मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24

न्यूजीलैंड ने भारत-न्यूजीलैंड एफटीए को लागू करने वाला कानून पारित किया

भारत ने न्यूजीलैंड की संसद द्वारा भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते को प्रभावी बनाने वाला विधेयक पारित किए जाने का खुले मन से स्वागत किया है।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
Read in English
न्यूजीलैंड ने भारत-न्यूजीलैंड एफटीए को लागू करने वाला कानून पारित किया — GK24 title card

चर्चा में क्यों

भारत ने 17 सितंबर 2026 को न्यूजीलैंड की संसद द्वारा एक दिन पहले पारित उस विधेयक का स्वागत किया, जो भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते को प्रभावी बनाएगा और उसे लागू करने की दिशा में अहम कदम है।

न्यूजीलैंड की संसद ने 16 सितंबर 2026 को एक विधेयक पारित किया। यह कानून भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते को प्रभावी बनाएगा। भारत ने अगले दिन इस कदम का स्वागत किया। समझौते पर 27 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में हस्ताक्षर हुए थे। विधेयक का पारित होना समझौते को लागू करने की दिशा में अहम कदम है।

भारत को क्या मिलेगा

समझौते से न्यूजीलैंड जाने वाले 100 प्रतिशत भारतीय निर्यात को शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी। यह लाभ समझौता लागू होने की तिथि से मिलेगा। जिन क्षेत्रों को फायदा होगा उनमें वस्त्र और परिधान शामिल हैं। चमड़ा और जूते भी इसमें आते हैं। इंजीनियरिंग उत्पाद, फार्मास्यूटिकल्स, कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद भी लाभ में हैं।

न्यूजीलैंड को क्या मिलेगा

न्यूजीलैंड के निर्यातकों को भारतीय बाजार में बेहतर और तरजीही पहुंच मिलेगी। इसमें लकड़ी और ऊन का नाम है। भेड़ का मांस और कच्चे चमड़े भी सूची में हैं।

वस्तुओं से आगे

यह समझौता केवल वस्तु व्यापार तक सीमित नहीं है। इससे सेवाओं और निवेश में नए अवसर खुलते हैं। इसमें पेशेवरों, छात्रों और युवाओं का आवागमन शामिल है। भारतीय पेशेवरों और छात्रों के लिए बेहतर मार्ग बनेंगे। समझौता भारत में 20 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश को सुगम बनाने का प्रावधान करता है। यह कृषि उत्पादकता, फार्मास्यूटिकल्स और चिकित्सा उपकरण, पारंपरिक चिकित्सा एवं आयुष, प्रौद्योगिकी तथा व्यापार सुगमता में सहयोग भी गहरा करता है।

कूटनीतिक पृष्ठभूमि

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जुलाई 2026 में न्यूजीलैंड गए थे। चार दशकों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की वह पहली न्यूजीलैंड यात्रा थी। दोनों प्रधानमंत्रियों ने तब आर्थिक सहयोग गहरा करने पर सहमति जताई। उन्होंने समझौते के शीघ्र कार्यान्वयन पर बल दिया।

एक नजर में

समझौताभारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता
हस्ताक्षर27 अप्रैल 2026, नई दिल्ली
विधेयक पारित16 सितंबर 2026, न्यूजीलैंड की संसद
शुल्क-मुक्त पहुंचभारतीय निर्यात का 100 प्रतिशत
निवेश सुगमताभारत में 20 अरब अमेरिकी डॉलर

दोनों देश अब अपनी-अपनी घरेलू प्रक्रियाएं पूरी कर रहे हैं। लक्ष्य समझौते को जल्द लागू करना है। दोनों के रिश्ते मजबूत जन-संबंधों तथा व्यापार, निवेश, कृषि, शिक्षा, खेल और प्रौद्योगिकी में सहयोग पर टिके हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य

समझौताभारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए)
हस्ताक्षर27 अप्रैल 2026, नई दिल्ली
विधेयक पारित16 सितंबर 2026, न्यूजीलैंड की संसद
भारत में मंत्रालयवाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय
शुल्क-मुक्त पहुंचन्यूजीलैंड जाने वाले 100 प्रतिशत भारतीय निर्यात
भारत के लाभ क्षेत्रवस्त्र एवं परिधान, चमड़ा एवं जूते, इंजीनियरिंग उत्पाद, फार्मा, कृषि, प्रसंस्कृत खाद्य
न्यूजीलैंड के लाभ क्षेत्रलकड़ी, ऊन, भेड़ का मांस, कच्चे चमड़े
निवेश सुगमताभारत में 20 अरब अमेरिकी डॉलर
प्रधानमंत्री की यात्राजुलाई 2026, चार दशकों में पहली

परीक्षा की दृष्टि से

समझौते पर हस्ताक्षर की तिथि (27 अप्रैल 2026, नई दिल्ली), न्यूजीलैंड की संसद में विधेयक पारित होने की तिथि (16 सितंबर 2026), शुल्क-मुक्त पहुंच (भारतीय निर्यात का 100 प्रतिशत), निवेश सुगमता का आंकड़ा (20 अरब अमेरिकी डॉलर) और प्रधानमंत्री की जुलाई 2026 की यात्रा चार दशकों में पहली थी, यह याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.अंतरराष्ट्रीयमध्यम

भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते, जिसके लिए न्यूजीलैंड की संसद ने सितंबर 2026 में विधेयक पारित किया, पर हस्ताक्षर कब हुए थे?

  1. A.27 अप्रैल 2026, नई दिल्ली
  2. B.16 सितंबर 2026, वेलिंगटन
  3. C.12 जनवरी 2026, ऑकलैंड
  4. D.5 जुलाई 2026, नई दिल्ली
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 27 अप्रैल 2026, नई दिल्ली

समझौते पर इसी तिथि को भारतीय राजधानी में हस्ताक्षर हुए थे और इसे प्रभावी बनाने वाला विधेयक न्यूजीलैंड की संसद ने कई महीने बाद पारित किया।

Q2.अंतरराष्ट्रीयआसान

भारत-न्यूजीलैंड एफटीए के तहत न्यूजीलैंड जाने वाले कितने भारतीय निर्यात को शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी?

  1. A.75 प्रतिशत
  2. B.90 प्रतिशत
  3. C.99 प्रतिशत
  4. D.100 प्रतिशत
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 100 प्रतिशत

समझौता लागू होने की तिथि से न्यूजीलैंड जाने वाली भारत की पूरी निर्यात टोकरी शुल्क-मुक्त हो जाएगी। जिन क्षेत्रों को लाभ मिलने की उम्मीद है उनमें वस्त्र एवं परिधान, चमड़ा एवं जूते, इंजीनियरिंग उत्पाद, फार्मास्यूटिकल्स, कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद शामिल हैं।

Q3.अंतरराष्ट्रीयमध्यम

भारत-न्यूजीलैंड एफटीए भारत में कितने निवेश को सुगम बनाने का प्रावधान करता है?

  1. A.5 अरब अमेरिकी डॉलर
  2. B.20 अरब अमेरिकी डॉलर
  3. C.50 अरब अमेरिकी डॉलर
  4. D.100 अरब अमेरिकी डॉलर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 20 अरब अमेरिकी डॉलर

शुल्क रियायतों के अलावा समझौते में भारत में इतने निवेश को सुगम बनाने की प्रतिबद्धता है और यह कृषि उत्पादकता, फार्मास्यूटिकल्स एवं चिकित्सा उपकरण, पारंपरिक चिकित्सा एवं आयुष, प्रौद्योगिकी तथा व्यापार सुगमता में द्विपक्षीय सहयोग मजबूत करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-न्यूजीलैंड एफटीए पर हस्ताक्षर कब हुए थे?

27 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में। इसे प्रभावी बनाने वाला विधेयक न्यूजीलैंड की संसद ने 16 सितंबर 2026 को पारित किया, जो लागू करने की दिशा में अहम कदम है।

भारत के कितने निर्यात को शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी?

समझौता लागू होने की तिथि से न्यूजीलैंड जाने वाले 100 प्रतिशत भारतीय निर्यात को, जिसमें वस्त्र, चमड़ा, इंजीनियरिंग उत्पाद, फार्मा, कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य शामिल हैं।

निवेश के मामले में समझौते में क्या है?

यह भारत में 20 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश को सुगम बनाने का प्रावधान करता है, साथ ही कृषि उत्पादकता, फार्मा, चिकित्सा उपकरण, पारंपरिक चिकित्सा एवं आयुष में सहयोग बढ़ाता है।

स्रोत

करेंट अफेयर्स 17 सितंबर 2026

  1. मोदी ने सेमीकॉन इंडिया 2026 का उद्घाटन किया, सेमीकॉन 2.0 शुरूविज्ञान और प्रौद्योगिकी
  2. कोयला मंत्रालय ने वाणिज्यिक कोयला खदान नीलामी का 16वां चरण शुरू कियाअर्थव्यवस्था
  3. ह्यूस्टन में जी20 एनर्जी अबंडेंस मंत्रिस्तरीय बैठक में भारत शामिलशिखर सम्मेलन
  4. ओडिशा के संबलपुर में भारत के 51वें डॉप्लर मौसम रडार का उद्घाटनविज्ञान और प्रौद्योगिकी
  5. विश्व रोगी सुरक्षा दिवस 2026 की थीम गैर-संचारी रोगों पर केंद्रितमहत्वपूर्ण दिवस
  6. उपराष्ट्रपति 79वें हैदराबाद मुक्ति दिवस समारोह में शामिल हुएराष्ट्रीय
  7. नई दिल्ली में 43वां भारतीय तटरक्षक कमांडर सम्मेलन शुरू हुआरक्षा
आज का क्विज24 प्रश्नपूरा संस्करण पढ़ें →
इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLIBPS