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कोयला मंत्रालय ने वाणिज्यिक कोयला खदान नीलामी का 16वां चरण शुरू किया

कोयला मंत्रालय ने नई दिल्ली में वाणिज्यिक कोयला खदान नीलामी का 16वां चरण शुरू किया, जिसमें नौ कोयला उत्पादक राज्यों के 25 कोयला खंड पेश किए गए हैं।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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कोयला मंत्रालय ने वाणिज्यिक कोयला खदान नीलामी का 16वां चरण शुरू किया

चर्चा में क्यों

17 सितंबर 2026 को कोयला मंत्रालय ने नई दिल्ली में वाणिज्यिक कोयला खदान नीलामी का 16वां चरण शुरू किया और पहले नीलाम हुई छह खदानों के सफल बोलीदाताओं को कोयला खदान विकास और उत्पादन समझौते सौंपे।

कोयला मंत्रालय ने 17 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में वाणिज्यिक कोयला खदान नीलामी का 16वां चरण शुरू किया। कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे मुख्य अतिथि रहे। कोयला सचिव विक्रम देव दत्त भी मौजूद थे।

इस चरण में क्या है

इस चरण में 25 कोयला खंड पेश किए गए हैं। इनमें 21 पूरी तरह और चार आंशिक रूप से खोजे गए हैं। ये खंड नौ कोयला उत्पादक राज्यों में फैले हैं। ये राज्य हैं अरुणाचल प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल। छह खदानें कोयला खान विशेष प्रावधान अधिनियम के तहत हैं। शेष 19 खदानें खान एवं खनिज विकास तथा विनियमन अधिनियम के दायरे में आती हैं।

बोलीदाताओं के लिए शर्तें

वाणिज्यिक खनन का ढांचा जानबूझकर उदार रखा गया है। उत्पादित कोयले पर अंतिम उपयोग की कोई शर्त नहीं है। स्वचालित मार्ग से 100 प्रतिशत विदेशी निवेश की अनुमति है। अग्रिम भुगतान कम है और उसे भविष्य के राजस्व हिस्से में समायोजित किया जा सकता है। अनुभवी खनन कंपनियां, नए प्रवेशक और प्रौद्योगिकी आधारित उद्यम सभी बोली लगा सकते हैं।

सौंपे गए समझौते

मंत्री ने पिछले चरणों में नीलाम हुई छह खदानों के सफल बोलीदाताओं को कोयला खदान विकास और उत्पादन समझौते यानी सीएमडीपीए सौंपे। ये छह खदानें हैं तारा (संशोधित), मार्गो वेस्ट, मार्गो ईस्ट, मंडला साउथ, डोंगरी ताल-II और प्रकासम खनी ओपन कास्ट का डिप साइड। सफल बोलीदाताओं में सीजी सिन-गैस एंड केमिकल्स, झारखंड एक्सप्लोरेशन एंड माइनिंग कॉर्पोरेशन, क्यूब कमर्शियल, गैलेंट इस्पात और सिंगारेनी कोलियरीज शामिल हैं।

छह खदानों से क्या मिलेगा

भूवैज्ञानिक भंडारलगभग 1,504 मिलियन टन
अधिकतम उत्पादन क्षमताकुल 11.62 मीट्रिक टन प्रति वर्ष
वार्षिक राजस्वकरीब 1,984 करोड़ रुपये
पूंजी निवेशलगभग 1,743 करोड़ रुपये
रोजगारकरीब 15 हजार 700

अब तक का कार्यक्रम

वाणिज्यिक कोयला खनन 2020 में खोला गया था। अब तक सोलह चरण पूरे हो चुके हैं। कुल 147 कोयला खदानों की नीलामी हो चुकी है। इनसे हर साल 47,500 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व मिलने की उम्मीद है। नौ कोयला राज्यों में अनुमानित पूंजी निवेश 55 हजार करोड़ रुपये से ऊपर है। मंत्री ने कहा कि देश की करीब 55 प्रतिशत प्राथमिक ऊर्जा जरूरत और 70 प्रतिशत से अधिक बिजली उत्पादन कोयले से पूरा होता है। उन्होंने बताया कि कोयला उत्पादन लगातार दूसरे वर्ष एक अरब टन के पार रहा है।

महत्वपूर्ण तथ्य

आयोजनवाणिज्यिक कोयला खदान नीलामी का 16वां चरण
तिथि17 सितंबर 2026, नई दिल्ली
मंत्रालयकोयला मंत्रालय
शुभारंभसतीश चंद्र दुबे, कोयला एवं खान राज्य मंत्री
पेश खंड25 (21 पूर्ण, चार आंशिक रूप से खोजे गए)
राज्यनौ, अरुणाचल प्रदेश से पश्चिम बंगाल तक
सीएमडीपीएछह खदानें, जिनमें तारा (संशोधित) और मंडला साउथ
छह खदानों का भंडारलगभग 1,504 मिलियन टन
क्षमता11.62 मीट्रिक टन प्रति वर्ष
संभावित रोजगारकरीब 15 हजार 700
अब तक नीलाम खदानें2020 से 147
कुल राजस्वसालाना 47,500 करोड़ रुपये से अधिक

परीक्षा की दृष्टि से

चरण संख्या (16वां), पेश किए गए खंड (25, जिनमें 21 पूर्ण रूप से खोजे गए), नौ राज्य, सीएमएसपी अधिनियम (छह) और एमएमडीआर अधिनियम (19) का बंटवारा, वाणिज्यिक खनन खुलने का वर्ष (2020), अब तक नीलाम 147 खदानें तथा सीएमडीपीए वाली छह खदानों के आंकड़े याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.अर्थव्यवस्थामध्यम

17 सितंबर 2026 को शुरू हुए वाणिज्यिक कोयला खदान नीलामी के 16वें चरण में कितने कोयला खंड पेश किए गए हैं?

  1. A.19 खंड
  2. B.21 खंड
  3. C.25 खंड
  4. D.32 खंड
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 25 खंड

व्याख्या

सही उत्तर 25 खंड है। 16वें चरण में बोलीदाताओं के सामने 25 कोयला खंड रखे गए हैं, जिनमें 21 पूरी तरह खोजे गए हैं और चार केवल आंशिक रूप से; ये अरुणाचल प्रदेश से पश्चिम बंगाल तक नौ कोयला उत्पादक राज्यों में फैले हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि 19 इसी चरण के भीतर खान एवं खनिज विकास तथा विनियमन अधिनियम के तहत पेश खंडों की संख्या है, जबकि शेष छह कोयला खान विशेष प्रावधान अधिनियम के तहत हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि 21 चरण के भीतर पूरी तरह खोजे गए खंडों की संख्या है, कुल संख्या नहीं। विकल्प D केवल भ्रम पैदा करने वाला विकल्प है, इसका कोई आधार नहीं। ध्यान रखें कि एक ही विज्ञप्ति में कई मिलते-जुलते आंकड़े हैं और प्रश्न प्रायः इन्हीं में से किसी को जाल के रूप में चुनते हैं।

Q2.अर्थव्यवस्थामध्यम

वाणिज्यिक कोयला खनन के उदार ढांचे में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश की कितनी अनुमति है?

  1. A.सरकारी मार्ग से 49 प्रतिशत
  2. B.स्वचालित मार्ग से 74 प्रतिशत
  3. C.स्वचालित मार्ग से 100 प्रतिशत
  4. D.सरकारी मार्ग से 26 प्रतिशत
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. स्वचालित मार्ग से 100 प्रतिशत

व्याख्या

सही उत्तर स्वचालित मार्ग से 100 प्रतिशत है। वाणिज्यिक कोयला खनन का ढांचा व्यापक भागीदारी आकर्षित करने के लिए बनाया गया है, इसलिए इसमें निकाले गए कोयले पर अंतिम उपयोग की कोई शर्त नहीं है, पूर्व अनुमति के बिना पूरा विदेशी निवेश मान्य है और अग्रिम भुगतान कम रखा गया है, जिसे भविष्य के राजस्व हिस्से में समायोजित किया जा सकता है। विकल्प A, B और D गलत हैं क्योंकि इनमें आंशिक सीमा या सरकारी अनुमति मार्ग बताया गया है, जो इस क्षेत्र पर लागू नहीं होता; ऐसी सीमाएं अन्य नियंत्रित क्षेत्रों की हैं और यहां केवल भ्रम के लिए रखी गई हैं। यह भी याद रखें कि ये खंड अनुभवी खनन कंपनियों, नए प्रवेशकों और प्रौद्योगिकी आधारित उद्यमों सभी के लिए खुले हैं।

Q3.अर्थव्यवस्थाकठिन

2020 में क्षेत्र वाणिज्यिक खनन के लिए खुलने के बाद भारत में कितनी कोयला खदानों की नीलामी हो चुकी है?

  1. A.116
  2. B.128
  3. C.147
  4. D.165
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 147

व्याख्या

सही उत्तर 147 है। सोलहवें चरण की शुरुआत के साथ वाणिज्यिक कोयला खनन कार्यक्रम के तहत इतनी खदानों की नीलामी हो चुकी है, जबकि यह क्षेत्र 2020 में वाणिज्यिक खनन के लिए खोला गया था। इन खदानों से नौ कोयला उत्पादक राज्यों में सालाना 47,500 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व और 55 हजार करोड़ रुपये से ऊपर पूंजी निवेश की उम्मीद है। विकल्प A, B और D गलत हैं क्योंकि ऐसा कोई आंकड़ा नहीं बताया गया; इन्हें सही संख्या के पास रखा गया है ताकि केवल मोटा अनुमान याद रखने वाला अभ्यर्थी चूक जाए। दो सहायक तथ्य भी याद रखें: कोयला देश की करीब 55 प्रतिशत प्राथमिक ऊर्जा जरूरत और 70 प्रतिशत से अधिक बिजली उत्पादन पूरा करता है, तथा कोयला उत्पादन लगातार दूसरे वर्ष एक अरब टन के पार रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

16वें चरण में कितने कोयला खंड पेश किए गए हैं?

25 खंड, जिनमें 21 पूरी तरह और चार आंशिक रूप से खोजे गए हैं। ये नौ कोयला राज्यों में फैले हैं; छह सीएमएसपी अधिनियम और 19 एमएमडीआर अधिनियम के तहत हैं।

वाणिज्यिक कोयला खनन में कितना विदेशी निवेश मान्य है?

स्वचालित मार्ग से 100 प्रतिशत। इसके साथ अंतिम उपयोग की कोई शर्त नहीं है और अग्रिम भुगतान कम रखा गया है, जिसे भविष्य के राजस्व हिस्से में समायोजित किया जा सकता है।

2020 से अब तक कितनी कोयला खदानों की नीलामी हुई है?

नौ कोयला राज्यों में कुल 147 खदानों की। इनसे सालाना 47,500 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व और 55 हजार करोड़ रुपये से ऊपर पूंजी निवेश की उम्मीद है।

स्रोत

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