ऑपरेशन परिवर्तन में 5,165 एकड़ गांजे की फसल नष्ट
केंद्रीय स्वापक ब्यूरो ने हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में ऑपरेशन परिवर्तन के तहत ड्रोन तकनीक की मदद से 5,165 एकड़ अवैध गांजा खेती नष्ट कर दी है।

चर्चा में क्यों
14 अक्तूबर 2026 को केंद्रीय स्वापक ब्यूरो ने बताया कि ऑपरेशन परिवर्तन के तहत हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में 5,165 एकड़ अवैध गांजा खेती नष्ट की गई, जिससे नशामुक्त भारत का लक्ष्य मजबूत हुआ।
केंद्रीय स्वापक ब्यूरो (CBN) के अधिकारियों ने हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में 5,165 एकड़, यानी 2,070 हेक्टेयर में फैली अवैध गांजा खेती नष्ट कर दी है। ऑपरेशन परिवर्तन नाम से चली यह मुहिम एक महीने तक चली और 14 अक्तूबर 2026 को इसे ब्यूरो की बड़ी विनाश कार्रवाइयों में गिना गया। यह कार्रवाई नशामुक्त भारत के लक्ष्य से जुड़ी है।
खेत कैसे खोजे गए
अवैध खेतों की पहचान जमीनी सर्वेक्षण और ड्रोन तकनीक को साथ मिलाकर की गई, जिससे कठिन ढलानों में छिपी खेती का नक्शा बन सका। नष्ट करने का काम वन विभाग और पुलिस विभाग की मदद से पूरा हुआ।
ऊंचाई पर काम
हिमालयी भूभाग ने काम कठिन बना दिया। सीबीएन की टीमों ने लगभग 3,500 मीटर की ऊंचाई तक अवैध खेती साफ की और जहां भी पौधा उगा मिला, वहां पहुंचीं। अधिकारी दूरदराज के स्थानों तक रोज पैदल चढ़ाई करते रहे, जिससे विनाश का काम जल्दी पूरा हो सके।
| नष्ट क्षेत्र | 5,165 एकड़ (2,070 हेक्टेयर) |
| जिला | कुल्लू, हिमाचल प्रदेश |
| ऑपरेशन | ऑपरेशन परिवर्तन |
| अधिकतम ऊंचाई | लगभग 3,500 मीटर |
| सहयोगी विभाग | वन और पुलिस |
गांववालों से संवाद
मुहिम के अंत में सीबीएन अधिकारियों ने मलाणा गांव के लोगों के साथ जन संवाद किया। बातचीत वैकल्पिक विकास पर रही, जिसमें वैकल्पिक फसलों की खेती भी शामिल है। एनडीपीएस नीति 2012 के तहत इसे बढ़ावा देना ब्यूरो की जिम्मेदारी है।
सीबीएन क्या है
- केंद्रीय स्वापक ब्यूरो देश की शीर्ष नशा कानून प्रवर्तन और नियामक एजेंसी है।
- यह वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के अधीन काम करता है।
- इसका दायित्व गांजा और अफीम की अवैध खेती खोजना और नष्ट करना है।
- फसल को उसी जगह खत्म करने से नशीले पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला की एक बड़ी कड़ी टूट जाती है।
आगे क्या
ब्यूरो ने कहा है कि देश के अन्य हिस्सों में भी अवैध खेती के खिलाफ ऐसी कार्रवाइयां जारी रहेंगी, और उसने अवैध नशा कारोबार से लड़ने तथा आने वाले वर्षों के लिए नशामुक्त व सुरक्षित माहौल बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई है।
महत्वपूर्ण तथ्य
| ऑपरेशन | ऑपरेशन परिवर्तन |
|---|---|
| एजेंसी | केंद्रीय स्वापक ब्यूरो (CBN) |
| संबंधित विभाग | राजस्व विभाग, वित्त मंत्रालय |
| नष्ट क्षेत्र | 5,165 एकड़ (2,070 हेक्टेयर) |
| स्थान | कुल्लू जिला, हिमाचल प्रदेश |
| पहचान का तरीका | जमीनी सर्वेक्षण और ड्रोन तकनीक |
| अधिकतम ऊंचाई | लगभग 3,500 मीटर |
| जन संवाद कहां | मलाणा गांव |
| नीतिगत दायित्व | एनडीपीएस नीति 2012, वैकल्पिक फसल विकास सहित |
| जुड़ा अभियान | नशामुक्त भारत |
परीक्षा की दृष्टि से
ऑपरेशन का नाम, एजेंसी सीबीएन और उसका वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग से संबंध, 5,165 एकड़ या 2,070 हेक्टेयर क्षेत्र, हिमाचल प्रदेश का कुल्लू जिला, लगभग 3,500 मीटर ऊंचाई, मलाणा गांव का जन संवाद और एनडीपीएस नीति 2012 का वैकल्पिक फसल दायित्व याद रखें।
अभ्यास प्रश्न
अवैध गांजा खेती नष्ट करने वाला ऑपरेशन परिवर्तन किस जिले में चलाया गया?
- A.कुल्लू, हिमाचल प्रदेश
- B.चंबा, हिमाचल प्रदेश
- C.पिथौरागढ़, उत्तराखंड
- D.किश्तवाड़, जम्मू-कश्मीर
उत्तर देखें
केंद्रीय स्वापक ब्यूरो ने यह मुहिम कुल्लू जिले में चलाई और एक महीने में 5,165 एकड़, यानी 2,070 हेक्टेयर अवैध गांजा खेती साफ कर दी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →केंद्रीय स्वापक ब्यूरो भारत सरकार के किस मंत्रालय के अधीन कार्य करता है?
- A.गृह मंत्रालय
- B.वित्त मंत्रालय
- C.स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
- D.सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
उत्तर देखें
केंद्रीय स्वापक ब्यूरो देश की शीर्ष नशा कानून प्रवर्तन और नियामक एजेंसी है और यह वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के अधीन आता है; यही बात अभ्यर्थियों को चौंकाती है और इसीलिए अच्छा प्रश्न बनती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →केंद्रीय स्वापक ब्यूरो को वैकल्पिक फसल विकास को बढ़ावा देने का दायित्व किस नीति से मिलता है?
- A.राष्ट्रीय कृषि नीति 2000
- B.एनडीपीएस नीति 2012
- C.राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017
- D.राष्ट्रीय वन नीति 1988
उत्तर देखें
वैकल्पिक विकास को बढ़ावा देना, जिसमें अवैध फसलों की जगह वैकल्पिक फसलें उगाना शामिल है, इसी नीति के तहत ब्यूरो का दायित्व है, और इसी कारण मलाणा गांव का जन संवाद मुहिम का हिस्सा था, कोई अतिरिक्त आयोजन नहीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ऑपरेशन परिवर्तन में कितनी अवैध गांजा खेती नष्ट की गई?
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में 5,165 एकड़, यानी 2,070 हेक्टेयर, जिसे केंद्रीय स्वापक ब्यूरो ने एक महीने की कार्रवाई में नष्ट किया।
केंद्रीय स्वापक ब्यूरो किस मंत्रालय के अधीन काम करता है?
यह वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के अधीन काम करता है और गांजा तथा अफीम की अवैध खेती खोजने व नष्ट करने वाली शीर्ष नशा कानून प्रवर्तन और नियामक एजेंसी है।
अवैध खेत किस तरह खोजे गए?
जमीनी सर्वेक्षण और ड्रोन तकनीक के मेल से, और नष्ट करने का काम वन विभाग तथा पुलिस विभाग के सहयोग से पूरा किया गया।
जन संवाद कहां और किस विषय पर हुआ?
मलाणा गांव में गांववालों के साथ, वैकल्पिक विकास और वैकल्पिक फसलों की खेती पर, जो एनडीपीएस नीति 2012 के तहत सीबीएन का दायित्व है।
स्रोत
- https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2323271 (नए टैब में खुलेगा) — Press Information Bureau
करेंट अफेयर्स 14 अक्टूबर 2026
- कॉयर निर्यात 305% बढ़कर ₹6,614.40 करोड़ पर पहुंचाअर्थव्यवस्था
- थोक मुद्रास्फीति सितंबर 2026 में 11.39 प्रतिशत परअर्थव्यवस्था
- पहला आसियान-भारत रक्षा थिंक टैंक मंच नई दिल्ली में शुरूरक्षा
- भव्य योजना: 33,660 करोड़ रुपये से 100 औद्योगिक पार्कसरकारी योजनाएं
- भारतीय नौसेना ने संयुक्त कार्य बल 154 की कमान सौंपीरक्षा
- येटी ड्रोन के लिए टीडीबी और आइडियाफोर्ज में 151 करोड़ का समझौताविज्ञान और प्रौद्योगिकी
- पूर्वोत्तर बैंकर्स कॉन्क्लेव 3.0 मिजोरम विश्वविद्यालय में हुआबैंकिंग और वित्त
- NSAP जारी रखने को मंजूरी, 53,428 करोड़ रुपये का प्रावधानसरकारी योजनाएं
संबंधित करेंट अफेयर्स
संबंधित GK
- हरियाणा के राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्य: जीके नोट्स
14 अक्टूबर 2026 · हरियाणा
- हरियाणा की जलवायु, मिट्टियां और वन: संपूर्ण जीके नोट्स
14 अक्टूबर 2026 · हरियाणा
- उत्तर प्रदेश की कृषि, फसलें और पशुपालन: नोट्स
14 अक्टूबर 2026 · उत्तर प्रदेश
क्विज खेलें
- करेंट अफेयर्स क्विज
SSC CHSL करेंट अफेयर्स क्विज: 14 अक्टूबर 2026
10 प्रश्न10 मिनटक्विज शुरू करें





