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नौसेना कमांडर सम्मेलन 2026 का दूसरा संस्करण नई दिल्ली में शुरू

नौसेना कमांडर सम्मेलन 2026 का दूसरा संस्करण नई दिल्ली के नौसेना भवन में शुरू हुआ, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नौसेना के शीर्ष नेतृत्व को संबोधित किया।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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नौसेना कमांडर सम्मेलन 2026 का दूसरा संस्करण नई दिल्ली में शुरू

चर्चा में क्यों

रक्षा मंत्रालय ने 30 सितंबर 2026 को बताया कि नौसेना कमांडर सम्मेलन 2026 का दूसरा संस्करण नई दिल्ली के नौसेना भवन में शुरू हो गया है, जिसमें रक्षा मंत्री, सीडीएस और थलसेनाध्यक्ष ने नौसेना के शीर्ष नेतृत्व को संबोधित किया।

नौसेना कमांडर सम्मेलन 2026 का दूसरा संस्करण 29 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के नौसेना भवन में शुरू हुआ। तीन दिन चलने वाली इस बैठक में भारतीय नौसेना का वरिष्ठ नेतृत्व, जिसमें ऑपरेशनल और एरिया कमांडर शामिल हैं, परिचालन तैयारी, समुद्री सुरक्षा और भविष्य की क्षमता निर्माण पर विचार कर रहा है।

किसने क्या कहा

उद्घाटन संबोधन नौसेनाध्यक्ष एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने दिया। उन्होंने मौजूदा समुद्री सुरक्षा माहौल और नौसेना की तैनाती की समीक्षा की तथा युद्ध तत्परता, फुर्ती और नई तकनीक को तेजी से अपनाने पर जोर दिया।

रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने कमांडरों से कहा कि समुद्री क्षेत्र में भारत की जिम्मेदारियां बढ़ रही हैं और भारतीय नौसेना हिंद महासागर क्षेत्र में पहली प्रतिक्रिया देने वाली तथा पसंदीदा सुरक्षा साझेदार है। उन्होंने समुद्री निगरानी, विश्लेषण क्षमता और परिचालन प्रतिक्रिया को और मजबूत करने को कहा। पश्चिम एशिया की स्थिति का उल्लेख करते हुए उन्होंने ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा और देश की ऊर्जा सुरक्षा में नौसेना के योगदान को रेखांकित किया तथा आत्मनिर्भरता और स्वदेशी क्षमता विकास पर बल देते हुए कहा कि सुरक्षित समुद्र ही सुरक्षित और विकसित राष्ट्र की शर्त है।

तीनों सेनाओं का तालमेल

प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने भारतीय नौसेना को रणनीतिक बल गुणक बताया और तकनीक अपनाने, आत्मनिर्भरता तथा ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में उसके लगातार प्रयासों की सराहना की। उन्होंने युद्ध के बदलते स्वरूप की चर्चा करते हुए तेज तकनीकी बदलाव, निर्बाध डेटा साझेदारी और अधिक लचीलेपन की जरूरत बताई, जिसका आधार तीनों सेनाओं में एकीकरण है। थलसेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ ने भी नौसेना कमांडरों से बातचीत की, जिसका केंद्र त्रि-सेना तालमेल, अंतर-संचालन क्षमता और एकीकृत प्रतिक्रिया रही।

सम्मेलन में आगे क्या

बाकी सत्रों में नौसेना नेतृत्व परिचालन, सामग्री, रसद, मानव संसाधन, प्रशिक्षण, बल विकास और उभरती तकनीकों के समावेश पर विस्तार से चर्चा करेगा। बल स्तर को बेहतर बनाने, युद्ध तत्परता मजबूत करने और क्षमता विकास में तेजी लाने के उपायों की भी समीक्षा होगी।

महत्वपूर्ण तथ्य

आयोजननौसेना कमांडर सम्मेलन 2026, दूसरा संस्करण
स्थाननौसेना भवन, नई दिल्ली
शुरुआत29 सितंबर 2026; तीन दिवसीय सम्मेलन
उद्घाटन संबोधनएडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन, नौसेनाध्यक्ष
रक्षा मंत्रीश्री राजनाथ सिंह
प्रमुख रक्षा अध्यक्षजनरल एनएस राजा सुब्रमणि
थलसेनाध्यक्षजनरल धीरज सेठ
उल्लिखित ऑपरेशनऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ा
नौसेना की भूमिकाहिंद महासागर क्षेत्र में पहली प्रतिक्रिया देने वाली और पसंदीदा सुरक्षा साझेदार

परीक्षा की दृष्टि से

स्थान (नौसेना भवन, नई दिल्ली), यह 2026 का दूसरा संस्करण है, नौसेनाध्यक्ष एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन, सीडीएस जनरल एनएस राजा सुब्रमणि, थलसेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ, हिंद महासागर क्षेत्र में नौसेना की भूमिका और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ा ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.रक्षाआसान

नौसेना कमांडर सम्मेलन 2026 का दूसरा संस्करण कहां आयोजित हुआ?

  1. A.नौसेना भवन, नई दिल्ली
  2. B.दक्षिणी नौसेना कमान, कोच्चि
  3. C.पश्चिमी नौसेना कमान, मुंबई
  4. D.पूर्वी नौसेना कमान, विशाखापत्तनम
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. नौसेना भवन, नई दिल्ली

व्याख्या

सही उत्तर नौसेना भवन, नई दिल्ली है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार सम्मेलन का यह दूसरा संस्करण वहीं शुरू हुआ, जिसमें भारतीय नौसेना का वरिष्ठ नेतृत्व, ऑपरेशनल और एरिया कमांडर सहित, परिचालन तैयारी, समुद्री सुरक्षा तथा भविष्य की क्षमता पर विचार करने के लिए जुटा। विकल्प B, C और D क्रमशः कोच्चि, मुंबई और विशाखापत्तनम में स्थित नौसेना कमानों के नाम हैं। ये कमान मुख्यालय हैं और उनके कमांडर सम्मेलन में शामिल हुए, पर इस संस्करण की मेजबानी उन्होंने नहीं की। परीक्षा की दृष्टि से स्थान महत्वपूर्ण है, क्योंकि राजधानी स्थित नौसेना मुख्यालय में ही रक्षा मंत्री, सीडीएस और थलसेनाध्यक्ष ने नौसेना नेतृत्व से संवाद किया। तीन दिन चलने वाले इस सम्मेलन के बाकी सत्रों में परिचालन, सामग्री, रसद, मानव संसाधन, प्रशिक्षण, बल विकास तथा उभरती तकनीकों के समावेश पर भी विचार होना है, इसलिए आयोजन स्थल के साथ संस्करण संख्या भी याद रखनी चाहिए।

Q2.रक्षामध्यम

रक्षा मंत्री ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा से किस नौसैनिक ऑपरेशन को जोड़ा?

  1. A.ऑपरेशन संकल्प
  2. B.ऑपरेशन समुद्र सेतु
  3. C.ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा
  4. D.ऑपरेशन सागर रक्षक
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा

व्याख्या

सही उत्तर ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा है। पश्चिम एशिया की स्थिति का उल्लेख करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस ऑपरेशन के संचालन और भारत की ऊर्जा सुरक्षा की रक्षा में नौसेना के योगदान को रेखांकित किया। उसी संबोधन में उन्होंने आत्मनिर्भरता, स्वदेशी क्षमता विकास और तकनीक अपनाने पर भी जोर दिया। विकल्प A यानी ऑपरेशन संकल्प और विकल्प D यानी ऑपरेशन सागर रक्षक का इस संबोधन में नाम नहीं आया। विकल्प B यानी ऑपरेशन समुद्र सेतु समुद्र के रास्ते भारतीय नागरिकों को लाने से जुड़ा है, ऊर्जा सुरक्षा से नहीं। परीक्षा के लिए ऑपरेशन का नाम और उसका उद्देश्य, यानी ऊर्जा आपूर्ति वाले समुद्री मार्गों की सुरक्षा, साथ में याद रखें। रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि सुरक्षित समुद्र ही सुरक्षित और विकसित राष्ट्र की शर्त है।

Q3.रक्षामध्यम

सम्मेलन में नौसेनाध्यक्ष के रूप में उद्घाटन संबोधन किसने दिया?

  1. A.जनरल एनएस राजा सुब्रमणि
  2. B.एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन
  3. C.जनरल धीरज सेठ
  4. D.श्री राजनाथ सिंह
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन

व्याख्या

सही उत्तर एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन हैं, जो नौसेनाध्यक्ष हैं। उन्होंने सम्मेलन की शुरुआत करते हुए मौजूदा समुद्री सुरक्षा माहौल और भारतीय नौसेना की परिचालन तैनाती की समीक्षा की तथा युद्ध तत्परता, फुर्ती, त्वरित प्रतिक्रिया और तकनीक को तेजी से अपनाने पर बल दिया। विकल्प A यानी जनरल एनएस राजा सुब्रमणि प्रमुख रक्षा अध्यक्ष हैं, जिन्होंने अलग से कमांडरों को संबोधित कर नौसेना को रणनीतिक बल गुणक बताया। विकल्प C यानी जनरल धीरज सेठ थलसेनाध्यक्ष हैं, जिन्होंने त्रि-सेना तालमेल और एकीकृत प्रतिक्रिया पर बातचीत की। विकल्प D यानी राजनाथ सिंह रक्षा मंत्री हैं, जिन्होंने समुद्री जिम्मेदारियों पर संबोधन दिया। उद्घाटन संबोधन केवल नौसेनाध्यक्ष ने दिया, जबकि बाकी तीनों ने अलग-अलग सत्रों में नौसेना कमांडरों से संवाद किया। इसलिए पद और व्यक्ति का मिलान ध्यान से करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नौसेना कमांडर सम्मेलन 2026 का दूसरा संस्करण कहां हुआ?

नई दिल्ली के नौसेना भवन में। तीन दिवसीय यह सम्मेलन 29 सितंबर 2026 को शुरू हुआ और इसमें भारतीय नौसेना के ऑपरेशनल तथा एरिया कमांडर शामिल हुए।

रक्षा मंत्री ने ऊर्जा सुरक्षा के लिए किस ऑपरेशन का उल्लेख किया?

ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा। पश्चिम एशिया की स्थिति का हवाला देते हुए राजनाथ सिंह ने इस ऑपरेशन और भारत की ऊर्जा सुरक्षा में नौसेना के योगदान को रेखांकित किया।

भारत के नौसेनाध्यक्ष कौन हैं?

एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन, जिन्होंने सम्मेलन में उद्घाटन संबोधन दिया और समुद्री सुरक्षा माहौल तथा नौसेना की परिचालन तैनाती की समीक्षा की।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLUPSC सिविल सेवा