शहजाद भट्टी नेटवर्क को किस कानून के तहत आतंकवादी संगठन घोषित किया गया है?
- A.राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम
- B.गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम
- C.धन शोधन निवारण अधिनियम
- D.सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम
सही उत्तर
B. गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम
व्याख्या
सही उत्तर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम है, जिसे यूएपीए कहा जाता है। गृह मंत्रालय ने 16 सितंबर 2026 को इसी कानून का प्रयोग कर शहजाद भट्टी नेटवर्क को आतंकवादी संगठन घोषित किया और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसकी जानकारी दी। विकल्प A गलत है क्योंकि राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम व्यक्तियों की निवारक हिरासत से जुड़ा है, वह संगठनों को आतंकवादी संगठन सूचीबद्ध नहीं करता। विकल्प C गलत है क्योंकि धन शोधन निवारण अधिनियम अपराध से अर्जित संपत्ति और उसकी कुर्की से संबंधित है। विकल्प D गलत है क्योंकि सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम अशांत घोषित क्षेत्रों में सेना की शक्तियों से जुड़ा है और ऐसी घोषणा से उसका कोई संबंध नहीं। आतंकवादी संगठनों की अनुसूची यूएपीए के अंतर्गत ही रखी जाती है, इसलिए किसी संगठन पर प्रतिबंध के प्रश्न में यही कानून याद रखें।
पूरा लेख पढ़ें: शहजाद भट्टी नेटवर्क यूएपीए के तहत आतंकवादी संगठन घोषित
अभ्यास प्रश्न
शहजाद भट्टी नेटवर्क को आतंकवादी संगठन घोषित करने की जानकारी किस मंत्री ने दी?
- A.केंद्रीय रक्षा मंत्री
- B.केंद्रीय गृह मंत्री
- C.केंद्रीय विधि मंत्री
- D.केंद्रीय विदेश मंत्री
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. केंद्रीय गृह मंत्री
व्याख्या
सही उत्तर केंद्रीय गृह मंत्री है। अमित शाह, जो केंद्रीय गृह मंत्री होने के साथ सहकारिता मंत्री भी हैं, ने बताया कि गृह मंत्रालय ने शहजाद भट्टी नेटवर्क को यूएपीए के तहत आतंकवादी संगठन घोषित किया है। विकल्प A गलत है क्योंकि रक्षा मंत्रालय सशस्त्र बलों से जुड़ा है और इस कानून के अंतर्गत अधिसूचना जारी नहीं करता। विकल्प C गलत है क्योंकि विधि मंत्रालय विधेयकों के प्रारूपण और विधिक मामलों को देखता है, आतंकवादी संगठनों की सूची से उसका सरोकार नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि विदेश मंत्रालय विदेश संबंध संभालता है और ऐसी घरेलू अधिसूचना में उसकी कोई भूमिका नहीं होती। ध्यान रखें कि यूएपीए के तहत घोषित करने की शक्ति केंद्र सरकार के पास है और इसका प्रयोग गृह मंत्रालय के माध्यम से होता है।
शहजाद भट्टी नेटवर्क पर लगाए गए आरोपों में निम्नलिखित में से कौन सा शामिल नहीं था?
- A.सीमा पार हथियारों और विस्फोटकों की तस्करी
- B.भारतीय मुद्रा नोटों की जालसाजी
- C.युवाओं और छोटे अपराधियों को आतंकवाद के लिए भड़काना
- D.नफरत भरी डिजिटल सामग्री प्रकाशित करना
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. भारतीय मुद्रा नोटों की जालसाजी
व्याख्या
सही उत्तर भारतीय मुद्रा नोटों की जालसाजी है। गृह मंत्रालय ने नेटवर्क को आतंकवादी संगठन घोषित करते समय जो आधार गिनाए, उनमें यह आरोप शामिल नहीं था, इसलिए यही विकल्प सूची से अलग पड़ता है। विकल्प A उत्तर के रूप में गलत है क्योंकि हथियारों और विस्फोटकों की सीमापार तस्करी का उल्लेख स्पष्ट रूप से किया गया था, साथ में मादक पदार्थ भी। विकल्प C गलत है क्योंकि सरकार ने कहा कि समूह युवाओं और छोटे-मोटे अपराधियों को आतंकवाद की ओर धकेलता रहा है, जो कार्रवाई के मुख्य कारणों में था। विकल्प D गलत है क्योंकि सिंडिकेट पर देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द को निशाना बनाने वाली नफरत भरी डिजिटल सामग्री प्रकाशित करने का आरोप भी लगाया गया। ऐसे नकारात्मक प्रश्न परीक्षा में आम हैं, इसलिए आधारों को ध्यान से पढ़ना चाहिए।
उपराष्ट्रपति के अनुसार रियासतों के एकीकरण के समय सरदार वल्लभभाई पटेल के पास कौन से दो विभाग थे?
- A.रक्षा और विदेश
- B.गृह और राज्य
- C.वित्त और गृह
- D.राज्य और शिक्षा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. गृह और राज्य
व्याख्या
सही उत्तर गृह और राज्य है। उपराष्ट्रपति ने याद दिलाया कि सरदार वल्लभभाई पटेल पहले गृह मंत्री और राज्य मंत्री थे तथा उन्होंने उस समय असाधारण जिम्मेदारी निभाई जब देश विभाजन की त्रासदी से उबर रहा था और साथ ही सैकड़ों रियासतों को एक संघ में मिलाया जा रहा था। उन्होंने कहा कि पटेल ने मजबूत और एकीकृत एक भारत की ठोस नींव रखी। विकल्प A, C और D गलत हैं क्योंकि इनमें पटेल के साथ ऐसे विभाग जोड़े गए हैं जो इस संदर्भ में उनके पास नहीं थे; इन्हें एक सही आधे हिस्से को गलत आधे से बदलकर बनाया गया है, जो प्रश्नपत्रों का आम जाल है। उपराष्ट्रपति ने गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और पटेल को राष्ट्र निर्माण की एक ही कड़ी में रखा।
17 सितंबर 2026 को सिकंदराबाद परेड ग्राउंड में हैदराबाद मुक्ति दिवस का कौन सा संस्करण मनाया गया?
- A.75वां
- B.77वां
- C.78वां
- D.79वां
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 79वां
व्याख्या
सही उत्तर 79वां संस्करण है। उपराष्ट्रपति तेलंगाना के सिकंदराबाद स्थित परेड ग्राउंड में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जहां उन्होंने परेड का निरीक्षण किया, युद्ध स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित किया तथा मार्च पास्ट और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देखीं। विकल्प A, B और C गलत हैं क्योंकि ये इसी आयोजन के पिछले संस्करणों की संख्याएं हैं और इन्हें इसलिए रखा गया है क्योंकि संस्करण संख्या ठीक वही विवरण है जिसे अभ्यर्थी पिछले वर्ष के नोट्स से ज्यों का त्यों उठा लेते हैं। मूल तथ्य यह है कि विलय 17 सितंबर 1948 को हुआ था, इसलिए संस्करण संख्या हर वर्ष एक बढ़ती है; परीक्षा में इसी आधार तिथि से गणना करना अधिक सुरक्षित रहता है। इस वर्ष की परेड में उपराष्ट्रपति मुख्य अतिथि थे और उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
तत्कालीन हैदराबाद राज्य किस सैन्य कार्रवाई के बाद भारतीय संघ में मिला था?
- A.ऑपरेशन विजय
- B.ऑपरेशन पोलो
- C.ऑपरेशन मेघदूत
- D.ऑपरेशन कैक्टस
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. ऑपरेशन पोलो
व्याख्या
सही उत्तर ऑपरेशन पोलो है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि 17 सितंबर 1948 को स्वतंत्र भारत के इतिहास का एक निर्णायक अध्याय पूरा हुआ और सितंबर 1948 की घटनाओं तथा इस कार्रवाई के बाद तत्कालीन हैदराबाद राज्य भारतीय संघ का हिस्सा बना। विकल्प A गलत है क्योंकि ऑपरेशन विजय भारतीय सैन्य इतिहास के एक अलग प्रसंग से जुड़ा है, हैदराबाद से नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि ऑपरेशन मेघदूत बहुत बाद के काल और पूरी तरह भिन्न क्षेत्र से संबंधित है। विकल्प D भी इसी आधार पर गलत है, क्योंकि वह विदेश में हुई एक कार्रवाई से जुड़ा है। अभ्यर्थी कार्रवाई, तिथि और राज्य को एक साथ जोड़कर याद रखें और यह भी कि 2026 का आयोजन हैदराबाद मुक्ति दिवस का 79वां संस्करण था।