एनएचएआई का वन्यजीव शमन दस्तावेज: 19,700 करोड़ का निवेश
एनएचएआई ने वन्यजीव शमन उपाय एवं संरचना दस्तावेज जारी किया, जिसमें 19,700 करोड़ रुपये का निवेश और राष्ट्रीय राजमार्गों पर 2,150 से अधिक संरचनाएं दर्ज हैं।

चर्चा में क्यों
8 अक्टूबर 2026 को एनएचएआई ने राष्ट्रीय वन्यजीव सप्ताह के लिए ‘वन्यजीव शमन उपाय एवं संरचना’ दस्तावेज जारी किया, जिसमें पांच वर्षों में लगभग 19,700 करोड़ रुपये का निवेश और राष्ट्रीय राजमार्गों पर 2,150 से अधिक शमन संरचनाएं दर्ज हैं।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने ‘वन्यजीव शमन उपाय एवं संरचना’ शीर्षक से एक दस्तावेज जारी किया है, जो बताता है कि राष्ट्रीय राजमार्गों की योजना, डिजाइन और निर्माण में वन्यजीव संरक्षण को किस तरह शामिल किया जा रहा है। यह प्रकाशन 2 से 8 अक्टूबर 2026 तक मनाए गए राष्ट्रीय वन्यजीव सप्ताह के उपलक्ष्य में हुआ। दस्तावेज सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुजरात के एकता नगर में आयोजित चिंतन शिविर में जारी किया।
कितना खर्च हुआ
पिछले पांच वर्षों में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर वन्यजीव शमन ढांचे तथा संबंधित पर्यावरणीय सुरक्षा उपायों पर लगभग 19,700 करोड़ रुपये लगाए गए हैं। यह धन उन तीन समस्याओं से निपटने के लिए है जो राजमार्ग निर्माण पशुओं के लिए पैदा करता है: आवासों का टुकड़ों में बंटना, सड़कों का आवागमन में बाधा बनना, और वन्यजीवों तथा वाहनों की टकराहट। शमन उपाय हर जगह एक समान नहीं होते; किसी हिस्से में क्या लगाया जाए यह इस पर निर्भर करता है कि गलियारा पारिस्थितिक रूप से कितना संवेदनशील है, पशु वहां वास्तव में कैसे आते-जाते हैं, और इंजीनियरिंग क्या अनुमति देती है।
2,150 से अधिक संरचनाएं
दस्तावेज के अनुसार देश भर में राष्ट्रीय राजमार्गों पर 2,150 से अधिक वन्यजीव शमन संरचनाएं बन चुकी हैं अथवा प्रस्तावित हैं। इनमें पशु अंडरपास, बड़े और छोटे पुलों में एकीकृत क्रॉसिंग, पशुओं के आवागमन के लिए अनुकूलित पुलिया, पेड़ों पर रहने वाली प्रजातियों के लिए कैनोपी क्रॉसिंग तथा अन्य विशेष संरचनाएं शामिल हैं। खर्च का ब्योरा नीचे दिया गया है।
| संरचना | निवेश |
| पशु अंडरपास | लगभग 4,600 करोड़ रुपये |
| पशु ओवरपास | लगभग 650 करोड़ रुपये |
| वायाडक्ट | लगभग 8,300 करोड़ रुपये |
| सुरंगें | लगभग 2,800 करोड़ रुपये |
| बड़े पुल | लगभग 2,500 करोड़ रुपये |
| छोटे पुल | लगभग 500 करोड़ रुपये |
गैर-संरचनात्मक उपाय
कंक्रीट और लोहे के साथ-साथ इस ढांचे में संकेतक, बाड़ और गति नियंत्रण भी शामिल हैं। 300 किलोमीटर से अधिक राष्ट्रीय राजमार्ग संरेखणों पर गाइड फेंसिंग तथा ध्वनि अवरोधक लगाए गए हैं, जिससे पशु उनके लिए बनाई गई क्रॉसिंग की ओर मुड़ें और वाहनों से टकराव घटे। ध्वनि अवरोधक, सरीसृपों के लिए क्रॉसिंग तथा वर्षा जल संचयन भी सूचीबद्ध उपायों में हैं।
निगरानी और आगे की राह
एनएचएआई ने निगरानी व्यवस्था बनाई है, जिसमें कैमरा ट्रैपिंग शामिल है, जिससे पशुओं के आवागमन का अध्ययन होता है और समय-समय पर यह जांचा जाता है कि उपाय कारगर हैं या नहीं। जहां वन्यजीव और वाहन सबसे अधिक टकराते हैं उन स्थानों को हॉटस्पॉट के रूप में चिह्नित कर गति नियंत्रण बोर्ड तथा संकेतक लगाए जाते हैं। दस्तावेज संरक्षण संस्थाओं और राजमार्ग बनाने वाली एजेंसियों के बीच घनिष्ठ सहयोग पर भी जोर देता है, ताकि शमन उपाय परियोजना के हर चरण में शामिल हों, बाद में जोड़े न जाएं। इसे एनएचएआई की वेबसाइट पर संदर्भ ढांचे के रूप में रखा गया है, जिसका उद्देश्य वर्तमान में प्रयुक्त सभी उपायों का लेखा-जोखा रखना है, ताकि संपर्क और जैव विविधता साथ-साथ बढ़ें।
महत्वपूर्ण तथ्य
| दस्तावेज | ‘वन्यजीव शमन उपाय एवं संरचना’, एनएचएआई द्वारा जारी |
|---|---|
| अवसर | राष्ट्रीय वन्यजीव सप्ताह, 2 से 8 अक्टूबर 2026 |
| जारी किया | नितिन गडकरी, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री |
| स्थान | चिंतन शिविर, एकता नगर, गुजरात |
| पांच वर्ष का निवेश | लगभग 19,700 करोड़ रुपये |
| शमन संरचनाएं | 2,150 से अधिक, निर्मित तथा/या प्रस्तावित |
| सबसे बड़ी मद | वायाडक्ट, लगभग 8,300 करोड़ रुपये |
| पशु अंडरपास | लगभग 4,600 करोड़ रुपये |
| पशु ओवरपास | लगभग 650 करोड़ रुपये |
| गाइड फेंसिंग व ध्वनि अवरोधक | 300 किलोमीटर से अधिक राष्ट्रीय राजमार्ग संरेखण |
| निगरानी साधन | कैमरा ट्रैपिंग, तथा टकराव हॉटस्पॉट की पहचान |
परीक्षा की दृष्टि से
याद रखें: संस्था (एनएचएआई), दस्तावेज का नाम, अवसर (राष्ट्रीय वन्यजीव सप्ताह, 2 से 8 अक्टूबर 2026), जारी करने वाले (नितिन गडकरी) और स्थान (चिंतन शिविर, एकता नगर, गुजरात), पांच वर्ष का निवेश लगभग 19,700 करोड़ रुपये, 2,150 से अधिक संरचनाएं, मदवार आंकड़े जैसे वायाडक्ट पर 8,300 करोड़ और पशु अंडरपास पर 4,600 करोड़ रुपये, तथा 300 किलोमीटर गाइड फेंसिंग व ध्वनि अवरोधक।
अभ्यास प्रश्न
एनएचएआई के दस्तावेज के अनुसार पिछले पांच वर्षों में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर वन्यजीव शमन ढांचे में कितना निवेश हुआ?
- A.लगभग 9,700 करोड़ रुपये
- B.लगभग 19,700 करोड़ रुपये
- C.लगभग 29,700 करोड़ रुपये
- D.लगभग 39,700 करोड़ रुपये
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर लगभग 19,700 करोड़ रुपये है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के दस्तावेज में दर्ज है कि पिछले पांच वर्षों में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर वन्यजीव शमन ढांचे तथा संबंधित पर्यावरण सुरक्षा उपायों पर यह राशि लगाई गई है। यह खर्च आवासों के बंटने, सड़कों के बाधा बनने तथा वन्यजीवों और वाहनों की टकराहट से निपटने के लिए है, साथ ही यातायात सुरक्षित रूप से चलता रहे। विकल्प ए, सी और डी ऐसे आंकड़े हैं जिनमें शुरुआती अंक बदल दिए गए हैं, और प्रश्न इसी तरह बनाए जाते हैं, इसलिए सही संख्या याद रखनी चाहिए। इसे मदवार ब्योरे से जोड़कर याद रखना आसान है, जिसमें सबसे बड़ा हिस्सा वायाडक्ट का लगभग 8,300 करोड़ रुपये है, उसके बाद पशु अंडरपास लगभग 4,600 करोड़, सुरंगें लगभग 2,800 करोड़ तथा बड़े पुल लगभग 2,500 करोड़ रुपये हैं।
‘वन्यजीव शमन उपाय एवं संरचना’ दस्तावेज किसने और किस आयोजन में जारी किया?
- A.पर्यावरण मंत्री ने, राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की बैठक में
- B.नितिन गडकरी ने, गुजरात के एकता नगर में चिंतन शिविर में
- C.एनएचएआई अध्यक्ष ने, नई दिल्ली में पत्रकार वार्ता में
- D.प्रधानमंत्री ने, गांधीनगर में वन्यजीव सम्मेलन में
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर नितिन गडकरी ने, गुजरात के एकता नगर में चिंतन शिविर में है। वे सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री हैं और दस्तावेज उन्होंने उसी चिंतन शिविर में जारी किया; इसके बाद प्राधिकरण ने इसे 2 से 8 अक्टूबर 2026 तक मनाए गए राष्ट्रीय वन्यजीव सप्ताह के उपलक्ष्य में प्रकाशित किया। विकल्प ए गलत है क्योंकि इस प्रकाशन में पर्यावरण मंत्रालय अथवा राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की कोई भूमिका नहीं थी, हालांकि वन्यजीव उसी मंत्रालय का विषय है और इसी कारण यह विकल्प आकर्षक लगता है। विकल्प सी गलत है क्योंकि प्राधिकरण के अध्यक्ष की किसी पत्रकार वार्ता का उल्लेख नहीं है। विकल्प डी गलत है क्योंकि गांधीनगर में ऐसा कोई सम्मेलन शामिल नहीं है; गुजरात से जुड़ाव एकता नगर का है। दस्तावेज एनएचएआई की वेबसाइट पर संदर्भ ढांचे के रूप में उपलब्ध है।
एनएचएआई दस्तावेज में संरचनात्मक वन्यजीव शमन खर्च में सबसे बड़ा हिस्सा किस मद का है?
- A.पशु अंडरपास
- B.पशु ओवरपास
- C.वायाडक्ट
- D.सुरंगें
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर वायाडक्ट है, जिन पर लगभग 8,300 करोड़ रुपये लगे हैं और यह संरचनात्मक ब्योरे की सबसे बड़ी एकल मद है। विकल्प ए पशु अंडरपास दूसरे स्थान पर है, जिन पर लगभग 4,600 करोड़ रुपये खर्च हुए, इसलिए जो अभ्यर्थी मान लेता है कि पशुओं के नाम वाली संरचना पर ही सबसे अधिक खर्च होगा, वह चूक जाता है। विकल्प डी सुरंगों पर लगभग 2,800 करोड़ रुपये हैं। विकल्प बी पशु ओवरपास इनमें सबसे कम लगभग 650 करोड़ रुपये हैं, जबकि बड़े पुल लगभग 2,500 करोड़ और छोटे पुल लगभग 500 करोड़ रुपये के साथ सूची पूरी करते हैं। ये संरचनाएं पशुओं को राजमार्ग गलियारे सुरक्षित पार करने देती हैं और दोनों ओर के आवासों को जोड़े रखती हैं। 2,150 से अधिक संरचनाओं की कुल संख्या तथा 300 किलोमीटर से अधिक गाइड फेंसिंग व ध्वनि अवरोधक के आंकड़े भी परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पिछले पांच वर्षों में एनएचएआई ने वन्यजीव शमन पर कितना निवेश किया?
8 अक्टूबर 2026 को जारी दस्तावेज के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर वन्यजीव शमन ढांचे तथा संबंधित पर्यावरण सुरक्षा उपायों पर लगभग 19,700 करोड़ रुपये लगाए गए।
राष्ट्रीय राजमार्गों पर कितनी वन्यजीव शमन संरचनाएं हैं?
2,150 से अधिक संरचनाएं बन चुकी हैं अथवा प्रस्तावित हैं, जिनमें पशु अंडरपास, पुलों में एकीकृत क्रॉसिंग, पशुओं के लिए अनुकूलित पुलिया तथा कैनोपी क्रॉसिंग शामिल हैं।
राष्ट्रीय वन्यजीव सप्ताह कब मनाया जाता है?
हर वर्ष 2 से 8 अक्टूबर तक। एनएचएआई ने 2026 में इसी सप्ताह के उपलक्ष्य में वन्यजीव शमन उपाय एवं संरचना दस्तावेज जारी किया।
स्रोत
- https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2320896 (नए टैब में खुलेगा) — Press Information Bureau
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