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GK24
रक्षामध्यम

रक्षा मंत्री ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा से किस नौसैनिक ऑपरेशन को जोड़ा?

  1. A.ऑपरेशन संकल्प
  2. B.ऑपरेशन समुद्र सेतु
  3. C.ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा
  4. D.ऑपरेशन सागर रक्षक

सही उत्तर

C. ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा

व्याख्या

सही उत्तर ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा है। पश्चिम एशिया की स्थिति का उल्लेख करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस ऑपरेशन के संचालन और भारत की ऊर्जा सुरक्षा की रक्षा में नौसेना के योगदान को रेखांकित किया। उसी संबोधन में उन्होंने आत्मनिर्भरता, स्वदेशी क्षमता विकास और तकनीक अपनाने पर भी जोर दिया। विकल्प A यानी ऑपरेशन संकल्प और विकल्प D यानी ऑपरेशन सागर रक्षक का इस संबोधन में नाम नहीं आया। विकल्प B यानी ऑपरेशन समुद्र सेतु समुद्र के रास्ते भारतीय नागरिकों को लाने से जुड़ा है, ऊर्जा सुरक्षा से नहीं। परीक्षा के लिए ऑपरेशन का नाम और उसका उद्देश्य, यानी ऊर्जा आपूर्ति वाले समुद्री मार्गों की सुरक्षा, साथ में याद रखें। रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि सुरक्षित समुद्र ही सुरक्षित और विकसित राष्ट्र की शर्त है।

पूरा लेख पढ़ें: नौसेना कमांडर सम्मेलन 2026 का दूसरा संस्करण नई दिल्ली में शुरू

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Q1.रक्षाआसान

नौसेना कमांडर सम्मेलन 2026 का दूसरा संस्करण कहां आयोजित हुआ?

  1. A.नौसेना भवन, नई दिल्ली
  2. B.दक्षिणी नौसेना कमान, कोच्चि
  3. C.पश्चिमी नौसेना कमान, मुंबई
  4. D.पूर्वी नौसेना कमान, विशाखापत्तनम
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. नौसेना भवन, नई दिल्ली

व्याख्या

सही उत्तर नौसेना भवन, नई दिल्ली है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार सम्मेलन का यह दूसरा संस्करण वहीं शुरू हुआ, जिसमें भारतीय नौसेना का वरिष्ठ नेतृत्व, ऑपरेशनल और एरिया कमांडर सहित, परिचालन तैयारी, समुद्री सुरक्षा तथा भविष्य की क्षमता पर विचार करने के लिए जुटा। विकल्प B, C और D क्रमशः कोच्चि, मुंबई और विशाखापत्तनम में स्थित नौसेना कमानों के नाम हैं। ये कमान मुख्यालय हैं और उनके कमांडर सम्मेलन में शामिल हुए, पर इस संस्करण की मेजबानी उन्होंने नहीं की। परीक्षा की दृष्टि से स्थान महत्वपूर्ण है, क्योंकि राजधानी स्थित नौसेना मुख्यालय में ही रक्षा मंत्री, सीडीएस और थलसेनाध्यक्ष ने नौसेना नेतृत्व से संवाद किया। तीन दिन चलने वाले इस सम्मेलन के बाकी सत्रों में परिचालन, सामग्री, रसद, मानव संसाधन, प्रशिक्षण, बल विकास तथा उभरती तकनीकों के समावेश पर भी विचार होना है, इसलिए आयोजन स्थल के साथ संस्करण संख्या भी याद रखनी चाहिए।

Q2.रक्षामध्यम

सम्मेलन में नौसेनाध्यक्ष के रूप में उद्घाटन संबोधन किसने दिया?

  1. A.जनरल एनएस राजा सुब्रमणि
  2. B.एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन
  3. C.जनरल धीरज सेठ
  4. D.श्री राजनाथ सिंह
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन

व्याख्या

सही उत्तर एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन हैं, जो नौसेनाध्यक्ष हैं। उन्होंने सम्मेलन की शुरुआत करते हुए मौजूदा समुद्री सुरक्षा माहौल और भारतीय नौसेना की परिचालन तैनाती की समीक्षा की तथा युद्ध तत्परता, फुर्ती, त्वरित प्रतिक्रिया और तकनीक को तेजी से अपनाने पर बल दिया। विकल्प A यानी जनरल एनएस राजा सुब्रमणि प्रमुख रक्षा अध्यक्ष हैं, जिन्होंने अलग से कमांडरों को संबोधित कर नौसेना को रणनीतिक बल गुणक बताया। विकल्प C यानी जनरल धीरज सेठ थलसेनाध्यक्ष हैं, जिन्होंने त्रि-सेना तालमेल और एकीकृत प्रतिक्रिया पर बातचीत की। विकल्प D यानी राजनाथ सिंह रक्षा मंत्री हैं, जिन्होंने समुद्री जिम्मेदारियों पर संबोधन दिया। उद्घाटन संबोधन केवल नौसेनाध्यक्ष ने दिया, जबकि बाकी तीनों ने अलग-अलग सत्रों में नौसेना कमांडरों से संवाद किया। इसलिए पद और व्यक्ति का मिलान ध्यान से करें।

Q3.रक्षामध्यम

भारत-कोरिया गणराज्य रक्षा उद्योग एवं लॉजिस्टिक्स बैठक में कौन-सी भारतीय कंपनियां शामिल हुईं?

  1. A.एचएएल और भारत डायनेमिक्स लिमिटेड
  2. B.लार्सन एंड टुब्रो और भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड
  3. C.मझगांव डॉक और गार्डन रीच शिपबिल्डर्स
  4. D.भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और कोचीन शिपयार्ड
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. लार्सन एंड टुब्रो और भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड

व्याख्या

सही उत्तर लार्सन एंड टुब्रो और भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड है। नई दिल्ली दौर में भारतीय उद्योग का प्रतिनिधित्व एलएंडटी और बीईएमएल ने किया, जो अधिकारियों के साथ रक्षा उत्पादन और लॉजिस्टिक्स पर हुई चर्चा में शामिल रहीं। कोरियाई उद्योग पक्ष में हनवा एयरोस्पेस, हनवा सिस्टम्स, कोरियन एयर, कोरिया एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज और डीएस नेवकोर्स थीं। विकल्प A में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड और भारत डायनेमिक्स लिमिटेड हैं, जो महत्वपूर्ण रक्षा सार्वजनिक उपक्रम तो हैं पर इस बैठक में शामिल नहीं थीं, इसलिए गलत है। विकल्प C में दो पोत निर्माण कंपनियां हैं और विकल्प D में एक इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी तथा एक और शिपयार्ड है, इनमें से कोई भी इस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा नहीं था, अतः दोनों गलत हैं। ध्यान रहे कि अधिकारियों के साथ कंपनियों की मौजूदगी ही ऐसी बैठक को नीति से असल ऑर्डर तक ले जाने में उपयोगी बनाती है।

Q4.रक्षाआसान

भारत और कोरिया गणराज्य के बीच रक्षा उद्योग एवं लॉजिस्टिक्स सहयोग पर नई दिल्ली में कौन-सी संयुक्त समिति बैठक हुई?

  1. A.8वीं
  2. B.9वीं
  3. C.10वीं
  4. D.12वीं
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 10वीं

व्याख्या

सही उत्तर 10वीं है। भारत और कोरिया गणराज्य के बीच रक्षा उद्योग तथा लॉजिस्टिक्स सहयोग पर चलने वाला यह संवाद नई दिल्ली दौर के साथ अपने दसवें संस्करण तक पहुंचा। इसमें दोनों पक्षों ने मौजूदा रक्षा सहयोग की समीक्षा की और रक्षा उत्पादन तथा लॉजिस्टिक्स में साझेदारी बढ़ाने के उपायों पर बात की। विकल्प A यानी 8वीं और विकल्प B यानी 9वीं इसी संवाद के पहले के दौर हैं, यहां हुई बैठक नहीं, इसलिए ये दोनों गलत हैं। विकल्प D यानी 12वीं इस संवाद को उससे कहीं आगे पहुंचा देता है जहां वह वास्तव में पहुंचा है, इसलिए यह भी गलत है। इस दौर की सह-अध्यक्षता भारत की ओर से अपर सचिव (रक्षा उत्पादन) दिनेश माहुर और कोरियाई पक्ष से रक्षा अधिग्रहण कार्यक्रम प्रशासन के उप मंत्री किम इल डोंग ने की। परीक्षार्थी संस्करण संख्या को मेजबान शहर और दोनों सह-अध्यक्षों के नाम से जोड़कर याद रखें।

Q5.रक्षामध्यम

बैठक की सह-अध्यक्षता करने वाली कोरियाई संस्था डीएपीए का पूरा नाम क्या है?

  1. A.रक्षा अधिग्रहण कार्यक्रम प्रशासन
  2. B.रक्षा उन्नत परियोजना एजेंसी
  3. C.रक्षा एवं एयरोस्पेस खरीद प्राधिकरण
  4. D.रक्षा गठबंधन साझेदारी प्रशासन
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. रक्षा अधिग्रहण कार्यक्रम प्रशासन

व्याख्या

सही उत्तर रक्षा अधिग्रहण कार्यक्रम प्रशासन है। डीएपीए कोरिया गणराज्य की वह सरकारी संस्था है जो रक्षा खरीद का काम देखती है और देश के रक्षा उद्योग की देखरेख करती है। इसके उप मंत्री किम इल डोंग ने नई दिल्ली में हुई संयुक्त समिति बैठक की सह-अध्यक्षता अपर सचिव (रक्षा उत्पादन) दिनेश माहुर के साथ की। विकल्प B यानी रक्षा उन्नत परियोजना एजेंसी नाम को अनुसंधान से जुड़ी एजेंसियों के साथ मिला देता है और डीएपीए का विस्तार नहीं है, इसलिए गलत है। विकल्प C यानी रक्षा एवं एयरोस्पेस खरीद प्राधिकरण सुनने में सही लगता है क्योंकि यह संस्था खरीद ही देखती है, पर यह उसका आधिकारिक नाम नहीं है, अतः गलत है। विकल्प D यानी रक्षा गठबंधन साझेदारी प्रशासन एक गढ़ा हुआ नाम है और इसका कोरियाई खरीद संस्था से कोई संबंध नहीं, इसलिए वह भी गलत है। बैठक से इतर डीएपीए उप मंत्री ने रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ से भी भेंट की।