केंद्रीय स्वापक ब्यूरो भारत सरकार के किस मंत्रालय के अधीन कार्य करता है?
- A.गृह मंत्रालय
- B.वित्त मंत्रालय
- C.स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
- D.सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर वित्त मंत्रालय है। केंद्रीय स्वापक ब्यूरो देश की शीर्ष नशा कानून प्रवर्तन और नियामक एजेंसी है और यह वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के अधीन आता है; यही बात अभ्यर्थियों को चौंकाती है और इसीलिए अच्छा प्रश्न बनती है। विकल्प A गृह मंत्रालय आमतौर पर गलत उत्तर के रूप में चुना जाता है, क्योंकि पुलिस व्यवस्था उससे जोड़ी जाती है, लेकिन उस मंत्रालय के अधीन स्वापक नियंत्रण ब्यूरो आता है, सीबीएन नहीं। विकल्प C स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय औषधि के अर्थ में दवाओं से जुड़ा है और विकल्प D सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय नशामुक्ति व पुनर्वास कार्यक्रम देखता है, प्रवर्तन नहीं। सीबीएन का विशेष दायित्व गांजा और अफीम की अवैध खेती खोजना और नष्ट करना है, और यही काम उस मुहिम में हुआ जिसमें हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में 5,165 एकड़ गांजा नष्ट किया गया।
पूरा लेख पढ़ें: ऑपरेशन परिवर्तन में 5,165 एकड़ गांजे की फसल नष्ट
अभ्यास प्रश्न
अवैध गांजा खेती नष्ट करने वाला ऑपरेशन परिवर्तन किस जिले में चलाया गया?
- A.कुल्लू, हिमाचल प्रदेश
- B.चंबा, हिमाचल प्रदेश
- C.पिथौरागढ़, उत्तराखंड
- D.किश्तवाड़, जम्मू-कश्मीर
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केंद्रीय स्वापक ब्यूरो ने यह मुहिम कुल्लू जिले में चलाई और एक महीने में 5,165 एकड़, यानी 2,070 हेक्टेयर अवैध गांजा खेती साफ कर दी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →केंद्रीय स्वापक ब्यूरो को वैकल्पिक फसल विकास को बढ़ावा देने का दायित्व किस नीति से मिलता है?
- A.राष्ट्रीय कृषि नीति 2000
- B.एनडीपीएस नीति 2012
- C.राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017
- D.राष्ट्रीय वन नीति 1988
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वैकल्पिक विकास को बढ़ावा देना, जिसमें अवैध फसलों की जगह वैकल्पिक फसलें उगाना शामिल है, इसी नीति के तहत ब्यूरो का दायित्व है, और इसी कारण मलाणा गांव का जन संवाद मुहिम का हिस्सा था, कोई अतिरिक्त आयोजन नहीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सेंधा नमक मामले में चार लोगों की गिरफ्तारी किस कानून के तहत हुई?
- A.विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999
- B.सीमा शुल्क अधिनियम, 1962
- C.धनशोधन निवारण अधिनियम, 2002
- D.आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955
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इसी कानून के प्रावधानों के तहत चार लोग गिरफ्तार किए गए, जिनमें आयातक फर्मों के दो मालिक या भागीदार, एक सीमा शुल्क दलाल का जी-कार्ड धारक और दुबई के एक आपूर्तिकर्ता का मालिक शामिल था, जिसने अपने पिता के नाम पर भी आयातक फर्म खड़ी कर ली थी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पाकिस्तानी सेंधा नमक की खेप किस तीसरे देश के बंदरगाह के रास्ते भारत भेजी गई?
- A.श्रीलंका
- B.बांग्लादेश
- C.ओमान
- D.सिंगापुर
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नमक को श्रीलंका के कोलंबो बंदरगाह भेजा गया और वहां से भारत लाया गया, जिससे पाकिस्तान से सीधा संबंध दिखाई न दे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पाकिस्तानी सेंधा नमक की तस्करी के खिलाफ ऑपरेशन डीप मैनिफेस्ट किस एजेंसी ने चलाया?
- A.केंद्रीय जांच ब्यूरो
- B.राजस्व आसूचना निदेशालय
- C.प्रवर्तन निदेशालय
- D.स्वापक नियंत्रण ब्यूरो
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डीआरआई ने ऑपरेशन डीप मैनिफेस्ट चलाया और पाकिस्तानी मूल के औद्योगिक या हिमालयी सेंधा नमक के 295 कंटेनर पकड़े, जिनमें 7,311 मीट्रिक टन नमक था और बाजार मूल्य करीब 30 करोड़ रुपये आंका गया; यह माल आयात पर लगी रोक तोड़कर देश में आया था।
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