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GK24
अर्थव्यवस्थाआसान

व्यय पद्धति से सकल राज्य घरेलू उत्पाद के अनुमानों के मसौदा दिशानिर्देश में कौन-सा आधार वर्ष लिया गया है?

  1. A.2011-12
  2. B.2017-18
  3. C.2022-23
  4. D.2024-25

सही उत्तर

C. 2022-23

व्याख्या

सही उत्तर 2022-23 है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने व्यय पक्ष से सकल राज्य घरेलू उत्पाद के अनुमान तैयार करने का मसौदा दिशानिर्देश इसी आधार वर्ष को मानकर बनाया है, और पूरी रूपरेखा संशोधित आधार वर्ष व्यवस्था के अंतर्गत काम करती है। विकल्प A, B और D गलत हैं क्योंकि इस कवायद के लिए विज्ञप्ति में केवल एक आधार वर्ष बताया गया है और वह इनमें से कोई नहीं; इन्हें केवल भ्रमित करने वाले विकल्प के रूप में रखा गया है, क्योंकि आधार वर्ष समय-समय पर संशोधित होते रहते हैं। परीक्षा के लिए तीन बातें साथ जोड़कर याद रखें: दस्तावेज़ जारी करने वाली संस्था राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, उसका मंत्रालय सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन, और आधार वर्ष 2022-23। यह भी ध्यान रखें कि हितधारकों से सुझाव 28 अक्टूबर 2026 तक माँगे गए थे।

पूरा लेख पढ़ें: व्यय पद्धति से जीएसडीपी पर एनएसओ का मसौदा जारी

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Q1.अर्थव्यवस्थामध्यम

विज्ञप्ति के अनुसार कौन-सा व्यय घटक अभी किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश द्वारा तैयार नहीं किया जा रहा है?

  1. A.सकल स्थिर पूँजी निर्माण
  2. B.सरकारी अंतिम उपभोग व्यय
  3. C.निजी अंतिम उपभोग व्यय
  4. D.शुद्ध निर्यात
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. निजी अंतिम उपभोग व्यय

व्याख्या

सही उत्तर निजी अंतिम उपभोग व्यय है, जिसे संक्षेप में पीएफसीई कहा जाता है। विज्ञप्ति स्पष्ट कहती है कि कुछ राज्य और केंद्र शासित प्रदेश सकल स्थिर पूँजी निर्माण तथा सरकारी अंतिम उपभोग व्यय के अनुमान तैयार करते हैं, परंतु निजी अंतिम उपभोग व्यय के अनुमान अभी कोई भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश तैयार नहीं कर रहा। इसी कारण विकल्प A और B गलत हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि शुद्ध निर्यात उन घटकों में गिना गया है जिन्हें रूपरेखा में शामिल किया गया है, उस घटक के रूप में नहीं जो हर जगह अनुपस्थित है। इसलिए मसौदा दिशानिर्देश राज्य स्तर पर इन घटकों को बनाने के लिए अवधारणाएँ, दायरा, आँकड़ों के स्रोत और आकलन पद्धतियाँ देता है। यह भी याद रखें कि मसौदा दिशानिर्देश 2022-23 को आधार वर्ष मानकर बना है और हितधारकों से 28 अक्टूबर 2026 तक सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से सुझाव माँगे गए थे, जबकि वास्तविक संकलन का काम राज्य अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालयों के पास रहेगा।

Q2.अर्थव्यवस्थामध्यम

व्यय पद्धति से जीएसडीपी अनुमानों का मसौदा दिशानिर्देश किस संस्था ने जारी किया?

  1. A.नीति आयोग
  2. B.राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय
  3. C.भारतीय रिज़र्व बैंक
  4. D.वित्त आयोग
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय

व्याख्या

सही उत्तर राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय है, जो सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अधीन काम करता है। उसने व्यय पक्ष से सकल राज्य घरेलू उत्पाद के अनुमान तैयार करने का मसौदा दिशानिर्देश बनाया और उसे व्यापक प्रसार तथा प्रतिक्रिया के लिए मंत्रालय की वेबसाइट पर रखा। विकल्प A गलत है क्योंकि नीति आयोग सरकार का नीति थिंक टैंक है और राष्ट्रीय लेखा तैयार नहीं करता। विकल्प C गलत है क्योंकि भारतीय रिज़र्व बैंक देश का केंद्रीय बैंक और मौद्रिक प्राधिकरण है, भले वह राज्य वित्त पर अपने अध्ययन प्रकाशित करता हो। विकल्प D गलत है क्योंकि वित्त आयोग संघ और राज्यों के बीच करों के बँटवारे की सिफारिश करता है। नए दिशानिर्देश के तहत वास्तविक संकलन राज्य अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालय करेंगे।

Q3.अर्थव्यवस्थाकठिन

नीलामी के लिए पंजीकरण, तकनीकी बोली और बयाना राशि जमा करने की अंतिम तिथि क्या है?

  1. A.29 अक्टूबर 2026
  2. B.3 नवंबर 2026
  3. C.19 नवंबर 2026
  4. D.23 नवंबर 2026
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 19 नवंबर 2026

व्याख्या

सही उत्तर 19 नवंबर 2026 है। पंजीकरण, तकनीकी बोली और बयाना राशि या बैंक गारंटी इसी तिथि तक निगम के पास पहुंचनी चाहिए, जिसके बाद तकनीकी बोलियां 20 नवंबर 2026 को खोली जाएंगी। विकल्प A की तारीख नीलामी से जुड़े प्रश्न भेजने की अंतिम तिथि है, बोली जमा करने की नहीं। विकल्प B की तारीख नई दिल्ली में होने वाली पूर्व-बोली बैठक की है, जिसमें संभावित बोलीदाताओं को प्रक्रिया समझाई जाएगी। विकल्प D की तारीख मॉक नीलामी की है, जो असली बोली से पहले किया जाने वाला अभ्यास है; ई-नीलामी की तारीख तकनीकी बोलियां खुलने के बाद ही बताई जाएगी। इस प्रश्न का उद्देश्य यही कैलेंडर क्रम में रखना है, क्योंकि चारों तारीखें एक ही नीलामी से जुड़ी हैं और आपस में आसानी से भ्रमित हो जाती हैं।

Q4.अर्थव्यवस्थामध्यम

मौद्रीकरण के लिए रखे गए इस भूखंड का अनुमानित क्षेत्र कितना है?

  1. A.2.119 एकड़
  2. B.5.119 एकड़
  3. C.15.119 एकड़
  4. D.51.19 एकड़
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 5.119 एकड़

व्याख्या

सही उत्तर 5.119 एकड़ है, जो लगभग 20,722.93 वर्ग मीटर के बराबर बैठता है। इस भूखंड का भू-उपयोग औद्योगिक है और इसे ई-निविदा के बाद ई-नीलामी के जरिये सीधी बिक्री के लिए रखा गया है। विज्ञप्ति में साफ कहा गया है कि क्षेत्र संकेतात्मक है और वास्तविक माप सफल बोलीदाता के साथ किए जाने वाले संयुक्त सर्वेक्षण से तय होगा, इसलिए आंकड़े के साथ यह शर्त भी याद रखनी चाहिए। विकल्प A, विकल्प C और विकल्प D एक अंक बदलकर या दशमलव हटाकर बनाए गए हैं, और वस्तुनिष्ठ प्रश्नपत्रों में भ्रम इसी तरह गढ़े जाते हैं। अभ्यर्थी भूखंड को उसके दोनों मापों, एकड़ और वर्ग मीटर, के साथ जोड़कर याद रखें और यह भी ध्यान रखें कि बिक्री जहां है जैसी है के आधार पर हो रही है।

Q5.अर्थव्यवस्थामध्यम

राष्ट्रीय भूमि मौद्रीकरण निगम किस विभाग के अंतर्गत काम करता है?

  1. A.लोक उद्यम विभाग, वित्त मंत्रालय
  2. B.भूमि संसाधन विभाग, ग्रामीण विकास मंत्रालय
  3. C.उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग
  4. D.व्यय विभाग, गृह मंत्रालय
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. लोक उद्यम विभाग, वित्त मंत्रालय

व्याख्या

सही उत्तर लोक उद्यम विभाग, वित्त मंत्रालय है। एनएलएमसी इसी विभाग के अंतर्गत है और उसका गठन केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों तथा अन्य सरकारी संस्थाओं की अतिरिक्त भूमि और गैर-प्रमुख परिसंपत्तियों के मौद्रीकरण में मदद के लिए हुआ था। इस मामले में वह भूखंड के स्वामी एचआईएल (इंडिया) लिमिटेड की ओर से बिक्री प्रक्रिया चला रहा है। विकल्प B का भूमि संसाधन विभाग ग्रामीण विकास मंत्रालय के अंतर्गत भूमि अभिलेख और जलग्रहण कार्यक्रम देखता है, उपक्रमों की परिसंपत्ति बेचने से उसका संबंध नहीं है। विकल्प C का उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग औद्योगिक नीति और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश से जुड़े विषय देखता है। विकल्प D में व्यय विभाग को गलत मंत्रालय के साथ जोड़ा गया है, क्योंकि वह विभाग वित्त मंत्रालय का हिस्सा है, गृह मंत्रालय का नहीं। अभ्यर्थी यह क्रम याद रखें: एनएलएमसी, लोक उद्यम विभाग, वित्त मंत्रालय।