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GK24
राष्ट्रीयकठिन

कार्यशाला में चर्चित गाइड ऑन मैपिंग स्टेट बजट्स टु द एसडीजी किन तीन संस्थाओं ने मिलकर विकसित की?

  1. A.नीति आयोग, भारत के सीएजी और यूएनडीपी
  2. B.वित्त आयोग, आरबीआई और विश्व बैंक
  3. C.सांख्यिकी मंत्रालय, सेबी और एशियाई विकास बैंक
  4. D.नीति आयोग, वित्त मंत्रालय और यूनेस्को

सही उत्तर

A. नीति आयोग, भारत के सीएजी और यूएनडीपी

व्याख्या

सही उत्तर नीति आयोग, भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक तथा संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम है। कार्यशाला में इस मार्गदर्शिका को राज्यों के बजट को लक्ष्यों से जोड़ने के कार्यकारी ढांचे के रूप में लिया गया, और इसके रचनाकारों में राष्ट्रीय लेखा परीक्षक की उपस्थिति ही इस प्रश्न को धार देती है: खर्च पर टैग लगाना केवल योजना की कवायद नहीं, उसे सुमेल, गुणवत्ता आश्वासन, रिपोर्टिंग तथा निष्पादन लेखा परीक्षा की कसौटी पर भी खरा उतरना है। विकल्प B लेखा परीक्षक और विकास कार्यक्रम की जगह एक आयोग, केंद्रीय बैंक तथा बहुपक्षीय ऋणदाता रख देता है, जिनमें किसी ने इसे नहीं बनाया। विकल्प C सांख्यिकी मंत्रालय तथा बाजार नियामक को ले आता है, जो केवल उपस्थित थे। विकल्प D गलत संयुक्त राष्ट्र एजेंसी देता है, क्योंकि यूनेस्को शिक्षा, विज्ञान और संस्कृति देखता है।

पूरा लेख पढ़ें: नीति आयोग ने कोलकाता में एसडीजी बजटिंग कार्यशाला की

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Q1.राष्ट्रीयमध्यम

कोलकाता की एसडीजी बजटिंग पर राष्ट्रीय कार्यशाला नीति आयोग की किस पहल के अंतर्गत हुई?

  1. A.आकांक्षी जिला कार्यक्रम
  2. B.स्टेट सपोर्ट मिशन
  3. C.अटल इनोवेशन मिशन
  4. D.विकास निगरानी एवं मूल्यांकन कार्यालय
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. स्टेट सपोर्ट मिशन

व्याख्या

सही उत्तर स्टेट सपोर्ट मिशन है, वह पहल जिसके अंतर्गत नीति आयोग राज्यों के साथ योजना तथा बजट पर काम करता है और जिसके तहत यह कार्यशाला पश्चिम बंगाल सरकार के सहयोग तथा संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के तकनीकी सहयोग से हुई। विकल्प A उस कार्यक्रम का नाम है जो चुने हुए जिलों में विकास संकेतकों पर नजर रखता है, यह बिलकुल दूसरा माध्यम है। विकल्प C आयोग की नवाचार तथा उद्यमिता शाखा है और बजट टैगिंग में इसकी कोई भूमिका नहीं। विकल्प D आयोग के भीतर का मूल्यांकन कार्यालय है, जो कार्यक्रमों का आकलन करता है, राज्यों के साथ सहयोग कार्यक्रम नहीं चलाता। परीक्षार्थी यहां की तीन-स्तरीय व्यवस्था याद रखें: आयोजक नीति आयोग, मेजबान एवं सहयोगी राज्य सरकार, और तकनीकी सहयोग देने वाला यूएनडीपी। स्थान कोलकाता तथा तिथि 29 सितंबर 2026 थी।

Q2.राष्ट्रीयमध्यम

एसडीजी बजटिंग पर राष्ट्रीय कार्यशाला में कितने राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिभागी आए?

  1. A.24
  2. B.28
  3. C.32
  4. D.36
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 32

व्याख्या

सही उत्तर बत्तीस है। इन प्रतिभागियों के अलावा कार्यशाला में नीति आयोग, भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक के कार्यालय, सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय, लेखा महानियंत्रक, लोक उद्यम विभाग तथा भारतीय कॉरपोरेट कार्य संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी आए, साथ ही संयुक्त राष्ट्र आवासीय समन्वयक कार्यालय और विकास भागीदार भी। फिक्की, सीआईआई, सेबी, टाटा स्टील फाउंडेशन, इंटेलीकैप तथा जीआईजेड के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे, और इसी कारण आयोजकों ने इस जुटान को लक्ष्यों के स्थानीयकरण के प्रति समग्र-सरकार तथा समग्र-समाज दृष्टिकोण कहा। बाकी विकल्प भारतीय राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की संभावित गिनती जैसे लगते हैं, और जाल यही है: पूछा गया आंकड़ा भाग लेने वालों का है, कुल संख्या का नहीं। प्रतिभागियों की यह संख्या दिखाती है कि कार्यशाला किसी एक राज्य का आयोजन नहीं, बल्कि देशव्यापी जुटान थी, और सहकारी संघवाद का यही व्यावहारिक रूप आयोग दोहराता रहा है।

Q3.राष्ट्रीयकठिन

कोलकाता कार्यशाला में एसडीजी बजटिंग को संस्थागत बनाने का अनुभव निम्नलिखित में से किन राज्यों ने साझा किया?

  1. A.केरल, तमिलनाडु, गोवा और पंजाब
  2. B.हरियाणा, ओडिशा, मेघालय और पश्चिम बंगाल
  3. C.गुजरात, राजस्थान, असम और बिहार
  4. D.महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना और त्रिपुरा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. हरियाणा, ओडिशा, मेघालय और पश्चिम बंगाल

व्याख्या

सही उत्तर हरियाणा, ओडिशा, मेघालय और पश्चिम बंगाल है, वे चार राज्य जिनके सरकारी प्रतिनिधियों ने बताया कि उन्होंने एसडीजी बजटिंग को कैसे लागू तथा संस्थागत किया। मेजबान राज्य ने एक खास बात जोड़ी जो याद रखने योग्य है: उसके वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव ने कहा कि पश्चिम बंगाल ने पहली बार अपने बजट को लक्ष्य स्तर तक मैप किया है और इस कवायद को अपनी एकीकृत वित्तीय प्रबंधन प्रणाली में समाहित किया है। बाकी तीन विकल्पों में उन राज्यों की सूचियां हैं जिन्होंने इस कार्यशाला में प्रस्तुति नहीं दी। इस तरह के प्रश्नों में मेजबान राज्य लगभग हमेशा सही सूची में होता है, जिससे परीक्षार्थी को पहली छानबीन का सहारा मिलता है, और शेष नाम एक समूह के रूप में याद करने होते हैं।

Q4.राष्ट्रीयमध्यम

लद्दाख में चिन्हित 28 प्रविष्टियों में सबसे अधिक संख्या किस प्रकार की भौगोलिक संरचना की है?

  1. A.दर्रा
  2. B.हिमनद
  3. C.भूभाग
  4. D.चोटी
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. चोटी

व्याख्या

सही उत्तर चोटी है। अट्ठाईस में से दस प्रविष्टियां चोटियों के रूप में दर्ज हैं — Atisha Giri, Kanishka Peak, Martand Giri, Zorawar Peak, Rinchen Zangpo, Sakyasri Giri, Marpa Lotsava Ri, Milarepa Kangri, Shiva Ri तथा Maheshvara Ri, और यह किसी भी अन्य वर्ग से अधिक है। विकल्प C भूभाग सात प्रविष्टियों के साथ दूसरे स्थान पर है — Brangsa, Kuksel, Dehra Compass, Gogra, Kumarayana Point, Panglung तथा Shamal Lungpa, इसलिए यह निकट है पर उत्तर नहीं। विकल्प A दर्रा केवल दो प्रविष्टियों का वर्ग है, Chapchingal Pass तथा Shachmirk Pass। विकल्प B हिमनद भी दो ही हैं, Skamri Glacier तथा Parpik। शेष में तीन पर्वत तथा एक-एक घाटी, नदी, झील और जलस्रोत हैं, इसी कारण इस सूची में चोटियां सबसे बड़ा वर्ग बनी रहती हैं।

Q5.राष्ट्रीयमध्यम

लद्दाख के 28 मानक स्थान नाम किस संस्था के आधिकारिक मानचित्र पर चिन्हित किए गए हैं?

  1. A.भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण
  2. B.भारतीय सर्वेक्षण विभाग
  3. C.भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन
  4. D.राष्ट्रीय एटलस एवं थिमेटिक मानचित्रण संगठन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. भारतीय सर्वेक्षण विभाग

व्याख्या

सही उत्तर भारतीय सर्वेक्षण विभाग है। अट्ठाईस स्थानों तथा संरचनाओं के मानक नाम इसी विभाग के लद्दाख संबंधी आधिकारिक मानचित्र पर दर्ज कराए गए, और यह मानचित्र, जिसमें और भी स्थान तथा संरचनाएं शामिल हैं, विभाग की वेबसाइट के राज्य मानचित्र खंड में देखा जा सकता है। विकल्प A भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण एक अलग संस्था है और इस नामकरण में उसकी कोई भूमिका नहीं बताई गई है। विकल्प C भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन देश की अंतरिक्ष एजेंसी है और इस घोषणा में उसका उल्लेख ही नहीं है। विकल्प D राष्ट्रीय एटलस एवं थिमेटिक मानचित्रण संगठन भी मानचित्र बनाता है, पर घोषणा में स्पष्ट रूप से भारतीय सर्वेक्षण विभाग के मानचित्र की बात कही गई है। नाम तय करने का काम केंद्र सरकार ने केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख के परामर्श से किया और इसकी जानकारी गृह मंत्रालय ने दी।