सर्वेक्षण पत्रिका का 121वां अंक एनएसएसटीए ने जारी किया
राष्ट्रीय सांख्यिकी प्रणाली प्रशिक्षण अकादमी ने सरकारी सांख्यिकी की द्वि-वार्षिक पत्रिका सर्वेक्षण का 121वां अंक जारी किया, जिसमें तीन तकनीकी शोध पत्र हैं।

चर्चा में क्यों
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की राष्ट्रीय सांख्यिकी प्रणाली प्रशिक्षण अकादमी ने सरकारी सांख्यिकी की द्वि-वार्षिक पत्रिका सर्वेक्षण का 121वां अंक जारी किया, जिसमें तीन तकनीकी शोध पत्र तथा राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण के दो सर्वेक्षणों के मुख्य बिंदु शामिल हैं।
सरकारी सांख्यिकी की द्वि-वार्षिक पत्रिका सर्वेक्षण का 121वां अंक सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की राष्ट्रीय सांख्यिकी प्रणाली प्रशिक्षण अकादमी (एनएसएसटीए) ने जारी किया है। यह पत्रिका मंत्रालय का वह स्थायी मंच है, जिस पर राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण (एनएसएस) तथा अन्य सरकारी आंकड़ों पर आधारित शोध प्रकाशित होता है। इसका वितरण शोधकर्ताओं, आंकड़ों के उपयोगकर्ताओं, मंत्रालयों और विभागों तथा देश-विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों में होता है।
तीन तकनीकी शोध पत्र
- वस्तु रूप में सामाजिक हस्तांतरण का भारतीय परिवारों के जीवन स्तर पर प्रभाव।
- दक्षता में कारखाने के आकार की भूमिका, जो उद्योगों के वार्षिक सर्वेक्षण (एएसआई) के 2022-23 के आंकड़ों पर आधारित है।
- उद्योगों के वार्षिक सर्वेक्षण में पीपीएस वृत्तीय क्रमबद्ध प्रतिचयन अपनाने के प्रभाव पर अनुकरण आधारित अध्ययन।
प्रत्येक शोध पत्र प्रकाशन से पहले समकक्ष समीक्षा और संपादकीय प्रक्रिया से गुजरा। ये तीनों मिलकर सांख्यिकीय कार्यप्रणाली, औद्योगिक दक्षता तथा परिवारों के जीवन स्तर पर सामाजिक हस्तांतरण के असर को समझने में मदद करते हैं।
अंक में शामिल सर्वेक्षण निष्कर्ष
शोध पत्रों के अलावा इस अंक में राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण के दो सर्वेक्षणों के मुख्य बिंदु दिए गए हैं:
| सर्वेक्षण | संदर्भ अवधि |
| असंगठित क्षेत्र उद्यमों का वार्षिक सर्वेक्षण (एएसयूएसई) 2025 | जनवरी से दिसंबर 2025 |
| आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) 2025 | जनवरी से दिसंबर 2025 |
इन सारांशों से पाठकों को असंगठित उद्यम क्षेत्र तथा श्रम बाजार की प्रवृत्तियों की तुरंत झलक मिलती है, जिससे यह अंक नीति निर्माताओं और सरकारी आंकड़ों के शैक्षणिक उपयोगकर्ताओं, दोनों के लिए उपयोगी बनता है।
पत्रिका का महत्व
सर्वेक्षण को अपनी शैक्षणिक कठोरता और नीतिगत प्रासंगिकता के लिए पहचाना जाता है और यह लंबे समय से देश में सरकारी सांख्यिकीय आंकड़ों का उपयोग बढ़ाने का काम करती आई है। इसके जरिये प्रशिक्षण अकादमी सरकारी सांख्यिकी में शोध को प्रोत्साहन देती है, कार्यप्रणाली में नवाचार को बढ़ावा देती है और साक्ष्य आधारित नीति निर्माण के विश्लेषणात्मक आधार को मजबूत करती है। यह पत्रिका सरकार और शोध जगत के बीच सांख्यिकीय ज्ञान साझा करने तथा सर्वेक्षण आंकड़ों का उपयोग करने वाले मंत्रालयों में सुविचारित निर्णय में सहायक माध्यम बनी हुई है।
14 अक्टूबर 2026 को जारी यह अंक सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय तथा राष्ट्रीय सांख्यिकी प्रणाली प्रशिक्षण अकादमी की वेबसाइटों पर पढ़ा जा सकता है। परीक्षार्थियों के लिए याद रखने योग्य बातें हैं — अंक संख्या, पत्रिका निकालने वाली अकादमी, संबंधित मंत्रालय, पत्रिका की अवधि तथा वे दो सर्वेक्षण जिनके मुख्य बिंदु इस अंक में हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य
| प्रकाशन | सर्वेक्षण, सरकारी सांख्यिकी की पत्रिका |
|---|---|
| जारी अंक | 121वां अंक |
| अवधि | द्वि-वार्षिक |
| जारी किया | राष्ट्रीय सांख्यिकी प्रणाली प्रशिक्षण अकादमी (एनएसएसटीए) |
| मंत्रालय | सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय |
| तकनीकी शोध पत्र | तीन, सभी समकक्ष-समीक्षित |
| शोध विषय | वस्तु रूप में सामाजिक हस्तांतरण और जीवन स्तर; एएसआई 2022-23 से कारखाने का आकार और दक्षता; एएसआई में पीपीएस वृत्तीय क्रमबद्ध प्रतिचयन |
| सर्वेक्षण मुख्य बिंदु | एएसयूएसई 2025 और पीएलएफएस 2025, दोनों जनवरी से दिसंबर 2025 |
| पत्रिका का आंकड़ा आधार | राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण (एनएसएस) तथा अन्य सरकारी सांख्यिकी |
| वितरण | शोधकर्ता, आंकड़ा उपयोगकर्ता, मंत्रालय और विभाग, तथा देश-विदेश के संस्थान |
परीक्षा की दृष्टि से
अंक संख्या (121वां), पत्रिका (सर्वेक्षण, सरकारी सांख्यिकी की पत्रिका), अवधि (द्वि-वार्षिक), जारी करने वाला निकाय (राष्ट्रीय सांख्यिकी प्रणाली प्रशिक्षण अकादमी), संबंधित मंत्रालय (सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन), तीनों शोध पत्रों के विषय जिनमें उद्योगों के वार्षिक सर्वेक्षण 2022-23 पर आधारित अध्ययन शामिल है, तथा वे दो सर्वेक्षण जिनके मुख्य बिंदु दिए गए हैं — एएसयूएसई 2025 और पीएलएफएस 2025, दोनों जनवरी से दिसंबर 2025 की अवधि के — याद रखें।
अभ्यास प्रश्न
सरकारी सांख्यिकी की पत्रिका सर्वेक्षण का कौन-सा अंक जारी किया गया है?
- A.111वां
- B.118वां
- C.121वां
- D.125वां
उत्तर देखें
इसे राष्ट्रीय सांख्यिकी प्रणाली प्रशिक्षण अकादमी ने निकाला, जो सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अधीन काम करती है। सर्वेक्षण द्वि-वार्षिक पत्रिका है और राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण तथा अन्य सरकारी आंकड़ों पर आधारित शोध के प्रसार का मंच है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सर्वेक्षण पत्रिका का 121वां अंक किस निकाय ने जारी किया?
- A.राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग
- B.राष्ट्रीय सांख्यिकी प्रणाली प्रशिक्षण अकादमी
- C.केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय
- D.राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण कार्यालय
उत्तर देखें
इस पत्रिका के निरंतर प्रकाशन से अकादमी सरकारी सांख्यिकी में शोध को प्रोत्साहन देती है, सांख्यिकीय आंकड़ों के व्यापक उपयोग तथा कार्यप्रणाली में नवाचार को बढ़ावा देती है और साक्ष्य आधारित नीति निर्माण का विश्लेषणात्मक आधार मजबूत करती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सर्वेक्षण के 121वें अंक में किन दो सर्वेक्षणों के मुख्य बिंदु प्रस्तुत किए गए हैं?
- A.उद्योगों का वार्षिक सर्वेक्षण और उपभोक्ता व्यय सर्वेक्षण
- B.असंगठित क्षेत्र उद्यमों का वार्षिक सर्वेक्षण 2025 और आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण 2025
- C.राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण और आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण
- D.घरेलू उपभोग व्यय सर्वेक्षण और आर्थिक गणना
उत्तर देखें
दोनों सर्वेक्षण राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण ने कराए और दोनों की अवधि जनवरी से दिसंबर 2025 है। इनके मुख्य बिंदु शामिल करने से पाठकों को असंगठित उद्यम क्षेत्र तथा श्रम बाजार की प्रवृत्तियों की जानकारी मिलती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सर्वेक्षण पत्रिका का कौन-सा अंक जारी हुआ और किसने जारी किया?
121वां अंक जारी हुआ और इसे सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की राष्ट्रीय सांख्यिकी प्रणाली प्रशिक्षण अकादमी ने जारी किया। सर्वेक्षण सरकारी सांख्यिकी की द्वि-वार्षिक पत्रिका है और राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण तथा अन्य सरकारी आंकड़ों पर आधारित शोध प्रसारित करती है।
इस अंक के तीन तकनीकी शोध पत्र किन विषयों पर हैं?
पहला शोध पत्र वस्तु रूप में सामाजिक हस्तांतरण के भारतीय परिवारों के जीवन स्तर पर प्रभाव की जांच करता है। दूसरा उद्योगों के वार्षिक सर्वेक्षण के 2022-23 के आंकड़ों से दक्षता में कारखाने के आकार की भूमिका पर है। तीसरा उद्योगों के वार्षिक सर्वेक्षण में पीपीएस वृत्तीय क्रमबद्ध प्रतिचयन अपनाने के प्रभाव पर अनुकरण आधारित अध्ययन है।
121वें अंक में किन सर्वेक्षणों के मुख्य बिंदु दिए गए हैं?
इसमें राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण के दो सर्वेक्षणों के मुख्य बिंदु हैं — असंगठित क्षेत्र उद्यमों का वार्षिक सर्वेक्षण 2025 और आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण 2025, दोनों जनवरी से दिसंबर 2025 की अवधि के। इनसे असंगठित क्षेत्र तथा श्रम बाजार की प्रवृत्तियों की जानकारी मिलती है।
स्रोत
- https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2323502 (नए टैब में खुलेगा) — Press Information Bureau
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