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GK24
राष्ट्रीयमध्यम

कोलकाता की एसडीजी बजटिंग पर राष्ट्रीय कार्यशाला नीति आयोग की किस पहल के अंतर्गत हुई?

  1. A.आकांक्षी जिला कार्यक्रम
  2. B.स्टेट सपोर्ट मिशन
  3. C.अटल इनोवेशन मिशन
  4. D.विकास निगरानी एवं मूल्यांकन कार्यालय

सही उत्तर

B. स्टेट सपोर्ट मिशन

व्याख्या

सही उत्तर स्टेट सपोर्ट मिशन है, वह पहल जिसके अंतर्गत नीति आयोग राज्यों के साथ योजना तथा बजट पर काम करता है और जिसके तहत यह कार्यशाला पश्चिम बंगाल सरकार के सहयोग तथा संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के तकनीकी सहयोग से हुई। विकल्प A उस कार्यक्रम का नाम है जो चुने हुए जिलों में विकास संकेतकों पर नजर रखता है, यह बिलकुल दूसरा माध्यम है। विकल्प C आयोग की नवाचार तथा उद्यमिता शाखा है और बजट टैगिंग में इसकी कोई भूमिका नहीं। विकल्प D आयोग के भीतर का मूल्यांकन कार्यालय है, जो कार्यक्रमों का आकलन करता है, राज्यों के साथ सहयोग कार्यक्रम नहीं चलाता। परीक्षार्थी यहां की तीन-स्तरीय व्यवस्था याद रखें: आयोजक नीति आयोग, मेजबान एवं सहयोगी राज्य सरकार, और तकनीकी सहयोग देने वाला यूएनडीपी। स्थान कोलकाता तथा तिथि 29 सितंबर 2026 थी।

पूरा लेख पढ़ें: नीति आयोग ने कोलकाता में एसडीजी बजटिंग कार्यशाला की

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Q1.राष्ट्रीयमध्यम

एसडीजी बजटिंग पर राष्ट्रीय कार्यशाला में कितने राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिभागी आए?

  1. A.24
  2. B.28
  3. C.32
  4. D.36
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 32

व्याख्या

सही उत्तर बत्तीस है। इन प्रतिभागियों के अलावा कार्यशाला में नीति आयोग, भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक के कार्यालय, सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय, लेखा महानियंत्रक, लोक उद्यम विभाग तथा भारतीय कॉरपोरेट कार्य संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी आए, साथ ही संयुक्त राष्ट्र आवासीय समन्वयक कार्यालय और विकास भागीदार भी। फिक्की, सीआईआई, सेबी, टाटा स्टील फाउंडेशन, इंटेलीकैप तथा जीआईजेड के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे, और इसी कारण आयोजकों ने इस जुटान को लक्ष्यों के स्थानीयकरण के प्रति समग्र-सरकार तथा समग्र-समाज दृष्टिकोण कहा। बाकी विकल्प भारतीय राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की संभावित गिनती जैसे लगते हैं, और जाल यही है: पूछा गया आंकड़ा भाग लेने वालों का है, कुल संख्या का नहीं। प्रतिभागियों की यह संख्या दिखाती है कि कार्यशाला किसी एक राज्य का आयोजन नहीं, बल्कि देशव्यापी जुटान थी, और सहकारी संघवाद का यही व्यावहारिक रूप आयोग दोहराता रहा है।

Q2.राष्ट्रीयकठिन

कार्यशाला में चर्चित गाइड ऑन मैपिंग स्टेट बजट्स टु द एसडीजी किन तीन संस्थाओं ने मिलकर विकसित की?

  1. A.नीति आयोग, भारत के सीएजी और यूएनडीपी
  2. B.वित्त आयोग, आरबीआई और विश्व बैंक
  3. C.सांख्यिकी मंत्रालय, सेबी और एशियाई विकास बैंक
  4. D.नीति आयोग, वित्त मंत्रालय और यूनेस्को
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. नीति आयोग, भारत के सीएजी और यूएनडीपी

व्याख्या

सही उत्तर नीति आयोग, भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक तथा संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम है। कार्यशाला में इस मार्गदर्शिका को राज्यों के बजट को लक्ष्यों से जोड़ने के कार्यकारी ढांचे के रूप में लिया गया, और इसके रचनाकारों में राष्ट्रीय लेखा परीक्षक की उपस्थिति ही इस प्रश्न को धार देती है: खर्च पर टैग लगाना केवल योजना की कवायद नहीं, उसे सुमेल, गुणवत्ता आश्वासन, रिपोर्टिंग तथा निष्पादन लेखा परीक्षा की कसौटी पर भी खरा उतरना है। विकल्प B लेखा परीक्षक और विकास कार्यक्रम की जगह एक आयोग, केंद्रीय बैंक तथा बहुपक्षीय ऋणदाता रख देता है, जिनमें किसी ने इसे नहीं बनाया। विकल्प C सांख्यिकी मंत्रालय तथा बाजार नियामक को ले आता है, जो केवल उपस्थित थे। विकल्प D गलत संयुक्त राष्ट्र एजेंसी देता है, क्योंकि यूनेस्को शिक्षा, विज्ञान और संस्कृति देखता है।

Q3.राष्ट्रीयकठिन

कोलकाता कार्यशाला में एसडीजी बजटिंग को संस्थागत बनाने का अनुभव निम्नलिखित में से किन राज्यों ने साझा किया?

  1. A.केरल, तमिलनाडु, गोवा और पंजाब
  2. B.हरियाणा, ओडिशा, मेघालय और पश्चिम बंगाल
  3. C.गुजरात, राजस्थान, असम और बिहार
  4. D.महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना और त्रिपुरा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. हरियाणा, ओडिशा, मेघालय और पश्चिम बंगाल

व्याख्या

सही उत्तर हरियाणा, ओडिशा, मेघालय और पश्चिम बंगाल है, वे चार राज्य जिनके सरकारी प्रतिनिधियों ने बताया कि उन्होंने एसडीजी बजटिंग को कैसे लागू तथा संस्थागत किया। मेजबान राज्य ने एक खास बात जोड़ी जो याद रखने योग्य है: उसके वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव ने कहा कि पश्चिम बंगाल ने पहली बार अपने बजट को लक्ष्य स्तर तक मैप किया है और इस कवायद को अपनी एकीकृत वित्तीय प्रबंधन प्रणाली में समाहित किया है। बाकी तीन विकल्पों में उन राज्यों की सूचियां हैं जिन्होंने इस कार्यशाला में प्रस्तुति नहीं दी। इस तरह के प्रश्नों में मेजबान राज्य लगभग हमेशा सही सूची में होता है, जिससे परीक्षार्थी को पहली छानबीन का सहारा मिलता है, और शेष नाम एक समूह के रूप में याद करने होते हैं।

Q4.राष्ट्रीयकठिन

पीएम मोमेंटो नीलामी में किस पैरालंपिक रजत पदक विजेता की डिस्कस शामिल है?

  1. A.सुमित अंतिल
  2. B.योगेश कथुनिया
  3. C.देवेंद्र झाझरिया
  4. D.नीरज चोपड़ा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. योगेश कथुनिया

व्याख्या

सही उत्तर योगेश कथुनिया है, जिन्हें घोषणा में पैरालंपिक रजत पदक विजेता बताया गया है और जिनकी डिस्कस इस संग्रह का हिस्सा है तथा खेल उपलब्धि और लगन का प्रतीक मानी गई है। विकल्प A यानी सुमित अंतिल भाला फेंक के पैरा खिलाड़ी हैं और इस नीलामी में रखी डिस्कस उनकी नहीं है। विकल्प C यानी देवेंद्र झाझरिया भी भाला फेंक के खिलाड़ी हैं और उनका पैरालंपिक रिकॉर्ड लंबा है, इसलिए उनका नाम भ्रमित कर सकता है, पर यहां जो वस्तु रखी गई है वह डिस्कस है। विकल्प D यानी नीरज चोपड़ा ओलंपिक के भाला फेंक खिलाड़ी हैं और पैरा स्पर्धाओं से उनका संबंध नहीं है। याद रखने योग्य बात यह जोड़ी है कि डिस्कस योगेश कथुनिया की है, जो प्रधानमंत्री को मिले उपहारों के साथ नीलामी में रखी गई है और उसकी आय नमामि गंगे परियोजना को जाएगी।

Q5.राष्ट्रीयमध्यम

पीएम मोमेंटो नीलामी का आठवां संस्करण किस शहर पर आधारित है?

  1. A.वाराणसी
  2. B.अहमदाबाद
  3. C.दिल्ली
  4. D.लखनऊ
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. दिल्ली

व्याख्या

सही उत्तर दिल्ली है। इस संस्करण में राजधानी के विविध पक्षों को दिखाने के लिए चुने गए तीस स्मृति चिह्न रखे गए हैं और नीलामी की वस्तुएं इसकी पुष्टि करती हैं, जैसे सेंट स्टीफंस कॉलेज की फ्रेम की कलाकृति, पुराने सचिवालय भवन का क्रिस्टल स्मृति चिह्न, नए संसद भवन की वस्त्र कलाकृति, दिल्ली मेट्रो के दो मॉडल, पालम गांव के संत दादा देव का चित्र तथा रोहिणी के एक विद्यार्थी द्वारा बनाया गया प्रधानमंत्री का पेंसिल चित्र। विकल्प A, B और D में दिए शहर इस संस्करण का विषय नहीं हैं। ऐसे प्रश्न का उत्तर देने का सबसे पक्का तरीका वस्तुओं को देखना है, क्योंकि उनमें गिनाए गए स्थल, विधानसभा से मेट्रो तक, सभी एक ही शहर के हैं। दोहराते समय संस्करण की संख्या और विषय साथ रखें, क्योंकि दोनों एक साथ पूछे जाते हैं।