अगस्त 2026 तक भारत की कुल स्थापित पवन ऊर्जा क्षमता कितनी थी?
- A.48.52 गीगावाट
- B.52.85 गीगावाट
- C.58.52 गीगावाट
- D.65.20 गीगावाट
सही उत्तर
C. 58.52 गीगावाट
व्याख्या
सही उत्तर 58.52 गीगावाट है। विंडर्जी इंडिया से पहले नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने जो आंकड़े दिए, उनके अनुसार अगस्त 2026 तक देश की कुल स्थापित पवन क्षमता यही थी। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने रिकॉर्ड 6.05 गीगावाट पवन क्षमता जोड़ी और 28 गीगावाट पर काम चल रहा है, जो 2030 तक 100 गीगावाट के लक्ष्य तक पहुंचाने वाली श्रृंखला है। अभ्यर्थी तीनों आंकड़ों को अलग रखें — एक पहले से स्थापित क्षमता है, दूसरा एक वर्ष में जोड़ी गई क्षमता और तीसरा अभी निर्माणाधीन क्षमता। विकल्प A, B और D ऐसे मिलते-जुलते आंकड़े हैं जो अंक याद रखने पर भी क्रम भूलने वाले अभ्यर्थी को फंसा सकते हैं। इसी कारण इन आंकड़ों को वर्ष और संदर्भ के साथ जोड़कर याद रखना परीक्षा में अधिक सुरक्षित रहता है।
पूरा लेख पढ़ें: चेन्नई में विंडर्जी इंडिया 2026, पवन क्षमता 58.52 गीगावाट
अभ्यास प्रश्न
पवन ऊर्जा आयोजन विंडर्जी इंडिया 2026 का आठवां संस्करण किस शहर में हो रहा है?
- A.नई दिल्ली
- B.चेन्नई
- C.अहमदाबाद
- D.पुणे
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. चेन्नई
व्याख्या
सही उत्तर चेन्नई है, जहां आठवां संस्करण चेन्नई व्यापार केंद्र में 7 से 9 अक्टूबर 2026 तक हो रहा है। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी इसका उद्घाटन 8 अक्टूबर 2026 को करेंगे, और उनके साथ नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा तथा विद्युत राज्य मंत्री और तमिलनाडु के ऊर्जा संसाधन एवं विधि मंत्री भी रहेंगे। शहर का चुनाव संयोग नहीं है, क्योंकि पवन उत्पादन में तमिलनाडु का रिकॉर्ड देश के सबसे पुराने रिकॉर्डों में है। आयोजन भारतीय पवन टर्बाइन निर्माता संघ और पीडीए वेंचर्स दो केंद्रीय मंत्रालयों के सहयोग से कर रहे हैं, और इसमें 20 से अधिक देशों के लगभग 400 प्रदर्शक अपेक्षित हैं। बाकी शहर आयोजन स्थल नहीं हैं। आयोजन स्थल, संस्करण संख्या और उद्घाटन करने वाले मंत्री का नाम एक साथ याद रखना इस प्रश्न के हर रूप का उत्तर दे देता है।
वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने कितनी पवन ऊर्जा क्षमता जोड़ी?
- A.3.45 गीगावाट
- B.4.15 गीगावाट
- C.6.05 गीगावाट
- D.8.60 गीगावाट
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 6.05 गीगावाट
व्याख्या
सही उत्तर 6.05 गीगावाट है, जिसे मंत्रालय ने भारत में पवन ऊर्जा की रिकॉर्ड वार्षिक वृद्धि बताया है। इस वृद्धि के साथ अगस्त 2026 तक कुल पवन क्षमता 58.52 गीगावाट हो गई, और 2030 तक 100 गीगावाट पवन क्षमता के लक्ष्य की दिशा में 28 गीगावाट पर काम चल रहा है। विकल्प A, B और D इस घोषणा के आंकड़े नहीं हैं। परीक्षक इस प्रश्न में वार्षिक वृद्धि और कुल क्षमता के अंतर को परखना पसंद करते हैं, इसलिए दोनों आंकड़ों को उनके वर्ष के साथ जोड़कर याद करना उपयोगी है। यह घोषणा विंडर्जी इंडिया 2026 से पहले आई, जहां वैश्विक समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर होंगे और पवन क्षेत्र में अग्रणी राज्यों को सम्मानित किया जाएगा। वार्षिक वृद्धि, कुल क्षमता, निर्माणाधीन क्षमता और लक्ष्य — इन चारों को क्रम में लिखकर याद करना सबसे उपयोगी तरीका है।
फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात करने वाले सीएक्यूएम ने इस तैनाती से संबंधित पत्र किस संस्था को भेजा था?
- A.केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
- B.राष्ट्रीय हरित अधिकरण
- C.भारत मौसम विज्ञान विभाग
- D.राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
व्याख्या
सही उत्तर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड है। विज्ञप्ति के अनुसार फ्लाइंग स्क्वॉड की तैनाती सीएक्यूएम द्वारा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भेजे गए पत्र के बाद की गई, जिसे सामान्यतः सीपीसीबी लिखा जाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि राष्ट्रीय हरित अधिकरण पर्यावरण से जुड़े विवादों का न्यायिक निकाय है और इस तैनाती में उसका उल्लेख नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि भारत मौसम विज्ञान विभाग मौसम पूर्वानुमान का काम करता है और यहां उसकी कोई भूमिका नहीं बताई गई। विकल्प D गलत है, क्योंकि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण आपदा प्रबंधन से जुड़ा है और विज्ञप्ति में उसका जिक्र नहीं है। सीएक्यूएम का पूरा नाम राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और निकटवर्ती क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग है, और मैदान में दल राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों, राज्य नोडल अधिकारियों, जिला अधिकारियों, पराली सुरक्षा बल तथा किसानों के साथ समन्वय करते हैं।
पंजाब और हरियाणा में फ्लाइंग स्क्वॉड की तैनाती किस अवधि के लिए की गई है?
- A.01 सितंबर से 31 अक्टूबर 2026
- B.01 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026
- C.15 अक्टूबर से 15 दिसंबर 2026
- D.01 नवंबर से 31 दिसंबर 2026
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 01 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026
व्याख्या
सही उत्तर 01 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 है। विज्ञप्ति में तैनाती की अवधि ठीक यही बताई गई है, क्योंकि पंजाब और हरियाणा में इसी दौरान धान की कटाई होती है तथा फसल अवशेष जलाने की घटनाएं सबसे अधिक होती हैं, और यही वह समय भी है जब राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की वायु गुणवत्ता तेजी से गिरती है। विकल्प A, C और D गलत हैं, क्योंकि ये अवधि को विज्ञप्ति में बताए कटाई मौसम से पहले या बाद खिसका देते हैं, जबकि आयोग ने तैनाती को इसी अवधि के भीतर क्रमिक चरणों में व्यवस्थित किया है। इस अवधि में दलों को अलग-अलग समय के लिए जिले सौंपे गए हैं, जिससे मौसम के बीच निगरानी न टूटे। दल किसानों, पराली सुरक्षा बल, जिला स्तर के अधिकारियों, राज्य सरकार के नोडल अधिकारियों तथा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों के साथ काम करते हैं और प्रतिदिन रिपोर्ट देते हैं।
सीएक्यूएम ने पराली जलाने की रोकथाम के लिए पंजाब और हरियाणा के कितने जिलों में फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात किए हैं?
- A.24 जिले
- B.30 जिले
- C.34 जिले
- D.42 जिले
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 34 जिले
व्याख्या
सही उत्तर 34 जिले है। पर्यावरण मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार दोनों राज्यों के 34 जिलों में 01 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 की अवधि के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात किए गए हैं, और इसमें पंजाब के 18 तथा हरियाणा के 16 जिले बताए गए हैं। विकल्प A, B और D गलत हैं, क्योंकि ये विज्ञप्ति में दिए आंकड़े से मेल नहीं खाते, और अठारह तथा सोलह का योग केवल चौंतीस ही बनता है। पंजाब के लिए नामित जिलों में संगरूर, तरनतारन, फिरोजपुर, बठिंडा, अमृतसर, पटियाला और लुधियाना शामिल हैं, जबकि हरियाणा के लिए जींद, फतेहाबाद, हिसार, कैथल, करनाल तथा कुरुक्षेत्र जैसे जिले बताए गए हैं। यह तैनाती सीएक्यूएम द्वारा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पत्र भेजने के बाद हुई, और दल जमीनी स्थिति की रिपोर्ट एसएएस नगर स्थित सीएक्यूएम सेल को प्रतिदिन देते हैं। परीक्षार्थी को कुल आंकड़े के साथ राज्यवार बंटवारा भी याद रखना चाहिए।