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अंतर्राष्ट्रीय गिद्ध जागरूकता दिवस 2026 पंचकुला में मनाया गया

केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने पंचकुला में 'संकट से उबरना' विषय पर राष्ट्रीय गिद्ध कार्यशाला शुरू की और 'जटायु की कहानी' नामक पुस्तक जारी की।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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अंतर्राष्ट्रीय गिद्ध जागरूकता दिवस 2026 पंचकुला में मनाया गया

चर्चा में क्यों

पंचकुला में 6 सितंबर 2026 को अंतर्राष्ट्रीय गिद्ध जागरूकता दिवस मनाया गया। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने वहां देश भर के विशेषज्ञों की कार्यशाला शुरू की, जिसका विषय गिद्धों को संकट से बाहर लाना था।

अंतर्राष्ट्रीय गिद्ध जागरूकता दिवस 2026 6 सितंबर 2026 को हरियाणा के पंचकुला में मनाया गया। केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने उसी दिन एक राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्घाटन किया। इसका विषय था 'संकट से उबरना - भारत के गिद्धों का संरक्षण'

आयोजन किसने किया

पर्यावरण मंत्रालय ने यह कार्यक्रम केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण, हरियाणा वन एवं वन्यजीव विभाग, बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी और पिंजौर स्थित जटायु संरक्षण प्रजनन केंद्र के साथ मिलकर किया। हरियाणा के पर्यावरण, वन और वन्यजीव मंत्री राव नरबीर सिंह ने भी संबोधित किया। वन अधिकारी, वैज्ञानिक, पशु चिकित्सक और चिड़ियाघर विशेषज्ञ शामिल हुए।

गिद्ध क्यों जरूरी हैं

मंत्री ने गिद्धों को प्रकृति की अपनी सफाई व्यवस्था कहा। ये शवों को तेजी से खा जाते हैं, जिससे पोषक तत्वों का पुनर्चक्रण होता है और पारिस्थितिक संतुलन बना रहता है। उन्होंने 1990 के दशक से भारत में गिद्धों की संख्या में आई तेज गिरावट का जिक्र किया। इसके दो कारण बताए गए: उनकी खाद्य श्रृंखला का टूटना, और पशुओं को दी जाने वाली दर्द निवारक दवाएं जो गिद्धों के पेट में पहुंचीं। भारत में नौ तरह के निवासी और प्रवासी गिद्ध रहते हैं: श्वेत-पूंछ वाले, लंबी चोंच वाले, पतली चोंच वाले, लाल सिर वाले, मिस्र के, हिमालयी ग्रिफॉन, यूरेशियन ग्रिफॉन, सिनेरियस और दाढ़ी वाले।

जटायु केंद्र का काम

मंत्री ने दिन की शुरुआत पिंजौर केंद्र से की, जो हरियाणा वन विभाग और बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी की साझा पहल है। यह श्वेत-पूंछ वाले, लंबी चोंच वाले और पतली चोंच वाले गिद्धों का प्रजनन कराता है तथा वैज्ञानिक पालन-पोषण, कृत्रिम ऊष्मायन, पशु चिकित्सा देखभाल और आनुवंशिक प्रबंधन संभालता है।

2025-26 का कामसंख्या
आश्रय पाए गिद्ध356
प्रजनन से जन्मे चूजे35
पुनर्वास के लिए छोड़े या दिए गए गिद्ध87
अन्य प्रजनन संस्थानों को भेजे गए पक्षी90
प्रशिक्षित प्रतिभागी22 संस्थानों के 1,222

मंत्री ने क्या मांगा

श्री यादव ने और गिद्ध सुरक्षित क्षेत्र बनाने को कहा, जो गिद्ध-सुरक्षित पशु चिकित्सा पद्धतियों और सुरक्षित भोजन की उपलब्धता से बनें। उन्होंने तकनीकी क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया ताकि ये पक्षी जंगल में फिर पनप सकें, और पशु चिकित्सकों, पशुपालकों, स्थानीय प्रशासनों तथा समुदायों से सुरक्षित शव प्रबंधन की अपील की। उन्होंने सरकार के दृष्टिकोण को किसी एक प्रजाति तक सीमित न बताकर पूरे पारिस्थितिकी तंत्र पर केंद्रित बताया और बड़ी बिल्लियों, सुस्त भालू, ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, डॉल्फिन, घड़ियाल तथा जंगली जल भैंस पर हो रहे काम का हवाला दिया। उद्घाटन सत्र में 'जटायु की कहानी: भारत के गिद्धों का संरक्षण' नामक कॉफी टेबल बुक जारी हुई और गिद्ध संरक्षण पर ऑनलाइन चित्रकला तथा डिजिटल फोटोग्राफी प्रतियोगिताओं के पुरस्कार बांटे गए।

महत्वपूर्ण तथ्य

अवसरअंतर्राष्ट्रीय गिद्ध जागरूकता दिवस 2026
स्थानपंचकुला, हरियाणा
कार्यशाला का विषयसंकट से उबरना - भारत के गिद्धों का संरक्षण
नेतृत्वभूपेंद्र यादव, केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री
हरियाणा के मंत्रीराव नरबीर सिंह
प्रजनन केंद्रजटायु संरक्षण प्रजनन केंद्र, पिंजौर
2025-26 में आश्रय पाए गिद्ध356, तथा 35 चूजों का प्रजनन
प्रशिक्षण22 संस्थानों के 1,222 प्रतिभागी
जारी पुस्तकजटायु की कहानी: भारत के गिद्धों का संरक्षण
गिरावट का कारणखाद्य श्रृंखला का टूटना और पशुओं पर दर्द निवारक दवाओं का उपयोग, 1990 के दशक से

परीक्षा की दृष्टि से

स्थान (पंचकुला, हरियाणा), कार्यशाला का विषय, मंत्री (भूपेंद्र यादव), साझेदार संस्थाएं जिनमें केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण और बीएनएचएस शामिल हैं, पिंजौर का जटायु संरक्षण प्रजनन केंद्र और उसके 2025-26 के आंकड़े, जारी पुस्तक तथा 1990 के दशक से गिद्धों की गिरावट का कारण याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.पर्यावरणमध्यम

अंतर्राष्ट्रीय गिद्ध जागरूकता दिवस 2026 पर आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला का विषय क्या था?

  1. A.आशा के पंख
  2. B.संकट से उबरना - भारत के गिद्धों का संरक्षण
  3. C.सफाईकर्मियों को बचाएं
  4. D.स्वच्छ भारत के लिए गिद्ध
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. संकट से उबरना - भारत के गिद्धों का संरक्षण

व्याख्या

सही उत्तर 'संकट से उबरना - भारत के गिद्धों का संरक्षण' है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने हरियाणा के पंचकुला में इसी विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्घाटन किया, और विज्ञप्ति अंत में भी इसी वाक्यांश से उस यात्रा को बताती है जो देश ने विज्ञान, नीति, संरक्षण प्रजनन, सुरक्षित भूदृश्यों और सामुदायिक भागीदारी के जरिये तय की है। विकल्प A, C और D गढ़े हुए नारे हैं और विज्ञप्ति में इनमें से कोई नहीं आता। विषय को पूरे आयोजन के ब्योरे के साथ याद रखें, क्योंकि प्रश्न इसी तरह बनते हैं: अवसर है अंतर्राष्ट्रीय गिद्ध जागरूकता दिवस 2026, स्थान है हरियाणा का पंचकुला, मंत्री हैं भूपेंद्र यादव, हरियाणा के मंत्री हैं राव नरबीर सिंह, और साझेदार हैं केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण, हरियाणा वन एवं वन्यजीव विभाग, बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी तथा पिंजौर का जटायु संरक्षण प्रजनन केंद्र।

Q2.पर्यावरणमध्यम

पिंजौर के जटायु संरक्षण प्रजनन केंद्र ने 2025-26 में कितने गिद्धों को आश्रय दिया?

  1. A.245
  2. B.356
  3. C.412
  4. D.180
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 356

व्याख्या

सही उत्तर 356 है। विज्ञप्ति दर्ज करती है कि पिंजौर के जटायु संरक्षण प्रजनन केंद्र ने 2025-26 में इतने गिद्धों को आश्रय दिया और इसी अवधि में 35 चूजों का सफल प्रजनन कराया। केंद्र के उस साल का बाकी ब्योरा भी साथ याद रखें, क्योंकि उसकी किसी भी पंक्ति से प्रश्न बन सकता है: 87 गिद्ध प्राकृतिक आवास में छोड़े या पुनर्वास के लिए दिए गए, 90 पक्षी दूसरे संरक्षण-प्रजनन संस्थानों को भेजे गए, और 22 संस्थानों के 1,222 प्रतिभागियों को वहां प्रशिक्षण मिला। विकल्प A, C और D मिलते-जुलते आंकड़े हैं जो विज्ञप्ति में कहीं नहीं आते। यह भी याद रखें कि केंद्र करता क्या है: वैज्ञानिक पालन-पोषण, कृत्रिम ऊष्मायन, पशु चिकित्सा देखभाल, प्रजनन और आनुवंशिक प्रबंधन, जिसका ध्यान श्वेत-पूंछ वाले, लंबी चोंच वाले तथा पतली चोंच वाले गिद्धों पर है। इसे हरियाणा वन विभाग और बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी मिलकर चलाते हैं।

Q3.पर्यावरणआसान

पिंजौर स्थित जटायु संरक्षण प्रजनन केंद्र किस राज्य में है?

  1. A.पंजाब
  2. B.हिमाचल प्रदेश
  3. C.हरियाणा
  4. D.उत्तराखंड
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. हरियाणा

व्याख्या

सही उत्तर हरियाणा है। पिंजौर हरियाणा में है, और विज्ञप्ति वहां के केंद्र को हरियाणा वन विभाग तथा बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी की साझा पहल बताती है। केंद्रीय मंत्री ने पंचकुला की कार्यशाला से पहले दिन की शुरुआत इसी केंद्र के दौरे से की थी, और पंचकुला भी हरियाणा में ही है। विकल्प A, B और D पड़ोसी राज्यों के नाम हैं, और यही भौगोलिक निकटता उन्हें परीक्षा हॉल में भरोसेमंद भ्रामक विकल्प बनाती है। उत्तर पक्का करने में दो ब्योरे मदद करते हैं। पहला, राज्य के अपने पर्यावरण, वन और वन्यजीव मंत्री राव नरबीर सिंह ने इस कार्यक्रम में बोलते हुए पिंजौर केंद्र के काम को रेखांकित किया। दूसरा, उन्होंने कहा कि संरक्षण प्रजनन की सफलता जन्मे जानवरों की गिनती से नहीं, बल्कि स्वस्थ और आनुवंशिक रूप से प्रबंधित आबादी, वैज्ञानिक ज्ञान, तकनीकी क्षमता और वन्य जीवन में प्रजाति की वापसी से आंकी जानी चाहिए।

Q4.पर्यावरणमध्यम

अंतर्राष्ट्रीय गिद्ध जागरूकता दिवस 2026 पर कौन सी कॉफी टेबल बुक जारी की गई?

  1. A.जटायु की कहानी: भारत के गिद्धों का संरक्षण
  2. B.सफाईकर्मी की वापसी
  3. C.भारत का गिद्ध एटलस
  4. D.आकाश के प्रहरी
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. जटायु की कहानी: भारत के गिद्धों का संरक्षण

व्याख्या

सही उत्तर 'जटायु की कहानी: भारत के गिद्धों का संरक्षण' है। विज्ञप्ति के अनुसार यह कॉफी टेबल बुक पंचकुला के उद्घाटन सत्र में जारी की गई। इसमें देश की गिद्ध संरक्षण कथा दर्ज है, जो घटती आबादी से चलकर पिंजौर केंद्र पर टिके सफल प्रजनन संरक्षण कार्यक्रम तक पहुंचती है। विकल्प B, C और D गढ़े हुए शीर्षक हैं और विज्ञप्ति में कहीं नहीं आते। सरकारी कार्यक्रमों में जारी पुस्तकों और रिपोर्टों पर प्रश्न बहुत बनते हैं, इसलिए शीर्षक के साथ अवसर और जारी करने वाले का नाम भी नोट करें। पुस्तक के साथ ही गिद्ध संरक्षण पर हुई ऑनलाइन चित्रकला और डिजिटल फोटोग्राफी प्रतियोगिताओं का पुरस्कार वितरण भी हुआ। मंत्री ने इस मौके पर और गिद्ध सुरक्षित क्षेत्र बनाने, गिद्ध-सुरक्षित पशु चिकित्सा पद्धतियों, सुरक्षित भोजन की उपलब्धता तथा जंगल में प्रजाति की वापसी के लिए जरूरी तकनीकी क्षमता पर जोर दिया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अंतर्राष्ट्रीय गिद्ध जागरूकता दिवस 2026 पर हुई कार्यशाला का विषय क्या था?

'संकट से उबरना - भारत के गिद्धों का संरक्षण'। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने 6 सितंबर 2026 को हरियाणा के पंचकुला में इस राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्घाटन किया।

जटायु संरक्षण प्रजनन केंद्र कहां है?

हरियाणा के पिंजौर में। यह हरियाणा वन विभाग और बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी की साझा पहल है और यहां श्वेत-पूंछ वाले, लंबी चोंच वाले तथा पतली चोंच वाले गिद्धों का प्रजनन कराया जाता है।

भारत में गिद्धों की संख्या में तेज गिरावट क्यों आई?

मंत्री ने इसके दो कारण बताए: उनकी खाद्य श्रृंखला में व्यवधान, और पशुओं को दी जाने वाली दर्द निवारक दवाएं, जिनके बाद उन पशुओं के शव गिद्धों ने खाए। यह तेज गिरावट 1990 के दशक से देखी गई।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLSSC CHSL