राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम किसकी अधिशेष संपत्तियों के मुद्रीकरण में सहायता करता है?
- A.केवल राज्य सरकार के विभागों की
- B.आर्थिक संकट में फंसी निजी कंपनियों की
- C.केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों तथा अन्य सरकारी संस्थाओं की
- D.नगर निगमों तथा शहरी स्थानीय निकायों की
सही उत्तर
व्याख्या
उत्तर है केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम तथा अन्य सरकारी संस्थाएं। एनएलएमसी केवल खरीद-बिक्री नहीं करता। यह उसी संस्था के साथ मिलकर काम करता है जिसके पास संपत्ति है - कौन सी संपत्ति उपयुक्त है यह तय करना, उचित जांच करना, मूल्यांकन कराना और फिर प्रक्रिया तय करना, जिसमें पारदर्शिता, दक्षता तथा उचित मूल्य उसकी घोषित प्राथमिकताएं हैं।
शेष विकल्पों में ऐसे स्वामी बताए गए हैं जिनका विज्ञप्ति में उल्लेख नहीं है। विकल्प B तो पूरी तरह उलटी दिशा में ले जाता है, क्योंकि यहां सार्वजनिक संपत्ति को उपयोग में लाया जा रहा है, किसी निजी कंपनी को उबारा नहीं जा रहा। उत्तर के साथ पूरे अभ्यास का उद्देश्य भी याद रखें - सरकारी बहीखातों में कम उपयोग पड़ी संपत्तियों से मूल्य निकालना, जिसके लिए यह निगम बना ही है।
पूरा लेख पढ़ें: एनएलएमसी बोर्ड ने 5,000 करोड़ से अधिक की संपत्तियां मंजूर कीं
अभ्यास प्रश्न
एनएलएमसी की 21वीं बोर्ड बैठक में सिफारिश किए गए मुद्रीकरण प्रस्तावों का मूल्य कितना था?
- A.1,000 करोड़ रुपये से अधिक
- B.5,000 करोड़ रुपये से अधिक
- C.10,000 करोड़ रुपये से अधिक
- D.50,000 करोड़ रुपये से अधिक
उत्तर देखें
उत्तर है 5,000 करोड़ रुपये से अधिक। 18 सितंबर 2026 को हुई अपनी इक्कीसवीं बोर्ड बैठक में राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम ने इसी मूल्य की संपत्तियों के प्रस्तावों पर विचार कर उन्हें सिफारिश किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एनएलएमसी बोर्ड ने किस वित्त वर्ष के वार्षिक वित्तीय विवरण और निदेशकों की रिपोर्ट मंजूर की?
- A.2023-24
- B.2024-25
- C.2025-26
- D.2026-27
उत्तर देखें
उत्तर है 2025-26। मुद्रीकरण प्रस्तावों के साथ-साथ इक्कीसवीं बोर्ड बैठक ने उसी वित्त वर्ष के वार्षिक वित्तीय विवरण तथा निदेशकों की रिपोर्ट भी पारित की।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मुंबई में आयोजित 14वें इंडिया केम 2026 का विषय क्या था?
- A.एडवांटेज भारत: एन इमर्जिंग ग्लोबल केमिकल्स हब
- B.केमिकल्स फॉर अ विकसित भारत
- C.ग्रीन केमिस्ट्री, ग्रीन ग्रोथ
- D.मेक इन इंडिया, मिक्स इन इंडिया
उत्तर देखें
इंडिया केम का 14वां संस्करण मुंबई में 22 से 24 अक्तूबर 2026 तक तीन दिन चला और इसका उद्देश्य रसायन तथा पेट्रोरसायन क्षेत्र में निवेश आकर्षित करना और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देना था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन भारत के तीन चालू पेट्रोलियम, रसायन एवं पेट्रोरसायन निवेश क्षेत्रों में शामिल नहीं है?
- A.गुजरात में दाहेज
- B.ओडिशा में पारादीप
- C.आंध्र प्रदेश में विशाखापत्तनम-काकीनाडा
- D.पश्चिम बंगाल में हल्दिया
उत्तर देखें
भारत में तीन पीसीपीआईआर चालू हैं - गुजरात का दाहेज, आंध्र प्रदेश का विशाखापत्तनम-काकीनाडा और ओडिशा का पारादीप। हल्दिया इनमें शामिल नहीं है, इसलिए विकल्प D ही अपवाद है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →समर्पित रसायन पार्कों के लिए बनी भव्य रसायन योजना का कुल परिव्यय कितना है?
- A.1,000 करोड़ रुपये
- B.3,030 करोड़ रुपये
- C.5,000 करोड़ रुपये
- D.30,000 करोड़ रुपये
उत्तर देखें
जुलाई 2026 में मंजूर भारत औद्योगिक विकास योजना रसायन का कुल परिव्यय इतना ही है, जिसमें से 3,000 करोड़ रुपये साझा अवसंरचना तथा बुनियादी सुविधाओं के लिए और 30 करोड़ रुपये प्रशासनिक व्यय के लिए रखे गए हैं।
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