एनएलएमसी बोर्ड ने 5,000 करोड़ से अधिक की संपत्तियां मंजूर कीं
राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम के बोर्ड ने अपनी 21वीं बैठक में 5,000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की अधिशेष भूमि और भवन मुद्रीकरण के लिए सिफारिश किए।

चर्चा में क्यों
राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम के बोर्ड ने अपनी इक्कीसवीं बैठक में 5,000 करोड़ रुपये से अधिक की अधिशेष संपत्तियां मुद्रीकरण के लिए सिफारिश कीं।
बोर्ड ने क्या तय किया
राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम लिमिटेड के निदेशक 18 सितंबर 2026 को इक्कीसवीं बार बैठे। बैठक का प्रमुख नतीजा रहा 5,000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियों की सिफारिश, जिनमें मुद्रीकरण के लिए चिह्नित अधिशेष भूमि और भवन शामिल हैं।
इस आंकड़े के पीछे सरकार का वह व्यापक उद्देश्य है जिस पर वह कुछ वर्षों से काम कर रही है - सरकारी बहीखातों में पड़ी बेकार या कम उपयोग वाली संपत्ति से मूल्य निकालना।
निगम करता क्या है
एनएलएमसी इसलिए है ताकि केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम और अन्य सरकारी संस्थाएं अपनी अधिशेष संपत्तियां निकाल सकें। यह संपत्ति के मालिक संस्थान के साथ मिलकर काम करता है - उपयुक्त संपत्ति चुनना, उचित जांच करना, मूल्यांकन कराना और फिर बिक्री या पट्टे की प्रक्रिया तय करना। निगम इस काम को तीन प्राथमिकताओं के इर्द-गिर्द रखता है - पारदर्शिता, दक्षता और उचित मूल्य।
बाकी एजेंडा
नई सिफारिशों के अलावा बोर्ड ने यह भी देखा कि विभिन्न संपत्ति-धारक संस्थाओं में मुद्रीकरण वास्तव में कितनी गति से बढ़ रहा है और कहां अटक रहा है। चर्चा का जोर प्रक्रिया तेज करने पर रहा।
बैठक में दो आवश्यक औपचारिक विषय भी पारित हुए - वार्षिक वित्तीय विवरण तथा निदेशकों की रिपोर्ट, दोनों वित्त वर्ष 2025-26 के लिए।
संपत्ति मुद्रीकरण का महत्व
भारत में सरकारी संस्थाओं के पास बहुत सी भूमि और निर्मित संपत्ति ऐसी है जो अब उस काम की नहीं रही जिसके लिए ली गई थी। मुद्रीकरण उसी को धन में बदलने की कोशिश है, वह भी बिना यह जरूरी किए कि राज्य स्वामित्व पूरी तरह छोड़ दे।
परीक्षा की दृष्टि से
यहां पूछा जाता है एनएलएमसी का पूरा नाम, वह किस मंत्रालय के अधीन है, और उसका काम क्या है। इस बैठक से दो विशिष्ट बातें साथ रखें - यह इक्कीसवीं बोर्ड बैठक थी, और सिफारिश की गई संपत्तियों का मूल्य 5,000 करोड़ रुपये से अधिक है।
महत्वपूर्ण तथ्य
| संस्था | राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम लिमिटेड (एनएलएमसी) |
|---|---|
| मंत्रालय | वित्त मंत्रालय |
| बैठक | निदेशक मंडल की 21वीं बैठक |
| तिथि | 18 सितंबर 2026 |
| सिफारिश की गई संपत्तियां | 5,000 करोड़ रुपये से अधिक |
| संपत्ति का प्रकार | अधिशेष भूमि और भवन |
| किसके साथ काम | केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम तथा अन्य सरकारी संस्थाएं |
| लेखा मंजूरी | वार्षिक वित्तीय विवरण तथा निदेशकों की रिपोर्ट, 2025-26 |
परीक्षा की दृष्टि से
एनएलएमसी का पूरा नाम और यह कि वह वित्त मंत्रालय के अधीन है, यह जान लें। इस बैठक से दो बातें - यह 21वीं बोर्ड बैठक थी, और सिफारिश की गई संपत्तियों का मूल्य 5,000 करोड़ रुपये से अधिक है।
अभ्यास प्रश्न
एनएलएमसी की 21वीं बोर्ड बैठक में सिफारिश किए गए मुद्रीकरण प्रस्तावों का मूल्य कितना था?
- A.1,000 करोड़ रुपये से अधिक
- B.5,000 करोड़ रुपये से अधिक
- C.10,000 करोड़ रुपये से अधिक
- D.50,000 करोड़ रुपये से अधिक
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 5,000 करोड़ रुपये से अधिक
व्याख्या
उत्तर है 5,000 करोड़ रुपये से अधिक। 18 सितंबर 2026 को हुई अपनी इक्कीसवीं बोर्ड बैठक में राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम ने इसी मूल्य की संपत्तियों के प्रस्तावों पर विचार कर उन्हें सिफारिश किया। ये संपत्तियां क्या हैं, यह आंकड़े जितना ही महत्वपूर्ण है - अधिशेष भूमि और भवन, जो इसलिए चिह्नित हुए क्योंकि अब वे उस काम के नहीं रहे जिसके लिए लिए गए थे।
शेष विकल्प ऐसी गोल संख्याएं हैं जो धन से जुड़े प्रश्न में विश्वसनीय भ्रम बनाती हैं, पर घोषणा में इनमें से कोई नहीं आता। आंकड़े के साथ दो बातें और याद रखें, क्योंकि प्रश्न इनमें से कुछ भी पूछ सकता है - यह बोर्ड की इक्कीसवीं बैठक थी, और इसी बैठक ने 2025-26 के वार्षिक वित्तीय विवरण तथा निदेशकों की रिपोर्ट भी मंजूर की।
राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम किसकी अधिशेष संपत्तियों के मुद्रीकरण में सहायता करता है?
- A.केवल राज्य सरकार के विभागों की
- B.आर्थिक संकट में फंसी निजी कंपनियों की
- C.केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों तथा अन्य सरकारी संस्थाओं की
- D.नगर निगमों तथा शहरी स्थानीय निकायों की
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों तथा अन्य सरकारी संस्थाओं की
व्याख्या
उत्तर है केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम तथा अन्य सरकारी संस्थाएं। एनएलएमसी केवल खरीद-बिक्री नहीं करता। यह उसी संस्था के साथ मिलकर काम करता है जिसके पास संपत्ति है - कौन सी संपत्ति उपयुक्त है यह तय करना, उचित जांच करना, मूल्यांकन कराना और फिर प्रक्रिया तय करना, जिसमें पारदर्शिता, दक्षता तथा उचित मूल्य उसकी घोषित प्राथमिकताएं हैं।
शेष विकल्पों में ऐसे स्वामी बताए गए हैं जिनका विज्ञप्ति में उल्लेख नहीं है। विकल्प B तो पूरी तरह उलटी दिशा में ले जाता है, क्योंकि यहां सार्वजनिक संपत्ति को उपयोग में लाया जा रहा है, किसी निजी कंपनी को उबारा नहीं जा रहा। उत्तर के साथ पूरे अभ्यास का उद्देश्य भी याद रखें - सरकारी बहीखातों में कम उपयोग पड़ी संपत्तियों से मूल्य निकालना, जिसके लिए यह निगम बना ही है।
एनएलएमसी बोर्ड ने किस वित्त वर्ष के वार्षिक वित्तीय विवरण और निदेशकों की रिपोर्ट मंजूर की?
- A.2023-24
- B.2024-25
- C.2025-26
- D.2026-27
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 2025-26
व्याख्या
उत्तर है 2025-26। मुद्रीकरण प्रस्तावों के साथ-साथ इक्कीसवीं बोर्ड बैठक ने उसी वित्त वर्ष के वार्षिक वित्तीय विवरण तथा निदेशकों की रिपोर्ट भी पारित की। ये कंपनी के सामान्य औपचारिक विषय हैं, पर परीक्षा में ठीक ऐसी ही बातें पूछी जाती हैं, क्योंकि अभ्यर्थी इन्हें पढ़ते हुए आगे निकल जाते हैं।
विकल्प D सबसे प्रबल भ्रम है, क्योंकि बैठक स्वयं उसी वर्ष के दौरान हुई थी, उसके बाद नहीं, और लेखा उस वर्ष के मंजूर होते हैं जो समाप्त हो चुका हो, चल रहे वर्ष के नहीं। इस बैठक की तीनों विशिष्ट बातें एक साथ याद रखें और पूरा समाचार ढक जाता है - इक्कीसवीं बोर्ड बैठक, 5,000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों की सिफारिश, और 2025-26 के लेखा की मंजूरी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
एनएलएमसी का पूरा नाम क्या है?
राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम लिमिटेड, जो वित्त मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।
सिफारिश की गई संपत्तियों का मूल्य कितना था?
5,000 करोड़ रुपये से अधिक, जिनमें अधिशेष भूमि और भवन शामिल हैं।
एनएलएमसी किसकी संपत्तियों का मुद्रीकरण करता है?
केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों तथा अन्य सरकारी संस्थाओं की अधिशेष संपत्तियों का।
स्रोत
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