उपराष्ट्रपति 79वें हैदराबाद मुक्ति दिवस समारोह में शामिल हुए
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन तेलंगाना के सिकंदराबाद परेड ग्राउंड में आयोजित 79वें हैदराबाद मुक्ति दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

चर्चा में क्यों
17 सितंबर 2026 को उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन तेलंगाना के सिकंदराबाद परेड ग्राउंड में 79वें हैदराबाद मुक्ति दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और सरदार पटेल तथा संघर्ष के देशभक्तों को श्रद्धांजलि दी।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन 17 सितंबर 2026 को 79वें हैदराबाद मुक्ति दिवस समारोह में मुख्य अतिथि रहे। समारोह तेलंगाना के सिकंदराबाद परेड ग्राउंड में हुआ। उन्होंने परेड का निरीक्षण किया तथा मार्च पास्ट और सांस्कृतिक कार्यक्रम देखे।
तिथि और घटना
उपराष्ट्रपति ने कहा कि 17 सितंबर 1948 को स्वतंत्र भारत के इतिहास का एक निर्णायक अध्याय पूरा हुआ। तत्कालीन हैदराबाद राज्य भारतीय संघ में मिल गया। यह सितंबर 1948 की घटनाओं और ऑपरेशन पोलो के बाद हुआ। उन्होंने कहा कि यह दिन केवल एक ऐतिहासिक तिथि नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की यात्रा की याद है।
सरदार पटेल को श्रद्धांजलि
उपराष्ट्रपति ने सरदार वल्लभभाई पटेल की भूमिका याद की। पटेल पहले गृह मंत्री और राज्य मंत्री थे। उन्होंने यह जिम्मेदारी उस समय निभाई जब देश विभाजन की त्रासदी से उबर रहा था। उसी समय सैकड़ों रियासतों को एक संघ में मिलाया जा रहा था। उपराष्ट्रपति ने कहा कि पटेल ने मजबूत और एकीकृत एक भारत की ठोस नींव रखी।
संघर्ष के पीछे के लोग
उन्होंने कहा कि छात्र, बुद्धिजीवी, लेखक, सामाजिक कार्यकर्ता, राजनीतिक कार्यकर्ता, किसान और आम नागरिक इसमें शामिल हुए। उन्हें कारावास, हिंसा और भारी व्यक्तिगत कठिनाई झेलनी पड़ी। उन्होंने रामजी गोंड, तुर्रेबाज खान और कोमाराम भीम सहित अनेक देशभक्तों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि इतिहास केवल प्रसिद्ध राजनेता नहीं बनाते, अन्याय को अस्वीकार करने वाले साधारण नागरिक भी बनाते हैं।
संदेश
उपराष्ट्रपति ने कहा कि राजनीतिक एकीकरण भूभागों को जोड़ता है, जबकि संवैधानिक लोकतंत्र नागरिकों को जोड़ता है। उन्होंने कहा कि एकता केवल भूगोल पर नहीं टिक सकती, उसे समान अधिकार, समान गरिमा और समान अवसर से मजबूत करना होगा। उन्होंने कहा कि भारतीय अलग-अलग भाषाएं बोल सकते हैं और अलग परंपराएं निभा सकते हैं, फिर भी संविधान उन्हें बांधे रखता है। उन्होंने कहा कि एकीकरण से समावेशन निकलना चाहिए।
एक नजर में
| अवसर | 79वां हैदराबाद मुक्ति दिवस |
| स्थल | परेड ग्राउंड, सिकंदराबाद, तेलंगाना |
| मुख्य अतिथि | उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन |
| ऐतिहासिक तिथि | 17 सितंबर 1948 |
| सैन्य कार्रवाई | ऑपरेशन पोलो |
उन्होंने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को भी श्रेय दिया, जिन्होंने रियासतों के एकीकरण और 1947 तथा 1948 में भारत की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा में भूमिका निभाई। उन्होंने तेलंगाना, छत्तीसगढ़, झारखंड और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में वामपंथी उग्रवाद से निपटने में उनके योगदान को भी सराहा। उन्होंने युद्ध स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित किया। उन्होंने गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, सरदार पटेल और विकसित भारत 2047 के मौजूदा प्रयास को राष्ट्र निर्माण की एक ही कड़ी में रखा।
महत्वपूर्ण तथ्य
| अवसर | 79वां हैदराबाद मुक्ति दिवस |
|---|---|
| समारोह की तिथि | 17 सितंबर 2026 |
| स्थल | परेड ग्राउंड, सिकंदराबाद, तेलंगाना |
| मुख्य अतिथि | उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन |
| ऐतिहासिक तिथि | 17 सितंबर 1948 |
| कार्रवाई | ऑपरेशन पोलो |
| एकीकरण के नायक | सरदार वल्लभभाई पटेल, पहले गृह मंत्री एवं राज्य मंत्री |
| श्रद्धांजलि | रामजी गोंड, तुर्रेबाज खान, कोमाराम भीम |
| सराहे गए बल | केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, 1947 तथा 1948 के लिए |
परीक्षा की दृष्टि से
संस्करण (79वां), ऐतिहासिक तिथि (17 सितंबर 1948), सैन्य कार्रवाई (ऑपरेशन पोलो), स्थल (परेड ग्राउंड, सिकंदराबाद), मुख्य अतिथि (उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन), सरदार पटेल के दो विभाग गृह तथा राज्य, और रामजी गोंड, तुर्रेबाज खान एवं कोमाराम भीम के नाम याद रखें।
अभ्यास प्रश्न
तत्कालीन हैदराबाद राज्य किस सैन्य कार्रवाई के बाद भारतीय संघ में मिला था?
- A.ऑपरेशन विजय
- B.ऑपरेशन पोलो
- C.ऑपरेशन मेघदूत
- D.ऑपरेशन कैक्टस
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. ऑपरेशन पोलो
व्याख्या
सही उत्तर ऑपरेशन पोलो है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि 17 सितंबर 1948 को स्वतंत्र भारत के इतिहास का एक निर्णायक अध्याय पूरा हुआ और सितंबर 1948 की घटनाओं तथा इस कार्रवाई के बाद तत्कालीन हैदराबाद राज्य भारतीय संघ का हिस्सा बना। विकल्प A गलत है क्योंकि ऑपरेशन विजय भारतीय सैन्य इतिहास के एक अलग प्रसंग से जुड़ा है, हैदराबाद से नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि ऑपरेशन मेघदूत बहुत बाद के काल और पूरी तरह भिन्न क्षेत्र से संबंधित है। विकल्प D भी इसी आधार पर गलत है, क्योंकि वह विदेश में हुई एक कार्रवाई से जुड़ा है। अभ्यर्थी कार्रवाई, तिथि और राज्य को एक साथ जोड़कर याद रखें और यह भी कि 2026 का आयोजन हैदराबाद मुक्ति दिवस का 79वां संस्करण था।
17 सितंबर 2026 को सिकंदराबाद परेड ग्राउंड में हैदराबाद मुक्ति दिवस का कौन सा संस्करण मनाया गया?
- A.75वां
- B.77वां
- C.78वां
- D.79वां
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 79वां
व्याख्या
सही उत्तर 79वां संस्करण है। उपराष्ट्रपति तेलंगाना के सिकंदराबाद स्थित परेड ग्राउंड में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जहां उन्होंने परेड का निरीक्षण किया, युद्ध स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित किया तथा मार्च पास्ट और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देखीं। विकल्प A, B और C गलत हैं क्योंकि ये इसी आयोजन के पिछले संस्करणों की संख्याएं हैं और इन्हें इसलिए रखा गया है क्योंकि संस्करण संख्या ठीक वही विवरण है जिसे अभ्यर्थी पिछले वर्ष के नोट्स से ज्यों का त्यों उठा लेते हैं। मूल तथ्य यह है कि विलय 17 सितंबर 1948 को हुआ था, इसलिए संस्करण संख्या हर वर्ष एक बढ़ती है; परीक्षा में इसी आधार तिथि से गणना करना अधिक सुरक्षित रहता है। इस वर्ष की परेड में उपराष्ट्रपति मुख्य अतिथि थे और उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
उपराष्ट्रपति के अनुसार रियासतों के एकीकरण के समय सरदार वल्लभभाई पटेल के पास कौन से दो विभाग थे?
- A.रक्षा और विदेश
- B.गृह और राज्य
- C.वित्त और गृह
- D.राज्य और शिक्षा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. गृह और राज्य
व्याख्या
सही उत्तर गृह और राज्य है। उपराष्ट्रपति ने याद दिलाया कि सरदार वल्लभभाई पटेल पहले गृह मंत्री और राज्य मंत्री थे तथा उन्होंने उस समय असाधारण जिम्मेदारी निभाई जब देश विभाजन की त्रासदी से उबर रहा था और साथ ही सैकड़ों रियासतों को एक संघ में मिलाया जा रहा था। उन्होंने कहा कि पटेल ने मजबूत और एकीकृत एक भारत की ठोस नींव रखी। विकल्प A, C और D गलत हैं क्योंकि इनमें पटेल के साथ ऐसे विभाग जोड़े गए हैं जो इस संदर्भ में उनके पास नहीं थे; इन्हें एक सही आधे हिस्से को गलत आधे से बदलकर बनाया गया है, जो प्रश्नपत्रों का आम जाल है। उपराष्ट्रपति ने गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और पटेल को राष्ट्र निर्माण की एक ही कड़ी में रखा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
17 सितंबर को हैदराबाद मुक्ति दिवस क्यों मनाया जाता है?
17 सितंबर 1948 को सितंबर 1948 की घटनाओं और ऑपरेशन पोलो के बाद तत्कालीन हैदराबाद राज्य भारतीय संघ में मिला था। वर्ष 2026 का आयोजन इसका 79वां संस्करण था।
79वें हैदराबाद मुक्ति दिवस पर मुख्य अतिथि कौन थे?
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, तेलंगाना के सिकंदराबाद परेड ग्राउंड में। उन्होंने परेड का निरीक्षण किया, युद्ध स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित किया और मार्च पास्ट देखा।
हैदराबाद संघर्ष के किन देशभक्तों को श्रद्धांजलि दी गई?
रामजी गोंड, तुर्रेबाज खान और कोमाराम भीम सहित अनेक को। उपराष्ट्रपति ने कहा कि छात्र, लेखक, किसान और आम नागरिक भी इस संघर्ष में शामिल थे।
स्रोत
करेंट अफेयर्स 17 सितंबर 2026
- मोदी ने सेमीकॉन इंडिया 2026 का उद्घाटन किया, सेमीकॉन 2.0 शुरूविज्ञान और प्रौद्योगिकी
- कोयला मंत्रालय ने वाणिज्यिक कोयला खदान नीलामी का 16वां चरण शुरू कियाअर्थव्यवस्था
- न्यूजीलैंड ने भारत-न्यूजीलैंड एफटीए को लागू करने वाला कानून पारित कियाअंतरराष्ट्रीय
- ह्यूस्टन में जी20 एनर्जी अबंडेंस मंत्रिस्तरीय बैठक में भारत शामिलशिखर सम्मेलन
- ओडिशा के संबलपुर में भारत के 51वें डॉप्लर मौसम रडार का उद्घाटनविज्ञान और प्रौद्योगिकी
- विश्व रोगी सुरक्षा दिवस 2026 की थीम गैर-संचारी रोगों पर केंद्रितमहत्वपूर्ण दिवस
- नई दिल्ली में 43वां भारतीय तटरक्षक कमांडर सम्मेलन शुरू हुआरक्षा
संबंधित करेंट अफेयर्स
संबंधित GK
- मौलिक अधिकार (अनुच्छेद 12–35): नोट्स, रिट और PYQ
23 सितंबर 2026 · भारतीय राजव्यवस्था
- भारतीय संविधान की प्रस्तावना: नोट्स, मुख्य शब्द और PYQ
22 सितंबर 2026 · भारतीय राजव्यवस्था
- भारतीय संविधान का निर्माण: नोट्स, महत्वपूर्ण तिथियां और PYQ
21 सितंबर 2026 · भारतीय राजव्यवस्था
क्विज खेलें
- करेंट अफेयर्स क्विज
राज्य परीक्षाएं करेंट अफेयर्स क्विज: 17 सितंबर 2026
24 प्रश्न24 मिनटक्विज शुरू करें





