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प्रल्हाद जोशी ने चेन्नई में 8वां विंडर्जी इंडिया 2026 खोला

केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने चेन्नई में 8वां विंडर्जी इंडिया 2026 खोला और बताया कि पवन क्षमता 59.20 गीगावाट है, 2030 तक 100 गीगावाट का लक्ष्य है।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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प्रल्हाद जोशी ने चेन्नई में 8वां विंडर्जी इंडिया 2026 खोला

चर्चा में क्यों

8 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने चेन्नई में 8वां विंडर्जी इंडिया 2026 खोला और 2030 तक 100 गीगावाट पवन क्षमता तक पहुंचने का रास्ता बताया।

नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा, शिक्षा तथा उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रल्हाद जोशी ने 8 अक्टूबर 2026 को चेन्नई में विंडर्जी इंडिया 2026 के 8वें संस्करण का उद्घाटन किया। पवन ऊर्जा का यह वैश्विक सम्मेलन 7 से 9 अक्टूबर 2026 तक चल रहा है। उद्घाटन समारोह में तमिलनाडु के ऊर्जा संसाधन और विधि मंत्री सी. टी. आर. निर्मल कुमार भी मौजूद रहे। इनके साथ केंद्र तथा कई राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी, पवन ऊर्जा संगठनों के प्रतिनिधि और उद्योग जगत के अग्रणी लोग शामिल हुए।

आयोजन का आकार

विंडर्जी इंडिया 2026 में 20 से अधिक देशों के लगभग 400 प्रदर्शक और 500 प्रतिनिधि जुटे हैं। डेनमार्क, जर्मनी और स्पेन ने अपने अलग देश मंडप भी लगाए हैं।

पवन ऊर्जा में भारत कहां खड़ा है

मुख्य संबोधन में मंत्री ने बताया कि 30 सितंबर 2026 तक देश की स्थापित पवन क्षमता 59.20 गीगावाट पर पहुंच गई है और देश 2030 तक 100 गीगावाट पवन क्षमता पार करने की राह पर है। उन्होंने वित्त वर्ष 2026 में जुड़ी 6.05 गीगावाट क्षमता का जिक्र किया, जो किसी एक साल में देश की अब तक की सबसे बड़ी बढ़ोतरी है, और कहा कि वित्त वर्ष 2027 में यह आंकड़ा इससे भी आगे निकलेगा। उनके मुताबिक परियोजनाओं की मजबूत कतार और सहायक नीतिगत ढांचा भारत को पवन ऊर्जा के उत्पादन तथा निर्यात, दोनों में वैश्विक अगुवाई की स्थिति में ले आता है।

स्थापित पवन क्षमता (30 सितंबर 2026)59.20 गीगावाट
एक साल में सर्वाधिक बढ़ोतरीवित्त वर्ष 2026 में 6.05 गीगावाट
राष्ट्रीय लक्ष्य2030 तक 100 गीगावाट पवन क्षमता

समझौते और रिपोर्ट

भारतीय पवन क्षेत्र में तकनीक को आगे बढ़ाने के लिए उद्घाटन के मौके पर कई साझेदारियों की घोषणा हुई, जिनमें आईडब्ल्यूटीएमए-बीडब्ल्यूई वैश्विक समझौता ज्ञापन, आईडब्ल्यूटीएमए-पीटीबी आशय पत्र और आईडब्ल्यूटीएमए-ओईसीडी सहयोग शामिल हैं। इस अवसर पर दो रिपोर्ट भी जारी की गईं, जिनके शीर्षक तमिलनाडु में ऊर्जा परिवर्तन तथा भारतीय पवन क्षेत्र के लिए संविदा व्यवस्था की नई कल्पना हैं।

तमिलनाडु और राज्यों की भूमिका

तमिलनाडु के ऊर्जा मंत्री ने राज्य की रीपावरिंग नीति तथा पवन ऊर्जा को आगे बढ़ाने के लिए उठाए गए कदमों पर बात की। कई राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों को भूमि उपलब्ध कराने, समय पर मंजूरी देने और रास्ते के अधिकार से जुड़े विवाद सुलझाने में अच्छे काम के लिए सम्मानित किया गया, क्योंकि ये तीनों बातें अटक जाने पर पवन परियोजनाएं रुक जाती हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य

आयोजनविंडर्जी इंडिया 2026 का 8वां संस्करण
स्थान और तिथिचेन्नई, 7 से 9 अक्टूबर 2026
उद्घाटनकेंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी
तमिलनाडु के मंत्रीसी. टी. आर. निर्मल कुमार, ऊर्जा संसाधन और विधि मंत्री
स्थापित पवन क्षमता30 सितंबर 2026 तक 59.20 गीगावाट
सर्वाधिक सालाना बढ़ोतरीवित्त वर्ष 2026 में 6.05 गीगावाट
लक्ष्य2030 तक 100 गीगावाट पवन क्षमता
भागीदारी20 से अधिक देशों के करीब 400 प्रदर्शक और 500 प्रतिनिधि
देश मंडपडेनमार्क, जर्मनी और स्पेन
जारी रिपोर्टतमिलनाडु में ऊर्जा परिवर्तन; भारतीय पवन क्षेत्र के लिए संविदा व्यवस्था की नई कल्पना

परीक्षा की दृष्टि से

संस्करण (8वां), स्थान (चेन्नई), तिथियां (7 से 9 अक्टूबर 2026), उद्घाटन करने वाले मंत्री (प्रल्हाद जोशी) और आंकड़े याद रखें: 30 सितंबर 2026 तक 59.20 गीगावाट स्थापित पवन क्षमता, वित्त वर्ष 2026 में रिकॉर्ड 6.05 गीगावाट की बढ़ोतरी, 2030 तक 100 गीगावाट का लक्ष्य, 20 से अधिक देशों के 400 प्रदर्शक और 500 प्रतिनिधि। तीन देश मंडप और दो रिपोर्ट भी देखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.पर्यावरणमध्यम

30 सितंबर 2026 तक भारत की स्थापित पवन ऊर्जा क्षमता कितनी थी?

  1. A.48.75 गीगावाट
  2. B.59.20 गीगावाट
  3. C.68.40 गीगावाट
  4. D.75.10 गीगावाट
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 59.20 गीगावाट

व्याख्या

सही उत्तर 59.20 गीगावाट है। चेन्नई में विंडर्जी इंडिया 2026 के उद्घाटन पर केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री ने 30 सितंबर 2026 तक स्थापित पवन क्षमता इसी स्तर पर बताई और कहा कि देश 2030 तक 100 गीगावाट पवन क्षमता पार करने की मजबूत स्थिति में है। विकल्प A, C और D में दिए आंकड़े इस मौके पर बताए ही नहीं गए थे। उसी संबोधन से दो और आंकड़े याद रखने लायक हैं: वित्त वर्ष 2026 में जुड़ी 6.05 गीगावाट क्षमता, जो किसी एक साल में भारत की सबसे बड़ी पवन बढ़ोतरी है, और यह उम्मीद कि वित्त वर्ष 2027 में बढ़ोतरी इससे भी अधिक रहेगी। स्थापित क्षमता, सालाना रिकॉर्ड बढ़ोतरी और 2030 का लक्ष्य, ये तीनों आंकड़े परीक्षा में सबसे अधिक पूछे जाने वाले हैं, इसलिए इन्हें एक साथ याद करना चाहिए।

Q2.पर्यावरणआसान

विंडर्जी इंडिया 2026 के 8वें संस्करण का उद्घाटन किस शहर में हुआ?

  1. A.चेन्नई
  2. B.अहमदाबाद
  3. C.नई दिल्ली
  4. D.बेंगलुरु
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. चेन्नई

व्याख्या

सही उत्तर चेन्नई है। पवन ऊर्जा के इस वैश्विक सम्मेलन का 8वां संस्करण वहीं 8 अक्टूबर 2026 को खुला और यह 7 से 9 अक्टूबर तक चला। शहर का चुनाव तमिलनाडु की पवन ऊर्जा में भूमिका से मेल खाता है, और उद्घाटन समारोह में राज्य के ऊर्जा संसाधन तथा विधि मंत्री सी. टी. आर. निर्मल कुमार शामिल हुए और उन्होंने राज्य की रीपावरिंग नीति पर बात की। विकल्प B अहमदाबाद, विकल्प C नई दिल्ली और विकल्प D बेंगलुरु में ऊर्जा से जुड़े कई आयोजन होते हैं, लेकिन यह सम्मेलन वहां नहीं हुआ। इस संस्करण का आकार भी ध्यान रखें: 20 से अधिक देशों के करीब 400 प्रदर्शक, 500 प्रतिनिधि तथा डेनमार्क, जर्मनी और स्पेन के अलग देश मंडप। उद्घाटन पर तमिलनाडु में ऊर्जा परिवर्तन और भारतीय पवन क्षेत्र की संविदा व्यवस्था पर दो रिपोर्ट भी जारी हुईं।

Q3.पर्यावरणमध्यम

विंडर्जी इंडिया 2026 में किन तीन देशों ने अपने अलग देश मंडप लगाए?

  1. A.डेनमार्क, जर्मनी और स्पेन
  2. B.नॉर्वे, फ्रांस और जापान
  3. C.डेनमार्क, नीदरलैंड और स्वीडन
  4. D.जर्मनी, इटली और पुर्तगाल
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. डेनमार्क, जर्मनी और स्पेन

व्याख्या

सही उत्तर डेनमार्क, जर्मनी और स्पेन है। चेन्नई के इस आयोजन में इन्हीं तीन देशों के अलग मंडप लगे, जहां 20 से अधिक देशों के करीब 400 प्रदर्शक और 500 प्रतिनिधि भी जुटे। विकल्प B, C और D में पवन ऊर्जा के जाने-माने देशों के नाम मिलाए गए हैं, इसलिए वे सही लगते हैं, लेकिन इस संस्करण के लिए बताई गई सूची पहली ही है। उसी समारोह में घोषित समझौते भी याद रखने चाहिए, क्योंकि परीक्षा में वे भी पूछे जा सकते हैं: आईडब्ल्यूटीएमए-बीडब्ल्यूई वैश्विक समझौता ज्ञापन, आईडब्ल्यूटीएमए-पीटीबी आशय पत्र और आईडब्ल्यूटीएमए-ओईसीडी सहयोग, जिनका मकसद भारतीय पवन क्षेत्र में बेहतर तकनीक लाना है। कई राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों को भूमि उपलब्ध कराने, समय पर मंजूरी देने और रास्ते के अधिकार के विवाद सुलझाने के लिए सम्मानित भी किया गया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत की स्थापित पवन ऊर्जा क्षमता कितनी है?

चेन्नई में विंडर्जी इंडिया 2026 में केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने बताया कि 30 सितंबर 2026 तक यह 59.20 गीगावाट थी। राष्ट्रीय लक्ष्य 2030 तक 100 गीगावाट पवन क्षमता पार करना है।

विंडर्जी इंडिया 2026 कहां आयोजित हुआ?

चेन्नई में, 7 से 9 अक्टूबर 2026 तक। 8वें संस्करण का उद्घाटन 8 अक्टूबर को केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने किया, जिसमें तमिलनाडु के ऊर्जा मंत्री सी. टी. आर. निर्मल कुमार मौजूद रहे।

वित्त वर्ष 2026 में भारत ने कितनी पवन क्षमता जोड़ी?

रिकॉर्ड 6.05 गीगावाट, जो देश की किसी एक साल में सबसे बड़ी पवन बढ़ोतरी है। मंत्री ने कहा कि वित्त वर्ष 2027 का आंकड़ा इससे भी ऊपर जाएगा।

स्रोत

करेंट अफेयर्स 8 अक्टूबर 2026

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