताअगस्त 2026 तक 58.52 गीगावाट
निर्माणाधीन28 गीगावाट
लक्ष्य2030 तक 100 गीगावाट पवन क्षमता
भागीदारी20 से अधिक देशों के लगभग 400 प्रदर्शक और 500 प्रतिनिधि

परीक्षा की दृष्टि से

संस्करण (आठवां), तिथियां (7 से 9 अक्टूबर 2026), स्थान (चेन्नई व्यापार केंद्र), उद्घाटनकर्ता (प्रल्हाद जोशी), आयोजक (भारतीय पवन टर्बाइन निर्माता संघ और पीडीए वेंचर्स) तथा पवन आंकड़े — 2025-26 में 6.05 गीगावाट की वृद्धि, अगस्त 2026 तक 58.52 गीगावाट, 28 गीगावाट निर्माणाधीन और 2030 तक 100 गीगावाट का लक्ष्य याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.पर्यावरणमध्यम

अगस्त 2026 तक भारत की कुल स्थापित पवन ऊर्जा क्षमता कितनी थी?

  1. A.48.52 गीगावाट
  2. B.52.85 गीगावाट
  3. C.58.52 गीगावाट
  4. D.65.20 गीगावाट
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 58.52 गीगावाट

व्याख्या

सही उत्तर 58.52 गीगावाट है। विंडर्जी इंडिया से पहले नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने जो आंकड़े दिए, उनके अनुसार अगस्त 2026 तक देश की कुल स्थापित पवन क्षमता यही थी। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने रिकॉर्ड 6.05 गीगावाट पवन क्षमता जोड़ी और 28 गीगावाट पर काम चल रहा है, जो 2030 तक 100 गीगावाट के लक्ष्य तक पहुंचाने वाली श्रृंखला है। अभ्यर्थी तीनों आंकड़ों को अलग रखें — एक पहले से स्थापित क्षमता है, दूसरा एक वर्ष में जोड़ी गई क्षमता और तीसरा अभी निर्माणाधीन क्षमता। विकल्प A, B और D ऐसे मिलते-जुलते आंकड़े हैं जो अंक याद रखने पर भी क्रम भूलने वाले अभ्यर्थी को फंसा सकते हैं। इसी कारण इन आंकड़ों को वर्ष और संदर्भ के साथ जोड़कर याद रखना परीक्षा में अधिक सुरक्षित रहता है।

Q2.पर्यावरणआसान

पवन ऊर्जा आयोजन विंडर्जी इंडिया 2026 का आठवां संस्करण किस शहर में हो रहा है?

  1. A.नई दिल्ली
  2. B.चेन्नई
  3. C.अहमदाबाद
  4. D.पुणे
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. चेन्नई

व्याख्या

सही उत्तर चेन्नई है, जहां आठवां संस्करण चेन्नई व्यापार केंद्र में 7 से 9 अक्टूबर 2026 तक हो रहा है। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी इसका उद्घाटन 8 अक्टूबर 2026 को करेंगे, और उनके साथ नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा तथा विद्युत राज्य मंत्री और तमिलनाडु के ऊर्जा संसाधन एवं विधि मंत्री भी रहेंगे। शहर का चुनाव संयोग नहीं है, क्योंकि पवन उत्पादन में तमिलनाडु का रिकॉर्ड देश के सबसे पुराने रिकॉर्डों में है। आयोजन भारतीय पवन टर्बाइन निर्माता संघ और पीडीए वेंचर्स दो केंद्रीय मंत्रालयों के सहयोग से कर रहे हैं, और इसमें 20 से अधिक देशों के लगभग 400 प्रदर्शक अपेक्षित हैं। बाकी शहर आयोजन स्थल नहीं हैं। आयोजन स्थल, संस्करण संख्या और उद्घाटन करने वाले मंत्री का नाम एक साथ याद रखना इस प्रश्न के हर रूप का उत्तर दे देता है।

Q3.पर्यावरणमध्यम

वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने कितनी पवन ऊर्जा क्षमता जोड़ी?

  1. A.3.45 गीगावाट
  2. B.4.15 गीगावाट
  3. C.6.05 गीगावाट
  4. D.8.60 गीगावाट
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 6.05 गीगावाट

व्याख्या

सही उत्तर 6.05 गीगावाट है, जिसे मंत्रालय ने भारत में पवन ऊर्जा की रिकॉर्ड वार्षिक वृद्धि बताया है। इस वृद्धि के साथ अगस्त 2026 तक कुल पवन क्षमता 58.52 गीगावाट हो गई, और 2030 तक 100 गीगावाट पवन क्षमता के लक्ष्य की दिशा में 28 गीगावाट पर काम चल रहा है। विकल्प A, B और D इस घोषणा के आंकड़े नहीं हैं। परीक्षक इस प्रश्न में वार्षिक वृद्धि और कुल क्षमता के अंतर को परखना पसंद करते हैं, इसलिए दोनों आंकड़ों को उनके वर्ष के साथ जोड़कर याद करना उपयोगी है। यह घोषणा विंडर्जी इंडिया 2026 से पहले आई, जहां वैश्विक समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर होंगे और पवन क्षेत्र में अग्रणी राज्यों को सम्मानित किया जाएगा। वार्षिक वृद्धि, कुल क्षमता, निर्माणाधीन क्षमता और लक्ष्य — इन चारों को क्रम में लिखकर याद करना सबसे उपयोगी तरीका है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत की स्थापित पवन ऊर्जा क्षमता कितनी है?

अगस्त 2026 तक कुल स्थापित पवन क्षमता 58.52 गीगावाट पहुंच गई, जिसमें वित्त वर्ष 2025-26 की रिकॉर्ड 6.05 गीगावाट वृद्धि शामिल है। 28 गीगावाट पर काम चल रहा है।

विंडर्जी इंडिया 2026 कहां हो रहा है?

चेन्नई व्यापार केंद्र में 7 से 9 अक्टूबर 2026 तक। यह आठवां संस्करण है और इसका उद्घाटन केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी 8 अक्टूबर 2026 को करेंगे।

विंडर्जी इंडिया का आयोजन कौन करता है?

भारतीय पवन टर्बाइन निर्माता संघ और पीडीए वेंचर्स, जिसे नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय तथा विद्युत मंत्रालय का सहयोग मिलता है।

स्रोत

करेंट अफेयर्स 5 अक्टूबर 2026

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